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Saturday, October 31, 2026
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सीजेपी का धरना प्रदर्शन जारी,एक वायरल वीडियो में विमान यात्री की अपील

डिजिटल डेस्क/दिल्ली —21/07/2026

आज सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) को कुछ लोग, खासकर एकपक्षीय विचार रखने वाले लोग, हास्यास्पद नज़रों से देख रहे हैं और उसका मज़ाक बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जो सरासर नाइंसाफी है। यह कॉकरोच कहाँ से पैदा हुआ, इसमें युवाओं की भीड़ का जमावड़ा क्यों हो रहा है, इस पर ध्यान देने की ज़रूरत है।

युवाओं पर हँसना ठीक नहीं है। यह किसी खराब सिस्टम के खिलाफ एक प्रदर्शन है, न कि सरकार के खिलाफ या देश के खिलाफ। युवा आवाज़ नहीं उठाएगा तो समाज और खराब सिस्टम में सुधार कैसे आएगा?

उड़ने को बेताब अभी, घायल हुआ परिन्दा है
संसद मार्च और मुद्दा_सीजेपी समर्थकों ने जंतर-मंतर से ‘चलो संसद’ मार्च निकाला, जो पिछले 14 वर्षों में संसद के दरवाजे तक पहुंचने वाला सबसे बड़ा प्रदर्शन बन गया।

जेपी और अन्ना हजारे का आंदोलन
एक नजर हम देखें तो पूर्व के दो आंदोलनों की शुरुआत आम लोगों, छात्रों और कार्यकर्ताओं द्वारा की गई थी और बाद में इन्हें गैर-राजनीतिक सामाजिक नेताओं (जैसे जेपी और अन्ना हजारे) का नेतृत्व मिला।

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का धरना प्रदर्शन 20 जुलाई को जंतर‑मंतर से हटाने के प्रशासनिक प्रयासों के बावजूद जारी रहा, जब रात करीब 11 बजे पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके और सैकड़ों समर्थक वापस आकर टूटे हुए मंच को फिर से सजा कर धरने पर बैठ गए।

कल के दिन आयोजित ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बल के बीच हाथापाई और टकराव की घटनाएँ हुईं, पुलिस ने भीड़ नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का उपयोग किया तथा सुरक्षा कारणों से संसद के मुख्य द्वारों को बंद कर दिया गया।

झड़पों में दर्ज रिपोर्टों के मुताबिक कई पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं, जबकि कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया।

CJP ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा, अस्पताल में भर्ती कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की रिहाई और NEET पेपर लीक जैसी अनियमितताओं से प्रभावित परीक्षार्थियों के परिवारों को 1‑1 करोड़ रुपये मुआवजा।

खबरों पर देखें तो पार्टी ने कहा है कि इन मांगों को लिखित रूप में स्वीकार न किया जाने तक उनका संसद मार्च और जंतर‑मंतर पर धरना जारी रहेगा।

हवाओं में तैरती आवाज
धरने के साथ जुड़े एक वायरल वीडियो में एक विमान यात्री भीड़ से अपील करते दिखा, जिसने सोशल मीडिया पर काफी समर्थन और तारीफ बटोरी; हालांकि इस क्लिप और कुछ दावों की स्वतंत्र तौर पर पुष्टि अब भी बाकी है। राजधानी में स्थिति पर निगरानी तेज रखी गयी है और आगे की कार्रवाई तथा वार्ताओं की खबरें आने की उम्मीद है।


कमजोर मानसून से बारिश की रफ्तार सुस्त, 19 जुलाई तक 24% की कमी

रायपुर 20 जुलाई 2026

राज्य सरकार ने भी कृषि और संबंधित विभागों को सतर्क रहने तथा किसानों को आवश्यक सहायता देने के निर्देश दिए हैं, साथ ही मौसम विभाग की सलाह के अनुसार कृषि कार्य करने की अपील की है।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के आंकड़ों के अनुसार पूरे प्रदेश में इस अवधि में कुल 317.8 मिमी बारिश हुई, जबकि मानक औसत 418.6 मिमी होना चाहिए था, यानी करीब 24% की कमी रही।

छत्तीसगढ़ में मानसूनी बारिश का वितरण असमान बना हुआ है; 1 जून से 20 जुलाई 2026 तक हालिया मूसलाधार बारिश से कुछ सुधार मिलने के बावजूद राज्य के 33 जिलों में से 18 जिलों में अभी भी सामान्य से कम वर्षा दर्ज हुई है।

केवल चार जिले — सारंगढ़-बिलाईगढ़, मुंगेली, जांजगीर-चांपा और बलौदा बाजार — में ही सामान्य से अधिक वर्षा हुई। रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, सूरजपुर, कोरिया और रायगढ़ सहित लगभग एक दर्जन जिले सामान्य सीमा में आए हैं।

कम बारिश का सबसे सख्त असर बस्तर संभाग के कई जिलों (सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, कांकेर) और सरगुजा के कुछ उत्तरी हिस्सों पर पड़ा है; राजनांदगांव व कवर्धा के ग्रामीण इलाके भी प्रभावित रहे। कृषि विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि अगली कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो खरीफ फसलों, विशेषकर धान की बुवाई व विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

IMD रायपुर ने अगले 2–3 दिनों में नए मानसूनी सिस्टम के सक्रिय होने का अनुमान जताया है, जिससे कम बारिश वाले जिलों का घाटा कुछ हद तक पूरा हो सकता है।


संसद मार्च से पहले कॉकरोच जनता पार्टी का शक्ति प्रदर्शन, केंद्र सरकार पर साधा निशाना

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डिजिटल- न्यूज/नईदिल्ली – 20 जुलाई 2026

संसद के मानसून सत्र के पहले दिन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दिल्ली में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शक्ति प्रदर्शन किया। पार्टी के कार्यकर्ता संसद की ओर कूच के लिए एकत्र हुए, जहां बड़ी संख्या में युवाओं की मौजूदगी देखने को मिली।

सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस ने संसद मार्ग और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त बल तैनात किया।

सोशल मीडिया मंच X पर कॉकरोच जनता पार्टी के आधिकारिक सत्यापित अकाउंट से प्रदर्शन का एक वीडियो साझा किया गया है।

पोस्ट में प्रधानमंत्री से युवाओं की बात सुनने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग की गई है। वीडियो में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी नारे लगाते और मार्च करते दिखाई दे रहे हैं।

यह आंदोलन पिछले कुछ समय से शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और युवाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर चल रहा है।

संगठन का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
वहीं, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं।

समाचार लिखे जाने तक प्रदर्शन जारी था और किसी बड़ी अप्रिय घटना की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी।
नोट: यह वीडियो कॉकरोच जनता पार्टी के आधिकारिक X (पूर्व ट्विटर) अकाउंट द्वारा साझा किया गया है।
वीडियो में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि संबंधित सरकारी एजेंसियों द्वारा नहीं की गई है।

प्रकृति श्रृंगार अभियान – समग्र ब्राह्मण परिषद् की रायपुर बैठक में बड़े फैसले

प्रांत स्तरीय युवक-युवती एवं पुनर्विवाह परिचय सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।

रायपुर छत्तीसगढ़ 20 जुलाई 2026

परिषद की बैठक में परिषद् के “प्रकृति श्रृंगार” अभियान के तहत 26 जुलाई अथवा 2 अगस्त को रायपुर में वृहद पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया।

समग्र ब्राह्मण परिषद् छत्तीसगढ़ की रायपुर शहर इकाई की महत्वपूर्ण बैठक रविवार को पुरानी बस्ती स्थित श्री महामाया देवी मंदिर परिसर में उत्साहपूर्ण माहौल में आयोजित हुई। बैठक में संगठन की सामाजिक, धार्मिक एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी आगामी गतिविधियों पर विस्तृत चर्चा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए।

साथ ही संगठन को प्रदेशभर में अधिक सक्रिय एवं जनसरोकारों से जोड़ने की रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया गया।

अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना तथा अधिक से अधिक लोगों को वृक्षारोपण के लिए प्रेरित करना है। पदाधिकारियों ने इस अभियान को पूरे प्रदेश में जनभागीदारी के साथ संचालित करने का आह्वान किया।

सावन माह के धार्मिक आयोजनों के तहत 25 अगस्त को भौम प्रदोष के अवसर पर भगवान एकलिंग जी का विशेष पूजन, रुद्राभिषेक तथा मांगलिक दोष से प्रभावित जातकों की मंगल शांति के लिए विशेष वैदिक अनुष्ठान आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया। इस आयोजन में अधिकाधिक श्रद्धालुओं एवं समाजजनों की सहभागिता सुनिश्चित करने की योजना बनाई गई।

बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय दिसंबर 2026 अथवा जनवरी 2027 में “प्रांत स्तरीय समग्र ब्राह्मण युवक-युवती एवं पुनर्विवाह परिचय सम्मेलन” आयोजित करने का रहा।

सम्मेलन का उद्देश्य योग्य युवक-युवतियों एवं पुनर्विवाह के इच्छुक पात्रों को सामाजिक मंच उपलब्ध कराना, पारिवारिक मूल्यों को सुदृढ़ करना तथा समाज में सकारात्मक सोच और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है।

आयोजन की तैयारियों के लिए शीघ्र विभिन्न समितियों का गठन कर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

बैठक में सामाजिक सेवा, युवा सहभागिता, मातृशक्ति की सक्रिय भूमिका तथा संगठन के विस्तार पर भी चर्चा हुई।

प्रदेश सचिव पं. सजल तिवारी ने कहा कि समग्र ब्राह्मण परिषद् केवल एक सामाजिक संगठन नहीं, बल्कि सेवा, संस्कार, संगठन और सांस्कृतिक चेतना का सशक्त माध्यम है। परिषद् भविष्य में भी पर्यावरण संरक्षण, धार्मिक जागरण और सामाजिक एकता के लिए जनहितकारी अभियान चलाती रहेगी।

बैठक में श्रीमती खुशबु शर्मा, श्रीमती संध्या उपाध्याय, श्रीमती प्रीति तिवारी, पं. विजय पांडेय, पं. श्रीकांत तिवारी, डॉ. भावेश शुक्ला “पराशर” सहित रायपुर शहर के अनेक पदाधिकारी एवं सहयोगी उपस्थित रहे।



कम बारिश से कर्नाटक में सूखे के आसार, किसानों की चिंता बढ़ी; 20 जुलाई को आपात कैबिनेट बैठक

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बेंगलुरु- 20 जुलाई 2026

कर्नाटक में इस बार कमजोर मॉनसून और सामान्य से कम बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

राज्य के कई हिस्सों में वर्षा की भारी कमी के कारण सूखे जैसे हालात बनने लगे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने 20 जुलाई को कैबिनेट की आपातकालीन बैठक बुलाई है।

बैठक में सूखे की स्थिति, किसानों की समस्याओं और राहत उपायों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष राज्य में सामान्य से लगभग 30 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है।

मॉनसून की देरी और कम बारिश का सीधा असर खरीफ फसलों, सिंचाई व्यवस्था और पेयजल उपलब्धता पर पड़ रहा है। कई जिलों में किसानों की बुवाई प्रभावित हुई है, जबकि कुछ क्षेत्रों से सूखे के कारण लोगों के पलायन की भी जानकारी सामने आई है।

सरकार सभी जिलों के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जमीनी हालात की समीक्षा करेगी। बारिश के आंकड़ों और जिला प्रशासन से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी ताकि प्रभावित किसानों को समय पर राहत उपलब्ध कराई जा सके।

राज्य सरकार ने फिलहाल सभी प्रमुख जलाशयों में उपलब्ध पानी को केवल पेयजल आवश्यकता के लिए सुरक्षित रखने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सिंचाई के लिए पानी तभी छोड़ा जाएगा, जब बांधों में पर्याप्त जल उपलब्ध होगा।

उन्होंने किसानों से अपील की कि वे सिंचाई के भरोसे बुवाई करने के बजाय वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए कम पानी की आवश्यकता वाली फसलों को प्राथमिकता दें और जल संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करें।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में पर्याप्त वर्षा नहीं हुई, तो खरीफ उत्पादन पर व्यापक असर पड़ सकता है और राज्य के कई जिलों में सूखे की आधिकारिक घोषणा की नौबत भी आ सकती है।

फुटबॉल का नया बादशाह स्पेन: अर्जेंटीना को हराकर जीता फीफा विश्व कप 2026 का खिताब

न्यू जर्सी, 20 जुलाई 2026

स्पेन की यह जीत नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के दमदार प्रदर्शन और बेहतरीन टीमवर्क का प्रतीक मानी जा रही है। विश्व कप 2026 की ट्रॉफी जीतकर स्पेन ने एक बार फिर दुनिया को दिखा दिया कि वह विश्व फुटबॉल की सबसे मजबूत टीमों में से एक है।

निर्धारित 90 मिनट तक दोनों टीमें कोई गोल नहीं कर सकीं और मुकाबला 0-0 की बराबरी पर रहा। इसके बाद मैच अतिरिक्त समय (एक्स्ट्रा टाइम) में पहुंचा, जहां स्पेन के लिए निर्णायक क्षण 106वें मिनट में आया। बतौर सब्स्टीट्यूट मैदान पर उतरे फेरान टोरेस ने निको विलियम्स के सटीक पास को शानदार गोल में बदलकर स्पेन को बढ़त दिलाई।

यही गोल अंततः स्पेन की ऐतिहासिक जीत का कारण बना।

स्पेन ने एक बार फिर विश्व फुटबॉल में अपना परचम लहराते हुए फीफा विश्व कप 2026 का खिताब जीत लिया। रविवार को न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में स्पेन ने गत चैंपियन अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर दूसरी बार विश्व विजेता बनने का गौरव हासिल किया।

स्पेन ने इससे पहले वर्ष 2010 में पहली बार फीफा विश्व कप का खिताब जीता था। 16 वर्षों बाद टीम ने दूसरी बार विश्व कप ट्रॉफी अपने नाम कर फुटबॉल जगत में अपनी बादशाहत साबित की।

वहीं, अर्जेंटीना का लगातार दूसरा विश्व कप जीतने का सपना अधूरा रह गया। कप्तान फाइनल मुकाबले में अपनी छाप छोड़ने में सफल नहीं रहे। इसके साथ ही अर्जेंटीना इटली (1934, 1938) और ब्राजील (1958, 1962) की तरह लगातार दो विश्व कप जीतने वाली टीमों की सूची में शामिल होने से चूक गया।

फाइनल तक पहुंचने का दोनों टीमों का सफर बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। स्पेन ने सेमीफाइनल सहित पूरे नॉकआउट चरण में फ्रांस और पुर्तगाल जैसी मजबूत टीमों को हराकर अपनी ताकत साबित की, जबकि अर्जेंटीना ने लगातार तीन नॉकआउट मुकाबलों में अतिरिक्त समय तक चले संघर्षपूर्ण मैच जीतकर फाइनल में जगह बनाई थी।



संसद के मानसून सत्र से पहले सरकार ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, 20 जुलाई से शुरू होगा सत्र

नई दिल्ली -19 जुलाई 2026

संसद के मानसून सत्र से एक दिन पहले सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई। शनिवार 19 जुलाई को संसद भवन परिसर में हुई इस बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा बुलाई गई इस बैठक में 40 राजनीतिक दलों के 58 नेताओं ने हिस्सा लिया। बैठक में राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा, अर्जुन राम मेघवाल और एल मुरुगन भी मौजूद रहे।

बैठक में जानकारी दी गई कि संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई, सोमवार से शुरू होगा और 13 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान 25 दिनों में कुल 19 बैठकें होंगी।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि मानसून सत्र के लिए विधायी एजेंडा पहले ही 16 जुलाई को जारी किया जा चुका है। उन्होंने सभी दलों से सदन के सुचारू संचालन में सहयोग की अपील की और कहा कि सरकार नियमों के तहत किसी भी महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है।

बैठक में विभिन्न दलों के नेताओं ने आगामी सत्र में उठाए जाने वाले मुद्दों पर अपने सुझाव रखे और सहयोग का आश्वासन दिया। अंत में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सभी नेताओं का आभार जताया।स्रोत: पीआईबी दिल्ली

बेमेतरा में देशी कट्टा लहराकर लोगों को डराने वाले 2 आरोपी गिरफ्तार

बेमेतरा/छत्तीसगढ़ 19 जुलाई 2026

बेमेतरा जिले के ग्राम खुडमुड़ी में गौठान के पास बाजार चौक में देशी कट्टा लहराकर लोगों को डराने-धमकाने के मामले में सिटी कोतवाली पुलिस ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों के पास से एक देशी कट्टा भी बरामद किया गया है।

पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि खुडमुड़ी गाँव में एक व्यक्ति काले रंग का देशी कट्टा लहराकर आम लोगों को धमका रहा है। पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल के निर्देश पर अतिरिक्त एसपी हरीश यादव और एसडीओपी भूषण एक्का के मार्गदर्शन में सिटी कोतवाली थाना प्रभारी सोनल ग्वाला के नेतृत्व में टीम गठित की गई।

मौके पर पहुँचकर पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ा, जिसने अपना नाम तुषार निषाद (23 वर्ष, निवासी खुडमुड़ी) बताया। पूछताछ में सामने आया कि यह कट्टा उसे नवागाँव निवासी प्रतीक वैष्णव उर्फ दद्दू ने दिया था। तुषार के पास से करीब 30,000 रुपये कीमत का एक देशी कट्टा जब्त किया गया, जिसका उसके पास कोई वैध दस्तावेज नहीं था।

दूसरे आरोपी प्रतीक वैष्णव को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने बताया कि कट्टा उसे अपने खेत की मेढ़ के पास कनेर के पेड़ के नीचे पड़ा मिला था, जो उसने तुषार को दे दिया।

दोनों आरोपियों — तुषार निषाद और प्रतीक वैष्णव उर्फ दद्दू दाऊ — के विरुद्ध आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत मामला दर्ज कर 18 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया गया और न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया गया। इस कार्रवाई में थाना स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

सवाल जंतर_मंतर: सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल और जंतर-मंतर से हटाए जाने पर बवाल

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डिजिटल डेस्क/नई दिल्ली-19 जुलाई 2026

लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक एक बार फिर राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में हैं। जंतर-मंतर पर चल रही उनकी 21 दिन की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के बाद पुलिस द्वारा उन्हें हटाए जाने की खबर से एक बड़ी कानूनी और राजनीतिक बहस छिड़ गई है।

आंदोलन क्यों है?
प्रसिद्ध इंजीनियर सोनम वांगचुक 28 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन को समर्थन देते हुए अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे हैं। CJP केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और NEET पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजे की मांग कर रही है।

20 जुलाई को संसद मार्च का ऐलान
स्वास्थ्य बिगड़ने के बीच वांगचुक ने सोशल मीडिया पर भावुक अपील की है। उन्होंने कहा, “मेरी भूख हड़ताल खत्म करने के लिए आपके संदेशों का शुक्रिया, लेकिन इससे उन 20 छात्रों को कोई मदद नहीं मिलेगी जिन्होंने आत्महत्या की… अगर आप सच में चाहते हैं कि मैं जिंदा रहूं, तो सोफे से उठिए और 20 जुलाई को मेरे साथ संसद तक शांतिपूर्ण मार्च करिए।”

CJP ने भी ऐलान किया है कि 20 जुलाई को मानसून सत्र के पहले दिन जंतर-मंतर से संसद तक शांतिपूर्ण मार्च निकाला जाएगा, जिसमें वांगचुक शामिल होंगे।

समर्थकों का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें जबरन हटाया और भारी बारिश में भी प्रदर्शन स्थल पर तिरपाल लाने से रोका गया। CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने इसका वीडियो भी शेयर किया था।

समर्थकों का आरोप बनाम सरकार का पक्ष

समर्थकों का आरोप: यह शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार (अनुच्छेद 19) का हनन है। पुलिस ने बिना मेडिकल इमरजेंसी के उन्हें हटाया।

प्रशासन का तर्क (सामान्य प्रोटोकॉल): दिल्ली पुलिस ऐसे मामलों में अक्सर BNSS की धारा 163 (पहले CrPC 144) के तहत “जीवन रक्षा के लिए एहतियाती हिरासत” का हवाला देती है। डॉक्टरों की राय में अगर अनशनकारी की जान को खतरा है, तो उसे अस्पताल शिफ्ट करना सरकार की जिम्मेदारी बन जाता है।

क्या कहता है कानून? क्या सरकार जबरदस्ती खाना खिला सकती है?

इस सवाल पर भारत में कानून की स्थिति बहुत स्पष्ट है:उपलब्ध जानकारी अनुसार

भूख हड़ताल अपराध नहीं है: सुप्रीम कोर्ट पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि लोकतांत्रिक मांग के लिए भूख हड़ताल करना आत्महत्या का प्रयास नहीं है।

जबरन हटाना – हिरासत नहीं, मेडिकल प्रोटेक्शन: अगर मेडिकल रिपोर्ट कहती है कि व्यक्ति की जान को खतरा है, तो पुलिस उसे हिरासत में लेकर अस्पताल ले जा सकती है। अदालतें इसे गिरफ्तार करना नहीं, बल्कि अनुच्छेद 21 (जीवन के अधिकार) की रक्षा मानती हैं।

जबरदस्ती खाना खिलाने पर मनाही है: भारतीय चिकित्सा परिषद और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, होश में बैठे किसी व्यक्ति को उसकी मर्जी के खिलाफ नली से खाना नहीं खिलाया जा सकता। यह यातना की श्रेणी में आता है। डॉक्टर तभी हस्तक्षेप कर सकते हैं जब व्यक्ति बेहोश हो जाए या मेडिकल बोर्ड उसे निर्णय लेने में असमर्थ घोषित कर दे।

सुप्रीम कोर्ट की भूमिका: लद्दाख आंदोलन के दौरान जब वांगचुक को जोधपुर जेल में NSA के तहत बंद किया गया था, तब भी सुप्रीम कोर्ट में उनकी मेडिकल जांच को लेकर सुनवाई हुई थी। तब केंद्र ने कहा था कि उनकी 24 बार मेडिकल जांच हुई है और वे स्वस्थ हैं।

अब अगली नजर 20 जुलाई के प्रस्तावित संसद मार्च से पहले सरकार और वांगचुक के बीच कोई बातचीत शुरू होती है या यह आंदोलन और तेज होता है पर है।

खाड़ी युद्ध का नया मोर्चा: अब पानी के प्लांट भी निशाने पर

डिजिटल डेस्क 19 जुलाई 2026

अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध अब एक खतरनाक मोड़ ले चुका है। मिसाइल, ड्रोन और सैन्य ठिकानों के बाद अब दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के डिसेलिनेशन प्लांट्स (समुद्री खारे पानी को पीने लायक बनाने वाले संयंत्र) को निशाना बनाना शुरू कर दिया है।

खबर सूत्रों पर अमेरिका और ईरान के बीच अब समुद्र के खारे पानी को साफ करने वाले प्लांट्स को निशाना बनाया जा रहा है।

अमेरिकी हमलों ने ईरान के दक्षिणी होर्मोज़गान प्रांत में एक बिजली और डिसेलिनेशन प्लांट को निशाना बनाया, जिसकी पुष्टि ईरानी सरकारी टीवी ने की। यह हमला स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के तट पर स्थित बोन्जी गाँव में हुआ।

जवाबी कार्रवाई में ईरान ने कुवैत में भी एक डिसेलिनेशन प्लांट और एक तेल प्रतिष्ठान पर हमला किया, जिससे संयंत्र में आग लग गई और कई बिजली उत्पादन इकाइयाँ बंद करनी पड़ीं। यह चिंताजनक इसलिए भी है क्योंकि कुवैत अपनी 90% पेयजल आपूर्ति के लिए डिसेलिनेशन पर ही निर्भर है, और दो दिनों में यह दूसरा ऐसा हमला था।

मार्च से चल रहा है यह सिलसिला

यह विवाद मार्च 2026 में तभी शुरू हो गया था जब ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में क़ेश्म द्वीप स्थित एक डिसेलिनेशन प्लांट पर हमले का आरोप लगाया था, जिससे 30 गाँवों की पानी आपूर्ति बाधित हुई Fortune । अमेरिका ने इस आरोप से इनकार किया था।
विशेषज्ञों की चिंता है कि यह सिलसिला और खतरनाक हो सकता है — खाड़ी क्षेत्र के अन्य देशों में भी डिसेलिनेशन संयंत्रों को सीधे या परोक्ष रूप से नुकसान पहुँचा है, और ऐसे नागरिक ढाँचे पर हमलों को सामान्य बनाना भविष्य के युद्धों के लिए एक खतरनाक मिसाल कायम कर सकता है।

अब तक भारी नुकसान

युद्धविराम की कोशिशें भी नाकाम रही हैं — पिछले महीने हुआ अस्थायी संघर्ष विराम टूट चुका है, और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नियंत्रण को लेकर दोनों पक्षों के बीच लगातार हमले जारी हैं।इस संघर्ष में अब तक जान गंवाने वाले अमेरिकी सैनिकों की कुल संख्या 16 हो गई है।वहीं खबरों पर ईरान का दावा है कि पिछले तीन हफ्तों में अमेरिकी हमलों में उसके 50 से ज्यादा लोग मारे गए हैं और 500 से ज्यादा घायल होने की खबर है।