मानसून का असर, कई राज्यों में हाई अलर्ट, जानें कहां भारी बारिश तो कहां सूखे जैसे हालात
मानसून/समाचार- 17 जुलाई 2026
पूर्वी और उत्तर भारत में बारिश का तांडव वहीं
पश्चिम भारत में इस बार जून और जुलाई के बीते दिनों में बारिश कम है हालांकि 16 से 18 जुलाई तक अरब सागर के आसपास भरपूर बारिश की संभावना बताई गई है।
कुल मिलाकर, देश का मौसम इस समय दो अलग तस्वीरें पेश कर रहा है — एक तरफ पूर्वी और पहाड़ी राज्यों में बाढ़ जैसे हालात, तो दूसरी तरफ पश्चिमी भारत के कई हिस्सों में मानसून की बेरुखी।
देश में इस समय दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय है। मौसम विभाग ने 17 जुलाई के लिए कई राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश, आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है, साथ ही कुछ राज्यों में अचानक बाढ़ और भूस्खलन की आशंका भी जताई गई है।
सबसे गंभीर स्थिति ओडिशा और छत्तीसगढ़ की बताई जा रही है। विभाग के मुताबिक ओडिशा के कुछ इलाकों में 21 सेंटीमीटर या उससे अधिक बारिश हो सकती है, जिसके चलते ओडिशा के 23 जिलों और छत्तीसगढ़ के 13 जिलों में फ्लैश फ्लड की गंभीर चेतावनी दी गई है। लोगों से नदी-नालों के पास न जाने की अपील की गई है।
बंगाल की खाड़ी में बने एक डिप्रेशन का असर भी साफ दिख रहा है। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तर ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट पर बने निम्न दबाव क्षेत्र के असर से अगले 7 दिनों में पूर्वी-पूर्वोत्तर भारत, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है
पश्चिम बंगाल के पहाड़ी इलाकों में भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी और अलीपुरदुआर जिलों में 16-17 जुलाई को भारी वर्षा का अलर्ट है, और 19-20 जुलाई को इन्हीं जिलों में अत्यंत भारी बारिश के चलते ऑरेंज-रेड अलर्ट जारी किया गया है।
बिहार और उत्तर प्रदेश भी मानसून की मार से अछूते नहीं हैं। इन दोनों राज्यों समेत झारखंड और पूर्वी भारत के कई इलाकों में तेज बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अलर्ट जारी है, वहीं दिल्ली में भी मौसम अचानक बदल सकता है।
कहां जारी हुआ रेड अलर्ट
राजस्थान में मानसून का असर तेज तूफान के रूप में देखा जा रहा है, जबकि पहाड़ी राज्यों में लगातार बिगड़ते हालात को देखते हुए रेड अलर्ट पहले ही जारी किया जा चुका है।
कहां है सूखे जैसी स्थिति
एक तरफ जहां पूर्वी और उत्तर भारत बारिश से जूझ रहे हैं, वहीं देश के कुछ हिस्सों में हालात बिल्कुल उलट हैं।
महाराष्ट्र: राज्य के अधिकांश जिलों में औसत से करीब 80 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है, रायगड, मुंबई, पालघर और ठाणे जैसे जिलों में यह कमी 94 से 100 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
राष्ट्रीय स्तर पर देशभर में बारिश की कमी फिर बढ़कर 18 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जबकि जुलाई की शुरुआत में यह घटकर 14 प्रतिशत रह गई थी, पर मध्य जुलाई में मानसूनी हवाएं फिर कमजोर पड़ गईं।
मौसम विभाग का आगे का अनुमान
मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम अगले 12 घंटों में और मजबूत होकर उत्तर-पश्चिम दिशा में उत्तर ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल की तरफ बढ़ेगा। इसके अलावा 19 जुलाई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है, जिससे मौसम में और बदलाव देखने को मिलेगा।
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