22.1 C
Raipur
Friday, October 30, 2026
Home Blog Page 110

किसानों के लिए उर्वरक पर उप समिति गठित, अग्निवीरों को 3 विभागों में 10% आरक्षण

रायपुर- 22 जुलाई 2026

छत्तीसगढ़ कैबिनेट में आज 2 बड़े फैसले। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में मंत्रिपरिषद की बैठक हुई जिसमें महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

1. उर्वरक उपलब्धता के लिए मंत्री-मंडलीय उप समिति का गठन
प्रदेश के किसानों को खरीफ और रबी मौसम में खाद-उर्वरकों की समय पर और सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उप समिति बनाई गई है। यह समिति उर्वरक आपूर्ति, वितरण और प्रबंधन पर सरकार को सुझाव देगी।

समिति में उप मुख्यमंत्री (लोक निर्माण, PHE, नगरीय प्रशासन, खेल एवं युवा कल्याण) को अध्यक्ष बनाया गया है। कृषि मंत्री, सहकारिता मंत्री और वित्त मंत्री सदस्य होंगे। कृषि उत्पादन आयुक्त संयोजक रहेंगे। समिति जरूरत पड़ने पर अधिकारियों और विशेषज्ञों को भी बुला सकेगी।

2. अग्निवीरों के लिए बड़ी सौगात – 10% आरक्षण
कैबिनेट ने अग्निवीर सैनिकों के पुनर्वास के लिए ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब पुलिस विभाग में आरक्षक, वन विभाग में वनरक्षक और जेल विभाग में प्रहरी के तृतीय श्रेणी के सीधी भर्ती के पदों पर अग्निवीरों को 10 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा।

इसके लिए “छत्तीसगढ़ अग्निवीर सैनिकों के लिए राज्य सिविल सेवाओं में तृतीय श्रेणी पदों में आरक्षण नियम-2026” को मंजूरी दी गई।

यह लाभ उन अग्निवीरों को मिलेगा जिन्होंने 4 वर्ष की सेवा पूरी कर वैध प्रमाण-पत्र के साथ सेवा मुक्ति पाई हो। यह निर्णय मुख्यमंत्री द्वारा 26 जुलाई 2024 को विधानसभा में की गई घोषणा के परिपालन में लिया गया है।

इससे अग्निवीरों को रोजगार मिलेगा और उनके अनुभव का लाभ राज्य के सुरक्षा तंत्र को मिलेगा।

वन विभाग का हरित अभियान: हरियाली बढ़ाने का सरल और प्रभावी माध्यम सीड बॉल

रायपुर- 22 जुलाई 2026

जनभागीदारी से साकार हो रहा हरित छत्तीसगढ़ का संकल्प।

छत्तीसगढ़ वन विभाग का उद्देश्य सिर्फ पौधे लगाना नहीं, बल्कि समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता लाना भी है। यदि प्रत्येक नागरिक वर्षा ऋतु में कुछ सीड बॉल तैयार कर उपयुक्त स्थानों पर डाले, तो आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ का हरित आवरण और समृद्ध होगा।

सीड बॉल पर्यावरण को हरा-भरा बनाने और वनीकरण का एक बेहद सरल, किफायती और अत्यधिक प्रभावी माध्यम है। यह कम लागत में अधिक क्षेत्र को हरित बनाने का सबसे आसान उपाय है।

क्या है सीड बॉल?
सीड बॉल बीज, चिकनी मिट्टी और जैविक खाद (गोबर या वर्मीकम्पोस्ट) से बना एक छोटा सूखा गोला होता है। बीजों को इस प्राकृतिक आवरण में सुरक्षित कर लिया जाता है ताकि वे पक्षियों, कीड़ों से बचे रहें। मानसून की पहली अच्छी बारिश के बाद इन्हें जंगलों, पहाड़ियों, खाली भूमि और दुर्गम क्षेत्रों में फेंक दिया जाता है। पानी मिलते ही बीज अंकुरित होकर पौधे का रूप ले लेते हैं।

वन विभाग का हरित अभियान
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देश पर वन विभाग द्वारा ‘एक पेड़ माँ के नाम’, वन महोत्सव, ‘युवा फॉर नेचर’ के साथ-साथ सीड बॉल अभियान को भी व्यापक स्तर पर चलाया जा रहा है। स्कूलों, महाविद्यालयों, स्वयंसेवी संस्थाओं, महिला स्व-सहायता समूहों और ग्रामीणों की भागीदारी से लाखों सीड बॉल तैयार कर जंगलों में डाली जा रही हैं।

जैव विविधता संरक्षण में भूमिका
इसमें महुआ, इमली, हर्रा, बहेरा, जामुन, करंज, नीम, बरगद, पीपल, आम, साल, बीजा, चार, खमार जैसी स्थानीय प्रजातियों के बीजों का उपयोग हो रहा है। इससे प्राकृतिक वनों का विस्तार, वन्यजीवों को भोजन-आश्रय और जैव विविधता का संरक्षण सुनिश्चित हो रहा है।


11 छात्रों का दंतेवाड़ा से MBBS में चयन तय: आवासीय कोचिंग ‘छू लो आसमान’ का NEET में कमाल –

दंतेवाड़ा/छत्तीसगढ़ – 22 जुलाई 2026

सुशासन सरकार के प्रयासों से बस्तर के सपने साकार होते दिख रहे हैं ,यहां से अब 11 छात्र MBBS बनकर जन सेवा के कार्यों को पूरा करेंगे।NEET-UG 2026 में संस्था के 2 केंद्रों के 158 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी, जिसमें से 52 ने सफलता हासिल की है। इनमें से 22 विद्यार्थियों का विभिन्न चिकित्सा पाठ्यक्रमों में चयन लगभग सुनिश्चित है।

मेहनत और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का परिणाम
दंतेवाड़ा जिले की आवासीय कोचिंग संस्था ‘छू लो आसमान’ ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सही मार्गदर्शन मिले तो बस्तर के बच्चे भी राष्ट्रीय स्तर पर चमक सकते हैं।

केंद्रवार सफलता
बालूद केंद्र:
कुल 65 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी, 25 सफल हुए
9 विद्यार्थियों ने 340+ अंक लाए – MBBS में प्रवेश तय
5 विद्यार्थियों का BDS, BAMS, पशु चिकित्सा में चयन संभावित

कारली केंद्र:
कुल 93 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी, 27 सफल हुए
2 विद्यार्थियों का MBBS में चयन तय
6 विद्यार्थियों का BDS, BAMS व अन्य कोर्स में प्रवेश तय

कुल मिलाकर 11 MBBS और 11 अन्य मेडिकल कोर्स में प्रवेश लगभग पक्का माना जा रहा है।

जनप्रतिनिधियों ने दी बधाई
इस शानदार परिणाम पर विधायक चैतराम अटामी, जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी, उपाध्यक्ष अरविंद कुंजाम, जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुनीता भास्कर सहित सभी जनप्रतिनिधियों ने सफल विद्यार्थियों को बधाई दी।

विधायक श्री अटामी ने कहा कि दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज की स्थापना ऐतिहासिक उपलब्धि है और आने वाले समय में कोचिंग सुविधाओं का और विस्तार किया जाएगा। इससे न सिर्फ स्थानीय बच्चों को अवसर मिलेगा, बल्कि जिले की स्वास्थ्य सेवाएं भी मजबूत होंगी।

यह सफलता सिर्फ आंकड़ा नहीं, बल्कि जिले में मिल रही गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा और बच्चों की कड़ी मेहनत का नतीजा है।


कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन, बेमेतरा में प्रधानमंत्री का पुतला दहन- लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा

बेमेतरा- 22 जुलाई 2026

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देशानुसार आज बेमेतरा के सिग्नल चौक में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र की रक्षा और जनहित के मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि देश का लोकतंत्र तभी मजबूत होता है जब जनता, छात्रों और युवाओं की आवाज सुनी जाती है, न कि उसे बलपूर्वक दबाने का प्रयास किया जाए।

जंतर-मंतर से संसद मार्च के दौरान NEET सहित विभिन्न छात्र मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी जी को विरोध दर्ज कराने से रोककर हिरासत में लेना लोकतांत्रिक मूल्यों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।

कांग्रेस पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह संविधान, लोकतांत्रिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध रही है और आगे भी जनहित के हर मुद्दे पर जनता की आवाज बनकर संघर्ष करती रहेगी।

इस विरोध प्रदर्शन में जिला कांग्रेस कमेटी, शहर कांग्रेस, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, किसान कांग्रेस, सेवादल, खेल प्रकोष्ठ सहित कांग्रेस परिवार के सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति रही।



मानसून में देव स्थान दर्शन का अपना ही जादू है,4 सुरक्षित और 3 असुरक्षित मंदिर

तीर्थाटन-न्यूज/ 22 जुलाई 2026

बारिश में कुछ मंदिर एकदम स्वर्ग जैसे लगते हैं और वहाँ जाना भी सुरक्षित रहता है।

सुरक्षित 4 मंदिरों में पहला है तलकावेरी मंदिर, कर्नाटक। कावेरी नदी का उद्गम स्थल, ब्रह्मगिरी पहाड़ियों पर। मानसून में यहाँ कोहरा, हरियाली और हल्की फुहारें रहती हैं, रास्ता भी ठीक रहता है।

दूसरा है कुक्के सुब्रमण्यम मंदिर, कर्नाटक। पश्चिमी घाट के बीच, कुमारधारा नदी के किनारे। बारिश में यहाँ स्नान और दर्शन का अनुभव बहुत पवित्र माना जाता है और खतरा कम है।

तीसरा है त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग, महाराष्ट्र, नासिक के पास। काले पत्थर का मंदिर बारिश में और भी सुंदर लगता है, मौसम सुहावना रहता है और पहुँच आसान है।

चौथा है मीनाक्षी अम्मन मंदिर, मदुरै, तमिलनाडु। ये मैदानी इलाके में है, इसलिए भूस्खलन या बाढ़ का डर नहीं। बारिश के बाद गोपुरम के रंग और भी निखर जाते हैं और दर्शन आराम से हो जाता है।

अब 3 मंदिर जहाँ जुलाई में जाने से बचना चाहिए।

केदारनाथ, बद्रीनाथ और यमुनोत्री, तीनों उत्तराखंड के हिमालय में हैं। जुलाई अगस्त में यहाँ भारी बारिश, भूस्खलन, रास्ते बंद होना और नदियों में अचानक बाढ़ का खतरा बहुत ज्यादा रहता है। जोशीमठ से आगे का रास्ता अक्सर हफ्तों तक बंद रह जाता है। बेहतर है इनकी यात्रा मई जून या सितंबर अक्टूबर में करें।

अगर आप मानसून में ही निकल रहे हैं तो मौसम विभाग का अलर्ट रोज चेक करें, पहाड़ी रास्तों पर रात में सफर न करें, हल्का रेनकोट, फिसलन रोधी चप्पल और लोकल प्रशासन के नियमों का ध्यान जरूर रखें।

अगले भाग में हम आपको छत्तीसगढ़ में बारिश के मौसम में अमरकंटक, महामाया या दंतेवाड़ा जैसे पास के हरियाली वाले धाम के साथ अन्य स्थानों के बारे में बताएंगे।

बारिश में सीजेपी आंदोलन दिल्ली में: पीएम ने कहा दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा

0

डिजिटल डेस्क 22 जुलाई 2026

न्यूज हाईलाइट्स-

NEET पेपर लीक विवाद: राहुल गांधी ने किया पीएम आवास का घेराव और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए हिरासत में।

NEET पेपर लीक ‘घोर पाप’, युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं; दोषियों को मिलेगी सख्त सजा: पीएम मोदी

NEET परीक्षा को ही खत्म करो… CJP प्रोटेस्ट के बीच थलपति विजय की मांग।

CJP ने सरकार को दी चेतावनी, कहा- मांगें नहीं मानीं तो लाखों युवा दिल्ली आएंगे।

चर्चा स्थान: बाड़े की बरवट ➔ गाँव की गुड़ी
(मूसलाधार बारिश। ज्योतिपति आराम कुर्सी पर अख़बार पढ़ रहे हैं। ज्वाला आता है, अपनी छतरी बंद कर बाजू में रखता है और बैठता है।)

ज्वाला: कल जो संसद और सड़कों पर हुआ, उस पर आपकी क्या राय है? नज़ारा कुछ अलग ही था!

ज्योतिपति: (अख़बार झुकाकर) जो ज़्यादा समझदार होता है, उसको राय नहीं दी जाती… बात राय की नहीं, सियासी बिसात की है।
ज्वाला: तो यहाँ बैठकर पानी गिरना देखेंगे? चलिए सीधे गुड़ी पर!
(दोनों उठकर गुड़ी की ओर चल देते हैं।)

(ज्वाला गुस्से में अख़बार पटकते हैं और सीधे ज्योतिपति से रूबरू होते हैं)

ज्वाला: अरे ज्योतिपति जी! जो ज्यादा समझदार होता है न, उसको राय नहीं दी जाती… लेकिन कल जो धरने पर हुआ, वो देखा आपने? राहुल गांधी जब धरने पर डटकर बैठ गए, तो पुलिस वालों ने उन्हें किस तरह से उठाकर सीधे हॉस्पिटल पहुँचा दिया! ऐसा लगा जैसे कोई बहुत बड़ी एमरजेंसी आ गई हो!

ज्योतिपति: (धीमी मुस्कान के साथ) ज्वाला भाई, यही तो खेल है। पुलिस का काम ही यही है कि माहौल ज़्यादा गरम न हो। जब देखा कि राहुल गांधी हटने वाले नहीं हैं और धरने से राजनीतिक मजबूती मिल रही है, तो कायदा- कानून और सेहत का हवाला देकर गाड़ी में लादा और सीधे हॉस्पिटल ले गए! विरोध करने का मौका ही नहीं दिया।

ज्वाला: बात तो आपकी ठीक है। और सिर्फ़ वही नहीं, शरद पवार और अभिजीत दीपके की जो मुलाक़ात हुई है, उसने भी अंदर ही अंदर खिचड़ी पकानी शुरू कर दी है। उधर रितेश देशमुख ने युवाओं के समर्थन में बोल दिया, तो लड़कों में अलग ही जोश आ गया।

ज्योतिपति: जोश आना तो तय था, पर दूसरी तरफ़ अपने रवि किशन जी को देखो! नीट (NEET) पेपर लीक की गंभीर बात चल रही थी, और जनाब के मुँह से निकल गया ‘अख़बार लीक’! अब पूरे सोशल मीडिया पर हंसी उड़ रही है। जब सत्तापक्ष का बंदा ऐसी बात बोलेगा, तो लोग तो घेरेंगे ही कि मामला कितना गंभीर है और ये लोग इसे कैसे ले रहे हैं।

ज्वाला: सही कह रहे हैं। लेकिन माहौल तब बदला जब सीधे प्रधानमंत्री का बयान आया। उन्होंने साफ़ बोल दिया कि जो भी दोषी हैं, उन्हें बख़्शा नहीं जाएगा, कड़ी से कड़ी सजा होगी और सरकार छात्रों के साथ खड़ी है।

ज्योतिपति: (गंभीरता से) हुकमरान जब खुद सामने आकर कड़ा बोलने लगे, तो समझो मामला गर्म है। इस बयान से छात्रों को थोड़ी उम्मीद तो जगी है और सरकार ने गिरती स्थिति को सँभालने की कोशिश की है।

लेकिन चौपाल का नियम तो यही कहता है ज्वाला—कि बातें अपनी जगह हैं, अब देखना ये है कि पुलिस और सरकार दोषियों पर कितनी जल्दी और कितनी सख्त कार्रवाई करती है।


सड़क सुरक्षा समिति की बैठक: कलेक्टर ने दिए दुर्घटना रोकने के सख्त निर्देश

बेमेतरा- 21 मई 2026

सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कलेक्टर ने कहा कि सड़क सुरक्षा किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सीधे नागरिकों के जीवन से जुड़ा विषय है, इसलिए सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करें ताकि दुर्घटनाओं की संख्या न्यूनतम स्तर पर लाई जा सके। उन्होंने इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की चेतावनी दी।

बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट रूप से कहा कि नाबालिग स्कूली बच्चे स्वयं वाहन चलाकर स्कूल न आएं, इस नियम का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। जो निजी विद्यालय इस आदेश की अवहेलना करेंगे, उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही स्कूल-कॉलेजों में समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।

दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट और चारपहिया वाहन चालकों के लिए सीट बेल्ट पहनना अनिवार्य किया गया है, तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाने के निर्देश दिए गए।

ब्लैक स्पॉट का चिन्हांकन:
लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को जिले के सभी दुर्घटना संभावित क्षेत्रों और ब्लैक स्पॉट का नए सिरे से सर्वे करने का निर्देश दिया गया। आवश्यकता वाले स्थानों पर तत्काल साइन बोर्ड, स्पीड ब्रेकर, रिफ्लेक्टर और ब्लिंकर लाइट लगाने को कहा गया।

अतिक्रमण पर सख्ती:
सड़कों के किनारे अवैध अतिक्रमण और बेतरतीब खड़े वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए राजस्व और पुलिस विभाग को संयुक्त अभियान चलाकर हाईवे तथा मुख्य मार्गों से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए।

यातायात नियमों का सख्त पालन:
पुलिस और परिवहन विभाग को निर्देशित किया गया कि बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, ओवरस्पीडिंग, ओवरलोडिंग और नशे में वाहन चलाने वालों के विरुद्ध सख्त चालानी कार्रवाई की जाए। नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने के मामलों में उनके अभिभावकों की काउंसलिंग और कार्रवाई के भी निर्देश दिए गए।

आवारा पशुओं पर नियंत्रण:
राष्ट्रीय राजमार्ग और प्रमुख मार्गों पर बैठने वाले आवारा मवेशियों से होने वाली दुर्घटनाएं रोकने के लिए नगर पालिका और पंचायतों को कांजी हाउस की व्यवस्था दुरुस्त करने तथा मवेशियों के गले में रेडियम बेल्ट लगाने की कार्रवाई तेज करने को कहा गया।

जागरूकता अभियान:
बैठक के अंत में कलेक्टर ने स्कूलों, कॉलेजों और प्रमुख चौक-चौराहों पर बैनर, पोस्टर और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जनता को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बेमेतरा में जिला स्तरीय एनकॉर्ड समिति की बैठक, नशीली दवाओं की तस्करी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

बेमेतरा_ 21 जुलाई 2026

कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नशीले एवं मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति समाज को जागरूक करने के लिए स्कूलों, कॉलेजों और ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि नशीली दवाओं की अवैध गतिविधियां केवल कानून-व्यवस्था के लिए ही नहीं, बल्कि समाज और विशेष रूप से युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती हैं।

कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं बोलीं— युवाओं के भविष्य की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, स्कूल-कॉलेजों में चलेगा व्यापक नशा विरोधी जागरूकता अभियान

जिले में नशीली दवाओं की तस्करी और इसके बढ़ते दुष्प्रभावों पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से मंगलवार को कलेक्टोरेट स्थित दिशा सभागार में कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं की अध्यक्षता में जिला स्तरीय एनकॉर्ड (NCORD) समिति की बैठक आयोजित की गई।

बैठक में मादक पदार्थों की अवैध तस्करी पर रोक, इससे जुड़े अपराधों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई, जनजागरूकता अभियान और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में पुलिस, प्रशासन और खुफिया इकाइयों को संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने, नियमित तलाशी अभियान चलाने तथा आवश्यक होने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि अवैध रूप से मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए।

इसके साथ ही जिले के चिन्हित संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाने और तस्करों के विरुद्ध समय रहते प्रभावी कार्रवाई करने पर भी जोर दिया गया। समिति ने निर्णय लिया कि आमजन की भागीदारी से नशा विरोधी अभियान को और व्यापक बनाया जाएगा। स्कूलों, कॉलेजों तथा ग्राम स्तर पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

बैठक में नशा मुक्ति के लिए जनजागरूकता के साथ-साथ पुनर्वास एवं परामर्श सेवाओं को और मजबूत बनाने पर भी विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान एनकॉर्ड समिति के सदस्य एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

रसोई में जलेगा एथेनॉल? एलपीजी के विकल्प की तैयारी शुरू

0

डिजिटल डेस्क/नई दिल्ली:21/07/2026

सूत्रों के मुताबिक, नई नीति में एथेनॉल आधारित चूल्हों, उसकी सप्लाई चेन और उपभोक्ताओं को दी जाने वाली संभावित सब्सिडी पर फोकस किया गया है। फिलहाल यह प्रस्ताव शुरुआती चरण में है, लेकिन सरकार इसे स्वच्छ और सस्ते खाना पकाने के ईंधन के रूप में प्रमोट करना चाहती है। इसको लेकर मंत्रालय तेल विपणन कंपनियों और उद्योग संगठनों के साथ लगातार बैठकें कर रहा है।

देश की रसोई में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। केंद्र सरकार अब घरेलू रसोई गैस LPG के विकल्प के तौर पर एथेनॉल को लाने की तैयारी में है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय इसको लेकर एक नई नीति का मसौदा तैयार कर रहा है।

सरकार का प्लान?वैकल्पिक रसोई ईंधन
रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार का इरादा एथेनॉल को LPG के साथ एक वैकल्पिक ईंधन के तौर पर स्थापित करने का है। इसके लिए एक अलग ढांचा बनाया जाएगा।

पेट्रोल पंपों पर एथेनॉल की सप्लाई का प्लान ।घरों तक एथेनॉल पहुंचाने के लिए पेट्रोल पंपों और खुदरा केंद्रों पर अलग से व्यवस्था की जा सकती है।

नए चूल्हे पर सब्सिडी मिलने की संभावना। उपभोक्ताओं को एथेनॉल वाला चूल्हा अपनाने के लिए सरकार शुरुआती वित्तीय प्रोत्साहन या अलग से सब्सिडी दे सकती है।

LPG सब्सिडी जारी रहेगी । राहत की बात यह है कि शुरुआती दौर में LPG सब्सिडी पूरी तरह खत्म होने की संभावना कम है। सरकार मौजूदा सब्सिडी के ढांचे में बदलाव कर उसका एक हिस्सा एथेनॉल की ओर शिफ्ट कर सकती है।

क्यों जरूरी है यह कदम?सरकार के इस फैसले के पीछे तीन बड़े कारण हैं –

पहला, आयात पर निर्भरता कम करना: भारत अपनी LPG जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, जिससे विदेशी मुद्रा का बड़ा खर्च होता है। एथेनॉल देश में ही गन्ने और अनाज से बनता है।

दूसरा, अतिरिक्त एथेनॉल का उपयोग: देश में पेट्रोल में 20% एथेनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य हासिल होने के बाद अब अतिरिक्त एथेनॉल का बेहतर उपयोग जरूरी हो गया है। रसोई इसका सबसे बड़ा बाजार बन सकती है।

तीसरा, ऊर्जा सुरक्षा: यह कदम सरकार की राष्ट्रीय जैव ईंधन नीति को नई दिशा देगा।

चुनौती भी बड़ी
विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना को बड़े पैमाने पर लागू करने से पहले सुरक्षा मानकों, कीमत और गांव-गांव तक नियमित आपूर्ति की चुनौती को हल करना होगा। एथेनॉल अत्यधिक ज्वलनशील होता है, इसलिए इसके चूल्हे और स्टोरेज को लेकर सख्त मानक तय करने होंगे।

फिलहाल मंत्रालय सभी पहलुओं पर रिपोर्ट तैयार कर रहा है। यदि इस नीति को हरी झंडी मिलती है, तो आने वाले दिनों में देश की रसोई में LPG सिलेंडर के साथ-साथ एथेनॉल वाला चूल्हा भी एक आम नजारा हो सकता है।

मोबाइल पब्लिक चार्जिंग स्टेशन: मुफ्त की सुविधा या बैंक अकाउंट खाली करने का जाल?

डिजिटल डेस्क/21 जुलाई 2026

सावधान रहिए आप जो रेलवे सफ़र या पब्लिक USB केबल इस्तेमाल करते हैं, वह सिर्फ चार्ज नहीं करती, बल्कि डेटा ट्रांसफर भी करती है। हैकर्स पब्लिक चार्जिंग पॉइंट के अंदर एक छोटी हैकिंग डिवाइस या मालवेयर लगा देते हैं। जैसे ही आप फोन लगाते हैं, आपका फोन उस सिस्टम से कनेक्ट हो जाता है।

आजकल सफर में अक्सर लोग अपना चार्जर या पावर बैंक साथ रखना भूल जाते हैं। ऐसे में एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, कैफे या होटल में लगे पब्लिक USB चार्जिंग स्टेशन एक आसान विकल्प लगते हैं। लेकिन यही सुविधा आपके लिए सबसे बड़ा खतरा बन सकती है। साइबर एक्सपर्ट्स इसे जूस जैकिंग (Juice Jacking) कहते हैं।

इसके बाद दो चीजें हो सकती हैं:
आपके फोन से फोटो, कॉन्टैक्ट, पासवर्ड और बैंकिंग ऐप की जानकारी चोरी हो सकती है।
आपके फोन में खतरनाक वायरस या स्पाईवेयर इंस्टॉल हो सकता है, जिससे बाद में ब्लैकमेलिंग या अकाउंट खाली होने का खतरा रहता है।

कैसे होता है फ्रॉड?
सबसे बड़ा अलर्ट तब है, जब फोन चार्ज पर लगाते ही स्क्रीन पर “Allow this device?” या “Trust this device?” या “Data Access” जैसा पॉप-अप आए। इसका मतलब है कि वह पोर्ट डेटा चोरी करने की कोशिश कर रहा है।

कैसे बचें?
हमेशा अपना खुद का चार्जर और केबल साथ रखें और सीधे वॉल सॉकेट से चार्ज करें।
पावर बैंक को पहले से फुल चार्ज रखकर उसी से फोन चार्ज करें।

अगर मजबूरी में पब्लिक पोर्ट यूज करना पड़े तो कभी भी किसी परमिशन को Allow न करें और USB डेटा ब्लॉकर (Juice Jack Defender) का इस्तेमाल करें।

थोड़ी सी सावधानी आपका डेटा और बैंक बैलेंस दोनों बचा सकती है।