शहीद कर्मा पार्क: शहीद महेंद्र कर्मा जी के सम्मान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा!
पूर्व सांसद प्रतिनिधि/पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राजू रेड्डी की दो टूक
किरंदुल | 03 जून 2026 | रिपोर्ट: रवि सरकार
किरंदुल की जनता आज पूछ रही है — क्या शहीदों का सम्मान भी अब राजनीति की भेंट चढ़ेगा? बस्तर के बस्तर टाइगर, दंतेवाड़ा के जन-जन के नेता, स्वर्गीय शहीद महेंद्र कर्मा जी की स्मृति में कांग्रेस शासनकाल में जिस पार्क की परिकल्पना हुई, जिसका शिलान्यास, निर्माण और उद्घाटन उनके नाम से हुआ, जिसकी निधि उनके नाम से स्वीकृत हुई — आज उसी शहीद महेंद्र कर्मा पार्क से खुद शहीद महेंद्र कर्मा जी को ही गायब किया जा रहा है!
यह खबर नहीं, सीधा-सीधा शहीद के बलिदान का अपमान है! पार्क बन गया, नाम बदलने की साजिश रची जा रही है, लेकिन शहीद महेंद्र कर्मा जी की प्रतिमा आज तक नहीं लगी। बिना प्रतिमा स्थापित किए ही पार्क में फेरबदल किए जा रहे हैं। यह बस्तर की भावनाओं पर चोट है, दंतेवाड़ा की जनता के जज्बातों से धोखा है।
हम साफ कह देना चाहते हैं — हमें चेंदरू राम मंडावी जी से कोई आपत्ति नहीं। वे आदिवासी अस्मिता के प्रतीक हैं, बस्तर की शान हैं, उनका सम्मान हमारा धर्म है। लेकिन एक महापुरुष को सम्मान देने के नाम पर दूसरे महापुरुष की स्मृति मिटाई जाए, यह बस्तर बर्दाश्त नहीं करेगा। अगर शहीद महेंद्र कर्मा पार्क में चेंदरू राम मंडावी जी की प्रतिमा लगती है, तो उसी गरिमा के साथ, उसी परिसर में, शहीद महेंद्र कर्मा जी की प्रतिमा भी लगनी ही चाहिए।
शासन-प्रशासन सुन ले — शहीद महेंद्र कर्मा जी की प्रतिमा तत्काल स्थापित करो। पार्क का मूल नाम ‘शहीद महेंद्र कर्मा पार्क’ है और वही रहेगा। इसमें छेड़छाड़ हुई तो समझ लो बस्तर की धरती गवाह बनेगी जनाक्रोश की।
भाजपा सरकार कान खोलकर सुन ले — महापुरुष और शहीद वोटबैंक नहीं होते। उनका सम्मान नफे-नुकसान देखकर नहीं किया जाता। अगर शहीद महेंद्र कर्मा जी के सम्मान से खिलवाड़ हुआ, तो दंतेवाड़ा से लेकर पूरे बस्तर संभाग तक सड़कों पर जनता उतरेगी। हम लोकतांत्रिक तरीके से सड़क से सदन तक लड़ेंगे। अपने शहीदों का सम्मान बचाना हमें आता है।
याद रखो — शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशां होगा।राजू रेड्डी
पूर्व सांसद प्रतिनिधि, पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष, किरंदुल
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