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Saturday, October 31, 2026
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नदी में डूबी पूरी जिंदगी”घमंड कोई भी हो, इंसान को अंदर से खाली कर देता है”

डिजिटल डेस्क- 02/07/2026

“भगवद्गीता 2.47 में कहा है – कर्म करो, फल की चिंता नहीं। शास्त्री जी के पास ज्ञान था, कर्म नहीं। नाविक के पास कर्म था, इसलिए बच गया।”

गंगा का किनारा। यात्रियों से भरी एक नाव दूसरे पार जा रही थी। उस नाव में एक विद्वान पंडित मोहन शास्त्री भी बैठे थे। नदी की लहरों से ज्यादा उफान उनके ज्ञान के अहंकार में था।

उन्होंने नाव खेते हुए भोले-भाले नाविक से पूछा, “भूगोल पढ़ी है?”
नाविक ने सिर हिलाया, “बाबूजी, भूगोल क्या होता है, मैं नहीं जानता।”
शास्त्री जी मुस्कुराए, “तब तो तुम्हारी पाव भर जिंदगी पानी में गई।”

थोड़ी देर बाद दूसरा सवाल आया, “इतिहास जानते हो? लक्ष्मीबाई कौन थीं?”
नाविक फिर चुप। शास्त्री जी बोले, “आधी जिंदगी पानी में गई।”

अहंकार यहीं नहीं रुका। तीसरा वार हुआ, “महाभारत का भीष्म-नाविक संवाद या रामायण में केवट-राम का संवाद सुना है?”
नाविक ने न में सिर हिलाया। शास्त्री जी खिलखिला उठे, “तुम्हारी तो पौनी जिंदगी पानी में गई।”

तूफान कभी भी आ सकता है
तभी गंगा का बहाव तेज हो गया। आसमान में बादल गरजे। नाव डगमगाने लगी। नाविक ने यात्रियों को संभलने को कहा और शास्त्री जी से पूछा, “पंडित जी, तैरना आता है?”
अब शास्त्री जी का चेहरा फीका पड़ गया। डरते हुए बोले, “नहीं… तैरना नहीं आता।”
नाविक ने शांत स्वर में कहा, “तब तो पंडित जी, आपकी पूरी जिंदगी पानी में गई।”

अगले ही पल नाव पलटी। सबको बचाने वाला नाविक बच गया, पर किताबी ज्ञान पर इतराने वाले शास्त्री जी गंगा की गोद में समा गए।

नाव जीवन, नदी संसार, तूफान संकट, तैरना व्यवहारिक ज्ञान/कर्म

कहानी के पीछे की सच्चाई
हम कितने भी बड़े हो जाएं, कितनी भी डिग्रियां बटोर लें, कितना भी पैसा कमा लें – सुबह पहनने वाली चप्पल से लेकर रात को ओढ़ने वाली चादर तक सब किसी न किसी मजदूर के हाथों से बनकर आती है।

सहयोगी कौन
जिस दफ्तर में AC में बैठकर हम बड़ी-बड़ी मीटिंग करते हैं, उसे सुंदर बनाने वाला, साफ करने वाला, चाय पिलाने वाला भी वही ‘अनपढ़’ वर्ग होता है जिसे हम अक्सर दरवाजे पर रोक देते हैं। हमारे सूट को सिलने वाला दर्जी, जूते पॉलिश करने वाला मोची, बाल काटने वाला नाई – इनके बिना हमारी पर्सनालिटी अधूरी है।

जब हम सफल हो जाते हैं तो बनाने वालों को भूल जाते हैं। यही घमंड है। और घमंड की उम्र बहुत छोटी होती है।

शिक्षा क्या कहती है(उद्देश्य)
विद्या विवाद के लिए नहीं, समाधान के लिए है। शास्त्र शस्त्र बन जाएं तो ज्ञान अभिशाप बन जाता है।
‘विद्या विनयेन शोभते’ – विद्या विनम्रता से ही सुंदर लगती है। जिस तरह फल से लदा पेड़ झुक जाता है, उसी तरह ज्ञानी व्यक्ति और विनम्र हो जाता है।

धन दान के काम
कोई काम छोटा-बड़ा नहीं होता। समाज एक शरीर है। मजदूर उसके पैर हैं। पैर के बिना सिर कितना भी बड़ा हो, चल नहीं सकता।

इसलिए अगली बार किसी को कमतर आंकने से पहले सोचिए – क्या मुझे तैरना आता है? क्योंकि जिंदगी की नदी में तूफान कभी भी आ सकता है। और उस वक्त डिग्री नहीं, हुनर और इंसानियत ही काम आती है।

घमंड पानी है – जिसमें सब डूब जाता है। विनम्रता नाव है – जो सबको पार लगा देती है।

सवाल? “आज रात सोने से पहले सोचिए – मेरी जिंदगी की नाव में तैरने वाला हुनर कौन सा है?”



बुजुर्ग महिला से सोने की चेन लूटने वाले दो आरोपी को बेमेतरा पुलिस ने किया गिरफ्तार

बेमेतरा/छत्तीसगढ़- 02/07/2026

घटना
बेमेतरा जिले के थाना खम्हरिया पुलिस ने 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला से सोने की चेन लूटकर फरार हुए मुख्य आरोपी और लूट का माल खरीदने वाले दूसरे आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई करीब 3 तोला 20 मिलीग्राम सोने की चेन, जिसकी कीमत लगभग 3 लाख 60 हजार रुपये है, बरामद कर ली है।

रिपोर्ट
प्रार्थिया पार्वती लोधी, उम्र 70 वर्ष, निवासी ग्राम गडुवा ने 01 जुलाई 2026 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 30 जून की दोपहर करीब 12 बजे वह अपने घर की बाड़ी में बोर चालू कर नहा रही थी। इसी दौरान गांव का भुलउ सेन उसके घर में घुस आया और पानी मांगने लगा। पानी देने के बाद आरोपी ने उसके मुंह पर कपड़ा फेंक दिया और सिर व पीठ पर मारपीट कर उसे गिरा दिया। कुछ देर के लिए अचेत होने पर आरोपी उसके गले से तीन तोले की सोने की चेन खींचकर भाग गया। रिपोर्ट पर पुलिस ने धारा 309(6), 331(2) BNS के तहत मामला दर्ज किया।

कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस उप महानिरीक्षक रामकृष्ण साहू (भा.पु.से.) ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश यादव एवं एसडीओपी बेमेतरा भूषण एक्का के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी खम्हरिया उप निरीक्षक ओंकार साहू की टीम ने जांच शुरू की। पूछताछ में आरोपी 19 वर्षीय आनंद सेन उर्फ भुलउ, निवासी गडुवा ने अपराध कबूल कर लिया। उसने बताया कि लूटी गई चेन को देवरबीजा निवासी धर्मेन्द्र निर्मलकर के पास 5,000 रुपये में गिरवी रख दिया था और उस रकम को दोस्तों के साथ खाने-पीने में खर्च कर दिया।

गिरफ्तार
लूट की संपत्ति खरीदने के आरोप में पुलिस ने धर्मेन्द्र निर्मलकर, उम्र 18 वर्ष, निवासी देवरबीजा के खिलाफ धारा 317(2) BNS जोड़ी। दोनों आरोपियों की निशानदेही पर सोने की चेन बरामद की गई। दोनों को 01 जुलाई 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर माननीय न्यायालय में पेश किया गया।

प्रमुख भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी ओंकार साहू, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक सुरेश चौहान, आरक्षक अशरफी खान, बलदेव निषाद, मुकेश चंद्रवंशी सहित थाना खम्हरिया स्टाफ की अहम भूमिका रही।

” हीटवेव का कहर: यूरोप में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पारा 40°C पार , 2300+ मौतें ,WHO ने बताया क्लाइमेट क्राइसिस”

डिजिटल डेस्क 02 जुलाई 2026

यूरोप इस साल भीषण हीटवेव की चपेट में है। जून-जुलाई 2025 में चली लू ने पश्चिमी और दक्षिणी यूरोप से लेकर आर्कटिक तक रिकॉर्ड तोड़ दिए। फ्रांस, स्पेन, जर्मनी, पुर्तगाल और इटली में पारा 40°C से 46°C तक पहुंच गया।

स्पेन के सिलोपी में 25 जुलाई को 50.5°C तापमान दर्ज हुआ – यह देश के इतिहास में पहली बार 50°C से ऊपर गया। फ्रांस में एविन्योन में 11 दिन और टूलूज़, नीम में 9 दिन तक लगातार 35°C से ज्यादा तापमान रहा। यूरोपियन कॉपरनिकस क्लाइमेट सर्विस के मुताबिक जुलाई 2025 यूरोप का चौथा सबसे गर्म जुलाई रहा, जो 1991-2020 औसत से 1.30°C ज्यादा था।

इस हीटवेव ने भारी मानवीय नुकसान पहुंचाया है। Imperial College London और London School of Hygiene and Tropical Medicine की स्टडी के मुताबिक 10 दिनों की हीटवेव में 12 यूरोपीय शहरों में करीब 2300 लोगों की मौत हुई, जिनमें से 1500 मौतों के लिए सीधे क्लाइमेट चेंज जिम्मेदार है। WHO ने भी बताया कि 2025 की हीटवेव से यूरोप में 1300 से ज्यादा अतिरिक्त मौतें हुईं। फ्रांस में ही 40 बच्चों की डूबने से मौत हुई और 2 बच्चों की कार में छोड़ने से जान गई। स्पेन में अकेले 327 मौतें दर्ज की गईं।

अमेरिका भी आया लू की चपेट में

अमेरिका में भीषण हीटवेव ने करोड़ों लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। नेशनल वेदर सर्विस (NWS) ने 18 राज्यों में खतरनाक गर्मी की चेतावनी जारी की है। ‘हीट डोम’ यानी उच्च दबाव का सिस्टम पूरे मिडवेस्ट से ईस्ट कोस्ट तक फैल गया है, जिससे तापमान 38°C से ऊपर जा रहा है। उमस इतनी ज्यादा है कि हीट इंडेक्स यानी ‘फील्स लाइक’ तापमान 115°F यानी करीब 46°C तक पहुंच रहा है। 6 करोड़ से ज्यादा लोग हीट अलर्ट के दायरे में हैं और ये लू जुलाई 4 के स्वतंत्रता दिवस वीकेंड तक जारी रहेगी।

‘हीट डोम’ यानी उच्च दबाव का सिस्टम इस गर्मी की बड़ी वजह बना। यह सहारा रेगिस्तान से गर्म हवा खींचकर यूरोप पर जमता रहा। इसकी वजह से न सिर्फ जंगल की आग भड़की – स्पेन, ग्रीस, पुर्तगाल, साइप्रस में रिकॉर्ड वाइल्डफायर हुए- बल्कि बिजली ग्रिड, अस्पताल और ट्रांसपोर्ट भी चरमरा गए। जर्मनी में राइन नदी का जलस्तर गिरने से जहाज 50% क्षमता पर ही चल पाए। विंबलडन में खिलाड़ियों के लिए हीट ब्रेक लागू करने पड़े।

सबसे बड़ी चुनौती यूरोप का इन्फ्रास्ट्रक्चर है। BBC के मुताबिक यूरोप के सिर्फ 20% घरों में AC है, जबकि अमेरिका में 90% घरों में। GeoNewz की रिपोर्ट बताती है कि 80% यूरोपीय घर सर्दियों के लिए बने हैं, गर्मी रोक नहीं पाते। WHO और WMO ने चेतावनी दी है कि यूरोप दुनिया के औसत से दोगुनी तेजी से गर्म हो रहा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि ग्रीनहाउस गैसें नहीं रोकी गईं तो ऐसी गर्मी आम हो जाएगी।

कभी भारत पर कमेंट्स करने वालो ने यह नहीं सोचा था कि हमने कभी कहा,भारत के लोग कैसे तालाब में एक साथ नहाते है साफ सफाई करते हैं।आज न्यूज चैनलों में वही स्थिति विदेशों में देखने मिला की लोग सामूहिक स्नान कर रहे है ताल सरोवर जैसी जगह तलाश रहे।

सोशल मीडिया रिएक्शन:
सोशल मीडिया पर बहस तेज है। कई यूजर्स कह रहे हैं कि यूरोप के घर AC के बिना “ओवन” बन गए हैं। वहीं कुछ लोग इसे भारत की गर्मी से तुलना कर रहे हैं – “दिल्ली में 48°C पर क्रिकेट खेलते हैं”। WHO के आंकड़ों पर भी शक जताया जा रहा है।

राम मंदिर लूट कांड: “चढ़ावा चोरी या हेराफेरी 40 दिन में 70 बार” अब बोलेगा बुलडोजर

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अयोध्या न्यूज/ 02 जुलाई 2026

“आस्था पर बुलडोजर वार: राम मंदिर चढ़ावा घोटाले में SIT का शिकंजा, लव कुश मिश्रा के घर पर कार्रवाई तय”

पब्लिक कमेंट्स:
“जहाँ राम का नाम, वहाँ दाग कैसा? चढ़ावे की चोरी पर अब चलेगा कानून का बुलडोजर”
“रामराज्य कोष या लूट का कोष? भक्तों की आस्था पर डाका, SIT करेगी हिसाब”

अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट एक बार फिर विवादों के घेरे में है। एक तरफ ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास को तबीयत बिगड़ने पर लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है, तो दूसरी तरफ राम मंदिर में चढ़ावे और दान में कथित गड़बड़ी को लेकर SIT ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जनवरी में भी महंत की तबीयत बिगड़ी थी।

खबर अनुसार ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय एकांतवास में हैं, जिससे सवाल और गहरे हो गए हैं।

चढ़ावा चोरी मामले में सबसे बड़ा एक्शन आरोपी लव कुश मिश्रा के घर पर होने जा रहा है। अथॉरिटी ने उसके घर बुलडोजर चलाने का नोटिस थमा दिया है। SIT और पुलिस की संयुक्त छापेमारी में आरोपियों के घरों से नकदी और लेन-देन के दस्तावेज मिले हैं। CCTV फुटेज से खुलासा हुआ है कि सिर्फ 40 दिन में 70 चोरियां हुईं, तो साढ़े पांच साल में आंकड़ा क्या होगा, यह सोचकर ही भक्त सन्न हैं।
कुंभ के वक्त सबसे ज्यादा चोरी की बात भी जांच में सामने आई है। पुलिस को ‘रामराज्य कोष’ और नकली QR कोड के जरिए चंदा वसूली का बड़ा सुराग भी मिला है।

इस पूरे घोटाले में 400 सुरक्षाकर्मियों वाली एक प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी की भूमिका भी संदिग्ध है। यह एजेंसी RSS से जुड़े बिहार के एक पूर्व सांसद की बताई जा रही है, जिसे सालाना 12 करोड़ रुपए दिए जाते थे। सवाल यह है कि जब केंद्र और राज्य के सुरक्षाबल पहले से तैनात हैं, तो ये 400 गार्ड्स ‘लूट के माल के रूट’ पर क्या कर रहे थे? SIT की जांच अब अनिल मिश्रा तक भी पहुंच रही है, जिन पर मंदिर में नौकरियों के लिए कमीशन खाने के आरोप हैं।

मामले पर सियासत भी तेज हो गई है। AICC सोशल मीडिया चेयरपर्सन Supriya Shrinate ने आरोप लगाया कि SIT की रिपोर्ट तैयार है पर सार्वजनिक नहीं की गई। उनका कहना है कि “SIT का काम प्यादों को पकड़ना और बड़े लोगों को छोड़ना था, ताकि माल ठिकाने लग जाए।”

वहीं धीरेंद्र शास्त्री ने भोपाल में कहा कि “महादंड मिलेगा”। देश भर के भक्तों ने आस्था से दान दिया, लेकिन अब पारदर्शिता की मांग उठ रही है। निष्पक्ष जांच के बाद ही सच सामने आएगा।

संविधान संशोधन और J&K बिल पर JPC की अहम बैठक, सांसद बृजमोहन अग्रवाल हुए शामिल

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नई दिल्ली/रायपुर 1 जुलाई 2026

सांसद बृजमोहन अग्रवाल बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित संविधान (एक सौ तीसवां संशोधन) विधेयक, 2025, जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2025 तथा संघ राज्य क्षेत्रों की सरकार (संशोधन) विधेयक, 2025 से संबंधित संयुक्त संसदीय समिति की बैठक में सहभागिता की।

बैठक में समिति अध्यक्ष श्रीमती अपराजिता सारंगी समेत सदस्यगणों के समक्ष आंध्र प्रदेश सरकार, फ़ाउंडेशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स, हैदराबाद तथा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के प्रतिनिधियों ने समिति के समक्ष अपने विचार, सुझाव एवं पक्ष प्रस्तुत किए। समिति के सदस्यों ने सभी पक्षों के सुझावों को गंभीरता से सुना और प्रस्तावित विधेयकों के संवैधानिक, प्रशासनिक एवं लोकतांत्रिक पहलुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।

इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि संसद की समितियाँ लोकतंत्र की सुदृढ़ आधारशिला हैं। विभिन्न हितधारकों, विशेषज्ञों और संगठनों के विचारों को सुनकर कानून निर्माण की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनोन्मुख बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि व्यापक विमर्श और सभी पक्षों की भागीदारी से तैयार होने वाले कानून देश के लोकतांत्रिक ढांचे को और अधिक मजबूत करते हैं।

श्री अग्रवाल ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार की सार्थक एवं रचनात्मक चर्चाएँ देशहित में बेहतर नीति निर्माण तथा प्रभावी एवं समावेशी विधायी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। संयुक्त समिति द्वारा प्राप्त सुझावों का समुचित परीक्षण कर विधेयकों को और अधिक सुदृढ़ एवं व्यावहारिक बनाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

ड्रोन तकनीक : मात्र 7 मिनट पर एक एकड़ में हुआ उर्वरक छिड़काव

बेमेतरा 01 जुलाई 2026

छत्तीसगढ़ कृषि में अब नए तकनीक आने से किसानों को सहूलियत के साथ कम समय अच्छा काम करने का अवसर मिल रहा है।सहकारिता सप्ताह के तृतीय दिवस पर केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय के पांच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में बेमेतरा जिले में किसानों को ड्रोन तकनीक के माध्यम से उर्वरक छिड़काव का प्रत्यक्ष प्रदर्शन कराया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़कर खेती को अधिक लाभकारी, सुरक्षित और लागत प्रभावी बनाना था। कृषि एवं सहकारिता विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान खेतों में ड्रोन के जरिए उर्वरक छिड़काव का लाइव प्रदर्शन किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि पारंपरिक तरीकों की तुलना में ड्रोन से छिड़काव अधिक तेज, सटीक और समान रूप से होता है। इससे न केवल उर्वरक की बर्बादी रुकती है बल्कि श्रम और समय की भी काफी बचत होती है। इसके साथ ही किसानों की उत्पादन लागत में भी उल्लेखनीय कमी आती है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार ड्रोन तकनीक से फसलों की निगरानी भी प्रभावी ढंग से की जा सकती है और किसानों को रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के सीधे संपर्क से बचाव मिलता है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी जोखिम कम होते हैं।
स्थानीय कृषक विजय पटेल और कमल पटेल ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे पिछले पांच वर्षों से आधुनिक कृषि तकनीकों का उपयोग करते हुए सब्जी, फूल एवं अन्य फसलों की खेती कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सहकारिता, कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के सहयोग से उन्हें अत्याधुनिक कृषि यंत्रों का लाभ मिल रहा है। ड्रोन के माध्यम से मात्र 7 मिनट में एक एकड़ क्षेत्र में उर्वरक का छिड़काव पूरा हो जाता है, जिससे समय और लागत दोनों में बड़ी बचत हो रही है। किसानों ने इसे बेहद उपयोगी तकनीक बताते हुए कहा कि इससे खेती अब अधिक लाभदायक बन रही है।

प्रदर्शन के अवसर पर सहायक पंजीयक ए. के. सिंह, वरिष्ठ सहकारी निरीक्षक विनय कुमार जेहोआश, महेंद्र कुमार टेकाम, सहकारिता विस्तार अधिकारी संदीप वर्मा, सहकारी निरीक्षक पल्लवी मेश्राम, रूपिका यादव, कृषि विभाग के आरईओ राजेश वर्मा, मार्केटिंग प्रबंधक संजय ठाकुर, समिति प्रबंधक उत्तरा टंडन, विनोद कुमार साहू, हरीश कुमार साहू सहित ड्रोन ऑपरेटर लोकेश साहू, पूरन निर्मलकर, मंशा साहू, हरीश वर्मा, प्रिंस राजपूत एवं बड़ी संख्या में किसान और विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

सहकारिता विभाग की यह पहल जिले में तकनीक आधारित खेती को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे किसानों को नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिल रहा है।

CM साय का ‘एक्शन मोड’: सभी योजनाओं की समीक्षा शुरू, 156 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी का तोहफा

रायपुर/राजधानी न्यूज – 01/07/2026

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर के मंत्रालय महानदी भवन में मैराथन समीक्षा बैठक बुलाई। बैठक में राज्य स्तरीय सभी विभागों के ACS, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक का एजेंडा:
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एक-एक कर सभी फ्लैगशिप योजनाओं – पीएम आवास, जल जीवन मिशन, आयुष्मान भारत, कृषि और आदिवासी विकास योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट ली। उन्होंने अधिकारियों को साफ कहा कि “जमीनी क्रियान्वयन में ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी”। योजनाओं की रैंकिंग सुधारने के निर्देश दिए।

खिलाड़ियों के लिए बड़ी घोषणा:
बैठक से पहले CM साय ने सोशल मीडिया पर ऐलान किया कि राज्य के 156 मेधावी खिलाड़ियों को जल्द ही विभिन्न विभागों में सरकारी नौकरी दी जाएगी। उन्होंने कहा, “छत्तीसगढ़ के युवा खेल में नाम रोशन कर रहे हैं। सरकार उनके भविष्य को सुरक्षित करेगी।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में खेल अधोसंरचना को मजबूत किया जा रहा है। आधुनिक सुविधाएं विकसित करने और नई खेल अकादमियों की स्थापना के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। हमारा लक्ष्य ऐसे खिलाड़ी तैयार करना है जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाएं।

प्रधानमंत्री मोदी को लिखा खत:
CM ने हाल ही में PM मोदी को पत्र लिखकर बताया कि केंद्र से मिली राशि से छत्तीसगढ़ में विकास का रथ तेजी से बढ़ रहा है। आज की बैठक को उसी दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

रायपुर के नकटी गांव में आधी रात ‘बुलडोजर एक्शन: 40 घर ढहे, ग्रामीणों-पुलिस में झड़प, 85 घर निशाने पर

रायपुर /राजधानीन्यूज – 01/07/2026

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगे नकटी गांव में आज तड़के 3 बजे का मंजर भयावह था। जिला प्रशासन, नगर निगम और भारी पुलिस बल के साथ पहुंचा और सरकारी जमीन पर बने 30 से 40 मकानों पर बुलडोजर चला दिया।

क्यों हुई कार्रवाई:
प्रशासन का दावा है कि ये सभी मकान सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर बनाए गए थे। नोटिस देने के बाद भी खाली नहीं किए गए। कुल 85 घरों को चिन्हित किया गया है।

ग्राउंड पर क्या हुआ:
जैसे ही बुलडोजर पहुंचे, सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष घरों से बाहर निकल आए। देखते ही देखते माहौल गरमा गया। ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। जवाब में पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। द स्क्रॉल इंडिया द्वारा जारी वीडियो में लोग अपना सामान बचाते दिख रहे हैं। एक ग्रामीण ने कैमरे पर कहा, “रात 3 बजे आए, बच्चों को लेकर कहां जाएं? कोई नोटिस नहीं मिला।”

वर्तमान स्थिति:
कार्रवाई के बाद 40 से ज्यादा परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। गांव में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। स्थानीय नेता मौके पर पहुंचकर प्रशासन से बातचीत कर रहे हैं।

वहां रहने वाले निवासियों का कहना है कि झूठा आश्वासन मिला

वहीं इसके विरोध में ग्रामीण धरने पर बैठए गए थे, उनमें इसलिए भी आक्रोश है क्योंकि दो दिन पहले ही सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोगों को भरोसा दिलाते हुए कहा था कि बारिश के मौसम में किसी के मकान नहीं तोड़े जाएंगे।

कार्रवाई पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने नकटी गांव का दौरा किया। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनका हाल जाना और सरकार की बुलडोजर कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताया।

इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने बेघर हुए और भोजन के लिए संघर्ष कर रहे परिवारों के लिए मौके पर ही भोजन व अन्य राहत सामग्री की व्यवस्था करवाई।(खबर सूत्र)


ड्रग्स एक्शन: ड्रग्स तस्करी में 31 केस वाला मुकेश बनिया गिरफ्तार 42 लाख की संपत्ति SAFEMA में जब्त

रायपुर 1 जुलाई 2026

छत्तीसगढ़ में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे हैं महा अभियान में रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने मंगलवार सुबह एक हाई-प्रोफाइल ऑपरेशन में कुख्यात ड्रग माफिया मुकेश बनिया को धर दबोचा। पुलिस ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर इसकी जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।

आपराधिक रिकॉर्ड:
मुकेश बनिया का नाम रायपुर के सबसे खतरनाक अपराधियों की लिस्ट में था। उस पर हत्या, दंगा, आर्म्स एक्ट, मारपीट, धमकी और मादक पदार्थों की तस्करी समेत 31 संगीन मामले दर्ज हैं। लंबे समय से पुलिस को इसकी तलाश थी।

SAFEMA के तहत बड़ी कार्रवाई:
गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस ने Smugglers and Foreign Exchange Manipulators Act (SAFEMA) के तहत मुकेश की 42 लाख रुपये की अवैध संपत्ति भी जब्त कर ली। इसमें मकान, गाड़ियां और बैंक खाते शामिल हैं।

आगे की जांच:
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि मामले में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की भी जांच चल रही है। आरोपी के मोबाइल, लैपटॉप और दूसरे डिजिटल उपकरणों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस को शक है कि इसका नेटवर्क दूसरे राज्यों तक फैला हुआ है।

ईको-टूरिज्म का आकर्षण: भोरमदेव जंगल सफारी बनी छत्तीसगढ़ की पहचान

रायपुर/कबीरधाम 30 जून 2026

एक माह में 480 से अधिक पर्यटक पहुंचे सफारी में।छत्तीसगढ़ की भोरमदेव जंगल सफारी राज्य में इको-टूरिज्म का नया आकर्षण बनकर उभरी है। संचालन के पहले ही महीने में 480 से अधिक पर्यटकों ने यहां जंगल सफारी का आनंद लिया, जिससे स्थानीय युवाओं, वन प्रबंधन समिति और स्व-सहायता समूहों को रोजगार और आय के नए अवसर मिले हैं।
वन विभाग के अनुसार सफारी का शुभारंभ 3 मई को किया गया था।

मानसून के कारण 4 जून से इसका संचालन अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है, जिसे बारिश के बाद नवंबर से फिर शुरू किया जाएगा। एक माह के दौरान सफारी से करीब पौने तीन लाख रुपये की आय हुई।

भोरमदेव जंगल सफारी से स्थानीय स्तर पर रोजगार को भी बढ़ावा मिला है। वाहन चालक, गाइड और गेटकीपर के रूप में कार्यरत 17 स्थानीय युवाओं ने 75 हजार रुपये से अधिक की आय अर्जित की। वहीं वन प्रबंधन समिति को 92 हजार रुपये तथा वन विभाग को 26 हजार रुपये से अधिक की आय हुई।

सफारी परिसर में स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित कैंटीन से भी 20 हजार रुपये से अधिक का लाभ हुआ, जिससे महिलाओं की आमदनी बढ़ी है।

करीब 36 किलोमीटर लंबे सफारी मार्ग में पर्यटकों को भारतीय गौर, भालू, नीलगाय, सांभर, बार्किंग डियर, बाघ के पदचिह्न, जंगली मुर्गा, विभिन्न पक्षियों और रंग-बिरंगी तितलियों को देखने का अवसर मिला। घने जंगल और प्राकृतिक सौंदर्य ने पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित किया।

इसके अलावा 1500 से अधिक पर्यटकों ने भोरमदेव के प्राकृतिक उद्यान का भी भ्रमण किया। वन विभाग का कहना है कि लगभग 352 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले भोरमदेव अभयारण्य की यह पहल प्रकृति संरक्षण, पर्यटन और स्थानीय आर्थिक विकास का सफल मॉडल बनकर सामने आई है।