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Sunday, July 19, 2026

छत्तीसगढ़ में अब तक 81 प्रतिशत रिकॉर्ड बारिश: मानसून हुआ झमाझम, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और बलरामपुर में बरसी खुशियां

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छत्तीसगढ़/मानसून 18 जुलाई 2026

शुरुआती जून में भले ही बारिश ने थोड़ा इंतजार कराया था, जिससे बुवाई पर असर दिखा था, लेकिन जुलाई की मूसलाधार बारिश ने सारी कसर पूरी कर दी है।

छत्तीसगढ़ में इस बार बदरा दिल खोलकर बरस रहे हैं। खेत लबालब हैं, चेहरे पर मुस्कान है और अन्नदाताओं के हौसले बुलंद हैं। प्रदेश ने मानसून के इस सीजन में शानदार शुरुआत करते हुए अब तक 81.3 प्रतिशत बारिश का आंकड़ा पार कर लिया है।

जहां एक ओर जांजगीर-चांपा, बिलासपुर और गरियाबंद में झमाझम बारिश से किसान गदगद हैं, वहीं सारंगढ़-बिलाईगढ़ और बलरामपुर में तो बारिश ने सारे रिकॉर्ड ही तोड़ दिए हैं।

आंकड़ों में खुशहाली: 293.6 मिमी बरसा पानी

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक 1 जून से 17 जुलाई 2026 तक प्रदेश में औसतन 293.6 मिलीमीटर वास्तविक वर्षा दर्ज हो चुकी है। बीते 24 घंटे में ही पूरे प्रदेश का दैनिक औसत 26.0 मिमी रहा। यह आने वाले खरीफ सीजन, खासकर धान की फसल के लिए सोने पर सुहागा है।

कहां-कहां बरसे मेघ जमकर?
मानसून का सबसे खुशनुमा नजारा जांजगीर-चांपा में दिखा, जहां 24 घंटे में 80.0 मिमी बारिश ने खेतों को तालाब बना दिया।
बिलासपुर में 74.7 मिमी और गरियाबंद में 68.6 मिमी बारिश दर्ज की गई।

धमतरी, मुंगेली और दुर्ग जैसे मैदानी जिलों में भी मानसून सामान्य के पार पहुंच चुका है।

सारंगढ़-बिलाईगढ़ बना नंबर-1, बलरामपुर में भी बंपर

इस सीजन का हीरो बना है सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला। यहां सामान्य औसत से 177.9 प्रतिशत ज्यादा यानी 512.8 मिमी बारिश हो चुकी है।

बलरामपुर में भी 133.8 प्रतिशत अधिक बारिश से जलाशय लबालब हो गए हैं। राजधानी रायपुर में भी 110.7 प्रतिशत अधिक यानी 354.9 मिमी पानी गिर चुका है, जिससे शहर में हरियाली लौट आई है।

बिलासपुर में बाढ़ जैसे हालात, बस्तर में इंतजार
एक तरफ खुशी है तो दूसरी तरफ चुनौती भी। बिलासपुर में कॉलोनियां ताल-तलैया बन गई हैं, लोगों की परेशानी बढ़ी है और प्रशासन राहत कार्य में जुटा है।

वहीं बस्तर संभाग के सुकमा, बीजापुर और कांकेर में अभी भी बारिश की रफ्तार धीमी है। हालांकि मौसम विभाग ने राहत की खबर दी है। जुलाई के अंतिम सप्ताह में एक मजबूत सिस्टम सक्रिय हो रहा है, जिसका सीधा फायदा बस्तर को मिलेगा और बारिश का कोटा जल्द पूरा हो जाएगा।
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