भूकंप त्रासदी:-वेनेजुएला में दो भीषण भूकंपों से तबाही, हजारों मौतों की आशंका
डिजिटल डेस्क/ 26 जून 2026
राहत-बचाव अभियान युद्धस्तर पर:_
दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में आए लगातार दो शक्तिशाली भूकंपों ने व्यापक तबाही मचा दी है। 7.2 और 7.5 तीव्रता के इन भूकंपों के तेज झटकों ने राजधानी काराकस सहित कई शहरों में भारी विनाश किया है। बहुमंजिला इमारतें धराशायी हो गईं, सड़कें मलबे में तब्दील हो गईं और कई इलाकों में संचार तथा परिवहन व्यवस्था ठप पड़ गई है।
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार सैकड़ों लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि मलबे में बड़ी संख्या में लोगों के दबे होने के कारण मृतकों की संख्या 10 हजार से अधिक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
बताया गया है कि पहला भूकंप 7.2 तीव्रता का था और लगभग 39 सेकंड बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा शक्तिशाली झटका महसूस किया गया। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार दोनों भूकंप अपेक्षाकृत कम गहराई पर आए, जिससे जमीन पर विनाश का स्तर काफी अधिक रहा।
पहला भूकंप कैरेबियाई तट के मोरोन क्षेत्र के पश्चिम में तथा दूसरा राजधानी काराकस के निकट केंद्रित था।
राजधानी काराकस और ला गुएरा शहर सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हैं। कई इमारतें पूरी तरह ढह गई हैं, हवाई अड्डों को नुकसान पहुंचने के कारण उड़ान सेवाएं बंद कर दी गई हैं और मेट्रो सेवा भी बाधित है।
देशभर में आपातकाल लागू कर दिया गया है तथा सेना, राहत एजेंसियां और स्वयंसेवी संगठन मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए लगातार अभियान चला रहे हैं।
वेनेजुएला सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सहयोग की अपील की है। अमेरिका समेत कई देशों ने राहत सामग्री, चिकित्सा दल और मानवीय सहायता भेजने की घोषणा की है।
भारत ने भी इस प्राकृतिक आपदा पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की बात कही है।
पीएम मोदी ने कहा है कि हम घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं और इस मुश्किल समय में सभी प्रभावित लोगों के साथ एकजुटता से खड़े हैं।
भारत हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है।’’
इतिहास गवाह है कि भूकंप मानव सभ्यता के लिए सबसे विनाशकारी प्राकृतिक आपदाओं में रहे हैं। वर्ष 1556 का चीन का शानक्सी भूकंप, 1976 का तांगशान भूकंप, 2004 का सुमात्रा भूकंप एवं सुनामी और 2010 का हैती भूकंप ऐसी त्रासदियां हैं, जिन्होंने लाखों लोगों का जीवन प्रभावित किया।
विशेषज्ञों के अनुसार पृथ्वी की टेक्टोनिक प्लेटों के आपसी खिसकने और टकराने से भूकंप उत्पन्न होते हैं। जब यह गतिविधि अधिक ऊर्जा के साथ और कम गहराई पर होती है तो जन-धन की हानि कई गुना बढ़ जाती है।
वेनेजुएला की यह त्रासदी एक बार फिर याद दिलाती है कि प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए मजबूत आपदा प्रबंधन व्यवस्था, भूकंपरोधी निर्माण और त्वरित राहत तंत्र कितने आवश्यक हैं।
फिलहाल पूरी दुनिया की नजर राहत एवं बचाव कार्यों पर टिकी है और प्रभावित लोगों तक जल्द से जल्द सहायता पहुंचाने के प्रयास जारी हैं।
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