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Sunday, October 25, 2026
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एचआईवी जागरूकता अभियान, 200 विद्यार्थियों को दी गई बचाव और रोकथाम की जानकारी

बेमेतरा – 25 अक्टूबर 2026

एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता बढ़ाने और युवाओं को संक्रमण से बचाव के प्रति शिक्षित करने के उद्देश्य से बेमेतरा जिले के साजा विकासखंड में जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इंदिरा गांधी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, साजा में आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 200 विद्यार्थियों ने भाग लिया। विद्यार्थियों को एचआईवी संक्रमण के कारणों, बचाव के उपायों, यौन संचारित संक्रमणों और संबंधित स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी दी गई।

राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (NACO) और छत्तीसगढ़ राज्य एड्स नियंत्रण समिति के दिशा-निर्देशों के तहत चलाए जा रहे सघन सूचना, शिक्षा एवं संचार अभियान (Intensified IEC Campaign) के अंतर्गत यह पहल की गई। कार्यक्रम का आयोजन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र साजा की आईसीटीसी इकाई के माध्यम से किया गया।

सही जानकारी ही बचाव का पहला कदम

कार्यक्रम के दौरान परामर्शदाता अभिषेक राजपूत ने विद्यार्थियों को एचआईवी/एड्स के संक्रमण के कारणों, इससे बचाव और रोकथाम के उपायों के बारे में विस्तार से बताया। साथ ही यौन संचारित संक्रमण (STI) और प्रजनन तंत्र से संबंधित संक्रमण (RTI) पर भी जानकारी साझा की गई।

आईसीटीसी के एमएलटी अरुण कुमार यादव ने विद्यार्थियों को एचआईवी/एड्स से जुड़ी सहायता और जानकारी प्राप्त करने के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1097 के बारे में बताया। इसके साथ ही एचआईवी एवं एड्स (रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम, 2017 के प्रमुख प्रावधानों से भी अवगत कराया गया।

जागरूकता रैली के जरिए दिया स्वस्थ समाज का संदेश

कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को जागरूकता संबंधी सामग्री वितरित की गई। इसके बाद जागरूकता रैली निकाली गई, जिसके माध्यम से छात्राओं ने समाज को एचआईवी/एड्स के प्रति सजग रहने और स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी अपनाने का संदेश दिया। रैली में “जागरूक समाज, स्वस्थ छत्तीसगढ़” का संदेश प्रमुख रहा।

युवाओं में जागरूकता क्यों जरूरी?

एचआईवी/एड्स को लेकर समाज में आज भी कई तरह की भ्रांतियां और संकोच देखने को मिलते हैं। ऐसे में विद्यालय स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम युवाओं तक प्रमाणिक स्वास्थ्य जानकारी पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम हैं। संक्रमण से बचाव के साथ-साथ एचआईवी के साथ जीवन जी रहे लोगों के प्रति भेदभाव से बचना और उनके सम्मान एवं अधिकारों को समझना भी जरूरी है।
साजा में आयोजित यह कार्यक्रम इसी दिशा में एक पहल रहा।

अब ऐसे प्रयासों की उपयोगिता इस बात से भी तय होगी कि विद्यार्थियों तक पहुंची जानकारी उनके परिवारों और व्यापक समुदाय में कितनी प्रभावी ढंग से पहुंचती है।



Raipur Mantralay Bus Service: मंत्रालय आने-जाने वाले कर्मचारियों को राहत, 1 नवंबर से बंद नहीं होगी बस सेवा

 रायपुर: राजधानी रायपुर से नया रायपुर स्थित मंत्रालय और संचालनालय तक सफर करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। बस सेवा 1 नवंबर से बंद होने की चर्चाओं पर अब विराम लग गया है। छत्तीसगढ़ मंत्रालयीन कर्मचारी संघ ने स्पष्ट किया है कि नई निविदा प्रक्रिया पूरी होने तक बसों का संचालन पहले की तरह जारी रहेगा।

नई निविदा पूरी होने तक जारी रहेगी सेवा

बस सेवा बंद होने की आशंका से रोजाना मंत्रालय और संचालनालय आने-जाने वाले कर्मचारियों के सामने आवागमन की परेशानी खड़ी होने की संभावना थी। हालांकि, कर्मचारी संघ के स्पष्टीकरण से फिलहाल इस चिंता से राहत मिली है।संघ के मुताबिक, नई निविदा प्रक्रिया पूरी होने तक बसों का संचालन सुचारू रूप से जारी रखा जाएगा। इससे कर्मचारियों को कार्यालय आने-जाने के लिए वैकल्पिक परिवहन की व्यवस्था तत्काल तलाशने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

मंत्रालय जाने वाले कर्मचारियों को मिली राहत

रायपुर से नया रायपुर स्थित सरकारी कार्यालयों तक नियमित यात्रा करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए बस सेवा आवागमन का अहम साधन है। ऐसे में सेवा जारी रहने की पुष्टि से रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को राहत मिली है।अब नई निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही बस संचालन को लेकर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल कर्मचारियों के लिए बस सेवा जारी रहने की जानकारी सामने आई है।

Mann Ki Baat 139th Episode: पीएम मोदी ने की जनभागीदारी की सराहना, पंजाब की खेती से उत्तराखंड के नदी संरक्षण तक का किया जिक्र

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 139वें एपिसोड में देश के आम नागरिकों के प्रयासों और उपलब्धियों को प्रमुखता दी। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि देशभर में हो रहे प्रेरक कार्यों को जानने और उनसे सीख लेने की यात्रा भी है। संबोधन में प्रधानमंत्री ने पंजाब की पारंपरिक कृषि पद्धतियों, बुनाई के जरिए महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और उत्तराखंड में नदी संरक्षण से जुड़ी पहलों का उल्लेख किया।

12 साल के सफर को किया याद

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ के 12 वर्षों के सफर का जिक्र करते हुए कहा कि विजयादशमी के अवसर पर शुरू हुई यह पहल लगातार आगे बढ़ती रही है। इस दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों में समाज के लिए काम करने वाले लोगों की कहानियां सामने आई हैं।

उन्होंने कार्यक्रम की निरंतरता में श्रोताओं और आम नागरिकों की भूमिका को अहम बताया। उनके अनुसार, स्थानीय स्तर पर किए गए छोटे प्रयास भी समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता रखते हैं।

जनभागीदारी को बताया बदलाव की अहम कड़ी

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने सामान्य नागरिकों के योगदान को पहचान देने पर जोर दिया। खेती, हस्तकला और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में सक्रिय लोगों के प्रयास इस बात को सामने लाते हैं कि सामाजिक विकास में समुदाय की भागीदारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

‘मन की बात’ के जरिए ऐसी पहलों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलती है और अन्य लोगों को भी अपने क्षेत्र में सकारात्मक काम करने की प्रेरणा मिल सकती है।

पंजाब की पारंपरिक खेती का किया उल्लेख

प्रधानमंत्री ने पंजाब में पारंपरिक खेती से जुड़ी पहलों की चर्चा की। कृषि क्षेत्र में स्थानीय अनुभव और पीढ़ियों से चले आ रहे ज्ञान की अपनी भूमिका रही है। मिट्टी की प्रकृति, जल उपलब्धता और स्थानीय मौसम के अनुरूप विकसित खेती के तरीके किसानों के लिए उपयोगी हो सकते हैं।

खेती में पारंपरिक ज्ञान के साथ वैज्ञानिक शोध और आधुनिक तकनीक का संतुलित इस्तेमाल भी अहम है। फसल उत्पादन, लागत, पानी की खपत और पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव जैसे पहलुओं को ध्यान में रखकर कृषि पद्धतियों का आकलन किया जाना जरूरी है।

बुनाई से महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को बढ़ावा

प्रधानमंत्री मोदी ने बुनाई के माध्यम से महिलाओं के सशक्तिकरण से जुड़ी पहल की भी सराहना की। बुनाई और हस्तशिल्प जैसे पारंपरिक कार्य अनेक परिवारों की आजीविका का आधार रहे हैं। इन क्षेत्रों में महिलाओं को अपने हुनर के जरिए आय अर्जित करने के अवसर मिल सकते हैं।

प्रशिक्षण, उचित कीमत, बाजार तक पहुंच और उत्पादों की बिक्री की बेहतर व्यवस्था से महिला कारीगरों को लाभ मिल सकता है। इससे पारंपरिक कला को आगे बढ़ाने के साथ महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को भी सहारा मिल सकता है।

उत्तराखंड में नदी संरक्षण के प्रयासों पर चर्चा

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड में नदियों के संरक्षण से जुड़े प्रयासों का भी उल्लेख किया। नदियां पेयजल, सिंचाई, जैव विविधता और स्थानीय आजीविका के लिए महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन हैं। इनके संरक्षण के लिए प्रदूषण पर रोक, कचरे का उचित निपटान और जलस्रोतों की स्वच्छता बनाए रखना आवश्यक है।

इस काम में सरकारी योजनाओं के साथ स्थानीय समुदायों की भागीदारी भी अहम होती है। नागरिकों की जागरूकता और सामूहिक प्रयास नदियों तथा आसपास के प्राकृतिक पर्यावरण की सुरक्षा में योगदान दे सकते हैं।

स्थानीय प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान देने पर जोर

‘मन की बात’ के इस एपिसोड में खेती, महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण जैसे अलग-अलग विषयों के जरिए नागरिक भागीदारी का महत्व सामने आया। पंजाब की कृषि से जुड़ी पहल, बुनाई के माध्यम से महिलाओं की भागीदारी और उत्तराखंड में नदी संरक्षण के प्रयासों का उल्लेख इसी व्यापक संदेश से जुड़ा रहा।

प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के 12 वर्षों के सफर को याद करते हुए आम लोगों के योगदान की सराहना की। संबोधन का प्रमुख संदेश यह रहा कि स्थानीय स्तर पर किए गए प्रयास समाज में बदलाव लाने और विकास की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

Rahul Gandhi Rally: ‘वोट चुराया जा रहा है’, 1 नवंबर को दिल्ली में महारैली का आह्वान, व्यापारियों और 1984 दंगा पीड़ितों ने जताई आपत्ति

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 नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित कांग्रेस की महारैली में शामिल होने के लिए छात्रों, युवाओं, किसानों, मजदूरों, महिलाओं और व्यापारियों से अपील की है। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों से नाम हटाए जा रहे हैं और नियमों का उल्लंघन हो रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि इन मुद्दों पर लोग अब चुप नहीं रहेंगे।

‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ के नारे के साथ जुटने की अपील

राहुल गांधी ने रविवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा कर मतदाता सूची से नाम हटाए जाने और सवाल उठाने वालों पर लाठीचार्ज होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अब इस मामले पर देश अपनी आवाज उठाएगा।

1 नवंबर को होने वाले कार्यक्रम को लेकर उन्होंने ‘वोट बचाओ, देश बचाओ जन मार्च और महारैली’ का आह्वान किया। राहुल गांधी ने छात्रों, किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं और व्यापारियों से दिल्ली पहुंचने की अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र को लेकर चिंतित हर व्यक्ति इस कार्यक्रम में शामिल हो सकता है।

भाजपा पर कसा तंज, प्रचार को लेकर कही यह बात

रैली के प्रचार को लेकर राहुल गांधी ने भाजपा और उसके सहयोगी दलों पर भी निशाना साधा। एक्स पर अपनी पोस्ट में उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि कार्यक्रम का प्रचार बड़े स्तर पर करने के लिए भाजपा और उसके साथियों का धन्यवाद। उन्होंने अगले सात दिनों तक इसी उत्साह के साथ प्रचार जारी रखने की बात भी कही।

त्योहारी कारोबार पर असर की आशंका, रैली टालने की मांग

दिल्ली में प्रस्तावित महारैली को लेकर व्यापारी संगठनों ने आपत्ति जताई है। व्यापारियों ने राहुल गांधी से त्योहारों के मद्देनजर कार्यक्रम की तारीख आगे बढ़ाने की अपील की है।

उनका कहना है कि नवंबर के पहले सप्ताह में धनतेरस और दीपावली की खरीदारी तेज हो जाती है। इस दौरान दिल्ली में करीब 25 हजार करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान है। व्यापारियों ने आशंका जताई कि रैली के चलते पुलिस द्वारा रास्ते बंद किए गए, तो कारोबार को लगभग 10 हजार करोड़ रुपये तक का नुकसान हो सकता है।

1984 के सिख-विरोधी दंगों के पीड़ितों ने भी जताया विरोध

रैली की तारीख को लेकर 1984 के सिख-विरोधी दंगों के पीड़ित परिवारों ने भी विरोध दर्ज कराया है। उनका कहना है कि 1 नवंबर उनके लिए बेहद संवेदनशील दिन है, क्योंकि वर्ष 1984 में इसी तारीख के दौरान दिल्ली समेत कई स्थानों पर सिख समुदाय के लोगों को निशाना बनाया गया था।

पीड़ित परिवारों का आरोप है कि इस तारीख पर राजनीतिक रैली आयोजित होने से उनकी पुरानी पीड़ा फिर उभर सकती है। ऐसे में उन्होंने कार्यक्रम की तारीख को लेकर अपनी आपत्ति जाहिर की है।

राजनीतिक आयोजन से पहले तारीख को लेकर विवाद

कांग्रेस की प्रस्तावित महारैली का उद्देश्य मतदाता सूची और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को उठाना बताया गया है। हालांकि, आयोजन से पहले ही दिल्ली के व्यापारी वर्ग और 1984 के दंगों के पीड़ित परिवारों की आपत्तियां सामने आई हैं। अब रैली को लेकर राजनीतिक मांगों के साथ-साथ त्योहारी कारोबार और तारीख की संवेदनशीलता से जुड़े सवाल भी चर्चा में हैं।

Chhattisgarh Sthapana Diwas 2026: 1 से 3 नवंबर तक मनेगा राज्योत्सव, अमित शाह होंगे समापन समारोह के मुख्य अतिथि

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 छत्तीसगढ़ : इस साल अपना 26वां स्थापना दिवस मनाने जा रहा है। इस अवसर पर राजधानी क्षेत्र नवा रायपुर के तूता मैदान में 1 से 3 नवंबर तक राज्य स्तरीय राज्योत्सव आयोजित होगा। कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया शामिल होंगे, जबकि समापन समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मौजूद रहेंगे। पिछले साल राज्य के 25वें स्थापना दिवस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हुए थे।

इस बार की थीम होगी सशक्त नारी-युवा उड़ान

छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस 2026 के लिए सशक्त नारी-युवा उड़ान थीम तय की गई है। तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ राज्य की कला और परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी।कार्यक्रम के पहले दिन यानी 1 नवंबर को गायिका पलक मुच्छाल प्रस्तुति देंगी। 2 नवंबर को स्वस्ति मेहुल और 3 नवंबर को अभिजीत भट्टाचार्य मंच पर अपनी प्रस्तुति देंगे। इनके अलावा छत्तीसगढ़ के स्थानीय कलाकार और लोक कलाकार भी अपनी कला के जरिए प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करेंगे।

सूर्यकिरण एयरोबेटिक टीम दिखाएगी हवाई करतब

राज्योत्सव के आकर्षणों में एयर शो भी शामिल रहेगा। नवा रायपुर स्थित सेंध लेक में 2 नवंबर को सारंग हेलीकॉप्टर और सूर्यकिरण एयरोबेटिक टीम के हवाई प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।कार्यक्रम के तहत सूर्यकिरण टीम के नौ विमान करीब 40 मिनट तक आसमान में अलग-अलग फॉर्मेशन बनाकर करतब दिखाएंगे। आयोजन की तैयारियों का जायजा लेने के लिए कलेक्टर गौरव सिंह ने शनिवार को व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।

40 प्रतिभाओं को मिलेगा राज्य स्तरीय अलंकरण

राज्योत्सव के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 40 हस्तियों को राज्य स्तरीय अलंकरण पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इस सम्मान के जरिए प्रदेश की उन प्रतिभाओं और व्यक्तियों के कार्यों को पहचान दी जाएगी, जिन्होंने अपने क्षेत्र में विशेष योगदान दिया है।

प्रदर्शनियों के जरिए विकास कार्यों की झलक

तीन दिवसीय आयोजन में अलग-अलग विषयों पर आधारित प्रदर्शनियां भी लगाई जाएंगी। इनमें ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, मानव पूंजी विकास, विकसित भारत और अंजोर छत्तीसगढ़ जैसे विषय शामिल होंगे।इन प्रदर्शनियों के माध्यम से निवेश, रोजगार, अधोसंरचना और जनकल्याण से जुड़े कार्यों की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाएगी। इसका उद्देश्य राज्य में हुए विकास कार्यों और भविष्य की योजनाओं को आम जनता के सामने प्रस्तुत करना है।

1 नवंबर 2000 को अस्तित्व में आया था छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ हर साल 1 नवंबर को अपना स्थापना दिवस मनाता है। इसी दिन वर्ष 2000 में मध्य प्रदेश से अलग होकर छत्तीसगढ़ एक नए राज्य के रूप में अस्तित्व में आया था।स्थापना दिवस के अवसर पर राजधानी क्षेत्र में राज्य स्तरीय समारोह आयोजित होता है। इसके साथ ही प्रदेश के अलग-अलग जिलों में भी सांस्कृतिक और अन्य कार्यक्रमों के जरिए राज्य के गठन का उत्सव मनाया जाता है। इस बार भी तीन दिनों तक चलने वाला राज्योत्सव सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, हवाई करतबों, सम्मान समारोह और विकास प्रदर्शनियों का प्रमुख केंद्र रहेगा।

पति को फांसी देने की मांग पर अड़ी पत्नी, एक करोड़ के टर्म इंश्योरेंस को लेकर जताई हत्या की आशंका

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 सूरजपुर :  छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में शिक्षिका सुनीता बरेट और उनके बेटे की हत्या के मामले में आरोपी प्रवेश की पत्नी सरिता लकड़ा के बयान से मामला चर्चा में आ गया है। सरिता ने अपने पति से सभी संबंध खत्म करने की बात कही है। उन्होंने आरोपी के लिए कड़ी सजा की मांग करते हुए कहा कि अब उनका उससे कोई रिश्ता नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि कुछ दिन पहले ही प्रवेश ने उनका एक करोड़ रुपये का टर्म इंश्योरेंस कराया था। इस बात को लेकर उन्होंने अपनी सुरक्षा पर भी आशंका जताई है। हालांकि, बीमा और कथित साजिश से जुड़े उनके दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

सिंदूर और चूड़ियां उतारकर पति से रिश्ता खत्म करने का ऐलान

प्रवेश पर दोहरे हत्याकांड का आरोप लगने के बाद सरिता लकड़ा ने अपने माथे से सिंदूर मिटा दिया और चूड़ियां समेत सुहाग से जुड़ी अन्य चीजें भी उतार दीं। सरिता का कहना है कि जिस व्यक्ति पर दो लोगों की हत्या का आरोप है, उसके साथ अब वह कोई संबंध नहीं रखना चाहतीं।उन्होंने अपने पति को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है। सरिता के इस कदम को आरोपी से दूरी बनाने के उनके सार्वजनिक फैसले के तौर पर देखा जा रहा है।

स्कूल में सुनीता से बात करते देखा था प्रवेश को

सरिता ने अपनी शिक्षिका सहेली सुनीता बरेट से जुड़ा एक पुराना घटनाक्रम भी साझा किया। उनके मुताबिक, उन्होंने एक बार स्कूल में प्रवेश को सुनीता से हंसकर बात करते देखा था। उस समय वह कक्षा में थीं और खिड़की से दोनों को देख रही थीं।सरिता ने कहा कि उस वक्त उन्हें अंदाजा नहीं था कि भविष्य में उनके पति पर उसी सहेली और उसके बेटे की हत्या का आरोप लगेगा। उन्होंने यह भी बताया कि प्रवेश और सुनीता के बीच बातचीत को लेकर कुछ बातें उनके सुनने में आई थीं। हालांकि, इस घटनाक्रम और हत्या के मामले के बीच किसी संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।

एक करोड़ रुपये के टर्म इंश्योरेंस पर उठाए सवाल

सरिता लकड़ा ने दावा किया कि उनके पति ने कुछ दिन पहले ही उनके नाम पर एक करोड़ रुपये का टर्म इंश्योरेंस कराया था। उन्होंने आशंका जताई कि कहीं उनकी हत्या की भी कोई योजना तो नहीं बनाई जा रही थी, ताकि बीमा की रकम हासिल की जा सके।यह सरिता की ओर से जताई गई आशंका है। बीमा पॉलिसी की वास्तविक स्थिति, उसे कराने के पीछे का उद्देश्य और किसी कथित साजिश से उसका संबंध होने के बारे में आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। इन पहलुओं पर जांच से जुड़ी जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

2017 में हुई थी पहचान, 2022 में की थी शादी

सरिता के अनुसार, वर्ष 2017 में उनकी मुलाकात प्रवेश से हुई थी। इसके बाद वर्ष 2022 में दोनों ने शादी कर ली। लेकिन अब वह अपने पति से सभी रिश्ते खत्म करने की बात कह रही हैं।उन्होंने साफ किया कि मौजूदा मामले के बाद वह प्रवेश से कोई संबंध नहीं रखना चाहतीं और चाहती हैं कि उसे उसके कथित अपराध के लिए सख्त सजा मिले।

10 अक्टूबर को सामने आया था दोहरा हत्याकांड

सूरजपुर में 10 अक्टूबर को शिक्षिका सुनीता बरेट और उनके बेटे की हत्या का मामला सामने आया था। इस मामले में प्रवेश पर दोनों की हत्या करने का आरोप है। घटना के बाद से ही मामला चर्चा में है।अब सरिता के बयानों, खासकर एक करोड़ रुपये के टर्म इंश्योरेंस से जुड़े दावे ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, आरोपी पर लगे आरोपों और सरिता की आशंकाओं की पुष्टि जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही हो सकेगी।

Anant Singh Reaction: JDU से निकाले जाने पर अनंत सिंह का पलटवार, बोले- अगले चुनाव में 12 सीटों पर सिमट जाएगी पार्टी

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 बिहार : एमएलसी चुनाव के दौरान पार्टी लाइन से अलग रुख अपनाने के बाद जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने मोकामा विधायक अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद अनंत सिंह ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए पार्टी नेतृत्व पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि आने वाले चुनाव में जेडीयू महज 12 सीटों पर सिमट जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि वे पहले भी नीतीश कुमार के साथ थे और आगे भी उनके साथ रहेंगे।

JDU उम्मीदवार के खिलाफ प्रचार करने पर हुई कार्रवाई

एमएलसी चुनाव के दौरान जेडीयू ने नीरज कुमार को अपना उम्मीदवार बनाया था। हालांकि, अनंत सिंह उनके समर्थन में प्रचार करने के बजाय जनसुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह के पक्ष में नजर आए। वे अनुज सिंह के नामांकन से लेकर मतदान तक उनके साथ रहे और उनके समर्थन में रोड शो भी किया।

पार्टी ने इसे संगठन के निर्देशों के खिलाफ उठाया गया कदम माना। मतदान के बाद अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। इस फैसले के बाद अनंत सिंह ने मीडिया से बातचीत में अपनी प्रतिक्रिया दी और जेडीयू के भविष्य को लेकर टिप्पणी की।

अनंत सिंह ने JDU को दी नसीहत

पार्टी से निकाले जाने पर अनंत सिंह ने कहा कि आगामी चुनाव में जेडीयू को अपनी राजनीतिक स्थिति का अंदाजा हो जाएगा। उन्होंने दावा किया कि पार्टी 12 सीटों पर सिमटकर रह जाएगी।

नीतीश कुमार के साथ अपने संबंधों पर उन्होंने कहा कि वे पहले भी उनके साथ थे और आगे भी साथ रहेंगे। उनके इस बयान से साफ है कि उन्होंने पार्टी से निष्कासन और नीतीश कुमार के प्रति अपने समर्थन को अलग-अलग नजरिए से पेश किया है।

बोले- सदस्यता जाने से कोई फर्क नहीं पड़ता

अनंत सिंह ने कहा कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया है। पार्टी ने उन्हें बाहर करने का फैसला लिया है, तो वे इसे स्वीकार करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सदस्यता समाप्त होने से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता और इस कार्रवाई का असर आगे देखने को मिलेगा।

जेडीयू के नेतृत्व को लेकर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने पार्टी बनाई थी, लेकिन अब इसे दूसरे लोग चला रहे हैं। उनके इस बयान को पार्टी के मौजूदा कामकाज और नेतृत्व को लेकर उनकी नाराजगी के रूप में देखा जा रहा है।

दूसरी पार्टी में जाने पर क्या बोले अनंत सिंह?

अनंत सिंह के किसी दूसरी पार्टी में शामिल होने की अटकलों पर भी सवाल उठे। इस पर उन्होंने कहा कि जनता जो फैसला करेगी, वे उसे स्वीकार करेंगे। फिलहाल उन्होंने किसी दूसरी पार्टी में शामिल होने को लेकर कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की है।

एमएलसी चुनाव के दौरान सामने आए इस विवाद के बाद अनंत सिंह और जेडीयू के बीच राजनीतिक दूरी बढ़ती दिखाई दे रही है। हालांकि, आगामी चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन को लेकर अनंत सिंह का 12 सीटों वाला दावा उनका निजी आकलन है; इसकी पुष्टि चुनाव परिणाम आने के बाद ही हो सकेगी।

रायपुर पहुंचीं स्मृति ईरानी, दो दिन में 12 बैठकों के जरिए संगठन की करेंगी समीक्षा

 रायपुर : छत्तीसगढ़ में भाजपा की प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी दो दिवसीय दौरे पर रविवार को राजधानी रायपुर पहुंचीं। उनके साथ प्रदेश सह प्रभारी सिद्धार्थ शंभू भी आए हैं। 25 और 26 अक्टूबर को कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में संगठन के पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठकें आयोजित की जाएंगी। इस दौरे के दौरान कुल 12 बैठकें प्रस्तावित हैं।

सादगी के साथ हुआ स्वागत

स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर स्मृति ईरानी के स्वागत के लिए भाजपा के 16 नामित पदाधिकारी पहुंचे। इस बार स्वागत कार्यक्रम को सादगीपूर्ण रखा गया। पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने कहा कि वीआईपी कल्चर स्थायी नहीं होता, जबकि कार्यकर्ता स्थायी होता है।

पहले दिन संगठन के पदाधिकारियों के साथ चर्चा

25 अक्टूबर को दौरे के पहले दिन सुबह 11 बजे से 11:30 बजे तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम को सुना जाएगा। इसके बाद सुबह 11:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव, संगठन महामंत्री और प्रदेश महामंत्रियों के साथ बैठक होगी।

दोपहर 12:30 से 1:30 बजे तक प्रदेश पदाधिकारियों के साथ समीक्षा और रणनीति पर चर्चा होगी। इसके बाद दोपहर 1:30 से 2:30 बजे तक संभाग प्रभारियों, जिला प्रभारियों और जिला अध्यक्षों के साथ बैठक निर्धारित है।

दोपहर 3:30 से शाम 5 बजे तक पूर्व विधायकों और पूर्व सांसदों के साथ चर्चा होगी। शाम 5:30 से 7 बजे तक पूर्व प्रदेश पदाधिकारियों के साथ बैठक होगी। पहले दिन का कार्यक्रम रात 7 से 8:30 बजे तक होने वाली भाजपा कोर ग्रुप की बैठक के साथ आगे बढ़ेगा।

दूसरे दिन विधायकों और सांसदों से होगी मुलाकात

26 अक्टूबर को दूसरे दिन सुबह 10 से 11:30 बजे तक भाजपा विधायकों के साथ संगठनात्मक चर्चा होगी। सुबह 11:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक सांसदों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी।

इसके बाद दोपहर 12:30 से 2 बजे तक राज्य मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ चर्चा होगी। दोपहर 3 बजे स्मृति ईरानी निगम, मंडल, आयोग और बोर्ड के अध्यक्षों तथा उपाध्यक्षों के साथ समीक्षा बैठक करेंगी।

संगठनात्मक गतिविधियों और रणनीति पर रहेगा जोर

दो दिवसीय दौरे में स्मृति ईरानी पार्टी के विभिन्न स्तरों के पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से संवाद करेंगी। बैठकों में संगठन के कामकाज की समीक्षा, आपसी समन्वय और आगे की रणनीति से जुड़े विषयों पर चर्चा की जाएगी।

Diwali 2026 Date: 8 नवंबर को मनाई जाएगी दिवाली, जानें लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त और अमावस्या तिथि

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दीपावली का पर्व नजदीक आते ही घरों में साफ-सफाई, सजावट और त्योहार की तैयारियां तेज हो गई हैं। रोशनी के इस पर्व पर माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। हालांकि, हर साल की तरह इस बार भी दिवाली की सही तारीख और पूजा के शुभ मुहूर्त को लेकर लोगों के बीच सवाल हैं। पंचांग के अनुसार, साल 2026 में दिवाली 8 नवंबर, रविवार को मनाई जाएगी। आइए जानते हैं अमावस्या तिथि, लक्ष्मी पूजन और प्रदोष काल का समय।

अमावस्या तिथि कब शुरू होगी और कब होगी समाप्त?

पंचांग के अनुसार, कार्तिक अमावस्या तिथि 8 नवंबर 2026 को सुबह 11 बजकर 27 मिनट पर शुरू होगी। इसका समापन 9 नवंबर को दोपहर 12 बजकर 31 मिनट पर होगा। दी गई पंचांग गणना के अनुसार, उदया तिथि और मिथिला व महावीर पंचांग की मान्यता के आधार पर 8 नवंबर को दीपावली मनाई जाएगी।

लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त

दिवाली पर माता लक्ष्मी की पूजा के लिए शाम का समय विशेष महत्व रखता है। दी गई गणना के अनुसार, 8 नवंबर को लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 31 मिनट से रात 7 बजकर 29 मिनट तक रहेगा। इस तरह पूजा के लिए कुल 1 घंटा 58 मिनट का समय मिलेगा।

इस अवधि को वृषभ लग्न या स्थिर लग्न से भी जोड़ा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस समय पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है।

प्रदोष काल और निशिता काल का समय

दिवाली के दिन पूजा के लिए प्रदोष काल और निशिता काल का भी महत्व माना जाता है। दी गई पंचांग गणना के अनुसार, इनका समय इस प्रकार है:

  • प्रदोष काल: शाम 5 बजकर 07 मिनट से शाम 7 बजकर 41 मिनट तक।
  • वृषभ काल: शाम 5 बजकर 31 मिनट से रात 7 बजकर 29 मिनट तक।
  • निशिता काल: रात 11 बजकर 07 मिनट से रात 11 बजकर 58 मिनट तक।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, निशिता काल में भी लक्ष्मी पूजा की जा सकती है। हालांकि, इस समय पूजा का मुहूर्त स्थिर लग्न से अलग होगा।

प्रदोष काल और वृषभ लग्न का क्या है महत्व?

हिंदू परंपरा में प्रदोष काल को सूर्यास्त के आसपास का महत्वपूर्ण समय माना जाता है। दीपावली पर इस अवधि में माता लक्ष्मी की पूजा करना शुभ समझा जाता है। वहीं, वृषभ लग्न को स्थिर लग्न कहा जाता है। मान्यता है कि इस अवधि में लक्ष्मी पूजन करने से घर में धन-धान्य और सुख-समृद्धि बनी रहती है।

दिवाली की पूजा के लिए अपने स्थानीय पंचांग और शहर के अनुसार निर्धारित समय की पुष्टि करना उचित रहेगा, क्योंकि सूर्योदय और सूर्यास्त के समय में स्थान के अनुसार अंतर हो सकता है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रामचंडी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली एवं सुख-समृद्धि की कामना की

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज महासमुंद जिले के बसना विकासखंड अंतर्गत ग्राम गढ़फुलझर में बाबा बिसाशहे कुल कोलता समाज द्वारा आयोजित वार्षिक स्नेह सम्मेलन एवं बंधु मिलन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे।

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रामचंडी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली एवं सुख-समृद्धि की कामना की

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सर्वप्रथम गढ़फुलझर स्थित रामचंडी मंदिर पहुंचकर मां रणेश्वर रामचंडी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने मां रामचंडी से छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि, खुशहाली और निरंतर प्रगति के साथ प्रदेशवासियों के मंगलमय जीवन की कामना की।

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रामचंडी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली एवं सुख-समृद्धि की कामना की

इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद श्री धर्मेंद्र प्रधान, खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, विधायक श्री संपत अग्रवाल सहित बाबा बिसाशहे कुल कोलता समाज के पदाधिकारी, समाजजन एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।