Home Blog

पीएम आवास से लेकर रोजगार तक, सांसद संतोष पाण्डेय ने गिनाईं साय सरकार की उपलब्धियां

रायपुर। पीएम आवास शहरी 2.0 को स्वीकृति मिलने पर सांसद संतोष पाण्डेय खुशी जताई है. उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के बाद पहला काम सरकार ने आवास का किया. जिन आवासों को भूपेश बघेल ने रोका था, साय सरकार ने पहले हस्ताक्षर किया. 84 नगरीय निकायों के लिए नए आवास स्वीकृत हुए हैं. हर व्यक्ति के सिर पर छत होना चाहिए, सरकार चिंता करती है.

सांसद संतोष पांडेय धनतेरस के अवसर पर मीडिया से रू-ब-रू हुए. इस दौरान उन्होंने एक हजार से अधिक पदों पर राज्य सरकार द्वारा भर्ती किए जाने पर कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने युवाओं को तोहफा दिया है. अग्निवीर की सौगात के बाद यह बड़ी सौगात छत्तीसगढ़ को मिली है.

वहीं कांग्रेस रैली में शामिल नहीं होने वाले पदाधिकारियों पर कार्रवाई पर सांसद ने कहा कि अपने-अपने विरोधियों की सूची बनाकर भेज रहे हैं. कार्रवाई करने की तैयारी में है, तो कुछ लोग करवाने के लिए भी है. कांग्रेस में सिर फुटव्वल देखने मिल रहा है.

10 जनपद में पट्टी लगाए बैठी है गांधारी

दीपक बैज के बयान कि कांग्रेस अर्जुन है, हर चक्रव्यूह को तोड़ेगी, पर सांसद संतोष पाण्डेय ने कहा कि यह अर्जुन नहीं, दुर्योधन है, और 10 जनपद में गांधारी पट्टी बांधकर बैठी है. उनको अपने पुत्र दुर्योधन के सिवाय कोई नहीं दिखता. महाभारत में उनका सत्यानाश होता है. कांग्रेस का पतन होने वाला है.

बस्तर में अमन-चैन के जलेंगे दीप

वहीं रामलीला मैदान में कांग्रेस के प्रदर्शन पर सांसद संतोष पाण्डेय ने कहा कि सभा में मंच और कुर्सियां, दोनों ही खाली थी. कांग्रेस की औकात आप देख सकते हैं. इसके साथ बस्तर में कई गांवों में जलेंगे दीप पर सांसद संतोष पाण्डेय ने कहा कि कोंटा, दंतेवाड़ा, कोंडागांव, दंतेवाड़ा, बस्तर में खुशी का माहौल है. अमन और चैन की बयार आज बह रही है. दीपों की रौशनी से बस्तर जगमगाएगा.

कृषक उन्नति योजना खरीफ-2026- अनुदान वितरण प्रक्रिया होगी पूरी तरह पारदर्शी और सरल- मुख्य सचिव विकासशील

रायपुर। छत्तीसगढ़ में किसानों को कृषि के क्षेत्र में और अधिक संबल प्रदान करने की दिशा में राज्य सरकार ने तैयारी तेज कर दी है। मंत्रालय महानदी भवन में आज मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में कृषक उन्नति योजना खरीफ-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजना के तहत किसानों को आदान सहायता (अनुदान) राशि प्रदान करने की प्रक्रिया, पात्रता के दिशा-निर्देशों और डेटाबेस एकीकरण पर विस्तार से मंथन किया गया।

डेटाबेस का एकीकरण और डिजिटल व्यवस्था

बैठक में मुख्य सचिव विकासशील ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना का क्रियान्वयन पूरी तरह पारदर्शी, सरल और त्रुटिरहित होना चाहिए। उन्होंने कृषि विभाग के विभिन्न पोर्टलों और धान खरीदी डेटाबेस को आपस में एकीकृत करने पर जोर दिया, जिससे किसानों से बार-बार दस्तावेज या जानकारी मांगने की आवश्यकता न पड़े। डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देते हुए उन्होंने डिजिटल क्रॉप सर्वे, किसान आईडी, फार्म आईडी और गिरदावरी के आंकड़ों को आपस में जोड़कर किसानों की कुल भूमि और फसल के रकबे की जानकारी का बेहतर उपयोग करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि किसानों को अपनी विशिष्ट फार्म आईडी की पुष्टि करने तथा योजना के तहत अनुदान हेतु आवेदन करने की सहज सुविधा दी जाए। योजना के सुचारू संचालन हेतु योजना का लाभ लेने के लिए एग्रीस्टैक में पंजीयन अनिवार्य होगा। डिजिटल क्रॉप सर्वे में संबंधित भूमि पर धान की फसल दर्ज होना आवश्यक है। धान खरीदी प्रक्रिया के अंतर्गत कम से कम एक सफल खरीदी का लेन-देन होना जरूरी है, जिसके लिए खाद्य विभाग के धान खरीदी पोर्टल की जानकारी का उपयोग किया जाएगा।

सत्यापन और अन्य फसल प्रोत्साहन पर जोर

कसानों के हितों की रक्षा और वास्तविक पात्रता सुनिश्चित करने के लिए धान खरीदी के दौरान टोकन जारी करते समय अनुदानित रकबे का सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष तौर पर, पिछले वर्ष धान न बेचने वाले किसानों के मामलों में भौतिक सत्यापन की व्यवस्था अनिवार्य रूप से करने को कहा गया है। इसके अतिरिक्त, बैठक में दलहन, तिलहन और मिलेट्स (कोदो-कुटकी-रागी) की खरीदी व्यवस्था तथा इन फसलों के उत्पादक किसानों को मिलने वाले प्रोत्साहन के संबंध में भी स्पष्ट जानकारी प्रसारित करने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने ग्रामीण अंचलों में योजना की शर्तों और आवेदन प्रक्रिया का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर बल दिया ताकि किसी भी किसान को असुविधा का सामना न करना पड़े।

इस बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, वित्त एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, खाद्य विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले, कृषि विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, सहकारिता विभाग के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, राजस्व विभाग की सचिव शम्मी आबिदी, संचालक कृषि राहुल देव, संचालक भू-अभिलेख विनीत नंदवार और प्रबंध संचालक मार्कफेड श्री जितेन्द्र शुक्ला सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

पेपरलेस होगी छत्तीसगढ़ विधानसभा, NeVA एप्लीकेशन के संचालन का दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा को आधुनिक तकनीक से लैस करने तथा इसकी कार्यप्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी, सुगम, सुव्यवस्थित और पेपरलेस बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और अहम कदम उठाया है। इसी उद्देश्य के तहत राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (NeVA – National e-Vidhan Application) के प्रभावी क्रियान्वयन और सुचारू उपयोग को लेकर आयोजित दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है।

प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य एवं कार्यप्रणाली

इस दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य विधानसभा के अधिकारियों और कर्मचारियों को एप्लीकेशन की तकनीकी एवं व्यावहारिक बारीकियों से अवगत कराना था, ताकि विधायी कार्यों में डिजिटल संस्कृति को बढ़ावा दिया जा सके। इस पहल से विधानसभा के कामकाज में सूचना प्रौद्योगिकी (IT) का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा और प्रशासनिक दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

प्रशिक्षण सत्र के दौरान भारत सरकार के संसदीय कार्य मंत्रालय (MoPA) के NeVA समन्वयक श्री अमन गौतम और श्री श्रीधर स्वामी ने एप्लीकेशन के विभिन्न तकनीकी मॉड्यूल की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से एडमिन मॉड्यूल, प्रश्न मॉड्यूल और समिति मॉड्यूल के उपयोग एवं संचालन का व्यावहारिक प्रशिक्षण उपस्थित प्रतिभागियों को प्रदान किया।

डिजिटल माध्यम से संचालित होंगी संसदीय प्रक्रियाएं

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को निम्नडिजिटल कार्यप्रणालियों का प्रशिक्षण दिया गया। डिजिटल माध्यम से विधानसभा के प्रश्न और सूचनाएं प्रस्तुत करना, विधायी दस्तावेजों का ऑनलाइन प्रबंधन एवं सुरक्षित रख-रखाव, सदन की कार्यवाही से संबंधित सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान, विभिन्न संसदीय और विधायी प्रक्रियाओं को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए संचालित करना शामिल है। विशेषज्ञों ने बताया कि इस एप्लीकेशन के माध्यम से कामकाज न केवल बेहद सरल और त्वरित होगा, बल्कि इससे कार्य निष्पादन में भी उच्च स्तर की प्रभावशीलता आएगी।

सहभागिता और भविष्य के लाभ

इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ विधानसभा के साथ-साथ छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (चिप्स) और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। ज्ञातव्य है कि राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन भारत सरकार के संसदीय कार्य मंत्रालय की एक महत्वाकांक्षी डिजिटल पहल है, जिसका उद्देश्य देश की सभी विधानसभाओं की कार्यप्रणाली को आधुनिक सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी से जोड़कर उन्हें पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और कागज रहित (पेपरलेस) स्वरूप देना है।

छत्तीसगढ़ विधानसभा में (NeVA) के इस प्रभावी क्रियान्वयन से विधायी दस्तावेजों के प्रबंधन और सूचनाओं के आदान-प्रदान में क्रांति आएगी। यह कदम न केवल विधानसभा की कार्यक्षमता में वृद्धि करेगा, बल्कि बहुमूल्य समय और कागजी संसाधनों की बचत में भी अत्यंत मददगार साबित होगा।

धनतेरस की खरीदारी के लिए ये 5 बाजार है खास, सस्ते दाम में मिलेंगे बर्तन से लेकर इलेक्ट्रॉनिक सामान तक

0

भोपाल: धनतेरस के मौके पर बाजारों में खरीदारी की रौनक देखते ही बनती है। दीपावली से पहले ही लोग घरों के लिए नए सामान जुटाने लगते है, लेकिन धनतेरस पर खरीदारी का उत्साह अलग ही नजर आता है। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में भी इस बार बाजारों में ग्राहकों की अच्छी भीड़ देखने को मिल रही है। शहर में कई ऐसे बाजार है, जहां बजट के अनुसार सामान के साथ अलग-अलग वैरायटी भी मिल जाती है। अगर आप भी धनतेरस पर खरीदारी की योजना बना रहे है, तो इन बाजारों का रुख कर सकते है।

1. न्यू मार्केट: सजावट से लेकर इलेक्ट्रॉनिक सामान तक

टीटी नगर स्थित न्यू मार्केट त्योहार के दौरान खरीदारी के लिए लोकप्रिय जगहों में शामिल है। यहां सोने-चांदी के शोरूम के साथ घर सजाने का सामान, इलेक्ट्रॉनिक आइटम और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी कई दुकानें मौजूद है। बजट में अच्छी चीजें तलाशने वाले ग्राहकों के लिए यह बाजार अच्छा विकल्प माना जाता है।

2. बैरागढ़ बाजार: कपड़ों और इलेक्ट्रॉनिक सामान की वैरायटी

दीपावली और धनतेरस के समय बैरागढ़ बाजार में भी काफी चहल-पहल रहती है। यहां कपड़ों से लेकर इलेक्ट्रॉनिक सामान तक कई तरह के विकल्प मिलते है। त्योहार को देखते हुए इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों पर 10 से 50 प्रतिशत तक की छूट भी देखने को मिल रही है। अलग-अलग बजट में खरीदारी करने वाले ग्राहक यहां पहुंच रहे है।

3. पीर गेट का बर्तन बाजार: धनतेरस के लिए खास ठिकाना

धनतेरस पर बर्तन खरीदने की परंपरा को देखते हुए पुराने भोपाल का पीर गेट बाजार ग्राहकों के लिए खास आकर्षण बना हुआ है। यहां बर्तनों की कई तरह की डिजाइन और वैरायटी उपलब्ध है। बाजार में कुछ सामान सामान्य कीमतों से कम दाम पर मिलने का विकल्प भी है। खास बात यह है कि यहां ग्राहकों की मांग के अनुसार विशेष ऑर्डर पर भी बर्तन तैयार किए जाते है।

4. 10 नंबर मार्केट: प्रीमियम सामान के लिए पसंदीदा जगह

भोपाल का 10 नंबर मार्केट प्रीमियम उत्पादों की खरीदारी के लिए जाना जाता है। धनतेरस पर यहां भी ग्राहकों की आवाजाही बढ़ गई है। बाजार में बर्तन, लाइटिंग उपकरण और इलेक्ट्रॉनिक सामान की कई वैरायटी मिलती है। बेहतर क्वालिटी और अलग चयन की तलाश करने वाले लोग इस बाजार में खरीदारी कर सकते है।

5. चौक बाजार सराफा: सोने-चांदी की खरीदारी का विकल्प

अगर धनतेरस पर सोना या चांदी खरीदने की योजना है, तो पुराने भोपाल का चौक बाजार स्थित सराफा क्षेत्र एक विकल्प हो सकता है। यहां आभूषणों और सोने-चांदी के अन्य सामान की कई दुकानें मौजूद है। खरीदारी से पहले अलग-अलग दुकानों पर कीमत, शुद्धता और मेकिंग चार्ज की जानकारी जरूर लेनी चाहिए।

धनतेरस पर बाजार जाने से पहले रखें इन बातों का ध्यान

त्योहार की भीड़ को देखते हुए खरीदारी के लिए समय पहले तय कर लें। सोने-चांदी के आभूषण लेते समय हॉलमार्क और बिल जरूर जांचें। इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदते समय वारंटी, एक्सचेंज और छूट की शर्तें समझ लें। इससे खरीदारी के दौरान बेहतर विकल्प चुनने में मदद मिलेगी।

पुलिस लाइन में सुरक्षा की बड़ी चूक: 10-12 दिन तक फर्जी सिपाही बनकर बैरक में रहा युवक, वर्दी और आईडी कार्ड बरामद

0

कटिहार: बिहार के कटिहार जिले में पुलिस व्यवस्था की सुरक्षा पर सवाल खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक करीब 10 से 12 दिनों तक पुलिस लाइन में सिपाही बनकर रहा और पुलिसकर्मियों के साथ बैरक में समय बिताता रहा। उसकी पहचान दीपक कुमार उर्फ दिलखुश कुमार के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान उसके पास से पुलिस की वर्दी, जूते और पहचान पत्र समेत कई संदिग्ध सामान बरामद किए गए है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है और अब उसके पूरे नेटवर्क तथा मंशा का पता लगाने में जुटी है।

सिपाही को हुआ शक, जांच में सामने आया फर्जीवाड़ा

जानकारी के मुताबिक, दीपक कटिहार पुलिस लाइन में खुद को सिपाही बताकर रह रहा था। इस दौरान जिला बल में तैनात सिपाही सुनील कुमार महतो को उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं। शक होने पर उन्होंने अपने स्तर पर पड़ताल शुरू की और इसकी सूचना पुलिस लाइन की परिवहन शाखा के प्रभारी सार्जेंट को दी।

इसके बाद मामले की जांच की गई तो युवक के पास मौजूद सामान और दस्तावेजों को लेकर संदेह गहरा गया। पुलिस ने तलाशी के दौरान वर्दी, जूते, आईडी कार्ड और अन्य संदिग्ध कागजात बरामद किए। इसके बाद उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई।

सहरसा का रहने वाला है आरोपी दीपक

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार युवक की पहचान दीपक कुमार उर्फ दिलखुश कुमार के तौर पर हुई है। वह मूल रूप से सहरसा जिले के डेकार थाना क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है। उसके पास से मिले दस्तावेजों की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने फर्जी पहचान पत्र और अन्य कागजात कहां से तैयार करवाए थे।

पुलिस लाइन में प्रवेश कैसे मिला, जांच में जुटे अधिकारी

इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि एक बाहरी व्यक्ति फर्जी पहचान के सहारे पुलिस लाइन में दाखिल होकर करीब दो सप्ताह तक कैसे रहा। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि युवक ने पुलिस की वर्दी और पहचान पत्र किस उद्देश्य से बनवाए थे। क्या उसने किसी गलत गतिविधि को अंजाम देने की योजना बनाई थी या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी, इसकी भी जांच की जा रही है।

फिलहाल पुलिस ने बरामद सामान जब्त कर लिया है और आरोपी से पूछताछ जारी है। साथ ही पुलिस लाइन के प्रवेश और सत्यापन से जुड़े रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे है, ताकि सुरक्षा में हुई चूक का पता लगाया जा सके।

CG- मेडिकल की पढ़ाई करने वालों के लिए बड़ी खबर, सरकारी कॉलेजों में 11 पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू

रायपुर। छत्तीसगढ़ के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए सहबद्ध एवं स्वास्थ्य देखरेख क्षेत्र के 11 पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रारंभ हो गया है। इनमें तीन डिप्लोमा और आठ स्नातक पाठ्यक्रम शामिल हैं। प्रवेश संबंधी जानकारी के लिए अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट https://cgdme.in का अवलोकन कर सकते हैं।

डिप्लोमा स्तर पर एनेस्थीसिया एवं ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी, डायलिसिस टेक्नोलॉजी तथा मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी के पाठ्यक्रम शामिल हैं। स्नातक स्तर पर बैचलर ऑफ फिजिशियन एसोसिएट्स, बैचलर ऑफ साइंस हेल्थ इन्फॉर्मेशन मैनेजमेंट, बैचलर ऑफ मेडिकल रेडियोलॉजी एवं इमेजिंग टेक्नोलॉजी, बैचलर ऑफ एनेस्थीसिया एवं ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी, बैचलर ऑफ रेडिएशन थेरेपी टेक्नोलॉजी, बैचलर्स ऑफ डायलिसिस थेरेपी टेक्नोलॉजी, बैचलर ऑफ ऑप्टोमेट्री तथा बैचलर ऑफ मेडिकल लेबोरेटरी साइंस शामिल हैं।

इनके माध्यम से विद्यार्थी चिकित्सा सेवाओं से जुड़े विभिन्न तकनीकी कार्यक्षेत्रों में प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं। प्रमुख कार्यक्षेत्रों में रेडियोलॉजी एवं इमेजिंग, चिकित्सा प्रयोगशाला, एनेस्थीसिया एवं ऑपरेशन थिएटर, डायलिसिस तथा ऑप्टोमेट्री शामिल हैं।

रेडियोलॉजी एवं इमेजिंग का कार्यक्षेत्र एक्स-रे, सीटी और एमआरआई जाँच सेवाओं से जुडे क्षेत्र में रोजगार के द्वार खुलेंगे। चिकित्सा प्रयोगशाला का कार्यक्षेत्र पैथोलॉजी प्रयोगशालाओं, रक्त बैंकों और शोध प्रयोगशालाओं तक विस्तृत है। इसी प्रकार एनेस्थीसिया एवं ऑपरेशन थिएटर से संबंधित भूमिकाएँ शल्य कक्ष, गहन चिकित्सा इकाई और आपातकालीन विभाग में होती हैं। डायलिसिस का कार्यक्षेत्र डायलिसिस इकाइयों एवं गुर्दा रोग विभाग तथा ऑप्टोमेट्री का कार्यक्षेत्र नेत्र अस्पतालों, दृष्टि जाँच केंद्रों में रोजगार की संभावना होगी ।

आवेदन जमा करने अथवा शुल्क का भुगतान करने से पहले अभ्यर्थियों को आधिकारिक प्रवेश सूचनाओं का अवलोकन करने के लिए कहा गया है। प्रवेश की विस्तृत शर्तों और प्रक्रिया की प्रामाणिक जानकारी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी अधिसूचनाओं से प्राप्त की जा सकती है।

महतारी वंदन योजना से महिलाओं को मिल रहा आर्थिक संबल, आत्मनिर्भरता के साथ बढ़ रहा आत्मविश्वास

रायपुर- महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा संचालित महतारी वंदन योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली आर्थिक सहायता महिलाओं की छोटी-बड़ी जरूरतों को पूरा करने के साथ ही उनमें आत्मविश्वास और आर्थिक सुरक्षा की भावना भी बढ़ा रही है। सरगुजा जिले की महिलाएं इस सहायता राशि का उपयोग अपनी घरेलू आवश्यकताओं, आजीविका गतिविधियों और परिवार की खुशियों के लिए कर रही हैं। ऐसी ही एक हितग्राही हैं अम्बिकापुर जनपद पंचायत कार्यालय में छोटी सी कैंटीन संचालित करने वाली  रानी सिंह, जिनके लिए महतारी वंदन योजना आर्थिक संबल का माध्यम बनी है।

छोटी सी कैंटीन से परिवार की जिम्मेदारी, महतारी वंदन से मिला अतिरिक्त सहारा

 रानी सिंह अम्बिकापुर जनपद पंचायत कार्यालय में कैंटीन संचालित कर अपनी आजीविका अर्जित करती हैं। कैंटीन के माध्यम से होने वाली आमदनी से वे अपनी दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करती हैं। ऐसे में महतारी वंदन योजना के अंतर्गत हर महीने मिलने वाली आर्थिक सहायता उनके लिए अतिरिक्त सहारा साबित हो रही है। इस राशि से उन्हें अपनी व्यक्तिगत जरूरतों और त्योहारों से जुड़े छोटे-मोटे खर्चों को पूरा करने में मदद मिल रही है।

रानी सिंह बताती हैं कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता मिलना एक बड़ी राहत है। इससे महिलाओं को अपनी आवश्यकताओं के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। अपनी जरूरत के अनुसार राशि खर्च करने की सुविधा से महिलाओं में आत्मसम्मान और आत्मविश्वास भी बढ़ रहा है।

दीपावली से पहले खाते में आई राशि, लक्ष्मी पूजा की तैयारियों को लेकर दिखी खुशी

महतारी वंदन योजना की सहायता राशि मिलने पर रानी सिंह ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए बताया कि दीपावली से पहले राशि प्राप्त होने से वे इस बार लक्ष्मी पूजा अच्छी तरह मना सकेंगी। पूजा के लिए दीये, बाती और अन्य आवश्यक सामग्री की खरीदी में इस राशि का उपयोग करेंगी।

उन्होंने भावुक होकर कहा, महतारी वंदन योजना से हर महीने आर्थिक सहायता मिल रही है। दीपावली से पहले ही मुख्यमंत्री विष्णु भैया ने हमारे खाते में पैसा भेज दिया, जिससे मैं बहुत खुश हूं। इस बार लक्ष्मी पूजा अच्छे से मनाऊंगी। दीया-बाती और पूजा की जरूरी सामग्री खरीदूंगी। सबसे बड़ी खुशी इस बात की है कि अब इन छोटी-छोटी जरूरतों के लिए मुझे किसी के सामने हाथ फैलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

हर महीने मिलने वाली सहायता से महिलाओं का बढ़ रहा आत्मविश्वास

 रानी सिंह का कहना है कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए केवल आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं, बल्कि उनके आत्मसम्मान और स्वावलंबन को मजबूत करने वाली पहल है। नियमित रूप से मिलने वाली राशि से महिलाएं अपनी आवश्यकताओं को स्वयं पूरा कर पा रही हैं। इससे उन्हें परिवार की जिम्मेदारियों के निर्वहन में भी सहयोग मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा महिलाओं की आर्थिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए दी जा रही सहायता से महिलाओं में खुशी है। छोटी-छोटी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए भी अपने पास राशि उपलब्ध होना महिलाओं को आत्मनिर्भरता का एहसास कराता है।

महतारी वंदन योजना के माध्यम से राज्य शासन महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। योजना के अंतर्गत पात्र विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह राशि महिलाओं को अपनी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ ही छोटे-छोटे आर्थिक निर्णय स्वयं लेने में सक्षम बना रही है।

केजी हिल्स के जंगल क्षेत्र से 711 बीजीएल सेल बरामद, लोगों से क्षेत्र में जाने से परहेज बरतने की अपील

बीजापुर। बीजापुर जिला पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस 196वीं वाहिनी और 204 कोबरा की संयुक्त टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना उसूर क्षेत्रांतर्गत FOB ताड़ापाला से लगे आसपास के जंगल क्षेत्र में सर्च अभियान के दौरान माओवादियों द्वारा छिपाकर रखे गए 711 नग बीजीएल (BGL) सेल बरामद किए।

विश्वसनीय सूत्र से मिली सूचना के आधार पर चलाए गए सर्चिंग ऑपरेशन के दौरान FOB ताड़ापाला से लगभग 1.5 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम दिशा में केजी हिल्स के समीप सर्चिंग के दौरान माओवादियों द्वारा बड़ी मात्रा में छिपाकर रखे गए बीजीएल (BGL) सेल बरामद किए, जिसे सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए विधिवत सुरक्षित कब्जे मे लिया गया।

सुरक्षा बलों ने इस बरामदगी के साथ ही आम नागरिकों से अपील है कि कर्रेगुट्टा एवं आसपास की पहाड़ियों में जाने से फिलहाल परहेज करें। उक्त क्षेत्र में अभी भी बारूदी सुरंग (IED) अथवा अन्य विस्फोटक सामग्री होने की आशंका के चलते खतरा बना हुआ है। भविष्य में निर्धारित कार्ययोजना के तहत क्षेत्र में डी-माइनिंग (बारूदी सुरंग निष्क्रियकरण) अभियान चलाया जाएगा।

भाजपा का ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान: कांग्रेस पर बरसे CM साय, कहा-

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत आमसभा और रैली का आयोजन किया गया। सुभाष स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल हुए। उनके साथ कैबिनेट मंत्री, सांसद, विधायक और बड़ी संख्या में भाजपा नेता सहहित कार्यकर्ता मौजूद रहे।

सीएम साय ने कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन पर साधा निशाना
देशभर में भाजपा की ओर से चलाए जा रहे इस अभियान के तहत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भारत को लोकतंत्र की जननी कहा जाता है और पूरी दुनिया में भारतीय लोकतंत्र की सराहना होती है।

चुनाव हारने पर EVM और चुनाव आयोग को दोष देती है कांग्रेस: सीएम साय
CM साय ने अपने संबोधन में कहा कि बीते दिनों कांग्रेस पार्टी और इंडिया गठबंधन ने देश में अराजकता फैलाने का प्रयास किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को अस्थिर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस की यह दोगली नीति है कि चुनाव जीतने पर सब कुछ सही होता है, लेकिन हारने के बाद ईवीएम और चुनाव आयोग को दोष दिया जाता है।

बैलेट पेपर से चुनाव हुआ, फिर भी कांग्रेस को मिली हार
मुख्यमंत्री ने विधान परिषद के चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस को वहां भी हार का सामना करना पड़ा, जबकि चुनाव बैलेट पेपर से हुआ था। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बैलेट पेपर से चुनाव हुआ, तब कांग्रेस अपनी हार का ठीकरा किस पर फोड़ेगी?

सीएम साय ने कहा कि भाजपा इस अभियान के माध्यम से पदयात्रा कर जनता के बीच पहुंच रही है। इसका उद्देश्य लोगों को जागरूक करना और लोकतंत्र के प्रति उनकी जिम्मेदारी को मजबूत करना है।

दो साल बाद छत्तीसगढ़ में फिर बनेगी कांग्रेस की सरकार: भूपेश बघेल

जांजगीर-चांपा। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल गुरुवार को जांजगीर-चांपा जिले के दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने पामगढ़ विधानसभा क्षेत्र के कोसला और खरौद के साथ ही जांजगीर-चांपा विधानसभा क्षेत्र के नवागढ़ में आयोजित अलग-अलग कार्यक्रमों में शिरकत की।

नवागढ़ में शहीद राजेंद्र कश्यप की प्रतिमा का अनावरण करने के लिए भूपेश बघेल करीब तीन घंटे की देरी से पहुंचे। इस दौरान कांग्रेस के दो गुट राछाभांठा में उनके स्वागत के लिए इंतजार करते रहे। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष राछाभांठा में स्वागत के बाद वापस लौट गए, वहीं विधायक ब्यास कश्यप ने अगुवाई करते हुए प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम में भूपेश बघेल को लेकर पहुंचे।

इस दौरान विधायक ब्यास कश्यप ने दो साल बाद प्रदेश में फिर से कांग्रेस की सरकार बनाने का संकल्प जताया। साथ ही नवागढ़ में स्थायी एसडीएम कार्यालय खोलने की मांग भी रखी। इस पर भूपेश बघेल ने भी सरकार बनते ही नवागढ़ को अनुविभागीय कार्यालय का तोहफा देने का भरोसा दिलाया।

बीजेपी सरकार पर साधा निशाना

वहीं भूपेश बघेल ने बीजेपी सरकार के करीब तीन साल पूरे हो रहे कार्यकाल पर निशाना साधा। उन्होंने सरकार को किसान, युवा और छत्तीसगढ़िया विरोधी बताते हुए विभिन्न मुद्दों पर सवाल उठाए।

साथ ही SIR के माध्यम से लोकतंत्र का गला घोंटने और जनता के वोट के अधिकार को छीनने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार ने लोकतंत्र को दबाते हुए मतदाता सूची में भारी गड़बड़ी की है।