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Sunday, November 1, 2026
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ट्रेन में आग -राजधानी एक्सप्रेस में लगी भीषण आग, यात्रियों में मचा हड़कंप

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डिजिटल डेस्क न्यूज/रतलाम – 17/05/2026

राजधानी एक्सप्रेस में रविवार सुबह अचानक आग लगने से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। हादसा जिले के पास हुआ, जहां तिरुवनंतपुरम से हजरत निजामुद्दीन (दिल्ली) जा रही राजधानी एक्सप्रेस के एक कोच में आग भड़क उठी।

रेलवे प्रशासन ने आधिकारिक रूप से बताया है कि इस हादसे में किसी भी यात्री के हताहत होने की सूचना नहीं है। प्रभावित कोच में मौजूद सभी 68 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और ट्रैक किनारे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। रेलवे की ओर से यात्रियों के लिए तत्काल जलपान और आवश्यक सहायता की व्यवस्था की गई। साथ ही रेलवे स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मौके पर पहुंचकर स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

चलिए खबर को जानते है_
मीडिया सूत्र जानकारी के अनुसार आग लगते ही ट्रेन में धुआं फैल गया, जिससे यात्रियों में दहशत का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारियों और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। सुरक्षा के मद्देनजर यात्रियों को तुरंत कोच से बाहर निकाला गया।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक शॉर्ट सर्किट को आग लगने की संभावित वजह माना जा रहा है, हालांकि रेलवे द्वारा मामले की जांच की जा रही है। हादसे के बाद कुछ समय के लिए रेल यातायात भी प्रभावित रहा।

रेलवे प्रशासन ने कहा है कि स्थिति अब नियंत्रण में है और यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। घटना के बाद यात्रियों में काफी भय और घबराहट देखी गई।

प्रधानमंत्री के नीदरलैंड दौरे में भारत को मिली बड़ी सौगात, पीएम मोदी ने प्रवासी भारतीयों को किया संबोधित

डिजिटल डेस्क/नमो ऐप -17/05/2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नीदरलैंड दौरे के दौरान भारत और नीदरलैंड के संबंधों को नई मजबूती मिली। द हेग में आयोजित एक बड़े सामुदायिक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय प्रवासी समुदाय की सराहना करते हुए कहा कि प्रवासी भारतीय दोनों देशों के बीच एक मजबूत सेतु का काम कर रहे हैं। उन्होंने प्रवासी भारतीयों से विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी की अपील भी की।

इस दौरान नीदरलैंड सरकार और लाइडेन यूनिवर्सिटी लाइब्रेरी ने भारत को 11वीं शताब्दी के चोल काल के दुर्लभ ताम्रपत्र लौटाए। लगभग 1000 साल पुराने इन ऐतिहासिक ताम्रपत्रों की वापसी को भारत की सांस्कृतिक धरोहर के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

नीदरलैंड में बसे सूरीनामी हिंदुस्तानी समुदाय के लिए भी बड़ी घोषणा की गई। भारत सरकार ने ओसीआई कार्ड की पात्रता चौथी पीढ़ी से बढ़ाकर छठी पीढ़ी तक करने का निर्णय लिया है, जिसका वहां के भारतीय मूल के लोगों ने स्वागत किया।

दौरे के दौरान भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र को भी बड़ी मजबूती मिली। गुजरात के धोलेरा में बनने वाले भारत के पहले फ्रंट-एंड सेमीकंडक्टर फैब के लिए टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और ASML
के बीच समझौता हुआ। इस अवसर पर पीएम मोदी और नीदरलैंड के प्रधानमंत्री मौजूद रहे।

इसके अलावा संस्कृति, ऊर्जा, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और रक्षा जैसे कई क्षेत्रों में भी दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।

राज्य में जल संरक्षण जन आंदोलन बने, तभी बढ़ेगा भूजल — राज्यपाल श्री रमेन डेका

कवर्धा 16 मई 2026

छत्तीसगढ़ राज्यपाल रमेन डेका ने आज कबीरधाम जिले की विकास समीक्षा बैठक में वर्षा जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित इस बैठक में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा, कलेक्टर गोपाल वर्मा तथा पुलिस अधीक्षक सहित सभी एसडीएम और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

राज्यपाल ने कहा कि वर्षा जल प्रकृति का निःशुल्क संसाधन है, जिसे संरक्षित कर भूजल स्तर बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने प्रत्येक पक्के भवन और प्रधानमंत्री आवास में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने तथा खेतों में डबरी निर्माण कर बड़े किसानों को इस दिशा में प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। साथ ही हाइड्रोपोनिक्स और ड्रिप इरिगेशन जैसी आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाने पर जोर दिया।

पर्यावरण संरक्षण के संदर्भ में उन्होंने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत व्यापक वृक्षारोपण के निर्देश देते हुए कहा कि पौधरोपण के साथ-साथ उनका संरक्षण भी अनिवार्य है।

स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा में राज्यपाल ने टीबी मरीजों के समुचित उपचार, महिलाओं में स्तन कैंसर जागरूकता हेतु नियमित स्क्रीनिंग कैंप और समाज कल्याण विभाग व एम्स के एमओयू के तहत मोतियाबिंद पीड़ितों के निःशुल्क उपचार का अधिकतम लाभ दिलाने पर बल दिया।

पीएम जनमन योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए आवास, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं समयबद्ध ढंग से पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर जिले की अपनी अलग पहचान होनी चाहिए, जो योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और जनजीवन में सकारात्मक बदलाव से बनती है।

बाल विवाह एक कुप्रथा — समाज, परिवार और सरकार मिलकर करें खत्म

रायपुर, 16 मई 2026

छत्तीसगढ़ में बाल विवाह के खिलाफ जो अभियान चल रहा है वह पूरे देश के लिए एक सबक है। लेकिन सवाल यह है कि आखिर बाल विवाह होता क्यों है और इसे रोकने की जिम्मेदारी किसकी है?सरकार तो प्रयास करती ही है समाज जागरूक क्यूं नहीं हो रहा है ,ऐसी क्या मजबूरी है कि समाज को बाल विवाह का कदम उठाना पड़ता है। एक प्राचीन सामाजिक कुप्रथा को आखिर हम आधुनिकता की दौड़ में शामिल क्यों नहीं कर पा रहे हैं।

बाल विवाह क्यों नहीं करना चाहिए
विवाह जरूरी है पर बाल विवाह क्यों?कम उम्र में विवाह से बालिका की पढ़ाई छूट जाती है, स्वास्थ्य को गंभीर खतरा होता है और उसका पूरा भविष्य अंधेरे में चला जाता है। जो हाथ कलम थामने चाहिए थे, वे समय से पहले घर की जिम्मेदारी उठाने पर मजबूर हो जाते हैं।

विवाह कब करना चाहिए
स्वयं को समझने लायक नहीं होने पर विवाह की जिम्मेदारी क्या समझेंगे।कानून के अनुसार लड़कियों के लिए 18 वर्ष और लड़कों के लिए 21 वर्ष न्यूनतम आयु है। लेकिन सही समय वह है जब शिक्षा पूरी हो, मन और शरीर परिपक्व हो और दोनों की अपनी सहमति हो।

सबकी जिम्मेदारी है
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने 10 मार्च 2024 को “बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान” शुरू किया। 31 मार्च 2026 तक 7,498 पंचायतें बाल विवाह मुक्त घोषित हो चुकी हैं। बालोद जिला पूरी तरह बाल विवाह मुक्त बन चुका है। सरकार 2028-29 तक पूरे राज्य को बाल विवाह मुक्त करने का लक्ष्य लेकर चल रही है।

राज्य सरकार ने वर्ष 2028-29 तक पूरे छत्तीसगढ़ को बाल विवाह मुक्त बनाने का लक्ष्य तय किया है। चरणबद्ध योजना के तहत 2025-26 तक 40 प्रतिशत, 2026-27 तक 60 प्रतिशत, 2027-28 तक 80 प्रतिशत और 2028-29 तक सभी ग्राम पंचायतों तथा नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त घोषित करने की तैयारी है। अभियान की प्रगति भी उत्साहजनक रही है। 

लेकिन सरकार अकेले यह लड़ाई नहीं जीत सकती। माता-पिता को बेटी को बोझ नहीं बल्कि अपनी शान समझना होगा। समाज को चुप्पी तोड़नी होगी। और बालिका को खुद अपने अधिकार पहचानने होंगे।(स्रोत: जनसंपर्क संचालनालय, छत्तीसगढ़ शासन)

परफेक्ट प्रेजेंटेशन ही आर्ट है और बिना आर्ट के सब कुछ होकर भी बेकार

डिजीटल डेस्क – 16/05/2026

सोचिए एक पल के लिए।
एक आदमी के पास पैसा है, पढ़ाई है, ताकत है, चेहरे पर आकर्षण भी है — फिर भी कमरे में घुसता है तो कोई नोटिस नहीं करता। और दूसरा आदमी सादे कपड़ों में आता है, बस दो जुमले बोलता है — और पूरा कमरा उसकी तरफ मुड़ जाता है।

फर्क क्या है?प्रेजेंटेशन।
दुनिया रंगमंच है — और रंगमंच पर सिर्फ तैयारी काम नहीं करती।

शेक्सपियर ने यूँ ही नहीं कहा था कि यह दुनिया एक रंगमंच है। यहाँ हर इंसान एक किरदार है। लेकिन किरदार चाहे कितना भी गहरा हो — अगर अदायगी कमज़ोर है तो दर्शक उठकर चले जाते हैं।

यही ज़िंदगी में भी होता है।
आपका ज्ञान किताबों में बंद रहा तो किसी काम का नहीं। आपकी शक्ति अगर दिखती नहीं तो है भी तो क्या। आपका आकर्षण अगर व्यक्त नहीं होता तो वह सिर्फ आईने तक सीमित है।

जो दिखता है, वही बिकता है — यह कड़वा सच है।
आर्ट ऑफ लाइफ — जीना भी सीखना पड़ता है,
ज़िंदगी अपने आप नहीं जी जाती। इसे जीने की एक कला होती है।

कुछ लोग साधनों के बिना भी भरपूर जीते हैं और कुछ लोग सब कुछ होते हुए भी खालीपन में जीते हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि पहले वाले को पता है — कैसेजीना है।वह अपनी ज़िंदगी को एक कलाकार की तरह रचता है, रोज़ थोड़ा-थोड़ा।

आर्ट ऑफ लिविंग — रिश्ते, बातें, व्यवहार
घर में दो लोग हैं। एक वही बात कहता है जो दूसरा सुनना चाहता है, लेकिन इस तरह कहता है कि सामने वाला आहत हो जाता है। दूसरा कभी-कभी कड़वी बात भी कहता है, लेकिन इतने प्यार से कि सामने वाला स्वीकार कर लेता है।एक सोच में,
यही आर्ट ऑफ लिविंग है।
बात क्या कही — यह उतना ज़रूरी नहीं। बात कैसे कही— यही सब कुछ तय करता है।

आर्ट ऑफ थॉट — सोचने का भी एक तरीका होता है
एक ही घटना को हज़ार लोग देखते हैं। अखबार वाला उसमें खबर देखता है, कवि उसमें कविता देखता है, चित्रकार उसमें रंग देखता है और फिलॉसफर उसमें सवाल देखता है।
घटना एक है — नज़रिए अलग।
जिसकी सोच में कला है, वह साधारण चीज़ों में भी असाधारण अर्थ खोज लेता है। और यही सोच उसकी प्रेजेंटेशन को बाकियों से अलग बनाती है।

आर्ट ऑफ सेक्स — संवेदनशीलता सबसे बड़ी कला है
हज़ारों साल पहले भारत ने कामसूत्र को शास्त्र का दर्जा दिया। क्यों? क्योंकि यह समझा गया कि प्रेम और शरीर का संबंध भी एक कला माँगता है — संवेदनशीलता, समझ और उपस्थिति।
जहाँ सिर्फ शरीर है, संवेदना नहीं — वहाँ कला नहीं, सिर्फ क्रिया है।

– आर्ट ऑफ थीम — बिना थीम के सब बिखरा है
हर बड़ी फिल्म के पीछे एक थीम होती है। हर बड़े नेता की राजनीति के पीछे एक थीम होती है। हर कामयाब ब्रांड के पीछे एक थीम होती है।
जिसकी ज़िंदगी में थीम नहीं — वह हर रोज़ अलग दिशा में भागता है और कहीं नहीं पहुँचता।
थीम तय करना मतलब — यह तय करना कि मैं कौन हूँ और मुझे कहाँ जाना है।

तो आखिर में क्या!?
धन हो, ज्ञान हो, शक्ति हो, सौंदर्य हो — सब हो।
लेकिन अगर प्रेजेंटेशन नहीं है तो यह सब एक बंद तिजोरी में रखे हीरे जैसा है।
चमक तभी है जब रोशनी पड़े।
और वह रोशनी डालने का काम करती है — कला।
इसीलिए कहते हैं —”जहाँ आर्ट नहीं, वहाँ जिंदगी नहीं।

लोकतांत्रिक सदन में विपक्ष को ध्यान से सुनना — विजय की अलग राजनीतिक शैली

डिजिटल डेस्क -16 मई 2026

विगत दिनों कैसे देश की जनता ने देखा कि तमिलनाडु विधानसभा में कुछ ऐसा हुआ जो आमतौर पर नहीं दिखता,क्या दिखा नयापन देखते है!!

विधानसभा कक्ष में जब विपक्ष के नेता एक के बाद एक सवाल उठा रहे थे, तब मुख्यमंत्री थलापती विजय — यानी जोसेफ विजय चंद्रशेखर — चुपचाप बैठकर उन बातों को नोट कर रहे थे। कोई हंगामा नहीं, कोई जवाबी शोर नहीं।

हाथ में बस कागज और कलम मतलब हाथ काम करने के लिए है हाथ पर हाथ धरकर बैठने के लिए नहीं।

चलिए सत्ता की राजनीति में यह छोटी सी बात है, लेकिन हमारी मौजूदा राजनीति में यह दृश्य असामान्य है। सदन में आमतौर पर जो होता है वह सब जानते हैं — विपक्ष बोले तो सत्तापक्ष का शोर, सत्तापक्ष बोले तो विपक्ष का हंगामा। नतीजा? कोई नहीं।

लेकिन यहाँ एक मुख्यमंत्री था जो सुन रहा था बस…
नहीं नोट भी कर रहा था।एक सही संदेश की जन प्रतिनिधि वहां सीख भी सकता है और लिख भी सकता है राज्य विकास और समस्या समाधान की नई स्क्रिप्ट।

आजकल राजनीति में ‘सुनना’ सबसे मुश्किल काम माना जाता है, खासकर तब जब आप सत्ता में हों। विपक्ष की बात को नजरअंदाज करना आसान है, उसे दबाना और भी आसान। लेकिन उसे लिखकर रखना — यह बताता है कि आप उस पर कुछ करने का इरादा रखते हैं ।हां ,जैसे कभी पीएम नेहरू ने पीएम अटल को सुनना चाहता था।

अब सीएम विजय का यह इरादा कितना ज़मीन पर उतरता है, यह तो वक्त बताएगा।सीएम राजनीति में नए हैं और उन पर नज़रें टिकी हैं। एक सत्र की कार्यशैली से किसी नेता को परखना जल्दबाजी होगी।

लेकिन शुरुआत बुरी नहीं है।
(सोशल मीडिया साभार और प्रतिक्रिया न्यूज निजी विचार पर आधारित)

5 देशों की यात्रा पर पीएम मोदी पहुंचे नीदरलैंड, यूएई में हुए अहम समझौते

डिजिटल डेस्क – 16 मई 2026

15 से 20 मई 2026 तक यूनाइटेड अरब अमीरात, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की पांच देशों की यात्रा पर रवाना हो रहा हूं”- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पाँच देशों के दौरे के दूसरे चरण में नीदरलैंड पहुँच गए हैं। वहाँ उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस यात्रा में वे नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटन से मुलाकात करेंगे। दोनों नेताओं के बीच ट्रेड, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और क्लीन एनर्जी पर चर्चा होगी। इसके अलावा पीएम मोदी नीदरलैंड के महामहिम किंग विलेम-अलेक्जेंडर और क्वीन मैक्सिमा से भी भेंट करेंगे।

यूएई में क्या हुआ खास

इससे पहले पीएम मोदी का यूएई दौरा काफी अहम रहा। 15 मई को अबू धाबी में पीएम मोदी और यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच मुलाकात हुई।

ऊर्जा सुरक्षा के मोर्चे पर यह दौरा बेहद नतीजेदार रहा। भारत और यूएई के बीच रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार और एलपीजी आपूर्ति पर समझौते हुए। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन और ADNOC के बीच हुए इस समझौते से भारत को दीर्घकालिक और प्राथमिकता के आधार पर एलपीजी आपूर्ति सुनिश्चित होगी।

गौरतलब है कि यूएई फिलहाल भारत की घरेलू एलपीजी ज़रूरत का करीब 40 फीसदी हिस्सा पूरा करता है।

रक्षा क्षेत्र में भी दोनों देश करीब आए। भारत और यूएई ने सामरिक रक्षा साझेदारी का ढाँचा तैयार किया जिसमें रक्षा उद्योग सहयोग, साइबर सुरक्षा, समुद्री सुरक्षा और खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान पर सहमति बनी।
निवेश के मामले में भी बड़ी खबर आई। यूएई ने भारत के बुनियादी ढाँचे में 5 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की।

पीएम मोदी ने यूएई में कहा — “मैं अपने दूसरे घर आया हूँ।” यह बात उन्होंने वहाँ बसे 45 लाख भारतीयों के संदर्भ में कही।
अब नीदरलैंड के बाद पीएम मोदी स्वीडन, नॉर्वे और इटली भी जाएँगे।

दिहाड़ी मजदूरों की बढ़ती आत्महत्याएं गंभीर सामाजिक संकट:ब्रजेश शर्मा

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रायपुर/दिल्ली-15 मई 2026

भारतीय जनता मजदूर ट्रेड यूनियन काउंसिल (BJMTUC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बृजेश शर्मा ने दिहाड़ी मजदूरों की बढ़ती आत्महत्याओं को बेहद गंभीर और चिंताजनक बताया है। उन्होंने आंकड़ों पर बात करते हुए कहा एनसीआरबी की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, देश में आत्महत्या करने वालों में दिहाड़ी मजदूरों की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है, जो मजदूर वर्ग की बदहाल स्थिति को साफ दिखाती है ।
बृजेश शर्मा ने कहा कि बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई, अस्थिर आय और कर्ज का बोझ अब केवल आर्थिक समस्या नहीं रह गया है, बल्कि यह मजदूरों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा असर डाल रहा है। निर्माण कार्य, फैक्ट्री, ठेकेदारी और दैनिक मजदूरी पर निर्भर लाखों परिवार रोज़गार रुकने, बीमारी या समय पर भुगतान न मिलने की स्थिति में सीधे संकट में आ जाते हैं।

उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास के दावों के बावजूद जमीनी स्तर पर मजदूरों की स्थिति अभी भी बेहद चिंताजनक है। कई राज्यों में समय पर वेतन, सुरक्षा व्यवस्था और सामाजिक सहायता योजनाओं तक पहुंच की कमी जैसी समस्याएं लगातार सामने आ रही हैं ।

BJMTUC ने सरकार से मांग की है कि दिहाड़ी मजदूरों के लिए स्थायी रोजगार, न्यूनतम आय सुरक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और मानसिक स्वास्थ्य सहायता को मजबूत किया जाए। संगठन का कहना है कि केवल आर्थिक योजनाएं ही नहीं, बल्कि सामाजिक सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य पर भी गंभीरता से काम करने की जरूरत है, ताकि मजदूर वर्ग खुद को अकेला और असहाय महसूस न करे ।(दीपक पाण्डेय राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी)



जिला बेमेतरा थाना नवागढ़ पुलिस टीम की गौवंश तस्करी पर सख्त कार्रवाई

आज तारीख 15.05.2026 को थाने नवागढ़ की पुलिस ने गौवंश तस्करी का सफल मामला पकड़ा।

बेमेतरा 15/05/2026

रमेश यादव (उम्र 35, निवासी वार्ड नंबर 4, नवागढ़) और अन्य गौ-रक्षक लोगों की शिकायत पर पता चला कि ग्राम नवागांव (महाराजी) के श्मशान घाट के पास एक खेत में बैल और बछड़ों को क्रूरतापूर्वक बांधकर रखा गया है। मौके पर जाकर देखा तो कुल 38 गोवंश (बछड़ा और बैल) वहां बंधे मिले। वहां मौजूद लोगों ने बताया कि आरोपियों थनवार सतनामी और सुधे लाल सतनामी ने इन्हें बांध रखा था। हम लोग को देखते ही आरोपी तारेगांव की तरफ भाग खड़े हुए, जिन्हें टॉर्च की रोशनी से पहचान लिया गया।

शिकायत पर थाना नवागढ़ में केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गई। मामले में पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और छत्तीसगढ़ कृषक पशु संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। वरिष्ठ अधिकारियों को भी मामले की जानकारी दी गई।

पुलिस उप महानिरीक्षक रामकृष्ण साहू ने तुरंत कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश कुमार यादव, एसडीओपी बेमेतरा भुषण एक्का और एसडीओपी बेरला विनय कुमार के मार्गदर्शन में नवागढ़ थाना प्रभारी उपनिरीक्षक भुनेश्वर यादव और उनकी टीम ने जांच की अगुवाई की।

जांच में कुल 38 गाय/बछड़े जिन्हें करीब 2,00,000 रुपये की कीमत का बताया गया है, जब्त किए गए। इन्हें सुरक्षा के लिए ग्राम झालम के गौ अभ्यारण में रखवा दिया गया है।

आज आरोपियों थनवार घृतलहरे (पिता नेतराम घृतलहरे, उम्र 65, निवासी नवागांव) और सुधे लाल सोनवानी (पिता प्रभुदास सोनवानी, उम्र 39, निवासी नवागांव) को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर भेज दिया गया।

इस कार्रवाई में थाना नवागढ़ की टीम—थाना प्रभारी उपनिरीक्षक भुनेश्वर यादव, सउनि कृष्ण कुमार क्षत्री, प्रधान आरक्षक गोपाल ध्रुव, आरक्षक ओंकार निर्मलकर, राहुल दुबे और अन्य स्टाफ तथा स्थानीय गौ सेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


छत्तीसगढ़ अवैध रेत उत्खनन-परिवहन पर प्रशासन सख्त: 5 हाईवा, 4 ट्रैक्टर जब्त; चालकों पर कार्रवाई

रायपुर, 15 मई 2026

प्रदेश भर में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन रोकने के लिए प्रशासन की छापामारी तेज की गई है। पिछले दो दिनों में विभिन्न जिलों में संयुक्त कार्रवाई के दौरान कुल 5 हाईवा और 4 ट्रैक्टर वाहन जब्त किए गए हैं, जबकि कई मामलों में दोषियों के खिलाफ वैधानिक कदम उठाए गए हैं।

जांजगीर-चांपा: राजस्व एवं खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने केवा, भादा और नवापारा घाटों में विशेष निरीक्षण चलाकर अवैध रेत परिवहन करने वाले 5 हाईवा वाहन जब्त किए। जब्त वाहनों को पुलिस लाइन जांजगीर में सुरक्षित रखवाया गया है।

कार्रवाई के दौरान शांति व्यवस्था भंग करने के आरोप में चालक जोहन कुमार और संतोष मिरी के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की प्रासंगिक धाराओं के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई। जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण में संलिप्त लोगों के खिलाफ इसी तरह निरंतर और सख्त कदम उठाए जाएंगे।

बलरामपुर: खनिज विभाग की टीम ने विकासखंड शंकरगढ़ के ग्राम डीपाडीह के पास गलफुल्ला नदी क्षेत्र में छापा मारकर रेत से भरे 4 ट्रैक्टर जब्त किए। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि संबंधित वाहनों के खिलाफ आवश्यक करवाई जारी रखी जाएगी और जिले में अवैध खनिज परिवहन रोकने के लिए सतत निगरानी की जा रही है।

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अवैध खनिज उत्खनन या परिवहन की जानकारी तुरंत दें, ताकि त्वरित कार्रवाई संभव हो सके। आगे भी प्रदेश में खनिज और राजस्व की हानि रोकने तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के उद्देश्य से समान रूप से सघन निगरानी और छापामारी जारी रखी जाएगी।