कोलकाता/चेन्नई, 24 अप्रैल 2026
देश की सियासत में गुरुवार को जबरदस्त हलचल देखने को मिली। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के विधानसभा चुनावों में मतदाताओं ने उमड़कर इतिहास रच दिया।
बंगाल में 92% से अधिक मतदान
पश्चिम बंगाल में 92.72 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो स्वतंत्रता के बाद राज्य का अब तक का सर्वाधिक मतदान प्रतिशत है। हालाँकि, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत करीब 91 लाख नाम हटाए जाने का मुद्दा गरमाया रहा। TMC ने इसे मताधिकार छीनने की साजिश बताया, जबकि BJP ने इसे वास्तविक मतदाताओं की पहचान सुनिश्चित करने की प्रक्रिया करार दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नदिया की रैली में इसे “परिवर्तन के लिए भारी जनादेश” बताया और दावा किया कि हिंसा पिछले पाँच दशकों में सबसे कम रही। वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि अधिक मतदान लोगों के अधिकारों और नागरिकता को लेकर उनकी चिंता को दर्शाता है।
तमिलनाडु में भी जबरदस्त उत्साह
तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों पर एक ही चरण में मतदान हुआ। शाम पाँच बजे तक 82.24 प्रतिशत मतदान हो चुका था। भीषण गर्मी के बावजूद सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी-लंबी कतारें देखी गईं।
जिलावार आंकड़ों में करूर जिला सबसे आगे रहा जहाँ 89.32 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि कन्याकुमारी में सबसे कम 73.44 प्रतिशत रहा। राजधानी चेन्नई में 81.34 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
दोनों राज्यों में रिकॉर्ड मतदान ने यह साफ कर दिया है कि भारत का मतदाता लोकतंत्र के प्रति पूरी तरह सजग और सक्रिय है। अब सबकी नजरें मतगणना पर टिकी हैं।
मतदाताओं की भीड़:बंगाल-तमिलनाडु में ऐतिहासिक मतदान, टूटे सारे रिकॉर्ड


