सहारनपुर- 09/09/2026
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के करेंसी चेस्ट से करीब ₹17.29 करोड़ मूल्य के जाली नोट मिलने के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले में फरार चल रहे बैंक अधिकारी और FIR में नामजद मुख्य आरोपी अमित कुमार को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी अब जाली करेंसी के स्रोत और बैंकिंग व्यवस्था में उसके प्रवेश की पूरी कड़ी खंगाल रही है।
ऐसे खुला मामला
मामला 29 अगस्त 2026 को सामने आया, जब सहारनपुर के सदर बाजार थाना क्षेत्र में स्थित PNB करेंसी चेस्ट में बड़ी मात्रा में संदिग्ध नोट मिलने की सूचना मिली। जांच और गिनती के दौरान इनकी कुल कीमत करीब ₹17.29 करोड़ बताई गई। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
प्रारंभिक जांच में बैंक के तीन कर्मचारियों की भूमिका सामने आई। इनमें अमित कुमार के अलावा वरिष्ठ मंडल प्रबंधक रवि कुमार केस और करेंसी चेस्ट मैनेजर सुशील शर्मा के नाम शामिल थे। तीनों को बैंक ने निलंबित कर दिया था और FIR में भी नाम दर्ज किया गया।
जांच में क्या सामने आया?
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय स्तर पर SIT सहित विभिन्न एजेंसियों ने जांच शुरू की। जांच का प्रमुख बिंदु यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में जाली नोट करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंचे और बैंक की नियमित नकदी जांच एवं निगरानी व्यवस्था में यह मामला पहले क्यों नहीं पकड़ा गया।
जांच एजेंसियां बैंक के रिकॉर्ड, कैश मूवमेंट, ऑडिट दस्तावेज, CCTV फुटेज और करेंसी चेस्ट से जुड़े कर्मचारियों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं। चेस्ट से सटी शाखा के कर्मचारियों से भी उनके आधिकारिक संपर्क और जिम्मेदारियों को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है।
अब NIA की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने जांच NIA को सौंप दी। 3 सितंबर 2026 को NIA ने मामला दर्ज कर जांच अपने हाथ में ली। इसके बाद फरार आरोपी अमित कुमार की तलाश तेज की गई और 7 सितंबर को उसे चंडीगढ़ से गिरफ्तार कर लिया गया।
अगले दिन उसे चंडीगढ़ की विशेष NIA अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे लखनऊ की विशेष NIA अदालत में पेश करने के लिए दो दिन की ट्रांजिट रिमांड मंजूर की गई।


