25.1 C
Raipur
Friday, October 30, 2026
Home Blog

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की माता का निधन, छत्तीसगढ़ का दौरा हुआ रद्द, मुख्यमंत्री साय ने व्यक्त की संवेदनाएं

रायपुर। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की माता काशी बाई का आज 76 साल की उम्र में निधन हो गया. इसके साथ ही उनका आज छत्तीसगढ़ का दौरा रद्द हो गया है. केंद्रीय मंत्री की माता के निधन पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शोक जताते हुए परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की है.

जानकारी के अनुसार, शिवराज सिंह की माता का भोपाल एम्स में उपचार चल रहा था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली. आज दोपहर 3 बजे उनका अंतिम संस्कार ग्राम जैत, सीहोर में होगा. इस दुख की घड़ी में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शोक जताते हुए दुःख की इस घड़ी में अपनी गहरी संवेदनाएँ शिवराज सिंह एवं समस्त शोकाकुल परिजनों के प्रति व्यक्त की.

बिलासपुर हाईकोर्ट का बड़ा प्रशासनिक फैसला, 19 न्यायिक अधिकारियों की सेवा की पुष्टि

बिलासपुर। हाईकोर्ट ने प्रशासनिक स्तर पर कई अहम फैसले लिए हैं। हाईकोर्ट ने उच्च न्यायिक सेवा के 19 अधिकारियों की सेवा की पुष्टि कर दी है। इसके साथ ही रजिस्ट्री के विभिन्न संवर्गों में पदोन्नति के आदेश भी जारी किए गए हैं। वहीं बेमेतरा जिला न्यायालय में कोर्ट मैनेजर की नियुक्ति की गई है। पदोन्नति संबंधी आदेश कार्यवाहक क्षमता में दो साल की अवधि के लिए जारी किए गए हैं।

हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल की ओर से जारी आदेश के अनुसार, 28 अक्टूबर 2026 से उच्च न्यायिक सेवा के 19 अधिकारियों की सेवा संपुष्ट की गई है। सूची में वीरेंद्र, मुकेश कुमार तिवारी, अमित कुमार कोहली, जितेंद्र कुमार ठाकुर, जगदीश राम, मोनिका जायसवाल, अनिल कुमार बारा, संतोष कुमार महोबिया, पुष्पलता मार्कंडे, मोना चौहान, कृष्णा कुमार सूर्यवंशी, वंदना वर्मा, संजया रात्रे, संतोष ठाकुर, नरेंद्र कुमार, श्यामवती मरावी, सुषमा लाकड़ा, अनिल प्रभात मिंज और दीपक कुमार कोशले के नाम शामिल हैं।

हाईकोर्ट प्रशासन ने रजिस्ट्री के विभिन्न पदों पर पदोन्नति के आदेश भी जारी किए हैं। आदेश के तहत प्रवीण कुमार सिन्हा और पवन कुमार झा को उप रजिस्ट्रार के पद पर पदोन्नत किया गया है।

वहीं जयप्रकाश शुक्ला, विजय कुमार मिंज और अनिल कुमार गुप्ता को सहायक रजिस्ट्रार बनाया गया है। ये पदोन्नतियां कार्यवाहक क्षमता में दो वर्ष की अवधि के लिए की गई हैं।

छत्तीसगढ़ में लगेगी पहली कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स फैक्ट्री, 152.74 करोड़ का निवेश, 3,500 युवाओं को मिलेगा रोजगार

 छत्तीसगढ़ अब तक देश में खनिज, स्टील और बिजली उत्पादन के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन आने वाले समय में प्रदेश की पहचान इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में भी बनने जा रही है। नवा रायपुर में राज्य की पहली कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण इकाई स्थापित होने जा रही है। इस परियोजना पर करीब 152.74 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। खास बात यह है कि फैक्ट्री के शुरू होने से लगभग 3,500 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। इससे प्रदेश के युवाओं को दूसरे राज्यों में नौकरी तलाशने के बजाय अपने ही राज्य में काम करने का अवसर मिल सकता है।

मुख्यमंत्री की मौजूदगी में हुआ फैक्ट्री का भूमिपूजन

नवा रायपुर में 16 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में यश फैन्स एंड एप्लायंसेज लिमिटेड की प्रस्तावित फैक्ट्री का भूमिपूजन किया गया। कंपनी इस परियोजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ में अपनी पहली विनिर्माण इकाई स्थापित करने जा रही है।करीब 152.74 करोड़ रुपये के निवेश वाली इस परियोजना को प्रदेश के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। फैक्ट्री में उत्पादन शुरू होने के बाद लगभग 3,500 लोगों को सीधे रोजगार मिलने का अनुमान है।

क्रॉम्पटन, हैवेल्स और उषा जैसे ब्रांडों के उत्पाद बनेंगे

इस परियोजना की खासियत यह है कि यहां आम घरों में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रिकल और घरेलू उपकरणों का निर्माण किया जाएगा। हैदराबाद की यश फैन्स एंड एप्लायंसेज लिमिटेड मुख्य रूप से इलेक्ट्रिक पंखों और रसोई में उपयोग होने वाले उपकरणों के निर्माण से जुड़ी कंपनी है।मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, कंपनी क्रॉम्पटन, हैवेल्स, उषा और मिल्टन जैसे बड़े ब्रांडों के लिए भी उत्पाद तैयार करती है। नवा रायपुर की इकाई में भी इन कंपनियों के लिए उत्पादन किए जाने की योजना है। हालांकि, फैक्ट्री में बनने वाले उत्पादों की पूरी सूची और उनकी उत्पादन क्षमता की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

3,500 युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के अवसर

नई फैक्ट्री के निर्माण से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के कई रास्ते खुल सकते हैं। उत्पादन प्रक्रिया में मशीन संचालन, असेंबली, गुणवत्ता परीक्षण, पैकेजिंग, भंडारण और प्रबंधन जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में कर्मचारियों की जरूरत होगी।इसका लाभ आईटीआई, पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले युवाओं को भी मिल सकता है। इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल क्षेत्र में तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त उम्मीदवारों के लिए विशेष अवसर पैदा होने की संभावना है।

छत्तीसगढ़ के स्टील और एल्युमिनियम उद्योग को मिलेगा लाभ

प्रदेश में पहले से ही स्टील और एल्युमिनियम से जुड़े उद्योगों का बड़ा आधार मौजूद है। ऐसे में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण इकाई की स्थापना से स्थानीय कच्चे माल की खपत बढ़ने की संभावना है।पंखे और घरेलू उपकरण तैयार करने के लिए मोटर, धातु की बॉडी और कई तरह के पुर्जों की आवश्यकता होती है। यदि इनकी आपूर्ति स्थानीय उद्योगों से होती है, तो छोटे और मध्यम कारोबारियों को भी नए ऑर्डर मिल सकते हैं।इससे प्रदेश में कच्चे माल के उत्पादन के साथ-साथ तैयार वस्तुओं के निर्माण को भी बढ़ावा मिलेगा। औद्योगिक क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन की संभावनाएं भी मजबूत हो सकती हैं।

कंपनी ने नवा रायपुर को क्यों चुना?

यश फैन्स के चेयरमैन रितेश नरेडी के अनुसार, छत्तीसगढ़ में स्टील और एल्युमिनियम की उपलब्धता, देश के मध्य में स्थित होने और पर्याप्त मानव संसाधन जैसे कारक उद्योग स्थापित करने के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं।कंपनी वर्तमान में हैदराबाद और हिमाचल प्रदेश में कुल 12 विनिर्माण इकाइयां संचालित कर रही है। नवा रायपुर में प्रस्तावित प्लांट छत्तीसगढ़ में कंपनी का पहला औद्योगिक संयंत्र होगा।नई राजधानी में इस तरह के निवेश से परिवहन, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक सेवाओं से जुड़े कारोबार को भी आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है।

छोटे कारोबारियों को भी मिल सकता है फायदा

किसी बड़े औद्योगिक संयंत्र की स्थापना का असर आसपास के व्यापारिक क्षेत्रों पर भी पड़ता है। फैक्ट्री के संचालन के साथ पैकेजिंग, माल ढुलाई, मशीनों की मरम्मत, औद्योगिक उपकरणों की आपूर्ति और भंडारण जैसी सेवाओं की मांग बढ़ सकती है।इससे रायपुर, अभनपुर और आसपास के क्षेत्रों के छोटे कारोबारियों तथा उद्यमियों को नए व्यावसायिक अवसर मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान स्थानीय आपूर्ति व्यवस्था और सहायक उद्योगों को मिलने वाले संभावित लाभों का उल्लेख किया था।

औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के तहत निवेश को बढ़ावा

छत्तीसगढ़ सरकार की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में रोजगार आधारित उद्योगों और नए निवेश को प्रोत्साहित करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। नवा रायपुर की यह परियोजना भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रदेश के युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने परियोजना को जल्द पूरा करने और उत्पादन शुरू कराने के लिए आवश्यक सहयोग देने की बात भी कही।सरकार इस पहल को मेक इन इंडिया अभियान से जोड़कर देख रही है। इसके साथ ही भविष्य में मेड इन छत्तीसगढ़ उत्पादों को देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।

भारी उद्योगों के साथ तैयार उत्पादों के निर्माण की ओर बढ़ेगा प्रदेश

नवा रायपुर में बनने वाली यह फैक्ट्री छत्तीसगढ़ के औद्योगिक ढांचे को नई दिशा देने की क्षमता रखती है। अब तक प्रदेश की अर्थव्यवस्था में खनिज और भारी उद्योगों का बड़ा योगदान रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू उपकरणों के निर्माण की शुरुआत से औद्योगिक गतिविधियों का दायरा बढ़ सकता है।152.74 करोड़ रुपये का निवेश और करीब 3,500 प्रत्यक्ष रोजगार का प्रस्तावित लक्ष्य इस परियोजना को महत्वपूर्ण बनाता है। हालांकि, वास्तविक रोजगार और उत्पादन का आंकड़ा फैक्ट्री के संचालन तथा उसकी उत्पादन क्षमता पर निर्भर करेगा। यदि योजना तय समय पर पूरी होती है, तो नवा रायपुर आने वाले समय में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के नए केंद्र के रूप में उभर सकता है।

छत्तीसगढ़ के खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग में सख्ती, लापरवाह अधिकारियों को मिलेगा नोटिस, जवाबदेही भी होगी तय

 छत्तीसगढ़ : खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के कामकाज को लेकर अब सख्त रुख अपनाया जा रहा है। विभागीय जिम्मेदारियों में लापरवाही, तय लक्ष्यों को पूरा करने में देरी और शिकायतों को लंबित रखने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की तैयारी है। निर्धारित समय में काम पूरा नहीं करने वाले अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा। जरूरत पड़ने पर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है। विभागीय समीक्षा के दौरान निरीक्षण, दवाओं के नमूने जुटाने और जनशिकायतों के निपटारे में तेजी लाने पर जोर दिया गया है।

लक्ष्य पूरा नहीं करने वालों को देना होगा जवाब

विभागीय नियंत्रक दीपक अग्रवाल की ओर से विभिन्न जिलों के सहायक नियंत्रकों और औषधि निरीक्षकों के कामकाज की समीक्षा किए जाने की जानकारी सामने आई है। बैठक में अधिकारियों की कार्यप्रगति और निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति का आकलन किया गया।समीक्षा के दौरान स्पष्ट किया गया कि निरीक्षण, औषधि नमूनों के संग्रहण और लंबित मामलों के निराकरण में बेवजह देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन अधिकारियों का प्रदर्शन तय मानकों के अनुरूप नहीं मिलेगा, उनसे स्पष्टीकरण लिया जाएगा। जवाब संतोषजनक नहीं होने या लगातार लापरवाही सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य करने पर जोर

विभाग ने कार्यालयों में अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर भी निर्देश दिए हैं। सभी को आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रणाली के जरिए अपनी उपस्थिति दर्ज कराने को कहा गया है।इस व्यवस्था के माध्यम से कर्मचारियों की नियमित हाजिरी का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा। साथ ही कार्यालयीन समय का पालन सुनिश्चित करने और कार्यप्रणाली में जवाबदेही बढ़ाने में मदद मिलेगी।

छुट्टी के लिए ई-एचआरएमएस पोर्टल का करना होगा इस्तेमाल

अधिकारियों और कर्मचारियों के अवकाश आवेदन की प्रक्रिया को भी ऑनलाइन व्यवस्था से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए ई-एचआरएमएस पोर्टल का उपयोग किया जाएगा।इस प्रणाली के जरिए छुट्टी के आवेदन से लेकर उसकी मंजूरी तक की जानकारी डिजिटल रूप में दर्ज रहेगी। इससे प्रशासनिक कामकाज में पारदर्शिता आएगी और अवकाश से संबंधित रिकॉर्ड व्यवस्थित रखा जा सकेगा।

जनशिकायतों पर कार्रवाई में नहीं होनी चाहिए देरी

मुख्यमंत्री जन शिकायत निवारण प्रणाली के माध्यम से मिलने वाली शिकायतों को विभाग ने प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को शिकायत की प्रकृति के अनुसार मौके पर जाकर जांच करने और तय समय में कार्रवाई पूरी करने को कहा गया है।खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, दवाओं की बिक्री और अन्य नियामकीय मामलों से जुड़ी शिकायतों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत बताई गई है। शिकायतों को बिना उचित कार्रवाई के लंबित रखने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा सकती है।

दवाओं के नमूने जुटाने और जांच प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश

विभागीय समीक्षा में औषधियों के नमूने एकत्र करने के काम की भी पड़ताल की गई। अधिकारियों को अपने निर्धारित लक्ष्यों के मुताबिक नमूने लेने और उनकी जांच से जुड़ी प्रक्रिया समय पर पूरी कराने के निर्देश दिए गए हैं।दवाओं की गुणवत्ता पर निगरानी रखना विभाग की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल है। इसके लिए दवा दुकानों और अन्य संबंधित प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जाता है। जरूरत के मुताबिक नमूने लेकर उन्हें परीक्षण के लिए प्रयोगशालाओं में भेजा जाता है। इन सभी प्रक्रियाओं को निर्धारित नियमों के तहत पूरा करने पर जोर दिया गया है।

हर तीन महीने में होगी अधिकारियों के कामकाज की समीक्षा

विभाग ने अधिकारियों की त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट का नियमित मूल्यांकन करने के निर्देश भी दिए हैं। इसके तहत हर तीन महीने में निरीक्षण, नमूना संग्रहण, लंबित मामलों और शिकायतों के निपटारे की स्थिति देखी जाएगी।जिन जिलों में काम की रफ्तार निर्धारित लक्ष्य से कम मिलेगी, वहां संबंधित अधिकारियों से कारण पूछा जाएगा। साथ ही उन्हें कार्यप्रणाली में सुधार लाने के लिए आवश्यक कदम उठाने होंगे।

जनता की सेहत से जुड़ी है विभाग की जिम्मेदारी

खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की भूमिका आम लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से सीधे जुड़ी हुई है। बाजार में उपलब्ध खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, स्वच्छता मानकों का पालन और दवाओं की शुद्धता पर निगरानी रखना इसकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।ऐसे में निरीक्षण और शिकायतों के निपटारे में लापरवाही का सीधा असर आम लोगों पर पड़ सकता है। विभागीय स्तर पर सख्ती के बाद अब जिलों में अधिकारियों की उपस्थिति, निरीक्षण अभियान, नमूना संग्रहण और शिकायतों के निपटारे की प्रगति पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। नियमों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों को जवाब देना पड़ सकता है और लापरवाही साबित होने पर विभागीय कार्रवाई भी हो सकती है।

बिलासपुर-कोलकाता फ्लाइट पर फिर लगा ब्रेक, पहले फेरे के बाद ही बंद हुई सेवा, 42 यात्रियों के टिकट रद्द

 बिलासपुर : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से कोलकाता के बीच हवाई सफर करने वाले यात्रियों को एक बार फिर निराशा हाथ लगी है। लंबे समय से बंद पड़ी सीधी उड़ान सेवा 25 अक्टूबर 2026 को दोबारा शुरू हुई थी, लेकिन महज एक फेरा पूरा करने के बाद ही इसके संचालन पर रोक लग गई। एलायंस एयर की ओर से 30 अक्टूबर को प्रस्तावित अगली उड़ान रद्द कर दी गई। इस फ्लाइट में सफर करने के लिए 42 यात्रियों ने टिकट बुक कराए थे। उड़ान निरस्त होने के बाद सभी बुकिंग रद्द कर यात्रियों को टिकट का पैसा वापस कर दिया गया। इस घटनाक्रम के बाद यात्रियों में नाराजगी है और बिलासपुर में हवाई सुविधाओं के विस्तार की मांग फिर तेज हो गई है।

पहली उड़ान में 36 यात्रियों ने किया था सफर

बिलासपुर-कोलकाता के बीच सीधी विमान सेवा विंटर शेड्यूल के तहत 25 अक्टूबर 2026 को दोबारा शुरू की गई थी। करीब डेढ़ महीने तक बंद रहने के बाद इस सेवा की वापसी से यात्रियों को काफी उम्मीदें थीं।शुरुआती उड़ान में बिलासपुर से कोलकाता जाने वाले 36 यात्रियों ने सफर किया था। इसके बाद 30 अक्टूबर को निर्धारित दूसरे फेरे के लिए 42 यात्रियों की बुकिंग हो चुकी थी। हालांकि, उड़ान से ठीक एक दिन पहले इसे रद्द करने की सूचना दे दी गई। इससे यात्रियों की यात्रा योजना प्रभावित हुई और उन्हें दूसरी व्यवस्था तलाशनी पड़ी।

डेढ़ महीने बंद रहने के बाद फिर बिगड़ा संचालन

बिलासपुर और कोलकाता के बीच हवाई संपर्क पहले भी कई बार प्रभावित हो चुका है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 12 अगस्त 2026 को इस रूट की उड़ान के समय में बदलाव किया गया था। इसके बाद 18 सितंबर को यात्रियों की कमी का हवाला देते हुए सेवा बंद कर दी गई थी।लगातार मांग और विरोध के बाद एलायंस एयर ने विंटर शेड्यूल में इस रूट को फिर शामिल किया। 25 अक्टूबर को पहली उड़ान भी संचालित हुई, लेकिन दूसरी निर्धारित उड़ान रद्द होने से नियमित सेवा को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई है।

हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने जताया विरोध

बिलासपुर में हवाई सेवाओं के विस्तार के लिए लंबे समय से प्रयास कर रही हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने उड़ान रद्द किए जाने पर नाराजगी जाहिर की है। समिति का आरोप है कि छत्तीसगढ़ सरकार के निर्देश पर एलायंस एयर ने इस रूट की सेवा बंद की है।समिति ने इस घटनाक्रम को हाल ही में हुए उल्टा मार्च आंदोलन से भी जोड़कर सवाल उठाए हैं। हालांकि, राज्य सरकार के निर्देश पर उड़ान बंद किए जाने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इस मामले में विमानन कंपनी और राज्य सरकार की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आना बाकी है।

उल्टा मार्च के बाद उड़ान रद्द होने पर उठे सवाल

बिलासपुर में हवाई सुविधाओं की मांग को लेकर हाल ही में हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने उल्टा मार्च निकालकर विरोध दर्ज कराया था। इस दौरान एयरपोर्ट के विकास, बड़े विमानों के संचालन और नई हवाई सेवाएं शुरू करने की मांग उठाई गई थी।समिति का कहना है कि लंबे प्रयासों के बाद शुरू हुई सीधी उड़ान का एक ही फेरे के बाद रद्द होना यात्रियों के हित में नहीं है। संगठन ने बिलासपुर की हवाई कनेक्टिविटी को नियमित और भरोसेमंद बनाने की मांग की है।

अरुण साव समेत जनप्रतिनिधियों से मांगा सहयोग

उड़ान सेवा दोबारा शुरू कराने के लिए समिति ने उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वरिष्ठ विधायक अमर अग्रवाल और धरमलाल कौशिक से फोन पर चर्चा की है। संगठन ने जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया है कि वे एलायंस एयर और संबंधित अधिकारियों के साथ बातचीत कर इस रूट पर नियमित उड़ान बहाल कराने की पहल करें।समिति का कहना है कि इस मुद्दे को अन्य जनप्रतिनिधियों और केंद्रीय स्तर पर भी उठाया जाएगा, ताकि बिलासपुर को बेहतर हवाई सुविधाएं मिल सकें।

पहले भी बंद हो चुकी हैं कई शहरों की उड़ानें

बिलासपुर से शुरू होने वाली हवाई सेवाओं का कुछ समय बाद बंद हो जाना पहले भी सामने आ चुका है। इससे पहले बिलासपुर-भोपाल उड़ान जून 2022 में शुरू हुई थी, लेकिन सितंबर 2022 में इसका संचालन रोक दिया गया।इसी तरह बिलासपुर-इंदौर हवाई सेवा 3 अक्टूबर 2022 को शुरू हुई और मार्च 2023 में बंद हो गई। इसके अलावा जगदलपुर और प्रयागराज से जुड़ी उड़ान सेवाएं भी अलग-अलग समय पर प्रभावित हुई हैं। बार-बार संचालन में बदलाव होने से यात्रियों को नियमित हवाई यात्रा की योजना बनाने में परेशानी होती है।

सीधी उड़ान बंद होने से यात्रियों की बढ़ेगी परेशानी

बिलासपुर से कोलकाता के बीच सीधी हवाई सेवा व्यापार, शिक्षा और चिकित्सा सहित कई जरूरी कामों के लिए यात्रा करने वाले लोगों के लिए उपयोगी है। बिलासपुर के अलावा आसपास के जिलों के यात्रियों को भी इस सुविधा का लाभ मिलता है।सीधी फ्लाइट उपलब्ध नहीं होने पर यात्रियों को दूसरे शहरों के जरिए कोलकाता पहुंचना पड़ सकता है। इससे सफर का समय और यात्रा पर होने वाला खर्च बढ़ सकता है।

आंदोलन तेज करने की चेतावनी

हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि यदि बिलासपुर-कोलकाता सीधी उड़ान जल्द बहाल नहीं की गई तो विरोध प्रदर्शन को और व्यापक किया जाएगा। समिति की मांग है कि बिलासपुर को ऐसी हवाई कनेक्टिविटी मिले, जिसका संचालन नियमित रूप से हो और यात्रियों को बार-बार अनिश्चितता का सामना न करना पड़े।फिलहाल 42 यात्रियों की बुकिंग रद्द होने के बाद अब सबकी नजर एलायंस एयर के अगले फैसले पर है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कंपनी इस रूट पर उड़ान सेवा कब बहाल करती है और आगे के निर्धारित फेरों का संचालन किस तरह किया जाता है।

बस्तर ओलंपिक 2026 में बेटियों का दबदबा, 70 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने कराया पंजीयन, पुरुषों से दोगुनी है महिलाओं की संख्या

 छत्तीसगढ़:  बस्तर संभाग में खेलों को लेकर युवाओं का जुनून तेजी से बढ़ रहा है। इसका असर बस्तर ओलंपिक 2026 के पंजीयन आंकड़ों में भी साफ दिखाई दे रहा है। दंतेवाड़ा जिले में अब तक 70 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने इस खेल आयोजन में हिस्सा लेने के लिए अपना नाम दर्ज कराया है। सबसे खास बात यह है कि प्रतियोगिता में महिलाओं की भागीदारी पुरुषों के मुकाबले करीब दोगुनी है। इससे क्षेत्र की बेटियों में खेलों के प्रति बढ़ते आकर्षण और अपनी प्रतिभा साबित करने के उत्साह का पता चलता है।

70,460 खिलाड़ियों ने कराया पंजीयन, महिलाओं की संख्या सबसे ज्यादा

जिला प्रशासन की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, बस्तर ओलंपिक 2026 के लिए दंतेवाड़ा जिले से कुल 70,460 खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया है। इनमें 46,949 महिला और 23,513 पुरुष खिलाड़ी शामिल हैं। आंकड़े बताते हैं कि प्रतियोगिता में महिलाओं की भागीदारी पुरुषों की तुलना में काफी अधिक है।यह बदलाव इस बात का संकेत है कि अब खेल गतिविधियों में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाएं भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं। बस्तर ओलंपिक के जरिए स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी क्षमता दिखाने और खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।

31 अक्टूबर तक करा सकते हैं पंजीयन

जिला प्रशासन की 29 अक्टूबर को जारी सूचना के अनुसार, बस्तर ओलंपिक में शामिल होने के लिए पंजीयन की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर 2026 रखी गई है। ऐसे में इच्छुक खिलाड़ियों के पास अपना नाम दर्ज कराने के लिए सीमित समय बचा है।अधिक से अधिक युवाओं को इस आयोजन से जोड़ने के लिए प्रशासन की ओर से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। गांवों, विकासखंड मुख्यालयों और खेल मैदानों में पहुंचकर युवाओं को प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

कलेक्टर के निर्देश पर निकाला गया जागरूकता रथ

दंतेवाड़ा कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन और खेल एवं युवा कल्याण विभाग मिलकर पंजीयन अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं। इसी कड़ी में 28 अक्टूबर को जागरूकता रथ को रवाना किया गया था।प्रतियोगिता की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने के लिए शुभंकर, होर्डिंग और सोशल मीडिया का सहारा लिया जा रहा है। इसके साथ ही अलग-अलग विभागों के सहयोग से विकासखंड मुख्यालयों के खेल मैदानों में जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।

4 और 5 नवंबर को होंगी विकासखंड स्तर की प्रतियोगिताएं

बस्तर ओलंपिक के अगले चरण की तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं। दीपावली की छुट्टियों को ध्यान में रखते हुए दंतेवाड़ा जिले में विकासखंड स्तरीय मुकाबलों के लिए 4 और 5 नवंबर की तारीख तय की गई है।इन प्रतियोगिताओं में पंजीयन कराने वाले खिलाड़ी अपनी खेल क्षमता का प्रदर्शन करेंगे। स्थानीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को आगे के चरणों में खेलने का मौका मिलेगा।

तीन स्तरों पर आयोजित होगा बस्तर ओलंपिक

बस्तर ओलंपिक 2026 को तीन चरणों में आयोजित करने की योजना है। इसके तहत पहले विकासखंड, फिर जिला और अंत में संभाग स्तर पर प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी। इस आयोजन में कुल 11 खेल विधाओं को शामिल किया गया है।कार्यक्रम के अनुसार, नवंबर में विकासखंड और जिला स्तर के मुकाबले होंगे, जबकि दिसंबर में संभाग स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य दूरदराज के गांवों में छिपी खेल प्रतिभाओं को पहचान दिलाना और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देना है।

बड़ी चुनौती होगी प्रतियोगिताओं का बेहतर संचालन

दंतेवाड़ा में खिलाड़ियों की भारी संख्या को देखते हुए अब प्रशासन के सामने आयोजन को सुचारु रूप से संपन्न कराने की चुनौती है। इसके लिए खेल मैदानों की व्यवस्था, जरूरी खेल सामग्री, खिलाड़ियों की सुविधाएं और आयोजन समितियों के बीच तालमेल पर विशेष ध्यान देना होगा।दूरस्थ इलाकों से आने वाले प्रतिभागियों को प्रतियोगिता स्थलों तक पहुंचने और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल बस्तर ओलंपिक में बेटियों की रिकॉर्ड भागीदारी चर्चा का विषय बनी हुई है। अब सभी की निगाहें 4 और 5 नवंबर को होने वाले मुकाबलों पर टिकी हैं, जहां खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

त्योहारी सीजन में एमपी के यात्रियों को रेलवे की सौगात, पुणे और दानापुर के बीच चलेगी स्पेशल ट्रेन, जानिए पूरा शेड्यूल

0

 MP Festival Special Train: त्योहारों के दौरान ट्रेनों में बढ़ने वाली यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रेलवे ने विशेष इंतजाम किए हैं। मध्य प्रदेश से पुणे और महाराष्ट्र की यात्रा करने वाले लोगों को इससे काफी सहूलियत मिलने वाली है। रेलवे ने यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को संभालने के लिए पुणे-दानापुर-हड़पसर स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला लिया है। इस ट्रेन का संचालन 1 नवंबर 2026 से शुरू होगा। मध्य प्रदेश में भोपाल रेल मंडल के इटारसी, पिपरिया और नरसिंहपुर स्टेशनों पर इसका ठहराव निर्धारित किया गया है। दोनों दिशाओं में यह ट्रेन कुल 9-9 फेरे लगाएगी।

पुणे से दानापुर के बीच कब चलेगी ट्रेन?

रेलवे की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, ट्रेन नंबर 01441 पुणे-दानापुर स्पेशल 1 नवंबर से 13 नवंबर 2026 के बीच 9 यात्राएं पूरी करेगी। यह ट्रेन पुणे से रविवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को रात 7:40 बजे रवाना होगी।अगले दिन ट्रेन सुबह 11:15 बजे इटारसी, दोपहर 12:24 बजे पिपरिया और दोपहर 1:30 बजे नरसिंहपुर पहुंचेगी। इसके बाद मदनमहल, कटनी, मैहर और सतना होते हुए तीसरे दिन सुबह 7 बजे दानापुर स्टेशन पर अपनी यात्रा पूरी करेगी।

दानापुर से हड़पसर के लिए वापसी का शेड्यूल

वापसी के लिए ट्रेन नंबर 01442 दानापुर-हड़पसर स्पेशल का संचालन 3 नवंबर से 15 नवंबर 2026 तक किया जाएगा। इस दौरान ट्रेन कुल 9 फेरे लगाएगी।यह ट्रेन दानापुर से मंगलवार, शुक्रवार, शनिवार, रविवार और सोमवार को सुबह 8:30 बजे रवाना होगी। अगले दिन रात 11:05 बजे नरसिंहपुर और रात 12:18 बजे पिपरिया पहुंचेगी। इसके बाद रात 2:19 बजे इटारसी स्टेशन पर ठहराव होगा। निर्धारित मार्ग से होते हुए ट्रेन शाम 5:35 बजे पुणे के हड़पसर स्टेशन पहुंचेगी।

इन प्रमुख स्टेशनों पर मिलेगा ट्रेन का ठहराव

पुणे और दानापुर के बीच चलने वाली इस स्पेशल ट्रेन का ठहराव दोनों दिशाओं में कई महत्वपूर्ण स्टेशनों पर निर्धारित किया गया है। इनमें हड़पसर, दौंड कॉर्ड लाइन, अहिल्यानगर जंक्शन, कोपरगांव, मनमाड, जलगांव, भुसावल, इटारसी, पिपरिया, मदनमहल, नरसिंहपुर, मैहर, कटनी, मानिकपुर, सतना, प्रयागराज छिवकी, बक्सर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन और आरा शामिल हैं।

रेलवे ने यात्रियों को दी जरूरी सलाह

रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा पर निकलने से पहले ट्रेन के समय, ठहराव और अन्य परिचालन संबंधी जानकारियों की पुष्टि जरूर कर लें। इसके लिए रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा यात्री रेलवे की हेल्पलाइन संख्या 139 पर संपर्क करके भी आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

पीएम किसान की 24वीं किस्त आज होगी जारी, 9.34 करोड़ किसानों के खाते में आएंगे 2-2 हजार रुपये

0

Farmers Get Rs 2000 Today: देशभर के पीएम किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों के लिए आज, 30 अक्टूबर 2026 को राहत भरी खबर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी योजना की 24वीं किस्त जारी करेंगे। इसके तहत पात्र किसानों के बैंक खातों में 2-2 हजार रुपये सीधे ट्रांसफर किए जाएंगे।प्रधानमंत्री मोदी गुजरात के बनासकांठा जिले के भीलड़ी में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसी कार्यक्रम से डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से 9.34 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में किस्त की राशि भेजी जाएगी। इस बार कुल 18,680 करोड़ रुपये से अधिक की रकम ट्रांसफर किए जाने की जानकारी दी गई है।

बनासकांठा से जारी होगी 24वीं किस्त

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज गुजरात के बनासकांठा दौरे पर रहेंगे। यहां आयोजित कार्यक्रम के दौरान वे एम्ब्रियो ट्रांसफर टेक्नोलॉजी-इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (ET-IVF) लैब और भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर (BBBRC) के कैटल फार्म का दौरा भी करेंगे।इसी कार्यक्रम में पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त जारी की जाएगी। लंबे समय से अगली किस्त का इंतजार कर रहे लाभार्थियों के बैंक खातों में इसके बाद राशि पहुंचनी शुरू होगी।

साल में तीन बार मिलती है आर्थिक सहायता

पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह रकम 2,000 रुपये की तीन बराबर किस्तों में सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।अब तक योजना की 23 किस्तें जारी की जा चुकी हैं। आज 24वीं किस्त जारी होने के साथ ही 9.34 करोड़ से अधिक किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है। इस चरण में सरकार 18,680 करोड़ रुपये से अधिक की राशि लाभार्थियों के खातों में भेजेगी।

घर बैठे ऐसे चेक करें किस्त का स्टेटस

किसान पीएम किसान योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी किस्त और भुगतान की स्थिति ऑनलाइन देख सकते हैं।

इसके बाद स्क्रीन पर किस्त और भुगतान से जुड़ी जानकारी दिखाई देगी।

सबसे पहले पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट खोलें।

होम पेज पर Farmers Corner सेक्शन में जाएं।

यहां Know Your Status विकल्प पर क्लिक करें।

अपना रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें।

स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा कोड भरें।

Get OTP पर क्लिक करें और मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करें।

CM विष्णुदेव साय का आज रायपुर और दुर्ग दौरा, किसान कार्यक्रम से लेकर कई आयोजनों में होंगे शामिल

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को रायपुर और दुर्ग जिले के प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान वे पीएम किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त वितरण से जुड़े कार्यक्रम में शामिल होने के साथ दुर्ग जिले में आयोजित विभिन्न आयोजनों में भी शिरकत करेंगे। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार उनके पूरे दिन का दौरा निर्धारित किया गया है।

सुबह रायपुर में पीएम किसान उत्सव दिवस कार्यक्रम

मुख्यमंत्री सुबह 10 बजे मुख्यमंत्री निवास से रवाना होंगे। इसके बाद सुबह 10:15 बजे जोरा स्थित कृषि महाविद्यालय के स्वामी विवेकानंद सभागार पहुंचेंगे। यहां आयोजित पीएम किसान उत्सव दिवस एवं 24वीं किस्त वितरण कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। मुख्यमंत्री सुबह 11:30 बजे तक इस आयोजन में मौजूद रहेंगे।कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वे दोपहर 12:50 बजे मुख्यमंत्री निवास लौटेंगे। इसके बाद दोपहर 1:10 बजे फिर से एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे।

दोपहर में भिलाई और दुर्ग के कार्यक्रमों में लेंगे हिस्सा

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री दोपहर 2:30 बजे पुलिस ग्राउंड हेलीपैड, रायपुर पहुंचेंगे। यहां से हेलीकॉप्टर के जरिए दुर्ग जिले के लिए रवाना होकर दोपहर 3 बजे प्रथम बटालियन हेलीपैड, भिलाई पहुंचेंगे।

इसके बाद दोपहर 3:15 बजे पुलगांव स्थित मैत्रेश कॉलोनी में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। यहां शाम 4 बजे तक उनका निर्धारित प्रवास रहेगा। इसके बाद वे मैत्रेश कॉलोनी से गंजपारा चौक, दुर्ग के लिए रवाना होंगे।

शाम को रायपुर लौटकर भाजपा प्रदेश कार्यालय जाएंगे

मुख्यमंत्री शाम 4:30 बजे गंजपारा चौक से हेलीकॉप्टर के जरिए वापसी के लिए रवाना होंगे। शाम 4:45 बजे प्रथम बटालियन हेलीपैड, भिलाई पहुंचने के बाद 4:50 बजे रायपुर के लिए उड़ान भरेंगे। उनका शाम 5:25 बजे पुलिस ग्राउंड हेलीपैड पहुंचने का कार्यक्रम है।इसके बाद शाम 5:40 बजे मुख्यमंत्री बोरियाकला स्थित कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचेंगे। यहां निर्धारित कार्यक्रम के तहत 6:10 बजे रवाना होकर शाम 6:25 बजे मुख्यमंत्री निवास लौटेंगे।

मुख्यमंत्री कार्यालय ने जारी किया दौरा कार्यक्रम

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का यह पूरा दौरा कार्यक्रम मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी समय-सारिणी के आधार पर निर्धारित किया गया है। प्रशासनिक और अन्य आवश्यक परिस्थितियों के अनुसार कार्यक्रम के समय में बदलाव भी हो सकता है।

दिवाली से पहले साय सरकार का कर्मचारियों को बड़ा तोहफा, DA और DR में 2 फीसदी की बढ़ोतरी

 छत्तीसगढ़ :  विष्णु देव साय सरकार ने दीपावली से पहले प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को आर्थिक राहत दी है। राज्य सरकार ने महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 2 प्रतिशत की वृद्धि करने का फैसला लिया है। इस घोषणा से कर्मचारियों और पेंशनरों को हर महीने मिलने वाली राशि में इजाफा होगा। त्योहार से ठीक पहले लिए गए इस निर्णय को राज्य सरकार की ओर से कर्मचारियों के लिए दिवाली के खास उपहार के रूप में देखा जा रहा है।

सीएम विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में वृद्धि की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि सरकार का यह निर्णय प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को आर्थिक संबल प्रदान करेगा। साथ ही इससे उनके परिवारों की दीपावली की खुशियां भी बढ़ेंगी।मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बढ़ी हुई दर से भुगतान मिलने की उम्मीद है।

1 नवंबर से लागू होंगी बढ़ी हुई दरें

राज्य सरकार के फैसले के मुताबिक, महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की नई दरें 1 नवंबर से प्रभावी होंगी। इसके बाद सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को 58 प्रतिशत के बजाय 60 प्रतिशत की दर से DA और DR का लाभ मिलेगा।इस वृद्धि का सीधा असर कर्मचारियों के मासिक वेतन और पेंशन की राशि पर पड़ेगा। बढ़ती महंगाई के बीच अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिलने से लाखों परिवारों को राहत मिलने की संभावना है।

5.35 लाख कर्मचारियों और पेंशनरों को मिलेगा लाभ

साय सरकार के इस फैसले से प्रदेश के करीब 5.35 लाख कर्मचारी और पेंशनभोगी लाभान्वित होंगे। इनमें लगभग 3.85 लाख नियमित शासकीय कर्मचारी और 1.50 लाख पेंशनभोगी शामिल हैं।महंगाई भत्ते और राहत में दो प्रतिशत की बढ़ोतरी से इन सभी लाभार्थियों को आर्थिक फायदा पहुंचेगा। दीपावली से पहले सरकार की इस घोषणा को कर्मचारियों के हित में अहम कदम माना जा रहा है।