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Thursday, November 5, 2026
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मुख्य सचिव विकासशील ने की निर्माण परियोजनाओं की समीक्षा, लागत आकलन में पारदर्शिता पर दिया जोर

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में परियोजना निर्माण एवं क्रियान्वयन समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में राज्य में प्रस्तावित विभिन्न निर्माण और विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई तथा भविष्य की योजनाओं को लेकर रूपरेखा तैयार की गई।

लागत के स्पष्ट आकलन और समयबद्ध तैयारी पर जोर

मुख्य सचिव विकासशील ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि प्रस्तावित निर्माण कार्यों के लागत तुलनात्मक विश्लेषण में पूरी स्पष्टता रखी जाए, जिससे प्रत्येक परियोजना की लागत का उचित और यथार्थवादी आकलन संभव हो सके। उन्होंने आगामी बजट में शामिल किए जाने वाले महत्वपूर्ण कार्यों की समय रहते पहचान करने और उनकी आवश्यक प्रशासनिक व तकनीकी तैयारियां पहले से ही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

प्रमुख सड़क एवं बुनियादी परियोजनाओं पर हुई चर्चा

बैठक के दौरान अधिकारियों ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे और प्रस्तावित विकास कार्यों की प्रगति से अवगत कराया। मुख्य रूप से इन परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। कांकेर जिला में भानुप्रतापपुर-कांकेर-पंखाजूर मार्ग पर पुल-पुलिया सहित सड़क निर्माण कार्य। बिलासपुर क्षेत्र में बिलासपुर-कटनी रेल मार्ग पर रेलवे ओवरब्रिज (ROB) का निर्माण तथा बिलासपुर जिले में फ्लाईओवर ब्रिज का निर्माण का कार्य शामिल है। दुर्ग एवं अन्य परिक्षेत्र में नगरी-कांकेर-भानुप्रतापपुर-मानपुर-राजनांदगांव-कवर्धा-फास्टरपुर कुंडा मार्गों तथा कुम्हारी, अहिवारा-धमधा-गंडई-साल्हेवारा मार्गों का उन्नयन एवं चौड़ीकरण कार्य।

बैठक में शासन के कई वरिष्ठ विभागों के प्रमुख सचिव और सचिव मौजूद रहे, जिनमें प्रमुख रूप से वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार, जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश कुमार टोप्पो, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव भुवनेश यादव, ऊर्जा विभाग के सचिव सारांश मित्तर सहित विभिन्न विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

शराब घोटाले में रामगोपाल अग्रवाल और मैनपावर घोटाले में अरुणपति त्रिपाठी को मिली जमानत

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल और मैनपावर घोटाले में आबकारी विभाग के पूर्व MD रहे अरुणपति त्रिपाठी को राहत मिली है। दोनों को बिलासपुर हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है।

बता दें कि रामगोपाल अग्रवाल को शराब घोटाला मामला में जमानत मिली है। कोल और चावल घोटाले में अभी उन्हें जेल में ही रहना पड़ेगा। वहीं मैनपावर घोटाला मामले में अरुणपति त्रिपाठी रायपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं। 95 दिन बाद उन्हें जमानत मिली है। इस मामले में वकील शशांक मिश्रा ने पैरवी की है।

अखिलेश शर्मा बने डॉ. अखिलेश शर्मा: एनआईटी रायपुर से मिली पीएचडी की उपाधि, ब्लॉकचेन से चिटफंड को सुरक्षित बनाने पर किया शोध


बेमेतरा से निकली प्रतिभा ने बढ़ाया क्षेत्र का मान, परिवार में खुशी की लहर

बेमेतरा/रायपुर।05 नवंबर 2026

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर ने अखिलेश शर्मा को कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विषय में डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएचडी) की उपाधि प्रदान की है। यह उपाधि उन्हें 3 नवंबर 2026 को दी गई। इस उपलब्धि से परिवार ही नहीं, पूरे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है।

अखिलेश शर्मा ने अपने शोध का विषय “Enhancement of Security and Trust in Chit-Fund Using Blockchain Technology” चुना था। अपने अध्ययन में उन्होंने ब्लॉकचेन तकनीक के जरिए चिटफंड प्रणाली में सुरक्षा, पारदर्शिता और भरोसे को मजबूत करने के उपायों की पड़ताल की है। आम लोगों की बचत और भरोसे से जुड़ी चिटफंड व्यवस्था को तकनीक के सहारे अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में यह शोध अहम माना जा रहा है।

इस उपलब्धि पर शरद तिवारी, अंजू तिवारी, दुष्यंत तिवारी, जितेंद्र शुक्ला, ममता शुक्ला, लोकेश्वर शुक्ला, मीरा शुक्ला, रमेश तिवारी, सुनीता तिवारी, आकांक्षा शर्मा, अनिल-नेहा शर्मा, राकेश-निम्मी, वैशाली-अविनाश दुबे और दीपाली तिवारी सहित परिजनों ने हर्ष व्यक्त करते हुए बधाई और शुभकामनाएं दीं। सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए इसे पूरे परिवार के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया।

अखिलेश शर्मा की माता श्रीमती विजयालक्ष्मी शर्मा और पिता पुरुषोत्तम तिवारी (निवासी खम्हारडीह) हैं। उनकी शैक्षणिक यात्रा की प्रारंभिक नींव बेमेतरा में उनके नाना श्री गोविंद प्रसाद शुक्ला और मामा जितेंद्र शुक्ला के सानिध्य में पड़ी। परिवार के मार्गदर्शन और सहयोग से उन्होंने निरंतर आगे बढ़ते हुए पीएचडी की उपाधि हासिल की और परिवार तथा क्षेत्र का गौरव बढ़ाया।

दिव्यांग बच्चों के लिए बेमेतरा में मूल्यांकन शिविर, 227 बच्चों का परीक्षण

सहायक उपकरणों के लिए बच्चों का चिन्हांकन और मापन, शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की पहल

बेमेतरा, 4 नवंबर 2026। जिले में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को शिक्षा और शासन की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से समग्र शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आंकलन एवं मूल्यांकन शिविर आयोजित किया गया। शिविर में जिले के चारों विकासखंडों के कुल 227 दिव्यांग बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण और मूल्यांकन किया गया।

शिविर का आयोजन विकासखंड बेमेतरा एवं नवागढ़ के बच्चों के लिए शासकीय जिला चिकित्सालय बेमेतरा तथा साजा एवं बेरला विकासखंड के बच्चों के लिए बीआरसीसी (BRCC) साजा में किया गया।

सहायक उपकरणों के लिए बच्चों का चिन्हांकन

शिविर में रायपुर से पहुंची एलिम्को (ALIMCO) की विशेषज्ञ टीम ने बच्चों की दिव्यांगता और व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए चिन्हांकन एवं मापन की प्रक्रिया पूरी की। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने आवश्यकतानुसार स्वास्थ्य परीक्षण और दिव्यांगता संबंधी मूल्यांकन किया। पात्र बच्चों को दिव्यांगता प्रमाण-पत्र जारी करने तथा उनकी जरूरत के अनुरूप उपकरण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी की गई।

शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर

कलेक्टर एवं जिला मिशन संचालक, समग्र शिक्षा सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं जिला परियोजना संचालक, समग्र शिक्षा श्रीमती प्रेमलता पद्माकर के दिशा-निर्देशानुसार शिविर आयोजित किया गया।

इस पहल का उद्देश्य विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CWSN) को शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध कराना, उनकी शैक्षणिक गतिविधियों में सहभागिता बढ़ाना और जरूरत के अनुसार सुविधाएं प्रदान करना है। सहायक उपकरण मिलने से बच्चों को दैनिक गतिविधियों में सहूलियत मिलने के साथ उनकी आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

अधिकारियों-कर्मचारियों का रहा योगदान

शिविर के सफल आयोजन में जिला शिक्षा अधिकारी श्री अभय जायसवाल, जिला मिशन समन्वयक श्री नकुल प्रसाद पनागर, समावेशी शिक्षा प्रभारी श्रीमती रेणुका चौबे, बीआरपी बेमेतरा श्रीमती रजनी देवांगन, बीआरपी नवागढ़ श्रीमती सरिता सतनामी, बीआरपी साजा श्री चन्द्रकांत वर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का योगदान रहा।

शिविर के माध्यम से चिन्हांकित बच्चों को उनकी जरूरत के अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

झीरम घाटी के दूसरे जांच आयोग पर रोक जारी, हाईकोर्ट में 21 दिसंबर को होगी अंतिम सुनवाई

बिलासपुर। झीरम घाटी मामले की जांच के लिए दूसरे आयोग के गठन पर रोक लगाने की मांग करते हुए विधायक धरमलाल कौशिक की याचिका पर 21 दिसंबर को अंतिम सुनवाई तय की गई है। मई 2022 में हाईकोर्ट ने नए जांच आयोग के कार्य पर रोक लगा दी थी। यह स्टे अभी भी जारी है।

बता दें कि तत्कालीन छत्तीसगढ़ सरकार ने 2021 में जस्टिस प्रशांत मिश्रा को आंध्रप्रदेश के चीफ जस्टिस बनाने के कारण उत्पन्न हुई परिस्थिति में दो रिटायर्ड हाईकोर्ट जज का जांच आयोग बनाया था। जस्टिस मिश्रा जांच आयोग ने राज्यपाल के सम्मुख रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा उसे स्वीकार न करने के बाद जस्टिस सतीश अग्निहोत्री और जस्टिस मिनहाजुद्दीन दोनों रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में न्यायिक जांच आयोग का पुनर्गठन किया गया था। नया जांच आयोग कोई जांच कर पाता, इसके पहले ही भारतीय जनता पार्टी के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने इसे हाईकोर्ट में इस आधार पर चुनौती दी कि पहला जांच आयोग अपनी जांच पूरी कर चुका है इसलिए नए आयोग की आवश्यकता नहीं है।

मामले में एक कांग्रेस कार्यकर्ता ने हस्तक्षेप याचिका दायर की थी, जिसमें यह कहा गया था कि राज्य सरकार को आयोग में कोई रिक्ति होने या नए जांच बिंदु होने पर नया आयोग बनाने का पूर्ण अधिकार है। बुधवार को चीफ जस्टिस कृष्णाराम महापात्र, जस्टिस संतोष शर्मा की बेंच में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ वकील ना होने के आधार पर सुनवाई स्थगित करने की मांग की गई।

हस्तक्षेप याचिकाकर्ताओं की ओर से उपस्थित अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव ने खंडपीठ को बताया कि नया जांच आयोग अलग ही जांच बिंदुओं पर जांच करने के लिए बनाया गया है, जो पहले की जांच बिंदु में शामिल नहीं है और यह राज्य सरकार के अधिकार में है। अतः याचिका चलने योग्य नहीं है और इसे रद्द होना चाहिए। इस जांच के ऊपर जो स्थगन है वह भी समाप्त होना चाहिए। राज्य सरकार की ओर से उपस्थित अधिवक्ता ने प्रकरण में आवश्यक निर्देश के लिए समय दिए जाने की मांग की।

सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि प्रकरण में गंभीर कानूनी प्रश्न शामिल है, अतः इसे विस्तृत रूप से सुनवाई की आवश्यकता है। खंडपीठ ने हस्तक्षेप याचिकाकर्ता की ओर से उपस्थित अधिवक्ता को भी इस प्रकरण में अपनी बात रखने के लिए अनुमति प्रदान करते हुए मामले की अंतिम सुनवाई 21 दिसंबर 2026 को तय की है।

रायपुर में जमीन कारोबारी से 4 करोड़ की कथित वसूली की कोशिश, अनवर ढेबर और कुबेर राठी समेत छह पर FIR

रायपुर। राजधानी में जमीन के पुराने सौदे को लेकर 62 वर्षीय कारोबारी से कथित तौर पर 4 करोड़ रुपये मांगने, मारपीट करने और पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। कालीबाड़ी निवासी जमीन कारोबारी बलिराम धरमानी की शिकायत पर पुलिस ने अनवर ढेबर, कुबेर राठी समेत छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।मामले में नामजद अन्य लोगों में संदीप अग्रवाल, आसिफ मेमन, नागेंद्र और विवेक जोशी उर्फ मोंटी जोशी शामिल हैं। कारोबारी का आरोप है कि रकम देने से इनकार करने पर उनके साथ होटल में मारपीट की गई और परिवार को खत्म करने की धमकी दी गई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

2018 में लाभांडी की 2.60 लाख वर्गफीट जमीन का हुआ था सौदा

पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, बलिराम धरमानी ने वर्ष 2018 में लाभांडी क्षेत्र में बोरड परिवार की करीब 2.60 लाख वर्गफीट जमीन का सौदा किया था। इसमें से 40 हजार वर्गफीट जमीन की रजिस्ट्री उनके नाम पर हो गई थी, जबकि बाकी जमीन के लिए एग्रीमेंट किया गया था।हालांकि, बोरड परिवार के सदस्यों के बीच आपसी विवाद के चलते शेष जमीन की रजिस्ट्री नहीं हो सकी। शिकायतकर्ता का कहना है कि इसी अधूरे सौदे को आधार बनाकर बाद में उन पर रुपये देने का दबाव बनाया जाने लगा।

कार्यालय पहुंचकर 4 करोड़ रुपये मांगने का आरोप

धरमानी ने शिकायत में बताया है कि वर्ष 2022 में संदीप अग्रवाल उनके कटोरा तालाब स्थित कार्यालय पहुंचे थे। आरोप है कि इस दौरान विवादित जमीन की रजिस्ट्री कराने के बदले 4 करोड़ रुपये की मांग की गई।कारोबारी के मुताबिक, लंबे समय तक जमीन का मामला नहीं सुलझने के बाद उन्होंने अपने नाम पर दर्ज 40 हजार वर्गफीट जमीन बोरड परिवार को वापस कर दी। इसके बदले उन्हें 3.15 करोड़ रुपये मिले। उनका दावा है कि इस लेनदेन के बाद बोरड परिवार के साथ उनका कोई आर्थिक हिसाब बाकी नहीं था।

26 सितंबर की बैठक में फिर रकम मांगने का आरोप

शिकायत के अनुसार, 26 सितंबर 2026 को रायपुर के रहमानिया चौक स्थित बबू प्लाजा में बैठक हुई थी। इसमें कारोबारी के सामने दोबारा 4 करोड़ रुपये देने की मांग रखी गई। धरमानी का कहना है कि जमीन का पुराना लेनदेन समाप्त होने के बावजूद उनसे रकम मांगी जा रही थी, जिसे उन्होंने देने से मना कर दिया।

होटल वेलिंगटन में मारपीट और धमकी देने का दावा

मामले में अगली घटना 27 सितंबर 2026 की बताई गई है। शिकायत के मुताबिक, फाफाडीह स्थित होटल वेलिंगटन में एक और बैठक हुई, जिसमें अनवर ढेबर, कुबेर राठी सहित अन्य नामजद व्यक्ति मौजूद थे।धरमानी का आरोप है कि बातचीत के दौरान उन्होंने 4 करोड़ रुपये देने से इनकार कर दिया। इसके बाद अनवर ढेबर और कुबेर राठी ने उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। शिकायत में अन्य आरोपियों पर भी धमकी देने का आरोप लगाया गया है। कारोबारी ने दावा किया है कि उन्हें और उनके परिवार के सदस्यों को जान से मारने की धमकी दी गई।

छह लोगों पर BNS की इन धाराओं में केस

कारोबारी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(2), 351(3), 296, 115(2), 61(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। इनमें वसूली, आपराधिक धमकी, चोट पहुंचाने, आपराधिक साजिश और साझा इरादे से किए गए कृत्यों से संबंधित प्रावधान शामिल हैं।

पुराने जमीन सौदे और कथित बैठकों की जांच में जुटी पुलिस

पुलिस अब वर्ष 2018 में हुए जमीन सौदे, रजिस्ट्री, एग्रीमेंट और पैसों के लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। सितंबर 2026 में हुई कथित बैठकों और होटल में मारपीट व धमकी के आरोपों की भी पड़ताल की जाएगी।फिलहाल, मामले में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता के बयान पर आधारित हैं। एफआईआर दर्ज होने से आरोप साबित नहीं होते। जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही संबंधित लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।

गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में तीन विभागों के HOD बदले, प्रो. दिलीप झा को अर्थशास्त्र की जिम्मेदारी

 बिलासपुर। गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में प्रशासनिक फेरबदल के तहत तीन विभागों के विभागाध्यक्ष बदल दिए गए हैं। इतिहास, प्राणीशास्त्र और अर्थशास्त्र विभाग में नए प्राध्यापकों को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यक्ष डॉ. धीरज शुक्ला को आगामी आदेश तक पद पर बने रहने का निर्देश दिया गया है।

इतिहास और प्राणीशास्त्र विभाग में नए अध्यक्ष

विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग में पहले प्रो. सीमा पाण्डेय विभागाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रही थीं। अब विभागाध्यक्षों की नियुक्ति और चक्रानुक्रम से संबंधित अध्यादेश के प्रावधानों के तहत उनकी जगह प्रो. घनश्याम दुबे को नया HOD बनाया गया है।इसी तरह प्राणीशास्त्र विभाग में प्रो. सीमा राय को हटाकर प्रो. एलव्हीकेएस भास्कर को विभागाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह बदलाव भी संबंधित अध्यादेश के नियमों के अनुसार किया गया है।

अर्थशास्त्र विभाग की कमान प्रो. दिलीप कुमार झा को

अर्थशास्त्र विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राजकुमार नागवंशी की जगह प्रो. दिलीप कुमार झा को विभागाध्यक्ष बनाया गया है। इस पद पर उनका कार्यकाल तीन वर्ष निर्धारित किया गया है।गौरतलब है कि प्रो. झा कुछ महीने पहले ही निलंबन से बहाल हुए हैं। वे पहले विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के समन्वयक थे।

NSS शिविर में नमाज पढ़ाने के मामले में हुआ था विवाद

प्रो. झा के समन्वयक रहते विश्वविद्यालय के NSS विद्यार्थी बाहरी शिविर में शामिल होने गए थे। आरोप लगा था कि ईद के मौके पर शिविर में हिंदू विद्यार्थियों को भी नमाज पढ़ने की प्रक्रिया में शामिल कराया गया। शिविर से लौटने के बाद कुछ विद्यार्थियों ने इस संबंध में विश्वविद्यालय प्रबंधन और पुलिस थाने में शिकायत की थी।इस घटना को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में काफी विवाद हुआ था। छात्र संगठनों के साथ हिंदू संगठनों ने भी विरोध प्रदर्शन किया और विश्वविद्यालय का घेराव किया था। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने NSS के कार्यक्रम अधिकारियों और समन्वयक को उनके प्रभार से हटा दिया था। इसी मामले में प्रो. झा को निलंबित भी किया गया था।

पत्रकारिता विभाग के HOD को फिलहाल जिम्मेदारी जारी रखने का आदेश

पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यक्ष डॉ. धीरज शुक्ला का निर्धारित कार्यकाल समाप्त हो चुका था। हालांकि, प्रशासनिक कामकाज सुचारु रखने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हें अगले आदेश तक विभागाध्यक्ष बने रहने का निर्देश जारी किया है।

धनतेरस 2026 पर खरीदें ये 9 शुभ चीजें, घर में आएगी सुख-समृद्धि!

धनतेरस का त्योहार दिवाली से पहले मनाया जाता है. इस साल धनतेरस  6 नवंबर 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा. इस दिन कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि सुबह 10 बजकर 30 मिनट से शुरू होगी और 7 नवंबर को सुबह 10 बजकर 47 मिनट तक रहेगी. धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि, मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा करने की परंपरा है. इस दिन सोना, चांदी और बर्तन खरीदना भी शुभ माना जाता है.

आमतौर पर लोग धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदना पसंद करते हैं. हालांकि, वास्तु और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कुछ ऐसी छोटी-छोटी चीजें भी हैं, जिन्हें इस दिन घर लाना शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इन चीजों की खरीदारी से घर में सुख-समृद्धि, खुशहाली और सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है. खास बात यह है कि धनतेरस पर शुभ खरीदारी के लिए ज्यादा पैसे खर्च करना जरूरी नहीं है. आप अपने बजट के अनुसार भी इन चीजों को खरीद सकते हैं.

 धनतेरस पर खरीदें ये 9 शुभ चीजें
 1. सोने के सिक्के या आभूषण
धनतेरस पर सोना खरीदना सबसे लोकप्रिय परंपराओं में से एक है. मान्यता है कि सोना धन, स्थिरता और समृद्धि का प्रतीक है. इस दिन लोग सोने के सिक्के, अंगूठी, चेन या अन्य आभूषण खरीदते हैं. अगर आप सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो अपनी आर्थिक स्थिति के अनुसार ही खरीदारी करें. सोना खरीदते समय हॉलमार्क और शुद्धता की जांच जरूर करें.

 2. चांदी के सिक्के और बर्तन
धनतेरस पर चांदी खरीदना भी शुभ माना जाता है. इस दिन कई लोग मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की आकृति वाले चांदी के सिक्के खरीदते हैं. इसके अलावा चांदी के गिलास, कटोरी और अन्य छोटे बर्तन भी खरीदे जा सकते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चांदी को शुद्धता और शुभता का प्रतीक माना जाता है.

 3. पीतल, तांबे या स्टील के बर्तन
धनतेरस पर नए बर्तन खरीदने की परंपरा काफी पुरानी है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे. इसी वजह से इस दिन बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है. आप पीतल, तांबे या स्टील की थाली, कटोरी, गिलास और रसोई के दूसरे उपयोगी बर्तन खरीद सकते हैं. कुछ घरों में नए बर्तन में चावल, अनाज या मिठाई रखकर घर लाने की भी परंपरा है.

 4. मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की मूर्ति
धनतेरस पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की नई मूर्ति या तस्वीर खरीदना भी शुभ माना जाता है. दिवाली की पूजा के लिए लोग इस दिन नई प्रतिमाएं घर लाते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां लक्ष्मी धन और वैभव की देवी हैं, जबकि भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और शुभ कार्यों का देवता माना जाता है. मूर्ति खरीदते समय उसके आकार और पूजा घर में रखने की जगह का ध्यान रखें.

 5. मिट्टी के दीपक और सजावटी लैंप
धनतेरस और दिवाली पर दीपक जलाने का विशेष महत्व है. इस दिन आप मिट्टी के दीये, पीतल के दीपक और सजावटी लैंप खरीद सकते हैं. वास्तु मान्यताओं के अनुसार, घर के मुख्य द्वार और आसपास रोशनी रखने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. दीपक खरीदते समय ध्यान रखें कि उन्हें सुरक्षित जगह पर रखा जा सके.

 6. नया झाड़ू
धनतेरस पर झाड़ू खरीदना भी कई जगहों पर शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, झाड़ू को मां लक्ष्मी से जोड़कर देखा जाता है. इसे घर की गंदगी और नकारात्मकता दूर करने का प्रतीक माना जाता है. इस दिन नया झाड़ू खरीदने के साथ घर के कोनों और स्टोर रूम की अच्छी तरह सफाई करें.

 7. साबुत धनिया
धनतेरस पर साबुत धनिया खरीदने की भी परंपरा है. कुछ परिवार इसे पूजा में शामिल करते हैं और बाद में इसे मिट्टी में बो देते हैं. मान्यता है कि धनिया के बीज विकास, खुशहाली और समृद्धि के प्रतीक होते हैं. आप थोड़ी मात्रा में साबुत धनिया खरीदकर पूजा में रख सकते हैं.

 8. घर के लिए जरूरी सामान
धनतेरस पर केवल सोना-चांदी या पूजा से जुड़ी चीजें खरीदना जरूरी नहीं है. आप घर की जरूरत के हिसाब से नई चादर, किचन के डिब्बे, पानी का फिल्टर, फर्नीचर या घर की सजावट से जुड़ी चीजें भी खरीद सकते हैं. वास्तु मान्यताओं के अनुसार, घर को साफ-सुथरा और व्यवस्थित रखना सकारात्मक माहौल बनाने में मदद करता है.

 9. व्यापार और कामकाज से जुड़ी चीजें
अगर आप अपना कारोबार करते हैं या घर से काम करते हैं, तो धनतेरस पर काम से जुड़ी नई चीजें खरीद सकते हैं. इस दिन नया लैपटॉप, ऑफिस का सामान, मशीनरी, औजार या हिसाब-किताब से जुड़ी जरूरी चीजें खरीदना शुभ शुरुआत का प्रतीक माना जाता है. मान्यता है कि इससे कामकाज में तरक्की और नए अवसरों का स्वागत होता है.

 धनतेरस से पहले घर में करें ये 5 वास्तु उपाय
 1. उत्तर-पूर्व दिशा की सफाई करें
वास्तु शास्त्र में उत्तर-पूर्व दिशा को ईशान कोण कहा जाता है. इसे पूजा-पाठ के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है. धनतेरस से पहले इस दिशा की अच्छी तरह सफाई करें. यहां बेकार सामान, कबाड़ और टूटी-फूटी चीजें जमा न होने दें.

 2. मुख्य द्वार को सजाएं
घर का मुख्य द्वार सकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश का स्थान माना जाता है. धनतेरस से पहले दरवाजे की सफाई करें. यहां फूलों का तोरण लगाएं और सुंदर रंगोली बनाएं. जूते-चप्पलों को भी व्यवस्थित रखें.

 3. पूजा घर को व्यवस्थित करें
धनतेरस पर पूजा घर की सफाई जरूर करें. देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को साफ करें और पूजा की जरूरी सामग्री व्यवस्थित रखें. अगर आप नई मूर्ति या चांदी का सिक्का खरीदकर ला रहे हैं, तो उसे साफ जगह पर रखें.

 4. शाम के समय जलाएं दीपक
धनतेरस की शाम घर में दीपक जलाने की परंपरा है. कई परिवार इस दिन यम दीपदान भी करते हैं. दीपक को सुरक्षित स्थान पर रखें,  पर्दों या ज्वलनशील चीजों के पास न जलाएं.

 5. घर में जमा कबाड़ हटाएं
वास्तु मान्यताओं के अनुसार, घर में अनावश्यक सामान जमा नहीं करना चाहिए. धनतेरस से पहले अलमारी, बालकनी, रसोई और स्टोर रूम की सफाई करें. पुराने और बेकार सामान को हटाकर घर को व्यवस्थित बनाएं.

 धनतेरस पर किनचीजों को खरीदने से बचते हैं?
कुछ पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस पर कुछ चीजों की खरीदारी से परहेज किया जाता है. हालांकि, ये मान्यताएं अलग-अलग परिवारों और क्षेत्रों में अलग हो सकती हैं.

–  नुकीली चीजें:  कुछ लोग चाकू, कैंची और अन्य धारदार सामान खरीदने से बचते हैं.
–  लोहे का सामान:  पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन लोहे की वस्तुएं खरीदना कुछ लोग अशुभ मानते हैं.
–  काले रंग की चीजें:  कुछ परिवार धनतेरस पर काले रंग की वस्तुएं खरीदने से परहेज करते हैं.
–  बिना जरूरत की महंगी चीजें:  त्योहार के नाम पर अपनी आर्थिक क्षमता से ज्यादा खर्च करने से बचना चाहिए.

धनतेरस पर खरीदारी का महत्व केवल महंगी चीजें घर लाने में नहीं है. आप अपनी जरूरत और बजट के अनुसार छोटी-सी शुभ वस्तु खरीदकर भी इस परंपरा को निभा सकते हैं. घर की साफ-सफाई, पूजा और परिवार के साथ खुशियां बांटना भी इस त्योहार का अहम हिस्सा है.

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जशपुर में भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी की 4 मोबाइल मेडिकल यूनिट का किया शुभारंभ

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर प्रवास के दौरान विश्राम गृह परिसर में भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी की चार मोबाइल मेडिकल यूनिट का शुभारंभ किया। इन मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से जिले के दूरस्थ एवं ग्रामीण अंचलों में रहने वाले नागरिकों को उनके नजदीकी हाट-बाजारों में निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यह पहल विशेष रूप से उन क्षेत्रों के नागरिकों के लिए लाभकारी होगी, जहां स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश सरकार का संकल्प है कि बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। विशेष रूप से जनजातीय बहुल और दूरस्थ अंचलों में रहने वाले नागरिकों को सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में किसी भी व्यक्ति को उपचार से वंचित न रहना पड़े, इसके लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जशपुर जैसे भौगोलिक रूप से विस्तृत और वनांचल क्षेत्रों वाले जिले में मोबाइल मेडिकल यूनिट स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बनेंगी। हाट-बाजार ग्रामीण जीवन और स्थानीय अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। इन स्थानों पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होने से ग्रामीणों को अपने दैनिक कार्यों के साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने में आसानी होगी। इससे उपचार के लिए दूरस्थ स्वास्थ्य संस्थानों तक जाने में लगने वाले समय और खर्च में भी कमी आएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि मानव सेवा और जनकल्याण के क्षेत्र में रेडक्रॉस सोसायटी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। चार मोबाइल मेडिकल यूनिट की शुरुआत से जशपुर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा और विशेष रूप से जरूरतमंद एवं दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

उन्होंने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला हैं। राज्य सरकार स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करने के साथ ही ऐसी जनहितकारी पहलों को प्रोत्साहित कर रही है, जिनसे स्वास्थ्य सेवाएं सीधे नागरिकों तक पहुंच सकें।

इस अवसर पर रायगढ़ सांसद राधेश्याम राठिया, जशपुर विधायक रायमुनि भगत, पत्थलगांव विधायक गोमती साय, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, प्रबल प्रताप सिंह जूदेव,  सुनील गुप्ता, भरत सिंह, अमर सुल्तानिया, कृष्णा राय, सरगुजा संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा, सरगुजा पुलिस महानिरीक्षक दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने डिजिटल ट्रांसफॉर्मिंग वैन को दिखाई हरी झंडी, ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर प्रवास के दौरान विश्राम गृह परिसर में डिजिटल ट्रांसफॉर्मिंग वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। एनआईआईटी फाउंडेशन द्वारा इंडस टावर्स के सहयोग से संचालित यह पहल जिले के ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों में डिजिटल शिक्षा और कौशल विकास के अवसरों का विस्तार करेगी। इसके माध्यम से ग्रामीण बच्चों, युवाओं, महिलाओं एवं अन्य नागरिकों को आधुनिक डिजिटल तकनीक से जोड़कर उन्हें तकनीकी रूप से सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आज के दौर में डिजिटल साक्षरता केवल तकनीकी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसरों का आधार बन चुकी है। ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों तक आधुनिक तकनीक और डिजिटल शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऐसी पहल ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को डिजिटल दुनिया से जोड़ने के साथ उनके कौशल विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने डिजिटल ट्रांसफॉर्मिंग वैन का अवलोकन कर उसमें उपलब्ध आधुनिक डिजिटल सुविधाओं एवं प्रशिक्षण व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने वैन में स्थापित डिजिटल उपकरणों का उपयोग करते हुए ऑनलाइन कॉन्फ्रेंस कॉल में भी भाग लिया। मुख्यमंत्री ने एनआईआईटी फाउंडेशन और इंडस टावर्स के इस संयुक्त प्रयास की प्रशंसा करते हुए इसे ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में सराहनीय कदम बताया।

जशपुर के गांवों में एक महीने का मिलेगा निःशुल्क डिजिटल प्रशिक्षण

डिजिटल ट्रांसफॉर्मिंग वैन जशपुर विकासखंड के विभिन्न गांवों में पहुंचकर 12 से 60 वर्ष आयु वर्ग के नागरिकों को निःशुल्क डिजिटल शिक्षा एवं कौशल विकास का प्रशिक्षण प्रदान करेगी। इसके अंतर्गत एक महीने का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जाएगा, जिसमें डिजिटल साक्षरता, साइबर सुरक्षा और बेसिक आईटी जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल होंगे।

प्रशिक्षण के माध्यम से ग्रामीण नागरिकों को कंप्यूटर एवं डिजिटल उपकरणों के उपयोग, इंटरनेट की बुनियादी जानकारी तथा डिजिटल तकनीक के सुरक्षित एवं प्रभावी इस्तेमाल के संबंध में व्यावहारिक ज्ञान दिया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल जागरूकता बढ़ाने, तकनीकी कौशल विकसित करने और डिजिटल विभाजन को कम करने में सहायता मिलेगी।

ग्रामीण क्षेत्रों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की महत्वपूर्ण पहल

यह डिजिटल ट्रांसफॉर्मिंग वैन एक चलते-फिरते प्रशिक्षण केंद्र के रूप में कार्य करेगी, जिससे ग्रामीण नागरिकों को डिजिटल शिक्षा प्राप्त करने के लिए दूरस्थ शहरी केंद्रों तक जाने की आवश्यकता कम होगी। विशेष रूप से ग्रामीण बच्चों, युवाओं और महिलाओं को अपने आसपास ही आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

कार्यक्रम में जशपुर विधायक रायमुनि भगत, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, सुनील गुप्ता सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। इस अवसर पर एनआईआईटी फाउंडेशन के नेशनल हेड पूर्णेन्दु हुड्डा, प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर जितेंद्र राठौर, इंडस टावर्स के प्रतिनिधि रजनीश सहित एनआईआईटी फाउंडेशन की जशपुर टीम के सदस्य भी उपस्थित थे।