स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बैठक – तय होगी जिम्मेदारी, सीएमएचओ ने दिए सख्त निर्देश
बेमेतरा 13 जून 2026
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कवायद तेज कर दी है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. अमृत लाल रोहलेडर ने बीएमओ, बीपीएम और सेक्टर मेडिकल अधिकारियों की मासिक समीक्षा बैठक लेकर दो टूक शब्दों में कहा कि वित्तीय अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
उन्होंने सभी अधिकारियों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की गाइडलाइन के अनुरूप वित्तीय अनुशासन बनाए रखने और लंबित उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसी) समय पर जमा करने के निर्देश दिए।
बैठक में मानव संसाधन प्रबंधन को दुरुस्त करने के लिए सभी कर्मचारियों का डेटा ‘स्पैरो’ (SPARROW) पोर्टल पर शत-प्रतिशत अपडेट करने तथा रिक्त पदों व स्थापना संबंधी जानकारी तीन दिनों के भीतर दर्ज करने के कड़े निर्देश दिए गए।
मातृ-शिशु स्वास्थ्य और संस्थागत प्रसव पर जोर
डॉ. रोहलेडर ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए ‘शून्य होम डिलीवरी’ (Zero Home Delivery) का लक्ष्य हासिल करने की बात कही।
उन्होंने कहा कि:
जननी पोर्टल पर हर गर्भवती महिला का रियल-टाइम पंजीयन और चार अनिवार्य एएनसी जांच सुनिश्चित की जाए।
हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (HRP) की पहचान कर उनका नियमित फॉलोअप किया जाए।
मातृ मृत्यु दर (MMR) और शिशु मृत्यु दर (IMR) को कम करने के लिए हर मृत्यु प्रकरण की समयबद्ध समीक्षा और गैप एनालिसिस रिपोर्ट तैयार की जाए।
टीकाकरण और आगामी अभियान
टीकाकरण की समीक्षा करते हुए सीएमएचओ ने निर्देश दिए कि सभी बच्चों का ‘यू-विन’ (U-WIN) पोर्टल पर पंजीयन कर उसी दिन एंट्री की जाए। ड्रॉपआउट बच्चों के लिए विशेष सत्र चलाए जाएं। इसके अलावा, 15 जून से शुरू हो रहे सघन कुष्ठ खोज अभियान (LCDC)की माइक्रोप्लानिंग पूरी करने, टीबी नोटिफिकेशन दर 90% से ऊपर रखने, मरीजों को निक्षय पोषण योजना का लाभ देने और आगामी पल्स पोलियो अभियान के लिए हाई रिस्क क्षेत्रों पर विशेष फोकस करने के निर्देश दिए गए।
सीएमएचओ का संदेश:”स्वास्थ्य योजनाओं की सफलता डेटा की शुद्धता पर टिकी है। अधिकारी कागजी आंकड़ों के बजाय फील्ड विजिट बढ़ाएं, रेफरल सिस्टम मजबूत करें और पोर्टल्स पर सही व समयबद्ध जानकारी दर्ज करें।”
बैठक में जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम), जिला टीकाकरण अधिकारी, जिला कुष्ठ व क्षय अधिकारी सहित सभी विकासखंडों के बीएमओ और बीपीएम मुख्य रूप से उपस्थित थे।
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