डिजिटल डेस्क, 14 अप्रैल 2026 | मुंबई
इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में जहां शशांक सिंह और रियान पराग जैसे पार्ट-टाइम गेंदबाज भी विकेट निकाल रहे हैं, वहीं जसप्रीत बुमराह अब तक एक भी विकेट नहीं ले पाए हैं। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर मुंबई इंडियंस का यह सबसे बड़ा हथियार खामोश क्यों है?
मुंबई इंडियन के तेज गेंदबाज बुमराह ने इस सीजन में 4 मैचों में 15 ओवर गेंदबाजी की है, लेकिन विकेट कॉलम खाली है। इसके उलट (पंजाब किंग्स) 2 विकेट और (राजस्थान रॉयल्स) 1 विकेट ले चुके हैं, जो आंकड़ों को चौंकाने वाला बनाता है।
हालांकि, कहानी सिर्फ विकेट तक सीमित नहीं है। बुमराह इस सीजन में ‘विकेट टेकर’ नहीं, बल्कि ‘रन कंट्रोलर’ की भूमिका में नजर आ रहे हैं। उनकी इकोनॉमी रेट 8.20 है, जो मौजूदा हालात में काफी प्रभावी मानी जा रही है। 15 या उससे ज्यादा ओवर डालने वाले गेंदबाजों में सिर्फ और की इकोनॉमी उनसे बेहतर है।
दरअसल, टीम मैनेजमेंट बुमराह को ऐसे समय गेंदबाजी दे रहा है, जब गेंद पुरानी होती है, बल्लेबाज सेट हो चुके होते हैं और रन गति तेज होती है। ऐसे में उन्हें आक्रामक गेंदबाजी की बजाय रन रोकने पर ध्यान देना पड़ता है, जिससे विकेट लेने के मौके सीमित हो जाते हैं। यही वजह है कि उन्हें ‘फायरफाइटर’ की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है।
पूर्व भारतीय स्पिनर ने भी संकेत दिए हैं कि भले ही बुमराह विकेट नहीं ले रहे, लेकिन टीम के लिए उनकी भूमिका बेहद अहम बनी हुई है।
आंकड़ों पर नजर डालें तो बुमराह को आईपीएल में विकेट लिए हुए 20.2 ओवर हो चुके हैं। उन्होंने आखिरी बार के खिलाफ IPL 2025 के एलिमिनेटर में विकेट लिया था। इसके बाद से वह 122 गेंदें डाल चुके हैं, लेकिन विकेट हासिल नहीं हुआ।
हालांकि, उनकी लय, सटीक लाइन-लेंथ और नियंत्रण अब भी बेहतरीन है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि बुमराह जैसे गेंदबाज के लिए यह सिर्फ समय की बात है—जैसे ही उन्हें आक्रामक स्पेल मिलेगा, वह फिर से विकेट कॉलम में वापसी कर सकते हैं।
विकेट नहीं, फिर भी ‘मैच विनर’: IPL 2026 में बुमराह की बदली भूमिका


