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पंचायत उपचुनाव में लाउडस्पीकर पर सख्ती, रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक रहेगा प्रतिबंध

बेमेतरा 12 मई 2026

पंचायत उपचुनाव को लेकर बेमेतरा में त्रिस्तरीय पंचायत उप निर्वाचन 2026 पर जिला प्रशासन ने ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रचार के दौरान रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर और अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।

कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी प्रतिष्ठा ममगाई द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि पंचायत उपचुनाव की घोषणा के साथ ही संबंधित क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो चुकी है। चुनाव प्रचार के दौरान तेज आवाज में लाउडस्पीकरों के इस्तेमाल से ध्वनि प्रदूषण बढ़ता है और आम लोगों की शांति प्रभावित होती है। प्रशासन के मुताबिक इसका असर विद्यार्थियों की पढ़ाई, बुजुर्गों और बीमार लोगों पर भी पड़ता है।

जारी निर्देशों के अनुसार सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक ही चुनावी सभाओं और प्रचार वाहनों में ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग किया जा सकेगा। प्रशासन ने यह भी कहा है कि माइक और लाउडस्पीकर मध्यम आवाज में ही चलाए जाएंगे। लंबे चोंगे वाले हार्न माइक पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है, जबकि चुनावी वाहनों और सभाओं में एक से अधिक माइक समूह लगाने की अनुमति नहीं होगी।

जिला प्रशासन ने चुनाव प्रचार में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग के लिए संबंधित एसडीएम या तहसील कार्यालय से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य किया है। प्रशासन ने राजनीतिक दलों, प्रत्याशियों और आम नागरिकों से निर्वाचन प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।

अवैध रेत ढुलाई और मुरुम उत्खनन पर प्रशासन की कार्रवाई, 3 वाहन जप्त

बेमेतरा 12/05/2026

अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन के खिलाफ बेमेतरा जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई के निर्देश पर खनिज विभाग की टीम ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जांच अभियान चलाकर रेत से भरे दो वाहन और अवैध मुरुम उत्खनन में लगी एक जेसीबी मशीन जप्त की है।

जानकारी के अनुसार 9 मई से 11 मई 2026 के बीच खनिज शाखा द्वारा ग्राम कड़रका और चन्दनू क्षेत्र में निरीक्षण किया गया। इस दौरान अवैध रूप से रेत परिवहन करते पाए जाने पर दो वाहनों को जब्त किया गया। वहीं ग्राम बिरनपुर में बिना अनुमति मुरुम उत्खनन करते पाए जाने पर एक जेसीबी पर कार्रवाई की गई।

खनिज विभाग ने तीनों वाहनों के खिलाफ खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। अवैध रेत परिवहन के मामलों में करीब 57 हजार रुपये के अर्थदंड की कार्रवाई की जा रही है, जबकि अवैध मुरुम उत्खनन से जुड़े मामले में आगे की वैधानिक प्रक्रिया जारी है।

जिला प्रशासन ने कहा है कि अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन करने वालों के खिलाफ आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।



100 ज़िलों में डीएपी के अत्यधिक इस्तेमाल पर केंद्र की नजर, छत्तीसगढ़ से एकमात्र बेमेतरा शामिल

बेमेतरा – 12/05/2026

देश भर के 100 जिलों में 6डी.ए.पी. के अत्यधिक उपयोग करने वालों में बेमेतरा शामिल, किसानों को जैविक एवं संतुलित खेती के लिए किया जा रहा प्रेरित।केंद्र द्वारा विशेष अभियान शुरू किया गया है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने देश के उन 100 जिलों की सूची जारी की है जिसमें बेमेतरा जिले ने वर्ष 2025 में 27 हजार 381 मीट्रिक टन डीएपी की खपत की है, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा रही।

इसी स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने जिले में 31 मई से 27 जून 2026 तक “संतुलित उर्वरक उपयोग विशेष जागरूकता अभियान” शुरू किया है। अभियान के तहत कृषि विज्ञान केंद्र और कृषि विभाग द्वारा गांव-गांव में प्रशिक्षण, कृषक संगोष्ठी और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि किसानों को रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग और जैविक विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

मिट्टी परीक्षण रिपोर्ट के अनुसार जिले की कृषि भूमि में फास्फोरस और पोटाश की मात्रा मध्यम से अधिक है, जबकि नत्रजन और जैविक कार्बन की मात्रा कम पाई गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि डीएपी के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है, इसलिए अब वैज्ञानिक खेती पर जोर दिया जा रहा है।

इसी कड़ी में विकासखंड बेमेतरा के ग्राम पंचायत लालपुर में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कृषि तकनीक अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान (अटारी) जबलपुर से पहुंचे वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रजनीश श्रीवास्तव ने किसानों को फसलों के लिए आवश्यक पोषक तत्वों और उनकी कमी के लक्षणों की जानकारी दी। उन्होंने बीजामृत, जीवामृत, हरी खाद और जैव उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देने की बात कही।

कृषि विज्ञान केंद्र बेमेतरा के वरिष्ठ वैज्ञानिक तोषण कुमार ठाकुर ने किसानों को डीएपी और यूरिया के विकल्प के रूप में अन्य उर्वरकों की जानकारी दी। उन्होंने नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग को भी प्रभावी बताया। वहीं वैज्ञानिक डॉ. श्रावणी सान्याल ने असंतुलित उर्वरक उपयोग से मिट्टी और पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे में किसानों को जागरूक किया।

कार्यक्रम में प्राकृतिक खेती, जैविक खेती और टिकाऊ कृषि पद्धति पर भी चर्चा की गई। अंत में किसान-वैज्ञानिक परिचर्चा के दौरान किसानों की समस्याओं और तकनीकी सवालों का समाधान वैज्ञानिक डॉ. रजनी डी. अगाशे,वैज्ञानिक डोमन सिंह टेकाम,वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी वी.के. टंडन द्वारा बताई गई।
कार्यक्रम में कृषि विभाग के अधिकारी, वैज्ञानिक और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

राष्ट्रहित का ‘मोदी मंत्र’: सोने का मोह और ईंधन का धुँआ… कहीं हम अपना भविष्य तो नहीं जला रहे?

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डिजिटल डेस्क 12/05/2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन केवल आज की राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि वह तीन दशकों के अनुभव और ‘राम मंदिर निर्माण’ जैसे अकल्पनीय कार्यों की दूरदर्शिता से उपजा है।

हाल के संदर्भों में उनके द्वारा दी गई सलाह—”डीजल-पेट्रोल का सीमित उपयोग और सोने के प्रति अनावश्यक मोह का त्याग”—महज एक अपील नहीं, बल्कि आर्थिक स्वतंत्रता का एक ब्लूप्रिंट है।

विदेशी मुद्रा भंडार की सुरक्षा: सैर-सपाटा या संकट?
आजकल थाईलैंड, बैंकॉक और सिंगापुर जाना एक स्टेटस सिंबल बन गया है। प्रधानमंत्री का संकेत स्पष्ट है: जब हम बेवजह विदेश यात्राओं पर डॉलर खर्च करते हैं, तो देश का विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserve) कम होता है।

अंतरराष्ट्रीय व्यापार और आपातकाल के लिए यह भंडार रीढ़ की हड्डी है। अनावश्यक “सैर-सपाटा” देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव डालता है। हमें केवल अति-आवश्यक कार्यों के लिए ही वाहनों का प्रयोग करना चाहिए ताकि ट्रैफिक और प्रदूषण के साथ-साथ ईंधन आयात का खर्च भी कम हो सके।

जन चौपाल-36 विचार
सोना: आभूषण नहीं, देश की ढाल
“भारत में सोने के प्रति दीवानगी जगजाहिर है, लेकिन पीएम का मानना है कि सोना देश का आपातकालीन सुरक्षित भंडार है। क्या देश की संकट कालीन पूंजी को गहनों की तरह पहनकर चलना उचित है?”

प्रदर्शन बनाम सुरक्षा:
25-25 तोला सोना पहनकर ‘गोल्डमैन’ बनना रईसी नहीं, बल्कि संसाधनों का दुरुपयोग है।
सीमित संसाधन:
सोना एक प्राकृतिक और सीमित संसाधन है। अंधाधुंध उपभोग भविष्य के भंडार को रिक्त कर देगा।

आध्यात्मिक संकेत;
याद रखिए, जिसकी लंका जली थी वह सोने की थी। सीता भी मोहित हुई थी स्वर्णमृग में,कलयुग का वास भी स्वर्ण में माना गया है। हमारे आदर्श ‘वल्कल धारी’ राम और ‘ब्रह्मचारी’ हनुमान हैं, जो सादगी का प्रतीक हैं।

जीवन जीने का नजरिया: ढोना नहीं, जीना सीखें
प्रधानमंत्री के शब्दों का सार यह है कि हम सोने और संसाधनों को बटोरने में ही जिंदगी न गुजार दें। दुनिया के अन्य देशों में लोग जीवन का आनंद लेते हैं, जबकि हम उसे ‘ढोते’ हैं। आज सुलभ लोन के कारण हर हाथ में वाहन है, जिससे सड़कें छोटी पड़ रही हैं और पुलिस व्यवस्था पर बोझ बढ़ रहा है।

जनचौपाल 36/निष्कर्ष
प्रधानमंत्री एक ‘चमत्कार’ की भांति देश को सही दिशा दिखा रहे हैं। एक आम नागरिक के तौर पर हमारा कर्तव्य है कि हम दिखावे की संस्कृति को छोड़कर, देश की आर्थिक सुरक्षा और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में भागीदार बनें। चमत्कार को नमस्कार तभी सार्थक है, जब हम उनके बताए मार्ग पर चलें।

पुरुषों के वर्चस्व वाले क्षेत्र में महिलाएं जमाएंगी पैर, बनीं इलेक्ट्रिशियन

रायपुर, 11 मई 2026

छत्तीसगढ़ की महिलाएं आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अपना कदम बढ़ा चुकी हैं,किसी भी काम में आगे आकर अपना हुनर दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ती ।महिलाएं अब बिजली के तारों से खेलेंगी और घर-घर रोशनी बांटेंगी। पुरुषों के वर्चस्व वाले एक और क्षेत्र में दस्तक देते हुए छत्तीसगढ़ की 20 ग्रामीण महिलाओं ने इलेक्ट्रिशियन का प्रशिक्षण पूरा कर लिया है। बिलासपुर के कोनी स्थित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान आर-सेटी में इन महिलाओं को वायरिंग, स्विच बोर्ड सुधार और घरेलू विद्युत उपकरणों की मरम्मत का गुर सिखाया गया।

अब तक सिलाई-कढ़ाई तक सीमित मानी जाने वाली ग्रामीण महिलाएं अब उस क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं, जिसे वर्षों से पुरुष प्रधान माना जाता रहा है। ‘बिहान’ योजना से जुड़ी ये 20 महिलाएं आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। आर-सेटी में इस साल पहली बार महिलाओं के लिए इलेक्ट्रिशियन का बैच शुरू किया गया, जिसका मकसद उन्हें तकनीकी रूप से सक्षम बनाकर रोजगार के नए दरवाजे खोलना है।

रतनपुर की बिहान दीदी आबिदा बताती हैं, “पहले लगता था बिजली का काम सिर्फ पुरुष कर सकते हैं। प्रशिक्षण ने सोच बदल दी।” कुशल प्रशिक्षकों ने वायरिंग, स्विच बोर्ड सुधार, सुरक्षा उपाय और तकनीकी जानकारी सरल तरीके से सिखाई। आबिदा अब आत्मविश्वास से कहती हैं कि वे घर के बिजली संबंधी काम खुद कर लेंगी और इसी कौशल से आय भी बढ़ाएंगी। अब छोटी खराबी के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

मस्तूरी के डोमगांव की तिगमती डहरिया पहले से एक निजी कंपनी में इलेक्ट्रिशियन थीं। प्रशिक्षण के बाद उनका तकनीकी ज्ञान और आत्मविश्वास दोनों बढ़ा है। जोखिम पर पूछे जाने पर वे कहती हैं, “सावधानी, सही तकनीक और सुरक्षा नियमों से यह काम महिलाओं के लिए भी पूरी तरह सुरक्षित है।”

प्रशिक्षित विमला का मानना है कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं, बस अवसर और सही प्रशिक्षण चाहिए। प्रशिक्षण के दौरान रहने-खाने की बेहतर व्यवस्था के साथ व्यवहारिक जानकारी भी दी गई। आत्मविश्वास, अनुशासन और स्वरोजगार का मार्गदर्शन मिला।

केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय और एसबीआई के सहयोग से आर-सेटी में निःशुल्क प्रशिक्षण चलाए जा रहे हैं। अब तक सिलाई, ब्यूटी-पार्लर, कम्प्यूटर जैसे कोर्स चलते थे, लेकिन इस साल इलेक्ट्रिशियन प्रशिक्षण ने ग्रामीण क्षेत्रों में नई सोच की शुरुआत की है। यह पहल सिर्फ हुनर नहीं, बल्कि समाज में महिलाओं की भागीदारी और सम्मान बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम है।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की सनातन संस्कृति को मिला नया गौरव : मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर, 11 मई 2026

सीएम विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के महादेव घाट स्थित हाटकेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आयोजित “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने जनप्रतिनिधियों एवं श्रद्धालुओं के साथ गुजरात स्थित सोमनाथ मंदिर से वर्चुअली जुड़े प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई पूजा-अर्चना का अवलोकन कर उनका संबोधन सुना।

प्रधानमंत्री ने सोमनाथ मंदिर के स्वर्णिम इतिहास, विदेशी आक्रांताओं द्वारा किए गए हमलों, मंदिर की पुनर्निर्माण यात्रा तथा आस्था केंद्रों के संरक्षण एवं संवर्धन के संकल्प पर बात साझा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों को “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि 75 वर्ष पूर्व आज ही के दिन सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण पूर्ण हुआ था और इसी ऐतिहासिक अवसर को देशभर में स्वाभिमान पर्व के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर पर अनेक बार बाहरी आक्रांताओं ने हमले किए, लेकिन मंदिर की आस्था और परंपरा को समाप्त नहीं किया जा सका। पहले आक्रमण में पुजारियों और श्रद्धालुओं ने मंदिर नहीं छोड़ा तथा प्राणों का बलिदान दिया।

श्री साय ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद सरदार वल्लभ भाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया था। प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने तमाम विरोधों के बावजूद पुनर्निर्मित मंदिर के लोकार्पण में भाग लिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं को नया गौरव मिला है। काशी विश्वनाथ, महाकाल से लेकर सोमनाथ मंदिर तक व्यापक विकास कार्य हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार भी धार्मिक स्थलों के विकास के लिए कार्य कर रही है। शक्तिपीठ योजना से देवी मंदिरों का विकास हो रहा है। भोरमदेव महादेव मंदिर को स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत 148 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की जन्मभूमि और भगवान श्रीराम का ननिहाल है। श्री रामलला दर्शन योजना से अब तक 40 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या दर्शन कर चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने अंत में भाईचारे, सामाजिक समरसता और राष्ट्र की एकता को मजबूत बनाए रखने का आह्वान किया। कार्यक्रम में वन मंत्री श्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

भाजपा की असम में सरकार बनाने की तैयारी, NDA ने राज्यपाल को सौंपा दावा

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डिजिटल डेस्क रायपुर/गुवाहाटी 11 मई 2026

असम विधानसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ से भी बड़े नेता और मंत्री चुनाव प्रचार में गए थे उनकी मेहनत रंग लाई और भाजपा ने पूर्ण बहुमत से ज्यादा सीटें हासिल किया। अब इंतजार है कि वहां का सीएम का शपथ ग्रहण कब होगा।जानकारी अनुसार
हिमंत बिस्वा सरमा को विधायक दल का नेता चुना जा चुका है।

असम में नई सरकार के गठन की कवायद तेज हो गई है। रविवार को NDA के वरिष्ठ नेताओं ने राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया।

प्रतिनिधिमंडल ने राजभवन में राज्यपाल को समर्थन पत्र सौंपे और हिमंत बिस्वा सरमा को विधायक दल का नेता चुने जाने की जानकारी दी। NDA नेताओं का कहना है कि उनके पास सदन में स्पष्ट बहुमत है और जनता ने विकास के नाम पर जनादेश दिया है।

राजभवन सूत्रों के अनुसार, राज्यपाल सभी दस्तावेजों की संवैधानिक जांच के बाद शपथ ग्रहण की तारीख तय करेंगे।

बता दें कि हिमंत बिस्वा सरमा असम के मौजूदा मुख्यमंत्री हैं और भाजपा के प्रमुख रणनीतिकारों में गिने जाते हैं। चुनाव नतीजों के बाद से ही उनके दोबारा CM बनने की चर्चा थी, जिस पर अब NDA ने औपचारिक मुहर लगा दी है।

खबर सार:-असम विधानसभा चुनाव के नतीजे हाल ही में आए हैं। NDA ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया था, जिसके बाद विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से हिमंत बिस्वा सरमा को नेता चुना गया।

अगला अपडेट: शपथ ग्रहण समारोह की तारीख का ऐलान जल्द होगा।

“बस्तर आइडल 2026”: बेमेतरा की 10 साल की अरुणिमा शर्मा ने जूनियर कैटेगरी में जीता दूसरा स्थान!

बेमेतरा/छत्तीसगढ़ 11/05/2026

राग द म्यूजिकल ग्रुप, जगदलपुर द्वारा आयोजित “बस्तर आइडल 2026” का ग्रैंड फिनाले 9 मई को निर्मल विद्यालय प्रांगण में धूमधाम से संपन्न हुआ।

छत्तीसगढ़ के रायपुर, दुर्ग, बस्तर संभाग और ओडिशा के सैकड़ों प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

जूनियर कैटेगरी में बेमेतरा की नन्हीं गायिका अरुणिमा शर्मा ने “पिया तोसे नैना लागे रे” गाकर द्वितीय रनर अप का खिताब जीता। उन्हें ₹11,000 नकद, ट्रॉफी, प्रशस्ति पत्र और गिफ्ट वाउचर से सम्मानित किया गया।

प्रतिभावानअरुणिमा शर्मा ने अपनी बेमिसाल गायकी और आत्मविश्वास से न केवल जजेस बल्कि हजारों दर्शकों का दिल जीता। उनकी इस उपलब्धि पर बेमेतरा,रायपुर सहित पूरे बस्तर संभाग में हर्ष का माहौल है।

निर्णायक मंडल में लोकगायक सुनील सोनी गायिका प्रज्ञा त्रिवेदी और संगीतकार अतीक रहमान शामिल थे। मुख्य अतिथि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव और जगदलपुर महापौर संजय पांडेय ने पुरस्कार वितरित किए।

राग द म्यूजिकल ग्रुप के संचालकों/आयोजकों का कहना है कि यह प्रतियोगिता छत्तीसगढ़ की छुपी प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच देगी। अरुणिमा की जीत पर बेमेतरा से बस्तर तक खुशी की लहर दौड़ गई।

*🏆 बेमेतरा का परचम लहराया बस्तर आइडल में! 🏆*

किसानों के साथ अत्याचार कर रही है भाजपा सरकार : आशीष छाबड़ा

बेमेतरा 10/05/2026

जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष एवं बेमेतरा के पूर्व विधायक ने राज्य की भाजपा सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि किसान विरोधी भाजपा सरकार अब छत्तीसगढ़ के किसानों के साथ अत्याचार करने पर तुल गई है।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा पूर्व में सुनियोजित तरीके से धान खरीदी प्रभावित करने के लिए तरह-तरह के रोडे अटकाए गए। इसके बावजूद जब बात नहीं बनी तो अब सरकार ऐसी व्यवस्था लागू कर रही है जिससे किसानों का उत्पादन ही प्रभावित हो जाए।

उन्होंने सहकारी समितियों के माध्यम से कृषकों को प्रति एकड़ एक बोरी यूरिया प्रदान करने, उर्वरक विक्रय हेतु पीओएस मशीन की अनिवार्यता लागू करने तथा किसानों द्वारा एक माह में प्राप्त की जाने वाली अधिकतम मात्रा निर्धारित किए जाने के फैसले को किसानों पर कुठाराघात बताया।

आशीष छाबड़ा ने कहा कि भाजपा सरकार अपनी जिम्मेदारियों से बचना चाहती है और इसके लिए लगातार षड्यंत्र कर रही है। यदि किसानों तक समय पर उर्वरक और यूरिया नहीं पहुंचेगा तो निश्चित रूप से इसका असर खेतों में होने वाले उत्पादन पर पड़ेगा। उत्पादन घटेगा और सरकार यही चाहती है ताकि उसे किसानों से धान खरीदना न पड़े। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार किसानों को मिलने वाले पैसों का उपयोग अपना खजाना भरने में करना चाहती है।

जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक ने कहा कि कांग्रेस पार्टी शुरू से भाजपा सरकार को किसान विरोधी सरकार बताती रही है। यह सरकार अमीरों और पूंजीपतियों की सरकार है, जिसे किसानों के सुख-दुख से कोई लेना-देना नहीं है।

उन्होंने कहा कि शासन द्वारा जारी किए गए इस आदेश का कांग्रेस पार्टी पुरजोर विरोध करेगी। कांग्रेस किसानों की आवाज बनकर सरकार को इस तुगलकी फरमान को वापस लेने के लिए विवश करेगी। आवश्यकता पड़ने पर कांग्रेस पार्टी किसानों के हित में सड़क की लड़ाई लड़ने के लिए भी तैयार है।

सशक्त मां सशक्त परिवार:मातृ दिवस पर मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने दी शुभकामनाएँ

रायपुर 10/5/2026

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने मातृ दिवस के पावन अवसर पर प्रदेश की समस्त माताओं को हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई दी है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि माँ जीवन की प्रथम गुरु, सबसे बड़ी प्रेरणा और हर विपरीत परिस्थिति में अटूट संबल होती हैं। माँ का निस्वार्थ प्रेम, असीम त्याग और स्नेहिल आशीर्वाद ही परिवार, समाज और राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति है।

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि मातृशक्ति के संस्कारों और संवेदनाओं से ही समाज में नैतिकता, मानवता और सहिष्णुता का विकास होता है। एक सशक्त माँ ही सशक्त परिवार, सशक्त समाज और सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है। इसीलिए माताओं का सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में सदैव शामिल रहा है।

इस दिशा में शासन द्वारा अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर उनके स्वास्थ्य और पोषण को सुनिश्चित किया जा रहा है। वहीं छत्तीसगढ़ की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से माताओं को आर्थिक एवं सामाजिक संबल देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रहा है।

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने अपने संदेश के अंत में कहा कि मातृशक्ति का उत्थान और सम्मान केवल एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि शासन की निरंतर चलने वाली साधना है। प्रदेश सरकार हर माँ के जीवन को सुरक्षित, सम्मानित और स्वावलंबी बनाने के लिए पूर्ण समर्पण के साथ कार्यरत है।