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Sunday, November 1, 2026
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किरंदुल में अवैध डंपिंग पर फूटा जनआक्रोश: कल्पतरु कंपनी के खिलाफ उग्र विरोध, कार्रवाई की मांग

पर्यावरण और स्वास्थ्य पर मंडरा रहा खतरा, प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल

किरंदुल-जगदलपुर | 28 अप्रैल 2026 | रिपोर्टिंग रविसरकार

किरंदुल नगर में कथित तौर पर कल्पतरु कंपनी द्वारा की जा रही अवैध डंपिंग को लेकर अब जनआक्रोश तेज हो गया है। यह मामला केवल कचरा फेंकने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे नगर के पर्यावरण, स्वच्छता व्यवस्था और आम लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है।

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि शहर में जहां एक ओर स्वच्छता और विकास के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर खुलेआम इस तरह की डंपिंग प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है। नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा मामले से अनभिज्ञता जताने पर भी लोगों में नाराजगी है।

नागरिकों का कहना है कि इतनी बड़ी मात्रा में वेस्ट मटेरियल बिना जानकारी के डंप नहीं किया जा सकता, जिससे लापरवाही या संभावित मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है। लोगों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

मामले को लेकर अब शहर में विरोध तेज होता जा रहा है। विभिन्न स्थानों पर लोगों ने विरोध दर्ज कराते हुए प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।

नागरिकों की प्रमुख मांगें हैं—

अवैध रूप से डंप किए गए कचरे को तत्काल हटाया जाए

संबंधित कंपनी पर कड़ी कार्रवाई और भारी जुर्माना लगाया जाए साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए

यह मुद्दा केवल एक स्थानीय समस्या नहीं, बल्कि जनजीवन से जुड़ा गंभीर संकट बन चुका है। यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो इसके दूरगामी दुष्परिणाम सामने आ सकते हैं। अब पूरा नगर प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहा है—क्या इस बार ठोस कदम उठेंगे या मामला केवल जांच और आश्वासन तक सीमित रह जाएगा।









नशे पर सख्ती और सड़क सुरक्षा पर बड़ा एक्शन, हेलमेट-सीट बेल्ट नहीं तो होगी कार्रवाई

बेमेतरा, 28 अप्रैल 2026:

जिले में बढ़ते नशे और सड़क हादसों को लेकर प्रशासन अब एक्शन मोड में आ गया है। कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं की अध्यक्षता में हुई समन्वय बैठक में साफ संकेत दिए गए कि आम जनता की सुरक्षा से समझौता नहीं होगा।

कलेक्टर ने कहा कि युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति गंभीर चिंता का विषय है और इसे रोकने के लिए पुलिस व प्रशासन संयुक्त रूप से सख्त कार्रवाई करेंगे। इसके साथ ही नशा मुक्ति के लिए गांव-शहर स्तर पर जनजागरूकता अभियान भी तेज किया जाएगा।

सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने जिले के चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स पर विशेष फोकस किया है। यहां स्पीड ब्रेकर, साइन बोर्ड, रंबल स्ट्रिप्स और रिफ्लेक्टर लगाए जाएंगे, ताकि हादसों में कमी लाई जा सके।

सबसे अहम फैसला यह लिया गया कि अब बिना हेलमेट और सीट बेल्ट वाहन चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। पुलिस और परिवहन विभाग संयुक्त अभियान चलाकर नियम तोड़ने वालों पर चालानी कार्रवाई करेंगे।

शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए मुख्य मार्गों और चौराहों से अतिक्रमण हटाने का अभियान भी तेज किया जाएगा। वहीं, स्कूली बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूल बसों की फिटनेस जांच और सुप्रीम कोर्ट गाइडलाइंस का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

बैठक में सड़कों पर घूमने वाले आवारा पशुओं से होने वाली दुर्घटनाओं पर भी चिंता जताई गई। इसके लिए नगर पालिका को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है। इसके लिए स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

प्रशासन का मानना है कि इन सभी उपायों से जिले में नशा मुक्ति, सड़क सुरक्षा और कानून व्यवस्था को मजबूत किया जा सकेगा।

सुशासन तिहार 2026’ से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा योजनाओं का लाभ: शिवलाल लकड़ा

15-20 समूहों के जरिए गांव-गांव में लगेगा समाधान शिविर, समस्याओं का होगा त्वरित निराकरण

महासमुंद/28/04/2026 /रिपोर्टिंग शिवलाल लकड़ा

राज्य सरकार द्वारा आम जनता की समस्याओं के त्वरित, प्रभावी और पारदर्शी समाधान के लिए “सुशासन तिहार 2026” आयोजित करने के निर्णय का स्वागत करते हुए भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा जिला उपाध्यक्ष शिवलाल लकड़ा ने इसे जनहित में महत्वपूर्ण पहल बताया है।

लकड़ा ने कहा कि यह अभियान अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह पहल प्रशासन और जनता के बीच दूरी कम करने के साथ पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करेगी।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अक्सर छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए भटकना पड़ता है। ऐसे में यह अभियान उनके लिए राहत लेकर आएगा, जहां गांव स्तर पर ही समस्याओं का समाधान संभव होगा।

लकड़ा ने बताया कि 1 मई से 10 जून 2026 तक प्रदेशभर में जनसमस्या निवारण शिविर लगाए जाएंगे।

इन शिविरों का संचालन ग्रामीण क्षेत्रों में 15 से 20 समूहों के माध्यम से किया जाएगा, जहां मौके पर ही समस्याओं का त्वरित निराकरण और आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि यह पहल सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाती है और इससे जनता का भरोसा और मजबूत होगा। सुशासन की अवधारणा को जमीन पर उतारने में यह अभियान अहम भूमिका निभाएगा।

जनचौपाल36 -खबर सार
महासमुंद में शिवलाल लकड़ा ने ‘सुशासन तिहार 2026’ को जनहित में अहम पहल बताते हुए कहा कि इससे गांव-गांव में शिविर लगाकर आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाएगा।



गौ माता को ‘राष्ट्र माता’ घोषित करने सहित तीन प्रमुख मांगें, शांतिपूर्ण तरीके से उठा मुद्दा

कवर्धा (कबीरधाम)रिपोर्टिंग पवन तिवारी

कबीरधाम जिले के विभिन्न तहसीलों में गौ सेवकों द्वारा गौ संरक्षण को लेकर व्यापक जन आंदोलन किया गया। इस दौरान राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर कई महत्वपूर्ण मांगें रखी गईं।

ज्ञापन के माध्यम से प्रमुख रूप से तीन मांगें सामने रखी गईं—गौ माता को ‘राष्ट्र माता’ घोषित करने के साथ उसे राष्ट्रीय धरोहर एवं आराध्य का दर्जा देने, देशभर में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने तथा गौ संरक्षण के लिए प्रभावी अनुसंधान व्यवस्था स्थापित करने की मांग शामिल है।

इसके अलावा गौ सेवकों ने नीतिगत सुझाव भी प्रस्तुत किए, जिनमें गोबर एवं गौमूत्र पर आधारित अनुसंधान केंद्रों की स्थापना, सरकारी भवनों में गोनाइल व गोबर पेंट के उपयोग को बढ़ावा देने, शॉपिंग मॉल्स में गौ उत्पादों के लिए विशेष काउंटर बनाने तथा गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर ‘गोचर विकास बोर्ड’ के गठन की मांग शामिल रही।

आंदोलन के दौरान गौ सेवकों ने संकीर्तन करते हुए शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखी और गौ रक्षा के नारे लगाए। इस आयोजन में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों एवं क्षेत्रवासियों की उपस्थिति रही।

खबर संक्षिप्त
कबीरधाम जिले में गौ सेवकों ने गौ संरक्षण को लेकर जन आंदोलन करते हुए विभिन्न तहसीलों में ज्ञापन सौंपा। इसमें गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने, गौ हत्या पर प्रतिबंध और संरक्षण के लिए अनुसंधान व्यवस्था की मांग प्रमुख रही।

गंभीर रूप से बीमार महिला को समय पर मिला रक्त, सहयोगियों की पहल भी सराहनीय

डिजिटल डेस्क/किरंदुल-28/04/2026/रिपोर्टिंग रवि सरकार

किरंदुल में मानव सेवा और परोपकार की एक प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है। एनएमडीसी में कार्यरत कर्मठ कर्मचारी ने एक गंभीर रूप से बीमार महिला को रक्तदान कर उसकी जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

बताया गया कि महिला की हालत बेहद नाजुक थी और शरीर में रक्त की मात्रा काफी कम हो गई थी। ऐसे कठिन समय में, अपनी व्यस्त ड्यूटी के बावजूद सुधांशु ओझा ने निःस्वार्थ भाव से आगे आकर रक्तदान किया। यह उनका पहला रक्तदान था, जिसे लेकर वे स्वयं भी संतोष और खुशी महसूस कर रहे हैं।
इस नेक कार्य में प्रवेश, समर नंदी और गौतम सहित अन्य सहयोगियों का भी अहम योगदान रहा। सभी ने मिलकर जरूरतमंद के लिए रक्त की व्यवस्था करने में सक्रिय भूमिका निभाई।

यह घटना केवल एक रक्तदान तक सीमित नहीं, बल्कि मानवता, करुणा और सामाजिक जिम्मेदारी का सजीव उदाहरण है। किरंदुल नगर के लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया और इसे समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

खबर सार
किरंदुल में एनएमडीसी कर्मी सुधांशु ओझा ने गंभीर रूप से बीमार महिला को रक्तदान कर उसकी जान बचाई। इस कार्य में प्रवेश, समर नंदी और गौतम सहित अन्य लोगों का भी सहयोग रहा। नगरवासियों ने इसे मानवता की प्रेरणादायक मिसाल बताया।

मोदी दौरे से पहले वाराणसी में ‘नारी शक्ति’ का जोरदार प्रदर्शन, 1000+ महिलाओं ने बनाई मानव श्रृंखला

नारी वंदन अधिनियम के समर्थन में जागरूकता मार्च, 33% आरक्षण पर दिया जोर।

डिजिटल डेस्क / वाराणसी, 28 अप्रैल 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दो दिवसीय वाराणसी दौरे (28-29 अप्रैल) से पहले शहर में महिला सशक्तिकरण का अभूतपूर्व प्रदर्शन देखने को मिला। सोमवार को 1000 से अधिक महिला खिलाड़ियों और विकास इंटर कॉलेज की छात्राओं ने एकजुट होकर नारी वंदन अधिनियम के समर्थन में विशाल मानव श्रृंखला बनाई।

यह प्रधानमंत्री श्री मोदी का वाराणसी का 54वां दौरा माना जा रहा है, ऐसे में इस कार्यक्रम को विशेष रूप से अहम माना जा रहा है।
मानव श्रृंखला के बाद प्रतिभागियों ने विकास इंटर कॉलेज से नटनिया दाई मंदिर तक जागरूकता मार्च निकाला। इस दौरान छात्राओं और खिलाड़ियों ने हाथों में तख्तियां और तिरंगा लेकर आम लोगों को नारी वंदन अधिनियम के प्रावधानों और इसके लाभों के बारे में जागरूक किया।

कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने 33% आरक्षण को लेकर समर्थन जताते हुए महिला सशक्तिकरण का मजबूत संदेश दिया। पूरे आयोजन में उत्साह और ऊर्जा देखते ही बन रही थी, जिससे शहर में सकारात्मक माहौल बना।

खबर सार
वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से पहले 1000 से अधिक महिला खिलाड़ियों और छात्राओं ने नारी वंदन अधिनियम के समर्थन में मानव श्रृंखला बनाई। इसके बाद विकास इंटर कॉलेज से नटनिया दाई मंदिर तक जागरूकता मार्च निकाला गया, जिसमें 33% आरक्षण और महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया गया।

चुनाव और चुनौतियां:हिंसा के साये में ‘बंगाल संग्राम’ – क्या जागरूक नागरिक बदलेंगे इतिहास?

कोलकाता/नई दिल्ली:28/04/2026

पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार का शोर थम चुका है, लेकिन इसकी गूँज अभी भी चुनावी गलियारों में तनाव पैदा कर रही है। टीएमसी सांसद के साथ हुई मारपीट और झड़प की हालिया घटनाओं ने एक बार फिर बंगाल की चुनावी संस्कृति पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। अब गेंद जनता के पाले में है, जो कल बूथों के बाहर लंबी कतारों में खड़ी होकर राज्य का भविष्य तय करेगी।

देश के एक जागरूक नागरिक की नजर से देखें तो यह चुनाव केवल सत्ता की लड़ाई नहीं, बल्कि रणनीति, अस्मिता और विकास के दावों की एक गहरी समीक्षा है।

बीजेपी 2.0: ‘दीदी’ से ‘भतीजे’ की ओर मुड़ा निशाना
2021 के विधानसभा चुनावों ने बीजेपी को यह सिखा दिया कि बंगाल में ‘व्यक्ति’ से ज्यादा ‘भावना’ काम करती है। उस समय “दीदी… ओ दीदी” के तंज ने ममता बनर्जी के पक्ष में सहानुभूति की लहर पैदा कर दी थी। 2026 के इस रण में बीजेपी की रणनीति में सर्जिकल स्ट्राइक जैसे बदलाव दिखे हैं:
सॉफ्ट टारगेट शिफ्ट: इस बार निशाने पर ममता बनर्जी कम और अभिषेक बनर्जी (भतीजा) ज्यादा हैं। ‘भतीजावाद’ को मुद्दा बनाकर बीजेपी सत्ता विरोधी लहर (Anti-incumbency) को एक चेहरे पर केंद्रित कर रही है।

अस्मिता का ओवरहॉल:’जय श्री राम‘ के उद्घोष के साथ-साथ अब मां काली और दुर्गा की स्तुति प्रमुख है। पीएम मोदी के मंच का ‘दक्षिणेश्वर मंदिर’ जैसा दिखना यह बताता है कि पार्टी अब खुद को “बाहरी” के टैग से मुक्त कर “स्थानीय” साबित करना चाहती है।

सांस्कृतिक जुड़ाव: हिलसा मछली, झालमुड़ी और स्मृति ईरानी का धाराप्रवाह बंगाली बोलना—ये महज चुनावी स्टंट नहीं, बल्कि टीएमसी के ‘माटी-मानुष’ वाले किले में सेंध लगाने की कोशिश है।

चुनौतियां और नागरिक का नजरिया
जहाँ राजनीतिक दल अपनी बिसात बिछा चुके हैं, वहीं एक जागरूक मतदाता के मन में कई गंभीर सवाल हैं:पक्ष_विपक्ष मुख्य मुद्दे के साथ जागरूक नागरिक की चिंता |

TMC बंगाल की अस्मिता, लक्ष्मी भंडार योजना, माटी-मानुष। भ्रष्टाचार के आरोप और चुनावी हिंसा पर नियंत्रण।

BJP परिवर्तन, भ्रष्टाचार मुक्ति, सोनार बांग्ला। क्या स्थानीय संस्कृति को अपनाना सिर्फ चुनावी दिखावा है?
जनता की सोच रोजगार, सुरक्षा और शांतिपूर्ण मतदान।क्या वोटिंग के दिन सुरक्षा की गारंटी मिलेगी? |

एक नजर बंगाल चुनाव परिदृश्य पर
2021 में बीजेपी ने ताकत दिखाई थी, लेकिन 2026 में वह सूझबूझ दिखाने की कोशिश कर रही है। दूसरी तरफ, तृणमूल कांग्रेस अपनी ‘बंगाली पहचान’ और ‘कल्याणकारी योजनाओं’ के भरोसे अपनी सत्ता को बचाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है।

बड़ी बात
:बंगाल का मतदाता खामोश रहकर चौंकाने के लिए जाना जाता है। क्या बीजेपी का यह ‘सांस्कृतिक हृदय परिवर्तन’ बंगालियों के दिल में जगह बना पाएगा? या फिर ममता बनर्जी का ‘अस्मिता कार्ड’ एक बार फिर कमल को कीचड़ में ही रोक देगा?

कल जब मतदाता वोट डालने निकलेंगे, तो उनके हाथ में सिर्फ एक बटन नहीं, बल्कि बंगाल के अगले पांच साल की शांति और प्रगति की चाबी होगी।

क्या आपको लगता है कि बीजेपी का ‘बंगाली बाबू’ अवतार और अभिषेक बनर्जी पर केंद्रित हमला 2021 के नतीजों को पलटने में कामयाब होगा?

अंग, बंग और कलिंग को मजबूत करने का संकल्प: बैरकपुर से मोदी का हुंकार—“अब बंगाल में खिलेगा कमल”

टीएमसी पर तीखा हमला, ‘विकसित बंगाल’ का विजन पेश—1857 की धरती से परिवर्तन का आह्वान।

बैरकपुर (पश्चिम बंगाल), 27 अप्रैल 2026

ने पश्चिम बंगाल के बैरकपुर में चुनाव प्रचार के अंतिम दिन एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य की राजनीति में बदलाव का बिगुल फूंक दिया। अपने जोशीले और भावनात्मक भाषण में उन्होंने कहा कि “ओडिशा और बिहार के बाद अब पश्चिम बंगाल में भी कमल खिलने जा रहा है।”

प्रधानमंत्री ने बैरकपुर की ऐतिहासिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की यह धरती आज फिर परिवर्तन का संदेश दे रही है। उन्होंने जनता के उत्साह को “परिवर्तन की लहर” बताते हुए कहा कि हर ओर एक ही आवाज गूंज रही है— “पलटनो डोरकार, भाजपा सरकार।”

टीएमसी पर सीधा हमला
प्रधानमंत्री ने (टीएमसी) पर निशाना साधते हुए कहा कि
“टीएमसी की एकमात्र रणनीति गाली-गलौज, धमकी और झूठ फैलाना है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 15 वर्षों में टीएमसी का कोई भी नेता अपने काम का हिसाब जनता को नहीं दे पाया।

‘परिवार’ और भावनात्मक जुड़ाव
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने व्यक्तिगत जुड़ाव का जिक्र करते हुए कहा,
“जब से मैंने घर छोड़ा है, मुझे आप सबके बीच रहकर ही खुशी और सुकून मिला है—आप ही मेरा परिवार हैं।”

विकास और संकल्प का संदेश
उन्होंने युवाओं, महिलाओं, किसानों, श्रमिकों और व्यापारियों का उल्लेख करते हुए कहा कि
“बंगाल का हर वर्ग ‘विकसित बंगाल’ के निर्माण के लिए संकल्पित है।”

राष्ट्रीय मुद्दों का भी जिक्र
प्रधानमंत्री ने हटाने का उल्लेख करते हुए कहा कि
यह कदम डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के संकल्पों को पूरा करने की दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय था।

खबर सार
बैरकपुर रैली में पीएम मोदी का जोरदार संबोधन के साथ
बंगाल में सत्ता परिवर्तन का दावा,उन्होंने टीएमसी पर भ्रष्टाचार और विफलता के आरोप लगाते भाजपा को जिताने का संकल्प दोहराया।पीएम मोदी ने 1857 की विरासत से जोड़ा वर्तमान चुनाव और “जनता ही मेरा परिवार”—भावनात्मक अपील की।

घर बैठे मिल रही मुफ्त मानसिक परामर्श सेवा, ‘टेली मानस’ से 24×7 मदद

बेमेतरा, 27 अप्रैल 2026

तेजी से बदलती जीवनशैली और बढ़ते तनाव के बीच मानसिक स्वास्थ्य एक बड़ी चुनौती बन रहा है। इसी को ध्यान में रख जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है। कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं के निर्देशन और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमृत लाल रोहलेडर तथा सिविल सर्जन डॉ. लोकेश साहू के मार्गदर्शन में जिला चिकित्सालय के माध्यम से ‘टेली मानस’ सेवा का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।

बेमेतरा में ‘टेली मानस’ सेवा के जरिए नागरिकों को 24×7 मुफ्त मानसिक परामर्श मिल रहा है। अब तक 7,500 लोगों की स्क्रीनिंग और 800 से अधिक को टेली-काउंसलिंग दी जा चुकी है। जरूरत पड़ने पर 14416 या 1800-891-4416 पर कॉल कर सहायता ली जा सकती है।

‘टेली मानस’ भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका पूरा नाम टेली मेंटल हेल्थ असिस्टेंस एंड नेटवर्किंग अक्रॉस स्टेट्स है। इस सेवा के जरिए जिले का कोई भी नागरिक घर बैठे मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों से निःशुल्क और गोपनीय परामर्श प्राप्त कर सकता है। यह सुविधा 24 घंटे, सप्ताह के सातों दिन उपलब्ध है।

जिला नोडल अधिकारी डॉ. चंद्रकिरण राजपूत ने बताया कि राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत बेंगलुरु स्थित निमहांस के सहयोग से जिले में ‘टोरेंट प्रोजेक्ट’ का भी सफल संचालन किया जा रहा है जिसमें आरएमओ, सीएचओ और आरएचओ को मानसिक रोगों की पहचान और स्क्रीनिंग के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।

प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में व्यापक स्क्रीनिंग अभियान चला रहे हैं।जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री लता बंजारे के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक लगभग 7,500 नागरिकों की मानसिक स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है, जबकि करीब 800 लोगों को ‘टेली मानस’ के माध्यम से परामर्श प्रदान किया गया है। मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूकता और उपयोग में निरंतर वृद्धि देखी जा रही है।

सिक्किम का ‘स्वर्ण महोत्सव’: प्रधानमंत्री मोदी करेंगे 4,000 करोड़ की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास

न्यूज डिजिटल डेस्क – 27 अप्रैल 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सिक्किम के दौरे पर रहेंगे। उनका आज का मुख्य कार्यक्रम इस प्रकार है।

प्रधानमंत्री आज दोपहर करीब 3 बजे गंगटोक पहुंचेंगे। वहां पहुंचते ही वे ‘बिरलू द्वार’ से ‘एमजी मार्ग’ तक आयोजित एक रोड शो में हिस्सा लेंगे। रोड शो के बाद उनका स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ संवाद का कार्यक्रम प्रस्तावित है।

यह दौरा सिक्किम के स्थापना दिवस की 50वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में हो रहा है। कल (28 अप्रैल) सुबह वे पलजोर स्टेडियम में आयोजित समापन समारोह में शामिल होंगे और राज्य के विकास के लिए 4,000 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।

प्रधानमंत्री गंगटोक में सिक्किम के राज्य स्थापना के 50वें वर्ष के समापन समारोह में भाग लेंगे साथ ही प्रधानमंत्री राज्य भर में 4,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन शुभारंभ और आधारशिला रखेंगे।

ये परियोजनाएं बुनियादी ढांचे, संपर्क, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, बिजली, शहरी विकास, पर्यावरण, पर्यटन और कृषि सहित कई क्षेत्रों में विस्तृत हैं।इन परियोजनाओं का उद्देश्य सिक्किम में समग्र और समावेशी विकास को गति देना है

पीएम मोदी यात्रा के दौरान वे स्वास्थ्य, शिक्षा, कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।

प्रमुख विकास कार्य:
स्वास्थ्य एवं शिक्षा: 100 बिस्तरों वाला आयुर्वेद अस्पताल, सोवा रिग्पा अस्पताल, सिक्किम विश्वविद्यालय परिसर, मेडिकल कॉलेज, व्यावसायिक कॉलेज, मॉडल स्कूल और 160 स्कूलों में आईटी-सक्षम शिक्षा प्रणाली।

कनेक्टिविटी एवं ऊर्जा: तीस्ता नदी पर दो स्टील पुल, नई सड़कों का निर्माण और बिजली पारेषण नेटवर्क का आधुनिकीकरण।

शहरी विकास एवं पर्यावरण: मिनी सचिवालय, आवास परियोजनाएं, सीवरेज प्रणाली का पुनर्निर्माण और नदी प्रदूषण नियंत्रण।

पर्यटन एवं कृषि: विभिन्न इको-पर्यटन और तीर्थयात्रा सुविधाएं, आईएफएफसीओ प्रसंस्करण संयंत्र और इनडोर क्रिकेट स्टेडियम।

यह दौरा सिक्किम और पूर्वोत्तर क्षेत्र के सतत और तीव्र विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।