देशभर में चलाए गए अभियानों में डीआरआई ने लगभग 740 किलोग्राम गांजा और चरस जब्त कर अवैध गांजा तस्करी पर अपनी कार्रवाई तेज की और 13 लोगों को गिरफ्तार किया|
नई दिल्ली/रायपुर, 10 सितंबर 2026
राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पिछले पखवाड़े देश भर में आठ अभियान चलाए। इन कार्रवाइयों में लगभग 740 किलोग्राम गांजा और चरस जब्त किया गया है, जबकि 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
रायपुर में दो बड़ी कार्रवाइयां
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में डीआरआई ने दो बड़ी सफलताएं हासिल की हैं। 8 सितंबर को खुफिया जानकारी के आधार पर ओल्ड धमतारी रोड पर विशाखापत्तनम से आ रहे दो ट्रकों की जांच की गई। ट्रकों के लोडिंग क्षेत्र में रखे 10 बोरों में छिपाए गए 61 पैकेटों में गांजा होने का संदेह था। फील्ड परीक्षण में गांजे की पुष्टि होने के बाद कुल 375.95 किलोग्राम गांजा जब्त कर चार लोगों को गिरफ्तार किया गया।
इससे पहले 26 अगस्त को रायपुर के पास रोके गए एक ट्रक से 124 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया था, जिसमें एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था।
जब्त की गई नशीली सामग्री का ब्यौरा
डीआरआई द्वारा जब्त की गई कुल मात्रा में 709.6 किलोग्राम गांजा, 24.5 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाला हाइड्रोपोनिक गांजा और 5 किलोग्राम चरस शामिल है। सभी गिरफ्तारियों को एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत किया गया है।
अन्य राज्यों में भी बड़ी सफलता
बिहार में 5-6 सितंबर को औरंगाबाद-पटना राजमार्ग पर एक ट्रक को रोका गया। तलाशी के दौरान चालक के केबिन के पीछे बने गुप्त स्थान से 90 पैकेटों में 140.5 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। इस दौरान एक अधिकारी घायल हो गया, जबकि चालक भागने में सफल रहा।
पंजाब के लुधियाना के पास एक संदिग्ध वाहन की तलाशी में फर्श में बने गड्ढों में छिपाए 67 पैकेटों में 69 किलोग्राम गांजा मिला, जिसमें दो लोग गिरफ्तार हुए।
रेल और हवाई अड्डों पर कार्रवाई
3 सितंबर को गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर अमरनाथ एक्सप्रेस में तीन यात्रियों को पकड़ा गया, जिनके पास से 5 किलोग्राम चरस बरामद हुई। जांच में पता चला कि चरस नेपाल से तस्करी कर लाई गई थी।
इसके अलावा हैदराबाद और बेंगलुरु हवाई अड्डों पर वियतनाम और थाईलैंड से आने वाले तीन यात्रियों से 24.6 किलोग्राम उच्च क्षमता का गांजा जब्त किया गया।
डीआरआई ने सड़क, रेल और हवाई मार्गों से होने वाली तस्करी को रोकने के लिए विशेष वाहन के गुप्त कक्षों और सामान में छिपाई खेपों पर कड़ी निगरानी बढ़ाई है।


