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Tuesday, August 11, 2026

शक्कर कारखाना में भारतीय मजदूर संघ का टूल डाउन आंदोलन, मांगें पूरी न होने पर ‘चक्का जाम’ की चेतावनी

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पंडरिया, छत्तीसगढ़ दिनांक: 11 अगस्त 2026

पंडरिया स्थित लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल सहकारी शक्कर कारखाना में श्रमिकों की जायज मांगों और प्रबंधन के अड़ियल रवैये के विरोध में भारतीय मजदूर संघ (BMS) के बैनर तले टूल डाउन आंदोलन का प्रथम दिवस शांतिपूर्ण लेकिन रोषपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। आंदोलन के पहले ही दिन श्रमिकों में प्रबंधन के खिलाफ भारी आक्रोश देखने को मिला।

प्रमुख समस्याएं और लंबित मांगें:

  • 7 माह का लंबित वेतन: कारखाने के श्रमिकों का पिछले 7 महीनों से लगातार भुगतान रुका हुआ है, जिससे उनके सामने आजीविका का गंभीर संकट पैदा हो गया है।
  • हड़ताल अवधि का भुगतान: पिछली हड़ताल अवधि का पारिश्रमिक आज तक श्रमिकों को नहीं दिया गया है।
  • कर्मचारियों की बहाली: संगठन के महामंत्री श्री ललित चन्द्रवंशी सहित अन्य कार्य से वंचित श्रमिकों को तत्काल प्रभाव से काम पर वापस लिया जाए।

प्रबंधन की तानाशाही पर सवाल:

भारतीय मजदूर संघ का कहना है कि समस्याओं का समाधान करने के बजाय प्रबंधन तानाशाहीपूर्ण रवैया अपना रहा है। श्रमिकों की आवाज उठाने वाले संगठन के महामंत्री श्री ललित चन्द्रवंशी की आईडी डिलीट कर दी गई है।

भारतीय मजदूर संघ (BMS) इकाई: लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल सहकारी शक्कर कारखाना, पंडरिया संघ ने कड़े शब्दों में सवाल उठाया है.—

  • क्या श्रमिक अपने ही मेहनत के पैसे के लिए सवाल नहीं पूछ सकता?
  • क्या अपने अधिकारों की बात करना अपराध है?

श्री ललित चन्द्रवंशी ने किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि सैकड़ों श्रमिकों के लंबित भुगतान और उनके अधिकारों के लिए आवाज उठाई थी, जिसके तहत उनपर यह कार्रवाई की गई है।

उग्र आंदोलन की चेतावनी:

भारतीय मजदूर संघ ने स्पष्ट कर दिया है कि श्रमिकों की आवाज को दबाने और संगठन को कमजोर करने की हर साजिश का डटकर मुकाबला किया जाएगा। यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष की नहीं, बल्कि प्रत्येक श्रमिक के सम्मान, अधिकार और भविष्य की है।

यदि प्रबंधन ने शीघ्र ही उचित कदम उठाते हुए लंबित भुगतानों और कर्मचारियों की बहाली पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर संघ चक्का जाम जैसे बड़े और कड़े कदम उठाने के लिए बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी कारखाना प्रबंधन की होगी।

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