34.3 C
Raipur
Friday, June 5, 2026

होर्मुज संकट गहराया: अमेरिका की नाकेबंदी, वैश्विक शक्तियों में बढ़ी टकराहट

Must read

नई दिल्ली/डिजिटल डेस्क, 14 अप्रैल 2026

मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंचता नजर आ रहा है। अमेरिका ने सोमवार से ईरान के सभी प्रमुख बंदरगाहों और तटीय इलाकों की नाकेबंदी (ब्लॉकेड) शुरू कर दी है, जिससे वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। इस कार्रवाई का प्रभाव अरब सागर और ओमान की खाड़ी में स्थित ईरान के कई अहम पोर्ट्स—खार्ग आइलैंड, बंदर अब्बास, असलूयेह, चाबहार, बूशहर, बंदर महशहर और बंदर जास्क—पर पड़ सकता है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश करने वाले किसी भी जहाज को नष्ट कर दिया जाएगा। उनके इस बयान ने हालात को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।

इसी बीच, रूस और चीन भी सक्रिय हो गए हैं। रूस के विदेश मंत्री मंगलवार को चीन के दौरे पर पहुंच रहे हैं, जहां इस संकट को लेकर साझा रणनीति पर चर्चा होगी। चीन, जो लंबे समय से ईरान से बड़े पैमाने पर तेल आयात करता रहा है, इस नाकेबंदी से सीधे प्रभावित हो सकता है। वहीं, रूस और चीन के नेताओं—व्लादिमीर पुतिन और शी जिनपिंग—ने अपने संबंधों को “बिना सीमा की दोस्ती” बताया है, जो इस स्थिति में उनके रुख को अहम बनाता है।

दूसरी ओर, पश्चिम एशिया में सैन्य गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। पाकिस्तान के करीब 13 हजार सैनिक और 10 से 18 लड़ाकू विमान सऊदी अरब पहुंच चुके हैं। यह तैनाती पिछले साल हुए रणनीतिक रक्षा समझौते का हिस्सा बताई जा रही है, जिसमें किसी एक देश पर हमला दूसरे देश पर हमला माना जाएगा। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इन सैनिकों की भूमिका क्या होगी।

इस बीच, ब्रिटेन ने अमेरिका के इस कदम से दूरी बना ली है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने साफ किया है कि उनका देश होर्मुज नाकेबंदी का समर्थन नहीं करेगा और किसी भी सैन्य कार्रवाई में शामिल होने से पहले ठोस कानूनी आधार आवश्यक है। उन्होंने 40 से अधिक देशों की बैठक बुलाने का ऐलान भी किया है, ताकि कूटनीतिक समाधान तलाशा जा सके।

खबर अनुसार विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ता यह तनाव वैश्विक अर्थव्यवस्था, खासकर तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में महाशक्तियों के बीच कूटनीतिक और सामरिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।

- Advertisement -spot_img

More articles

- Advertisement -spot_img

Latest article