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Monday, November 2, 2026
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मुख्यमंत्री साय और केंद्रीय मंत्री डॉ. मांडविया छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में हुए शामिल

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में आयोजित छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने विजेता एवं उपविजेता टीमों सहित प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ हॉकी लीग प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस आयोजन ने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुभवी खिलाड़ियों से सीखने का अवसर प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। हमारे गांवों, जनजातीय अंचलों और दूरस्थ क्षेत्रों में अपार खेल प्रतिभाएं मौजूद हैं। आवश्यकता है उन्हें उचित अवसर, आधुनिक प्रशिक्षण और बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने की। राज्य सरकार इसी उद्देश्य के साथ खेल अधोसंरचना के विस्तार और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ हॉकी लीग ने प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों को खेल के माध्यम से एक सूत्र में पिरोने का सराहनीय कार्य किया है। प्रतियोगिता में छह टीमों—राजधानी रॉयल्स, न्यायधानी नाइट्स, संस्कारधानी स्ट्राइकर्स, चक्रधर चैंपियंस, बैलाडीला बुल्स और मैनपाट टाइटंस ने भाग लिया। इन छह टीमों की सहभागिता ने इस आयोजन को पूरे छत्तीसगढ़ का खेल उत्सव बना दिया। बस्तर से लेकर सरगुजा और रायगढ़ से लेकर राजनांदगांव तक के खिलाड़ियों को आपस में खेलने, अनुभव साझा करने और अपनी खेल क्षमता को निखारने का अवसर मिला।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस लीग की एक बड़ी विशेषता प्रत्येक टीम में एक-एक ओलंपिक खिलाड़ी की सहभागिता रही। इससे प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने वाले अनुभवी खिलाड़ियों के साथ मैदान साझा करने और खेल की बारीकियां सीखने का अवसर मिला। इस प्रकार के आयोजन युवा खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ ही उन्हें भविष्य की बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का संदेश ‘चलव रे संगी, हॉकी खेलबो’ प्रदेश के युवाओं को खेल के मैदान से जोड़ने का प्रेरक मंत्र बनकर सामने आया है। इस आयोजन की विशेष बात यह भी रही कि प्रतियोगिता के मुकाबलों के प्रसारण की व्यवस्था जियोहॉटस्टार पर की गई। इससे छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों की प्रतिभा को व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचने का अवसर मिला। हिंदी के साथ छत्तीसगढ़ी भाषा में कमेंट्री की व्यवस्था ने आयोजन को और अधिक आत्मीय तथा स्थानीय संस्कृति से जुड़ा बनाया। हॉकी के रोमांच के साथ छत्तीसगढ़ी भाषा की मिठास भी दर्शकों तक पहुंची।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को पहचानने, उन्हें प्रोत्साहित करने तथा बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन की शुरुआत की गई है। इस मिशन के माध्यम से गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें प्रशिक्षण केंद्रों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य है कि संसाधनों के अभाव में किसी भी प्रतिभाशाली खिलाड़ी का सपना अधूरा न रह जाए।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ हॉकी लीग से भी ऐसी प्रतिभाएं सामने आएंगी, जो भारतीय हॉकी टीम की जर्सी पहनकर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश के लिए पदक जीतेंगी। श्री साय ने छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के सफल आयोजन के लिए आयोजकों, सभी छह टीमों के खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और आयोजन से जुड़े सभी सहयोगियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं प्रदेश में सकारात्मक खेल संस्कृति को मजबूत करने और युवाओं को स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का आयोजन पूरे देश के लिए रोल मॉडल है। यदि सरकार में दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो ऐसे सफल आयोजन संभव हैं। ऐसे आयोजनों से खेलों के विकास के साथ ही अच्छे खिलाड़ियों का निर्माण होता है, जो खेलों की प्रगति के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हॉकी का खेल देश का गौरव है। हॉकी भारत की समृद्ध खेल परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद ने अपने अद्भुत खेल कौशल से पूरी दुनिया में भारत का गौरव बढ़ाया। उनकी उपलब्धियां आज भी देश के युवा खिलाड़ियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करती हैं।

डॉ. मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों के प्रति एक नया वातावरण तैयार हुआ है। खेलो इंडिया और फिट इंडिया जैसे अभियानों ने युवाओं में खेलों के प्रति रुचि और जागरूकता बढ़ाई है। आज देश के युवा खेल को केवल मनोरंजन या शारीरिक दक्षता का माध्यम नहीं, बल्कि अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और उज्ज्वल भविष्य बनाने के महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देख रहे हैं।

डॉ. मांडविया ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का स्वरूप और अधिक व्यापक तथा प्रतिस्पर्धात्मक होगा। यह लीग न केवल प्रदेश, बल्कि देश के खिलाड़ियों के लिए आगे बढ़ने का सशक्त मंच बनेगी। निश्चित ही इससे राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर छत्तीसगढ़ की एक नई पहचान भी स्थापित होगी।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्रीद्वय अरुण साव और विजय शर्मा, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद बृजमोहन अग्रवाल तथा छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के एंबेसडर सरदार सिंह भी समापन समारोह में शामिल हुए।

राज्योत्सव 2026 की सांस्कृतिक संध्या में गीत-संगीत और नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

अनुराग शर्मा, आरू साहू और बॉलीवुड गायिका पलक मुच्छल के गीतों पर झूमे दर्शक

रिदम क्वीन बैंड की शानदार प्रस्तुति और महाराष्ट्र के पारंपरिक लावणी नृत्य ने बिखेरी सांस्कृतिक छटा

रायपुर– छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 की सांस्कृतिक संध्या गीत-संगीत, नृत्य और सुरों की शानदार प्रस्तुतियों से सराबोर रही। सांस्कृतिक कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति के साथ देश की विविध सांस्कृतिक परंपराओं का खूबसूरत संगम देखने को मिला। कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। देर शाम तक गीत-संगीत की मधुर धुनों पर दर्शक झूमते नजर आए।

छत्तीसगढ़ी संस्कृति और लोक संगीत की मिठास घोल दी अनुराग शर्मा ने

सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय गायक अनुराग शर्मा ने प्रसिद्ध गीत ‘गीत कोनो गाहु तोर नाम के’ की सुमधुर प्रस्तुति के साथ की। उनके गीत ने कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी संस्कृति और लोक संगीत की मिठास घोल दी। दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनकी प्रस्तुति का स्वागत किया। इसके उपरांत रिदम क्वीन बैंड ने अपनी शानदार संगीतमय प्रस्तुति से सांस्कृतिक संध्या में उत्साह और उमंग का संचार किया। बैंड के कलाकारों ने संगीत की आकर्षक धुनों और बेहतरीन तालमेल से दर्शकों को खूब रोमांचित किया।

लावणी नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति

सांस्कृतिक कार्यक्रम में महाराष्ट्र राज्य के प्रसिद्ध पारंपरिक लावणी नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा, लयबद्ध नृत्य और भावपूर्ण मुद्राओं के माध्यम से महाराष्ट्र की समृद्ध लोक संस्कृति की झलक प्रस्तुत की। इस प्रस्तुति ने राज्योत्सव के मंच पर देश की सांस्कृतिक विविधता और एकता का सुंदर संदेश दिया।

आरू साहू के लोक संस्कृति के रंग में रंगे लोग

छत्तीसगढ़ की लोकप्रिय लोक गायिका आरू साहू ने अपनी प्रस्तुति की शुरुआत भक्तिमय गीत से की। इसके बाद उन्होंने एक से बढ़कर एक गीतों की प्रस्तुति देकर दर्शकों का दिल जीत लिया। उनकी मधुर आवाज और छत्तीसगढ़ी गीतों की प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को लोक संस्कृति के रंग में रंग दिया। दर्शकों ने तालियों के साथ उनका उत्साहवर्धन किया।

बॉलीवुड की प्रसिद्ध पार्श्व गायिका पलक मुच्छल की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दी

सांस्कृतिक संध्या में बॉलीवुड की प्रसिद्ध पार्श्व गायिका पलक मुच्छल की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण जोड़ा। उनके लोकप्रिय गीतों की मधुर धुनों पर युवा दर्शक जमकर झूमे और गीतों का भरपूर आनंद लिया। पलक मुच्छल की सुरीली आवाज और शानदार मंचीय प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। युवाओं में उनकी प्रस्तुति को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला।

राज्योत्सव की इस रंगारंग सांस्कृतिक संध्या ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक कला, संगीत और सांस्कृतिक विरासत के साथ अन्य राज्यों की परंपराओं को भी एक मंच पर प्रस्तुत किया। कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों और दर्शकों के उत्साह ने सांस्कृतिक संध्या को यादगार बना दिया।

राज्योत्सव में वायुसेना का शौर्य प्रदर्शन, तिरंगे पैराशूट से उतरे जवान तो गूंजे जयकारे

 रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के दूसरे दिन नवा रायपुर के सेंध लेक में भारतीय वायुसेना ने अपने शानदार हवाई करतबों से दर्शकों का उत्साह बढ़ा दिया। सुबह 11:30 बजे शुरू हुआ यह कार्यक्रम दोपहर 12:30 बजे तक चला। आयोजन में राज्यपाल रामेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। एयर शो देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।

तिरंगे पैराशूट के साथ जवानों की सटीक लैंडिंग

कार्यक्रम के दौरान वायुसेना के जवान तिरंगे के रंगों वाले पैराशूट के साथ आसमान से नीचे उतरे। उनकी सटीक लैंडिंग पर मैदान तालियों और भारत माता की जय के नारों से गूंज उठा।इसके बाद गरुड़ कमांडो ने अपने साहस और प्रशिक्षण का प्रदर्शन किया। MI-17 हेलिकॉप्टर से रस्सियों के सहारे तेजी से नीचे उतरकर जवानों ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया।

एक दिन पहले सारंग टीम ने आसमान में बनाई दिल और डायमंड की आकृतियां

राज्योत्सव के पहले दिन भी एयर शो आकर्षण का केंद्र रहा। इस दौरान भारतीय वायुसेना की प्रसिद्ध सारंग हेलिकॉप्टर डिस्प्ले टीम ने पहली बार छत्तीसगढ़ में प्रदर्शन किया।टीम के पांच स्वदेशी ध्रुव हेलिकॉप्टरों ने एक साथ उड़ान भरकर आसमान में डायमंड, दिल और डॉल्फिन जैसी आकृतियां बनाईं। बेहद करीब उड़ान भरते हुए हेलिकॉप्टरों ने शानदार तालमेल, सटीक दिशा परिवर्तन और हवाई कौशल का प्रदर्शन किया। हेलिकॉप्टरों से निकले रंगीन धुएं ने आसमान में तिरंगे जैसी छटा बिखेर दी।

राज्योत्सव में देश की सैन्य क्षमता की झलक

लगातार दूसरे दिन हुए हवाई प्रदर्शन ने राज्योत्सव के उत्साह को और बढ़ा दिया। पैराशूट जंप, कमांडो ऑपरेशन और हेलिकॉप्टरों के करतबों के जरिए वायुसेना के जवानों ने अपने प्रशिक्षण और साहस का परिचय दिया।

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 : जनसम्पर्क विभाग की फोटो प्रदर्शनी में नव निर्माण के 26 वर्ष एवं विकास पथ पर अग्रसर छत्तीसगढ़ की मोहक झांकी की गई प्रस्तुत

जनसम्पर्क विभाग की फोटो प्रदर्शनी रही आकर्षण का केन्द्र

फोटो प्रदर्शनी के माध्यम से शासन की विभिन्न योजनाओं एवं उपलब्धियों से रूबरू हुए जनसामान्य

फोटो प्रदर्शनी में चलित मनोरंजक रोबोट के मुरीद हुए बच्चे और युवा

छत्तीसगढ़ जनमन किताब एवं ब्रोशर का किया गया निःशुल्क वितरण

रायपुर- लोक संस्कृति के माधुर्य, समृद्ध परम्परा एवं अटूट एकता के प्रतीक राज्योत्सव में जनसम्पर्क विभाग द्वारा राज्योत्सव मैदान, नवा रायपुर अटल नगर में शासकीय योजनाओं एवं उपलब्धियों पर आधारित फोटो प्रदर्शनी आज जनसामान्य के लिए आकर्षण का केन्द्र रही। नव निर्माण के 26 वर्ष एवं विकास पथ पर अग्रसर छत्तीसगढ़ की थीम पर आधारित मोहक फोटो प्रदर्शनी में सुशासन से समृद्धि, निवेश से औद्योगिक प्रगति, समृद्ध संस्कृति और परिवर्तन का गढ़ अंतर्गत विविध जानकारी झांकी के रूप में प्रस्तुत की गई हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्र बस्तर में बंदूक की गूंज और बारूद के धमाके दशकों तक रही लेकिन आज सुशासन में तस्वीर बदली है। उदास चेहरों पर खुशियां लौटी हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की रणनीति एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व से नक्सल मुक्त हुई बस्तर की धरा। विकास की इन्हीं गाथाओं को संजोए एलईडी के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। युवाओं, बच्चों, महिलाओं, किसानों एवं सभी वर्ग के लोगों ने शासन की सभी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ जनमन एवं शासन की योजनाओं एवं उपलब्धियों पर आधारित ब्रोशर का निःशुल्क वितरण किया गया। फोटो प्रदर्शनी में चलित मनोरंजक रोबोट के बच्चे और युवा मुरीद हो गए। आदिवासी संस्कृति को अभिव्यक्त करते हुए रोबोट से मिलकर बच्चों ने हाथ मिलाए और तस्वीरें खिंचवाई।

डिजिटल एलईडी बच्चों के लिए बेहद उपयोगी : रीतिका

राज्योत्सव मेला मैदान में जनसम्पर्क विभाग द्वारा स्थापित किए गए डिजिटल एलईडी एवं ई-कार्नर में पहले दिन से ही आगंतुकों का तांता लगा रहा। इस दौरान रायपुर निवासी रीतिका साहू अपने 07 वर्षीय बेटे वीरांश के साथ जनसम्पर्क विभाग के डिजिटल स्टॉल का अवलोकन किया। उन्होंने बताया कि यहां डिजिटल एलईडी स्क्रीन उनको और बेटे वीरांश को बहुत भाया। छत्तीसगढ़ से संबंधित सामान्य ज्ञान क्विज भी बच्चों के लिए बेहद उपयोगी है, इससे वे अपनी संस्कृति, सभ्यता और प्रदेश की विशेषताओं से अवगत भी होंगे। उन्होंने रोबोट की भी सराहना करते हुए अपने बेटे के साथ तस्वीर खिंचाई। इसी तरह रायपुर से आए श्री सुलभ सौरभ, अनिल रामटेके और ग्राम परसदा (राजिम) से आए श्री टिकेश्वर निषाद ने भी जनसम्पर्क विभाग की डिजिटल प्रदर्शनी का अवलोकन कर शासन की विभिन्न विभागों की योजनाओं के नवीनतम तकनीक से प्रचार-प्रसार की प्रशंसा की। साथ ही ई-कॉर्नर में सुशासन से समृद्धि पर आधारित प्रदर्शनी को प्रदेश के विकास का आईना बताया।

सुशासन से समृद्धि, निवेश से औद्योगिक प्रगति की दी गई जानकारी

सुशासन से समृद्धि, निवेश से औद्योगिक प्रगति अंतर्गत
942 सरकारी सेवाएं सेवा सेतु पर घर बैठे एक क्लिक में, 740 से अधिक सरकारी सेवाओं का कानूनी अधिकार छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम से, 50 लाख आवेदन सुशासन तिहार में निराकृत, पहला एआई डेटा सेंटर पार्क नवा रायपुर में ले रहा आकार, दूसरे सेमीकंडक्टर यूनिट का नवा रायपुर में हो रहा निर्माण, 187 सेवाएं वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम पर जैसी जानकारी दी जा रही हैं। 

समृद्ध संस्कृति और पर्यटन का गढ़ छत्तीसगढ़ की जानकारी दी गई

समृद्ध संस्कृति और पर्यटन का गढ़ छत्तीसगढ़ अंतर्गत 600 साल पुराने 75 दिनों तक चलने वाले विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा, 52 शक्ति पीठों में एक दंतेवाड़ा का माँ दंतेश्वरी मंदिर, 23,000 से अधिक धान की किस्में धान का कटोरा हमारा छत्तीसगढ़, 300 मीटर चौड़ा चित्रकोट जलप्रपात भारत का नियाग्रा, 44% वनक्षेत्र हरियाली से समृद्ध धरा देश का तीसरा राज्य छत्तीसगढ़ के संबंध में जानकारी दी गई।

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 : जनसम्पर्क विभाग की फोटो प्रदर्शनी में नव निर्माण के 26 वर्ष एवं विकास पथ पर अग्रसर छत्तीसगढ़ की मोहक झांकी की गई प्रस्तुत
छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 : जनसम्पर्क विभाग की फोटो प्रदर्शनी में नव निर्माण के 26 वर्ष एवं विकास पथ पर अग्रसर छत्तीसगढ़ की मोहक झांकी की गई प्रस्तुत
छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 : जनसम्पर्क विभाग की फोटो प्रदर्शनी में नव निर्माण के 26 वर्ष एवं विकास पथ पर अग्रसर छत्तीसगढ़ की मोहक झांकी की गई प्रस्तुत
छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 : जनसम्पर्क विभाग की फोटो प्रदर्शनी में नव निर्माण के 26 वर्ष एवं विकास पथ पर अग्रसर छत्तीसगढ़ की मोहक झांकी की गई प्रस्तुत
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छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 : जनसम्पर्क विभाग की फोटो प्रदर्शनी में नव निर्माण के 26 वर्ष एवं विकास पथ पर अग्रसर छत्तीसगढ़ की मोहक झांकी की गई प्रस्तुत
छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 : जनसम्पर्क विभाग की फोटो प्रदर्शनी में नव निर्माण के 26 वर्ष एवं विकास पथ पर अग्रसर छत्तीसगढ़ की मोहक झांकी की गई प्रस्तुत

राज्योत्सव में लोककला के रंग, सुरों की गूंज और थिरकते कदमों ने बांधा समां

शिल्पग्राम मंच पर सजी छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की मनमोहक महफिल, पंडवानी से लेकर फ्यूजन बैंड तक कलाकारों ने बिखेरा कला का जादू

लोकगीतों की मिठास, ढोलमारू की जीवंत प्रस्तुति और शास्त्रीय नृत्य की भाव-भंगिमाओं ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध

रायपुर– छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के अवसर पर नवा रायपुर स्थित राज्योत्सव मेला मैदान का शिल्पग्राम मंच रविवार को लोककला, संगीत और नृत्य के अद्भुत संगम का साक्षी बना। कहीं लोकगीतों की सुरीली तान गूंजी, तो कहीं पंडवानी की ओजस्वी कथा ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत कर दिया। गिटार की मधुर धुनों, फ्यूजन बैंड की आधुनिक संगीत शैली और शास्त्रीय नृत्य की मनोहारी प्रस्तुतियों ने राज्योत्सव के उल्लास को दोगुना कर दिया। विभिन्न विधाओं के कलाकारों ने अपनी कला के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और परंपराओं की खूबसूरत छटा बिखेरी।

राज्योत्सव के अंतर्गत शिल्पग्राम मंच पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से उत्सव में चार चांद लगा दिए। पारंपरिक लोककला और आधुनिक संगीत का यह अनूठा संगम राज्योत्सव के विशेष आकर्षणों में शामिल रहा।

पंडवानी की ओजस्वी प्रस्तुति में जीवंत हुई छत्तीसगढ़ की गौरवशाली लोकपरंपरा

छत्तीसगढ़ की विश्वविख्यात लोकगाथा पंडवानी की प्रस्तुति राज्योत्सव के प्रमुख आकर्षणों में रही। दुर्ग के श्री चेतन देवांगन और रायपुर की सुश्री दुर्गा साहू ने पंडवानी की प्रभावशाली प्रस्तुतियों के माध्यम से महाभारत की कथाओं और छत्तीसगढ़ की समृद्ध वाचिक परंपरा को मंच पर साकार किया। कथा, संगीत और अभिनय के अनूठे समन्वय ने लोककला की इस विशिष्ट विधा की खूबसूरती को सामने रखा।

गिटार की धुनों और फ्यूजन बैंड ने बिखेरे आधुनिक संगीत के रंग

सांस्कृतिक कार्यक्रमों में रायपुर के श्री शिवेन्द्र मण्डावी ने लोकसंगीत एवं गिटार वादन की प्रस्तुति दी। रायपुर के श्री राजीव श्रीवास्तव के नेतृत्व में रिदम ट्विंस बैंड तथा श्री संतोष कुमार सिन्हा के फ्यूजन बैंड की प्रस्तुतियों ने संगीत की आधुनिक शैलियों से दर्शकों को रूबरू कराया। पारंपरिक और आधुनिक संगीत के इस मेल ने शिल्पग्राम मंच को सुरों और तालों से सराबोर कर दिया।

शास्त्रीय नृत्य की मनोहारी प्रस्तुति ने बिखेरी भारतीय कला की अनुपम छटा

सुश्री अनुप्रिया सुल्ताना ने शास्त्रीय नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति से भारतीय नृत्य परंपरा की सुंदरता को मंच पर साकार किया। नृत्य की भावपूर्ण मुद्राओं, लयबद्ध पदचाप और कलात्मक अभिव्यक्ति ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण जोड़ा।

ढोलमारू और लोकमंच की प्रस्तुतियों में दिखी छत्तीसगढ़ की माटी की महक

दुर्ग की रजनी रजक ने लोकमंच एवं ढोलमारू की प्रस्तुति के माध्यम से लोकजीवन की भावनाओं और पारंपरिक कथाओं को जीवंत किया। वहीं बिलासपुर की कुमारी वंदिता साहू ने लोकसंगीत की मधुर प्रस्तुति दी। सुश्री पायल साहू ने लोकमंच के माध्यम से छत्तीसगढ़ी लोककला के विविध रंग बिखेरे। इन प्रस्तुतियों में प्रदेश की लोकपरंपराओं, सांस्कृतिक पहचान और माटी की सौंधी महक का सुंदर समावेश देखने को मिला।

राज्योत्सव बना लोककलाकारों की प्रतिभा और सांस्कृतिक विरासत का उत्सव

राज्योत्सव के शिल्पग्राम मंच पर आयोजित इन सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने एक बार फिर छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोककला और सांस्कृतिक विविधता की झलक प्रस्तुत की। पंडवानी की कथा परंपरा, लोकसंगीत की मिठास, ढोलमारू की लोकगाथा, शास्त्रीय नृत्य की कलात्मकता और आधुनिक बैंड की संगीत प्रस्तुतियों ने उत्सव को बहुरंगी स्वरूप प्रदान किया।

विकसित छत्तीसगढ़ से साकार होगा विकसित भारत का संकल्प : केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया

केंद्रीय मंत्री डॉ. मांडविया ने किया तीन दिवसीय राज्योत्सव 2026 का भव्य शुभारंभ

नक्सलवाद की चुनौती से निकलकर शांति, विश्वास और विकास के नए युग में प्रवेश कर रहा बस्तर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की गारंटियों को पूरा कर रही हमारी सरकार, जनकल्याणकारी योजनाओं से बदल रही छत्तीसगढ़ की तस्वीर : मुख्यमंत्री साय

प्रदेश में प्रतिदिन बन रहे लगभग 1,600 प्रधानमंत्री आवास, महतारी वंदन योजना से 68 लाख से अधिक महिलाओं को आर्थिक संबल

जनजातीय संस्कृति, खेल, पर्यटन और औद्योगिक निवेश के माध्यम से विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा छत्तीसगढ़

रायपुर — केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प ही विकसित भारत के निर्माण को नई गति प्रदान करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का जो लक्ष्य निर्धारित किया है, उसे साकार करने में छत्तीसगढ़ जैसे समृद्ध संसाधनों, गौरवशाली संस्कृति और अपार संभावनाओं वाले राज्यों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रदेश में जनकल्याणकारी योजनाओं, अधोसंरचना विकास, औद्योगिक निवेश और रोजगार के अवसरों के विस्तार से विकास की नई संभावनाएं साकार हो रही हैं। केंद्रीय मंत्री डॉ. मांडविया आज छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय राज्योत्सव 2026 के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर राज्योत्सव का विधिवत शुभारंभ किया। 

अटल जी ने छत्तीसगढ़ निर्माण का जो सपना देखा, वह आज हो रहा साकार : डॉ. मांडविया

केंद्रीय मंत्री डॉ. मांडविया ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण के पीछे स्थानीय जनता की आकांक्षाओं को नई पहचान देने और विकास की संभावनाओं को साकार करने की भावना थी। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण कर प्रदेश के विकास की मजबूत नींव रखी थी। आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश उसी संकल्प को आगे बढ़ाते हुए विकास के नए पथ पर अग्रसर है।

डॉ. मांडविया ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति, समृद्ध लोकपरंपराएं, प्राकृतिक संपदा और यहां के लोगों की कर्मठता प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत हैं। एक समय बस्तर की चर्चा मुख्य रूप से नक्सलवाद के कारण होती थी, लेकिन आज वहां खेल, पर्यटन, संस्कृति और विकास की नई संभावनाएं सामने आ रही हैं। बस्तर की प्रतिभाएं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रही हैं। औद्योगिक निवेश के क्षेत्र में भी छत्तीसगढ़ महत्वपूर्ण गंतव्य के रूप में उभर रहा है।

उन्होंने कहा कि विकास की इस यात्रा में अपनी सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को सहेजते हुए आगे बढ़ना आवश्यक है। जब देश के सभी राज्य अपनी विशिष्ट क्षमताओं और संसाधनों के आधार पर विकसित होंगे, तभी विकसित भारत का संकल्प पूर्ण होगा।

अटल जी ने निभाया छत्तीसगढ़ निर्माण का वादा : मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज का दिन छत्तीसगढ़ के गौरवशाली इतिहास, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विकास की यात्रा को स्मरण करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने छत्तीसगढ़ की जनता से  राज्य निर्माण का वादा किया था। प्रदेशवासियों ने उनके नेतृत्व पर विश्वास जताया और उन्होंने अपना वादा पूरा करते हुए 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ को अलग राज्य का स्वरूप प्रदान किया।

मुख्यमंत्री ने श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी को नमन करते हुए कहा कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व में निर्मित छत्तीसगढ़ आज विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है। राज्य गठन के समय प्रदेश में सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं की अनेक चुनौतियां थीं। बीते वर्षों में इन क्षेत्रों में व्यापक विस्तार हुआ है। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुदृढ़ कर गरीब परिवारों को रियायती दर पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने की व्यवस्था ने प्रदेश में खाद्य सुरक्षा को नई मजबूती प्रदान की।

प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में ऐतिहासिक सफलता

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नक्सलवाद लंबे समय तक बस्तर के विकास में सबसे बड़ी बाधाओं में से एक रहा। प्राकृतिक सौंदर्य, वन एवं खनिज संपदा से समृद्ध होने के बावजूद नक्सलवाद के कारण बस्तर के अनेक क्षेत्रों तक विकास की सुविधाएं अपेक्षित रूप से नहीं पहुंच सकीं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के सशक्त नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के दृढ़ संकल्प एवं मार्गदर्शन में नक्सलवाद का उन्मूलन हुआ। सुरक्षा बलों के अदम्य साहस, पराक्रम और बस्तरवासियों के सहयोग से आज बस्तर नक्सलवाद की चुनौती से निकलकर शांति, विश्वास और विकास के नए युग की ओर बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर की जनता शांति और विकास चाहती है। राज्य सरकार का संकल्प है कि बस्तर के दूरस्थ से दूरस्थ गांव तक सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार जैसी आवश्यक सुविधाएं पहुंचें। नक्सलवाद से प्रभावित रहे क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए स्थानीय युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। उन्होंने इस अभियान में सुरक्षा बलों के जवानों के साहस, समर्पण और बलिदान को नमन किया।

मोदी की गारंटी पूरी कर रही सरकार :  गरीबों, किसानों और महिलाओं के जीवन में आ रहा सकारात्मक बदलाव

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी की गारंटियों को पूरा करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 1,600 पक्के आवास तैयार हो रहे हैं। यह केवल मकानों का निर्माण नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य के सपनों को साकार करने का अभियान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की खुशहाली राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रदेश में किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान की खरीदी 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। किसानों को लंबित बोनस का भुगतान कर उनके प्रति किए गए वादे को भी पूरा किया गया है।

उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना प्रदेश की माताओं-बहनों के आर्थिक सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम बनी है। इस योजना के अंतर्गत 68 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। महिलाओं के बैंक खातों में सीधे पहुंच रही सहायता राशि से उनके आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है और परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में उन्हें आर्थिक संबल मिला है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में चरण पादुका योजना को पुनः प्रारंभ किया गया है। भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इन योजनाओं का उद्देश्य समाज के गरीब, वंचित और जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।

श्री रामलला दर्शन योजना से  श्रद्धालुओं का अयोध्या दर्शन का सपना हुआ साकार

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम का ननिहाल है और यहां के जनजीवन में भगवान श्रीराम के प्रति गहरी आस्था है। अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर के निर्माण और प्रभु श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा से प्रदेशवासियों में अपार उत्साह है।

उन्होंने बताया कि  रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक प्रदेश के 50 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या जाकर प्रभु श्रीरामलला के दर्शन कर चुके हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के श्रद्धालुओं को भी इस पवित्र तीर्थयात्रा का अवसर प्राप्त हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य गठन के समय प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था, जबकि आज शासकीय एवं निजी क्षेत्र को मिलाकर 21 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। यह प्रदेश में स्वास्थ्य शिक्षा और चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रीय स्तर के उच्च शिक्षण संस्थानों की स्थापना हुई है। युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को अपनी प्रतिभा और क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने के अधिक से अधिक अवसर प्राप्त हों।

समारोह को संबोधित करते हुए संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति, जनजातीय परंपराएं और ऐतिहासिक विरासत प्रदेश की विशिष्ट पहचान हैं। पंडवानी, पंथी, ददरिया सहित यहां की लोककलाएं हमारी सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में प्रदेश की लोककलाओं के संरक्षण, संवर्धन और कलाकारों को सम्मान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। पंडवानी की महान साधिका स्वर्गीय तीजन बाई की स्मृति में राज्य अलंकरण की शुरुआत की गई है।
अग्रवाल ने कहा कि चित्रकोट जलप्रपात, सिरपुर, राजिम, रामगढ़ की प्राचीन गुफाएं और मैनपाट जैसे पर्यटन स्थल देश-दुनिया के पर्यटकों को आकर्षित करने की अपार क्षमता रखते हैं। पर्यटन के विस्तार से स्थानीय युवाओं, महिलाओं, हस्तशिल्पकारों और छोटे व्यवसायियों के लिए रोजगार एवं आय के नए अवसर सृजित होंगे।

कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री  अरुण साव एवं  विजय शर्मा, राज्य सरकार के मंत्रीगण, सांसद, विधायकगण, विभिन्न निगमों, मंडलों एवं आयोगों के पदाधिकारी, वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

नौकरी छोड़ने के बदले कंपनी दे रही 11 लाख रुपये, 23 साल के इंजीनियर के सामने बड़ा सवाल

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 Voluntary Exit Offer:  नौकरी पाने के लिए जहां युवा सालों तक मेहनत करते हैं, वहीं एक कंपनी अपने कर्मचारियों को इस्तीफा देने के बदले मोटी रकम देने का ऑफर दे रही है। इस प्रस्ताव ने कर्मचारियों के बीच नई चर्चा छेड़ दी है। मामला हैदराबाद के एक 23 वर्षीय इंजीनियर से जुड़ा है, जिसे कंपनी की ओर से नौकरी छोड़ने के बदले करीब 11 लाख रुपये देने की पेशकश की गई है। इंजीनियर ने अपनी इस स्थिति को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लोगों से सलाह मांगी है कि उसे यह रकम स्वीकार कर लेनी चाहिए या नौकरी जारी रखनी चाहिए।

क्या है कंपनी का वॉलंटरी एग्जिट ऑफर?

दरअसल, कंपनी ने कर्मचारियों के लिए वॉलंटरी एग्जिट ऑफर पेश किया है। इस योजना के तहत जो कर्मचारी अपनी इच्छा से नौकरी छोड़ने का फैसला करेंगे, उन्हें तीन महीने की पूरी सैलरी दी जाएगी। भुगतान की राशि संबंधित कर्मचारी के वेतन के आधार पर तय होगी। यानी जिसकी जितनी मासिक सैलरी है, उसे उसी हिसाब से तीन महीने का वेतन मिलेगा।

11 लाख रुपये के प्रस्ताव ने बढ़ाई इंजीनियर की उलझन

हैदराबाद में रहने वाले 23 वर्षीय इंजीनियर को जब कंपनी की ओर से 11 लाख रुपये लेकर नौकरी छोड़ने का विकल्प मिला, तो वह असमंजस में पड़ गया। उसने सोशल मीडिया पर अपनी स्थिति साझा करते हुए यूजर्स से पूछा कि क्या उसे इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लेना चाहिए या फिर मौजूदा नौकरी में बने रहना बेहतर होगा।उसकी पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस विषय को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। लोग अपने अनुभव के आधार पर अलग-अलग राय दे रहे हैं।

सोशल मीडिया पर नौकरी छोड़ने के फैसले को लेकर बहस

इस मामले के वायरल होने के बाद कई यूजर्स ने इंजीनियर को ऑफर स्वीकार नहीं करने की सलाह दी है। उनका मानना है कि मौजूदा समय में नई नौकरी तलाशना आसान नहीं है। ऐसे में केवल तीन महीने की सैलरी के बदले स्थायी आय का विकल्प छोड़ना जल्दबाजी हो सकती है।वहीं, इस घटना ने दूसरे कर्मचारियों के बीच भी भविष्य की नौकरी को लेकर चिंता बढ़ा दी है। कई लोग यह सोचने लगे हैं कि कंपनी की ओर से आगे किस कर्मचारी को ऐसा प्रस्ताव मिल सकता है। फिलहाल, 11 लाख रुपये के इस ऑफर को लेकर इंजीनियर का अंतिम फैसला सामने नहीं आया है।

महादेव सट्टा ऐप मामले में सौरभ चंद्राकर भारत लाया गया, CM साय ने CBI की कार्रवाई को बताया अहम सफलता

छत्तीसगढ़ :  चर्चित महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप प्रकरण में जांच एजेंसियों को बड़ी कामयाबी मिली है। इस मामले के प्रमुख प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को ओमान से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया है। उसकी गिरफ्तारी पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे CBI की महत्वपूर्ण सफलता बताया। दिल्ली रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्य आरोपी को पकड़ने के लिए CBI लंबे समय से प्रयासरत थी। उन्होंने इस कार्रवाई में जुटी CBI सहित सभी केंद्रीय जांच एजेंसियों को बधाई दी।

दिल्ली दौरे पर रहेंगे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज एक दिवसीय प्रवास पर दिल्ली जा रहे हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वह सुबह रायपुर स्थित स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पहुंचेंगे और इंडिगो की फ्लाइट से दिल्ली के लिए रवाना होंगे। दोपहर करीब 11:50 बजे उनके दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने का कार्यक्रम है। यहां से वह सीधे छत्तीसगढ़ सदन जाएंगे। दोपहर 12 बजे के बाद उनकी केंद्रीय नेताओं के साथ मुलाकात प्रस्तावित है।

ओमान से प्रत्यर्पण के बाद भारत पहुंचा सौरभ चंद्राकर

महादेव सट्टा ऐप मामले में सौरभ चंद्राकर को भारत लाने के लिए CBI ने कानूनी प्रक्रिया पूरी की। जानकारी के मुताबिक, ओमान पुलिस ने इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर उसे हिरासत में लिया था। इसके बाद CBI की टीम ओमान पहुंची और आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे भारत लेकर आई।

अब इस मामले में सौरभ चंद्राकर को रायपुर स्थित विशेष CBI अदालत में पेश किए जाने की बात कही गई है। कोर्ट में पेशी के बाद जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

कैसे शुरू हुआ महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप का कारोबार?

महादेव सट्टा ऐप का नेटवर्क वर्ष 2016 में शुरू हुआ था। भिलाई निवासी सौरभ चंद्राकर ने अपने सहयोगियों रवि उप्पल और अतुल अग्रवाल के साथ मिलकर इस प्लेटफॉर्म की शुरुआत की थी। शुरुआती दौर में इसे महादेव बुक के नाम से संचालित किया गया।इस प्लेटफॉर्म के जरिए क्रिकेट, फुटबॉल, टेनिस और बैडमिंटन जैसे खेलों पर ऑनलाइन दांव लगाए जाते थे। इसके अलावा पोकर, तीन पत्ती और अन्य वर्चुअल गेम्स भी इसमें शामिल थे। आरोप है कि प्लेटफॉर्म पर चुनावी नतीजों को लेकर भी सट्टेबाजी कराई जाती थी। धीरे-धीरे इसका नेटवर्क कई क्षेत्रों तक फैल गया।

रेड्डी अन्ना प्लेटफॉर्म के अधिग्रहण से बढ़ा नेटवर्क

वर्ष 2020 में सौरभ चंद्राकर और उसके सहयोगियों ने हैदराबाद के चर्चित सट्टा प्लेटफॉर्म रेड्डी अन्ना का करीब 1,000 करोड़ रुपये में अधिग्रहण किया। इस सौदे के बाद महादेव ऐप का दायरा तेजी से बढ़ा। यूजर्स की संख्या में इजाफा होने के साथ ही इसका कारोबार भी बड़े स्तर पर पहुंच गया। इसी दौरान यह नेटवर्क जांच एजेंसियों के रडार पर आ गया।

6000 करोड़ रुपये से अधिक की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप

वर्ष 2022 में आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने महादेव सट्टा ऐप से जुड़े नेटवर्क की जांच शुरू की। जांच के दौरान 6,000 करोड़ रुपये से अधिक की कथित मनी लॉन्ड्रिंग का मामला सामने आया। इसके बाद प्रकरण की जांच का दायरा बढ़ता गया।फिलहाल इस मामले में CBI और ED अलग-अलग पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही हैं। सौरभ चंद्राकर को भारत लाए जाने के बाद अब जांच एजेंसियों की पूछताछ और अदालत में होने वाली सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।

दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ महारैली में उमड़ा जनसैलाब, छत्तीसगढ़ के कांग्रेस नेताओं ने भरी हुंकार

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विकास उपाध्याय बोले—“जिसका इतिहास है, वही ऐतिहासिक काम करता है”; लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के लिए कांग्रेस का बुलंद आवाज

नई दिल्ली।01 नवंबर 2026

दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में आयोजित कांग्रेस की ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ महारैली में देशभर से पहुंचे कांग्रेस नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ देखने को मिली। महारैली में छत्तीसगढ़ के कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की बड़ी मौजूदगी रही। लोकतंत्र, संविधान और मताधिकार की रक्षा के मुद्दे पर आयोजित इस रैली में केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस ने अपनी आवाज बुलंद की।

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव सहित प्रदेश के विधायक, पूर्व विधायक, वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता रामलीला मैदान पहुंचे।

विकास उपाध्याय ने ऐतिहासिक भीड़ को बताया कांग्रेस के इतिहास का प्रतीक

महारैली में उमड़ी भीड़ की ओर इशारा करते हुए छत्तीसगढ़ के पूर्व विधायक एवं पूर्व संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने कहा कि “जिसका इतिहास है, वही ऐतिहासिक काम करता है।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस का इतिहास केवल राजनीतिक सत्ता का इतिहास नहीं, बल्कि देश की आजादी, जनसेवा और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए संघर्ष का इतिहास है।

विकास उपाध्याय ने कहा कि जिस सत्ता को अभिमान है, वह जनता का स्वाभिमान कैसे देख सकती है। कांग्रेस जनता के अधिकारों और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष कर रही है। रामलीला मैदान में उमड़ी भीड़ इस बात का संकेत है कि जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस और विपक्ष की ओर से ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ का नारा केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा का संकल्प है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग भी इसी अभियान का प्रमुख हिस्सा है।

भाजपा पर जनता की आवाज नहीं सुनने का आरोप

विकास उपाध्याय ने भाजपा के लंबे शासनकाल पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा को आज भी जनता की ऐतिहासिक भागीदारी और आवाज का महत्व समझ नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा कि 12 वर्षों के शासन के बाद भी यदि भाजपा 22 वर्षों तक सत्ता में रहे, तब भी जनता की आवाज सुनने की इच्छाशक्ति नहीं होगी तो उसे जनभावनाओं का एहसास नहीं हो सकेगा।

छत्तीसगढ़ से दिल्ली तक लोकतंत्र बचाने का संदेश

महारैली में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आगमन को लेकर कार्यकर्ताओं में उत्साह रहा। रामलीला मैदान में देशभर से पहुंचे कांग्रेसजनों की मौजूदगी के बीच लोकतंत्र, संविधान और मताधिकार की रक्षा का संदेश दिया गया।

छत्तीसगढ़ के कांग्रेस नेताओं की सक्रिय भागीदारी के साथ महारैली में उठी आवाज ने प्रदेश की राजनीति को भी राष्ट्रीय स्तर पर जोड़ने का प्रयास किया। कांग्रेस नेताओं ने इसे जनता के अधिकारों और लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा के लिए निर्णायक संघर्ष का हिस्सा बताया।

वोट बचाओ – देश बचाओ!



छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान मुरासु का खतरा, 4 नवंबर तक भारी बारिश और 60 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, किसानों की बढ़ी चिंता

रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मौसम का मिजाज बिगड़ने की आशंका है। चक्रवाती तूफान अर्नब के प्रभाव के बाद अब बंगाल की खाड़ी में विकसित हुआ तूफान मुरासु प्रदेश के मौसम को प्रभावित कर सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना डीप डिप्रेशन अब चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया है। इसके आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ने की संभावना है। अनुमान है कि 3 नवंबर की सुबह यह तटीय क्षेत्र से टकरा सकता है।तूफान के प्रभाव से छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। मौसम संबंधी पूर्वानुमान के अनुसार, 1 से 5 नवंबर के बीच अलग-अलग राज्यों में भारी बारिश की स्थिति बन सकती है। ऐसे में प्रदेश के किसानों और आम लोगों की चिंता बढ़ गई है।

कई राज्यों में तूफान का दिखेगा असर

चक्रवाती तूफान मुरासु का प्रभाव केवल आंध्र प्रदेश तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। इसके चलते तेलंगाना, तमिलनाडु, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भी मौसम प्रभावित हो सकता है।पूर्वानुमान के मुताबिक, तूफान के दौरान हवा की गति 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। वहीं, तेज झोंकों के साथ इसकी रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका जताई गई है।

आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 2 और 3 नवंबर को तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और तेलंगाना में भारी से अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने और गरज-चमक की भी आशंका है।तमिलनाडु में 1 और 2 नवंबर को बारिश का प्रभाव अधिक रहने की संभावना जताई गई है। इसके बाद 3 और 4 नवंबर को तूफान से जुड़ा मौसम दक्षिण ओडिशा और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों को प्रभावित कर सकता है।

छत्तीसगढ़ में 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है हवा की रफ्तार

मुरासु को लेकर छत्तीसगढ़ में भी मौसम संबंधी चेतावनी जारी की गई है। 3 और 4 नवंबर को प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने का अनुमान है। तेज झोंकों के दौरान हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।इस दौरान कई जिलों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज बारिश की स्थिति बन सकती है। राजधानी रायपुर में 2 नवंबर की शाम से ही मौसम में बदलाव के संकेत हैं। आसमान में बादल छाने के साथ हल्की बारिश और बूंदाबांदी हो सकती है। वहीं, 3 और 4 नवंबर को बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।

धान की फसल पर मंडराया बारिश का खतरा

चक्रवाती तूफान की आहट ने प्रदेश के किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इस समय छत्तीसगढ़ में धान की फसल कटाई के चरण में पहुंच रही है। कई इलाकों में कटाई शुरू हो चुकी है, जबकि मंडियों में भी धान की आवक होने लगी है।ऐसे समय में दोबारा बारिश होने से खेतों में खड़ी फसल के साथ कटाई के बाद खुले स्थानों पर रखे धान को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है। तेज हवाओं और बारिश के कारण फसल गिरने, अनाज के भीगने तथा गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा बना हुआ है।गौरतलब है कि दो दिन पहले चक्रवाती तूफान अर्नब के प्रभाव से रायपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में बारिश हुई थी। अब मुरासु के संभावित प्रभाव को लेकर किसानों की परेशानी और बढ़ गई है।

मौसम में बदलाव को देखते हुए किसानों को सतर्क रहने की जरूरत

लगातार बदलते मौसम के बीच किसानों के लिए आने वाले दिन महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। खेतों में तैयार फसल और मंडियों में पहुंच चुके धान को बारिश से बचाने की व्यवस्था करना जरूरी होगा। खुले में रखे अनाज को सुरक्षित स्थान पर रखने और मौसम संबंधी विभागीय चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की आवश्यकता है।फिलहाल तूफान मुरासु के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में 3 और 4 नवंबर को मौसम अधिक सक्रिय रहने का अनुमान है। बारिश और तेज हवाओं की वास्तविक स्थिति तूफान की दिशा तथा उसकी तीव्रता में होने वाले बदलाव पर निर्भर करेगी।