डिजिटल डेस्क 19 जुलाई 2026
अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध अब एक खतरनाक मोड़ ले चुका है। मिसाइल, ड्रोन और सैन्य ठिकानों के बाद अब दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के डिसेलिनेशन प्लांट्स (समुद्री खारे पानी को पीने लायक बनाने वाले संयंत्र) को निशाना बनाना शुरू कर दिया है।
खबर सूत्रों पर अमेरिका और ईरान के बीच अब समुद्र के खारे पानी को साफ करने वाले प्लांट्स को निशाना बनाया जा रहा है।
अमेरिकी हमलों ने ईरान के दक्षिणी होर्मोज़गान प्रांत में एक बिजली और डिसेलिनेशन प्लांट को निशाना बनाया, जिसकी पुष्टि ईरानी सरकारी टीवी ने की। यह हमला स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के तट पर स्थित बोन्जी गाँव में हुआ।
जवाबी कार्रवाई में ईरान ने कुवैत में भी एक डिसेलिनेशन प्लांट और एक तेल प्रतिष्ठान पर हमला किया, जिससे संयंत्र में आग लग गई और कई बिजली उत्पादन इकाइयाँ बंद करनी पड़ीं। यह चिंताजनक इसलिए भी है क्योंकि कुवैत अपनी 90% पेयजल आपूर्ति के लिए डिसेलिनेशन पर ही निर्भर है, और दो दिनों में यह दूसरा ऐसा हमला था।
मार्च से चल रहा है यह सिलसिला
यह विवाद मार्च 2026 में तभी शुरू हो गया था जब ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में क़ेश्म द्वीप स्थित एक डिसेलिनेशन प्लांट पर हमले का आरोप लगाया था, जिससे 30 गाँवों की पानी आपूर्ति बाधित हुई Fortune । अमेरिका ने इस आरोप से इनकार किया था।
विशेषज्ञों की चिंता है कि यह सिलसिला और खतरनाक हो सकता है — खाड़ी क्षेत्र के अन्य देशों में भी डिसेलिनेशन संयंत्रों को सीधे या परोक्ष रूप से नुकसान पहुँचा है, और ऐसे नागरिक ढाँचे पर हमलों को सामान्य बनाना भविष्य के युद्धों के लिए एक खतरनाक मिसाल कायम कर सकता है।
अब तक भारी नुकसान


