बाल संरक्षण जागरूकता अभियान: बेमेतरा चाइल्ड हेल्पलाइन की पहल
बेमेतरा -28 जुलाई 2026
अभियान के दौरान बस चालकों, परिचालकों, टिकट एजेंटों तथा यात्रियों को बाल संरक्षण संबंधी आवश्यक जानकारी देते हुए संदिग्ध परिस्थितियों में यात्रा कर रहे बच्चों की सूचना तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर देने की अपील की गई।
कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई के निर्देशन तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी चन्द्रबेश सिंह सिसोदिया के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत जिला बाल संरक्षण इकाई एवं चाइल्ड हेल्पलाइन बेमेतरा द्वारा बाल संरक्षण को लेकर विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया।
अभियान के तहत जिला मुख्यालय बेमेतरा से पुणे, लखनऊ सहित विभिन्न राज्यों के लिए संचालित लंबी दूरी की अंतरराज्यीय बसों, बस स्टैंड एवं प्रमुख बस ऑपरेटरों के कार्यालयों में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के पोस्टर एवं स्टीकर लगाए गए।
बाल श्रम और मानव तस्करी रोकने का उद्देश्य
जिला बाल संरक्षण अधिकारी व्योम श्रीवास्तव एवं परियोजना समन्वयक राजेंद्र प्रसाद चंद्रवंशी के नेतृत्व में आयोजित इस अभियान का उद्देश्य नाबालिग बच्चों के पलायन, बाल श्रम, मानव तस्करी तथा प्रेम-प्रसंग या बहकावे में आकर घर से भागने जैसी घटनाओं की रोकथाम करना है।
अभियान के दौरान बताया गया कि कई बार परिवारों के साथ मजदूरी के लिए अन्य राज्यों में जाने वाले नाबालिग बच्चे बाल श्रम का शिकार हो जाते हैं। वहीं कम उम्र के बालक-बालिकाएं पारिवारिक या सामाजिक समझ की कमी अथवा प्रेम-प्रसंग के कारण घर छोड़कर यात्रा करते हैं, जिससे उनके मानव तस्करी एवं अन्य गंभीर अपराधों के शिकार होने की आशंका बढ़ जाती है। इन परिस्थितियों को देखते हुए बस ऑपरेटरों एवं आम नागरिकों को अधिक सतर्क रहने के लिए प्रेरित किया गया।
नागरिकों से सतर्कता की अपील
चाइल्ड हेल्पलाइन टीम ने आमजन, बस चालकों, परिचालकों एवं टिकट एजेंटों से अपील की है कि यदि कोई नाबालिग बच्चा अकेले अथवा संदिग्ध परिस्थितियों में यात्रा करता दिखाई दे या बच्चों को बाल श्रम के उद्देश्य से समूह में बाहर ले जाने की आशंका हो, तो इसकी सूचना तत्काल टोल-फ्री हेल्पलाइन 1098 पर दें। विभाग ने कहा कि समय पर दी गई एक सूचना किसी बच्चे को शोषण, मानव तस्करी या अन्य गंभीर अपराधों का शिकार होने से बचा सकती है।
अभियान के सफल संचालन में चाइल्ड हेल्पलाइन सुपरवाइजर सुश्री इंद्राणी सिंह एवं आशीष जायसवाल का विशेष योगदान रहा। जिला प्रशासन ने बच्चों के सुरक्षित भविष्य और बाल अपराधों की रोकथाम के लिए समाज के प्रत्येक नागरिक से सक्रिय सहभागिता की अपील की है।
- Advertisement -
- Advertisement -