29.1 C
Raipur
Thursday, September 10, 2026

रामसागर पारा में आज शाम भव्य पोरा तिहार, बैला दौड़ में हजारों का जुटेगा तांता

Must read

रायपुर- 10 सितंबर 2026

छत्तीसगढ़ के पारंपरिक त्यौहार पोरा तिहार के मौके पर आज शाम रामसागर पारा में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। पूर्व विधायक विकास उपाध्याय के संरक्षण में होने वाले इस कार्यक्रम में भव्य बैला दौड़ प्रतियोगिता मुख्य आकर्षण रहेगी।

कार्यक्रम की तैयारियां पूरी

रायपुर के ऐतिहासिक रामसागर पारा, मेन रोड में शाम 4 बजे से शुरू होने वाले इस कार्यक्रम की तैयारियां जोरों पर हैं। छत्तीसगढ़ पारंपरिक पोरा तिहार उत्सव समिति और रामसागर पारा क्षेत्रवासियों के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में भारी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।

बैला दौड़ में मिलेंगे नगद पुरस्कार

कार्यक्रम में आयोजित भव्य बैला दौड़ प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को आकर्षक नगद पुरस्कार दिए जाएंगे:

  • सर्वश्रेष्ठ: 6,100 रुपये
  • प्रथम विजेता: 5,100 रुपये
  • द्वितीय: 4,100 रुपये
  • तृतीय: 3,100 रुपये
  • सभी बैल जोड़ियों को: सांत्वना पुरस्कार

इसके अलावा नांदिया बैला चलई और जांता चलई के प्रदर्शन भी आयोजित किए जाएंगे।

विकास उपाध्याय का आमजन से आह्वान

पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सभी लोगों को कार्यक्रम में शामिल होने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि पोरा तिहार छत्तीसगढ़ की ग्रामीण संस्कृति, कृषि परंपरा और लोक जीवन का अहम हिस्सा है। सदियों से चली आ रही इस परंपरा को बढ़ावा देने के लिए अधिक से अधिक लोग कार्यक्रम स्थल पर पहुंचें।

पोरा तिहार की परंपरा

पोरा तिहार छत्तीसगढ़ में “हमर पुरखा के तिहार” के नाम से जाना जाता है। इस दिन किसान अपने खेतों में मेहनत करने वाले बैलों की पूजा करते हैं और उन्हें आराम देते हैं। घरों में ठेठरी, खुरमी समेत पारंपरिक पकवान बनाए जाते हैं और बच्चे मिट्टी के बैल व अन्य पारंपरिक खिलौनों से खेलते हैं।

रायपुरवासियों के लिए खास आमंत्रण

विकास उपाध्याय ने अपने पश्चिम क्षेत्रवासियों सहित रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सभी महतारी, बहिनी, लईका, सियान को इस पारंपरिक त्यौहार में शामिल होने के लिए विशेष आमंत्रण दिया है। उन्होंने छत्तीसगढ़वासियों को पोरा तिहार एवं गणेश चतुर्थी की अग्रिम शुभकामनाएं भी दी हैं।

कार्यक्रम में सभी प्रतिभागियों को विशेष उपहार भी दिए जाएंगे, जिससे छत्तीसगढ़ी तिहार को और भी उत्साहवर्धक बनाया जा सके।

- Advertisement -spot_img

More articles

- Advertisement -spot_img

Latest article