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Monday, October 26, 2026
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बस स्टैंड पर युवक की हत्या का खुलासा, बिरयानी के लिए पैसे लूटने निकले पांच दोस्तों ने की वारदात

 रायगढ़। सारंगढ़ के ट्रांसपोर्ट नगर बस स्टैंड पर मिले अज्ञात व्यक्ति के शव के मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, पांच दोस्तों ने बिरयानी खाने के लिए पैसे जुटाने के इरादे से लूट की योजना बनाई थी। बस स्टैंड पर नशे की हालत में सो रहे व्यक्ति को लूटने की कोशिश के दौरान वह जाग गया और विरोध करने लगा। इसी बीच एक नाबालिग ने कथित तौर पर बटन चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी मृतक की जेब से 700 रुपये निकालकर आपस में बांटकर चले गए।

बस स्टैंड के पास मिला था अज्ञात व्यक्ति का शव

पुलिस के अनुसार, 24 अक्टूबर की सुबह जूटमिल थाने को ट्रांसपोर्ट नगर बस स्टैंड के पास एक व्यक्ति का शव पड़े होने की सूचना मिली थी। जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारी, जूटमिल थाना पुलिस और फॉरेंसिक साइंस लैब की टीम घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाए।

प्रारंभिक जांच में मृतक की उम्र करीब 35 से 40 वर्ष के बीच आंकी गई। उसके शरीर पर चोट के निशान मिले थे। पोस्टमार्टम की शुरुआती रिपोर्ट में मौत को हत्या का मामला बताया गया, जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की।

सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों तक पहुंची पुलिस

जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसी बीच घटना के दिन इलाके में कुछ किशोरों की संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली। मिले हुलिए के आधार पर पुलिस ने शहर के अलग-अलग इलाकों में दबिश दी और एक युवक समेत चार नाबालिगों को पकड़ा।

पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार की। इसके बाद मामले से जुड़े घटनाक्रम और हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार के संबंध में जानकारी जुटाई गई।

नशे की लत पूरी करने के लिए करते थे चोरी और लूटपाट

पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए आरोपी नशे के आदी हैं और नशे का सामान खरीदने के लिए अक्सर कबाड़ चोरी करते थे। वे कथित तौर पर शराब के नशे में रहने वाले लोगों और रात के समय रेलवे स्टेशन या बस स्टैंड पर अकेले आने-जाने वालों को निशाना बनाते थे।

इस बार आरोपियों ने बिरयानी खाने के लिए पैसे जुटाने की योजना बनाई थी। इसी इरादे से बस स्टैंड पर सो रहे व्यक्ति की जेब से रकम निकालने की कोशिश की गई। व्यक्ति के जागने और विरोध करने पर मामला हिंसक हो गया तथा नाबालिग ने चाकू से हमला कर दिया।

एक युवक गिरफ्तार, चार नाबालिग पकड़े गए

पुलिस ने मामले में 19 वर्षीय राजेश्वर सारथी उर्फ समारू को गिरफ्तार किया है, जबकि चार नाबालिगों को पकड़ा गया है। आरोपियों की निशानदेही पर कथित तौर पर हत्या में इस्तेमाल किया गया बटन चाकू, खून से सने कपड़े और एक बाइक जब्त की गई है।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या और संगठित अपराध से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

MP SI Admit Card 2026: एमपी पुलिस एसआई और सूबेदार भर्ती का एडमिट कार्ड जारी, यहां से करें डाउनलोड

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भोपाल। मध्य प्रदेश पुलिस में सब इंस्पेक्टर और सूबेदार भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए अहम खबर है। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) ने भर्ती परीक्षा 2026 के एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। जिन उम्मीदवारों ने इस भर्ती के लिए आवेदन किया था, वे बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं।

आधिकारिक वेबसाइट पर मिला एडमिट कार्ड का लिंक

एमपीईएसबी ने अपनी वेबसाइट esb.mp.gov.in पर Subedar & Sub Inspector Recruitment Test 2026 के एडमिट कार्ड का लिंक उपलब्ध कराया है। अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र निकालने के लिए अपना 13 अंकों का आवेदन क्रमांक और जन्मतिथि दर्ज करनी होगी। इसके बाद कैप्चा भरकर एडमिट कार्ड देखा और डाउनलोड किया जा सकता है।बोर्ड के अनुसार, प्रवेश पत्र ऑनलाइन ही उपलब्ध होगा। उम्मीदवारों को इसे डाक के जरिए नहीं भेजा जाएगा।

इन आसान स्टेप्स से डाउनलोड करें एडमिट कार्ड

  1. सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट esb.mp.gov.in पर जाएं।
  2. होमपेज पर Latest Updates सेक्शन खोलें।
  3. यहां Subedar & Sub Inspector Recruitment Test 2026 Admit Card के लिंक पर क्लिक करें।
  4. नए पेज पर अपना 13 अंकों का एप्लीकेशन नंबर और जन्मतिथि दर्ज करें।
  5. स्क्रीन पर दिया गया कैप्चा कोड भरकर Search बटन पर क्लिक करें।
  6. एडमिट कार्ड खुलने के बाद उसमें दर्ज सभी जानकारियों की जांच करें।
  7. प्रवेश पत्र को पीडीएफ में सेव कर लें और परीक्षा के लिए कम से कम दो प्रिंट निकालकर रखें।

यदि वेबसाइट पर अधिक ट्रैफिक के कारण प्रवेश करने में परेशानी हो रही है, तो कुछ समय बाद दोबारा प्रयास करें।

28 अक्टूबर को होगी एमपी एसआई भर्ती परीक्षा

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मध्य प्रदेश पुलिस सब इंस्पेक्टर और सूबेदार भर्ती परीक्षा 28 अक्टूबर 2026 को आयोजित की जाएगी। परीक्षा दो पालियों में होगी।

  • पहली पाली: सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक। रिपोर्टिंग का समय सुबह 8 बजे।
  • दूसरी पाली: दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक। रिपोर्टिंग का समय दोपहर 1 बजे।

अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने एडमिट कार्ड पर दर्ज परीक्षा केंद्र, पाली और रिपोर्टिंग समय की जानकारी ध्यान से पढ़ लें। परीक्षा केंद्र पर देर से पहुंचने पर प्रवेश नहीं दिया जा सकता।

परीक्षा केंद्र पर ये दस्तावेज ले जाना जरूरी

परीक्षा के दिन उम्मीदवारों को एडमिट कार्ड के साथ एक वैध फोटो पहचान पत्र भी ले जाना होगा। इसके लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस जैसे दस्तावेजों का उपयोग किया जा सकता है। साथ में दो पासपोर्ट साइज फोटो भी रखने की सलाह दी गई है।

परीक्षा के लिए निकलने से पहले सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रखें और प्रवेश पत्र में दिए गए निर्देशों का पालन करें। इससे परीक्षा केंद्र पर अंतिम समय में होने वाली परेशानियों से बचा जा सकता है।

बिलासा एयरपोर्ट पर खड़े एलायंस एयर के विमान की जांच करेगी दिल्ली से आई इंजीनियरों की टीम, मरम्मत में लगेगा समय

 बिलासपुर। बिलासा एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हुए एलायंस एयर के विमान को दोबारा उड़ान के लिए तैयार करने की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हो पाई है। विमान की तकनीकी जांच और शुरुआती मरम्मत के लिए दिल्ली से कंपनी के चार इंजीनियरों की टीम बिलासपुर पहुंचने वाली है। विशेषज्ञ यहां दो से तीन दिन रुककर विमान का निरीक्षण करेंगे और जरूरी तकनीकी कार्य पूरे करने के बाद वापस लौटेंगे। हालांकि, खराब हुए कुछ पुर्जे उपलब्ध नहीं होने के कारण विमान की पूरी मरम्मत में अभी और समय लगने की संभावना है।

28 अगस्त को लैंडिंग के दौरान हुआ था हादसा

बीते 28 अगस्त को दिल्ली से बिलासपुर पहुंची एलायंस एयर की फ्लाइट की लैंडिंग के दौरान बड़ा हादसा होते-होते बचा था। रनवे पर उतरते ही विमान के बाईं ओर का टायर अचानक पंचर हो गया। स्थिति को संभालने के लिए पायलट को तत्काल इमरजेंसी ब्रेकिंग करनी पड़ी।

विमान में 37 यात्री और चार क्रू मेंबर समेत कुल 41 लोग सवार थे। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली। हादसे के बाद से विमान बिलासा एयरपोर्ट के हैंगर में खड़ा है और उसे दोबारा उड़ान के लिए तैयार करने का काम लंबित है।

चार इंजीनियर करेंगे तकनीकी निरीक्षण

विमान की स्थिति का आकलन करने और जरूरी तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी करने के लिए कंपनी की इंजीनियरिंग टीम दिल्ली से बिलासपुर आएगी। टीम विमान के प्रभावित हिस्सों का निरीक्षण करेगी और शुरुआती सर्विसिंग तथा अन्य जरूरी तकनीकी काम करेगी।

इंजीनियरों के इस दौरे से विमान की मरम्मत की दिशा में आगे की प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इस निरीक्षण के बाद विमान तत्काल उड़ान भरने की स्थिति में आ जाएगा, इसकी संभावना नहीं है।

विदेश से मंगाने होंगे खराब पुर्जे

विमान के कुछ क्षतिग्रस्त पुर्जों के लिए संबंधित स्तर पर आधिकारिक मांग पहले ही भेजी जा चुकी है। लेकिन ये पुर्जे फिलहाल भारत या स्थानीय बाजार में उपलब्ध नहीं हैं। इन्हें विदेश से मंगाने की जरूरत पड़ेगी, जिसके कारण मरम्मत की प्रक्रिया लंबी हो सकती है।

दिल्ली से आने वाली टीम शुरुआती जांच और उपलब्ध संसाधनों के जरिए किए जा सकने वाले तकनीकी काम पूरे करेगी। विमान को पूरी तरह उड़ान योग्य बनाने के लिए जरूरी पुर्जों का पहुंचना और उसके बाद अंतिम मरम्मत होना आवश्यक है।

कंपनी को करीब 3 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान

इस घटना से एलायंस एयर को लगभग तीन करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान होने का अनुमान है। बताया जा रहा है कि विमान करीब चार महीने तक उड़ान संचालन से बाहर रह सकता है। हालांकि, विमान की वापसी का वास्तविक समय क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत, आवश्यक पुर्जों की उपलब्धता और तकनीकी जांच पूरी होने पर निर्भर करेगा।

CG Ration News: फिंगरप्रिंट मैच नहीं होने पर भी मिलेगा राशन, बुजुर्गों के लिए नामिनी और OTP की सुविधा

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन लेने वाले हितग्राहियों के लिए राहत की खबर है। अगर राशन दुकान पर बायोमेट्रिक मशीन में फिंगरप्रिंट का मिलान नहीं होता है, तो भी पात्र हितग्राही राशन प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए नियमानुसार वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध है। बुजुर्गों और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण में परेशानी का सामना करने वाले लोगों को नामांकित व्यक्ति यानी नॉमिनी या ओटीपी आधारित प्रमाणीकरण के माध्यम से राशन लेने की सुविधा मिल सकती है।

रायपुर जिले के खाद्य नियंत्रक ने इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि केवल फिंगरप्रिंट मैच नहीं होने के आधार पर यह मान लेना गलत है कि संबंधित व्यक्ति को राशन नहीं मिल सकता।

बायोमेट्रिक में परेशानी होने पर अपनाएं वैकल्पिक व्यवस्था

खाद्य विभाग के अनुसार, सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पात्र हितग्राहियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था का प्रावधान किया गया है। कई बार उम्र बढ़ने या अन्य कारणों से अंगूठे अथवा उंगलियों के निशान मशीन में दर्ज निशानों से मेल नहीं खाते। ऐसी स्थिति में हितग्राहियों को राशन से वंचित होने की आशंका रहती है।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसी परिस्थितियों में नियमानुसार दूसरे माध्यमों से प्रमाणीकरण कर राशन प्राप्त करने की सुविधा दी जा सकती है। विशेष रूप से बुजुर्गों और उन लोगों के लिए यह व्यवस्था उपयोगी है, जिन्हें बायोमेट्रिक प्रक्रिया पूरी करने में कठिनाई होती है।

नॉमिनी या OTP से मिल सकता है राशन

खाद्य नियंत्रक के मुताबिक, पात्र हितग्राही फिंगरप्रिंट का मिलान नहीं होने की स्थिति में निर्धारित नियमों के अनुसार नामांकित व्यक्ति के माध्यम से या ओटीपी आधारित प्रमाणीकरण कराकर राशन प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि, इन विकल्पों का लाभ संबंधित नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही लिया जा सकेगा।

भ्रामक जानकारी से बचने की अपील

खाद्य नियंत्रक ने कहा कि फिंगरप्रिंट मैच नहीं होने के कारण बुजुर्गों और अन्य पात्र लोगों को राशन नहीं मिलने की बात अधूरी जानकारी पर आधारित है। वैकल्पिक व्यवस्था की जानकारी लोगों तक पहुंचाना जरूरी है, ताकि किसी तरह का भ्रम न फैले।

विभाग का कहना है कि हितग्राही ऐसी स्थिति में राशन से वंचित होने का निष्कर्ष निकालने के बजाय राशन दुकान संचालक या संबंधित खाद्य विभाग के अधिकारियों से नियमानुसार उपलब्ध विकल्पों की जानकारी लें।

15 लाख के कर्ज से 400 एकड़ की खेती तक का सफर, धमतरी के किसान अरुण सार्वा ने बदली अपनी तकदीर

धमतरी। मेहनत, तकनीक और लगातार सीखने का जज्बा हो, तो खेती भी बड़े कारोबार का रूप ले सकती है। धमतरी जिले के 42 वर्षीय किसान अरुण सार्वा इसकी मिसाल बनकर उभरे हैं। कभी बेमौसम बारिश ने उनकी पूरी फसल बर्बाद कर दी थी और वे 15 लाख रुपये के कर्ज में डूब गए थे। आज वे करीब 400 एकड़ में सब्जियों की खेती कर रहे हैं। इसके साथ ही वे जिला पंचायत अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। उनकी कहानी नुकसान से उबरने, नई तकनीक अपनाने और खेती को व्यवस्थित व्यवसाय में बदलने की प्रेरक मिसाल है।

18 साल की उम्र में शुरू की खेती, बारिश ने तोड़ दी थी कमर

अरुण सार्वा ने महज 18 साल की उम्र में 8 से 10 एकड़ जमीन पर खेती शुरू की थी। वर्ष 2006 उनके जीवन का सबसे मुश्किल दौर साबित हुआ। उस समय उन्होंने बड़े पैमाने पर चने की खेती की थी। फसल अच्छी हुई थी और बाजार में बेहतर दाम मिलने की उम्मीद थी, लेकिन कटाई से ठीक पहले हुई बेमौसम बारिश ने पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया।

फसल बर्बाद होने के बाद मुनाफे की जगह उनके सिर पर करीब 15 लाख रुपये का कर्ज चढ़ गया। कम उम्र में इतना बड़ा आर्थिक झटका लगने से परिवार की नाराजगी और कर्ज चुकाने का दबाव भी बढ़ गया। हालांकि, अरुण ने खेती छोड़ने के बजाय अपनी गलतियों से सीखकर आगे बढ़ने का फैसला किया।

लगातार नुकसान के बाद बदली खेती की रणनीति

चने की फसल में नुकसान के बाद अरुण ने मिर्च की खेती शुरू की, लेकिन अनुभव और तकनीकी जानकारी की कमी के कारण उन्हें फिर घाटा उठाना पड़ा। इस बार उन्होंने नुकसान को अपनी सीख बनाया। उन्होंने कृषि विशेषज्ञों से सलाह ली, बाजार की मांग को समझा और खेती के तौर-तरीकों में बदलाव किया।

इसके बाद उन्होंने टमाटर, करेला, खीरा और शिमला मिर्च जैसी नकदी फसलों पर ध्यान केंद्रित किया। फसल चक्र अपनाने के साथ बेहतर बीज, संतुलित खाद और ड्रिप सिंचाई जैसी तकनीकों का इस्तेमाल शुरू किया। धीरे-धीरे उनकी मेहनत रंग लाने लगी और खेती में मुनाफे की राह खुलने लगी।

400 एकड़ में फैला सब्जियों का कारोबार

आज अरुण सार्वा धमतरी जिले के नगरी, बिरनपुर, सांकरा, सिहावा और कल्लेमेटा समेत कई क्षेत्रों में लगभग 400 एकड़ जमीन पर सब्जियों की खेती कर रहे हैं। उनके खेतों में तैयार होने वाली सब्जियां छत्तीसगढ़ के अलावा उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा और आंध्र प्रदेश तक भेजी जाती हैं।

उन्होंने खेती को केवल पारंपरिक काम तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे व्यवस्थित कारोबारी मॉडल के रूप में विकसित किया है। खेतों के संचालन, उत्पादन और प्रबंधन के लिए अलग-अलग स्तर पर जिम्मेदारियां तय की गई हैं, जिससे बड़े पैमाने पर खेती करना आसान हुआ है।

जुगाड़ और आधुनिक तकनीक का अनोखा मेल

अरुण की खेती की खासियत आधुनिक तकनीक के साथ स्थानीय जरूरतों के मुताबिक नए प्रयोग करना है। वे रासायनिक दवाओं का सीमित इस्तेमाल करने और वर्मीकम्पोस्ट सहित जैविक खाद को बढ़ावा देने पर जोर देते हैं।

उन्होंने ट्रैक्टर से चलने वाली स्वचालित स्प्रे मशीन भी तैयार की है, जो चलते हुए फसलों पर दवा का छिड़काव करती है। इस नवाचार से छिड़काव में लगने वाला समय कम हुआ है और मजदूरी का खर्च भी घटा है। उनके प्रयोग बताते हैं कि खेती में छोटे तकनीकी बदलाव भी बड़े स्तर पर लागत और श्रम की बचत कर सकते हैं।

600 से ज्यादा लोगों को मिला रोजगार

अरुण सार्वा ने खेती के विस्तार के साथ ग्रामीणों के लिए रोजगार के अवसर भी तैयार किए हैं। उनके फार्म से 600 से अधिक ग्रामीणों को रोजगार मिलने की जानकारी है। इसके अलावा करीब 100 लोगों की प्रबंधकीय टीम अलग-अलग क्षेत्रों में खेती से जुड़ी गतिविधियों की निगरानी करती है।

कभी खुद नुकसान से उबरने के लिए रास्ते तलाशने वाले अरुण अब दूसरे किसानों के लिए मार्गदर्शक बन गए हैं। विभिन्न राज्यों से किसान उनकी खेती के तरीके और प्रबंधन मॉडल को समझने पहुंचते हैं।

युवाओं को आधुनिक खेती से जोड़ने की तैयारी

अरुण सार्वा चाहते हैं कि युवा खेती को केवल परंपरागत पेशा न समझें, बल्कि इसे तकनीक, प्रबंधन और बाजार से जुड़ा लाभकारी व्यवसाय बनाने की दिशा में आगे बढ़ें। इसी उद्देश्य से वे दीपावली के बाद नवंबर में एक बड़ी कार्यशाला आयोजित करने की तैयारी कर रहे हैं। इसमें किसानों और युवाओं को आधुनिक खेती, नई तकनीकों तथा बेहतर उत्पादन के तरीकों की जानकारी दी जाएगी।

अरुण का सफर बताता है कि खेती में नुकसान आने पर रास्ते बंद नहीं होते। सही जानकारी, नई तकनीक अपनाने की इच्छाशक्ति और लगातार प्रयास से मुश्किल हालात को भी सफलता में बदला जा सकता है।

स्मृति ईरानी की 9 घंटे तक चली मैराथन बैठक, 2028 के चुनाव और संगठन की मजबूती पर हुआ मंथन

 रायपुर। भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव और छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी के दो दिवसीय रायपुर दौरे के पहले दिन संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर लगातार बैठकें हुईं। 25 और 26 अक्टूबर 2026 के दौरे में स्मृति ईरानी का सादगीपूर्ण अंदाज भी चर्चा में रहा। उन्होंने पहले ही निर्देश दिए थे कि स्वागत के लिए पोस्टर-बैनर नहीं लगाए जाएं। इसके साथ ही भारतीय जनता युवा मोर्चा की प्रस्तावित बाइक रैली भी रद्द कर दी गई।

रविवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में करीब नौ घंटे तक चली बैठकों में संगठन की मौजूदा स्थिति, सरकार की योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा की गई।

प्रदेश पदाधिकारियों से लेकर पूर्व सांसदों तक के साथ बैठक

स्मृति ईरानी ने दौरे के पहले दिन प्रदेश महामंत्रियों, प्रदेश पदाधिकारियों, संभाग और जिला प्रभारियों, पूर्व सांसदों तथा पूर्व विधायकों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। इसके अलावा निगम, मंडल, बोर्ड और आयोगों के अध्यक्षों के साथ भी संगठनात्मक विषयों पर चर्चा हुई।

बैठकों में वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीति पर विशेष जोर रहा। मिली जानकारी के अनुसार, स्मृति ईरानी ने पूर्व सांसदों और विधायकों से चुनाव में पार्टी की जीत सुनिश्चित करने तथा सरकार को दोबारा सत्ता में लाने की रणनीति पर सवाल किए। सूत्रों के मुताबिक, कुछ मंत्रियों को लेकर मिली शिकायतों का विषय भी उनके सामने आया।

एकजुटता और सक्रियता बढ़ाने पर जोर

प्रदेश प्रभारी ने पार्टी के नेताओं और पदाधिकारियों को आपसी तालमेल के साथ काम करने की नसीहत दी। उन्होंने संगठन के भीतर एकजुटता बनाए रखने और पार्टी के कामकाज में सक्रियता बढ़ाने पर जोर दिया।

बैठकों में सत्ता और संगठन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने को भी अहम बताया गया। पार्टी नेतृत्व का फोकस संगठनात्मक ढांचे को मजबूत बनाने और कार्यकर्ताओं को अधिक सक्रिय भूमिका में लाने पर रहा।

सरकारी योजनाओं को घर-घर पहुंचाने के निर्देश

स्मृति ईरानी ने केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने पार्टी नेताओं से कहा कि सरकारी योजनाओं की जानकारी केवल बैठकों तक सीमित न रहे, बल्कि उसे घर-घर तक पहुंचाने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं।

संगठन की मजबूती के साथ जनसंपर्क बढ़ाने और सरकार के कामकाज को लोगों के बीच रखने पर भी चर्चा हुई। आगामी चुनावों को देखते हुए इन गतिविधियों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सीएम विष्णुदेव साय के साथ अभनपुर पहुंचीं स्मृति ईरानी

भाजपा प्रदेश कार्यालय में बैठकों के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात के बाद स्मृति ईरानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम में शामिल होने अभनपुर पहुंचीं। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद बृजमोहन अग्रवाल भी उनके साथ मौजूद रहे।

स्मृति ईरानी का यह दौरा छत्तीसगढ़ भाजपा में संगठनात्मक समन्वय बढ़ाने, सरकारी योजनाओं के प्रचार को गति देने और 2028 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को मजबूत करने के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

रायपुर-बिलासपुर हाईवे पर भीषण हादसा, खड़े ट्रक से टकराई यात्री बस; 3 की मौत, 10 से ज्यादा घायल

बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ में रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। सिमगा थाना क्षेत्र के दरचुरा गांव के पास तेज रफ्तार यात्री बस सड़क किनारे खड़े ट्रक से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में तीन यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 10 से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।

अंबिकापुर से रायपुर आ रही थी बस

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हादसा सुबह के समय हुआ। यात्री बस अंबिकापुर से रायपुर की ओर आ रही थी और उसमें करीब 30 से 35 लोग सवार थे। सिमगा के दरचुरा गांव के पास पहुंचते ही बस हाईवे पर खड़े ट्रक से टकरा गई।

बताया जा रहा है कि ट्रक सड़क पर बिना किसी चेतावनी संकेत के खड़ा था। आशंका जताई जा रही है कि इसी वजह से बस चालक समय रहते ट्रक को देख नहीं पाया और वाहन सीधे उससे जा भिड़ा। हालांकि, हादसे के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

बस में फंसे यात्रियों को निकालने में करनी पड़ी मशक्कत

टक्कर की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। हादसे के बाद बस का अगला हिस्सा बुरी तरह दब गया था, जिसके चलते कई यात्री अंदर ही फंस गए।

सूचना मिलते ही सिमगा पुलिस और हाईवे पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची। क्षतिग्रस्त बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने के लिए गैस कटर की मदद ली गई। बचाव दल ने काफी मशक्कत के बाद घायलों को बाहर निकाला।

घायलों का इलाज जारी, गंभीर मरीजों को रायपुर भेजने की तैयारी

हादसे में घायल यात्रियों को तत्काल सिमगा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। जानकारी के अनुसार, घायलों में तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। उन्हें बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर करने की तैयारी की जा रही है।

पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। हाईवे पर खड़े ट्रक की स्थिति और दुर्घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।

दुर्ग में वाहन जांच के दौरान बड़ी कार्रवाई, बोलेरो पिकअप के गुप्त चेंबर से मिले 4 करोड़ रुपये

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस ने वाहन जांच के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी बरामद की है। खुर्सीपार नेशनल हाईवे पर चेकिंग के दौरान एक बोलेरो मैक्स पिकअप से 4 करोड़ रुपये नकद मिले। रकम को वाहन में बनाए गए विशेष गुप्त चेंबर में छिपाकर रखा गया था। पुलिस ने नकदी और वाहन को जब्त कर लिया है। मामले की जानकारी आयकर विभाग को भी दे दी गई है, जो अब रकम के स्रोत की जांच करेगा।

रायपुर से नागपुर जा रही पिकअप में छिपाई गई थी रकम

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, खुर्सीपार नेशनल हाईवे पर पुलिस नियमित रूप से वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान रायपुर से नागपुर की ओर जा रही बोलेरो मैक्स पिकअप को रोककर तलाशी ली गई। जांच के दौरान वाहन की बनावट संदिग्ध नजर आई, जिसके बाद पुलिस ने बारीकी से पड़ताल की।इस जांच में पता चला कि पिकअप को विशेष तरीके से मॉडिफाई किया गया था। वाहन के भीतर एक गुप्त चेंबर बनाया गया था, जिसमें नकदी के बंडल छिपाकर रखे गए थे। चेंबर से कुल 4 करोड़ रुपये बरामद होने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की।

नकदी के स्रोत का पता लगाएगा आयकर विभाग

वाहन से इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद पुलिस ने नकदी और पिकअप को जब्त कर लिया। वाहन में मौजूद दो लोगों से पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि रकम कहां से लाई गई थी और इसे किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था।पुलिस ने मामले की सूचना आयकर विभाग को दे दी है। अब विभाग नकदी के स्रोत और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच करेगा। इतनी बड़ी रकम को गुप्त चेंबर में छिपाकर ले जाने के मामले में जांच एजेंसियां सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।

छत्तीसगढ़ में कल कैबिनेट बैठक, धान खरीदी और राज्योत्सव की तैयारियों पर रहेंगी नजरें

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंगलवार, 27 अक्टूबर को मंत्रिपरिषद की अहम बैठक आयोजित होगी। नवा रायपुर स्थित महानदी भवन मंत्रालय में सुबह 11:30 बजे होने वाली इस बैठक को आगामी धान खरीदी सीजन और राज्योत्सव की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में प्रशासनिक और नीतिगत विषयों पर चर्चा हो सकती है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक आधिकारिक एजेंडा जारी नहीं किया गया है।

धान खरीदी की तैयारियों पर टिकी किसानों की निगाहें

छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान खरीदी की तैयारियां महत्वपूर्ण मुद्दा हैं। ऐसे में कैबिनेट बैठक में खरीदी व्यवस्था से जुड़े विषयों पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है। किसानों को उम्मीद है कि सरकार की ओर से धान खरीदी से संबंधित जरूरी व्यवस्थाओं और नीतियों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है।हालांकि, बैठक में धान खरीदी से जुड़े किसी खास प्रस्ताव पर चर्चा या निर्णय होने की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

एक नवंबर से शुरू होगा राज्योत्सव

छत्तीसगढ़ में एक नवंबर से राज्योत्सव का आयोजन प्रस्तावित है। ऐसे में आयोजन से संबंधित तैयारियों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर भी मंत्रिपरिषद की बैठक में चर्चा होने की संभावना है। राज्योत्सव को लेकर सरकार की ओर से लिए जाने वाले निर्णयों की जानकारी बैठक के बाद सामने आएगी।

कर्मचारी संगठनों की मांगों पर भी नजर

कैबिनेट बैठक को लेकर सरकारी कर्मचारियों और विभिन्न कर्मचारी संगठनों में भी उत्सुकता है। कर्मचारी संगठनों की मांगों और उनसे जुड़े मुद्दों पर सरकार के रुख को लेकर चर्चाएं हैं। हालांकि, आधिकारिक एजेंडा सामने नहीं आने के कारण यह स्पष्ट नहीं है कि बैठक में कर्मचारियों से संबंधित किसी प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा या नहीं।

पिछली बैठक में पूर्व अग्निवीरों की भर्ती को लेकर हुआ था फैसला

11 अक्टूबर को हुई पिछली कैबिनेट बैठक में राज्य सरकार ने गृह विभाग में आरक्षक के 36 रिक्त पदों पर पूर्व अग्निवीरों की भर्ती का रास्ता साफ किया था। इन पदों पर पूर्व अग्निवीरों के लिए श्रेणीवार 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया था। इस फैसले का उद्देश्य सैन्य सेवा से लौटने वाले युवाओं को राज्य की सरकारी सेवाओं में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।

आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलने को मंजूरी

पिछली बैठक में मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ शासन कार्य आवंटन नियम में संशोधन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी थी। इसके तहत आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलकर जनजातीय कार्य विभाग करने का निर्णय लिया गया था। यह बदलाव राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण फैसला था।

बैठक के बाद अरुण साव देंगे फैसलों की जानकारी

27 अक्टूबर को होने वाली बैठक में मंत्रिपरिषद जिन प्रस्तावों पर निर्णय लेगी, उनकी जानकारी बैठक समाप्त होने के बाद सामने आएगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उपमुख्यमंत्री अरुण साव मीडिया को कैबिनेट के फैसलों से अवगत कराएंगे।फिलहाल किसानों, सरकारी कर्मचारियों और विभिन्न संगठनों की निगाहें बैठक पर टिकी हैं। धान खरीदी, राज्योत्सव और अन्य नीतिगत मुद्दों पर सरकार क्या निर्णय लेती है, इसका पता आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही चलेगा।

खरगे की टिप्पणी पर CM विष्णुदेव साय का पलटवार, बोले- देश से सार्वजनिक माफी मांगें कांग्रेस अध्यक्ष

 रायपुर। बिहार की राजधानी पटना में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके दिवंगत पिता को लेकर की गई कथित टिप्पणी पर सियासी विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोध के दौरान भाषा की मर्यादा का ध्यान नहीं रखा गया।

सीएम साय ने सोशल मीडिया पर जताई नाराजगी

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एक्स पर पोस्ट कर खरगे की कथित टिप्पणी की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री का विरोध करते हुए उनके दिवंगत पिता को निशाना बनाना राजनीतिक शिष्टाचार के विरुद्ध है। साय ने इसे कांग्रेस की राजनीतिक सोच से जुड़ा सवाल बताते हुए कहा कि नेताओं को सार्वजनिक मंचों पर अपनी भाषा की मर्यादा बनाए रखनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में यह भी कहा कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद व्यक्तिगत और पारिवारिक मामलों को विवाद में शामिल करना उचित नहीं है। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष से अपने कथित बयान के लिए देश के सामने माफी मांगने की अपील की।

जनता राजनीतिक बयानबाजी पर नजर रख रही है: साय

मुख्यमंत्री ने अपने पोस्ट में आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति राजनीतिक विरोध के चलते कांग्रेस की बयानबाजी का स्तर गिर रहा है। उन्होंने कहा कि जनता राजनीतिक दलों के व्यवहार और सार्वजनिक बयानों को देखती है तथा लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करती है।

साय ने अपने संदेश में यह भी दावा किया कि मतदाता ऐसी राजनीति को स्वीकार नहीं करेंगे। हालांकि, यह मुख्यमंत्री की राजनीतिक प्रतिक्रिया और उनका आकलन है।

क्या है पटना में दिए गए बयान का पूरा मामला?

यह विवाद बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर पटना में आयोजित एक कार्यक्रम से जुड़ा है। कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर भाजपा तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना की।

उपलब्ध विवरण के अनुसार, भाषण के दौरान सभा में मौजूद एक व्यक्ति की टिप्पणी के जवाब में खड़गे ने प्रधानमंत्री को लेकर बयान दिया। इसके बाद कार्यक्रम में विवाद होने की खबर सामने आई।

राजनीतिक बयान के बाद बढ़ी बयानबाजी

खड़गे की कथित टिप्पणी के बाद भाजपा नेताओं की ओर से विरोध जताया गया। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी इस विवाद में सामने आए और उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष की आलोचना करते हुए सार्वजनिक माफी की मांग की।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी में खड़गे के बयान के सटीक शब्दों और पूरे संदर्भ की स्वतंत्र पुष्टि शामिल नहीं है। इसलिए टिप्पणी को लेकर लगाए गए आरोपों और संबंधित नेताओं की प्रतिक्रियाओं को अलग-अलग समझना जरूरी है।

अब कांग्रेस की प्रतिक्रिया पर नजर

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की ओर से माफी की मांग के बाद इस मामले में कांग्रेस के आधिकारिक जवाब पर नजर रहेगी। फिलहाल विवाद ने राजनीतिक विरोध के दौरान इस्तेमाल होने वाली भाषा और सार्वजनिक जीवन में शिष्टाचार को लेकर बहस को तेज कर दिया है।