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Wednesday, July 1, 2026

ड्रोन तकनीक : मात्र 7 मिनट पर एक एकड़ में हुआ उर्वरक छिड़काव

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बेमेतरा 01 जुलाई 2026

छत्तीसगढ़ कृषि में अब नए तकनीक आने से किसानों को सहूलियत के साथ कम समय अच्छा काम करने का अवसर मिल रहा है।सहकारिता सप्ताह के तृतीय दिवस पर केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय के पांच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में बेमेतरा जिले में किसानों को ड्रोन तकनीक के माध्यम से उर्वरक छिड़काव का प्रत्यक्ष प्रदर्शन कराया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़कर खेती को अधिक लाभकारी, सुरक्षित और लागत प्रभावी बनाना था। कृषि एवं सहकारिता विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान खेतों में ड्रोन के जरिए उर्वरक छिड़काव का लाइव प्रदर्शन किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि पारंपरिक तरीकों की तुलना में ड्रोन से छिड़काव अधिक तेज, सटीक और समान रूप से होता है। इससे न केवल उर्वरक की बर्बादी रुकती है बल्कि श्रम और समय की भी काफी बचत होती है। इसके साथ ही किसानों की उत्पादन लागत में भी उल्लेखनीय कमी आती है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार ड्रोन तकनीक से फसलों की निगरानी भी प्रभावी ढंग से की जा सकती है और किसानों को रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के सीधे संपर्क से बचाव मिलता है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी जोखिम कम होते हैं।
स्थानीय कृषक विजय पटेल और कमल पटेल ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे पिछले पांच वर्षों से आधुनिक कृषि तकनीकों का उपयोग करते हुए सब्जी, फूल एवं अन्य फसलों की खेती कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सहकारिता, कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के सहयोग से उन्हें अत्याधुनिक कृषि यंत्रों का लाभ मिल रहा है। ड्रोन के माध्यम से मात्र 7 मिनट में एक एकड़ क्षेत्र में उर्वरक का छिड़काव पूरा हो जाता है, जिससे समय और लागत दोनों में बड़ी बचत हो रही है। किसानों ने इसे बेहद उपयोगी तकनीक बताते हुए कहा कि इससे खेती अब अधिक लाभदायक बन रही है।

प्रदर्शन के अवसर पर सहायक पंजीयक ए. के. सिंह, वरिष्ठ सहकारी निरीक्षक विनय कुमार जेहोआश, महेंद्र कुमार टेकाम, सहकारिता विस्तार अधिकारी संदीप वर्मा, सहकारी निरीक्षक पल्लवी मेश्राम, रूपिका यादव, कृषि विभाग के आरईओ राजेश वर्मा, मार्केटिंग प्रबंधक संजय ठाकुर, समिति प्रबंधक उत्तरा टंडन, विनोद कुमार साहू, हरीश कुमार साहू सहित ड्रोन ऑपरेटर लोकेश साहू, पूरन निर्मलकर, मंशा साहू, हरीश वर्मा, प्रिंस राजपूत एवं बड़ी संख्या में किसान और विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

सहकारिता विभाग की यह पहल जिले में तकनीक आधारित खेती को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे किसानों को नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिल रहा है।

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