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Wednesday, November 4, 2026
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महादेव सट्टा मामले में पर सीएम साय का बड़ा बयान, सौरभ चंद्राकर से पूछताछ में कई नाम और सामने आने की उम्मीद

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज जशपुर में आयोजित लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ पदयात्रा में शामिल होंगे। रवाना होने से पहले कई मुद्दों पर सीएम ने बयान दिया। सौरभ चंद्राकर की पेशी पर सीएम साय ने कहा, महादेव ऑनलाइन सट्टा मामले के मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को विदेश से भारत लाया गया है। पूछताछ में कई लोगों के नाम सामने आएंगे।

अमित जोगी द्वारा सौरभ चंद्राकर को हीरो बताए जाने पर सीएम ने निशाना साधा। उन्होंने कहा, यह उनकी सोच का परिणाम है, जैसी उनकी सोच है उसी के अनुरूप वे अपनी क्वालिटी बता रहे हैं। लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ पदयात्रा को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर सीएम ने पलटवार करते हुए कहा, लोकतंत्र को सबसे बड़ा खतरा कांग्रेस और इंडी गठबंधन के लोगों से है।

सीएम साय ने कहा, अपने स्वार्थ के लिए कांग्रेस ने लोकतंत्र की हत्या की और देश में इमरजेंसी लगाई। गैर-कांग्रेसी नेताओं को जेल में डालने का काम किया। मीडिया की स्वतंत्रता को कुचलने का प्रयास किया। जनता द्वारा चुनी गई सरकारों को धारा 356 का दुरुपयोग कर बर्खास्त किया। लोकतंत्र की बात कांग्रेस करती है तो हास्यास्पद लगता है। कांग्रेस हारती है तो संवैधानिक संस्थाओं पर ठीकरा फोड़ती है और जीतती है तो इसे जनता की जीत बताती है। जनता को जागरूक करने के उद्देश्य से पदयात्रा का आयोजन किया जा रहा है।

सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी के बाद बैज ने उठाए सवाल, रवि उप्पल और शुभम सोनी को भारत कब लाएगी सरकार?

रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टा एप के प्रमुख सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने इस मामले में भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कई गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि महादेव सट्टा एप का मामला प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) तक जुड़ा हुआ है। सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी के बावजूद रवि उप्पल और शुभम सोनी अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर है। आखिर इनकी गिरफ्तारी कब होगी और इन्हें भारत व रायपुर कब लाया जाएगा?

प्रेसवार्ता के दौरान दीपक बैज ने आरोप लगाया कि भाजपा ने महादेव सट्टा एप के मामले को राजनीतिक लाभ लेने के लिए इस्तेमाल किया। शुभम सोनी के वीडियो और तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर लगाए गए आरोपों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान मंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक इस मुद्दे पर बयान देते रहे, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद सरकार की कार्रवाई ठप पड़ गई है।

कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुई थी कार्रवाई

दीपक बैज ने दावा किया कि महादेव ऑनलाइन सट्टा एप के खिलाफ कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ही कार्रवाई शुरू कर दी गई थी। उन्होंने कहा कि इस मामले में 72 से अधिक एफआईआर दर्ज की गई थी। एप को गूगल से हटाने की कार्रवाई भी कांग्रेस सरकार के दौरान की गई थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि रायपुर पुलिस की अर्जी पर रवि उप्पल के खिलाफ सर्कुलर जारी कराने की पहल तत्कालीन सरकार ने की थी।

तीन साल में सट्टा एप पर रोक लगाने क्या किया?

पीसीसी चीफ दीपक बैज ने भाजपा सरकार से सवाल किया कि पिछले तीन वर्षों में महादेव सट्टा एप को पूरी तरह बंद कराने के लिए क्या कदम उठाए गए? कितनी एफआईआर दर्ज की गईं और प्रधानमंत्री कार्यालय को कितनी बार पत्र लिखा गया? उन्होंने आरोप लगाया कि आज भी महादेव सट्टा एप सोशल मीडिया के जरिए संचालित हो रहा है। बैज ने महादेव एप के अलावा महाकाल बुक, जन्नत बुक, राजवीर ऑनलाइन, लोटस 365, अलीबाबा बुक, खेलों यार, लायल बुक और डायवर्ड एक्स डॉट कॉम जैसे ऑनलाइन सट्टा प्लेटफॉर्म का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के संरक्षण में जुआ और सट्टे का कारोबार फल-फूल रहा है और इन गतिविधियों से पैसा वसूला जा रहा है।

PMO तक जुड़े हैं महादेव एप के तार

दीपक बैज ने आरोप लगाया कि महादेव सट्टा एप का मामला प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) तक जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन सट्टा एप से संबंधित गतिविधियां केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के दायरे में भी आती हैं, इसके बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि रवि उप्पल और शुभम सोनी की गिरफ्तारी कब होगी? उन्हें भारत और रायपुर कब लाया जाएगा? बैज ने यह भी आरोप लगाया कि महादेव सट्टे से मिलने वाला पैसा भाजपा के एक विधायक के जरिए दिल्ली तक पहुंच रहा है। उन्होंने ललित मोदी और हिरव मोदी को वापस लाने को लेकर भी सरकार से सवाल किया।

सरकार पर सट्टेबाजी को संरक्षण देने का आरोप

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार महादेव सट्टा एप को रोकने के बजाय उसे बढ़ावा दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के संरक्षण में ऑनलाइन जुआ और सट्टे का कारोबार लगातार फैल रहा है। बैज ने कहा कि महादेव सट्टा एप के खिलाफ मौजूदा सरकार ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है और अब तक की कार्रवाई का आधार कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में दर्ज मामले ही हैं।

प्रदीप मिश्रा, PMO अधिकारी और विकास गर्ग को बैठाकर हो पूछताछ

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कथा वाचक प्रदीप मिश्रा, PMO के अधिकारियों और विकास गर्ग को एक साथ बैठाकर पूछताछ करने की मांग की है। उन्होंने सवाल उठाया कि जांच के दायरे में PMO के अधिकारियों को शामिल करने की मांग क्या भाजपा सरकार करेगी? प्रेसवार्ता में दीपक बैज से जब पूछा गया कि क्या कथा वाचक प्रदीप मिश्रा से भी पूछताछ होनी चाहिए तो उन्होंने कहा कि कांग्रेस चाहती है कि प्रदीप मिश्रा, PMO के अधिकारी और विकास गर्ग को एक साथ बैठाकर पूछताछ की जाए। साथ ही यह भी जांच होनी चाहिए कि भाजपा के किन नेताओं का इस मामले से कनेक्शन है और किनका आरोपियों को संरक्षण प्राप्त है।

‘दाल में कुछ काला तो है’

बैज ने आरोप लगाया कि मौजूदा मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस मामले को अलग दिशा दी जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच अभी बाकी है, लेकिन क्या सरकार PMO के अधिकारियों से भी पूछताछ की मांग करेगी? कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने अंत में कहा कि महादेव सट्टा एप मामले में कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं। उन्होंने आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि कहीं न कहीं दाल में कुछ काला जरूर है।

रायपुर में इस दिन बंद रहेंगे सभी सरकारी दफ्तर, स्थानीय अवकाश में हुआ बदलाव

 रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन ने राजधानी रायपुर और नवा रायपुर अटल नगर के लिए स्थानीय अवकाश की तारीख में बदलाव किया है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी नए आदेश के मुताबिक, अब 20 नवंबर 2026, शुक्रवार को देवउठनी एकादशी के अवसर पर स्थानीय अवकाश रहेगा। इस दिन रायपुर और नवा रायपुर के राज्य शासन के सभी सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे।

गोवर्धन पूजा की छुट्टी में बदलाव के बाद लिया गया फैसला

दरअसल, शासन की ओर से जारी पुराने आदेश में 9 नवंबर को गोवर्धन पूजा के लिए स्थानीय अवकाश घोषित किया गया था। इसके बाद 26 अक्टूबर को जारी नई अधिसूचना में गोवर्धन पूजा को सामान्य अवकाश घोषित कर दिया गया। ऐसे में इस दिन पहले से तय स्थानीय अवकाश की आवश्यकता नहीं रह गई थी।

इसी को ध्यान में रखते हुए सामान्य प्रशासन विभाग ने स्थानीय अवकाश में संशोधन करते हुए 9 नवंबर के स्थान पर 20 नवंबर को देवउठनी एकादशी का अवकाश घोषित किया है।

बैंक और कोषालय में जारी रहेगा कामकाज

शासन के आदेश के अनुसार, 20 नवंबर का स्थानीय अवकाश सभी संस्थानों पर लागू नहीं होगा। बैंक, कोषालय और उप कोषालय इस दिन सामान्य रूप से खुले रहेंगे। वित्तीय संस्थानों में भी कामकाज जारी रहेगा। यानी सरकारी कार्यालयों में छुट्टी रहेगी, लेकिन बैंकिंग और कोषालय से जुड़ी सेवाएं प्रभावित नहीं होंगी।

सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा लंबा वीकेंड

20 नवंबर को शुक्रवार होने के कारण पांच दिवसीय कार्य सप्ताह वाले सरकारी कर्मचारियों को लगातार तीन दिनों की छुट्टी का लाभ मिल सकता है। शुक्रवार के स्थानीय अवकाश के बाद शनिवार और रविवार को साप्ताहिक अवकाश रहेगा। इस तरह कर्मचारियों को तीन दिन का लंबा वीकेंड मिलेगा।

CG : गांव में सात दिन पहले मनाई जाती है दिवाली, 100 साल पुरानी मान्यता के पीछे छिपी है अनोखी कहानी..!

 धमतरी। देशभर में जहां कार्तिक अमावस्या को दीपावली का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है, वहीं छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के सेमरा गांव में दिवाली मनाने की परंपरा सबसे अलग है। यहां ग्रामीण अमावस्या के दिन नहीं, बल्कि एक सप्ताह पहले अष्टमी तिथि को दीपावली का त्योहार मनाते हैं। हैरानी की बात यह है कि इस परंपरा के पीछे करीब 100 साल पुरानी मान्यता और एक रहस्यमयी लोककथा जुड़ी हुई है।

सपने में ग्राम देवता ने दिया था आदेश

ग्रामीणों के अनुसार, करीब 100 साल पहले गांव के बैगा को ग्राम देवता ने सपने में दर्शन देकर सभी त्योहार निर्धारित तिथि से सात दिन पहले मनाने का आदेश दिया था। मान्यता है कि इस परंपरा का पालन नहीं करने पर गांव में कोई अनहोनी या विपदा आ सकती है। तभी से ग्रामीण पीढ़ी-दर-पीढ़ी इस परंपरा का निर्वहन करते आ रहे हैं।

गांव के बुजुर्गों द्वारा सुनाई जाने वाली कहानी के मुताबिक, पुराने समय में सेमरा गांव घने जंगलों के बीच बसा हुआ था। एक दिन गांव के दो दोस्त जंगल घूमने गए, जहां शेर ने उन पर हमला कर दिया। इस घटना में दोनों की मौत हो गई। ग्रामीण उनके शव गांव लेकर आए और अंतिम संस्कार किया। बताया जाता है कि इस घटना के कुछ दिनों बाद ही बैगा को ग्राम देवता ने सपने में दर्शन दिए और त्योहार सात दिन पहले मनाने का निर्देश दिया।

दिवाली ही नहीं, सभी त्योहार सात दिन पहले

सेमरा गांव में केवल दीपावली ही नहीं, बल्कि धनतेरस से लेकर गोवर्धन पूजा तक पांचों दिन के सभी रीति-रिवाज एक सप्ताह पहले ही पूरे कर लिए जाते हैं। ग्रामीण पारंपरिक तरीके से पूजा-पाठ, दीप प्रज्वलन और उत्सव मनाते हैं। इस दौरान गांव में मेले जैसा माहौल रहता है। ससुराल गई बेटियां भी मायके लौटकर परिवार के साथ दीपावली का पर्व मनाती हैं।

अमावस्या के दिन सामान्य रहता है गांव का माहौल

इस परंपरा की सबसे अनोखी बात यह है कि जब देशभर में दीपावली की रोशनी और आतिशबाजी से उत्सव मनाया जाता है, तब सेमरा गांव में सामान्य दिनों जैसा माहौल रहता है। यहां न तो विशेष दीपावली पूजन होता है और न ही कोई बड़ा जश्न मनाया जाता है। आसपास के गांवों से लोग इस अनोखी परंपरा को देखने के लिए सेमरा पहुंचते हैं।

भले ही आधुनिक दौर में इस मान्यता को कुछ लोग अंधविश्वास मानें, लेकिन सेमरा के ग्रामीणों के लिए यह उनकी आस्था, परंपरा और पूर्वजों की विरासत का हिस्सा है। गांव के युवा भी इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। यही वजह है कि करीब एक सदी पुरानी यह अनूठी परंपरा आज भी कायम है।

भूपेश बघेल को सुप्रीम कोर्ट से झटका, चुनाव याचिका पर हाईकोर्ट में 5 नवंबर को सुनवाई

बिलासपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ दायर चुनाव याचिका के मामले में मंगलवार को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। आज भाजपा सांसद विजय बघेल की गवाही होनी थी, लेकिन सुनवाई के दौरान भूपेश बघेल की ओर से उनके अधिवक्ता ने आवेदन पेश कर अगली तारीख देने की मांग की।

भूपेश बघेल के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित होने का हवाला देते हुए सुनवाई आगे बढ़ाने का आग्रह किया। इसके बाद हाईकोर्ट में विजय बघेल के बयान के लिए अब 5 नवंबर की तारीख तय की गई। हाईकोर्ट में सुनवाई के बीच ही सुप्रीम कोर्ट से भूपेश बघेल को झटका लगा। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी एसएलपी (विशेष अनुमति याचिका) खारिज कर दी।

शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें चुनाव याचिका की सुनवाई के दौरान प्रारंभिक मुद्दे तय करने से इनकार किया गया था। यह मामला वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में पाटन सीट से भूपेश बघेल के निर्वाचन को विजय बघेल द्वारा दी गई चुनौती से जुड़ा है। अब सभी की नजरें 5 नवंबर को होने वाली हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं, जहां विजय बघेल का बयान दर्ज होना है।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने मंगलवार को चुनाव याचिका की सुनवाई में देरी करने के प्रयासों पर नाराजगी जताई। पीठ ने कहा कि चुनाव याचिकाओं का निपटारा उचित समयसीमा के भीतर होना चाहिए। न्यायमूर्ति मोहना ने पूर्व मुख्यमंत्री की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और विवेक तन्खा से कहा कि मुकदमे को आगे बढ़ने दीजिए। आप जितना संभव हो सके, उतनी देरी कर रहे हैं। फैसला आएगा।

जानिए क्या है पूरा मामला

दरअसल, विजय बघेल ने 2023 के पाटन विधानसभा चुनाव को लेकर भूपेश बघेल के खिलाफ छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर की थी। विजय बघेल ने आरोप लगाया कि भूपेश बघेल ने मतदान से पहले लागू 48 घंटे की प्रचार-निषेध अवधि के दौरान निर्वाचन क्षेत्र में रैली निकाली और उन्होंने उनका चुनाव रद्द करने का अनुरोध किया। इस याचिका को लेकर भूपेश बघेल की ओर से आपत्ति लगाई गई थी। इसमें तर्क दिया गया था कि चुनाव याचिका निर्धारित समय-सीमा के बाद दायर की गई है। इस आवेदन पर हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान विजय बघेल की गवाही की प्रक्रिया भी प्रभावित हुई थी। हाईकोर्ट के आदेश के बाद भूपेश बघेल की ओर से इस मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया गया था। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद अब मामला हाईकोर्ट में चल रहा है।

घरौंदा सेंटर में बच्चों की मौत पर हाईकोर्ट गंभीर, 11 कोर्ट कमिश्नर करेंगे सेंटर्स का निरीक्षण

बिलासपुर। रायपुर के घरौंदा सेंटर में 8 बच्चों की मौत और 5 बच्चों के गायब होने को हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया है। इसे अमानवीय बताते हुए हाईकोर्ट ने सभी कोर्ट कमिश्नरों को जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने कहा है।

इससे पहले वित्त और समाज कल्याण विभाग के सचिव और मुख्य सचिव ने शपथपत्र प्रस्तुत कर घरौंदा सेंटर्स के बच्चों के बारे में जानकारी दी। इसमें बताया गया कि तीन साल में शासन ने 9 करोड़ रुपए बच्चों पर खर्च किए हैं। हाईकोर्ट ने मामले में 11 कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किए हैं। इनमें एडवोकेट विवेक श्रीवास्तव, अपूर्व त्रिपाठी, संघर्ष पाण्डेय, शिवाली दुबे और ईश्वर जायसवाल शामिल हैं। इन सभी को शासन और केंद्र की योजनाओं के तहत संचालित सेंटर्स का निरीक्षण कर वस्तुस्थिति की रिपोर्ट पेश करने कहा गया है।

रायपुर की संस्था कोपलवाणी ने कोर्ट में एक जनहित याचिका लगाई है। पिछले कुछ सालों में एनजीओ की मदद से बच्चों के लिए चलाई जा रही संस्था घरौंदा में बच्चों की भूखमरी से मौत के मामले में कोर्ट ने शासन से जवाब तलब किया था। मामले में संस्था ने पहले राज्य के बड़े प्रशासनिक अफसरों से लिखित शिकायत की थी।

नगरीय निकाय चुनाव के लिए भाजपा ने बनाई प्रदेश चुनाव टोली, चुनाव प्रभारी और सहप्रभारियों की नियुक्ति भी की, देखें लिस्ट…

रायपुर। छत्तीसगढ़ में आगामी नगरीय निकाय चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने नगरीय निकाय चुनाव के मद्देनजर प्रदेश चुनाव टोली का गठन करते हुए वरिष्ठ नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी हैं। जारी नियुक्ति आदेश के अनुसार, सांसद संतोष पांडेय को प्रदेश मुख्य प्रवक्ता की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं नगरीय निकायों के लिए चुनाव प्रभारी और सहप्रभारियों की नियुक्ति की घोषणा भी की गई है।

देखें लिस्ट –

अमित जोगी के वीडियो पर बवाल, भाजपा ने FIR के लिए पुलिस को दिया 24 घंटे का अल्टीमेटम

रायपुर। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी के खिलाफ भाजपा ने मोर्चा खोल दिया है। सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट करने के मामले में भाजपा नेताओं ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत के नेतृत्व में बड़ी संख्या में भाजपा नेता और कार्यकर्ता सिविल लाइन थाने पहुंचे और पुलिस को शिकायत सौंपकर वीडियो बनाने तथा उसे सोशल मीडिया पर साझा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

इस दौरान विधायक राजेश मूणत ने कहा कि अमित जोगी ने देश के प्रधानमंत्री और चुनाव आयोग के प्रमुख ज्ञानेश कुमार को लेकर जिस प्रकार का वीडियो निर्माण कर सोशल मीडिया पर साझा किया है और वीडियो में जिस प्रकार की भूमिका अदा की गई है, वह निंदनीय है। उन्होंने कहा कि राजनीति में सिद्धांतों और विचारों की लड़ाई होती है और अपनी बात रखने का एक तरीका होता है, लेकिन चरित्र हत्या करते हुए बेडरूम के दृश्य दिखाना उचित नहीं है।

इस वीडियो की पटकथा लिखने वाले और इसे बनाने वाले सभी लोगों के खिलाफ हमने शिकायत की है। साथ ही उन्होंने पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है कि मामले में उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, जो इस कूटरचना के रचयिता हैं। ऐसा नहीं होने पर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता दोबारा थाने पहुंचेंगे।

राहुल गांधी जनता का विश्वास खो चुके हैं, डिबेट से बढ़ाना चाहते हैं राजनीतिक कद: मंत्री ओपी चौधरी

रायपुर। राहुल गांधी के डिबेट चैलेंज और SIR पर अमित शाह के लोकसभा का विशेष सत्र बुलाने के बयान पर मंत्री ओपी चौधरी का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि जनता राहुल गांधी को नकार चुकी है और उन्हें 100 से अधिक बार पराजय का स्वाद चखा चुकी है. राहुल गांधी अपनी राजनीतिक हाइट बढ़ाने के लिए डिबेट की बात कर रहे हैं.

ओपी चौधरी ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने उन्हें जॉइंट पार्लियामेंट या विशेष सत्र में चर्चा का प्रस्ताव दिया है. लेकिन वह सत्र से दूर भागेंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अपनी पॉलिटिकल हाइट बढ़ाने के लिए चिल्ला रहे हैं.

5 लाख पीपल के पेड़ लगाने का लक्ष्य

मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि ‘पीपल सिटी’ के रूप में विकसित करने की तैयारी है. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मंगलवार को ‘विकसित भारत संकल्प पीपल वन’ का लोकार्पण किया था. उन्होंने 5 लाख पीपल के पेड़ लगाने का लक्ष्य तय किया है. उन्होंने बताया कि पहले एक लाख पीपल के पेड़ लगाने का लक्ष्य था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 5 लाख कर दिया गया है. 

वंदे मातरम अधूरे गायन पर नोटिस जारी

रायगढ़ में एक कॉलेज में वंदे मातरम का पूरा गायन नहीं होने के मामले में नोटिस जारी किए जाने पर भी वित्त मंत्री ने बयान दिया. उन्होंने कहा कि कॉलेज में वंदे मातरम का अधूरा गायन हुआ था, जिसके बाद गायन पूरा किया गया. इस मामले में कलेक्टर ने प्रशासनिक सख्ती बढ़ाते हुए नोटिस जारी किया है. उन्होंने लोगों से वंदे मातरम एक्ट का पालन करते हुए व्यवहार करने की अपील की.

नक्सलवाद खत्म होने के बाद बस्तर में विकास की नई संभावनाएं : मंत्री ओपी चौधरी

बस्तर के विकास को लेकर ओपी चौधरी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ को राज्य बनाकर बड़ी सौगात दी थी. इसके लिए छत्तीसगढ़वासी उनके आभारी हैं. उन्होंने कहा कि नक्सलवाद समाप्त होने के बाद बस्तर में विकास की नई संभावनाएं उभरकर सामने आई हैं. आने वाले समय में बस्तर पर्यटन के क्षेत्र में विकसित होगा और छत्तीसगढ़ के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. वहीं कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ के हित में राज्य निर्माण का फैसला नहीं लिया.

शादी का प्रलोभन देकर युवती से दुष्कर्म करने वाला आरोपी गिरफ्तार

अंतागढ़ (कांकेर)। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के अंतागढ़ थाना क्षेत्र में शादी का झांसा देकर युवती के साथ शारीरिक संबंध बनाने के आरोप में पुलिस ने 23 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए फरार आरोपी को 24 घंटे से भी कम समय में पकड़ लिया। न्यायालय में पेश किए जाने के बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

शादी का प्रलोभन देकर संबंध बनाने का आरोप

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, अंतागढ़ क्षेत्र की एक युवती ने शिकायत दर्ज कराई कि साहिल बघेल (23), निवासी हिंदुबिनापाल (कदमपारा) ने उसे शादी का प्रलोभन दिया और उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। युवती के मुताबिक, जब उसने आरोपी पर शादी को लेकर दबाव बनाया, तो वह उससे दूरी बनाने लगा। शिकायत दर्ज होने की जानकारी मिलने के बाद आरोपी फरार हो गया था।

‘मोर-मितान’ अभियान के तहत कार्रवाई

कांकेर पुलिस के विशेष अभियान ‘मोर-मितान’ के तहत बीट आरक्षक को आरोपी के संबंध में महत्वपूर्ण सूचना मिली। इसके आधार पर अंतागढ़ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए फरार आरोपी को 24 घंटे से भी कम समय में गिरफ्तार कर लिया।

बीएनएस की धारा 69 के तहत मामला दर्ज

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना अंतागढ़ में अपराध क्रमांक 68/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 के तहत कार्रवाई की है। पूछताछ और आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।