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Sunday, November 1, 2026
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“किरंदुल सड़क किनारे खड़े 10 चक्का वाहनों से बढ़ता खतरा पत्रकार ने दिखाया आईना”

अब कलेक्टर की कार्रवाई पर टिकी जनता की उम्मीद।

किरंदुल/कोड़ेनार/बस्तर न्यूज -14/05/2026(रवि सरकार)

हर चुनाव में नेता आते हैं,बड़े-बड़े वादे करते हैं,वोट लेकर चले जाते हैं, और फिर जनता को उसी हालात में छोड़ दिया जाता है।सड़कें भारी वाहनों से घिरी रहती हैं,आम नागरिकों की जान जोखिम में रहती है,लेकिन जिम्मेदार लोग आंखें मूंदे बैठे हैं।

“किरंदुल: मौत के साये में कोड़ेनार! सड़कों पर खड़े भारी वाहन दे रहे बड़े हादसे को न्योता, आखिर किसका इंतज़ार कर रहा प्रशासन?”

लौह अयस्क की नगरी कहा जाने वाला किरंदुल आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। कोड़ेनार पंचायत के वार्ड नंबर 4 में बैलाडीला ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन के सामने से लेकर प्रमुख चौक-चौराहों तक खड़ी 10 चक्का भारी गाड़ियां किसी भी वक्त बड़ी जनहानि का कारण बन सकती हैं।

वादे अनेक, व्यवस्था शून्य !
किरंदुल को नगर पालिका बने 28 साल बीत चुके हैं और देश को आज़ाद हुए 78 साल, लेकिन यहाँ का बुनियादी ढांचा आज भी लचर है। चुनाव दर चुनाव नेता आते हैं, बड़े-बड़े वादे कर वोट बटोरते हैं और गायब हो जाते हैं। जनता आज भी गंदगी, बदबू और जानलेवा ट्रैफिक के बीच जीने को मजबूर है।

बड़ा सवाल ?
अगर इन बेतरतीब खड़े वाहनों की वजह से कल कोई बड़ी दुर्घटना होती है, तो उसका जिम्मेदार कौन होगा? प्रशासन, स्थानीय जनप्रतिनिधि या ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन?

पल्ला झाड़ते जिम्मेदार
जब वाहन मालिकों से गाड़ियां हटाने को कहा जाता है, तो उनका रटा-रटाया जवाब मिलता है— “हमें जगह दो”। यहाँ सवाल यह उठता है कि पार्किंग की व्यवस्था करना पत्रकारों का काम है या शासन-प्रशासन का? पत्रकार समाज का आईना है, लेकिन व्यवस्था सुधारना उन जिम्मेदार कंधों का काम है जिन्हें जनता ने चुनकर भेजा है।

कलेक्टर से जगी उम्मीद
इस गंभीर समस्या को लेकर जब कलेक्टर महोदय से चर्चा की गई, तो उन्होंने संज्ञान लेते हुए फोटो और वीडियो साक्ष्य मांगे हैं और जल्द ही ठोस कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। नेताओं के खोखले वादों से थक चुकी जनता को अब केवल जिला प्रशासन से ही न्याय की उम्मीद बची है।

जन चौपाल 36/निष्कर्ष
किरंदुल आज खतरों के मुहाने पर खड़ा है। यदि समय रहते इन भारी वाहनों के लिए सुरक्षित पार्किंग सुनिश्चित नहीं की गई और सड़कों को अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया गया, तो कोई बड़ा हादसा पूरे क्षेत्र को झकझोर सकता है। प्रशासन को जागना होगा, इससे पहले कि बहुत देर हो जाए।

कांग्रेस पत्रकार वार्ता:भाजपा की ‘लूट’ और ‘झूठी अपील’ के खिलाफ हल्लाबोल- भाजपा सरकार को घेरा

बेमेतरा, 14 मई 2026

आज बेमेतरा के राजीव भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने केंद्र की मोदी सरकार की विफलताओं और बेलगाम महंगाई पर जमकर प्रहार किया। पूर्व मंत्री रविंद्र चौबे ने प्रधानमंत्री की ‘कम उपयोग’ वाली अपील को जनता के जख्मों पर नमक छिड़कना बताया। उन्होंने कहा, “नेहरू जी ने कहा था ‘आराम हराम है’, लेकिन मोदी जी कह रहे हैं ‘काम मत करो, घर बैठो’। क्या जनता ने उन्हें इसलिए चुना था कि वे युवाओं को बाइक न चलाने और महिलाओं को तेल-गैस कम इस्तेमाल करने की सलाह दें?”

पूर्व मंत्री चौबे ने तंज कसते हुए कहा कि मोदी जी खुद ₹8,400 करोड़ के विमान में घूम रहे हैं और करोड़ों की विदेश यात्राएं कर रहे हैं, जबकि आम आदमी कर्ज में डूबा है। उन्होंने चुनौती दी कि यदि डीजल-पेट्रोल बचाना है, तो पहले भाजपा के मंत्री और विधायक अपने काफिले छोड़ साइकिल पर चलें।

आज पत्रकार वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने मोदी सरकार की विफलता और महंगाई की मार के मुख्य बिंदु गिनाएं।उन्होंने कहा सोना 50 गुना महंगा।

पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा ने बताया कि 2013 में ₹28,500 मिलने वाला सोना आज ₹1,52,130 (प्रति 10 ग्राम) पार कर चुका है। महिलाओं का मंगलसूत्र बचाने की बात करने वाले मोदी ने असल में उनसे जेवर छीन लिए हैं।मोदी सरकार ने जनता की ईंधन की लूट मचा दी है।क्रूड ऑयल सस्ता होने के बावजूद जनता से ₹100 लीटर पेट्रोल वसूला जा रहा है। पिछले 12 वर्षों में मोदी सरकार ने पेट्रोलियम टैक्स के नाम पर जनता की जेब से 47 लाख करोड़ रुपये निकाले हैं।

किसान विरोधी नीति पर पूर्व विधायक गुरुदयाल बंजारे ने खूब कहा कि राज्य में उर्वरक की भारी किल्लत है। सरकार किसानों को खाद देने के बजाय ‘उपयोग कम करने’ की सलाह देकर उत्पादकता घटा रही है।सरकार ने बुनियादी ढांचे को कमजोर किया है।

कांग्रेस ने याद दिलाया कि देश के सभी तेल भंडारण केंद्र यूपीए सरकार की देन हैं। मोदी सरकार ने 12 वर्षों में एक भी नया भंडारण केंद्र नहीं बनाया, जिससे आज देश ऊर्जा संकट झेल रहा है।

प्रेस वार्ता में प्रणीश चौबे दिनेश पटेल सुनील माहेश्वरी मंगत साहू,सनत धर दीवान कविता साहू शंकुतला साहू मनोज शर्मा ललित विश्वकर्मा प्रांजल तिवारी रवि रजक सुमन गोस्वामी जावेद खान सहित बूथ पँचायत गठन जिला प्रभारी एवं जिला के वरिष्ठजनों, ब्लॉक /शहर कांग्रेस , महिला कांग्रेस, जिला जनपद सदस्य पार्षद पूर्व पार्षद, सेवादल,किसान कांग्रेस ,पिछड़ा वर्ग कांग्रेस,अनुसूचित जाति जन जाति, इंटक युवा कांग्रेस एन, एस ,यू ,आई,कांग्रेस समस्त प्रकोष्ठों के उपस्थति बड़ी संख्या में कांग्रेसी नेता व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


ओमान तट पर भारत आ रहे जहाजों पर मिसाइल-ड्रोन हमले, एक भारतीय की मौत — ईरान ने ली जिम्मेदारी

नई दिल्ली/रायपुर डिजिटल डेस्क 14 मई 2026

समाचार एजेंसी और प्रमुख समाचार चैनलों के अनुसार
अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग पर भारतीय जहाजों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ी चिंताजनक खबर सामने आ रही है। ओमान तट के पास भारतीय ध्वज वाले एक मालवाहक जहाज पर मिसाइल हमले के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने इस घटना को ‘अस्वीकार्य’ बताते हुए इसकी तीखी निंदा की है।

विदेश मंत्रालय ने कहा- ‘नागरिकों को निशाना बनाना बर्दाश्त नहीं’
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और निर्दोष नागरिक नाविकों को निशाना बनाना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हमले के बावजूद जहाज पर मौजूद सभी भारतीय चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं। भारत ने त्वरित सहायता के लिए ओमान प्रशासन का आभार व्यक्त किया है और जोर दिया है कि नेविगेशन की स्वतंत्रता का हर हाल में सम्मान होना चाहिए।

होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में गहराता संकट
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब स्ट्रैट ऑफ होर्मुज और उसके आसपास के क्षेत्रों में भू-राजनीतिक तनाव चरम पर है। हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की स्थिति है, लेकिन समझौते को लेकर अनिश्चितता ने इस पूरे रूट को संवेदनशील बना दिया है। फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि इस मिसाइल हमले के पीछे किस गुट या देश का हाथ है।

एक और घटना: ‘हाजी अली’ जहाज डूबा, 14 लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू
समुद्र में बढ़ते खतरों के बीच एक और बड़ी घटना ‘हाजी अली’ नामक जहाज के साथ हुई, जो दुर्घटनाग्रस्त होकर डूब गया। इस जहाज पर 14 क्रू मेंबर्स सवार थे। राहत की बात यह रही कि समय रहते चलाए गए बचाव अभियान में सभी 14 सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।
लगातार हो रही इन घटनाओं ने व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा और समुद्री आपदा प्रबंधन को लेकर वैश्विक स्तर पर नई बहस छेड़ दी है।

दक्षिण क्षितिज में ‘थलापति’ युग का उदय: जाति-धर्म से ऊपर क्या विजय बनेंगे देश के लिए नए राजनीतिक मार्गदर्शक?

डिजिटल डेस्क खबर चेन्नई:14/05/2026

भारतीय राजनीति में जब भी जातिवाद, तुष्टिकरण और भ्रष्टाचार का बोलबाला बढ़ता है, जनता किसी ऐसे ‘नायक’ की तलाश करती है जो व्यवस्था को जड़ से बदल सके। तमिलनाडु की राजनीति में अभिनेता से नेता बने जोसेफ विजय चंद्रशेखर (थलपति विजय)का मुख्यमंत्री के रूप में उभरना इसी बदलाव का संकेत माना जा रहा है। अपनी पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) के साथ उन्होंने न केवल सत्ता हासिल की, बल्कि फ्लोर टेस्ट में 144 विधायकों के समर्थन के साथ अपनी ताकत का लोहा भी मनवा मैदान मार लिया है।

कथनी नहीं, करनी पर जोर: शपथ लेते ही कड़े फैसले
विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही स्पष्ट कर दिया कि उनकी राजनीति ‘काम’ पर आधारित होगी। उन्होंने समाज की दो सबसे बड़ी बुराइयों—महिला असुरक्षा और बढ़ता नशा—पर सीधा प्रहार किया है।

महिला सुरक्षा सर्वोपरि:
उन्होंने आदेश जारी किया है कि महिलाओं के खिलाफ किसी भी अपराध पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी। तत्काल एक्शन के लिए पुलिस प्रशासन को कड़े निर्देश दिए गए हैं।

नशे के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक:
थलपति ने धार्मिक स्थलों और बस अड्डों के 500 मीटर के दायरे में आने वाली शराब दुकानों को हटाने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। साथ ही, 717 सरकारी शराब दुकानों (TASMAC) को बंद करने का आदेश देकर उन्होंने समाज सुधार की ओर बड़ा कदम बढ़ाया है।

‘सर्व धर्म सम भाव’: सनातन विरोध की राजनीति का अंत?
तमिलनाडु की राजनीति दशकों से ‘सनातन विरोध’ के इर्द-गिर्द घूमती रही है, लेकिन विजय ने एक अलग राह चुनी है। ईसाई पिता और हिंदू माता की संतान होने के नाते वे चर्च भी जाते हैं और मंदिर भी।

सबसे चौंकाने वाला और बड़ा राजनीतिक संकेत तब मिला जब उन्होंने विख्यात आध्यात्मिक सलाहकार राधन पंडित को अपना OSD (Officer on Special Duty)नियुक्त किया। वैदिक ज्योतिष और अंकशास्त्र के ज्ञाता राधन पंडित की नियुक्ति यह दर्शाती है कि विजय की राजनीति में परंपराओं और अध्यात्म का भी सम्मान होगा। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया है कि वे किसी विशेष समुदाय या जाति का अपमान कर सत्ता पाने के पक्ष में नहीं हैं।

राजनीति में ‘सुपरहिट’ जोड़ी: तृषा कृष्णन की एंट्री की आहट
विजय ने पेरंबूर और तिरुचिरापल्ली दोनों सीटों से जीत दर्ज की थी। अब चर्चा है कि अपनी खाली की गई सीट पर वे अपनी सह-कलाकार और दोस्त तृषा कृष्णन को चुनाव मैदान में उतार सकते हैं। तृषा की कोई राजनीतिक पृष्ठभूमि न होने के बावजूद उन्हें मौका देना यह दिखाता है कि विजय राजनीति में नए और विश्वसनीय चेहरों को प्राथमिकता देना चाहते हैं। अगर ऐसा होता है, तो सिनेमा के पर्दे पर राज करने वाली यह जोड़ी अब विधानसभा में भी साथ दिख सकती है।

विशेष विश्लेषण: क्यों खास है विजय की कार्यशैली
आज के दौर में जहाँ राजनेता अक्सर जनता को धर्म, आरक्षण और रेवड़ियों के नाम पर बांटते हैं, वहां विजय का “राष्ट्रप्रेम और देशभक्ति” का एजेंडा एक ताजी हवा के झोंके जैसा है। स्कूल-कॉलेजों के प्रति पिछली सरकारों की लापरवाही को दूर करना और एक पारदर्शी प्रशासन देना उनकी सबसे बड़ी चुनौती होगी।

जन चौपाल 36
क्या थलापति विजय फिल्मों की तरह राजनीति के भी ‘रियल लाइफ हीरो’ साबित होंगे? उनके शुरुआती कदम तो यही बताते हैं कि वे दक्षिण भारत से निकलकर पूरे देश को ‘जाति-मुक्त‘ और ‘अपराध-मुक्त’ राजनीति का संदेश देना चाहते हैं। जनता की निगाहें अब उनके अगले कार्यकाल पर टिकी हैं।

मृदा परीक्षण से सुधरेगी मिट्टी की सेहत, किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

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बेमेतरा -13/05/2026

बेमेतरा जिले में किसानों को वैज्ञानिक खेती से जोड़ने की दिशा में मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना एक प्रभावी पहल बनकर उभरी है। कृषि विभाग द्वारा संचालित मृदा परीक्षण अभियान के तहत अब तक जिले के 24 हजार से अधिक किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए जा चुके हैं।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य किसानों को उनकी जमीन की वास्तविक स्थिति से अवगत कराना और संतुलित उर्वरक उपयोग के प्रति जागरूक करना है, ताकि खेती अधिक लाभकारी और टिकाऊ बन सके।

कृषि विभाग की मृदा परीक्षण प्रयोगशाला में किसानों द्वारा दिए गए मिट्टी के नमूनों का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जाता है।
परीक्षण के बाद किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड प्रदान किया जाता है, जिसमें मिट्टी में उपलब्ध नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश, सल्फर तथा सूक्ष्म पोषक तत्वों की जानकारी दी जाती है। इसके आधार पर किसानों को यह सलाह मिलती है कि उनकी भूमि में किस प्रकार के उर्वरक और कितनी मात्रा में उपयोग किए जाएं।

विशेषज्ञों के अनुसार लगातार रासायनिक उर्वरकों का असंतुलित उपयोग मिट्टी की उर्वरता को धीरे-धीरे कमजोर कर देता है। कई बार किसान अधिक उत्पादन की उम्मीद में जरूरत से ज्यादा यूरिया और रासायनिक खाद का प्रयोग कर लेते हैं, जिससे मिट्टी की प्राकृतिक संरचना प्रभावित होती है।

इससे जमीन “जल” तो नहीं जाती, लेकिन उसकी जैविक क्षमता कमजोर होने लगती है और लंबे समय में उत्पादन घटने लगता है। वहीं मृदा परीक्षण के आधार पर संतुलित खाद और जैविक तत्वों का उपयोग मिट्टी को नया जीवन देने का काम करता है। इससे मिट्टी में कार्बन की मात्रा बढ़ती है, सूक्ष्म जीव सक्रिय होते हैं और भूमि की जल धारण क्षमता भी बेहतर होती है।

कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि नियमित मृदा परीक्षण किसानों के लिए वैसा ही है जैसे किसी व्यक्ति का स्वास्थ्य परीक्षण। इससे समय रहते मिट्टी की कमी और समस्या का पता चल जाता है और उसी अनुसार उपचार किया जा सकता है। यही कारण है कि कृषि विभाग द्वारा गांव-गांव में जागरूकता अभियान चलाकर किसानों को वैज्ञानिक पद्धति अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

वर्तमान में जिले के 104 गांवों में “विकसित कृषि संकल्प अभियान” के माध्यम से किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड के महत्व और वैज्ञानिक खेती की जानकारी दी जा रही है। कृषि विभाग का मानना है कि संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन से न केवल उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भूमि की उर्वरता भी सुरक्षित रह सकेगी।

बेमेतरा में खनिज माफियाओं पर बड़ा एक्शन, रेत-चूना पत्थर से भरे 3 हाईवा जब्त

रेत एवं चूनापत्थर से भरे 03 हाईवा वाहन जप्त, एक लाख से अधिक अर्थदण्ड की होगी वसूली

बेमेतरा, 13 मई 2026:-

कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई के निर्देशानुसार जिले में अवैध खनिज उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कार्यालय कलेक्टर (खनिज शाखा) द्वारा 12 मई 2026 को मारो एवं आसपास के क्षेत्रों में विशेष जांच अभियान चलाया गया।

अभियान के दौरान खनिजों का अवैध परिवहन करते पाए जाने पर रेत से भरे 01 हाईवा वाहन तथा खनिज चूनापत्थर से भरे 02 हाईवा वाहनों को जप्त किया गया। खनिज विभाग की टीम द्वारा कार्रवाई करते हुए जप्त सभी वाहनों को सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस चौकी मारो में खड़ा कराया गया है। साथ ही संबंधित वाहन संचालकों के विरुद्ध अवैध खनिज परिवहन का प्रकरण दर्ज किया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त मामलों में खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 से 23-ख के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। तीनों प्रकरणों में कुल 1 लाख 500 रुपये की अर्थदण्ड राशि वसूली करते हुए प्रशमन की कार्रवाई की जाएगी।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध उत्खनन एवं परिवहन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खनिज संपदा के संरक्षण तथा शासन के राजस्व की सुरक्षा के लिए आगे भी लगातार जांच एवं कार्रवाई जारी रहेगी।

आज अपरा एकादशी : सर्वार्थसिद्धि योग का दुर्लभ संयोग में व्रत-पूजन का विशेष महत्व

व्रत धर्म पर्व 13/05/2026

आज ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की अपरा एकादशी है। इस बार एकादशी पर सर्वार्थसिद्धि योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिसे शास्त्रों में अत्यंत फलदायी माना गया है।

मान्यता है कि अपरा एकादशी का व्रत रखने से अपार पुण्य की प्राप्ति होती है और पापों का नाश होता है। भक्त आज भगवान विष्णु का पीले पुष्प, तुलसी और धूप-दीप से पूजन कर “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करेंगे।

धार्मिक पुराने के अनुसार ब्रह्म पुराण में भगवान श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर को अपरा एकादशी का महत्व के बारे में विस्तार से बताया था। इस व्रत को रखने से मनुष्य के बड़े से बड़े पापों से मुक्ति मिल सकती हैं और तीर्थ स्नान, दान और यज्ञ के समान पुण्य प्राप्त होता है। जानें अपरा एकादशी का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र और पारण का समय

आज ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की अपरा एकादशी पर सर्वार्थसिद्धि योग का शुभ संयोग बन रहा है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन व्रत की शुरुआत ब्रह्म मुहूर्त में उठकर नित्यकर्म से निवृत्त होकर स्नान के बाद भगवान श्री विष्णु का स्मरण करते हुए व्रत का संकल्प लेना जरूरी है। माना जाता है कि बिना संकल्प के रखा गया व्रत पूर्ण नहीं होता। संकल्प के बाद तांबे के लोटे में जल, पुष्प और लाल सिंदूर मिलाकर सूर्यदेव को अर्घ्य देना चाहिए।

इसके बाद भगवान विष्णु की पूजा शुरू की जाती है। पूजा के लिए कुश के आसन या किसी साफ आसन पर बैठकर विधि-विधान से आराधना की जाती है। तुलसी, पीले फूल और धूप-दीप से पूजन कर “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करना शुभ माना गया है। अपरा एकादशी का व्रत करने से पापों का नाश होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है।

पारण समय: व्रत का पारण 14 मई, गुरुवार को द्वादशी तिथि में सूर्योदय के पश्चात किया जाएगा।ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि का आरंभ– 12 मई को दोपहर 02 बजकर 52 मिनट पर हो रही है।ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि समाप्त- 13 मई को दोपहर 01 बजकर 29 मिनट तक
तिथि- 13 मई 2026, बुधवार।

मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना : आज खातों में आएगी 36वीं किश्त

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भोपाल 13/05/2026

मध्य प्रदेश सरकार आज राज्य की 1.25 करोड़ लाड़ली बहनों को बड़ी सौगात देगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नरसिंहपुर से सिंगल क्लिक के माध्यम से योजना की 36वीं किश्त जारी करेंगे। इस किश्त में कुल 1835 करोड़ 67 लाख 29 हजार 250 रुपये की राशि सीधे लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी।

साल 2023 से चल रही लाडली बहना योजना में अब तक 35 किस्तें जारी हो चुकी हैं। अच्छी बात यह है कि इस योजना को लेकर अभी तक एक बार भी किस्त रोकी नहीं गई है। जून 2023 से अप्रैल 2026 तक महिलाओं के खातों में कुल 55,926.51 करोड़ रुपये डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के खाते में जमा हो चुके हैं। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।

प्रदेश की 1.25 करोड़ महिलाओं का इंतजार बस कुछ ही देर में खत्म होने वाला है। मुख्यमंत्री मोहन यादव लाडली बहना योजना की 36वीं किस्त दोपहर बाद जारी करेंगे। लाडली बहना योजना का कार्यक्रम दोपहर 1.20 बजे प्रस्तावित है। यह पैसा नरसिंहपुर के गोटेगांव से डाला जाएगा।

इस किश्त में कुल 1835 करोड़ रुपये की राशि सीधे लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी। प्रत्येक पात्र महिला को 1250 रुपये की मासिक सहायता प्राप्त होगी। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।

लखनऊ में प्रतीक यादव की निधन की खबर: सीएम योगी ने जताया शोक

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लखनऊ – 13/05/2026

आज की बड़ी खबरों में प्रतीक यादव – समाजवादी पार्टी के संस्थापक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे, अखिलेश यादव के सौतेले भाई और भाजपा नेता अपर्णा यादव के पति – का बुधवार 13 मई 2026 की सुबह 38 साल की उम्र में निधन हो गया ।

मीडिया सूत्र ने जो जानकारी दी है उसके अनुसार सुबह करीब 6:00-6:15 बजे प्रतीक को लखनऊ के सिविल अस्पताल ले जाया गया।जहां सिविल अस्पताल के CMS डॉ. डीसी पांडेय ने बताया कि जब प्रतीक को लाया गया, तब उनकी पल्स और हार्ट बीट पूरी तरह रुक चुकी थी। उन्हें “Brought Dead” घोषित किया गया।

शव को पोस्टमार्टम के लिए KGMU भेजा गया है। मौत का सटीक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही साफ होगा।बीमारी का बैकग्राउंड में सामने आ रहा है कि प्रतीक यादव को फेफड़ों की समस्या थी। बताया जा रहा है कि प्रतीक पिछले कुछ समय से फेफड़ों की गंभीर समस्या से जूझ रहे थे।

हाल की हॉस्पिटल हिस्ट्री: 30 अप्रैल को उन्हें गंभीर हालत में लखनऊ के एक निजी अस्पताल/मेदांता में भर्ती कराया गया था।बिना डिस्चार्ज घर आना हुआ क्योंकि 3 दिन बाद तबीयत में थोड़ा सुधार होने पर वे बिना औपचारिक छुट्टी लिए घर चले गए थे।

अचानक बिगड़ी तबीयत: बुधवार सुबह अचानक हालत गंभीर हुई और अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया।कुछ रिपोर्ट्स में “संदिग्ध परिस्थितियों” और “जहरीले पदार्थ के सेवन की आशंका” का भी जिक्र है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम के बाद होगी ।

प्रतीक यादव मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे।सपा नेता अखिलेश यादव के सौतेले भाई, और अपर्णा यादव के पति थे।

प्रतीक यादव राजनीति से दूर रहते थे। बिजनेस, रियल एस्टेट और फिटनेस सेक्टर में सक्रिय थे। लखनऊ में उनके कई जिम थे।उनका इमेज “फिटनेस फ्रीक” के तौर पर जाने जाते थे, इसलिए अचानक मौत ने सवाल खड़े किए हैं ।

परिवार और नेताओं की प्रतिक्रिया में:-
CM योगी आदित्यनाथ ने शोक जताया और लिखा “प्रतीक यादव का निधन अत्यंत दुःखद है”।डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक ने भी संवेदना व्यक्त की।यादव परिवार और यूपी के राजनीतिक गलियारे में शोक की लहर है।

अस्पताल के बाहर और पोस्टमार्टम हाउस पर लोगों की भीड़ जमा हुई बताई जा रही है।

सड़क भ्रष्टाचार:- 1 करोड़ 40 लाख की सड़क —कुछ दिनों में हाथ से उखड़ने लगी डामर

बिलासपुर, छत्तीसगढ़   13 मई 2026

बिलासपुर में 1.40 करोड़ की सड़क कुछ दिनों में उखड़ी । वायरल वीडियो ने प्रशासन की नींद उड़ाई । हाथ से निकलती डामर की परत ।घटिया निर्माण का पर्दाफाश।
बिलासपुर जिले में 1 किलोमीटर की नवनिर्मित सड़क का घटिया निर्माण उजागर।

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में सरकारी धन की बंदरबांट का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। 1 करोड़ 40 लाख रुपए की भारी-भरकम लागत से बनाई गई महज एक किलोमीटर की सड़क निर्माण पूरा होने के चंद दिनों के भीतर ही उखड़ने लगी है।
“हाथ लगाओ तो डामर की परत उठ आती है — यह सड़क नहीं, सरकारी पैसे की बर्बादी है।”

स्थानीय निवासियों ने इस घटिया निर्माण को अपने मोबाइल कैमरे में कैद किया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि सड़क की डामर की परत हाथ से खींचने पर आसानी से उठ जाती है — जैसे वह किसी कमज़ोर सतह पर केवल ऊपर से चिपकाई गई हो। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसने पूरे जिले में हलचल मचा दी है।

वायरल वीडियो में स्थानीय नागरिक हाथ से डामर की परत हटाते दिख रहे हैं | सांकेतिक चित्र

क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, यह सड़क हाल ही में जिले के एक मोहल्ले में बनाई गई थी। निर्माण एजेंसी ने कागज़ों पर तो उच्च गुणवत्ता का निर्माण दिखाया, लेकिन ज़मीन पर हकीकत बिल्कुल अलग है। सड़क के लिए जो डामर (बिटुमेन) इस्तेमाल होना चाहिए था, वह या तो निम्नस्तरीय था या फिर मानक अनुपात में नहीं डाला गया।

विशेषज्ञों के मुताबिक, सड़क निर्माण में डामर की मोटाई और तापमान का खास ध्यान रखना पड़ता है। अगर डामर की परत पतली हो, बेसकोर्स कमज़ोर हो, या मौसम के अनुकूल सामग्री न हो — तो सड़क महीनों में ही टूटने लगती है। बिलासपुर में तो यह कुछ दिनों में ही उखड़ गई।

जनता में आक्रोश
वायरल वीडियो देखकर स्थानीय निवासियों में जबरदस्त गुस्सा है। लोगों का कहना है कि “हमारे टैक्स के पैसे से ऐसी बेशर्म लूट हो रही है।” नागरिकों ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषी ठेकेदार व अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए लोगों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग को टैग कर जवाब मांगा है। इस मामले ने छत्तीसगढ़ में सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अभी तक ज़िला प्रशासन या संबंधित निर्माण विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

वायरल वीडियो स्थानीय लोगों ने बनाकर प्रसारित किया है
जनता की मांगें
उच्च स्तरीय जांच तत्काल शुरू हो
दोषी ठेकेदार पर FIR दर्ज हो
संबंधित अधिकारियों को निलंबित किया जाए
सड़क का पुनर्निर्माण ठेकेदार के खर्चे पर हो
निर्माण कार्यों की थर्ड-पार्टी जांच अनिवार्य हो।