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Thursday, October 29, 2026
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सीएम विष्णुदेव साय आज निवास से जुड़ेंगे कार्यक्रमों में, चक्रवात के चलते रायपुर में स्कूल-कॉलेज बंद

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज मुख्यमंत्री निवास से ही विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। निर्धारित कार्यक्रमों में वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल होंगे। इस दौरान सरगुजा जिले में आयोजित बाबा कार्तिक उरांव जन्म शताब्दी समारोह 2026 में उनकी सहभागिता होगी। इसके अलावा वे सीतापुर से तराई तक बनने वाले फोरलेन सड़क मार्ग का शुभारंभ भी करेंगे।

बाबा कार्तिक उरांव जन्म शताब्दी समारोह में होंगे शामिल

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरगुजा जिले में आयोजित बाबा कार्तिक उरांव जन्म शताब्दी समारोह से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़ेंगे। इसी माध्यम से वे सीतापुर से तराई तक फोरलेन सड़क मार्ग के शुभारंभ कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे। मुख्यमंत्री के आज के कार्यक्रम मुख्यमंत्री निवास से ही संचालित होंगे।

चक्रवात अर्नब के मद्देनजर रायपुर में स्कूल-कॉलेज बंद

चक्रवाती तूफान अर्नब के संभावित प्रभाव को देखते हुए रायपुर जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए एहतियाती कदम उठाया है। मौसम खराब होने, भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की आशंका के बीच जिले के सभी स्कूलों और कॉलेजों में एक दिन का अवकाश घोषित किया गया है।

विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन का फैसला

जिला प्रशासन की ओर से जारी आदेश में प्रतिकूल मौसम की आशंका को ध्यान में रखते हुए शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, खराब मौसम के दौरान विद्यार्थियों को होने वाली संभावित परेशानियों से बचाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।

अभिभावकों और विद्यार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे स्कूल-कॉलेज दोबारा खुलने के संबंध में जिला प्रशासन और संबंधित संस्थानों की आधिकारिक सूचना पर नजर रखें।

CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट, 5 जिलों में ऑरेंज चेतावनी, कई जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद

 CG Weather Update:  छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बिगड़ने के बीच भारतीय मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। राज्य के पांच जिलों में भारी से अति भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। वहीं, राजधानी रायपुर समेत 22 जिलों में हल्की बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। रायपुर, बिलासपुर सहित कई इलाकों में बारिश का सिलसिला जारी है। खराब मौसम के कारण कुछ स्थानों पर पेड़ गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं।

इन पांच जिलों में ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग ने नारायणपुर, कोंडागांव, बीजापुर, बस्तर और दंतेवाड़ा में भारी बारिश तथा बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।

इसके अलावा रायपुर समेत प्रदेश के 22 जिलों में हल्की बारिश की संभावना को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया गया है। लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।

12 जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद रखने का फैसला

चक्रवात अर्नब के प्रभाव को देखते हुए राज्य के 12 जिलों में शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का निर्णय लिए जाने की जानकारी दी गई है। इनमें सरगुजा, बलरामपुर, सूरजपुर, एमसीबी, दुर्ग, धमतरी, गरियाबंद, बिलासपुर, रायपुर और महासमुंद सहित अन्य जिले शामिल हैं।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी में सभी 12 जिलों के नामों की पूरी सूची स्पष्ट नहीं है। अभिभावकों और विद्यार्थियों को अपने जिले के प्रशासन या संबंधित शैक्षणिक संस्थान से छुट्टी की आधिकारिक पुष्टि कर लेनी चाहिए।

रेलवे ने यात्रियों के लिए जारी की एडवाइजरी

खराब मौसम और चक्रवात के संभावित प्रभाव को देखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। रेलवे ने यात्रा के दौरान होने वाली संभावित परेशानियों को ध्यान में रखते हुए कुछ जरूरी निर्देश जारी किए हैं।

  • ट्रेन में सफर शुरू करने से पहले उसकी ताजा स्थिति और निर्धारित समय की जानकारी प्राप्त करें।
  • बारिश, जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए स्टेशन के लिए पर्याप्त समय लेकर निकलें।
  • स्टेशन पर होने वाली घोषणाओं और रेलवे कर्मचारियों के निर्देशों का पालन करें।
  • रेलवे ट्रैक पार करने से बचें और केवल निर्धारित रास्तों का इस्तेमाल करें।
  • मोबाइल फोन चार्ज रखें। जरूरी दवाइयां, पीने का पानी और आपातकालीन संपर्क नंबर भी साथ रखें।
  • बारिश के कारण प्लेटफॉर्म, सीढ़ियों और फुट ओवरब्रिज पर फिसलन हो सकती है, इसलिए अतिरिक्त सावधानी बरतें।
  • ट्रेन के रूट में बदलाव, देरी या निरस्तीकरण की जानकारी रेलवे के आधिकारिक माध्यमों से ही प्राप्त करें।

रेलवे प्रशासन मौसम की परिस्थितियों पर नजर रखते हुए यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाजनक आवागमन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कह रहा है।

आने वाले दिनों में कैसा रहेगा छत्तीसगढ़ का मौसम?

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले दो दिनों में राज्य के अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। इसके बाद तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है।

उत्तर छत्तीसगढ़ के जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। कुछ इलाकों में बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका भी जताई गई है।

खराब मौसम में बरतें सावधानी

बारिश और आकाशीय बिजली की आशंका के बीच लोगों को अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना चाहिए। तेज हवा के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों से दूरी बनाए रखें। मौसम विभाग और जिला प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों पर ध्यान दें।

नोट: मौसम अलर्ट, स्कूल-कॉलेज बंद होने और रेलवे सेवाओं से संबंधित जानकारी में बदलाव संभव है। यात्रा करने या स्कूल जाने से पहले संबंधित विभागों की आधिकारिक सूचना अवश्य जांचें।

MP IPS Transfer: मध्य प्रदेश में 12 IPS अधिकारियों के तबादले, कई जिलों के SP बदले

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 MP IPS Transfer:  मध्य प्रदेश में पुलिस प्रशासन को लेकर बड़ा फेरबदल किया गया है। बुधवार देर रात जारी आदेश के तहत भारतीय पुलिस सेवा के 12 अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। इस प्रशासनिक बदलाव में कई जिलों के पुलिस अधीक्षकों के साथ पुलिस मुख्यालय और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर भी नई नियुक्तियां की गई हैं। गृह विभाग की ओर से तबादला आदेश जारी किया गया है।

पांच जिलों में नए पुलिस अधीक्षकों की नियुक्ति

राज्य में हुए इस फेरबदल के तहत हरदा, बैतूल, पन्ना, नर्मदापुरम और आलीराजपुर जिले में पुलिस अधीक्षकों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है।अंकित जायसवाल को हरदा जिले का पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। 2017 बैच के IPS अधिकारी जायसवाल इससे पहले भोपाल में रेल पुलिस अधीक्षक के पद पर कार्यरत थे।इसी बैच के अमित सक्सेना को बैतूल का एसपी बनाया गया है। तबादले से पहले वे भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक, कार्मिक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे।सव्यसाची सराफ को पन्ना जिले की पुलिस व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे इससे पहले इंदौर में साइबर पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात थे।दीपक कुमार शुक्ला को उज्जैन स्थित विशेष सशस्त्र बल की 32वीं वाहिनी के सेनानी पद से स्थानांतरित कर नर्मदापुरम का पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। वहीं, उज्जैन आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ में पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात अधिकारी को आलीराजपुर जिले की कमान सौंपी गई है। उपलब्ध जानकारी में इस अधिकारी का नाम स्पष्ट नहीं है।

रघुवंश कुमार सिंह की पुलिस मुख्यालय में नियुक्ति

तबादला आदेश के तहत 2012 बैच के IPS अधिकारी रघुवंश कुमार सिंह को पुलिस मुख्यालय भेजा गया है। उन्हें वहां उप पुलिस महानिरीक्षक के पद पर जिम्मेदारी दी गई है। इससे पहले वे आलीराजपुर में पुलिस अधीक्षक और उप पुलिस महानिरीक्षक के रूप में पदस्थ थे।

साईंकृष्ण एस थोटा को मिली नई जिम्मेदारी

2014 बैच के IPS अधिकारी साईंकृष्ण एस थोटा को पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक नियुक्त किया गया है। इस बदलाव के साथ पुलिस विभाग में अधिकारियों की जिम्मेदारियों का नए सिरे से निर्धारण किया गया है।

पुलिस प्रशासन में बदलाव से व्यवस्था पर रहेगी नजर

मध्य प्रदेश में किए गए इन तबादलों के जरिए जिला स्तर और पुलिस मुख्यालय में प्रशासनिक जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। नए पदों पर नियुक्त अधिकारियों के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण और पुलिस प्रशासन को प्रभावी बनाने की जिम्मेदारी होगी।नोट: उपलब्ध मूल जानकारी में सभी 12 अधिकारियों के नाम और पदस्थापना का पूरा विवरण नहीं है। इसलिए शेष अधिकारियों की नियुक्तियों के संबंध में अतिरिक्त जानकारी शामिल नहीं की गई है।

Karwa Chauth 2026: करवा चौथ पर पत्नी को कैसे कराएं खास होने का एहसास, महंगे गिफ्ट नहीं ये छोटे प्रयास जीत लेंगे दिल

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Karwa Chauth 2026:  करवा चौथ पति-पत्नी के प्रेम, विश्वास और आपसी समर्पण से जुड़ा खास पर्व है। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ व्रत रखती हैं। त्योहार की तैयारियां कई दिन पहले से शुरू हो जाती हैं। कपड़ों से लेकर गहनों, मेहंदी और पूजा की सामग्री तक, हर छोटी-बड़ी चीज का खास ध्यान रखा जाता है।

करवा चौथ के दिन महिलाएं सुबह सरगी ग्रहण करने के बाद निर्जला व्रत रखती हैं। शाम को पूजा और चंद्र दर्शन के बाद पति के हाथों से पानी पीकर व्रत का पारण करती हैं। इस पूरे दिन में पत्नी अपने परिवार और रिश्ते के लिए विशेष समर्पण दिखाती है। ऐसे में पति की भी जिम्मेदारी बनती है कि वह अपनी पत्नी को प्यार, सम्मान और अपनापन महसूस कराए।

इसके लिए महंगे उपहार खरीदना या किसी आलीशान रेस्टोरेंट में डिनर करना जरूरी नहीं है। कई बार छोटी-छोटी कोशिशें रिश्ते में खुशियां भर देती हैं। अगर आप भी करवा चौथ 2026 पर अपनी पत्नी के चेहरे पर मुस्कान लाना चाहते हैं, तो इन खास तरीकों को अपना सकते हैं।

1. सुबह की शुरुआत प्यार भरे संदेश से करें

करवा चौथ के दिन पत्नी को खास महसूस कराने के लिए सुबह से ही अपने प्रयास शुरू कर दें। दिन की शुरुआत उन्हें करवा चौथ की शुभकामनाएं देने और प्यार भरी बातें करने से करें। आप चाहें तो उनके लिए अपने हाथों से एक छोटा सा पत्र भी लिख सकते हैं।

इस पत्र में बताएं कि आपकी जिंदगी में उनकी क्या अहमियत है और उनके साथ बिताए पल आपके लिए कितने खास हैं। आपका यह छोटा सा प्रयास उन्हें भावनात्मक खुशी दे सकता है।

2. सोलह श्रृंगार के बाद पत्नी की तारीफ करना न भूलें

करवा चौथ पर महिलाएं सजने-संवरने के लिए काफी मेहनत करती हैं। मेहंदी, सुंदर कपड़े, गहने और सोलह श्रृंगार के जरिए वे इस दिन को खास बनाती हैं। ऐसे में जब आपकी पत्नी तैयार होकर सामने आएं, तो उनकी तारीफ जरूर करें।

उनकी खूबसूरती के साथ उनकी मेहनत और उत्साह की भी सराहना करें। दिल से कही गई तारीफ पत्नी को यह एहसास दिलाती है कि आप उनकी भावनाओं और प्रयासों की कद्र करते हैं।

3. घर के कामों में पत्नी का हाथ बंटाएं

व्रत के दिन भी घर की कई जिम्मेदारियां महिलाओं के हिस्से में आ जाती हैं। पूजा की तैयारियों से लेकर रसोई और दूसरे घरेलू कामों तक, उन्हें काफी व्यस्त रहना पड़ सकता है। ऐसे में पति का सहयोग उनके लिए बड़ी राहत बन सकता है।

सरगी की तैयारी, रसोई के काम, पूजा का सामान जुटाने या घर को व्यवस्थित करने में उनका साथ दें। उन्हें बीच-बीच में आराम करने का समय भी दें। इससे उन्हें महसूस होगा कि यह त्योहार केवल उनकी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आप दोनों के लिए खास अवसर है।

4. व्रत खुलने के बाद पसंदीदा खाना खिलाएं

चंद्र दर्शन और पूजा के बाद पत्नी जब व्रत खोलें, तो उनके लिए खाने की अच्छी व्यवस्था करें। उनकी पसंद का भोजन अपने हाथों से तैयार करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। अगर खाना बनाना संभव न हो, तो उनकी पसंद का भोजन मंगवा सकते हैं या साथ में डिनर पर जाने की योजना बना सकते हैं।

खास बात यह है कि पत्नी की पसंद और सुविधा को प्राथमिकता दें। पूरे दिन व्रत रखने के बाद उन्हें आराम से बैठकर भोजन करने दें और इस पल को प्यार भरा बनाएं।

5. शादी के बाद पहला करवा चौथ यादगार बनाएं

शादी के बाद पहला करवा चौथ कई जोड़ों के लिए बेहद खास होता है। इस दिन से जुड़ी यादें लंबे समय तक दिल के करीब रहती हैं। अगर यह आपका पहला करवा चौथ है, तो पत्नी के लिए कोई ऐसा छोटा सरप्राइज तैयार करें, जिसे वह हमेशा याद रख सकें।

आप दोनों की पुरानी तस्वीरों का संग्रह बना सकते हैं, साथ बिताए खास पलों को याद कर सकते हैं या उनकी पसंदीदा फिल्म देख सकते हैं। चाहें तो साथ में बिताए अब तक के सफर और भविष्य के सपनों पर भी बातचीत करें। इससे आपसी जुड़ाव और गहरा हो सकता है।

6. पत्नी के लिए कुछ समय पूरी तरह निकालें

आज की व्यस्त जिंदगी में एक-दूसरे के लिए समय निकालना भी प्यार जताने का अच्छा तरीका है। करवा चौथ के दिन कुछ समय ऐसा रखें, जब आप दोनों बिना किसी काम या फोन की व्यस्तता के साथ बैठ सकें।

पत्नी की बातें सुनें, उनकी पसंद-नापसंद पर चर्चा करें और उन्हें बताएं कि उनके साथ बिताया समय आपके लिए कितना मायने रखता है। कई बार किसी की बात ध्यान से सुनना भी महंगे उपहार से ज्यादा खुशी दे सकता है।

7. उपहार दें, लेकिन पसंद का ध्यान रखें

अगर आप करवा चौथ पर पत्नी को कोई गिफ्ट देना चाहते हैं, तो जरूरी नहीं कि वह महंगा ही हो। उनकी पसंद की किताब, कोई छोटा सा आभूषण, पसंदीदा परफ्यूम या उनकी जरूरत की कोई चीज भी अच्छा विकल्प हो सकती है।

उपहार चुनते समय इस बात का ध्यान रखें कि वह उनकी पसंद से जुड़ा हो। इससे उन्हें लगेगा कि आप उनकी छोटी-छोटी इच्छाओं को भी समझते हैं।

करवा चौथ पर रिश्ते को मजबूत बनाने का मौका न गंवाएं

करवा चौथ केवल व्रत, पूजा और चंद्र दर्शन तक सीमित नहीं है। यह पति-पत्नी के बीच प्यार, विश्वास और साथ निभाने के वादे को फिर से मजबूत करने का अवसर भी है। इस दिन पत्नी के प्रति सम्मान जताना, उनकी जिम्मेदारियों में सहयोग करना और उनके साथ कुछ अच्छे पल बिताना रिश्ते को नई ऊर्जा दे सकता है।

याद रखें, खुशहाल वैवाहिक जीवन की नींव महंगे उपहारों से ज्यादा आपसी समझ, सम्मान और छोटे-छोटे प्रयासों पर टिकी होती है। इसलिए इस करवा चौथ अपनी पत्नी को यह एहसास जरूर कराएं कि वह आपकी जिंदगी में कितनी खास हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय लरंग साय जी की प्रतिमा का किया वर्चुअल अनावरण

 रायपुर, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय से वर्चुअल माध्यम से बलरामपुर जिले के ग्राम चिरई-जसवंतपुर में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय श्री लरंग साय जी की प्रतिमा का अनावरण किया. मुख्यमंत्री ने उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए जनसेवा, जनजातीय समाज के उत्थान और सरगुजा अंचल के विकास में उनके अमूल्य योगदान का स्मरण किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बलरामपुर जिले को ₹202 करोड़ 65 लाख की लागत के 2,009 विकास कार्यों की सौगात दी. इनमें ₹156 करोड़ 68 लाख के 1,863 कार्यों का भूमिपूजन तथा ₹45 करोड़ 97 लाख के 146 पूर्ण कार्यों का लोकार्पण शामिल है.

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि स्वर्गीय लरंग साय जी जनसेवा के प्रति समर्पित ऐसे जननेता थे, जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन गरीबों, वंचितों, जनजातीय समाज और क्षेत्र के विकास के लिए समर्पित कर दिया. अविभाजित मध्यप्रदेश में विधायक, सांसद और मंत्री के रूप में उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए सदैव जनता के हितों को सर्वोपरि रखा. जनजातीय समाज के अधिकारों, सम्मान और विकास के लिए उनका योगदान अविस्मरणीय है. उनकी प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को समाजसेवा, समर्पण और जनकल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती रहेगी.

मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वर्गीय लरंग साय जी के साथ अपने आत्मीय संबंधों को याद करते हुए कहा कि जब वे पहली बार विधायक बने, तभी से उन्हें काका लरंग साय जी के निकट संपर्क में आने और उनके अनुभवों से सीखने का अवसर मिला. उन्होंने बताया कि सांसद के रूप में दिल्ली में रहने के दौरान काका जी अक्सर उनके निवास पर आया करते थे और कई बार वहीं ठहरते थे. उन्होंने काका जी से कहा था कि जब भी वे दिल्ली आएँ, उनके लिए निवास पर एक कमरा हमेशा आरक्षित रहेगा.

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के साथ भी स्वर्गीय लरंग साय जी के अत्यंत आत्मीय संबंध थे. अटल जी उनका विशेष सम्मान करते थे. काका जी का सहज स्वभाव, सरल जीवन और जनता के प्रति समर्पण उनकी विशिष्ट पहचान थी. सार्वजनिक जीवन में उनके आदर्श हम सभी के लिए सदैव अनुकरणीय रहेंगे.

मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए की तीन महत्वपूर्ण घोषणाएँ

मुख्यमंत्री श्री साय ने क्षेत्रवासियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तीन महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं. उन्होंने शंकरगढ़ स्थित बालक हायर सेकेंडरी स्कूल के जर्जर भवन के स्थान पर नवीन विद्यालय भवन के निर्माण की घोषणा की. इसके साथ ही चांदो में सामाजिक, सांस्कृतिक एवं सार्वजनिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए एक बड़े सामुदायिक भवन का निर्माण कराया जाएगा.

मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय लरंग साय जी की स्मृतियों को चिरस्थायी बनाए रखने के लिए उनकी प्रतिमा स्थल के समीप भव्य स्मृति द्वार के निर्माण की भी घोषणा की. उन्होंने कहा कि यह स्मृति द्वार जनसेवा के प्रति उनके समर्पण और क्षेत्र के विकास में दिए गए योगदान का प्रतीक बनेगा.

बलरामपुर जिले में विकास कार्यों को मिलेगी नई गति

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बलरामपुर जिले को एक साथ बड़ी संख्या में विकास कार्यों की सौगात मिलना क्षेत्र की प्रगति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. नए कार्यों के भूमिपूजन से निर्माण गतिविधियों को गति मिलेगी, वहीं पूर्ण हो चुके कार्यों से आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएँ मिलेंगी. सड़क, अधोसंरचना और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के नए अवसर उपलब्ध होंगे.

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार सरगुजा और बस्तर सहित प्रदेश के सभी क्षेत्रों के संतुलित एवं समग्र विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है. हमारा संकल्प है कि विकास का लाभ अंतिम गाँव और अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे तथा हर नागरिक को आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें.

गरीबों और विशेष पिछड़ी जनजातियों के कल्याण के लिए निरंतर प्रयास

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गरीब परिवारों के पक्के आवास का सपना तेजी से साकार हो रहा है. प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 1,600 प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि बस्तर में आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास के लिए केंद्र सरकार से माँगे गए 15 हजार अतिरिक्त प्रधानमंत्री आवासों को भी स्वीकृति मिल गई है. इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया.

मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समुदायों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना हमारी सरकार की महत्वपूर्ण प्राथमिकता है. प्रदेश में पहाड़ी कोरवा, बिरहोर, कमार, बैगा और अबूझमाड़िया जैसे समुदायों की आबादी लगभग 3 लाख 20 हजार है. प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत इन समुदायों के लिए लगभग 32 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं. इसके साथ ही बिजली, पेयजल, राशन कार्ड और अन्य बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए भी निरंतर कार्य किया जा रहा है.

15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी, किसानों की सुविधा के लिए खुलेंगे 360 नए केंद्र

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसानों की समृद्धि और उनकी मेहनत का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है. आगामी 15 नवंबर से प्रदेश में धान खरीदी प्रारंभ होगी. इस वर्ष भी किसानों से ₹3,100 प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान खरीदा जाएगा.

उन्होंने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए प्रदेशभर में 360 नए धान खरीदी केंद्र प्रारंभ किए जा रहे हैं. इससे किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए लंबी दूरी तय करने की आवश्यकता कम होगी और खरीदी केंद्रों में अनावश्यक भीड़ तथा लंबी कतारों से राहत मिलेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का प्रयास है कि धान बेचने में किसी भी अन्नदाता को परेशानी न हो.

वनांचल के परिवारों की आय बढ़ाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वनांचलों में निवासरत परिवारों की आजीविका को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है. बस्तर और सरगुजा संभाग में लगभग 13 लाख परिवार तेंदूपत्ता संग्रहण से जुड़े हैं. इन परिवारों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से तेंदूपत्ता संग्रहण की पारिश्रमिक दर ₹4,000 से बढ़ाकर ₹5,500 प्रति मानक बोरा की गई है. इसके साथ ही तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए चरण पादुका योजना भी पुनः प्रारंभ की गई है.

उन्होंने कहा कि प्रदेश के साढ़े पाँच लाख से अधिक भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को प्रतिवर्ष ₹10 हजार की एकमुश्त आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है. सरकार का प्रयास है कि गरीब, किसान, श्रमिक और वनांचल के परिवार आर्थिक रूप से सशक्त बनें तथा विकास की मुख्यधारा से जुड़ें.

सुशासन से आम नागरिकों का जीवन होगा अधिक सुगम

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रशासनिक व्यवस्था को पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है. मंत्रालय में ई-ऑफिस प्रणाली लागू की गई है और शासकीय सेवाओं को डिजिटल माध्यम से अधिक सुलभ बनाया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से नागरिक अपनी समस्याएँ और शिकायतें दर्ज करा सकते हैं. हमारा प्रयास है कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध निराकरण हो और नागरिकों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए शासकीय कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें. सुशासन की वास्तविक सार्थकता तभी है, जब आम नागरिकों को सरलता और समय पर शासकीय सेवाओं का लाभ मिले.

मुख्यमंत्री श्री साय ने बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में कार्यक्रम में उपस्थित क्षेत्रवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया. उन्होंने प्रतिकूल मौसम के कारण व्यक्तिगत रूप से कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाने पर खेद भी प्रकट किया.

स्वर्गीय लरंग साय जी के सपनों को साकार करने के लिए क्षेत्र के विकास को देंगे नई गति : कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम

कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि स्वर्गीय लरंग साय जी ने अपना संपूर्ण जीवन जनसेवा और क्षेत्र के विकास के लिए समर्पित किया. उनका योगदान केवल सामरी क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे सरगुजा अंचल के विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही. उनकी प्रतिमा की स्थापना उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने के साथ ही भावी पीढ़ियों को उनके आदर्शों से परिचित कराने की सराहनीय पहल है.

श्री नेताम ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरगुजा अंचल में विकास कार्यों को नई गति मिल रही है. बलरामपुर जिले को ₹202 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात मिलने से सड़क, पुल-पुलिया, तालाब और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा. उन्होंने कहा कि क्षेत्र की अन्य आवश्यकताओं और जनप्रतिनिधियों की माँगों के अनुरूप भी विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी. स्वर्गीय लरंग साय जी ने क्षेत्र के विकास का जो सपना देखा था, उसे साकार करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है.

स्वर्गीय लरंग साय जी का व्यक्तित्व और कृतित्व सदैव प्रेरणादायी रहेगा : मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े

महिला एवं बाल विकास मंत्री तथा जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि स्वर्गीय लरंग साय जी जनजातीय समाज के प्रमुख नेता और जनसेवा के प्रति समर्पित व्यक्तित्व थे. भारतीय जनसंघ से जुड़े रहकर उन्होंने सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण योगदान दिया. उनकी नेतृत्व क्षमता, सहज व्यक्तित्व और आम जनता से गहरा जुड़ाव उनकी विशेष पहचान रही.

श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं, किसानों, गरीबों और जनजातीय समाज के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है. महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की माताओं-बहनों को प्रतिमाह ₹1,000 की आर्थिक सहायता मिल रही है, जिससे उनका आत्मविश्वास और आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ रही है.

उन्होंने कहा कि सरकार गठन के बाद पहली कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति का निर्णय गरीबों के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में बलरामपुर जिले सहित पूरे सरगुजा अंचल में विकास और जनकल्याण के कार्यों को और गति मिलेगी.

इस अवसर पर विधायक श्रीमती उद्धेश्वरी पैकरा, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष श्री रामकिशुन सिंह, श्री बब्रुवाहन महाराज, श्री ओम प्रकाश जायसवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित थे.

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सूरजपुर जिले को दी 232 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सूरजपुर जिले को 232 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी. उन्होंने रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय से वर्चुअल माध्यम से प्रेमनगर में आयोजित कार्यक्रम में 24 करोड़ 29 लाख रुपये की लागत से पूर्ण हुए 63 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 208 करोड़ 20 लाख रुपये की लागत के 54 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रेमनगर नगर पंचायत में 2 करोड़ 70 लाख रुपये के अतिरिक्त विकास कार्यों की घोषणा भी की.

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार सरगुजा और बस्तर सहित प्रदेश के सभी क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाओं को साकार करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है. सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना हमारी प्राथमिकता है. हमारा संकल्प है कि विकास की रोशनी प्रदेश के अंतिम गाँव तक पहुँचे और प्रत्येक नागरिक को आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें.

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रेमनगर नगर पंचायत में मंगल भवन के पास डोम निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये, इंडोर स्टेडियम के लिए 50 लाख रुपये तथा वार्ड क्रमांक 10, 11 एवं 12 से विश्रामगृह तक लगभग दो किलोमीटर बीटी सड़क निर्माण के लिए एक करोड़ 20 लाख रुपये की घोषणा की. उन्होंने कहा कि प्रेमनगर विधानसभा क्षेत्र के विकास में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी. क्षेत्र की आवश्यकताओं और जनप्रतिनिधियों द्वारा रखी गई माँगों के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी.

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज सूरजपुर जिले के लिए खुशी और गौरव का अवसर है. एक साथ इतनी बड़ी संख्या में विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन जिले की प्रगति को नई गति देगा. इन कार्यों से नागरिक सुविधाओं का विस्तार होगा तथा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विकास के नए अवसर उपलब्ध होंगे. उन्होंने प्रतिकूल मौसम के कारण कार्यक्रम स्थल पर नहीं पहुँच पाने पर क्षेत्रवासियों से खेद व्यक्त किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि वे प्रेमनगर के लोगों से प्रत्यक्ष मुलाकात करने के लिए उत्सुक थे, लेकिन मौसम की बाधा के कारण ऐसा संभव नहीं हो सका. उन्होंने कार्यक्रम की बेहतर तैयारियों के लिए जिला प्रशासन की सराहना की.

जल संचय जनभागीदारी अभियान में सूरजपुर की उपलब्धि पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायक

मुख्यमंत्री श्री साय ने जल संचय जनभागीदारी अभियान में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने पर सूरजपुर जिले के नागरिकों, कलेक्टर और जिला प्रशासन की पूरी टीम को बधाई दी. उन्होंने कहा कि यह अत्यंत प्रसन्नता का विषय है कि इस अभियान में सूरजपुर जिला प्रदेश में प्रथम और देश में चौथे स्थान पर है. यह उपलब्धि जनभागीदारी, जागरूकता और प्रशासन के समर्पित प्रयासों का उत्कृष्ट उदाहरण है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते वर्षा चक्र, गिरते भूजल स्तर और पेयजल की बढ़ती आवश्यकताओं को देखते हुए जल संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी जरूरतों में से एक है. वर्षा जल का संचयन और पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है. सूरजपुर जिले ने इस दिशा में जो प्रयास किए हैं, वे अन्य जिलों के लिए भी अनुकरणीय हैं.
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जल संरक्षण और जल संवर्धन को विशेष प्राथमिकता दे रही है. सूरजपुर जिले में जल संरक्षण एवं संवर्धन से संबंधित अधोसंरचना विकास के 2,212 कार्यों पर लगभग 130 करोड़ 56 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे. इन कार्यों से वर्षा जल संचयन को बढ़ावा मिलेगा, भूजल स्तर सुधारने में सहायता मिलेगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता बढ़ेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों के साथ प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भी हमारी सरकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है.

किसानों की समृद्धि और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों की खुशहाली और आर्थिक समृद्धि के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है. छत्तीसगढ़ सरकार किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान की खरीदी कर रही है. किसानों को अपनी उपज बेचने में अधिक सुविधा मिले, इसके लिए प्रदेश में 360 नए धान खरीदी केंद्रों को स्वीकृति दी गई है. इससे किसानों को धान बेचने के लिए लंबी दूरी तय करने और खरीदी केंद्रों में अनावश्यक प्रतीक्षा करने से राहत मिलेगी. उन्होंने कहा कि किसानों को धान की अंतर राशि भी एकमुश्त प्रदान की जा रही है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती की समृद्धि के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार अत्यंत आवश्यक है. हमारी सरकार का प्रयास है कि किसानों के खेतों तक पर्याप्त पानी पहुँचे और वे बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकें. प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक के कार्यों को स्वीकृति दी गई है. इसके अतिरिक्त वर्षों पुरानी लगभग 1,500 सिंचाई योजनाओं की मरम्मत एवं जीर्णोद्धार के लिए 2,800 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं. इन कार्यों से नहरों, बांधों के गेट तथा अन्य सिंचाई संरचनाओं का सुधार होगा और किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधाएँ उपलब्ध होंगी.

माताओं-बहनों के चेहरे की खुशी हमारी योजनाओं की सार्थकता : मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश की माताओं-बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना हमारी सरकार का महत्वपूर्ण संकल्प है. महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं के बैंक खातों में प्रतिमाह आर्थिक सहायता पहुँचाई जा रही है. उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में प्रवास के दौरान जब वे योजना से लाभान्वित माताओं-बहनों से मिलते हैं और उनके चेहरों पर खुशी तथा आत्मविश्वास देखते हैं, तो उन्हें अत्यंत संतोष होता है. महिलाओं के जीवन में आ रहा यह सकारात्मक बदलाव ही हमारी योजनाओं की वास्तविक सार्थकता है.

विशेष पिछड़ी जनजातियों के जीवन में आ रहा सकारात्मक बदलाव

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र को साकार करते हुए राज्य सरकार समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए कार्य कर रही है. विशेष पिछड़ी जनजातीय समुदायों के जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत प्रदेश में लगभग 32 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं. पहाड़ी कोरवा, बिरहोर, कमार, बैगा और अबूझमाड़िया जैसे विशेष पिछड़ी जनजातीय समुदायों को पक्के आवास सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है.
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वनांचल के परिवारों की आय बढ़ाने के लिए भी राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है. तेंदूपत्ता संग्रहण की पारिश्रमिक दर 4 हजार रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा की गई है. इससे प्रदेश के लाखों वनवासी परिवारों को आर्थिक लाभ मिल रहा है. उन्होंने कहा कि हमारी प्राकृतिक और वन संपदा स्थानीय लोगों की आजीविका तथा समृद्धि का मजबूत आधार बने, इसके लिए लगातार कार्य किया जा रहा है.

बस्तर में शांति, विश्वास और विकास का नया वातावरण

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के विरुद्ध लड़ाई में ऐतिहासिक सफलता मिली है. केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से बस्तर में शांति, विश्वास और विकास का नया वातावरण बना है. जिन क्षेत्रों में कभी नक्सलवाद के कारण विकास की गति बाधित थी, वहाँ अब सड़क, बिजली, पानी, आवास और आजीविका के नए अवसर उपलब्ध हो रहे हैं.
उन्होंने कहा कि बस्तर और सरगुजा जैसे वनांचलों में पर्यटन की अपार संभावनाएँ हैं. राज्य सरकार इन क्षेत्रों की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन स्थलों को नई पहचान दिलाने के लिए कार्य कर रही है. पर्यटन के विस्तार से स्थानीय युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी.

सुशासन का उद्देश्य नागरिकों को घर बैठे मिले शासकीय सेवाओं का लाभ

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन का वास्तविक अर्थ है कि आम नागरिकों को अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए भटकना न पड़े. इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शुरुआत की गई है, जिसके माध्यम से नागरिक अपनी शिकायतें और समस्याएँ दर्ज करा सकते हैं. सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित हो.
उन्होंने कहा कि सेवा सेतु के माध्यम से विभिन्न शासकीय सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराया जा रहा है. नागरिक अब मोबाइल के माध्यम से आवेदन कर घर बैठे प्रमाण पत्र और अन्य आवश्यक सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सकेंगे. ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से शासकीय सेवाओं के साथ बैंकिंग सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई जा रही हैं. इससे ग्रामीणों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए बैंकों और सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे.

अंजोर विजन 2047 के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में बढ़ रहे कदम

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों, समृद्ध वन संपदा और मेहनतकश लोगों का प्रदेश है. यहाँ विकास की अपार संभावनाएँ हैं. राज्य सरकार ने वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए अंजोर विजन 2047 तैयार किया है और इसके अनुरूप मिशन मोड में कार्य किया जा रहा है. हमारा लक्ष्य ऐसा छत्तीसगढ़ बनाना है, जहाँ प्रत्येक नागरिक को बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास के समान अवसर मिलें. उन्होंने प्रदेशवासियों से विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया.

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरगुजा संभाग में विकास कार्यों को मिल रही नई गति : कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम

कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रेमनगर अपने नाम के अनुरूप प्रेम और आत्मीयता से भरे लोगों का क्षेत्र है. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सहित हम सभी यहाँ आकर क्षेत्रवासियों से मिलना चाहते थे, लेकिन प्रतिकूल मौसम के कारण कार्यक्रम स्थल तक नहीं पहुँच सके. उन्होंने इसके लिए क्षेत्रवासियों से खेद व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों की सराहना की.
कृषि मंत्री श्री नेताम ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में पूरे प्रदेश, विशेषकर सरगुजा संभाग के सभी विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्यों को नई गति मिली है. राज्य सरकार सुनियोजित ढंग से अधोसंरचना निर्माण और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुँचाने के लिए कार्य कर रही है. वर्षा ऋतु समाप्त होने के बाद स्वीकृत निर्माण कार्यों में और तेजी आएगी तथा आने वाले समय में सूरजपुर सहित पूरे सरगुजा संभाग में विकास के नए कार्य धरातल पर दिखाई देंगे.
उन्होंने कहा कि सूरजपुर जिला प्राकृतिक सुंदरता और संसाधनों से समृद्ध है तथा यहाँ विकास की व्यापक संभावनाएँ हैं. उन्होंने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से प्रत्येक ग्राम पंचायत की आवश्यकताओं के अनुरूप प्राथमिकता तय कर विकास कार्य स्वीकृत करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि प्रत्येक पंचायत में एक-दो आवश्यक निर्माण कार्य प्रारंभ कराए जाएँ, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं का समाधान हो और विकास का लाभ अंतिम गाँव तक पहुँचे.

महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बना रही राज्य सरकार की योजनाएँ : मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में विकास और जनकल्याण के कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. राज्य सरकार की योजनाओं से महिलाओं, किसानों, गरीब परिवारों और जरूरतमंद लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है. महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान कर रही है और उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर रही है.
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से गरीब परिवारों के पक्के मकान का सपना साकार हो रहा है. सड़क, पुल-पुलिया और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से आम नागरिकों का जीवन सुगम बन रहा है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक, आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना भी है. महिलाओं और समाज के सभी वर्गों की आर्थिक मजबूती से ही प्रदेश की समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा. उन्होंने सूरजपुर जिले को विकास कार्यों की बड़ी सौगात मिलने पर क्षेत्रवासियों को बधाई और शुभकामनाएँ दीं.
इस अवसर पर मुख्यमंत्री निवास से सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं विधायक श्रीमती गोमती साय, श्री भरत सिंह सिसोदिया तथा प्रेमनगर स्थित कार्यक्रम स्थल पर विधायक श्री भूलन सिंह मरावी, विधायक श्रीमती शकुंतला पोर्ते, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चंदमणि पैकरा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित थे.

बादलों में छुप रहा है चांद क्यूँ! करवा चौथ: चाँद, छलनी और शुद्ध दृष्टि का दर्शन

करवा चौथ विशेष -29 अगस्त 2026

जब चाँद केवल आकाश में नहीं, बल्कि विचारों, वाणी और आचरण में उतर आता है, तब व्रत केवल भूख का संयम नहीं — मन का संयम बन जाता है। और चाँद केवल चाँद नहीं, जीवन का आदर्श बन जाता है।

करवा चौथ केवल एक व्रत नहीं, बल्कि भारतीय जीवन-दर्शन का एक सुंदर प्रतीक है। इसमें स्त्री अपने पति की दीर्घायु, स्वास्थ्य और सुखी दांपत्य जीवन की कामना करती है। लेकिन इस पर्व का वास्तविक संदेश केवल उपवास या पूजा नहीं है; यह मन की शुद्धता, रिश्ते की स्वच्छता और प्रेम की गहरी दृष्टि का संदेश है।

चाँद: शीतलता और शुद्धता का प्रतीक
करवा चौथ की रात स्त्री चाँद को विशेष महत्व देती है। चाँद शांत है, शीतल है, स्वच्छ है और बिना किसी शोर के प्रकाश बिखेरता है। वह न दावा करता है, न अहंकार दिखाता है — बस नम्रता से जग को रोशन करता है।

स्त्री अपने पति से भी यही चाहती है कि वह संसार के प्रदूषण से दूर रहे — अहंकार के धुएँ से, क्रोध की गर्मी से, लोभ की धूल से और मिथ्या की कृत्रिम रोशनी से। उसकी कामना है कि उसका जीवनसाथी चाँद जैसा शुद्ध, संयमी और शांतचित्त हो।

16 कलाओं में चंद्रमा घटता है, फिर बढ़ता है। यही जीवन का संदेश है कि हर अधूरेपन के बाद पूर्णता संभव है, और हर हानि के बाद नया प्रकाश आ सकता है। इसीलिए चंद्र को दीर्घायु, निरंतरता और अखंड सौभाग्य से जोड़ा जाता है।

छलनी: स्त्री की सफाई की कला
करवा चौथ की सबसे गहरी प्रतीकात्मक वस्तु है — छलनी। छलनी केवल चाँद और पति को देखने का साधन नहीं है; वह स्त्री की सफाई, स्वच्छता और विवेक की कला का प्रतीक है।
छलनी का मूल कार्य है — अनाज को छानकर उसमें से कंकड़, मैला और अशुद्ध तत्व अलग करना। यही कार्य स्त्री जीवन में भी करती है। वह घर को सजाती है, रिश्तों को सँभालती है, विचारों को शुद्ध करती है और जीवन से अनावश्यकता को दूर करती है।

छलनी में ये भाव समाहित हैं —
सफाई की भावना — जीवन में जो बिखरा है, उसे सँभालना।
स्वच्छता की भावना — शरीर, मन, घर और संबंधों को शुद्ध रखना।
गंदगी दूर करने का विचार — क्रोध, ईर्ष्या, अहंकार, झूठ और नकारात्मकता को दूर करना।
विवेक की दृष्टि — जो शुभ और उपयोगी है, उसे रखना; जो हानिकारक है, उसे छोड़ देना।

इस अर्थ में छलनी स्त्री के मन का दर्पण है। वह केवल अनाज नहीं छानती, बल्कि अपने रिश्तों, अपेक्षाओं और भावनाओं को भी छानती है।

चाँद को छलनी से क्यों देखती है?
स्त्री पहले चाँद को छलनी से देखती है। छलनी के सूक्ष्म छेदों से चाँद की रोशनी छनकर आती है। हो सकता है उसकी कोमल भावनाओं में यह विचार ना हो कि मेरी नजर न लग जाए चांद को।

यह दृश्य एक गहरा संदेश देता है —
“हे चंद्रदेव, तुम्हारी शीतलता से मेरी दृष्टि को शुद्ध करो।”स्त्री चाँद को देखने से पहले अपने मन को छानती है। वह अपनी दृष्टि से द्वेष, क्रोध, अपेक्षा और अशुद्ध विचारों को अलग करती है। तभी उसकी नजर में चाँद केवल एक खगोलीय पिंड नहीं रहता, बल्कि शीतलता, स्वच्छता और सादगी का प्रतीक बन जाता है।

पति को छलनी से क्यों देखती है?
इसके बाद स्त्री उसी छलनी से अपने पति का चेहरा देखती है। यही इस परंपरा का सबसे सुंदर दार्शनिक बिंदु है।

इसका भाव यह है —
“जिस शुद्ध दृष्टि से मैंने चाँद को देखा, उसी दृष्टि से मैं अपने पति को भी देखूँ।”
स्त्री यह प्रार्थना करती है कि उसकी नजर में पति के दोष नहीं, बल्कि गुण दिखें। जैसे छलनी अनाज को छानकर शुद्ध करती है, वैसे ही वह अपने रिश्ते को भी छानती है — छोटी-छोटी कमियों को पीछे छोड़कर प्रेम, विश्वास और सहनशीलता को आगे बढ़ाती है।

यह दर्शन यह भी कहता है कि पति में चाँद जैसे गुण खोजे जाएँ — शांति, स्वच्छता, संयम, करुणा और सादगी। जब पत्नी इस दृष्टि से देखती है, तो रिश्ता केवल सांसारिक नहीं रहता, बल्कि आध्यात्मिक और प्रेममय बन जाता है।

स्त्री, प्रकृति और चंद्रमा
स्त्री स्वयं प्रकृति का रूप है और कहा गया है चंद्रमा धरती से ही निकला है — इसलिए चंद्रमा की 16 कलाएं हैं और स्त्रियों की 16 श्रृंगार। बावजूद सहनशील, कोमल, फिर भी असीम शक्तिशाली। वह जीवन को धारण करती है, पालती है और उसे शुद्ध रखने का प्रयास करती है।

प्रकृति चाहती है कि पुरुष भी चाँद जैसा बने — शांत, स्वच्छ, संयमी और जीवन को पोषण देने वाला।

प्रदूषणमुक्त जीवन की कामना
आज की रात में चाँद देखना केवल आकाश देखना नहीं है। वह एक प्रश्न भी है —
क्या मेरा जीवनसाथी भी इतना शुद्ध है, जितना यह चाँद?

क्या उसके वचन में स्वच्छता है?
क्या उसके व्यवहार में शीतलता है?
क्या उसके मन में सादगी है?

स्त्री का गहरा इशारा प्रदूषण मुक्त प्रकृति

प्राचीन काल का आकाश प्रदूषणरहित था, इसलिए तारे और आकाशगंगा साफ दिखते थे। आज का मनुष्य भी तभी अपने आप को और अपने रिश्तों को साफ देख सकता है, जब उसके मन से ईर्ष्या, क्रोध, अहंकार और भ्रम का प्रदूषण हट जाए।

छनी हुई दृष्टि का प्रेम मतलब प्रदूषण रहित।
करवा चौथ का सार इस एक पंक्ति में है —
स्त्री चाँद से पति को देखती है, और पति में चाँद को।छलनी सिखाती है कि प्रेम में देखना केवल आँखों से नहीं, छनी हुई दृष्टि से होना चाहिए। चाँद को छलनी से देखना मन को शुद्ध करना है, और पति को उसी छलनी से देखना रिश्ते को शुद्ध दृष्टि से देखना है।

29 अक्टूबर 2026 का पंचांग: आज शुभ कार्यों के लिए तिथि अच्छी नहीं, राहुकाल का रखें ध्यान

पंचांग  : आज 29 अक्टूबर, 2026 गुरुवार, के दिन कार्तिक महीने की कृष्ण पक्ष चतुर्थी तिथि है. भगवान गणेशजी का इस तिथि पर शासन है. उनकी पूजा से सभी तरह के कष्ट दूर होते हैं, हालांकि किसी भी तरह के शुभ कार्यों के लिए यह तिथि अच्छी नहीं मानी जाती है.

29 अक्टूबर का पंचांग :

  • विक्रम संवत : 2083
  • मास : कार्तिक
  • पक्ष : कृष्ण पक्ष चतुर्थी
  • दिन : गुरुवार
  • तिथि : कृष्ण पक्ष चतुर्थी
  • योग : परिध
  • नक्षत्र : रोहिणी
  • करण : बव
  • चंद्र राशि : वृषभ
  • सूर्य राशि : तुला
  • सूर्योदय : 06:31:00 AM
  • सूर्यास्त : 05:38:00 PM
  • चंद्रोदय : 08:17 PM
  • चंद्रास्त : 09:52 AM
  • राहुकाल : 13:28 से 14:51
  • यमगंड : 06:31 से 07:54

आज का नक्षत्र
आज के दिन चंद्रमा वृषभ राशि और रोहिणी नक्षत्र में रहेगा. रोहिणी को शुभ नक्षत्र माना जाता है. इस नक्षत्र का विस्तार वृषभ राशि में 10 से लेकर 23:20 डिग्री तक होता है. यह एक स्थिर प्रकृति का नक्षत्र है. इसके देवता ब्रह्मा और शासक ग्रह चंद्रमा है. कुआं खोदने, नींव या शहर बनाने, प्रायश्चित कर्मकांड, पौधरोपण, राज्याभिषेक, भूमि खरीदने, मेधावी कर्म करने, बीज बोने, देवताओं की स्थापना, मंदिर के निर्माण, स्थायी काम की इच्छा रखने वाली किसी भी कार्य के लिए यह नक्षत्र शुभ माना जाता है.

आज के दिन का वर्जित समय
आज के दिन 13:28 से 14:51 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम से भी परहेज करना चाहिए.

29 अक्टूबर 2026 का राशिफल: तुला राशि उग्र स्वभाव पर रखें अंकुश, विवादों से बचें

मेष- 29 अक्टूबर, 2026 बृहस्पतिवार के दिन वृषभ राशि का चंद्रमा आज आपके लिए दूसरे भाव में होगा. दिन के आरंभ से ही आप उत्साह से भरे रहेंगे. शारीरिक तथा मानसिक स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा. पारिवारिक वातावरण आनंदप्रद रहेगा. मित्रों, स्नेहीजनों के साथ मेल-मिलाप होगा, परंतु दोपहर बाद स्वास्थ्य का ध्यान रखें. परिजनों संग मतभेद हो सकता है. बाहर खाने-पीने में संयम रखें. बातचीत करते समय उग्रतापूर्ण भाषा का प्रयोग न करें. वाणी पर संयम रखें. घर-परिवार और मित्रों के साथ समय अच्छा गुजरेगा.

वृषभ- 29 अक्टूबर, 2026 बृहस्पतिवार को वृषभ राशि का चंद्रमा आपके लिए पहले भाव में होगा. परिजनों से आप आवश्यक चर्चा करेंगे. घर की सुंदर बनाने में व्यस्त रहेंगे. मां का आशीर्वाद मिलेगा. कार्यालय में वरिष्ठों के साथ मधुर संबंध बनेंगे. दोपहर बाद सामाजिक काम में रुचि लेंगे. मित्रों से लाभ होगा. संतान से कोई अच्छी खबर मिलेगी. नई मित्रता से मन प्रसन्न रहेगा. धन लाभ होने की संभावना है. प्रेम संबंधों में आगे बढ़ने की जल्दबाजी ना करें.

मिथुन- 29 अक्टूबर, 2026 बृहस्पतिवार के दिन वृषभ राशि का चंद्रमा बारहवें भाव में होगा. आपकी वाणी या व्यवहार से आज किसी के साथ गलतफहमी पैदा कर सकते हैं. परिजनों तथा सगे-संबंधियों से संभलकर रहना पड़ेगा. बीमारी या दुर्घटना का योग है, सावधानी बरतें. मान प्रतिष्ठा को हानि पहुंचेगी. खर्च की मात्रा बढ़ेगी. विशेष रूप से मौज-शौक तथा मनोरंजन में धन खर्च होगा. अपना दिमाग शांत रखें. आज केवल अपने काम से काम रखें.

कर्क- 29 अक्टूबर, 2026 बृहस्पतिवार के दिन वृषभ राशि का चंद्रमा आज आपके लिए ग्यारहवें भाव में होगा. आज का दिन आपके लिए बहुत लाभकारी है. आपकी आय में वृद्धि होगी. किसी अन्य तरीके से भी आर्थिक लाभ होगा. मित्रों के साथ मुलाकात हो सकती है. व्यापार में नए ग्राहक मिल सकते हैं. संतान और जीवनसाथी से सुख मिलेगा. शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा. चिंता से मुक्ति मिल सकती है. मित्रों के साथ किसी प्राकृतिक स्थान पर जाने की योजना बन सकती है. आज का दिन भोजन सुख के लिए अच्छा है. परिजनों के साथ मनोरंजन पर ध्यान देंगे.

सिंह- 29 अक्टूबर, 2026 बृहस्पतिवार के दिन वृषभ राशि का चंद्रमा आज आपके लिए दसवें भाव में होगा. व्यवसाय के लिए आज का दिन बहुत अच्छा और श्रेष्ठ है. आज हर काम सफलतापूर्वक पूरा होगा. अधिकारियों की आप पर कृपादृष्टि रहेगी. नौकरीपेशा लोगों का काम समय पर होगा. आज लोगों पर इंप्रेशन जमा पाएंगे. अधिकारी आपके काम की प्रशंसा कर सकते हैं. पिता से लाभ होगा. सरकारी कामों में लाभ मिलेगा. स्वास्थ्य अच्छा रहेगा. गृहस्थजीवन मधुरतापूर्ण रहेगा. जमीन, मकान एवं संपत्ति के सौदे सफल रहेंगे. आज विद्यार्थी भी निर्धारित पढ़ाई का लक्ष्य पूरा कर सकेंगे.

कन्या- 29 अक्टूबर, 2026 बृहस्पतिवार के दिन वृषभ राशि का चंद्रमा आज आपके लिए नवें भाव में होगा. आज आपका दिन अच्छा रहेगा. सगे-संबंधियों के साथ यात्रा का आयोजन हो सकता है, हालांकि किसी भी तरह की यात्रा में आपको जोखिम से बचना चाहिए. मित्रों से लाभ हो सकता है. किसी धार्मिक कार्य में व्यस्त रहेंगे. विदेश में रहनेवाले परिजनों के समाचार से आनंद होगा. भाई-बंधु से लाभ होने की संभावना है. परिवार में चल रहा पुराना विवाद आज दूर हो सकता है. आज का दिन आर्थिक लाभ का दिन है. स्वास्थ्य की दृष्टि से समय अच्छा है.

तुला- 29 अक्टूबर, 2026 बृहस्पतिवार के दिन वृषभ राशि का चंद्रमा आज आपके लिए आठवें भाव में होगा. अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखें. कटुवाणी और खराब व्यवहार से विवाद हो सकता है. उग्र स्वभाव और खर्च पर अंकुश रखें. आपके विरोधी अधिक सक्रिय बनेंगे. हालांकि व्यापारियों के लिए दिन अच्छा हो सकता है. अचानक आर्थिक लाभ हो सकता है. भोजन में अनियमितता से परेशानी हो सकती है. अचानक कोई खर्च भी आ सकता है. आप समय पर कार्य करने की स्थिति में रहेंगे.

वृश्चिक- 29 अक्टूबर, 2026 बृहस्पतिवार के दिन वृषभ राशि का चंद्रमा आज आपके लिए सातवें भाव में होगा. आज आपका दिन आनंद और मौज-मस्ती से भरपूर रहेगा. कार्यस्थल पर आपकी ऊर्जा सकारात्मक रहेगी. दोस्तों का साथ मिलेगा. नए वस्त्र और आभूषण पहनने का अवसर प्राप्त होगा. साथ ही आप स्वादिष्ट भोजन, प्रवास और मनोरंजन का आनंद लेंगे. वैवाहिक जीवन में आनंद प्राप्त होगा. भागीदारी से आपको लाभ होगा. लोगों के बीच आपका सम्मान बढ़ेगा. आप समय पर काम पूरा कर पाने की स्थिति में रहेंगे.

धनु- 29 अक्टूबर, 2026 बृहस्पतिवार के दिन वृषभ राशि का चंद्रमा आज आपके लिए छठे भाव में होगा. आज आपके लिए आर्थिक लाभ का दिन है. घर में शांति और आनंद का वातावरण रहेगा. इससे आपका मन प्रसन्न होगा. नौकरी करने वाले लोगों को लाभ मिलेगा. सहकर्मियों से सहयोग मिलेगा. कार्यसिद्धि तथा यश मिलेगा. शारीरिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा. मातृपक्ष से अच्छे समाचार मिलेंगे. विरोधियों पर विजय मिलेगी. अपनी वाणी पर संयम रखें. मित्रों से सुखद भेंट होगी. प्रेम जीवन में संतुष्टि बनी रहेगी. आपके विचार आज सकारात्मक रहेंगे. स्वास्थ्य की दृष्टि से समय लाभ का है.

मकर- 29 अक्टूबर, 2026 बृहस्पतिवार के दिन वृषभ राशि का चंद्रमा आज आपके लिए पांचवें भाव में होगा. कला तथा साहित्य में रुचि रखने वाले व्यक्ति आज अपने कार्य क्षेत्र में विशेष योगदान दे सकेंगे. अपनी रचनात्मक और सृजनात्मक शक्तियों का परिचय करा सकेंगे. प्रेमी परस्पर घनिष्ठता का अनुभव करेंगे. उनकी मुलाकात रोमांचक रहेगी. शेयर बाजार से लाभ होगा. संतान की चिंता दूर होगी. मित्रों से लाभ होगा. कार्यस्थल पर अपने सभी काम को आसानी से पूरा कर सकेंगे. व्यापारियों के लिए आज दिन सामान्य से बेहतर रहेगा.

कुंभ- 29 अक्टूबर, 2026 बृहस्पतिवार के दिन वृषभ राशि का चंद्रमा आज आपके लिए चौथे भाव में होगा. आपको मानसिक व्यग्रता और बेचैनी का अनुभव होगा. भविष्य के लिए आर्थिक योजना बनाने के लिए अच्छा समय है. सौंदर्य प्रसाधन, आभूषण और वस्त्र खरीदने पर धन खर्च होगा. माता से लाभ होगा. जमीन, मकान, वाहन आदि का सौदा करते समय सावधानी बरतें. विद्यार्थियों के लिए अनुकूल समय है. सार्वजनिक रूप से मानहानि न हो, इसका ध्यान रखें. कार्यस्थल पर अपने काम से काम रखें और ज्यादातर समय मौन रहें.

मीन- 29 अक्टूबर, 2026 बृहस्पतिवार के दिन वृषभ राशि का चंद्रमा आज आपके लिए तीसरे भाव में होगा. वैचारिक स्थिरता महत्वपूर्ण निर्णय लेने में सहायक बनेगी. आपकी सृजनशक्ति और कलात्मकता का विकास होगा. जीवनसाथी के साथ आत्मीयता बढ़ेगी. नजदीक के पर्यटन स्थल पर घूमने जाने का कार्यक्रम बन सकता है. भाई-बहनों से लाभ होगा. किसी के साथ भावनात्मक संबंध बनेंगे. विरोधियों पर विजय प्राप्त होगी. आपके लिए समय अच्छा है, लेकिन धैर्य के साथ काम करते रहें. घर की जरूरत पर पैसा खर्च हो सकता है.

ACB ग्रुप के खिलाफ CBI जांच की मांग, 30 को धरना

कोरबा, छत्तीसगढ़ /28 अक्टूबर 2026

ACB ग्रुप की कोलवाशरियों के विस्तार और रिजेक्ट कोल आधारित पावर प्लांटों के लिंकेज व प्रदूषण पर कार्रवाई की मांग- 30 अक्टूबर को कलेक्टर कार्यालय कोरबा के सामने धरना

भारतीय जनाधिकार पार्टी, छत्तीसगढ़ के जिला संयोजक दिनेश यादव, जिलाध्यक्ष सूरजभान दास बैरागी और महिला जिलाध्यक्ष श्रीमती रेखा भारतीय ने प्रेस को जारी विज्ञप्ति में बताया कि ACB ग्रुप, उसकी संबद्ध कोलवाशरियों, ताप विद्युत परियोजनाओं तथा SECL से जुड़ी जनहित शिकायतों पर पार्टी पहले दीपका और SECL मुख्यालय, बिलासपुर में धरना-प्रदर्शन कर चुकी है।

उन पर ठोस और समयबद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर अब 30 अक्टूबर 2026 को कलेक्टर कार्यालय, कोरबा के सामने धरना आंदोलन किया जाएगा।

कोयले की आवक से रिजेक्ट कोल के अंतिम उपयोग तक संपूर्ण फोरेंसिक जांच, CBI जांच और संयुक्त SIT गठन की मांग।

पदाधिकारियों ने कहा कि कोरबा और आसपास के क्षेत्रों में कोयला खनन, कोलवाशरी संचालन, ताप विद्युत उत्पादन और कोयला परिवहन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना आवश्यक है। संबंधित विभागों और सक्षम प्राधिकारियों को पहले भेजी गई शिकायतों में इन बिंदुओं की स्वतंत्र जांच की मांग की गई है:

– कोलवाशरी की स्वीकृत क्षमता और क्षमता विस्तार
– कोयला लिंकेज और उच्च गुणवत्ता वाले कोयले की प्राप्ति
– रिजेक्ट कोल और मिडलिंग्स की मात्रा
– पावर प्लांट में ईंधन का उपयोग
– पर्यावरणीय अनुपालन
– कोयले का वास्तविक लेखांकन

उन्होंने कहा कि सरकारी अभिलेखों, वास्तविक स्टॉक, परिवहन विवरण, उत्पादन रिकॉर्ड, पर्यावरणीय निगरानी और वैज्ञानिक परीक्षणों का आपस में मिलान कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए। विशेष रूप से:

कोयला लिंकेज से प्राप्त कोयले का वास्तविक उपयोग कहां और कितना हुआ?

पूर्व शिकायतों में बड़े पैमाने पर उच्च गुणवत्ता वाले कोयले की प्राप्ति और उपयोग पर प्रश्न उठाए गए हैं। संबंधित अवधि के कोयला लिंकेज, आवंटन, Fuel Supply Agreement (FSA), उठाव, परिवहन, प्राप्ति, गुणवत्ता और अंतिम उपयोग का आधिकारिक रिकॉर्ड से सत्यापन कराया जाए।

जांच में स्पष्ट किया जाए कि कोयले की घोषित मात्रा और वास्तविक प्राप्ति में कितना अंतर है, कोयले का उपयोग किन इकाइयों में हुआ और क्या संबंधित अनुबंधों व सरकारी शर्तों का पालन किया गया।

जब पावर प्लांट में रिजेक्ट कोल और मिडलिंग्स का उपयोग किया जाना है, तो उसके वास्तविक ईंधन मिश्रण, गुणवत्ता, मात्रा, तापीय क्षमता, उत्पादन और लागत का सत्यापन आवश्यक है।

पदाधिकारियों ने बताया कि धरने में ACB ग्रुप और SECL से जुड़ी शिकायतों पर स्वतंत्र जांच और कार्रवाई की मांग रखी जाएगी, साथ ही CBI जांच और संयुक्त विशेष जांच दल (SIT) के गठन की मांग की जाएगी।