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Wednesday, November 4, 2026
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राज्योत्सव के मंच से अमित शाह का कांग्रेस पर हमला, SIR पर संसद में बहस की चुनौती, राहुल गांधी को भी घेरा

 रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के समापन समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। नवा रायपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्ष को खुली चुनौती दी। शाह ने कहा कि केंद्र सरकार इस मुद्दे पर संसद में चर्चा कराने के लिए तैयार है। यदि आवश्यकता पड़ी तो विशेष संसदीय सत्र बुलाने पर भी विचार किया जा सकता है। अपने संबोधन में उन्होंने कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति, कथित नकली संसद और नक्सलवाद के मुद्दे पर भी विपक्ष को घेरा।

SIR पर चर्चा के लिए विशेष सत्र बुलाने की पेशकश

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार संसद में हर महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा करने के लिए तैयार है। विपक्ष को यदि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर कोई आपत्ति है, तो उसे संसद के भीतर अपने सवाल और तर्क रखने चाहिए।उन्होंने राहुल गांधी सहित विपक्षी नेताओं से संसद की कार्यवाही सुचारु रूप से चलने देने की अपील की। शाह ने कहा कि लोकतंत्र से जुड़े विषयों पर चर्चा के लिए संसद से बेहतर कोई मंच नहीं हो सकता। सरकार इस मुद्दे पर बहस से पीछे नहीं हटेगी और जरूरत पड़ने पर विशेष सत्र बुलाने के लिए भी तैयार है।कांग्रेस नेताओं द्वारा संविधान की प्रति लेकर किए जाने वाले प्रदर्शनों पर भी गृह मंत्री ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि संविधान के प्रति सम्मान केवल उसकी प्रति हाथ में लेकर दिखाने से साबित नहीं होता, बल्कि राजनीतिक व्यवहार में भी संवैधानिक मूल्यों का पालन होना चाहिए।

राहुल गांधी की कथित नकली संसद पर उठाए सवाल

केंद्रीय गृह मंत्री ने कांग्रेस की ओर से आयोजित मॉक पार्लियामेंट को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद के बाहर अलग से संसद जैसा आयोजन करना देश की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था की गरिमा के अनुरूप नहीं है।शाह ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि एक तरफ संसद की कार्यवाही बाधित की जाती है और दूसरी तरफ बाहर अलग मंच तैयार करके बहस का दिखावा किया जाता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को वास्तविक संसदीय चर्चा में हिस्सा लेना चाहिए।हालांकि, ये आरोप अमित शाह ने अपने राजनीतिक संबोधन के दौरान लगाए। इस कार्यक्रम के संदर्भ में राहुल गांधी या कांग्रेस की ओर से इन टिप्पणियों पर कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध जानकारी में सामने नहीं आई है।

नक्सलवाद को लेकर कांग्रेस की भूमिका पर उठाए सवाल

राज्योत्सव समारोह में अमित शाह ने नक्सलवाद के मुद्दे पर भी कांग्रेस को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कुछ नेताओं ने माओवादियों की कथित समानांतर व्यवस्था ‘जनताना सरकार’ का समर्थन किया था।शाह के मुताबिक, माओवादी संगठनों ने संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था से अलग अपनी प्रशासनिक संरचना तैयार कर रखी थी। इसमें मुख्यमंत्री, गृह मंत्री और वित्त मंत्री जैसे पद भी बनाए गए थे। उन्होंने पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम के वर्ष 2010 के एक कथित बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए पर्याप्त राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं दिखाई गई।

नक्सलवाद के खात्मे को लेकर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं

अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2023 में छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार बनने के बाद नक्सलवाद के खात्मे का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। उन्होंने दावा किया कि केंद्र और राज्य सरकार की रणनीति तथा सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई से इस दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली है।उन्होंने बताया कि माओवादी संगठनों से जुड़े लोगों को हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का अवसर दिया गया। शाह ने दावा किया कि करीब 90 प्रतिशत माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया, जबकि शेष 10 प्रतिशत सुरक्षा बलों की कार्रवाई में मारे गए।इस अभियान में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, छत्तीसगढ़ पुलिस और स्थानीय नागरिकों के योगदान की भी उन्होंने सराहना की। गृह मंत्री ने कहा कि नक्सली हिंसा के कारण बस्तर और आसपास के इलाकों में लंबे समय तक विकास प्रभावित रहा।

आदिवासी परिवारों की पीड़ा का किया जिक्र

अपने संबोधन में शाह ने नक्सली हिंसा से प्रभावित आदिवासी परिवारों की समस्याओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने मानवाधिकारों के नाम पर नक्सलवाद का समर्थन करने वालों पर सवाल उठाते हुए कहा कि हिंसा का शिकार हुए गरीब आदिवासियों के जीवन और अधिकारों की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।उन्होंने कहा कि बस्तर के लोगों ने लंबे समय तक हिंसा और असुरक्षा का सामना किया है। अब शांति स्थापित होने के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार जैसी सुविधाओं को तेजी से आगे बढ़ाने की जरूरत है।

बस्तर को पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने का लक्ष्य

अमित शाह ने छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक संपदा और सांस्कृतिक विरासत को प्रदेश की बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद का प्रभाव कम होने से बस्तर सहित प्रभावित क्षेत्रों में पर्यटन और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।उन्होंने बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय परंपराओं और ऐतिहासिक विरासत का उल्लेख करते हुए छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख पर्यटन राज्यों में शामिल करने का लक्ष्य रखा।शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज और प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है। आने वाले दस वर्षों में यहां के नागरिकों की आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश को संसाधनों की संपन्नता से जनसामान्य की आर्थिक समृद्धि तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

राज्योत्सव के मंच से राष्ट्रीय और प्रदेश की राजनीति पर साधा निशाना

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के समापन समारोह में अमित शाह का संबोधन कई राजनीतिक और विकास से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित रहा। उन्होंने जहां SIR के बहाने कांग्रेस और राहुल गांधी को संसद में चर्चा की चुनौती दी, वहीं नक्सलवाद के मुद्दे पर पिछली सरकारों की नीतियों पर सवाल उठाए।इसके साथ ही उन्होंने बस्तर के विकास, पर्यटन विस्तार और आदिवासी समाज की आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने को लेकर केंद्र सरकार का दृष्टिकोण भी सामने रखा। उनका पूरा संबोधन राष्ट्रीय राजनीति से लेकर छत्तीसगढ़ के भविष्य की विकास योजनाओं तक केंद्रित रहा।

खड़गे की टिप्पणी पर विजय शर्मा का अनोखा अंदाज, काली हुडी पहनकर दिया सियासी जवाब, Gen-Z स्टाइल में लिखा ‘Modi Kahin Nahi Jayega Broooo!’

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने राजनीतिक बयानबाजी के बीच सोशल मीडिया पर एक अलग अंदाज में अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई टिप्पणी के बाद विजय शर्मा ने काले रंग की हुडी पहनकर अपनी तस्वीर साझा की। इस हुडी पर बड़े अक्षरों में ‘Modi Kahin Nahi Jayega Broooo!’ लिखा हुआ है। उनके इस अंदाज को खड़गे की टिप्पणी के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है। खास बात यह है कि उन्होंने अपनी बात रखने के लिए पारंपरिक राजनीतिक बयान के बजाय युवाओं के बीच लोकप्रिय Gen-Z शैली का सहारा लिया।

सोशल मीडिया पोस्ट में दोहराया खास संदेश

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने 3 नवंबर 2026 को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर यह तस्वीर पोस्ट की। इसके साथ उन्होंने लिखा, ‘मोदी कहीं नहीं जाएगा, Broooo!’। पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन का संदेश दिया गया है।तस्वीर में काली हुडी पर अंग्रेजी में लिखा वाक्य खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। हिंदी और अंग्रेजी के इस मिश्रित अंदाज ने पोस्ट को युवाओं की बोलचाल वाली भाषा से जोड़ दिया है। सोशल मीडिया पर भी उनके इस नए अंदाज को लेकर चर्चा हो रही है।

पटना में खड़गे की टिप्पणी के बाद शुरू हुआ था विवाद

दरअसल, इस पूरे मामले की शुरुआत 25 अक्टूबर 2026 को बिहार की राजधानी पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हुई थी। बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की जयंती पर आयोजित समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे संबोधित कर रहे थे।इसी दौरान सभा में मौजूद एक व्यक्ति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में नारा लगाते हुए कहा कि मोदी कहीं नहीं जाएंगे। इस पर खड़गे ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा था, ‘मोदी का बाप भी जाएगा।’ इस बयान का वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद गहरा गया।भाजपा नेताओं ने खड़गे की भाषा पर आपत्ति जताते हुए इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके परिवार के प्रति अनुचित टिप्पणी बताया था। इसके बाद दोनों राजनीतिक दलों के नेताओं के बीच बयानबाजी शुरू हो गई।

हुडी के जरिए विजय शर्मा ने रखी अपनी बात

इस विवाद के बीच विजय शर्मा ने किसी सार्वजनिक भाषण या विस्तृत बयान के बजाय कपड़ों पर लिखे संदेश के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया दी। उनकी हुडी पर लिखा वाक्य पटना के कार्यक्रम में लगाए गए नारे से मिलता-जुलता है।हालांकि, उप मुख्यमंत्री ने अपनी पोस्ट में सीधे तौर पर मल्लिकार्जुन खड़गे का नाम नहीं लिया, लेकिन संदेश और पोस्ट साझा करने के समय को देखते हुए इसे उनके बयान से जोड़कर देखा जा रहा है।

छत्तीसगढ़ की राजनीति में भी चर्चा तेज

खड़गे की टिप्पणी को लेकर पहले से ही भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर जारी था। अब विजय शर्मा की तस्वीर सामने आने के बाद यह मुद्दा छत्तीसगढ़ की राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया है।राजनीतिक संदेश को Gen-Z अंदाज में पेश करने की उनकी यह कोशिश सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रही है। काली हुडी पर लिखा ‘Modi Kahin Nahi Jayega Broooo!’ अब इस पूरे घटनाक्रम की सबसे चर्चित बात बन गया है।

अमित शाह से मिले विधायक पुरन्दर मिश्रा, गुजराती समाज ने पारंपरिक गमछा पहनाकर किया आत्मीय स्वागत

 रायपुर। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान रायपुर उत्तर के विधायक पुरन्दर मिश्रा के नेतृत्व में गुजराती समाज के प्रतिनिधिमंडल ने उनसे मुलाकात की। इस दौरान समाज के पदाधिकारियों और गणमान्य नागरिकों ने केंद्रीय मंत्री का अभिनंदन किया। विधायक पुरन्दर मिश्रा ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक परंपरा के अनुसार अमित शाह को गमछा पहनाकर उनका स्वागत किया। मुलाकात के दौरान नक्सलवाद के खिलाफ केंद्र सरकार की कार्रवाई और छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त बनाने के अभियान को लेकर प्रतिनिधिमंडल ने अपनी शुभकामनाएं व्यक्त कीं।

नक्सलवाद के खिलाफ अभियान की सराहना

प्रतिनिधिमंडल ने देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत बनाने, राष्ट्रीय एकता बनाए रखने और विकास कार्यों को गति देने के लिए केंद्र सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की। खासतौर पर नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करने के प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया।विधायक पुरन्दर मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवाद जैसी पुरानी चुनौती से निपटने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं। उन्होंने 31 मार्च 2026 तक नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ का लक्ष्य हासिल किए जाने संबंधी केंद्र सरकार की घोषणा को प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

दूरस्थ इलाकों में विकास को मिल रही नई गति

पुरन्दर मिश्रा ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित करने के साथ विकास का दायरा बढ़ाना भी सरकार की प्राथमिकता है। इन क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और अन्य जरूरी सुविधाओं को मजबूत करने पर काम किया जा रहा है। इससे लंबे समय से विकास की मुख्यधारा से दूर रहे इलाकों में नए अवसर पैदा हो रहे हैं।उन्होंने सुरक्षा बलों के जवानों के साहस और कठिन परिस्थितियों में उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि सुरक्षित वातावरण तैयार होने से स्थानीय लोगों तक सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों का लाभ पहुंचाना आसान हो रहा है।

गुजराती समाज के इन पदाधिकारियों ने की मुलाकात

अमित शाह से हुई इस मुलाकात में गुजराती समाज के कई पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक शामिल हुए। प्रतिनिधिमंडल में विश्राम भाई छाभैया, वेलजी भाई रुडाणी, जयंती भाई छाभैया, लीलाधर भाई भगत, हरमुख भाई पटेल, देवजीभाई पटेल, जयंती पटेल, सूर्यकान्त भाई पदमाणी, दलपत भाई हलपाणी, चन्दू भाई नाकराणी, हिम्मत भाई छाभैया, तिलक भाई छाभैया, मुकेश पदमाणी, अम्बालाल धोनू, दिनेश भाई कनानी, ईश्वर भाई रुडाणी और प्रीतेश गांधी मौजूद रहे।

विकसित छत्तीसगढ़ के लिए जताया भरोसा

मुलाकात के समापन पर समाज के प्रतिनिधियों ने केंद्रीय गृह मंत्री के प्रति आभार जताया। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने, नक्सलवाद के उन्मूलन और विकसित भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दीं।विधायक पुरन्दर मिश्रा ने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ में शांति, विकास और आर्थिक समृद्धि को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक विकास का लाभ पहुंचने से स्थानीय नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा।

अमित जोगी के खिलाफ रायपुर में FIR दर्ज, PM मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े विवादित वीडियो पर बढ़ा कानूनी विवाद

 रायपुर। छत्तीसगढ़ की सियासत में एक बार फिर राजनीतिक बयानबाजी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत अजीत जोगी के बेटे और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के नेता अमित जोगी के खिलाफ रायपुर के सिविल लाइंस थाने में FIR दर्ज की गई है। मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े एक विवादित सोशल मीडिया वीडियो को लेकर है। भाजपा नेताओं की शिकायत के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की है। हालांकि, विवाद सामने आने पर अमित जोगी ने संबंधित वीडियो को अपने सोशल मीडिया अकाउंट से हटा दिया था और सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी थी।

‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर साझा किया था वीडियो

मिली जानकारी के अनुसार, अमित जोगी ने कथित वोट चोरी के मुद्दे पर राजनीतिक व्यंग्य करते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था। इस वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से संबंधित प्रतीकात्मक किरदार दिखाए गए थे। वीडियो की प्रस्तुति और उसमें इस्तेमाल की गई सामग्री को लेकर भाजपा नेताओं ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई।मामले ने तूल पकड़ा तो सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर प्रतिक्रियाएं आने लगीं। इसके बाद अमित जोगी ने विवादित पोस्ट हटा दी। उन्होंने एक अन्य पोस्ट के जरिए अपनी गलती स्वीकार करते हुए सार्वजनिक तौर पर खेद जताया। अपने स्पष्टीकरण में उन्होंने माना कि राजनीतिक विचार व्यक्त करने के लिए अपनाया गया तरीका उचित नहीं था। साथ ही उन्होंने वीडियो से आहत लोगों से क्षमा भी मांगी।

राजेश मूणत के नेतृत्व में भाजपा नेताओं ने थाने में दी शिकायत

वीडियो के खिलाफ भाजपा ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की। रायपुर पश्चिम के विधायक राजेश मूणत के नेतृत्व में पार्टी के नेता और कार्यकर्ता सिविल लाइंस थाने पहुंचे। यहां उन्होंने पुलिस अधिकारियों को लिखित शिकायत सौंपते हुए अमित जोगी के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की।इस दौरान राजेश मूणत ने वीडियो की विषयवस्तु और प्रस्तुति पर सवाल उठाए। भाजपा नेताओं का कहना था कि राजनीतिक दलों के बीच नीतियों और विचारधारा को लेकर मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन विरोध दर्ज कराने के लिए मर्यादित भाषा और तरीके का इस्तेमाल होना चाहिए।भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस से वीडियो तैयार करने और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच करने की मांग की थी।

BNS की इन धाराओं और IT एक्ट के तहत दर्ज हुआ मामला

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमित जोगी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196, 352, 353(2) और 356(2) के साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 67 के तहत FIR दर्ज की गई है।प्रकाशित जानकारी के अनुसार, यह शिकायत भाजपा के रायपुर जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर की ओर से की गई थी। हालांकि, FIR की आधिकारिक प्रति के आधार पर शिकायत और दर्ज धाराओं की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

भाजपा नेताओं ने सोशल मीडिया पर भी जताई नाराजगी

विवादित वीडियो को लेकर भाजपा के कई नेताओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया दी थी। छत्तीसगढ़ राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष गौरीशंकर श्रीवास ने भी अमित जोगी की पोस्ट पर आपत्ति जताते हुए उनकी आलोचना की थी।भाजपा नेताओं का आरोप है कि राजनीतिक आलोचना के नाम पर संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों को लेकर इस तरह की सामग्री साझा करना उचित नहीं है। वहीं, अमित जोगी ने विवाद बढ़ने के बाद वीडियो हटाकर अपने तरीके पर खेद प्रकट किया था।

FIR के बाद अब पुलिस जांच पर टिकी नजर

अमित जोगी के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद अब मामले में पुलिस की जांच महत्वपूर्ण होगी। जांच के दौरान विवादित वीडियो की सामग्री, उसे तैयार करने की प्रक्रिया और सोशल मीडिया पर उसके प्रसार से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जा सकती है।फिलहाल, इस मामले में गिरफ्तारी या अदालत की ओर से किसी नई कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है। वीडियो हटाने और सार्वजनिक माफी के बावजूद FIR दर्ज होने से छत्तीसगढ़ की राजनीति में इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और अमित जोगी की ओर से आगे क्या कानूनी कदम उठाए जाते हैं।

जशपुर दौरे पर रहेंगे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, राजनीतिक सभा से लेकर करम पूजा महोत्सव तक कई कार्यक्रमों में होंगे शामिल

 रायपुर/जशपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज बुधवार, 4 नवंबर 2026 को जशपुर जिले के प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान उनका कार्यक्रम राजनीतिक गतिविधियों, विकास कार्यों के लोकार्पण, सड़क सुरक्षा से जुड़ी पहल और जनजातीय संस्कृति के आयोजन में सहभागिता से जुड़ा रहेगा। मुख्यमंत्री जशपुर नगर के रणजीता स्टेडियम में आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ सभा और पदयात्रा में शामिल होंगे। इसके बाद सामुदायिक भवन में लोकार्पण कार्यक्रम के साथ हेलमेट बैंक का उद्घाटन करेंगे। दौरे का समापन फरसाबहार विकासखंड के ग्राम बनगांव में आयोजित आंचलिक करम पूजा महोत्सव 2026 में उनकी उपस्थिति के साथ होगा।

सुबह 10:45 बजे रायपुर से जशपुर के लिए रवाना होंगे सीएम

मुख्यमंत्री के निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक, विष्णुदेव साय सुबह 10:45 बजे रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास, सिविल लाइन से प्रस्थान करेंगे। सुबह 11:15 बजे वे पुलिस ग्राउंड हेलीपेड पहुंचेंगे। यहां से हेलीकॉप्टर के जरिए जशपुर के लिए रवाना होंगे।दोपहर 12:35 बजे मुख्यमंत्री का जशपुर पुलिस लाइन हेलीपेड पहुंचने का कार्यक्रम है। यहां से वे सड़क मार्ग से रणजीता स्टेडियम जाएंगे। दोपहर 12:50 बजे उनके कार्यक्रम स्थल पहुंचने का समय निर्धारित किया गया है।

रणजीता स्टेडियम में सभा और पदयात्रा में लेंगे हिस्सा

जशपुर नगर के रणजीता स्टेडियम में दोपहर 12:50 बजे से 1:50 बजे तक ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ सभा एवं पदयात्रा आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम में शामिल होकर अपनी सहभागिता निभाएंगे। इसे उनके दौरे का प्रमुख राजनीतिक आयोजन माना जा रहा है।भारतीय जनता पार्टी की ओर से इस आयोजन को लेकर तैयारियां की गई हैं। कार्यक्रम के जरिए लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनजागरूकता से जुड़े मुद्दों को जनता के बीच उठाया जाएगा। सभा समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री दोपहर 1:50 बजे स्टेडियम से रवाना होकर 1:55 बजे जशपुर सर्किट हाउस पहुंचेंगे। यहां कुछ समय उनके लिए आरक्षित रहेगा।

सामुदायिक भवन में लोकार्पण, हेलमेट बैंक की भी होगी शुरुआत

मुख्यमंत्री दोपहर 2:25 बजे सर्किट हाउस से निकलकर 2:30 बजे पंडित रामचंद्र पौराणिक सामुदायिक भवन पहुंचेंगे। यहां वे निर्धारित लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद दोपहर 2:50 बजे हेलमेट बैंक का शुभारंभ करेंगे।इस पहल का उद्देश्य लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना और सड़क दुर्घटनाओं से बचाव के लिए हेलमेट के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करना है। कार्यक्रम पूरा होने के बाद मुख्यमंत्री जशपुर पुलिस लाइन हेलीपेड के लिए रवाना होंगे। दोपहर 3:10 बजे यहां से हेलीकॉप्टर के जरिए अगले पड़ाव के लिए प्रस्थान करेंगे।

बनगांव में आंचलिक करम पूजा महोत्सव में होगी सहभागिता

जशपुर के कार्यक्रमों के बाद मुख्यमंत्री फरसाबहार विकासखंड के ग्राम बनगांव पहुंचेंगे। दोपहर 3:30 बजे उनका बनगांव हेलीपेड पर आगमन निर्धारित है। यहां से वे कार के जरिए महोत्सव स्थल जाएंगे और दोपहर 3:35 बजे आंचलिक करम पूजा महोत्सव 2026 में शामिल होंगे।करम पूजा जनजातीय समाज की आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ा प्रमुख पर्व है। यह उत्सव प्रकृति के प्रति सम्मान, सामुदायिक एकजुटता और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना का प्रतीक माना जाता है। मुख्यमंत्री की मौजूदगी से इस क्षेत्रीय सांस्कृतिक आयोजन को विशेष महत्व मिलेगा।

शाम 5:20 बजे बगिया स्थित निजी निवास पहुंचेंगे सीएम

मुख्यमंत्री शाम 5 बजे बनगांव से रवाना होंगे। इसके बाद शाम 5:20 बजे कांसाबेल विकासखंड के ग्राम बगिया स्थित अपने निजी निवास पहुंचेंगे। यहां उनका शेष कार्यक्रम आरक्षित रखा गया है।

एक ही दौरे में राजनीति, विकास और संस्कृति का संगम

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का जशपुर प्रवास राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है। इस दौरे में जहां वे सभा और पदयात्रा के जरिए राजनीतिक गतिविधियों में हिस्सा लेंगे, वहीं विकास कार्यों के लोकार्पण और हेलमेट बैंक की शुरुआत के माध्यम से जनहित से जुड़ी पहल को आगे बढ़ाएंगे। इसके अलावा करम पूजा महोत्सव में शामिल होकर जनजातीय समाज की परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के प्रति अपनी सहभागिता भी दर्ज कराएंगे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का पूरा दौरा कार्यक्रम

समयनिर्धारित कार्यक्रम
सुबह 10:45 बजेमुख्यमंत्री निवास रायपुर से प्रस्थान
सुबह 11:15 बजेपुलिस ग्राउंड हेलीपेड पहुंचेंगे
दोपहर 12:35 बजेजशपुर पुलिस लाइन हेलीपेड आगमन
दोपहर 12:50 बजेरणजीता स्टेडियम में सभा और पदयात्रा
दोपहर 1:50 बजेरणजीता स्टेडियम से प्रस्थान
दोपहर 1:55 बजेजशपुर सर्किट हाउस पहुंचेंगे
दोपहर 2:25 बजेसर्किट हाउस से रवाना
दोपहर 2:30 बजेसामुदायिक भवन में लोकार्पण कार्यक्रम
दोपहर 2:50 बजेहेलमेट बैंक का शुभारंभ
दोपहर 3:10 बजेपुलिस लाइन हेलीपेड से प्रस्थान
दोपहर 3:30 बजेबनगांव हेलीपेड आगमन
दोपहर 3:35 बजेआंचलिक करम पूजा महोत्सव में शामिल
शाम 5:00 बजेबनगांव से प्रस्थान
शाम 5:20 बजेबगिया स्थित निजी निवास आगमन

महादेव सट्टा ऐप मामले में सौरभ चंद्राकर की आज रायपुर कोर्ट में पेशी, 6000 करोड़ के घोटाले की जांच में खुल सकते हैं कई राज

 छत्तीसगढ़ :  चर्चित महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई तेज हो गई है। इस पूरे नेटवर्क के प्रमुख प्रमोटर और संस्थापक सौरभ चंद्राकर को आज रायपुर की विशेष CBI अदालत में पेश किया जाएगा। विदेश से भारत लाए जाने के बाद अब जांच एजेंसियां उससे पूछताछ के जरिए इस अवैध कारोबार से जुड़े कई अहम पहलुओं की जानकारी जुटाने की तैयारी में हैं। माना जा रहा है कि पूछताछ के दौरान नेटवर्क के संचालन, आर्थिक लेनदेन और इससे जुड़े अन्य लोगों को लेकर महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।

ओमान से भारत लाया गया सौरभ, दिल्ली कोर्ट ने दी थी ट्रांजिट रिमांड

जांच से जुड़ी जानकारी के अनुसार, सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लाया गया है। इसके बाद सोमवार को CBI ने उसे दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत में पेश किया। सुनवाई के दौरान अदालत ने जांच एजेंसी को दो दिन की ट्रांजिट रिमांड प्रदान की। इसी आदेश के आधार पर CBI की टीम उसे दिल्ली से रायपुर लेकर पहुंची है। अब रायपुर में अदालत के समक्ष पेशी के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके साथ ही जांच एजेंसी उससे पूरे सट्टेबाजी नेटवर्क को लेकर विस्तार से पूछताछ करेगी।

6000 करोड़ के अवैध कारोबार से जुड़ा है मामला

महादेव ऑनलाइन बुक सट्टेबाजी सिंडिकेट के प्रमुख प्रमोटर के तौर पर सौरभ चंद्राकर का नाम सामने आया है। उस पर करीब 6000 करोड़ रुपये के अवैध सट्टेबाजी कारोबार और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में संलिप्तता के आरोप हैं। जांच में इस नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालन की बात सामने आई थी।बताया जाता है कि महादेव ऑनलाइन बुक के जरिए क्रिकेट, फुटबॉल, ताश और दूसरे खेलों के परिणामों पर ऑनलाइन दांव लगाने की सुविधा उपलब्ध कराई जाती थी। इस पूरे कारोबार को संचालित करने के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों में पैनल और फ्रेंचाइजी का जाल फैलाया गया था। नेटवर्क का संचालन विदेश से किए जाने के आरोप भी जांच का अहम हिस्सा हैं।

सौरभ की गिरफ्तारी को मुख्यमंत्री साय ने बताया बड़ी कामयाबी

सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे जांच एजेंसियों की बड़ी उपलब्धि बताया था। दिल्ली रवाना होने से पहले उन्होंने कहा था कि CBI लंबे समय से मुख्य आरोपी तक पहुंचने के प्रयास में जुटी हुई थी। मुख्यमंत्री ने इस कार्रवाई के लिए CBI सहित अन्य केंद्रीय जांच एजेंसियों की सराहना की थी। उनके मुताबिक, इस कार्रवाई से महादेव सट्टेबाजी प्रकरण की जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

कौन है सौरभ चंद्राकर और कैसे खड़ा किया महादेव ऐप का नेटवर्क?

सौरभ चंद्राकर का संबंध छत्तीसगढ़ के भिलाई से है। कभी सामान्य कारोबार और नौकरी से जुड़ा रहा सौरभ देखते ही देखते ऑनलाइन सट्टेबाजी की दुनिया में बड़ा नाम बन गया। उसके शुरुआती जीवन और महादेव ऐप के विस्तार की कहानी काफी चर्चा में रही है।

  • भिलाई से संबंध: सौरभ चंद्राकर मूल रूप से छत्तीसगढ़ के भिलाई का रहने वाला है।
  • शुरुआती कारोबार: बताया जाता है कि उसके पास जूस की दुकान थी। इससे पहले वह कपड़े की दुकान पर काम करता था।
  • दुबई से बदली कारोबारी दिशा: वर्ष 2019 में वह दुबई पहुंचा। इसके बाद उसने अपने परिचित रवि उत्पल को भी वहां बुलाया।
  • महादेव ऐप की शुरुआत: दुबई पहुंचने के बाद सौरभ ने रवि उत्पल के साथ मिलकर महादेव ऐप का नेटवर्क खड़ा किया। धीरे-धीरे यह अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी कारोबार बड़े स्तर पर फैल गया।
  • हजारों करोड़ का आरोप: महादेव ऐप के जरिए करीब 6000 करोड़ रुपये के अवैध कारोबार और वित्तीय अनियमितताओं का आरोप है।

पूछताछ में किन सवालों के जवाब तलाशेगी CBI?

सौरभ चंद्राकर की रायपुर में पेशी को इस मामले की जांच के लिहाज से अहम माना जा रहा है। जांच एजेंसियां इस नेटवर्क के आर्थिक लेनदेन, विदेशों में मौजूद कड़ियों, भारत में सक्रिय पैनल संचालकों और कथित तौर पर इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल कर सकती हैं। अब सबकी नजर अदालत में होने वाली पेशी और उसके बाद की जांच पर टिकी है।

Aaj Ka Rashifal: मेष राशि की बढ़ेगी तरक्की, तुला को मिल सकता है प्रमोशन, अन्य जातक जानें शुभ रंग और भाग्य अंक

Aaj Ka Rashifal 4 November 2026: आज का राशिफल मेष, तुला और धनु राशि वालों के लिए तरक्की और खुशखबरी के संकेत दे रहा है. कुछ राशियों को धन लाभ और प्रमोशन के योग हैं जबकि मिथुन और मकर राशि वालों को सावधानी बरतने की सलाह है.

आज का दिन कुछ राशियों के लिए नई खुशियां और तरक्की के अवसर लेकर आ सकता है तो कुछ लोगों को आज अपने फैसलों और वाणी पर खास ध्यान देने की जरूरत होगी. किसी को नौकरी में प्रमोशन के योग बन रहे हैं तो किसी का रुका हुआ धन वापस मिल सकता है. वहीं कुछ राशि वालों को कानूनी मामलों और अनजान लोगों से सतर्क रहने की सलाह दी गई है. अगर आप भी जानना चाहते हैं कि बुधवार का दिन आपके लिए कैसा रहने वाला है. आइए आचार्य मदन मोहन से जानते हैं सभी 12 राशियों का राशिफल, शुभ रंग, भाग्य अंक और आज का दान.

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए आज का दिन उन्नति और खुशखबरी लेकर आ सकता है. पढ़ाई में आपका मन लगेगा और नए काम की योजना बना सकते हैं. सामाजिक क्षेत्र में मान-सम्मान बढ़ने के योग हैं. घर-परिवार में चहल-पहल बनी रहेगी और किसी अच्छी खबर से मन प्रसन्न हो सकता है. कानूनी विवाद का समाधान निकलने की संभावना है. इसके अलावा यात्रा के भी शुभ योग बन रहे हैं.

भाग्य अंक: 3

शुभ रंग: लाल

आज का दान: सफेद फूल

वृष राशि

वृष राशि वालों के लिए मित्रों का सहयोग आज काफी काम आ सकता है. किसी पुरानी योजना को पूरा करने में दोस्तों की मदद मिलेगीी. मित्रों के साथ रिश्तों में मिठास बढ़ेगी. हालांकि, विरोधियों की चाल और किसी की गलत बातों से सावधान रहने की जरूरत है. छोटी या लंबी दूरी की यात्रा की योजना बन सकती है. देव पूजन से मन को शांति मिलेगी और नए काम की शुरुआत करने के लिए भी समय अनुकुल माना जा रहा है.

भाग्य अंक: 8

शुभ रंग: सिल्वर

आज का दान: चावल

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों को आज अपनी वाणी पर खास नियंत्रण रखना होगा. आपकी कोई बात विवाद की वजह बन सकती है. कानूनी मामले में नया मोड़ आने की आशंका है, इसलिए सोच-समझकर कदम उठाएं. किसी योजना को पूरा करने में मित्र का सहयोग मिल सकता है. कारोबार में पार्टनरशिप के साथ काम करने का विचार भी मन में आ सकता है. आचार्य के अनुसार, ग्रहों का प्रभाव सामान्य से मध्यम रहेगा. ऐसे में अपनी जिम्मेदारिियों को ठीक से निभाना आपके लिए जरूरी होगा.

भाग्य अंक: 6

शुभ रंग: नीला

आज का दान: चना

कर्क राशि

कर्क राशि वालों का मन आज कई तरह के कामों में उलझ सकता है. ऐसे में सबसे पहले अपने मन को शांत रखें और जल्दबाजी में कोई फैसला न लें. राजनीति से जुड़े लोगों को सफलता मिल सकती है. घर-परिवार में हंसी-खुशी का माहौल रहेगा. किसी मित्र की मदद से आपके सामने नया रास्ताा खुल सकता है. रुका हुआ धन वापस मिलने के योग भी बन रहे हैं. हालांकि, लेन-देन के मामलों में सावधानी बरतना बेहतर रहेगा.

भाग्य अंक: 4

शुभ रंग: सफेद

आज का दान: पापड़

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए आज का दिन अच्छा रहने वाला है. हालांकि, सोशल मीडिया पर ज्यादा समय बिताने और आलस करने से बचें. अपनी सेहत को नजरअंदाज न करें. पुराने मित्रों से मुलाकात हो सकती है और अचानक धन लाभ के योग भी बन रहे हैं. दूूसरी तरफ, किसी करीबी के साथ छोटी-मोटी नोकझोंक हो सकती है. इसलिए बातचीत करते समय अपनी वाणी और व्यवहार पर नियंत्रण रखें. दांपत्य जीवन में सुख और सहयोग बना रह सकता है.

भाग्य अंक: 3

शुभ रंग: पीला

आज का दान: अनार

कन्या राशि

कन्या राशि वालों के लिए आज का दिन कई मामलों में लााभदायक माना जा रहा है. हालांकि, कानूनी विवाद का सामना करना पड़ सकता है जिसमें आपको सफलता मिलने के योग हैं. घर के कामों में व्यस्तता बनी रहेगी. परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा और आत्मविश्वास में बढ़ोतरी हो सकती है. भूमि या वाहन खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए भी दिन महत्वपूर्ण हो सकता है. कार्यक्षेत्र में परिजनों का सहयोग मिलेगा.

भाग्य अंक: 1

शुभ रंग: नारंगी

आज का दान: बताशा

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए आज का दिन पुरानी निराशा को पीछे छोड़कर आगे बढ़ने का हो सकता है. किसी पुराने मित्र से मुलाकात संभव है. आपकी कोई इच्छा पूरी हो सकती है और कारोबार में नई योजना बनाने का मौका मिलेगा. नौकरी करने वाले लोगों के लिए प्रमोशन के अच्छे योग बताए जा रहे हैं. व्यापार से जुड़े लोग भी अपने काम को आगे बढ़ाने के लिए नई रूपरेखा तैयार कर सकते हैं. हालांकि, जल्द लाभ कमाने की जल्दबाजी से बचें और सोच-समझकर फैैसले लें.

भाग्य अंक: 7

शुभ रंग: सिल्वर

आज का दान: सफेद वस्त्र

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों के लिए आज घूमने-फिरने और आध्यात्मिक गतिविधियों में समय बिताने का अवसर मिल सकता है. विरोधियों के साथ संबंध बेहतर हो सकते हैं. सामाजिक क्षेत्र में आपका मान-सम्मान बढ़ने के योग हैं. किसी नए समझौते से कारोबार में फाायदा मिल सकता है. राजनीतिक संपर्कों से भी लाभ मिलने की संभावना है. मित्रों के साथ धर्म और आध्यात्मिक विषयों पर चर्चा हो सकती है. कुल मिलाकर दिन सकारात्मक गतिविधियों से भरा रह सकता है.

भाग्य अंक: 1

शुभ रंग: लाल

आज का दान: लाल मसूर

धनु राशि 

धनु राशि वालों के लिए बुधवार का दिन आध्यात्मिक और आर्थिक रूप से अच्छा रहने की संभावना है. व्यापार में लाभ के योग बन रहे हैं. अगर आप पार्टनरशिप में नया कारोबार शुरू करने की योजना बना रहे हैं तो उस दिशा में बात आगे बढ़ सकती है. राजनीतिक संपर्कों से फायदा मिल सकता है. दांपत्य जीवन में सुख बना रहेगा. बच्चों की पढ़ाई या परीक्षा से जुड़ी अच्छी खबर मिल सकती है. सामााजिक और आध्यात्मिक क्षेत्र में भी आपकी रुचि बढ़ेगी.

भाग्य अंक: 9

शुभ रंग: केसरिया

आज का दान: हल्दी

मकर राशि

मकर राशि वालों को आज थोड़ा संभलकर रहने की जरूरत है. दिन में विवाद की स्थिति बन सकती है, इसलिए कारोबार से जुड़े फैसले सोच-समझकर लें. किसी अनजान व्यक्ति पर जल्दी भरोसा न करें, क्योंकि उससे नुकसान होने की आशंका जताई गई है. हालांकि, मित्रों से मुलाकात और किसी मांगलिक कार्यक्रम में शाामिल होने का मौका मिल सकता है. कानूनी विवाद में सफलता मिलने के योग भी बताए गए हैं. विरोधियों की गतिविधियों को लेकर सतर्क रहें.

भाग्य अंक: 7

शुभ रंग: काला

आज का दान: उड़द दाल

कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों के लिए आज का दिन योजनाओं को पूरा करने वालाा हो सकता है. घर-परिवार से जुड़ी कोई इच्छा पूरी हो सकती है. दूसरे प्रदेश से कोई सुखद समाचार मिलने की संभावना है. सरकारी कामकाज में सफलता मिल सकती है. अगर आप वाहन खरीदने की योजना बना रहे हैं तो इस दिशा में आगे बढ़ सकते हैं. भौतिक सुख-सुविधाओं से जुड़ी चीजों पर खर्च या खरीदारी के योग भी बन रहे हैं.

भाग्य अंक: 6

शुभ रंग: नीला

आज का दान: हरा चारा

मीन राशि

मीन राशि वालों के लिए आज का दिन लाभदायक रह सकता है. लंबे समय से अटके काम पूरे होने की संभावना है. कोई पुराना विवाद सुलझ सकता है और लंबीी यात्रा के योग बन रहे हैं. देव दर्शन और सामाजिक कार्यों में आपका समय बीत सकता है. आज आमदनी और खर्च लगभग बराबर रह सकते हैं, इसलिए बजट का ध्यान रखें. किसी दूसरे के विवाद में बेवजह दखल देने से बचें. घर में नए मेहमान के आने से खुशी का माहौल बन सकता है. छोटी यात्रा भी आपके लिए लाभदायक रह सकती है.

भाग्य अंक: 9

शुभ रंग: नारंगी

आज का दान: चना

Aaj ka Panchang 4 November 2026: उत्तर दिशा में यात्रा करने से बचें, नोट करें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पूरा पंचांग

Aaj ka Panchang 4 November 2026: हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है. कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है. पंचांग हिंदू काल-गणना की एक पद्धति है, जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है. 

आज की तिथि

कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि मंगलवार को सुबह 11:54 बजे से शुरू होकर बुधवार को सुबह 11:03 बजे तक रहेगी. इसके बाद कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि शुरू हो जाएगी, जो 5 नवंबर को सुबह 10:35 बजे तक रहेगी. बुधवार को सुबह 6:37 बजे सूर्योदय और शाम 5:43 बजे सूर्यास्त होगा. वहीं, रात 1:53 बजे चंद्रोदय और अगले दिन दोपहर 2:38 बजे चंद्रास्त होगा.

नक्षत्र

पंचांग के अनुसार, इस दिन सूर्य देव स्वाति नक्षत्र में रहेंगे. ज्योतिष के अनुसार, जब सूर्य देव स्वाति नक्षत्र में प्रवेश करते हैं या इस नक्षत्र में स्थित होते हैं, तो इसके विशेष और गहरे प्रभाव देखने को मिलते हैं. स्वाति नक्षत्र के अधिष्ठाता देवता पवन देव (वायु) हैं और स्वामी राहु हैं. इस नक्षत्र में सूर्य के प्रवेश से लोगों में पुरानी परिस्थितियों और बंधनों से निकलकर स्वतंत्र रूप से कार्य करने की भावना प्रबल होती है.

योग

बुधवार को सुबह 8:00 बजे तक ‘ब्रह्म योग’ रहेगा, इसके बाद ‘इंद्र योग’ आरंभ होगा. ज्योतिष के अनुसार, ब्रह्म योग 27 नित्य योगों में से 25वां योग है. इस योग को शांति कर्म, धार्मिक अनुष्ठानों, नए कार्यों की शुरुआत और स्वास्थ्य संबंधी इलाज या चिकित्सा के लिए बहुत शुभ माना जाता है. इस योग के दौरान किए गए कार्य अक्षय और सकारात्मक फल देते हैं.

जान लें शुभ मुहूर्त

इस दिन अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:42 बजे से दोपहर 12:26 बजे तक रहेगा. यह दिन का सबसे शुभ और फलदायी समय माना जाता है. आमतौर पर यह लगभग 48 मिनट (या दिनमान के अनुसार गणना किया गया आठवां मुहूर्त) होता है. माना जाता है कि इस मुहूर्त में किए गए कार्यों से सभी प्रकार के अशुभ प्रभावों या दोषों का स्वतः नाश हो जाता है. जब सूर्य ठीक सिर के ऊपर होता है, तब अभिजीत मुहूर्त की बेला होती है.

बुधवार को रात 9:24 बजे से 11:00 बजे तक अमृतकाल रहेगा. ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, अमृतकाल एक अत्यंत शुभ, मंगलकारी और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर समयावधि (मुहूर्त) है. इसे अमृत के समान उत्तम फल देने वाला माना जाता है. इस दौरान किए गए कार्यों में सफलता की संभावना सबसे अधिक होती है. यह समय नए व्यापार, निवेश, पूजा-पाठ और महत्वपूर्ण यात्रा के लिए श्रेष्ठ माना गया है.

नोट करें राहुकाल

इस दिन राहुकाल दोपहर 12:10 बजे से 1:33 बजे तक रहेगा. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राहुकाल दिन का वह समय होता है, जिसे किसी भी नए या शुभ कार्य की शुरुआत के लिए अशुभ माना जाता है. इसकी गणना सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच के समय को आठ बराबर भागों में बांटकर की जाती है और यह हर दिन लगभग 90 मिनट का होता है. स्थान बदलने के साथ इसके समय में भी बदलाव हो जाता है. इस दौरान कोई नया काम शुरू नहीं करना चाहिए, लेकिन जो काम पहले से चल रहे हैं, उन्हें जारी रखा जा सकता है.

बुधवार को यमगंड काल सुबह 8:00 बजे से 9:24 बजे तक रहेगा. यह समय मृत्यु के देवता यमराज से जुड़ा हुआ माना जाता है. इस समय के दौरान स्वास्थ्य, दीर्घायु या सामान्य दुर्भाग्य से संबंधित बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है. इस काल को नए कार्यों की शुरुआत के लिए अशुभ माना जाता है. नया व्यापार या नया काम शुरू करने से बचना चाहिए. इस दौरान किसी यात्रा पर भी निकलने और पैसों के लेन-देन से बचना चाहिए.

इस दिन गुलिक काल सुबह 10:47 बजे से दोपहर 12:10 बजे तक रहेगा. गुलिक काल को ‘विषैला समय’ भी कहा जाता है. यह एक उपग्रह है, जिसे अशुभ माना जाता है. माना जाता है कि इस काल में किए गए कार्य नकारात्मक परिणाम देते हैं. इस काल में कोई नया काम शुरू करने से बचना चाहिए, लेकिन जो काम पहले से चल रहे हैं, उन्हें जारी रखा जा सकता है. जो काम बार-बार करने हों, वे इस काल में किए जा सकते हैं. बैंक में पैसे जमा करना, दान देना या निवेश करना इस काल में अच्छा माना जाता है.

ग्रहों की स्थिति

बुधवार को सूर्य तुला राशि में रहेंगे. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य जब तुला राशि में प्रवेश करते हैं, तो इसे सूर्य का नीच होना या नीचस्थ होना कहा जाता है. सूर्य अग्नि तत्व का कारक है, जबकि तुला राशि वायु तत्व और शुक्र ग्रह के अधीन आती है, जो सूर्य के स्वभाव के विपरीत है. सूर्य को अहंकार, आत्मविश्वास और नेतृत्व का प्रतीक माना जाता है. तुला राशि में आने से आत्मबल या ऊर्जा थोड़ी कमजोर महसूस हो सकती है. इस स्थिति में किसी भी फैसले पर पहुंचना मुश्किल हो सकता है.

इस दिन चंद्र देव सिंह राशि में विराजमान रहेंगे. ज्योतिष के अनुसार, जन्म कुंडली में अथवा गोचर के दौरान चंद्रमा के सिंह राशि में रहने से व्यक्ति के मन, स्वभाव और जीवन पर विशेष प्रभाव पड़ता है. सिंह राशि के स्वामी सूर्य देव हैं, जो तेज, अधिकार और नेतृत्व का कारक हैं. व्यक्ति का आत्मविश्वास और मनोबल काफी ऊंचा रहता है. वह किसी भी परिस्थिति का डटकर मुकाबला करता है. सूर्य के प्रभाव के कारण इनमें अहंकार, घमंड या श्रेष्ठता की भावना आ सकती है. कई बार ये दूसरों की सलाह सुनना पसंद नहीं करते.

दिशाशूल

बुधवार को दिशाशूल उत्तर दिशा (उत्तर-पूर्व/ईशान कोण) में रहेगा. ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार, दिशाशूल उस दिशा को कहते हैं, जिसमें किसी खास दिन यात्रा करना या निकलना अशुभ माना जाता है.

नक्सलवाद के अंधकार से विकास के उजाले की ओर बढ़ रहा बीजापुर- मंत्री गुरु खुशवंत साहेब

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर 02 नवंबर को छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में आयोजित जिला स्तरीय राज्योत्सव-2026 में कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद की चुनौतियों से प्रभावित रहा बस्तर अब शांति, विश्वास और विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। जिन क्षेत्रों में कभी भय और हिंसा का वातावरण था, वहां अब सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब बस्तर की पहचान गोलियों की गूंज से नहीं, बल्कि विकास, खुशहाली और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से होनी चाहिए।

कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों पर तिरंगा का फहराना सुरक्षा बलों के साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक

मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने बीजापुर प्रवास के दौरान कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों पर स्थित एफओबी ताड़पाला पहुंचकर सुरक्षा बलों के जवानों से मुलाकात की और उनके साहस, शौर्य एवं समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि दुर्गम क्षेत्रों में तैनात जवानों के अथक प्रयासों और स्थानीय नागरिकों के सहयोग से शांति एवं विकास की संभावनाएं मजबूत हुई हैं। कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों पर तिरंगे का फहराना सुरक्षा बलों के साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व तथा उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रयासों से नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान को गति मिली है। सरकार का उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ ही दूरस्थ गांवों तक शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पेयजल, संचार और रोजगार जैसी आवश्यक सुविधाएं पहुंचाना है।

श्रमिकों का किया सम्मान, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

कर्रेगुट्टा क्षेत्र में निर्माण एवं विकास कार्यों में योगदान देने वाले श्रमिकों को मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि विकसित बस्तर के निर्माण में श्रमिकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उनके परिश्रम और समर्पण से ही अधोसंरचना विकास को गति मिल रही है। इस दौरान उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।

राज्योत्सव में प्रदेश की विकास यात्रा को किया रेखांकित

बीजापुर के जिला मुख्यालय मिनी स्टेडियम में आयोजित जिला स्तरीय राज्योत्सव के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को स्मरण किया। उन्होंने प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वर्ष 2000 में राज्य गठन के बाद छत्तीसगढ़ ने कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, तकनीकी शिक्षा और अधोसंरचना के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति की है।उन्होंने कहा कि बस्तर के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। उन्हें बेहतर शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा और रोजगारपरक प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने युवाओं से आधुनिक तकनीक, डिजिटल शिक्षा और उद्योग आधारित प्रशिक्षण से जुड़कर अपने हुनर को विकसित करने का आह्वान किया।

प्रतिभावान विद्यार्थियों को किया सम्मानित, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सराहना

राज्योत्सव के दौरान मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा और कौशल ही युवाओं के उज्ज्वल भविष्य का आधार हैं। दूरस्थ अंचलों के बच्चों को भी आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराना आवश्यक है।इस अवसर पर स्थानीय कलाकारों ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोककला, लोकगीत और पारंपरिक नृत्यों की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। मंत्री ने कलाकारों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि बस्तर की जनजातीय संस्कृति और लोकपरंपराएं प्रदेश की अमूल्य धरोहर हैं। इनका संरक्षण और संवर्धन हम सभी की जिम्मेदारी है। मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि विकसित बस्तर का संकल्प तभी साकार होगा, जब प्रत्येक गांव विकास की मुख्यधारा से जुड़ेगा, प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी और युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के प्रयासों से मजबूत हो रहे शांति के वातावरण को विकास, विश्वास और जनभागीदारी के माध्यम से स्थायी बनाना सरकार की प्राथमिकता है। इस अवसर स्थानीय जनप्रतिनिधि, कलेक्टर विश्वदीप, पुलिस अधीक्षक साहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे ।

देवउठनी एकादशी पर स्थानीय अवकाश घोषित, सरकारी कार्यालयों में रहेगी छुट्टी

रायपुर। राज्य सरकार ने रायपुर और नवा रायपुर अटल नगर के शासकीय कार्यालयों के लिए स्थानीय अवकाश की तारीख बदल दी है। अब देवउठनी एकादशी के अवसर पर 20 नवंबर शुक्रवार को स्थानीय छुट्टी रहेगी। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी किया है।

इससे पहले सरकार ने 9 नवंबर सोमवार को गोवर्धन पूजा के लिए स्थानीय अवकाश घोषित किया था। बाद में गोवर्धन पूजा पर सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया गया। इसके बाद सरकार ने 9 नवंबर की स्थानीय छुट्टी को बदलकर 20 नवंबर को किया है।