डिजिटल डेस्क – 08/05/2026
मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी सेना ने ईरान के रणनीतिक महत्व वाले केशम द्वीप और बंदर अब्बास पोर्ट के आसपास सैन्य कार्रवाई की है। इन हमलों के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हालात को लेकर चिंता बढ़ गई है।
बताया जा रहा है कि अमेरिकी कार्रवाई का उद्देश्य क्षेत्र में कथित सैन्य गतिविधियों और समुद्री सुरक्षा खतरों को रोकना था। हालांकि, ईरान ने इस हमले को अपनी संप्रभुता पर सीधा हमला बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ईरानी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि ऐसी कार्रवाई दोबारा हुई तो उसका “कड़ा और निर्णायक जवाब” दिया जाएगा।
तनाव बढ़ने के बाद फारस की खाड़ी में सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं। कई अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी कंपनियों ने अपने जहाजों के रूट की समीक्षा शुरू कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्थिति और बिगड़ती है तो इसका असर वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ सकता है।
अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों और क्षेत्रीय प्रभाव को लेकर विवाद जारी है। हालिया घटनाक्रम ने दोनों देशों के बीच टकराव की आशंकाओं को और बढ़ा दिया है। संयुक्त राष्ट्र समेत कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान तलाशने की अपील की है।
इधर, वैश्विक बाजारों में भी इस तनाव का असर दिखाई देने लगा है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है, जबकि निवेशकों के बीच अनिश्चितता बढ़ने से कई शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले कुछ दिन मध्य पूर्व की स्थिति के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।