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कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में रजत पदक जीतने वाली ज्ञानेश्वरी यादव से मुख्यमंत्री ने की आत्मीय बातचीत

रायपुर- 28 जुलाई 2026

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में महिलाओं की 53 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में रजत पदक जीतकर देश और छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाने वाली राजनांदगांव निवासी एवं छत्तीसगढ़ पुलिस में सहायक उप निरीक्षक ज्ञानेश्वरी यादव से वीडियो कॉल के माध्यम से आत्मीय बातचीत कर उन्हें इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

“आपने देश और छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है” – मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री श्री साय ने ज्ञानेश्वरी यादव को रजत पदक जीतने पर पुनः बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता वर्षों की कठिन साधना और निरंतर परिश्रम का परिणाम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ज्ञानेश्वरी भविष्य में भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत और छत्तीसगढ़ का नाम नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रतियोगिता के लिए रवाना होने से पहले भी उनसे मुलाकात हुई थी और आज उनकी सफलता पर पुनः बात करके अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश्वरी ने अपनी मेहनत, अनुशासन और समर्पण से न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश का सम्मान बढ़ाया है, और उनकी उपलब्धि प्रदेश के युवाओं, विशेषकर बेटियों और खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग का भरोसा

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि प्रदेश की प्रतिभाएं विश्व मंच पर लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें।

ज्ञानेश्वरी यादव ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आत्मीय स्नेह, प्रोत्साहन और शुभकामनाओं के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का आशीर्वाद और प्रदेशवासियों का स्नेह उन्हें भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन के लिए नई ऊर्जा प्रदान करेगा।

खेल और सेवा दोनों में समर्पण

उल्लेखनीय है कि राजनांदगांव निवासी ज्ञानेश्वरी यादव छत्तीसगढ़ पुलिस में सहायक उप निरीक्षक के रूप में सेवाएं दे रही हैं। खेल और सेवा, दोनों क्षेत्रों में उनका समर्पण युवाओं के लिए प्रेरणादायी है। कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में रजत पदक जीतकर उन्होंने भारत और छत्तीसगढ़ दोनों का मान बढ़ाया है।

बाल संरक्षण जागरूकता अभियान: बेमेतरा चाइल्ड हेल्पलाइन की पहल

बेमेतरा -28 जुलाई 2026

अभियान के दौरान बस चालकों, परिचालकों, टिकट एजेंटों तथा यात्रियों को बाल संरक्षण संबंधी आवश्यक जानकारी देते हुए संदिग्ध परिस्थितियों में यात्रा कर रहे बच्चों की सूचना तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर देने की अपील की गई।

कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई के निर्देशन तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी चन्द्रबेश सिंह सिसोदिया के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत जिला बाल संरक्षण इकाई एवं चाइल्ड हेल्पलाइन बेमेतरा द्वारा बाल संरक्षण को लेकर विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया।

अभियान के तहत जिला मुख्यालय बेमेतरा से पुणे, लखनऊ सहित विभिन्न राज्यों के लिए संचालित लंबी दूरी की अंतरराज्यीय बसों, बस स्टैंड एवं प्रमुख बस ऑपरेटरों के कार्यालयों में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के पोस्टर एवं स्टीकर लगाए गए।

बाल श्रम और मानव तस्करी रोकने का उद्देश्य

जिला बाल संरक्षण अधिकारी व्योम श्रीवास्तव एवं परियोजना समन्वयक राजेंद्र प्रसाद चंद्रवंशी के नेतृत्व में आयोजित इस अभियान का उद्देश्य नाबालिग बच्चों के पलायन, बाल श्रम, मानव तस्करी तथा प्रेम-प्रसंग या बहकावे में आकर घर से भागने जैसी घटनाओं की रोकथाम करना है।

अभियान के दौरान बताया गया कि कई बार परिवारों के साथ मजदूरी के लिए अन्य राज्यों में जाने वाले नाबालिग बच्चे बाल श्रम का शिकार हो जाते हैं। वहीं कम उम्र के बालक-बालिकाएं पारिवारिक या सामाजिक समझ की कमी अथवा प्रेम-प्रसंग के कारण घर छोड़कर यात्रा करते हैं, जिससे उनके मानव तस्करी एवं अन्य गंभीर अपराधों के शिकार होने की आशंका बढ़ जाती है। इन परिस्थितियों को देखते हुए बस ऑपरेटरों एवं आम नागरिकों को अधिक सतर्क रहने के लिए प्रेरित किया गया।

नागरिकों से सतर्कता की अपील

चाइल्ड हेल्पलाइन टीम ने आमजन, बस चालकों, परिचालकों एवं टिकट एजेंटों से अपील की है कि यदि कोई नाबालिग बच्चा अकेले अथवा संदिग्ध परिस्थितियों में यात्रा करता दिखाई दे या बच्चों को बाल श्रम के उद्देश्य से समूह में बाहर ले जाने की आशंका हो, तो इसकी सूचना तत्काल टोल-फ्री हेल्पलाइन 1098 पर दें। विभाग ने कहा कि समय पर दी गई एक सूचना किसी बच्चे को शोषण, मानव तस्करी या अन्य गंभीर अपराधों का शिकार होने से बचा सकती है।

अभियान के सफल संचालन में चाइल्ड हेल्पलाइन सुपरवाइजर सुश्री इंद्राणी सिंह एवं आशीष जायसवाल का विशेष योगदान रहा। जिला प्रशासन ने बच्चों के सुरक्षित भविष्य और बाल अपराधों की रोकथाम के लिए समाज के प्रत्येक नागरिक से सक्रिय सहभागिता की अपील की है।

केंद्र सरकार का बड़ा कदम: ‘एक अफसर, एक कार’ काफिलों पर सर्जिकल स्ट्राइक –मोदी सरकार

नई दिल्ली – 28 जुलाई 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईंधन बचत की अपील करते हुए खुद अपने काफिले का आकार घटाकर सिर्फ दो-तीन वाहनों तक सीमित कर लिया था, जिसके बाद कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय मंत्रियों ने भी अपने काफिले छोटे किए थे।

सरकारी वाहनों के दुरुपयोग पर लगाम कसने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने सभी मंत्रालयों और विभागों को सख्त निर्देश जारी करते हुए ‘एक पात्र अधिकारी, एक सरकारी कार’ नीति को कड़ाई से लागू करने को कहा है।

क्या है नया नियम
व्यय विभाग द्वारा जारी नए निर्देशों के अनुसार, वरिष्ठ अधिकारियों को अब एक से अधिक सरकारी स्टाफ कार नहीं मिलेगी, भले ही उनके पास किसी अन्य मंत्रालय, विभाग, सार्वजनिक उपक्रम (PSU) या स्वायत्त निकाय का अतिरिक्त प्रभार क्यों न हो। यानी अगर कोई अधिकारी एक साथ दो या अधिक पदों का प्रभार संभाल रहा है, तो भी उसे सिर्फ एक ही सरकारी वाहन मिलेगा।

जो अधिकारी पहले से अपने मुख्य पद के लिए सरकारी स्टाफ कार पाने के हकदार हैं, उन्हें अतिरिक्त जिम्मेदारी संभालने की स्थिति में कोई दूसरा सरकारी वाहन आवंटित नहीं किया जाएगा। इसका मकसद सरकारी वाहनों के इस्तेमाल को व्यवस्थित करना और अनावश्यक दोहराव को खत्म करना बताया गया है।

दुरुपयोग रोकने पर जोर
इसके अलावा केंद्र सरकार ने अधिकारियों को सरकारी उपक्रमों, स्वायत्त निकायों या अर्ध-सरकारी संगठनों की स्टाफ कारें अपने पास रखने से भी रोक दिया है, सिवाय उस स्थिति के जब वे आधिकारिक दौरे पर हों। यह नया निर्देश सितंबर 2022 में जारी किए गए दिशा-निर्देशों को और सख्त बनाता है।

पात्र अधिकारी सीमित निजी यात्रा (महीने में 500 किलोमीटर तक) के लिए सरकारी कार का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें 3,000 रुपये प्रति माह शुल्क देना होगा और मासिक परिवहन भत्ता छोड़ना होगा।

इस सीमा को पार करने के लिए प्रशासनिक सचिव और वित्तीय सलाहकार से विशेष अनुमति लेनी होगी।

बड़ी बचत मुहिम का हिस्सा
यह फैसला हाल के महीनों में सरकार की व्यापक किफायत मुहिम की अगली कड़ी माना जा रहा है।

सभी मंत्रालयों और विभागों के वित्तीय सलाहकारों तथा मंत्रियों के निजी सचिवों को नए नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।


पैलेट गन के इस्तेमाल पर लगे बैन: सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर, मुआवजे की भी मांग

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नई दिल्ली:नई दिल्ली – 28 जुलाई 2026

याचिका में कहा गया है कि पैलेट गन (.12 बोर की पंप-एक्शन गन) से छूटने वाले 250 से 400 धातु के छर्रों का कोई निश्चित रास्ता नहीं होता। फायर होने के बाद ये एक बड़े इलाके में फैल जाते हैं, जिससे प्रदर्शनकारियों की आँखों और महत्वपूर्ण अंगों को गंभीर नुकसान पहुंचता है।

देश में नागरिक प्रदर्शनों और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा एजेंसियों द्वारा पैलेट गन (छर्रे वाली बंदूक) के इस्तेमाल को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर कर देशभर में कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा पैलेट गन के उपयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने या इसे सेवा से बाहर करने की मांग की गई है।

अनिश्चित गति और घातक रास्ता:
यह याचिका इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के पूर्व स्पेशल डायरेक्टर और पूर्व आईपीएस अधिकारी यशोवर्धन आजाद और हाल ही में दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन की चपेट में आकर घायल हुए दो पीड़ितों (प्रशांत कुमार और शेख इर्शाद मंसूरी) द्वारा संयुक्त रूप से दायर की गई है।

याचिका में क्या दी गई हैं दलीलें?
वरिष्ठ अधिवक्ता वृंदा ग्रोवर के माध्यम से दायर इस याचिका में पैलेट गन के इस्तेमाल को असंवैधानिक, मनमाना और नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन बताया गया है। याचिकाकर्ताओं का मुख्य तर्क है:

न्यूनतम बल के सिद्धांत के खिलाफ: यह हथियार कानून के तहत तय किए गए ‘जरूरी बल के न्यूनतम इस्तेमाल’ (Least amount of necessary force) के पैमाने पर पूरी तरह गलत साबित होता है।

अंतरराष्ट्रीय गाइडलाइंस का उल्लंघन: याचिका में संयुक्त राष्ट्र (UN) की 2020 की गाइडलाइंस का भी हवाला दिया गया है, जो नागरिक भीड़ के खिलाफ इस तरह के ‘कम घातक हथियारों’ (Less-lethal weapons) के इस्तेमाल को अनुचित मानती हैं।

20 जुलाई के दिल्ली प्रदर्शन से जुड़ा है मामला
यह कानूनी कदम दिल्ली में 20 जुलाई को नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) द्वारा आयोजित ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान हुई हिंसक झड़प के बाद उठाया गया है।

याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि दिल्ली के कनॉट प्लेस और जंतर-मंतर के पास जब प्रदर्शनकारी पीछे हट रहे थे, तब रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों ने बिना किसी पूर्व चेतावनी या वाटर कैनन के इस्तेमाल के सीधे पैलेट गन से फायरिंग कर दी।

याचिका में 20 जुलाई की घटना में घायल हुए सभी पीड़ितों को सम्मानजनक मुआवजा, मुफ्त और दीर्घकालिक इलाज तथा पुनर्वास की सुविधा देने की मांग भी की गई है।

सुरक्षा एजेंसियों का रुख और अब तक की कार्रवाई
इस पूरे मामले पर सुरक्षा बलों और पुलिस का मिला-जुला रुख देखने को मिला है:
दिल्ली पुलिस का इनकार: India Today की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने शुरू से ही इन आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि उनके पास पैलेट गन हैं ही नहीं और ये दावे पूरी तरह भ्रामक हैं।

RAF का बड़ा कदम:
हालांकि, भारी विवाद और मेडिकल रिपोर्ट्स में प्रदर्शनकारियों को छर्रे लगने की पुष्टि होने के बाद, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की महानिरीक्षक (IG) सीमा धुंधिया ने सख्त रुख अपनाते हुए दिल्ली में प्रदर्शनों के दौरान पैलेट गन और इलेक्ट्रिक शॉक बैटन के इस्तेमाल पर अस्थायी रोक लगा दी है और सुरक्षाबलों को ‘सेंसिटिव पुलिसिंग’ का पालन करने का निर्देश दिया है।

सुप्रीम कोर्ट इस याचिका पर आने वाले दिनों में सुनवाई कर सकता है, जिसके बाद ही देश में नागरिक प्रदर्शनों के दौरान भीड़ नियंत्रण के नियमों में कोई स्थायी बदलाव या गाइडलाइंस साफ हो पाएंगी।



सुशासन सरकार का आर्थिक संबल: वेतन के विरुद्ध अल्पावधि ऋण योजना –

रायपुर -28 जुलाई 2026

हर शासकीय कर्मचारी की जरूरत में
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 8 जुलाई 2026 को शासकीय कर्मचारियों के लिए वेतन के विरुद्ध अल्पावधि ऋण योजना का शुभारंभ किया है।

यह डिजिटल योजना कर्मचारियों को चिकित्सा, बच्चों की शिक्षा या अन्य आपात स्थितियों जैसी आकस्मिक जरूरतों के लिए बिना कागजी कार्रवाई के तुरंत ऋण उपलब्ध कराती है।

योजना की मुख्य विशेषताएं

डिजिटल प्रक्रिया
यह सेवा राज्य शासन की ई-कोष (e-Kosh) प्रणाली के ‘एम्प्लॉयी कॉर्नर’ से पूरी तरह ऑनलाइन और पेपरलेस संचालित होती है।

त्वरित लाभ
ओटीपी (OTP) और डिजिटल प्रमाणीकरण के माध्यम से कुछ ही मिनटों में ऋण राशि सीधे कर्मचारी के वेतन खाते में ट्रांसफर हो जाती है।

आर्थिक राहत
आकस्मिक समय में महंगे निजी कर्ज या बाहरी स्रोतों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता है।

भुगतान
ऋण की राशि का भुगतान आसान मासिक किस्तों (EMI) में वेतन से किया जाता है।
सुशासन सरकार की यह पहल राज्य के शासकीय कर्मचारियों को आपातकालीन समय में तत्काल आर्थिक सहायता देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस: पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध – विष्णुदेव साय

रायपुर – 28 जुलाई

सुशासन सरकार के साथ आइए, जल, जंगल और जमीन के संरक्षण का संकल्प लेकर प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं। विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।” मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

आज पूरे विश्व में प्रकृति संरक्षण दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के महत्व को लेकर जगह-जगह जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

बढ़ते प्रदूषण, वनों की कटाई और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों के बीच यह दिन हमें प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी की याद दिलाता है। प्रकृति का संरक्षण ही आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और समृद्ध भविष्य की नींव है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में सुशासन सरकार पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। सरकार की ओर से वृक्षारोपण, जल संरक्षण और वन्यजीव सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न योजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखा जा सके।

विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस
हर वर्ष 28 जुलाई को विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस मनाया जाता है। इस दिन का मुख्य उद्देश्य लोगों को प्राकृतिक संसाधनों के महत्व के प्रति जागरूक करना है। जंगल, नदियाँ, पहाड़, वन्यजीव और जैव विविधता — ये सभी मिलकर हमारी पृथ्वी के पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित रखते हैं। बढ़ते औद्योगीकरण, वनों की कटाई और प्रदूषण के कारण यह संतुलन लगातार बिगड़ रहा है, जिसका सीधा असर जलवायु परिवर्तन, तापमान वृद्धि और प्राकृतिक आपदाओं के रूप में दिखाई दे रहा है।

प्रकृति संरक्षण का अर्थ केवल पेड़ लगाना या जल बचाना नहीं है, बल्कि एक ऐसी जीवनशैली अपनाना है जो प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाए रखे। प्लास्टिक के उपयोग में कमी, ऊर्जा की बचत, जल का सही उपयोग, वृक्षारोपण और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा — ये छोटे-छोटे कदम मिलकर बड़ा बदलाव ला सकते हैं। सरकारें और संस्थाएँ नीतियाँ बनाती हैं, लेकिन असली बदलाव तभी संभव है जब हर व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी समझे और अपने दैनिक जीवन में इसे अपनाए।

प्रकृति का संरक्षण ही आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और समृद्ध भविष्य की नींव है। यदि आज हम प्रकृति की अनदेखी करेंगे, तो आने वाला कल स्वच्छ हवा, पानी और हरियाली से वंचित हो सकता है। इसलिए विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस केवल एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि हर दिन प्रकृति के प्रति सजग और जिम्मेदार रहने का संकल्प है।

केसीडब्ल्यूए ठेकेदार संघ के नए पदाधिकारियों का भव्य सम्मान, अध्यक्ष बबलू सिद्दीकी भरी हुंकार

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किरंदुल – 27 जुलाई 2026/रिपोर्ट / रवि सरकार

केसीडब्ल्यूए एसोसिएशन के नवनिर्विरोध निर्वाचित पदाधिकारियों को आज एक गरिमामय एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में आयोजित समारोह में प्रमाणपत्र वितरित किए गए।

वरिष्ठ अधिवक्ता के करकमलों से सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए तथा उनके सम्मान में भव्य अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में ठेकेदार संघ के सदस्य, नगर के गणमान्य नागरिक, पत्रकार साथी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

समारोह को संबोधित करते हुए ठेकेदार संघ के अध्यक्ष बबलू सिद्दीकी ने कहा कि अब एनएमडीसी को अपनी कार्यप्रणाली में सकारात्मक बदलाव लाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आईआर (इंडस्ट्रियल रिलेशंस) प्रणाली को अधिक सरल,पारदर्शी एवं सुविधाजनक बनाया जाए ताकि ठेकेदारों और श्रमिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

उन्होंने विश्वास दिलाया कि ठेकेदार संघ लोकतांत्रिक तरीके से एनएमडीसी प्रबंधन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर क्षेत्र के विकास में सहयोग करेगा।

संबोधन में बबलू सिद्दीकी ने बाहरी ठेकेदारों एवं सब-कॉन्ट्रैक्ट व्यवस्था पर भी कड़ा रुख अपनाया।उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किरंदुल के स्थानीय ठेकेदारों को कार्यों में सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए।यदि बाहरी ठेकेदारों को लाकर स्थानीय लोगों के रोजगार और आजीविका पर संकट खड़ा किया गया तो ठेकेदार संघ इसका लोकतांत्रिक तरीके से पुरजोर विरोध करेगा ।

उन्होंने कहा कि स्थानीय ठेकेदारों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए संघ हर स्तर पर संघर्ष करने को तैयार है। संगठन का उद्देश्य केवल ठेकेदारों के हितों की रक्षा करना ही नहीं,बल्कि क्षेत्र के समग्र विकास में रचनात्मक भूमिका निभाना भी है।

एनएमडीसी और ठेकेदारों के बेहतर समन्वय स्थापित होने से विकास कार्यों में गति आएगी और सभी पक्षों को इसका लाभ मिलेगा,समारोह में नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएँ देते हुए बबलू सिद्दीकी ने कहा कि उनके सफल नेतृत्व में संगठन में एकता,विश्वास, सेवा और टीमवर्क की भावना और अधिक मजबूत होगी तथा केसीडब्ल्यूए परिवार नई ऊँचाइयों को प्राप्त करेगा।

कार्यक्रम के अंत में संघ के सभी सदस्यों ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को उज्ज्वल, सफल एवं जनहितकारी कार्यकाल के लिए हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दीं,पूरा सम्मान समारोह सौहार्दपूर्ण, उत्साहपूर्ण और भाईचारे के वातावरण में संपन्न हुआ।

पदाधिकारीयों ने संगठन की एकजुटता,स्थानीय ठेकेदारों के अधिकारों की रक्षा और क्षेत्र के विकास के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प दोहराया।

शराब के नशे में अवैध वसूली करने वाले जोन-05 के कर्मचारी महेश बाघ को हटाने के लिए राज्यपाल से गुहार

रायपुर- 27 जुलाई 2026

नगर निगम रायपुर के जोन क्रमांक 05 में वे सब नियम विरुद्ध कार्य हो रहे हैं जो नहीं होने चाहिए। चाहे कार्यालय में शराबखोरी का मामला हो या अवैध वसूली का।

इस जोन में क्या-क्या नहीं होता, इसलिए इस जोन-05 को नगर निगम रायपुर का सबसे भ्रष्ट जोन कहा जाता है, जिससे निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

दिनांक 11 फरवरी 2026 को जोन-05 के स्थानीय सब्जी विक्रेता बसंत ने आरोप लगाया कि ए.आर.आई. (सहायक राजस्व निरीक्षक) महेश बाघ शराब के नशे में अकेले उनके पास आए और अवैध रूप से पैसों की मांग की।

पूछने पर कहा गया कि यह राशि जोन कमिश्नर के “खर्चा-पानी” के लिए ली जाती है।

जिस कर्मचारी महेश बाघ की शिकायत कलेक्टर, निगम आयुक्त, सांसद के अलावा सुशासन तिहार में भी हो चुकी है, उसके बावजूद आज तक कोई कार्रवाई न होना यह दर्शाता है कि उसे जोन कमिश्नर व निगम कमिश्नर का संरक्षण प्राप्त है।

इस संबंध में सामाजिक कार्यकर्ता विजय सोना द्वारा उक्त कर्मचारी पर कार्रवाई करने हेतु महामहिम राज्यपाल महोदय को ज्ञापन सौंपा गया है।

प्रेषक :-
विजय सोना
सामाजिक कार्यकर्ता
वृंदावन नगर, कुशालपुर, रायपुर (छ.ग.)
मोबा.- 98060-48600

कलेक्टर के आदेश पर बेमेतरा में तीन राजस्व अधिकारियों के प्रभार में बदलाव, आदेश तत्काल प्रभाव से लागू

बेमेतरा- 27 जुलाई 2026

कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई के आदेशानुसार जिले में प्रशासनिक कसावट लाने के उद्देश्य से तीन राजस्व अधिकारियों के प्रभार में आंशिक फेरबदल किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

जारी आदेश के अनुसार श्रीमती सरिता मढ़रिया, जो वर्तमान में तहसीलदार थानखम्हरिया के पद पर पदस्थ थीं, उन्हें कार्यालय कलेक्टर (भू-अभिलेख), जिला बेमेतरा में पदस्थ किया गया है।

वहीं श्री आशुतोष गुप्ता, जो वर्तमान में अधीक्षक भू-अभिलेख बेमेतरा के पद पर कार्यरत थे, उन्हें तहसीलदार थानखम्हरिया के पद पर नवीन पदस्थापना दी गई है। साथ ही उन्हें छत्तीसगढ़ कोषालय संहिता के भाग-01 के नियम-125 के अंतर्गत तहसीलदार थानखम्हरिया के आहरण एवं संवितरण अधिकारी (DDO) के अधिकार भी सौंपे गए हैं।

इसी क्रम में मोरध्वज साहू, जो वर्तमान में नायब तहसीलदार थानखम्हरिया के पद पर पदस्थ थे, उन्हें नायब तहसीलदार देवकर स्थानांतरित किया गया है।

आदेश में कहा गया है कि नवीन पदस्थ अधिकारी नियमानुसार समस्त औपचारिकताएं पूर्ण कर तत्काल अपने नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करें।

कारगिल विजय दिवस पर अमर शहीदों को दी श्रद्धांजलि, विद्यार्थियों ने लिया राष्ट्रसेवा का संकल्प

बेमेतरा 27 जुलाई 2026 :-

साजा कुमारी देवी चौबे कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के तत्वावधान में कारगिल विजय दिवस श्रद्धा, सम्मान एवं देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ कारगिल युद्ध के अमर शहीदों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि के साथ किया गया। इस अवसर पर कारगिल युद्ध के वीर सपूतों के अद्वितीय साहस, शौर्य एवं सर्वोच्च बलिदान को नमन किया गया।

महाविद्यालय में इस अवसर पर विद्यार्थियों के लिए भाषण, पोस्टर एवं रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए कारगिल के वीर सैनिकों के शौर्य, राष्ट्रभक्ति और मातृभूमि के प्रति समर्पण को अपने विचारों और कलात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के समस्त विद्यार्थियों, प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों को राष्ट्रसेवा की शपथ दिलाई गई। सभी ने राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं संप्रभुता की रक्षा के लिए सदैव समर्पित रहने तथा समाज व राष्ट्रहित में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।

राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. गोविंद प्रसाद ने अपने उद्बोधन में कहा कि कारगिल विजय दिवस केवल एक ऐतिहासिक अवसर नहीं, बल्कि भारत के वीर सैनिकों के अदम्य साहस, अटूट संकल्प और सर्वोच्च बलिदान को स्मरण करने का दिवस है।

कारगिल के जवानों ने अपने पराक्रम और अनुशासन से सिद्ध किया कि राष्ट्र की सुरक्षा और सम्मान सर्वोपरि है। उनका जीवन प्रत्येक युवा के लिए देशभक्ति और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा है। उन्होंने विद्यार्थियों से सैनिकों के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में डॉ. ओम कुमार नेताम, डॉ. ज्योति बाला, डॉ. सुप्रिया ठाकुर एवं डॉ. सृष्टि सिंह परिहार विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी प्राध्यापकों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि अमर शहीदों के त्याग को सदैव स्मरण रखना चाहिए और राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानकर अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।