चुनाव आयोग की पहली अखिल भारतीय मीडिया कॉन्फ्रेंस: चुनावों में मीडिया की भूमिका पर चर्चा
नई दिल्ली/डिजिटलडेस्क -18 जुलाई 2026
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि भारत में चुनाव संविधान, संबंधित कानूनों और आयोग के दिशा-निर्देशों के मुताबिक पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न होते हैं।
भारत निर्वाचन आयोग ने 18 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में देश की पहली अखिल भारतीय मीडिया कॉन्फ्रेंस-2026 आयोजित की। “हितधारकों को जोड़ना, लोकतंत्र को मजबूत करना: चुनावों में मीडिया की भूमिका” थीम पर हुए इस आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 380 से ज्यादा पत्रकार और मीडियाकर्मी शामिल हुए।
हर स्तर पर चल रही निगरानी
आयोग चीफ ज्ञानेश कुमार ने बताया कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़ा हर पक्ष लगातार इसकी निगरानी करता रहता है। उन्होंने जानकारी दी कि करीब 95 करोड़ मतदाताओं की सूची लगातार अपडेट होने वाला एक जीवंत दस्तावेज है। इस काम में 12 लाख से ज्यादा बूथ लेवल अधिकारी और 15 लाख से अधिक बूथ लेवल एजेंट लगातार निगरानीकर्ता की भूमिका निभा रहे हैं।
मतदान प्रतिशत को बताया भरोसे की मिसाल
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि हाल में हुए विधानसभा चुनावों में जो रिकॉर्ड मतदान हुआ, वह जनता के भरोसे और लोकतंत्र की मजबूती को दिखाता है। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए देशभर के मतदाताओं का धन्यवाद भी किया।
मीडिया को दी गई विस्तार से जानकारी
कॉन्फ्रेंस का मकसद पत्रकारों को चुनाव प्रक्रिया की गहराई से समझ देना था। इस दौरान संविधान, जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 और 1951, आयोग के दिशा-निर्देश, ईसीआईनेट प्लेटफॉर्म और चुनाव में तकनीक के इस्तेमाल जैसे विषयों पर जानकारी साझा की गई। साथ ही बूथ लेवल एजेंट, पोलिंग एजेंट और काउंटिंग एजेंट किस तरह पारदर्शिता बनाए रखने और राजनीतिक दलों की भागीदारी सुनिश्चित करने में मदद करते हैं, यह भी समझाया गया।
व्यावहारिक प्रदर्शन भी हुआ
प्रतिभागियों को छोटे-छोटे समूहों में बांटकर मतदाता सूची बनाने, वोटिंग और मतगणना की पूरी प्रक्रिया व्यावहारिक तरीके से दिखाई गई। इसके अलावा चुनावी निगरानी में इस्तेमाल होने वाले जरूरी सरकारी फॉर्मों की जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम के आखिर में मुख्य चुनाव आयुक्त के साथ सवाल-जवाब का सत्र भी हुआ।
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