छत्तीसगढ़ के प्रमुख तीर्थ स्थलों का हो रहा समग्र विकास,प्रदेश अब धार्मिक,आर्थिक संबलता की ओर अग्रसर।
रायपुर/भिलाई, 05 अगस्त 2025
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के प्रमुख तीर्थ स्थलों के चरणबद्ध विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में कवर्धा स्थित भोरमदेव मंदिर परिसर के समग्र विकास हेतु 146 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। साथ ही, राज्य के पाँच प्रमुख शक्तिपीठों के उन्नयन के लिए “शक्ति कॉरिडोर योजना” प्रारंभ की गई है।
शिव महापुराण कथा के समापन समारोह में मुख्यमंत्री सपरिवार सम्मिलित
मुख्यमंत्री श्री साय अपनी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय के साथ भिलाई में आयोजित शिव महापुराण कथा के समापन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना करते हुए कथा वाचक पं. प्रदीप मिश्रा और व्यासपीठ से जुड़े संतजनों का छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की ओर से स्वागत और अभिनंदन किया।
छत्तीसगढ़ शिवमय और शक्तिमय भूमि
मुख्यमंत्री ने कहा कि “छत्तीसगढ़ शिवमय है—बगिया में फलेश्वर महादेव, कवर्धा में बाबा भोरमदेव, राजिम में कुलेश्वर महादेव, खरौद में लक्ष्मणेश्वर महादेव और जशपुर में मधेश्वर महादेव (विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग) विराजमान हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “महादेव के साथ-साथ आदिशक्ति मां देवी की भी इस भूमि पर असीम कृपा है। दंतेवाड़ा की मां दंतेश्वरी, डोंगरगढ़ की मां बमलेश्वरी, रतनपुर की मां महामाया और चंद्रपुर की मां चंद्रहासिनी श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र हैं।”
छत्तीसगढ़: श्रीराम का ननिहाल
मुख्यमंत्री ने कहा, “प्रभु श्रीराम ने अपने वनवास काल के दस वर्ष छत्तीसगढ़ की पावन भूमि पर बिताए। यही वह भूमि है जहां माता शबरी के जूठे बेर खाकर आदर्श भक्ति को मान्यता दी गई।”
श्रीरामलला दर्शन योजना से 22 हजार श्रद्धालु लाभान्वित
मुख्यमंत्री ने बताया कि श्रीरामलला दर्शन योजना के अंतर्गत अब तक 22,000 से अधिक श्रद्धालु अयोध्या में श्रीरामलला के दर्शन कर चुके हैं।
इस अवसर पर विधायक श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, श्री गजेन्द्र यादव, श्री रिकेश सेन सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।


