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सपनों की उड़ान: बेमेतरा की प्रगति ने गणित की मुश्किल राहों को बनाया आसान, संघर्षों को मात देकर बनीं युवाओं की प्रेरणा

बेमेतरा -30/04/2026

कहते हैं कि यदि हौसले बुलंद हों और इरादे फौलादी, तो मंजिल खुद-ब-खुद कदम चूमती है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है पीएम श्री स्वामी आत्मानंद शासकीय शिवलाल राठी अंग्रेजी माध्यम विद्यालय की छात्रा प्रगति शर्मा ने। प्रगति ने 12वीं की बोर्ड परीक्षा में गणित संकाय लेकर अध्ययन पूरी की है। छात्रा ने शुरू से ही सभी कक्षाओं में हर बोर्ड वार्षिक परीक्षाओं में अव्वल रही और 12th (Maths Stream) में 90% अंक हासिल कर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे जिले का मान बढ़ाया है।

प्रगति की यह सफलता केवल अंकों की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस संघर्ष की जीत है ।

बहुमुखी प्रतिभा की धनी: केवल पढ़ाई नहीं, हर मैदान में अव्वल
नगर के सम्मानित नागरिक श्री प्रफुल्ल शर्मा की सुपुत्री प्रगति ‘विराट प्रतिभा’ की धनी हैं। उनकी उपलब्धियां केवल किताबों तक सीमित नहीं हैं:
शतरंज की माहिर खिलाड़ी: बुद्धिजीवियों के खेल शतरंज में प्रगति ‘शह और मात’ देने में निपुण हैं।
खेलकूद में सक्रिय: क्रिकेट, कबड्डी और फुटबॉल जैसे शारीरिक दमखम वाले खेलों में भी उन्होंने अपनी खेल भावना का परिचय दिया है।

सुरों की साधिका:संभाग स्तरीय संगीत गायन प्रतियोगिता (दुर्ग) में उन्होंने अपनी कला का प्रदर्शन किया, जहाँ राष्ट्रीय स्तर के दिग्गज संगीतकारों ने उनकी सराहना की।
नेतृत्व क्षमता:स्कूल में अध्ययनरत रहते हुए वे आत्मानंद स्कूल की अध्यक्ष के रूप में भी अपनी नेतृत्व क्षमता को साबित कर चुकी हैं।

सरकारी स्कूल के बच्चों ने रचा इतिहास
अक्सर माना जाता है कि निजी स्कूलों के बच्चे ही बेहतर प्रदर्शन करते हैं, लेकिन प्रगति जैसे छात्रों ने इस मिथक को तोड़ दिया है। प्रगति की सफलता यह साबित करती है कि यदि गुरु का सही मार्गदर्शन मिले, तो सरकारी स्कूल के बच्चे भी आसमान छू सकते हैं। उनकी यह उपलब्धि ग्रामीण क्षेत्र की उन बेटियों के लिए एक मशाल है, जो कठिन परिस्थितियों में भी कुछ कर गुजरने का जज्बा रखती हैं।

“मेरी सफलता का पूरा श्रेय मेरे शिक्षकों के कुशल मार्गदर्शन और मेरे माता-पिता के अटूट सहयोग को जाता है। उन्होंने हर मुश्किल घड़ी में मुझ पर भरोसा जताया।” > — प्रगति शर्मा

बधाइयों का तांता
प्रगति की इस शानदार उपलब्धि पर विद्यालय के प्राचार्य, समस्त शिक्षकगण और मित्रों ने उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि प्रगति ने अनुशासन और समर्पण का जो उदाहरण पेश किया है, वह अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा।

जनचौपाल 36 की बधाई:_प्रगति शर्मा आज उन हजारों युवाओं के लिए रोल मॉडल बनकर उभरी हैं, जो संसाधनों और गणित की जटिलताओं पर रोना रोते हैं। प्रगति ने सिद्ध कर दिया कि मेहनत और एकाग्रता से गणित जैसे कठिन विषय पर भी महारत हासिल की जा सकती है।

मेधावियों का गढ़ छत्तीसगढ़: मजदूरी करने वाले की बेटी बनी सेकंड टॉपर, CM ने दी बधाई

रायपुर/बेमेतरा -30 अप्रैल 2026

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) द्वारा आज घोषित 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणामों ने प्रदेश में खुशी की लहर दौड़ दी है। इस बार के नतीजों ने सिद्ध कर दिया है कि प्रतिभा किसी संसाधनों की मोहताज नहीं होती। जहाँ बलौदाबाजार के जिज्ञासु वर्मा ने प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया, वहीं बेमेतरा की ओमनी वर्मा ने अपनी संघर्षपूर्ण कहानी से सबका दिल जीत लिया।

मजदूर की बेटी की ‘गोल्डन’ सफलता
बेमेतरा के आत्मानंद स्कूल की छात्रा ओमनी वर्मा ने 12वीं की प्रावीण्य सूची में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। ओमनी के पिता एक राइस मिल में मजदूरी करते हैं।
कॉलेज की पूर्व अध्यक्ष नीतू कोठारी ने इस सफलता पर कहा,

“ओमनी को साइकिल तक चलानी नहीं आती, लेकिन उसने मेहनत के पंखों से सफलता की वह उड़ान भरी है जो मिसाल बन गई है। बेटियां अब स्वयं सिद्धा हैं।”

मुख्यमंत्री का संदेश: बेटियों के नाम रही सफलता
परिणामों की घोषणा स्वयं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की मौजूदगी में की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा:

“आज 10वीं और 12वीं का परीक्षा परिणाम जारी हुआ है, बहुत अच्छे नतीजे आए हैं। उच्च माध्यमिक में 83.04% और माध्यमिक में 77.15% नतीजे आए हैं। दोनों बोर्ड परीक्षा में हमारी बेटियों ने ज्यादा सफलता हासिल की हैं, सबको बहुत शुभकामनाएं।”

परीक्षा परिणाम: एक नजर में
इस वर्ष कुल 5.66 लाख परीक्षार्थियों ने अपना भाग्य आजमाया था।
12वीं का परिणाम:कुल 83.04% (छात्राएं: 86.4%, छात्र: 78.8%)
10वीं का परिणाम:कुल 77.15% (पिछले वर्ष से 5% की वृद्धि)
श्रेणी: 12वीं में 52.2% विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए।

सम्मान और पुरस्कार
राज्य सरकार ने घोषणा की है कि मेधावी छात्रों (टॉपर्स) को 1.5 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि ये युवा ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के निर्माण में अपनी अहम भूमिका निभाएंगे।

यहाँ देखें अपना परिणाम
विद्यार्थी अपना रिजल्ट बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइटों cgbse.nic.in और results.cg.nic.in पर देख सकते हैं। इसके साथ ही डिजिटल मार्कशीट DigiLocker (results.digilocker.gov.in) पर भी उपलब्ध करा दी गई है।

अवैध खनिज परिवहन पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, दो वाहन जब्त और 57 हजार का जुर्माना

बेमेतरा -29/04/2026

बेमेतरा। जिले में अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन पर लगाम कसने के लिए कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई के निर्देशन में खनिज विभाग ने सख्त अभियान छेड़ दिया है। इसी कड़ी में बीते 27 अप्रैल को बेमेतरा क्षेत्र में चलाए गए विशेष जांच अभियान के दौरान रेत का अवैध परिवहन करते हुए दो वाहनों को पकड़ा गया। जांच में पाया गया कि इन वाहनों के पास खनिज परिवहन से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज मौजूद नहीं थे, जिसके बाद मौके पर ही दोनों वाहनों को जब्त कर लिया गया।

प्रशासन ने इस मामले में कठोर रुख अपनाते हुए संबंधित वाहन संचालकों के विरुद्ध खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इस उल्लंघन के एवज में दोषियों से कुल 57,000 रुपये की अर्थदंड राशि वसूल की जाएगी।

कलेक्टर ने सख्त लहजे में स्पष्ट किया है कि प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और राजस्व की चोरी को रोकने के लिए जिले में यह निगरानी अभियान निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा न जाए और दोषियों के खिलाफ त्वरित एवं कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

अवैध शराब पर बेमेतरा आबकारी की बड़ी स्ट्राइक: 250 पाव मदिरा जब्त, आरोपी जेल

बेमेतरा | 29 अप्रैल, 2026

कलेक्टर श्रीमती प्रतिष्ठा ममगाई के सख्त निर्देश पर जिला आबकारी टीम ने अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ एक और सफल कार्रवाई की है। पौंसरी-बालसमुंद मार्ग पर घेराबंदी कर विभाग ने एक युवक को भारी मात्रा में देशी मदिरा के साथ गिरफ्तार किया है।

कार्रवाई का संक्षिप्त विवरण

आरोपी साहिद बंजारे (20 वर्ष), निवासी भालूपान से250 पाव देशी मसाला मदिरा (45 बल्क लीटर) जब्त किया गया।

कुल मशरूका: लगभग ₹80,000 (शराब एवं बिना नंबर की दोपहिया वाहन)।

मुखबिर की सूचना पर दबिश

जिला आबकारी अधिकारी डॉ. पलक नंद के मार्गदर्शन में टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई की। आरोपी बिना नंबर की बाइक पर शराब का अवैध परिवहन कर रहा था। पुलिस ने शराब को सीलबंद कर आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2), 34(1)(क) एवं 59(क) के तहत गैर-जमानती मामला दर्ज किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।

अपील: अवैध शराब की शिकायत के लिए आबकारी विभाग के दूरभाष नंबर 7803036415 पर सूचना दें।






वैश्विक तनाव की तपिश और भारत का खाद संकट(कीमत)

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नई दिल्ली | 29 अप्रैल, 2026

​वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में भू-राजनीतिक अस्थिरता ने एक बार फिर भारतीय अर्थव्यवस्था के सामने गंभीर चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। पश्चिम एशिया, विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में बढ़ते तनाव ने न केवल वैश्विक सप्लाई चेन को बाधित किया है, बल्कि भारत के कृषि क्षेत्र की जीवनरेखा यानी ‘खाद’ की कीमतों में भी आग लगा दी है।

​सब्सिडी का बढ़ता बोझ और राजकोषीय दबाव

​ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारत का खाद सब्सिडी बिल इस साल 20% तक बढ़ सकता है। बजट में जहां 1.71 लाख करोड़ रुपये का अनुमान था, वहीं अब इसके 1.86 लाख करोड़ रुपये के पार जाने की संभावना है। यूरिया, DAP और पोटाश की वैश्विक कीमतों में हुई लगभग दोगुनी बढ़ोतरी ने सरकार के खजाने पर भारी दबाव बना दिया है। चूंकि भारत अपनी यूरिया और DAP की जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाली हर हलचल का सीधा असर दिल्ली के गलियारों में महसूस किया जा रहा है।

​अन्नदाता को राहत, पर कब तक?

​राहत की बात यह है कि सरकार ने खाद के अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) को स्थिर रखने का निर्णय लिया है। यह कदम देश के करोड़ों किसानों के लिए एक बड़े संबल के समान है, क्योंकि खेती की लागत बढ़ने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था चरमरा सकती थी। सरकार इस बढ़ी हुई लागत का भार खुद वहन कर रही है, जो सराहनीय है।

​निष्कर्ष: आत्मनिर्भरता ही एकमात्र विकल्प

​हालांकि, यह स्थिति एक स्थायी चिंता की ओर भी इशारा करती है। भारत आज भी अपनी LNG जरूरतों का 50% और DAP की 30% आपूर्ति के लिए पश्चिम एशिया पर निर्भर है। शिपिंग रूट्स में व्यवधान होने से न केवल खाद बल्कि आम जनजीवन में महंगाई बढ़ने का खतरा भी मंडरा रहा है।

​”सरकार द्वारा सब्सिडी बढ़ाना एक सामयिक समाधान तो हो सकता है, लेकिन दीर्घकालिक सुरक्षा के लिए हमें वैकल्पिक उर्वरकों और घरेलू उत्पादन में आत्मनिर्भरता की गति को और तेज करना होगा।”

आने वाला खरीफ सीजन सरकार की प्रबंधन क्षमता की वास्तविक परीक्षा होगा। यह सुनिश्चित करना अनिवार्य है कि वैश्विक टेंडरों और बढ़ती लागत के बीच खाद की कमी खेतों तक न पहुंचे, ताकि देश की खाद्य सुरक्षा पर कोई आंच न आए।

डिजिटल युग में नई पहल: अब बनेगी “डिजिटल वसीयत”, मौत के बाद भी सुरक्षित रहेंगे आपके ऑनलाइन एसेट्स

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जनचौपाल 36 – 29/04/2026

डिजिटल दौर में जहां लोगों की जिंदगी का बड़ा हिस्सा ऑनलाइन हो चुका है, वहीं अब सरकार भी इस बदलाव के अनुरूप नई व्यवस्था लाने की तैयारी में है। जमीन, जायदाद और पैसों की तरह अब सोशल मीडिया अकाउंट, ईमेल और क्रिप्टो निवेश भी “संपत्ति” माने जा रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार “डिजिटल वसीयत” को लेकर गाइडलाइन्स तैयार कर रही है।

अक्सर देखा गया है कि किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद परिवार को उसके फेसबुक, इंस्टाग्राम, ईमेल या डिजिटल वॉलेट तक पहुंच पाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। प्राइवेसी कानूनों के चलते इन अकाउंट्स को सीधे परिवार को सौंपना आसान नहीं होता और कई बार कोर्ट का सहारा लेना पड़ता है। यही वजह है कि लंबे समय से डिजिटल एसेट्स के लिए स्पष्ट नियमों की मांग उठ रही थी।

नई प्रस्तावित व्यवस्था के तहत लोग अपने जीवनकाल में ही एक “डिजिटल वारिस” (Digital Heir) तय कर सकेंगे, जिसे उनकी मृत्यु के बाद इन अकाउंट्स और एसेट्स का अधिकार मिल सकेगा। इससे परिवार को बार-बार कानूनी प्रक्रियाओं से नहीं गुजरना पड़ेगा और ट्रांसफर प्रक्रिया आसान हो जाएगी।

आज के समय में डिजिटल एसेट्स सिर्फ यादों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कई लोग सोशल मीडिया, यूट्यूब, क्रिप्टो और ऑनलाइन बिजनेस से कमाई भी कर रहे हैं। ऐसे में इन एसेट्स की आर्थिक और भावनात्मक दोनों ही अहमियत बढ़ गई है।

विशेषज्ञों का मानना है किडिजिटल वसीयत लागू होने से लोगों में जागरूकता बढ़ेगी और वे समय रहते अपनी डिजिटल संपत्तियों को सुरक्षित तरीके से अपने परिवार के नाम कर सकेंगे। आने वाले समय में यह व्यवस्था आम जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकती है।

10 माह बाद मुख्य आरोपी सोनम को मिली जमानत:राजा रघुवंशी हत्याकांड

डिजिटल न्यूज़ डेस्क – 29 अप्रैल 2026

मेघालय की वादियों से शुरू हुई खौफनाक ‘हनीमून मर्डर मिस्ट्री’ में आज एक बड़ा कानूनी मोड़ आया है।विधिवत प्रक्रियाधीन शिलांग की अदालत ने मामले की मुख्य आरोपी और मृतक राजा रघुवंशी की पत्नी सोनम रघुवंशी को जमानत दे दी है। करीब 10 महीनों तक सलाखों के पीछे रहने के बाद अब सोनम जेल से बाहर आएगी।

घटना का संक्षिप्त विवरण
शादी और सफर: मई 2025 में राजा और सोनम की शादी हुई थी, जिसके बाद वे शिलांग घूमने गए।
लापता और बरामदगी: 23 मई को दोनों लापता हुए और 2 जून को राजा का शव 30 फीट गहरी खाई में मिला।
मानवी क्रूरता: पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, राजा की हत्या धारदार हथियार से की गई थी।

क्या कहती है पुलिस की थ्योरी?
पुलिस ने जांच के बाद दावा किया था कि यह हत्या एक सोची-समझी साजिश थी। आरोप है कि सोनम के किसी अन्य युवक (राज कुशवाहा) के साथ कथित संबंधों के चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया। इस केस में अब तक 8 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें से 4 (सोनम सहित) अब जमानत पर बाहर हैं।

सवाल जो अब भी बरकरार हैं
हालांकि अदालत ने जमानत दे दी है, लेकिन राजा के परिवार के लिए यह किसी सदमे से कम नहीं है। कानूनी जानकारों का कहना है कि:
जमानत का मतलब निर्दोष होना नहीं है।केस की सुनवाई जारी रहेगी और पुलिस को अब और भी पुख्ता सबूत पेश करने होंगे।क्या सोनम की रिहाई से गवाहों या सबूतों पर कोई प्रभाव पड़ेगा? यह भी एक बड़ा सवाल है।




मतदाता कतार में; चुनावी शोर में दबी बंगाल की ‘चीख’, क्या वोट से बुझेगी प्यास?

विशेष डिजिटल रिपोर्ट -29 अप्रैल 2026

बंगाल में आज दूसरे चरण का मतदान है। टीवी स्क्रीन पर नेताओं के भाषण और जीत-हार के आंकड़े तैर रहे हैं, लेकिन बूथों पर लगी उन कतारों की कहानी कुछ अलग है। लोग भरी दुपहरी में 43°C के टॉर्चर के बीच खड़े तो हैं, पर उनके मन में उमड़ रहे सवाल किसी मेनिफेस्टो में नजर नहीं आते।

जल संकट: नल तो हैं, पर जल कहाँ?
बंगाल के कई जिलों, खासकर उत्तर और दक्षिण 24 परगना के तटीय इलाकों में पीने के पानी का संकट विकराल है। सुंदरबन जैसे क्षेत्रों में खारा पानी जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। लोग वोट देने इसलिए मजबूर हैं कि शायद इस बार ‘हर घर जल’ का वादा सिर्फ कागजों से निकलकर उनके मटके तक पहुँच जाए।

पलायन और बेरोजगारी
बर्धमान और नदिया जैसे जिलों से युवा भारी संख्या में पलायन कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्ट बताती है कि बंगाल का पढ़ा-लिखा युवा आज दूसरे राज्यों में मजदूरी करने को मजबूर है। चुनाव में ‘उद्योग’ और ‘आईटी’ की बातें तो होती हैं, लेकिन बंद पड़ी फैक्ट्रियां आज भी रोजगार के इंतजार में खंडहर बन रही हैं।

सुंदरबन की ‘नमक’ भरी जिंदगी
जलवायु परिवर्तन और बार-बार आने वाले चक्रवातों (Cyclones) ने यहां की खेती तबाह कर दी है। जलस्तर बढ़ने से जमीन नमकीन हो रही है। यहाँ के लोग वोट देने जाते हैं ताकि बांध (Embankments) मजबूत बन सकें, लेकिन हर साल पानी उनकी मेहनत बहा ले जाता है।

स्वास्थ्य और शिक्षा की बुनियादी स्थिति
ग्रामीण इलाकों में आज भी अच्छे अस्पतालों की कमी है। कोलकाता के बाहर निकलते ही स्वास्थ्य सुविधाएँ दम तोड़ने लगती हैं। भ्रष्टाचार और नियुक्तियों में धांधली जैसे मुद्दों ने युवाओं के भरोसे को तोड़ा है, फिर भी लोकतंत्र को बचाने के लिए वे लाइन में खड़े हैं।

ज्योतिपति-ज्वाला का डिजिटल प्रहार:
ज्वाला:”साहब, ये जो लंबी लाइनें दिख रही हैं न, ये सिर्फ लोकतंत्र का उत्साह नहीं है। ये उन लोगों की मजबूरी है जिन्होंने पिछले पांच साल प्यास और अभाव में काटे हैं। वे इस उम्मीद में उंगली पर स्याही लगवा रहे हैं कि शायद अगली गर्मी में उन्हें पानी के टैंकर का इंतजार न करना पड़े।”

ज्योतिपति: “बिल्कुल ज्वाला! डिजिटल रिपोर्टिंग का यही फर्ज है कि हम केवल ये न बताएं कि किसने किसको ‘शिकस्त’ दी, बल्कि ये बताएं कि आम जनता किन समस्याओं से ‘पस्त’ है। बंगाल में आज मुद्दा केवल ‘चेहरा’ नहीं, बल्कि ‘चूल्हा’ और ‘निकास’ भी है।”


वाराणसी से मोदी का नारी शक्ति को संदेश: “महिलाओं का आरक्षण हमारा संकल्प, विकास में उनकी भूमिका सबसे अहम”

महिला महासम्मेलन में पीएम ने किया संबोधन, अमृत भारत ट्रेनों को हरी झंडी, काशी-अयोध्या कनेक्टिविटी पर जोर।

वाराणसी – 28 अप्रैल 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी में आयोजित भव्य महिला महासम्मेलन को संबोधित करते हुए नारी शक्ति को देश के विकास की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है और सरकार उनके अधिकारों व सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए पीएम ने कहा, “मेरी माताएं, बहनें और बेटियां, आप सबको नमस्कार… काशी मां गंगा और देवी शक्तियों की भूमि है, और आप सभी का यह समागम इसे और दिव्य बना रहा है।”

महिलाओं के आरक्षण पर दोहराया संकल्प
प्रधानमंत्री ने महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि यह उनका संकल्प है और इसके लिए लगातार प्रयास जारी रहेंगे। उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ दलों के कारण संसद में यह पहल आगे नहीं बढ़ पाई, लेकिन महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

“नारी शक्ति ही विकसित भारत की नींव”
पीएम मोदी ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का जो मिशन चल रहा है, उसकी सबसे मजबूत कड़ी देश की महिलाएं हैं। उन्होंने इसे एक “महा यज्ञ” बताते हुए काशी की जनता से आशीर्वाद मांगा।
उन्होंने कहा कि पहले बेटियों को कई तरह के सवालों और सामाजिक बंधनों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब परिस्थितियां बदल रही हैं और महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं।

काशी और अयोध्या कनेक्टिविटी पर जोर
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने कई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया और दो अमृत भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई। इन ट्रेनों के जरिए उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

उन्होंने कहा कि इससे मुंबई, पुणे सहित महाराष्ट्र के लोगों को और पहुंचने का आधुनिक और सुविधाजनक विकल्प मिलेगा।

हजारों करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण
प्रधानमंत्री ने वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों के लिए हजारों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में बुनियादी ढांचे, परिवहन और कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया है।

महिला सशक्तिकरण पर फोकस
मोदी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाना है, चाहे वह शिक्षा हो, रोजगार हो या राजनीति। उन्होंने महिलाओं से देश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।


सही दवा, शुद्ध आहार: बेमेतरा में 15 दिवसीय विशेष अभियान शुरू, स्ट्रीट फूड से मेडिकल स्टोर्स तक सख्त निगरानी

27 अप्रैल से 11 मई तक चलेगा अभियान, 18 ठेले, 14 जूस-गन्ना दुकानों और 11 कॉस्मेटिक/दवा विक्रेताओं की जांच।

बेमेतरा, 28 अप्रैल 2026(सौरभ पाण्डेय)

जिले में आमजन को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री व दवाइयां उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं के निर्देश एवं लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के मार्गदर्शन में 15 दिवसीय विशेष अभियान “सही दवा, शुद्ध आहार, यही छत्तीसगढ़ का आधार” अभियान 27 अप्रैल से 11 मई 2026 तक संचालित होगा। अभियान

अभियान तहत शहर में खाद्य सुरक्षा और दवा गुणवत्ता को लेकर सख्ती पर पहले दो दिनों में ही विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

स्ट्रीट फूड विक्रेताओं पर सख्ती
पहले दिन खाद्य प्रकोष्ठ की टीम ने शहर के प्रमुख बाजार, बस स्टैंड और स्कूल-कॉलेज क्षेत्रों में संचालित 18 स्ट्रीट फूड ठेलों की जांच की।विक्रेताओं को खाद्य सामग्री ढंककर रखने, दस्ताने पहनने, स्वच्छ पानी का उपयोग करने और बासी खाद्य पदार्थों के उपयोग से बचने के साथ ही सभी विक्रेताओं को खाद्य लाइसेंस/पंजीयन अनिवार्य रूप से लेने के लिए कहा गया।

जूस और गन्ना रस दुकानों की जांच

दूसरे दिन 5 जूस सेंटर और 9 गन्ना रस दुकानों का निरीक्षण से कई स्थानों पर मशीनों की सफाई में लापरवाही मिलने पर विक्रेताओं को कड़ी चेतावनी दी गई।

उन्हें स्वच्छ पेयजल, खाद्य ग्रेड बर्फ के उपयोग, दैनिक सफाई और खुले में कटे फल न बेचने के निर्देश, 6 अपंजीकृत विक्रेताओं को तत्काल पंजीयन कराने के निर्देश दिए गए।

कॉस्मेटिक व दवा दुकानों में भी जांच

औषधि प्रकोष्ठ की टीम ने 11 कॉस्मेटिक एवं दवा विक्रेताओं का निरीक्षण किया। शुभम मार्ट, पंजाब ट्रेडर्स और मेमन मार्ट सहित विभिन्न दुकानों में उत्पादों की गुणवत्ता, लेबलिंग, एक्सपायरी तिथि और लाइसेंस दस्तावेजों की जांच के साथ

विक्रेताओं को एक्सपायरी उत्पाद हटाने और मानक अनुरूप सामग्री ही बेचने के निर्देश दिए गए।

उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आने वाले दिनों में होटल, रेस्टोरेंट, डेयरी, पैकेज्ड फूड, फल-सब्जी विक्रेताओं और मेडिकल स्टोर्स की भी जांच की जाएगी।

जनता से सहयोग की अपील
जिला प्रशासन ने नागरिकों और व्यापारियों से अपील की है कि वे स्वच्छता और गुणवत्ता मानकों का पालन करें और इस अभियान में सहयोग दें, ताकि जिले में सुरक्षित खाद्य एवं औषधि व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।