राम मंदिर लूट कांड: “चढ़ावा चोरी या हेराफेरी 40 दिन में 70 बार” अब बोलेगा बुलडोजर
अयोध्या न्यूज/ 02 जुलाई 2026
“आस्था पर बुलडोजर वार: राम मंदिर चढ़ावा घोटाले में SIT का शिकंजा, लव कुश मिश्रा के घर पर कार्रवाई तय”
पब्लिक कमेंट्स:
“जहाँ राम का नाम, वहाँ दाग कैसा? चढ़ावे की चोरी पर अब चलेगा कानून का बुलडोजर”
“रामराज्य कोष या लूट का कोष? भक्तों की आस्था पर डाका, SIT करेगी हिसाब”
अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट एक बार फिर विवादों के घेरे में है। एक तरफ ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास को तबीयत बिगड़ने पर लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है, तो दूसरी तरफ राम मंदिर में चढ़ावे और दान में कथित गड़बड़ी को लेकर SIT ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जनवरी में भी महंत की तबीयत बिगड़ी थी।
खबर अनुसार ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय एकांतवास में हैं, जिससे सवाल और गहरे हो गए हैं।
चढ़ावा चोरी मामले में सबसे बड़ा एक्शन आरोपी लव कुश मिश्रा के घर पर होने जा रहा है। अथॉरिटी ने उसके घर बुलडोजर चलाने का नोटिस थमा दिया है। SIT और पुलिस की संयुक्त छापेमारी में आरोपियों के घरों से नकदी और लेन-देन के दस्तावेज मिले हैं। CCTV फुटेज से खुलासा हुआ है कि सिर्फ 40 दिन में 70 चोरियां हुईं, तो साढ़े पांच साल में आंकड़ा क्या होगा, यह सोचकर ही भक्त सन्न हैं।
कुंभ के वक्त सबसे ज्यादा चोरी की बात भी जांच में सामने आई है। पुलिस को ‘रामराज्य कोष’ और नकली QR कोड के जरिए चंदा वसूली का बड़ा सुराग भी मिला है।
इस पूरे घोटाले में 400 सुरक्षाकर्मियों वाली एक प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी की भूमिका भी संदिग्ध है। यह एजेंसी RSS से जुड़े बिहार के एक पूर्व सांसद की बताई जा रही है, जिसे सालाना 12 करोड़ रुपए दिए जाते थे। सवाल यह है कि जब केंद्र और राज्य के सुरक्षाबल पहले से तैनात हैं, तो ये 400 गार्ड्स ‘लूट के माल के रूट’ पर क्या कर रहे थे? SIT की जांच अब अनिल मिश्रा तक भी पहुंच रही है, जिन पर मंदिर में नौकरियों के लिए कमीशन खाने के आरोप हैं।
मामले पर सियासत भी तेज हो गई है। AICC सोशल मीडिया चेयरपर्सन Supriya Shrinate ने आरोप लगाया कि SIT की रिपोर्ट तैयार है पर सार्वजनिक नहीं की गई। उनका कहना है कि “SIT का काम प्यादों को पकड़ना और बड़े लोगों को छोड़ना था, ताकि माल ठिकाने लग जाए।”
वहीं धीरेंद्र शास्त्री ने भोपाल में कहा कि “महादंड मिलेगा”। देश भर के भक्तों ने आस्था से दान दिया, लेकिन अब पारदर्शिता की मांग उठ रही है। निष्पक्ष जांच के बाद ही सच सामने आएगा।
- Advertisement -
- Advertisement -