23.1 C
Raipur
Tuesday, November 3, 2026
Home Blog

नक्सलवाद के अंधकार से विकास के उजाले की ओर बढ़ रहा बीजापुर- मंत्री गुरु खुशवंत साहेब

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर 02 नवंबर को छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में आयोजित जिला स्तरीय राज्योत्सव-2026 में कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद की चुनौतियों से प्रभावित रहा बस्तर अब शांति, विश्वास और विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। जिन क्षेत्रों में कभी भय और हिंसा का वातावरण था, वहां अब सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब बस्तर की पहचान गोलियों की गूंज से नहीं, बल्कि विकास, खुशहाली और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से होनी चाहिए।

कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों पर तिरंगा का फहराना सुरक्षा बलों के साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक

मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने बीजापुर प्रवास के दौरान कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों पर स्थित एफओबी ताड़पाला पहुंचकर सुरक्षा बलों के जवानों से मुलाकात की और उनके साहस, शौर्य एवं समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि दुर्गम क्षेत्रों में तैनात जवानों के अथक प्रयासों और स्थानीय नागरिकों के सहयोग से शांति एवं विकास की संभावनाएं मजबूत हुई हैं। कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों पर तिरंगे का फहराना सुरक्षा बलों के साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व तथा उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रयासों से नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान को गति मिली है। सरकार का उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ ही दूरस्थ गांवों तक शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पेयजल, संचार और रोजगार जैसी आवश्यक सुविधाएं पहुंचाना है।

श्रमिकों का किया सम्मान, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

कर्रेगुट्टा क्षेत्र में निर्माण एवं विकास कार्यों में योगदान देने वाले श्रमिकों को मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि विकसित बस्तर के निर्माण में श्रमिकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उनके परिश्रम और समर्पण से ही अधोसंरचना विकास को गति मिल रही है। इस दौरान उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।

राज्योत्सव में प्रदेश की विकास यात्रा को किया रेखांकित

बीजापुर के जिला मुख्यालय मिनी स्टेडियम में आयोजित जिला स्तरीय राज्योत्सव के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को स्मरण किया। उन्होंने प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वर्ष 2000 में राज्य गठन के बाद छत्तीसगढ़ ने कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, तकनीकी शिक्षा और अधोसंरचना के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति की है।उन्होंने कहा कि बस्तर के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। उन्हें बेहतर शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा और रोजगारपरक प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने युवाओं से आधुनिक तकनीक, डिजिटल शिक्षा और उद्योग आधारित प्रशिक्षण से जुड़कर अपने हुनर को विकसित करने का आह्वान किया।

प्रतिभावान विद्यार्थियों को किया सम्मानित, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सराहना

राज्योत्सव के दौरान मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा और कौशल ही युवाओं के उज्ज्वल भविष्य का आधार हैं। दूरस्थ अंचलों के बच्चों को भी आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराना आवश्यक है।इस अवसर पर स्थानीय कलाकारों ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोककला, लोकगीत और पारंपरिक नृत्यों की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। मंत्री ने कलाकारों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि बस्तर की जनजातीय संस्कृति और लोकपरंपराएं प्रदेश की अमूल्य धरोहर हैं। इनका संरक्षण और संवर्धन हम सभी की जिम्मेदारी है। मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि विकसित बस्तर का संकल्प तभी साकार होगा, जब प्रत्येक गांव विकास की मुख्यधारा से जुड़ेगा, प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी और युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के प्रयासों से मजबूत हो रहे शांति के वातावरण को विकास, विश्वास और जनभागीदारी के माध्यम से स्थायी बनाना सरकार की प्राथमिकता है। इस अवसर स्थानीय जनप्रतिनिधि, कलेक्टर विश्वदीप, पुलिस अधीक्षक साहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे ।

देवउठनी एकादशी पर स्थानीय अवकाश घोषित, सरकारी कार्यालयों में रहेगी छुट्टी

रायपुर। राज्य सरकार ने रायपुर और नवा रायपुर अटल नगर के शासकीय कार्यालयों के लिए स्थानीय अवकाश की तारीख बदल दी है। अब देवउठनी एकादशी के अवसर पर 20 नवंबर शुक्रवार को स्थानीय छुट्टी रहेगी। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी किया है।

इससे पहले सरकार ने 9 नवंबर सोमवार को गोवर्धन पूजा के लिए स्थानीय अवकाश घोषित किया था। बाद में गोवर्धन पूजा पर सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया गया। इसके बाद सरकार ने 9 नवंबर की स्थानीय छुट्टी को बदलकर 20 नवंबर को किया है।

नया तूफान ‘मुरासु’ से आंध्र तट पर लैंडफॉल का खतरा, 30 हजार लोगों को निकालने की तैयारी

0

डिजिटल डेस्क 03/11/2026

चक्रवात अर्नब के बाद अब आंध्र प्रदेश पर तूफान मुरासु का खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग के 2 नवंबर की रात तक के पूर्वानुमान के मुताबिक, तूफान के आधी रात से 3 नवंबर की सुबह के बीच नेल्लोर और नरसापुर के बीच ओंगोल के पास तट पार करने की आशंका है।

तूफान की मौजूदा स्थिति
लैंडफॉल के समय हवा की रफ्तार 100 से 110 किमी प्रति घंटा रहने का अनुमान है, झोंके 120 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं।
बापटला, कृष्णा और प्रकाशम जिलों में समुद्र की लहरें 1 से 1.5 मीटर तक ऊंची उठने का अनुमान है।इससे निचले तटीय इलाकों में पानी भरने और फसलों को नुकसान का खतरा है।

जनजीवन पर कितना असर पड़ेगा?
तूफान का सबसे ज्यादा असर आंध्र प्रदेश में रहेगा। पलनाडु में करीब 30 सेमी, प्रकाशम में 24 सेमी और मार्कापुरम में 19 सेमी तक बारिश हो सकती है। तेज हवा के साथ भारी बारिश से पेड़ गिरने, बिजली गुल होने, सड़क और रेल यातायात बाधित होने की आशंका है। तटीय इलाकों में सामान्य जनजीवन 2-3 दिन तक प्रभावित रह सकता है।

हवाई उड़ानों पर अभी आधिकारिक रद्दीकरण की घोषणा इस रिपोर्ट में नहीं है, लेकिन 100 किमी से अधिक रफ्तार वाली हवाओं और भारी बारिश की स्थिति में विजयवाड़ा, विशाखापत्तनम और आसपास के हवाई अड्डों पर उड़ानों में देरी या रद्द होने की प्रबल संभावना रहती है।

अन्य राज्यों में अलर्ट
तेलंगाना: कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश का अनुमान
तमिलनाडु और पुडुचेरी: भारी बारिश की चेतावनी
ओडिशा: गजपति, गंजम, कोरापुट और रायगड़ा जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश
छत्तीसगढ़: दक्षिणी हिस्सों में बारिश का अनुमान

सरकार की तैयारी
आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रबंध निदेशक प्रखर जैन के मुताबिक, 2 नवंबर तक करीब 2,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। प्रशासन ने कुल 30,000 लोगों को निकालने की योजना बनाई है। बंदरगाहों पर सतर्कता सिग्नल जारी कर दिए गए हैं और आपदा राहत टीमें तैनात की गई हैं।

आर्थिक नुकसान की संभावना
तेज हवा और जलभराव से धान सहित खड़ी फसलों, बागवानी, मछली पकड़ने वाली नावों और तटीय बुनियादी ढांचे को नुकसान की आशंका है। निचले इलाकों में दुकानों और घरों में पानी घुसने से स्थानीय व्यापार भी प्रभावित हो सकता है। सटीक नुकसान का आकलन तूफान गुजरने के बाद ही होगा।

तूफान का कारण और अवधि
बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के गहरे होने से यह चक्रवाती तूफान बना है।

समुद्र की सतह का उच्च तापमान और अनुकूल हवाएं इसे ताकत दे रही हैं।

पूर्वानुमान के मुताबिक, तट पार करने के बाद 3-4 नवंबर तक यह कमजोर होकर दबाव क्षेत्र में बदलेगा, लेकिन इसका असर 2 से 3 दिन तक बारिश के रूप में बना रह सकता है।

EPFO की नई WhatsApp सेवा शुरू, अब मोबाइल पर मिलेगी PF खाते की जानकारी

0

नई दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने करोड़ों खाताधारकों की सुविधा के लिए WhatsApp पर नई सेवा शुरू की है। 1 नवंबर 2026 को संगठन के 74वें स्थापना दिवस के अवसर पर इस चैनल की शुरुआत की गई। इसके जरिए अब कर्मचारी घर बैठे अपने PF खाते से जुड़ी कई जानकारियां हासिल कर सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य खाताधारकों को जरूरी सेवाओं और सूचनाओं तक आसान पहुंच देना है।

WhatsApp पर मिलेंगी PF खाते से जुड़ी जानकारियां

EPFO की नई WhatsApp सेवा के माध्यम से खाताधारक अपने PF बैलेंस की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा खाते में हुए पिछले पांच ट्रांजैक्शन और पासबुक से संबंधित विवरण भी उपलब्ध होंगे। प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PMVBRY) से जुड़ी जानकारी और उसकी प्रक्रिया के बारे में भी इस चैनल के जरिए जानकारी हासिल की जा सकेगी।इस सुविधा से उन कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें अपने PF खाते का विवरण जानने के लिए बार-बार दूसरे माध्यमों का सहारा लेना पड़ता है।

निष्क्रिय PF खातों में जमा रकम लौटाने की योजना

EPFO ने लंबे समय से निष्क्रिय पड़े PF खातों को लेकर भी एक सुविधा की जानकारी दी है। इसके तहत ऐसे खातों में जमा 1000 रुपये या उससे कम की राशि संबंधित खाताधारक के बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर की जाएगी। हालांकि, इस प्रक्रिया के लिए खाताधारक को कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होंगी।

आधार और बैंक खाते का सत्यापन जरूरी

निष्क्रिय PF खाते की रकम पाने के लिए खाताधारक का आधार सत्यापित होना जरूरी है। इसके साथ ही बैंक खाते की जानकारी भी सही और प्रमाणित होनी चाहिए। संबंधित बैंक खाता EPFO से लिंक होने के साथ आधार से भी जुड़ा होना चाहिए।EPFO के मुताबिक, इस पहल से करीब एक लाख निष्क्रिय खाताधारकों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के टोकन नियम बदले, अब जमीन के रकबे के हिसाब से मिलेंगे टोकन

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की व्यवस्था में इस बार अहम बदलाव किया गया है। अब सभी किसानों को पहले की तरह तीन टोकन जारी नहीं किए जाएंगे। शासन ने टोकन की संख्या को किसानों के पंजीकृत कृषि रकबे से जोड़ दिया है। इसके तहत किसान के पास जितनी जमीन होगी, उसी के आधार पर उसे धान बेचने के लिए टोकन मिलेंगे।

किसानों के लिए तय की गई टोकन की नई व्यवस्था

नई व्यवस्था के तहत अलग-अलग रकबे वाले किसानों के लिए टोकन की संख्या निर्धारित की गई है।

  • दो एकड़ से कम जमीन: एक टोकन।
  • दो से 10 एकड़ तक जमीन: दो टोकन।
  • 10 एकड़ से अधिक जमीन: अधिकतम तीन टोकन।

इस बदलाव के बाद किसानों को अपनी उपज बेचने की योजना टोकन की निर्धारित संख्या के अनुसार बनानी होगी। पहले किसान तीन अलग-अलग टोकन के आधार पर अपनी सुविधा से धान बिक्री की तारीख तय कर सकते थे। अब यह सुविधा उनके कृषि रकबे के अनुसार सीमित होगी।

छोटे किसानों को एक ही टोकन में बेचनी होगी उपज

नए नियम का सबसे सीधा असर लघु और सीमांत किसानों पर पड़ेगा। दो एकड़ से कम जमीन वाले किसानों को केवल एक टोकन मिलेगा। ऐसे में उन्हें अपनी धान उपज की बिक्री उसी टोकन के तहत करने की तैयारी रखनी होगी। वहीं, दो से 10 एकड़ तक खेती करने वाले किसानों को दो और 10 एकड़ से अधिक रकबा रखने वालों को अधिकतम तीन टोकन मिल सकेंगे।

टोकन कटवाने से पहले पंजीकृत रकबे की जांच जरूरी

धान खरीदी की तैयारी कर रहे किसानों के लिए अब पंजीयन में दर्ज जमीन का विवरण महत्वपूर्ण हो गया है। यदि वास्तविक कृषि रकबे और पंजीकृत रिकॉर्ड में अंतर है, तो टोकन की श्रेणी तय होने में परेशानी आ सकती है।इसलिए किसानों को टोकन लेने से पहले अपने पंजीकृत रकबे और भूमि संबंधी दस्तावेजों का मिलान कर लेना चाहिए। साथ ही खरीदी केंद्र पहुंचने से पहले अपनी श्रेणी के अनुसार मिलने वाले टोकन की संख्या की जानकारी भी हासिल कर लेनी चाहिए।

दुर्ग में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के नेटवर्क का भंडाफोड़, दो आरोपी गिरफ्तार

 दुर्ग। जिले में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। एंटी क्राइम एवं साइबर यूनिट और सुपेला पुलिस की संयुक्त टीम ने रूंगटा कॉलेज के पीछे राजा गार्डन स्थित एक मकान में दबिश देकर दो युवकों को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी मौके पर ऑनलाइन सट्टा संचालित करते हुए पकड़े गए।

मासिक वेतन पर सट्टा खिलाने के लिए रखे गए थे आरोपी

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रकाश हरिनखेड़े और डिकेश प्रसाद तिवारी के रूप में हुई है। एडिशनल एसपी मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि शुरुआती पूछताछ में गिरोह के मुख्य संचालक के रूप में देवेंद्र कुमार साहू का नाम सामने आया है। पुलिस के अनुसार, देवेंद्र ने दोनों युवकों को मासिक वेतन पर सट्टा खिलाने के काम में लगाया था।यह नेटवर्क Wimbzz ऐप के माध्यम से ऑनलाइन क्रिकेट मैचों पर दांव लगवाता था। रकम के लेनदेन के लिए कथित तौर पर दूसरे लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल किया जा रहा था।

एटीएम कार्ड और पासबुक समेत सामान जब्त

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान कई एटीएम कार्ड और बैंक पासबुक बरामद किए गए हैं। ये दस्तावेज अलग-अलग लोगों के नाम पर बताए जा रहे हैं। पुलिस को आशंका है कि इन खातों का इस्तेमाल अवैध लेनदेन के लिए किया जा रहा था। साइबर यूनिट अब संबंधित बैंक खातों के ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड की जांच कर रही है।

मुख्य आरोपी की तलाश जारी

पुलिस के अनुसार, कथित सरगना देवेंद्र कुमार साहू फिलहाल फरार है। उसकी तलाश की जा रही है और उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने की तैयारी है। पुलिस को इस नेटवर्क में अन्य लोगों के शामिल होने की भी आशंका है। जांच आगे बढ़ने के साथ मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

छत्तीसगढ़ के कैंसर स्क्रीनिंग अभियान में गंभीर गड़बड़ी, दो साल की बच्चियों की जांच का रिकॉर्ड दर्ज

0

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर की शुरुआती पहचान के लिए चलाए जा रहे स्क्रीनिंग अभियान के आंकड़ों में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। स्वास्थ्य विभाग की अपनी प्रदर्शन रिपोर्ट में ऐसी जांचों का ब्योरा दर्ज मिला है, जो उम्र के लिहाज से सवाल खड़े करता है। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ स्थानों पर दो साल तक की बच्चियों की ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग किए जाने की जानकारी दर्ज है।

दो साल तक की बच्चियों की स्क्रीनिंग का दावा

विभागीय रिकॉर्ड में दुर्ग जिले के धमधा, कबीरधाम के कुकदुर और सरगुजा के अंबिकापुर में दो साल तक की बच्चियों की ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर जांच दर्ज दिखाई गई है। इतना ही नहीं, कुछ रिकॉर्ड में एक साल के बच्चे की ओरल कैंसर स्क्रीनिंग किए जाने का ब्योरा भी दर्ज है।जबकि स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों के मुताबिक, इन तीनों प्रकार के कैंसर की स्क्रीनिंग 30 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए निर्धारित है। ऐसे में कम उम्र के बच्चों की जांच का रिकॉर्ड अभियान के आंकड़ों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा कर रहा है।विभागीय रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि प्रदेश में हर दिन औसतन 43 लोगों की कैंसर से मौत होती है। राज्य में कैंसर के नए मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं।

एक मोबाइल नंबर पर 1382 लोगों की जांच दर्ज

स्क्रीनिंग के आंकड़ों में मोबाइल नंबर के इस्तेमाल को लेकर भी गड़बड़ी सामने आई है। सुकमा जिले में एक ही मोबाइल नंबर के आधार पर 1382 लोगों की जांच दर्ज की गई है। वहीं, बीजापुर में एक नंबर पर 263 जांचों का रिकॉर्ड मिला है।रिपोर्ट के मुताबिक, इस तरह की अनियमितताएं सबसे अधिक ग्रामीण क्षेत्रों के आंकड़ों में सामने आई हैं। स्क्रीनिंग के बाद जानकारी दर्ज करने और उसकी जांच करने की जिम्मेदारी सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) की होती है। इसके बाद डेटा जिला मुख्यालय भेजा जाता है, जहां जिला डेटा मैनेजर इसकी समीक्षा कर राज्य स्तर पर भेजते हैं।

जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल

डेटा की जांच की जिम्मेदारी केवल मैदानी कर्मचारियों तक सीमित नहीं है। जिला नोडल अधिकारी और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) भी इसकी निगरानी के लिए जिम्मेदार हैं।मामले में दुर्ग जिले के नोडल अधिकारी ने धमधा क्षेत्र के आंकड़ों में गड़बड़ी स्वीकार की है। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को रिकॉर्ड में सुधार के लिए नोटिस जारी कराया है। दूसरी ओर, अन्य जिलों के जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से स्पष्ट जवाब नहीं मिलने की बात सामने आई है।इस पूरे मामले ने कैंसर स्क्रीनिंग अभियान के तहत दर्ज किए जा रहे आंकड़ों की निगरानी और सत्यापन की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Bank Holidays: नवंबर में 10 दिन बंद रहेंगे बैंक, घर से निकलने से पहले देख लें छुट्टियों की लिस्ट

0

Ten Days Closure Alert: नए महीने नवंबर की शुरुआत हो चुकी है. इस महीने बैंकों की लंबी छुट्टी रहने वाली है. अगर आपका भी कोई बैंक संबंधित काम रुका हुआ है, तो यह खबर आपके लिए है. दरअसल, त्योहार के इस महीने में देश भर के सभी सरकारी और प्राइवेट बैंक लगभग 10 दिनों तक बंद रहेंगे. ऐसे में बैंक से जुड़ा काम कराने के लिए घर से निकलने से पहले छुट्टियों के लिस्ट जरूर देख लें. आइए जानते हैं कि इस महीने किस राज्य में कब और किस वजह से बैंक बंद रहेंगे.

भारतीय रिजर्व बैंक के हॉलिडे कैलेंडर के अनुसार, नवंबर 2026 में त्योहारों की वजह से अलग-अलग दिनों पर बैंक बंद रहेंगे. इसके अलावा दूसरे और चौथे शनिवार और रविवार को भी बैंकों में छुट्टी रहेगी.

नवंबर 2026 में बैंक हॉलिडे की पूरी लिस्ट

2 नवंबर – रविवार: नोंगक्रेम डांस पर्व के कारण मेघालय में बैंकों में अवकाश रहेगा.

9 नवंबर – रविवार: दिवाली, लक्ष्मी पूजा और गोवर्धन पूजा के चलते त्रिपुरा, मध्य प्रदेश, चंडीगढ़, सिक्किम, मणिपुर, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में बैंक बंद रहेंगे.

10 नवंबर – सोमवार: बली प्रतिपदा, गोवर्धन पूजा और विक्रम संवत नववर्ष के मौके पर गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, उत्तराखंड और सिक्किम में बैंकिंग सेवाएं नहीं होंगी.

11 नवंबर – मंगलवार: भाई दूज, चित्रगुप्त जयंती और निंगोल चक्कौबा के कारण सिक्किम, मणिपुर, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और हिमाचल प्रदेश में बैंक बंद रहेंगे.

13 नवंबर – गुरुवार: वांगला महोत्सव के चलते मेघालय में बैंकों की छुट्टी रहेगी.16 नवंबर – रविवार: छठ पूजा के पहले अर्घ्य के अवसर पर बिहार और झारखंड में बैंक बंद रहेंगे.

20 नवंबर – गुरुवार: इगास-बग्वाल पर्व के कारण उत्तराखंड में बैंकिंग कामकाज ठप रहेगा.

23 नवंबर – रविवार: सेंग कुट स्नेम त्योहार के मौके पर मेघालय में बैंक नहीं खुलेंगे.

24 नवंबर – सोमवार: गुरु नानक जयंती और कार्तिक पूर्णिमा के चलते दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में बैंक बंद रहेंगे.

27 नवंबर – गुरुवार: कनकदास जयंती के अवसर पर कर्नाटक में बैंकों में छुट्टी रहेगी.

बैंक बंद होने पर भी चलती रहेंगी ये सुविधाएं

बैंक बंद होने के दिन भी पैसों के लेन-देन के लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है. छुट्टी के दौरान भी आप मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और UPI की जरिए ऑनलाइन ट्रांजैक्शन कर सकते हैं. साथ ही ATM से कैश निकालने की सुविधा भी जारी रहेगी.

CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में बदलेगा मौसम का मिजाज, प्रदेश के कई जिलों में बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदलने के आसार हैं। नवंबर की शुरुआत में प्रदेश के कई इलाकों में बादल छाने के साथ बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, 3 नवंबर को प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। वहीं कुछ इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है।

मौसम के इस बदलाव का असर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में देखने को मिल सकता है। राजधानी रायपुर समेत मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में दोपहर के बाद बादल छाने और बारिश होने के आसार हैं। वहीं बस्तर संभाग के जिलों में भी मौसम बदल सकता है। कुछ स्थानों पर तेज गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।

मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, प्रदेश में अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री के आसपास रह सकता है। हालांकि अलग-अलग जिलों में तापमान में अंतर देखने को मिलेगा। दिन के समय बादलों के बीच धूप निकलने से उमस भी महसूस हो सकती है।

दोपहर और शाम को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत

मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार, दोपहर बाद कुछ इलाकों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। शाम और रात के समय भी कुछ स्थानों पर तूफानी गतिविधियों की संभावना है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी जाती है।

किसानों के लिए भी जरूरी सलाह

बारिश की संभावना को देखते हुए किसानों को खुले में रखी धान की फसल और कृषि उपज को सुरक्षित रखने की जरूरत है। खेतों में काम करने वाले किसान आकाशीय बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान में न रुकें। पेड़ों के नीचे शरण लेने से भी बचें।

आम लोगों को बरतनी होगी सावधानी

गरज-चमक और आकाशीय बिजली के दौरान बिजली के खंभों, पेड़ों और खुले मैदानों से दूरी बनाए रखें। तेज बारिश होने पर नदी-नालों और जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचें। मौसम की स्थिति को देखते हुए लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

अफसर-कर्मचारियों के तबादले पर रोक, जनगणना ड्यूटी को लेकर जारी किया गया आदेश

रायपुर। छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 की तैयारियों को लेकर राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने जनगणना के द्वितीय चरण (जनसंख्या गणना) में संलग्न अधिकारियों और कर्मचारियों का आगामी 6 महीने अथवा जनगणना कार्य पूरा होने तक, जो भी पहले हो, यथासंभव तबादला नहीं करने का अनुरोध किया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग के अवर सचिव मनोज कुमार जयसवार ने आदेश जारी किया है।

GAD की ओर से जारी पत्र सभी विभागों के भारसाधक सचिवों, समस्त संभागायुक्तों और कलेक्टरों को भेजा गया है। इसमें कहा गया है कि जनगणना 2027 के द्वितीय चरण का फील्ड कार्य छत्तीसगढ़ में जनवरी-फरवरी 2027 में संपन्न किया जाना है। इसके लिए जिला, अनुविभाग और तहसील स्तर पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों का प्रशिक्षण शुरू हो चुका है।

सामान्य प्रशासन विभाग के पत्र के अनुसार, 12 अक्टूबर 2026 से जिला स्तर पर जिला जनगणना अधिकारियों और अनुविभागीय एवं तहसील स्तर पर चार्ज अधिकारियों का सघन प्रशिक्षण शुरू हो चुका है। इसके बाद नवंबर 2026 में मास्टर ट्रेनर्स, 1 दिसंबर 2026 से फील्ड ट्रेनर्स और 16 दिसंबर 2026 से प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

इस दौरान पूरे मैदानी अमले को जनगणना 2027 के द्वितीय चरण यानी जनसंख्या गणना की सभी प्रक्रियाओं की जानकारी और प्रशिक्षण दिया जाएगा।

जनगणना कार्य पूरा होने तक तबादले नहीं करने का अनुरोध

विभाग ने निर्देश दिया है कि जनगणना 2027 के द्वितीय चरण का काम सुचारु, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के लिए जनगणना कार्य में लगाए गए और प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके अधिकारियों एवं कर्मचारियों का यथासंभव स्थानांतरण नहीं किया जाए। इसमें जिला एवं चार्ज अधिकारी, मास्टर ट्रेनर्स, प्रगणक, पर्यवेक्षक सहित जनगणना कार्य में संलग्न अन्य अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं। विभाग ने आगामी 6 महीने अथवा जनगणना कार्य पूरा होने तक, जो भी पहले हो, तबादले नहीं करने का अनुरोध किया है।