केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्र विकास के लिए राशि मंजूर की है ,जिसके लिए छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री का आभार जताया है।
📍 प्रविष्टि तिथि: 07 अगस्त 2025, स्रोत: PIB दिल्ली
Janchoupal 36
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीण संपर्क और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। भारत सरकार ने राज्य को 195 करोड़ रुपए की केंद्रीय सहायता राशि स्वीकृत की है, जो “सड़क संपर्क परियोजना (RCPLWEA)” के तहत उपलब्ध कराई जाएगी।
यह राशि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए स्वीकृत की गई है और इसका उद्देश्य उन दुर्गम और विकास से वंचित इलाकों तक सड़क और संचार सुविधा पहुंचाना है, जो लंबे समय से नक्सल हिंसा और अव्यवस्था का शिकार रहे हैं।
केंद्र की यह सहायता “जस्ट-इन-टाइम” फंड रिलीज प्रणाली के तहत सिंगल नोडल एजेंसी (स्पर्श मॉडल) से जारी की जा रही है, जिससे योजनाओं की पारदर्शिता और प्रभावशीलता में इजाफा होगा।
राशि का विनियोजन इस प्रकार है:
₹190.61 करोड़ – कार्यक्रम निधि (Program Fund)
₹4.38 करोड़ – प्रशासनिक व्यय (Administrative Expenses)
यह राशि भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के माध्यम से राज्य सरकार को हस्तांतरित की जाएगी और इसके व्यय का रिकॉर्ड PFMS (पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम) पर अपलोड किया गया है।
स्पर्श गाइडलाइन के अनुसार, किसी समय केवल एक ही सक्रिय मदर सैंक्शन मान्य रहेगा और पूर्व के अव्ययित बैलेंस को उसमें सम्मिलित कर लिया जाएगा।
क्या है RCPLWEA योजना?
RCPLWEA यानी Road Connectivity Project for Left Wing Extremism Affected Areas — यह केंद्र सरकार की वह महत्त्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य है वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों में सड़क नेटवर्क को सुदृढ़ कर विकास का मार्ग प्रशस्त करना।
जनचौपाल विश्लेषण
छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में जहाँ नक्सल प्रभावित इलाके अब भी विकास की मुख्यधारा से काफी हद तक कटे हुए हैं, वहाँ यह निर्णय ना केवल आधारभूत संरचना को मज़बूती देगा बल्कि सुरक्षा व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका जैसे क्षेत्रों में भी व्यापक बदलाव लाने में सहायक होगा।
यह ग्रामीण भारत की उस तस्वीर को बदलने की दिशा में एक मजबूत कदम है जो वर्षों से उपेक्षित रही है।


