कमजोर मानसून से बारिश की रफ्तार सुस्त, 19 जुलाई तक 24% की कमी
रायपुर 20 जुलाई 2026
राज्य सरकार ने भी कृषि और संबंधित विभागों को सतर्क रहने तथा किसानों को आवश्यक सहायता देने के निर्देश दिए हैं, साथ ही मौसम विभाग की सलाह के अनुसार कृषि कार्य करने की अपील की है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के आंकड़ों के अनुसार पूरे प्रदेश में इस अवधि में कुल 317.8 मिमी बारिश हुई, जबकि मानक औसत 418.6 मिमी होना चाहिए था, यानी करीब 24% की कमी रही।
छत्तीसगढ़ में मानसूनी बारिश का वितरण असमान बना हुआ है; 1 जून से 20 जुलाई 2026 तक हालिया मूसलाधार बारिश से कुछ सुधार मिलने के बावजूद राज्य के 33 जिलों में से 18 जिलों में अभी भी सामान्य से कम वर्षा दर्ज हुई है।
केवल चार जिले — सारंगढ़-बिलाईगढ़, मुंगेली, जांजगीर-चांपा और बलौदा बाजार — में ही सामान्य से अधिक वर्षा हुई। रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, सूरजपुर, कोरिया और रायगढ़ सहित लगभग एक दर्जन जिले सामान्य सीमा में आए हैं।
कम बारिश का सबसे सख्त असर बस्तर संभाग के कई जिलों (सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, कांकेर) और सरगुजा के कुछ उत्तरी हिस्सों पर पड़ा है; राजनांदगांव व कवर्धा के ग्रामीण इलाके भी प्रभावित रहे। कृषि विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि अगली कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो खरीफ फसलों, विशेषकर धान की बुवाई व विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
IMD रायपुर ने अगले 2–3 दिनों में नए मानसूनी सिस्टम के सक्रिय होने का अनुमान जताया है, जिससे कम बारिश वाले जिलों का घाटा कुछ हद तक पूरा हो सकता है।
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