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पश्चिम बंगाल चुनाव में योगी आदित्यनाथ का चुनावी कार्यक्रम

लखनऊ/प.बंगाल-27/04/2026

पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान के लिए आज प्रचार का अंतिम दिन है, जिसे लेकर भाजपा ने पूरी ताकत झोंक दी है। इसी सिलसिले में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज राज्य में धुआंधार प्रचार करेंगे। वे चार प्रमुख स्थानों पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे, जिसमें दो रोड शो और दो जनसभाएं शामिल हैं।

कल्याणी (उत्तर 24 परगना) में सुबह 11:50 बजे रोड शो के साथ उनके दिन की शुरुआत होगी, जिसके बाद वे दोपहर 2:05 बजे हुगली के धानेखाली में एक जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री कोलकाता का रुख करेंगे, जहां दोपहर 3:25 बजे दम दम में रोड शो और शाम 4:10 बजे राजारहाट गोपालपुर में एक बड़ी जनसभा के साथ उनके चुनावी कार्यक्रम का समापन होगा।

इस चुनावी चरण में भाजपा अपनी पूरी ताकत झोंकते हुए ममता सरकार पर चौतरफा हमला बोल रही है। सभी प्रमुख स्टार प्रचारक जमीनी स्तर पर सक्रिय हैं और पार्टी का स्पष्ट लक्ष्य ममता सरकार की विफलताओं को उजागर करके मतदाताओं को लुभाना है।

चूँकि आज प्रचार का आखिरी दिन है, इसलिए भाजपा इस अंतिम अवसर का उपयोग जनता के बीच अपनी पैठ और मजबूत करने के लिए कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी से पार्टी का उत्साह बढ़ा है और वे अपने आक्रामक तेवर के साथ भाजपा के पक्ष में माहौल तैयार करने में जुटे हैं।

यूपी बोर्ड परिणाम 2026: सीएम योगी ने छात्रों का बढ़ाया हौसला

मुख्यमंत्री ने कहा- सफलता-असफलता जीवन का हिस्सा, सोना तपकर ही कुंदन बनता है।

लखनऊ: 27/04/2026

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) द्वारा वर्ष 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं का परिणाम घोषित होने के बाद, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी सफल छात्रों को हार्दिक बधाई दी और उनका उत्साहवर्धन किया। इसके साथ ही, उन्होंने उन छात्रों के लिए भी ढांढस बंधाया जो इस परीक्षा में असफल रहे। मुख्यमंत्री ने सभी के लिए सुखद और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा, “यह वर्ष अत्यंत उत्साहजनक रहा है। अनेक बच्चों ने कठिन परिश्रम से पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है। यह उनकी मेहनत, अनुशासन और लगन का परिणाम है। मैं सभी सफल बच्चों को ढेरों बधाईयां देता हूं।” उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि परीक्षा में सफल न होने वाले छात्रों को निराश होने की जरूरत नहीं है।

उन्होंने कहा, “सफलता और असफलता जीवन के दो पहलू हैं। कोई भी परिणाम जीवन का पहला और अंतिम नहीं होता। यह एक नए आरंभ का अवसर होता है। सोना तपकर ही कुंदन बनता है। बच्चे देश का भविष्य हैं। अगर परिणाम सकारात्मक नहीं रहा है, तो निराश न हों। अपनी रुचि के विषय को समझें और नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ें।”

इस बार की परीक्षा में, हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में छात्रों की सफलता का प्रतिशत महत्वपूर्ण रहा। मुख्यमंत्री ने सभी बच्चों को ‘चरैवेति-चरैवेति’ (निरंतर चलते रहना) का संदेश दिया और उन्हें कभी हार न मानने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष परीक्षा और नकल विहीन प्रक्रिया के माध्यम से छात्रों को एक सुरक्षित और न्यायपूर्ण माहौल प्रदान करना उनकी सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने छात्रों की सफलता में अभिभावकों और शिक्षकों की अहम भूमिका को भी सराहा। उन्होंने कहा कि उनका सहयोग और मार्गदर्शन छात्रों के लिए अनमोल है और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए उन्हें तैयार करता है।

यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 का परिणाम न केवल छात्रों की मेहनत का प्रमाण है, बल्कि उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में आए सकारात्मक बदलावों का भी एक संकेत है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संदेश छात्रों के लिए एक प्रेरणा स्रोत है, जो उन्हें भविष्य में और भी बेहतर करने के लिए प्रेरित करेगा।




ऋषभ सिंह ठाकुर क्षत्रिय करणी सेना छत्तीसगढ़ युवा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त, संगठन को मिलेगी नई ऊर्जा

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रायपुर, 26 अप्रैल 2026:


क्षत्रिय करणी सेना परिवार ने संगठन विस्तार और युवाओं की भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। संगठन द्वारा ऋषभ सिंह ठाकुर को छत्तीसगढ़ युवा प्रकोष्ठ का ‘युवा प्रदेश अध्यक्ष’ मनोनीत किया गया है।

यह महत्वपूर्ण नियुक्ति क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज सिंह शेखावत एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तथा छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष श्री विरेन्द्र सिंह तोमर की अनुशंसा और सहमति से की गई है।

संगठन द्वारा जारी आधिकारिक नियुक्ति पत्र (क्रमांक: KKSP/CG/26/0001) के अनुसार, ऋषभ सिंह ठाकुर का यह कार्यकाल 24 अप्रैल 2026 से 23 अप्रैल 2027 तक (एक वर्ष की अवधि के लिए) रहेगा।

नेतृत्व ने जताया पूर्ण विश्वास
नवनियुक्त युवा प्रदेश अध्यक्ष को बधाई देते हुए क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री विरेन्द्र सिंह तोमर ने अपना विश्वास व्यक्त किया।

“हमें पूर्ण विश्वास है कि ऋषभ सिंह ठाकुर अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, समर्पण और लगन के साथ करते हुए संगठन को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। आपके ऊर्जावान नेतृत्व में युवा प्रकोष्ठ और अधिक सशक्त होगा तथा संगठन को प्रदेश स्तर पर मजबूती एवं विस्तार मिलेगा।” – विरेन्द्र सिंह तोमर

संगठन का संकल्प और शुभकामनाएँ
नियुक्ति के अवसर पर क्षत्रिय करणी सेना परिवार ने माँ करणी से प्रार्थना करते हुए अपेक्षा जताई है कि ऋषभ सिंह ठाकुर पद की गरिमा व सम्मान बनाए रखेंगे। संगठन को पूरा भरोसा है कि वे परिवार द्वारा दी गई जिम्मेदारियों को बखूबी निभाएंगे और क्षत्रिय समाज व संगठन के उज्ज्वल भविष्य में अपना शत-प्रतिशत योगदान देंगे।

क्षत्रिय करणी सेना परिवार की ओर से ऋषभ सिंह ठाकुर को उनके सफल कार्यकाल और उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित की गई हैं।

कवर्धा में चना खरीदी के नाम पर ‘खेल’! किसान संघ ने किया औचक निरीक्षण,केन्द्रों में खुली अव्यवस्था की पोल

कवर्धा/26/04/2026 संवाददाता/पवन तिवारी की रिपोर्ट

कबीरधाम जिले में चना खरीदी को लेकर किसानों का सब्र का बांध अब टूटता नजर आ रहा है। भारतीय किसान संघ और समृद्ध छत्तीसगढ़ किसान संघ ने संयुक्त रूप से जिले के विभिन्न चना खरीदी केंद्रों—पोड़ी, खड़ौदा, सिल्हाटी, तरेगांव, महली, पडरिया, दशरगपुर, पिपरिया, मरका और झलमला का जमीनी निरीक्षण किया।

क्या है मामला?
निरीक्षण के दौरान किसानों की नाराजगी का बड़ा कारण सामने आया है—मेपिंग डेटा में नाम गायब होना!महली सोसाइटी में तो स्थिति और भी गंभीर दिखी, जहाँ बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज लेकर खड़े रहे, लेकिन सूची में नाम न होने के कारण उनकी खरीदी नहीं हो सकी।

शासन की कार्यप्रणाली पर किसान संघ की दो टूक:
मौके पर मौजूद किसान प्रतिनिधियों ने शासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि पंजीकृत किसानों का चना खरीदना सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है, जिसे पूरा करने में जानबूझकर देरी की जा रही है।

किसानों ने भारी हुंकार लगाते कहा कि”यदि समय रहते सूची में नाम नहीं जुड़े और खरीदी प्रक्रिया सुचारू नहीं हुई, तो जिले के किसान सड़कों पर उतरने और निर्णायक आंदोलन करने को मजबूर होंगे।”

संगठनों ने अधिकारियों को अल्टीमेटम
किसान संगठनों ने तत्काल प्रभाव से संबंधित अधिकारियों को व्यवस्था दुरुस्त करने और किसानों को हो रही असुविधा को खत्म करने के निर्देश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान “किसान शक्ति जागेगी, सारी समस्या भागेगी!” के नारों से खरीदी केंद्र गूंज उठे।

अब देखने वाली बात यह है कि क्या शासन-प्रशासन किसानों की इस चेतावनी को गंभीरता से लेता है या फिर अन्नदाता को एक बार फिर अपनी फसल के लिए संघर्ष करना पड़ेगा।

हॉर्मूज स्ट्रेट तनाव पर कूटनीति की विफलता और युद्ध का बढ़ता खतरा:

“मेरा जीवन मेरा दर्शन’

मिडिल ईस्ट तनाव/ जनचौपाल36-26/04/2026

ईरान और अमेरिका के बीच हालिया तनाव के उपक्रम में इस्लामाबाद में शांति की जो उम्मीद जगी थी, वह एक बार फिर औंधे मुंह गिर गई है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची का पाकिस्तान दौरा और उसके बाद वार्ता की मेज पर अमेरिकी प्रतिनिधित्व का न पहुंचना अंतरराष्ट्रीय कूटनीति की उस गहरी खाई को दर्शाता है, जहाँ ‘संवाद’ से अधिक ‘अहंकार’ का बोलबाला है। यह घटना केवल एक कूटनीतिक असफलता नहीं, बल्कि वैश्विक स्थिरता के लिए एक खतरनाक संकेत है।

वार्ता क्यों फेल हुई और इसके दूरगामी परिणाम?
कूटनीति का मूल मंत्र ‘प्रत्यक्ष संवाद’ (Direct Dialogue) है। लेकिन जब ईरान और अमेरिका जैसे देश सीधे बात करने के बजाय तीसरे पक्ष (जैसे पाकिस्तान) के माध्यम से अपनी शर्तें रखने की जिद करते हैं, तो गलतफहमियों की गुंजाइश बढ़ जाती है।

ईरान का यह कहना कि ‘अमेरिका थोपा हुआ युद्ध कर रहा है’, और अमेरिका का इस वार्ता प्रक्रिया से दूरी बनाना, यह स्पष्ट करता है कि दोनों पक्षों के पास अभी भी कोई ‘कॉमन ग्राउंड’ नहीं है। यदि यह गतिरोध जारी रहता है, तो होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) का बंद होना केवल एक आर्थिक संकट नहीं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए ‘अकाल’ जैसी स्थिति पैदा कर सकता है। संयुक्त राष्ट्र की चेतावनी कि इस जंग से 3 करोड़ लोग गरीबी की चपेट में आ सकते हैं, किसी भी संवेदनशील राष्ट्र को विचलित करने के लिए पर्याप्त है।

युद्ध के बाद शांति क्यों?
इतिहास गवाह है कि युद्ध की विभीषिका के बाद ही शांति का रास्ता खुलता है, लेकिन तब तक लाखों जानें जा चुकी होती हैं और अर्थव्यवस्थाएं राख हो चुकी होती हैं। सवाल यह है कि जब अंत में शांति ही एकमात्र विकल्प है, तो युद्ध के पहले उसे अपनाने में क्या बाधा है? अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में ‘अहं’ का कोई स्थान नहीं होना चाहिए। यदि दोनों देश बैठकर बात कर लें, तो हो सकता है कि कई वैश्विक समस्याओं का समाधान बातचीत से ही निकल जाए।

आगे की राह
शांति वार्ता का विफल होना यह बताता है कि अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं (जैसे संयुक्त राष्ट्र) अपनी प्रासंगिकता खो रही हैं। यदि महाशक्तियाँ अपने छोटे से क्षेत्रीय लाभ या वर्चस्व के लिए युद्ध को प्राथमिकता देंगी, तो मानवता केवल एक आंकड़ा बनकर रह जाएगी। कूटनीति में कमी का अर्थ है—संवेदनशीलता का अभाव। ईरान और अमेरिका को यह समझना होगा कि युद्ध से किसी की भी जीत नहीं होती, बल्कि केवल विनाश का स्तर तय होता है।

वर्तमान में, विश्व को ‘युद्धोन्माद’ नहीं, बल्कि ‘शांति वार्ता’ के एक ऐसे नए युग की आवश्यकता है जहाँ टेबल पर हथियारों की जगह तर्कों को रखा जाए। अन्यथा, इतिहास हमें एक ऐसे युग के रूप में याद रखेगा जहाँ हमने अपनी आँखों के सामने दुनिया को जलते हुए देखा और उसे बचाने के लिए सिर्फ ‘बातें’ कीं।

विशेष:शांति का रास्ता कठिन जरूर है, लेकिन असंभव नहीं। यह विकल्प ही एकमात्र रास्ता है जो मानवता को तबाही से बचा सकता है।”

पुतिन का ‘अमर’ होने का मिशन: रूस बना रहा है उम्र थामने वाली पहली जीन थेरेपी

डिजिटल डेस्क/राष्ट्रपति पुतिन – 26/04/2026

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन बढ़ती उम्र को मात देने और जीवनकाल को लंबा करने के लिए एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रहे हैं।

यह खोज संयोग नहीं, बल्कि पुतिन की निजी इच्छाओं से गहराई से जुड़ी है। 73 वर्षीय पुतिन सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि इंसान 150 साल तक जीवित रह सकता है। इस दिशा में रूसी सरकार ने एक राष्ट्रीय मिशन शुरू किया है, जिसका लक्ष्य स्वास्थ्य सुधारना और उम्र बढ़ने से संबंधित बीमारियों से लड़ना है।

हाल ही में, रूस के विज्ञान और शिक्षा मंत्री डेनिस सेकिरिंस्की ने दावा किया है कि रूसी वैज्ञानिक दुनिया की पहली ऐसी जीन थेरेपी दवा विकसित कर रहे हैं, जो बुढ़ापे की प्रक्रिया को रोकने में सक्षम हो सकती है। सरांस्क में आयोजित ‘लॉन्गेविटी मेडिसिन फोरम’ में उन्होंने बताया कि यह दवा विशेष रूप से ‘RAGE’ (रिसेप्टर फॉर एडवांस्ड ग्लाइकेशन एंडप्रोडक्ट्स) नामक जीन को ब्लॉक करने का काम करेगी।

वैज्ञानिकों का मानना है कि यही जीन कोशिकाओं में बुढ़ापे की प्रक्रिया शुरू करने के लिए जिम्मेदार है। यदि इस रिसेप्टर को रोक दिया जाए, तो कोशिकाएं लंबे समय तक युवा बनी रह सकती हैं।

न्यूज सोर्स द्वारा बताया जा रहा है कि पुतिन की बेटी मारिया वोरोन्त्सोवा, जो खुद एक एंडोक्रिनोलॉजिस्ट हैं, भी इस शोध में शामिल हैं। रूसी वैज्ञानिकों को पुतिन द्वारा उम्र बढ़ाने वाली तकनीकों, इम्यून सिस्टम को सुधारने और बायोप्रिंटिंग जैसी मेडिकल टेक्नोलॉजी पर तुरंत प्रपोजल जमा करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पुतिन का यह जुनून केवल वैज्ञानिक नहीं, बल्कि रणनीतिक भी है। आशंका जताई जा रही है कि वे दशकों तक सत्ता में बने रहना चाहते हैं ताकि भविष्य में वे बागडोर अपने बेटे इवान स्पिरोडोनोव को सौंप सकें। हालांकि, यूक्रेन युद्ध के बीच नागरिकों के जीवन को नजरअंदाज करने और पुतिन की इस व्यक्तिगत दीर्घायु की चाह के बीच विरोधाभास साफ दिखता है।

भले ही उनके एंटी-एजिंग गुरु प्रोफेसर व्लादिमीर खाविन्सन का निधन हो चुका हो, लेकिन पुतिन अपनी स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर हैं। फिलहाल, यह तकनीक अभी प्रयोगात्मक चरण में है और क्या यह वास्तव में उम्र को थामने में सफल होगी, यह समय ही बताएगा।


राहुल की नाबाद 152 रनों की विस्फोटक पारी ने आईपीएल के रिकॉर्ड तोड़े

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आईपीएल 2026/ 26 अप्रैल 2026

आईपीएल २०२६ के रोमांचक मैच में, दिल्ली कैपिटल्स के स्टार बल्लेबाज केएल राहुल ने पंजाब किंग्स के खिलाफ एक असाधारण पारी खेलते हुए क्रिकेट इतिहास में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज कर लिया। शनिवार को अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में राहुल ने महज 67 गेंदों में 152 रनों की नाबाद और विस्फोटक पारी खेली, जिसने प्रशंसकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और कई रिकॉर्डों को ध्वस्त कर दिया। उनकी इस धुआंधार बल्लेबाजी में 16 चौके और 9 छक्के शामिल थे, जिससे स्टेडियम में उत्साह का माहौल बन गया।

राहुल की 152 रनों की यह पारी आईपीएल इतिहास की सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारियों में शामिल हो गई है। वह अब इस प्रतिष्ठित सूची में तीसरे स्थान पर हैं, केवल क्रिस गेल (175) और ब्रेंडन मैकुलम (158) ही उनसे आगे हैं। इसके साथ ही, केएल राहुल आईपीएल की सबसे बड़ी पारी खेलने वाले भारतीय बल्लेबाजों में शीर्ष पर पहुंच गए हैं। हालांकि तिलक वर्मा ने घरेलू मैच में 150+ का स्कोर बनाया था, लेकिन आईपीएल में इस उपलब्धि को हासिल करने वाले राहुल पहले भारतीय खिलाड़ी हैं, जो टी20 क्रिकेट में 150+ स्कोर बनाने वाले दूसरे भारतीय बल्लेबाज भी बन गए हैं।

इस महत्वपूर्ण मुकाबले में राहुल ने नीतीश राणा के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 220 रनों की अविश्वसनीय साझेदारी की। यह आईपीएल इतिहास की दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी है, जो एबी डीविलियर्स और विराट कोहली की 229 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी के करीब है। इस शानदार प्रदर्शन ने न केवल दिल्ली कैपिटल्स को एक मजबूत स्कोर बनाने में मदद की, बल्कि राहुल की बल्लेबाजी कौशल और मैच को फिनिश करने की क्षमता को भी उजागर किया।

आईपीएल के सर्वकालिक सर्वाधिक रन बनाने वालों की सूची में केएल राहुल लगातार ऊपर बढ़ रहे हैं। वर्तमान में विराट कोहली 8989 रनों के साथ शीर्ष पर हैं, जबकि रोहित शर्मा (7183 रन) और शिखर धवन (6769 रन) भी आगे हैं।

मीडिया जानकारी पर राहुल के नाम अब 5500 से ज्यादा रन हो चुके हैं और उनका औसत 46.88 है, जो उन्हें लीग के सबसे भरोसेमंद और सुसंगत बल्लेबाजों में से एक बनाता है। केवल साई सुदर्शन का औसत 1000+ रन बनाने वाले बल्लेबाजों में उनसे बेहतर है।

राहुल का यह आईपीएल करियर का छठा शतक है, जिससे वह क्रिस गेल के बराबर पहुंच गए हैं। सर्वाधिक शतकों का रिकॉर्ड अभी भी विराट कोहली के नाम है, जिन्होंने 8 शतक लगाए हैं।

दिल्ली कैपिटल्स के लिए राहुल का यह दूसरा शतक है, जिससे वह शिखर धवन और डेविड वॉर्नर के साथ टीम के लिए सर्वाधिक शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। केएल राहुल की यह धमाकेदार पारी आईपीएल 2026 के सबसे यादगार क्षणों में से एक बन गई है और उनकी प्रतिभा और दृढ़ता को दर्शाती है।

अलनीनो का खतरा मंडराया: कमजोर मानसून से कृषि पर संकट, छत्तीसगढ़ भी अलर्ट पर

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डिजिटल डेस्क/रायपुर / नई दिल्ली | 26 अप्रैल 2026

प्रकृति ने इंसानों का पोषण किया है लेकिन आज इंसान प्रकृति का इतना दोहन कर चुका है की प्रकृति जलवायु के रूप में विभक्त तरीके से इंसानों को बीच अपना रौद्र रूप दिखाने आ रही है। हम बात कर रहे हैं अल-नीनो की। सरकार अगर पानी को लेकर के कड़े नियम और जागरूकता नहीं लाएगी तो यह धरती को सुखा होने से कोई नहीं रोक सकता।

इस साल मानसून से पहले ही खेती-किसानी पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2026 में मानसून की बारिश ‘सामान्य से कम’ रहने की प्रबल संभावना है। विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल कुल वर्षा दीर्घावधि औसत (LPA) का महज 92 प्रतिशत ही रह सकती है।

अलनीनो बना सबसे बड़ा खतरा
मानसून के कमजोर रहने की सबसे बड़ी वजह ‘अल नीनो’ को माना जा रहा है। प्रशांत महासागर में बनने वाली यह जलवायु स्थिति भारतीय मानसून को प्रभावित करती है। फिलहाल भूमध्य प्रशांत क्षेत्र में ला नीना की स्थिति समाप्त हो रही है और ENSO तटस्थ स्थिति की ओर बढ़ रहा है।

विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि वर्ष 2026 के मध्य तक अल नीनो के मजबूत होने की प्रबल संभावना है, जो वैश्विक मौसम पैटर्न को प्रभावित कर सकता है।

वैश्विक वित्तीय संस्था जेफरीज की रिपोर्ट के अनुसार इस बार अल नीनो के मजबूत होने की 60 प्रतिशत संभावना है। ऐतिहासिक आंकड़े बताते हैं कि जब भी अल नीनो मजबूत हुआ है, भारत में बारिश में 15 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई है।

महीनेवार की स्थिति में सितंबर सबसे खतरनाक
स्काईमेट ने मानसून के चारों महीनों के लिए अलग-अलग अनुमान जारी किए हैं — जून में LPA का 101%, जुलाई में 95%, अगस्त में 92% और सितंबर में केवल 89% बारिश होने का अनुमान है। यानी मानसून का अंतिम दौर किसानों के लिए सबसे कठिन रह सकता है।उत्तर व मध्य भारत के कृषि प्रधान राज्य ज्यादा प्रभावित होने की संभावना है।

कृषि पर मंडराया गहरा संकट
अगर बारिश का वितरण असंतुलित रहता है या समय पर बुवाई नहीं हो पाती तो इसका सीधा असर फसलों की पैदावार और खाद्य कीमतों पर पड़ सकता है। इस पूर्वानुमान का सीधा असर खरीफ फसलों पर पड़ सकता है, क्योंकि इनकी बुवाई और विकास काफी हद तक मानसून पर निर्भर करते हैं। कम बारिश की स्थिति में धान, मक्का, सोयाबीन जैसी फसलों की पैदावार प्रभावित हो सकती है।

खबरों पर तो विश्व बैंक ने भी कहा है कि कमजोर मानसून से भारत में कृषि की पैदावार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे महंगाई बढ़ने और विकास दर में कमी की चुनौती होगी।

छत्तीसगढ़ की स्थिति
हालांकि, छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति रहने की उम्मीद जताई गई है,लेकिन राज्य की बड़ी आबादी धान की खेती पर निर्भर होने के कारण प्रशासन को सतर्क रहने की जरूरत है। कम बारिश की स्थिति में सरकार की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है — समय पर बीज, उर्वरक और सिंचाई सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना आवश्यक होगा।

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि किसानों को इस बार सावधानी के साथ खेती की योजना बनानी चाहिए — कम पानी वाली फसलों का चयन और ड्रिप व स्प्रिंकलर जैसी आधुनिक सिंचाई तकनीकों का उपयोग करना जरूरी होगा।

जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन जैसी दीर्घकालिक योजनाओं पर तेजी से काम करने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों का सामना बेहतर तरीके से किया जा सके।




स्व-गणना में बढ़-चढ़कर भाग लें नागरिक: जिला प्रशासन की अपील

बेमेतरा, 25 अप्रैल 2026

जिला प्रशासन बेमेतरा ने नागरिकों से स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है, ताकि जनगणना कार्य को सफल, सटीक और पारदर्शी बनाया जा सके।

प्रशासन द्वारा बताया गया है कि स्व-गणना की सुविधा के माध्यम से नागरिक घर बैठे ऑनलाइन अपनी और अपने परिवार की जानकारी आसानी से दर्ज कर सकते हैं। इससे जनगणना प्रक्रिया में समयबद्धता और शुद्धता सुनिश्चित होगी।

इस संबंध में जिलेभर में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। ग्राम पंचायतों, नगरीय निकायों तथा विभिन्न विभागों के माध्यम से लोगों को स्व-गणना के महत्व से अवगत कराया जा रहा है। जनप्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, शिक्षकों और मैदानी अमले की सहायता से घर-घर तक संदेश पहुंचाया जा रहा है।

जिला प्रशासन ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे स्व-गणना करते समय सभी जानकारी सही और पूर्ण रूप से भरें, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके। किसी भी प्रकार की समस्या होने पर संबंधित विभागों से संपर्क कर मार्गदर्शन प्राप्त किया जा सकता है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि विकास योजनाओं की मजबूत नींव है। इसमें सभी नागरिकों की भागीदारी से ही जिले के समग्र और संतुलित विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।

जनहित के विकास कार्यों को गति: विधायक सुनील सोनी ने करोड़ों के कार्यों का किया भूमिपूजन

रायपुर, 25 अप्रैल

रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में जनहित के लिए विकास कार्य और बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए विकास कार्यों का सिलसिला लगातार जारी है। ने क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में करोड़ों रुपये की लागत से होने वाले विकास कार्यों का भूमिपूजन कर जनता को बड़ी सौगात दी।

विधायक सुनील सोनी ने रायपुर दक्षिण के विभिन्न वार्डों में करोड़ों रुपये के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। उन्होंने कहा कि ये कार्य जनहित और बेहतर सुविधाओं के लिए किए जा रहे हैं, जिससे क्षेत्र का समग्र विकास सुनिश्चित होगा।

विधायक सोनी ने बताया कि डॉ. विपिन बिहारी सूर वार्ड में 30 लाख रुपये तथा चंद्रशेखर आजाद वार्ड में 76.45 लाख रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्य शुरू किए जा रहे हैं। इसके साथ ही ब्राह्मणपारा वार्ड और मौलाना अब्दुल रऊफ वार्ड में 65 लाख रुपये से अधिक की लागत के कार्यों का भी भूमिपूजन किया गया।

उन्होंने कहा कि इन विकास कार्यों का उद्देश्य क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करना और आम नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है। लगातार हो रहे ये कार्य रायपुर दक्षिण को एक विकसित और सुविधायुक्त विधानसभा क्षेत्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

विधायक सोनी ने जनता के सहयोग और विश्वास के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि क्षेत्र के विकास में जनभागीदारी सबसे अहम है और इसी सहयोग से भविष्य में भी जनहित के कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।