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Friday, October 30, 2026
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बाल विवाह के खिलाफ छात्राओं को किया जागरूक, सुरक्षा और अधिकारों की दी जानकारी

रायपुर, 20 अगस्त 2026

सूरजपुर जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय करसी में छात्राओं के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम जिला कलेक्टर श्रीमती रेना जमील के निर्देशन और जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

छत्तीसगढ़ को बाल विवाह मुक्त बनाने के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम में जिला बाल संरक्षण अधिकारी मनोज जायसवाल ने छात्राओं को बाल विवाह की रोकथाम, बाल अधिकार, शिक्षा और बालिकाओं की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा बालिकाओं के सशक्तिकरण और सुरक्षित भविष्य की सबसे मजबूत आधारशिला है। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित रूप से पढ़ाई करने और अपने लक्ष्य हासिल करने के साथ-साथ अपने आसपास होने वाले बाल विवाह को रोकने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।

हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारी

कार्यक्रम में छात्राओं को चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181 और आपातकालीन सेवा 112 के बारे में जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि किसी भी विपरीत परिस्थिति में इन हेल्पलाइन सेवाओं का उपयोग किया जा सकता है।

छात्राओं को सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श के प्रति जागरूक करते हुए बचाव के चार सूत्र ‘नो, गो, टेल एवं एफआईआर’ बताए गए। इसके साथ ही पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी भी दी गई।

आत्मनिर्भर बनने के लिए किया प्रेरित

मिशन शक्ति की श्रीमती फरजाना अंसारी ने छात्राओं को शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए भ्रूण हत्या की रोकथाम और घरेलू हिंसा की स्थिति में महिला हेल्पलाइन 181 का उपयोग करने की अपील की।

प्रतियोगिताओं में छात्राओं ने लिया हिस्सा

जागरूकता कार्यक्रम के दौरान पोस्टर, राखी और रंगोली निर्माण प्रतियोगिता आयोजित की गई। विद्यार्थियों ने इन प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया, जबकि अन्य प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए।

कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी लोगों को बाल विवाह मुक्त सूरजपुर बनाने की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को बाल विवाह के दुष्परिणामों, अपने अधिकारों और सुरक्षा के उपायों के प्रति जागरूक करते हुए शिक्षा को प्राथमिकता देने का संदेश दिया गया।

धमतरी में नकली और अमानक दवाओं पर शिकंजा, 12 मेडिकल प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण

धमतरी, 21 अगस्त 2026

06 दवाओं के नमूने जांच के लिए रायपुर भेजे गए, एक मेडिकल स्टोर में अनियमितता मिलने पर कार्रवाई जारी।

जिले में नकली, अमानक और संदिग्ध दवाओं की बिक्री पर रोक लगाने के लिए औषधि निरीक्षण अभियान लगातार जारी है। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा एवं नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार राज्यव्यापी विशेष सघन प्रवर्तन अभियान के तहत संयुक्त निरीक्षण दल द्वारा जिले के विभिन्न औषधि प्रतिष्ठानों में औचक जांच की जा रही है।

अभियान के दौरान संयुक्त टीम ने जिले के 12 औषधि प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान दवाओं की खरीदी-बिक्री से संबंधित बिल-वाउचर, स्टॉक रजिस्टर, आपूर्ति स्रोत और अन्य आवश्यक अभिलेखों की जांच की गई। राज्य में C&F, डिपो और सुपर स्टॉकिस्ट उपलब्ध होने के बावजूद राज्य के बाहर से खरीदी गई दवाओं को लेकर भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

इसके अलावा नारकोटिक एवं साइकोट्रॉपिक औषधियों के क्रय-विक्रय, भंडारण, स्टॉक तथा संबंधित दस्तावेजों की भी गहन जांच की जा रही है।

06 दवाओं के नमूने जांच के लिए भेजे

औषधियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अभियान के तहत इस सप्ताह 06 औषधि नमूने संकलित किए गए हैं। इनमें Tab. Elmox-CV 625 LB, Tab. Onco-4, CC-GO DX Cough Syrup 100ml, Bethasulide-P(R), Tab. Mokcan 250 DT और Tab. Ofiz 200 शामिल हैं।
सभी नमूनों को जांच एवं विश्लेषण के लिए औषधि परीक्षण प्रयोगशाला, रायपुर भेजा गया है। प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इन प्रतिष्ठानों की हुई जांच

संयुक्त निरीक्षण दल ने औषधि भंडार शासकीय जिला अस्पताल धमतरी, सूर्या मेडिकल एंड जनरल स्टोर्स नारी, गौतम फार्मा धमतरी, लक्ष्मी मेडिकल एंड जनरल स्टोर्स धमतरी, मेहता मेडिकोज धमतरी, रमेश मेडिकल स्टोर्स धमतरी, स्वास्तिक मेडिकल एंड जनरल स्टोर्स धमतरी, कबीर मेडिकल स्टोर्स छाती, दिनेश मेडिकल स्टोर्स प्रा. लिमिटेड धमतरी, गायत्री मेडिकल धमतरी, पवार मेडिकल एजेंसीज धमतरी और आरती मेडिकोज धमतरी का निरीक्षण किया।

सूर्या मेडिकल एंड जनरल स्टोर्स, नारी में अनियमितता पाए जाने के बाद नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।

अधिकृत स्रोत से दवा खरीदने की अपील

खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा जिले में दवाओं की गुणवत्ता, वैध आपूर्ति श्रृंखला और आवश्यक अभिलेखों की उपलब्धता पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। विभाग ने दवा विक्रेताओं से निर्धारित नियमों का पालन करने और केवल अधिकृत स्रोतों से ही औषधियों का क्रय-विक्रय करने की अपेक्षा की है।

विभाग के अनुसार आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित दवाएं उपलब्ध कराना अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। नकली, अमानक एवं संदिग्ध औषधियों की बिक्री और अवैध आवाजाही पर नियंत्रण के लिए यह विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा।

जंतर-मंतर पर आरक्षण के खिलाफ प्रदर्शन, आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग;

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नई दिल्ली, 21 अगस्त 2026।

आज दिल्ली के जंतर-मंतर पर आरक्षण हटाओ आंदोलन के तहत प्रदर्शनकारी और युवा एकत्र हुए हैं, जो जातिगत आरक्षण को समाप्त करने और आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने की मांग कर रहे हैं।

प्रदर्शनकारियों ने कहा- ‘जातिगत नहीं, जरूरत के आधार पर मिले लाभ’

राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर शुक्रवार को आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग को लेकर जुटे प्रदर्शनकारियों के कारण चर्चा में रहा। आरक्षण का लाभ नहीं मिलने वाले सवर्ण समुदाय से जुड़े प्रदर्शनकारियों ने यहां ‘आरक्षण हटाओ’ के नारे के साथ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग है कि मौजूदा जातिगत आरक्षण व्यवस्था को समाप्त किया जाए अथवा आरक्षण का आधार आर्थिक स्थिति को बनाया जाए।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शिक्षा और रोजगार में किसी व्यक्ति को सहायता देने का आधार उसकी जाति नहीं, बल्कि उसकी आर्थिक स्थिति और वास्तविक जरूरत होनी चाहिए। उनका तर्क है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आने वाले विद्यार्थियों और युवाओं को उनकी आर्थिक स्थिति के आधार पर अवसर और सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

जंतर-मंतर पर सुबह से ही प्रदर्शनकारियों के छोटे-छोटे समूह पहुंचने लगे। हाथों में तिरंगा लिए कई प्रदर्शनकारी अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते नजर आए। प्रदर्शन स्थल पर दिल्ली पुलिस की मौजूदगी भी रही और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया।

अनुमति को लेकर पुलिस ने पहले ही किया था स्पष्ट

प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस की ओर से पहले ही स्पष्ट किया गया था कि 21 अगस्त को जंतर-मंतर पर आरक्षण सुधार से संबंधित प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी गई है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर अनुमति मिलने का दावा करने वाले कुछ वीडियो को भी गलत बताया था।
इसके बावजूद प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पहुंचते रहे। मौके पर मौजूद प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शन समाप्त कर स्थान खाली करने से इनकार किया। उनका कहना है कि वे अपनी मांग सरकार तक पहुंचाने के लिए यहां एकत्र हुए हैं और शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराना चाहते हैं।

‘आरक्षण बढ़ाने की नहीं, व्यवस्था बदलने की मांग’

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका आंदोलन आरक्षण बढ़ाने अथवा नई जातियों को आरक्षण के दायरे में शामिल करने के लिए नहीं है। उनका उद्देश्य मौजूदा जातिगत आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग करना है। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति चाहे किसी भी जाति से हो, उसे शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में सहायता मिलनी चाहिए।

प्रदर्शनकारियों ने सरकार से आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा करने और आर्थिक आधार को प्राथमिकता देने की मांग की है। उनका कहना है कि सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को अवसर देना जरूरी है, लेकिन इसके लिए जाति के बजाय आर्थिक स्थिति को आधार बनाया जाना चाहिए।

फिलहाल जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस की मौजूदगी बनी हुई है। प्रदर्शनकारियों और प्रशासन के बीच आगे क्या स्थिति बनती है, इस पर नजर बनी हुई है।

बाढ़ में फंसे 5 लोग, NDRF ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन; CPR देकर बचाई बच्चे की जान

बेमेतरा- 20 अगस्त 2026

—“हेलो-हेलो कंट्रोल रूम… अमोरा घाट में बाढ़ आने से 5 लोग पानी में फंस गए हैं।”
कंट्रोल रूम में सूचना पहुंची

जिले में लगातार हो रही बारिश और नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर के बीच जिला प्रशासन ने बाढ़ आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए गुरुवार को मॉकड्रिल आयोजित की।

सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने एनडीआरएफ, पुलिस, स्वास्थ्य और राजस्व विभाग की टीमों को सक्रिय किया।

एनडीआरएफ की टीम आवश्यक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची और रबर बोट व रस्सियों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। टीम ने तेज बहाव के बीच फंसे दो पुरुषों, दो महिलाओं और एक बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला।

अचानक बढ़ा नदी का जलस्तर, खेत में फंसे पांच लोग
मॉकड्रिल के तहत बेमेतरा ब्लॉक के ग्राम अमेरा के समीप नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने की स्थिति बनाई गई। खेत में काम कर रहे दो पुरुष, दो महिलाएं और एक बच्चा तेज बहाव के बीच फंस गए। पानी बढ़ता देख सभी ऊंचे स्थान पर पहुंचे और मदद के लिए आवाज लगाई। ग्रामीणों ने तत्काल डायल 112 और जिला कंट्रोल रूम को सूचना दी।

कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने सूचना मिलते ही एनडीआरएफ की रायपुर यूनिट को तत्काल रेस्क्यू टीम रवाना करने के निर्देश दिए। साथ ही स्वास्थ्य, राजस्व और पुलिस विभाग को भी अलर्ट किया गया।

रबर बोट और रस्सियों से रेस्क्यू
एनडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर रबर बोट और रस्सियों की सहायता से बचाव अभियान शुरू किया। प्रशिक्षित जवानों ने सावधानीपूर्वक कार्रवाई करते हुए पांचों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।

रेस्क्यू के दौरान बच्चा बेहोशी की हालत में मिला। उसके पेट में पानी चले जाने के कारण उसकी हालत गंभीर बताई गई।

एनडीआरएफ के मेडिकल ऑफिसर ने मौके पर प्राथमिक उपचार के साथ सीपीआर दिया। करीब 10 मिनट के प्रयास के बाद बच्चे ने सांस लेना शुरू किया और उसे होश आया।
इसके बाद सभी पांच लोगों को एंबुलेंस की सहायता से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र साजा भेजा गया।

बेहतर समन्वय से सफल रहा मॉकड्रिल
मॉकड्रिल के दौरान जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, पुलिस, स्वास्थ्य और राजस्व विभाग के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला। कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने रेस्क्यू किए गए लोगों से मुलाकात कर उनकी स्थिति की जानकारी ली और बचाव दल की त्वरित कार्रवाई की सराहना की।

उन्होंने कहा कि बाढ़ जैसी आपदा के समय प्रत्येक मिनट महत्वपूर्ण होता है। प्रशासन और रेस्क्यू टीमों के बीच बेहतर तालमेल से आपात स्थिति में जनहानि को कम किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से मौसम विभाग के अलर्ट को गंभीरता से लेने और बारिश के दौरान नदी-नालों एवं अन्य जलस्रोतों के आसपास जाने से बचने की अपील की।

मानसून को देखते हुए तैयार हैं रेस्क्यू टीमें
एसडीआरएफ कमांडेंट ने बताया कि मानसून को देखते हुए जिले में रेस्क्यू बोट, लाइफ जैकेट, आवश्यक बचाव उपकरण और प्रशिक्षित गोताखोरों की टीम पहले से तैयार रखी गई है। मॉकड्रिल का उद्देश्य आपदा के दौरान उपलब्ध संसाधनों और टीमों की कार्यक्षमता को परखना तथा कम से कम समय में प्रभावित लोगों तक राहत एवं बचाव पहुंचाना है।

प्रशासन की लोगों से अपील
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान नदी, नाले, तालाब और अन्य जलस्रोतों के पास न जाएं। बच्चों को जलभराव वाले स्थानों से दूर रखें और उन्हें अकेले नदी-नालों के आसपास न जाने दें। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल डायल 112 अथवा जिला कंट्रोल रूम को सूचना दें।

मॉकड्रिल के दौरान पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल, अपर कलेक्टर प्रकाश भारद्वाज, एसडीएम द्वय सुश्री दीप्ति वर्मा एवं सुश्री पिंकी मनहर सहित जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य, राजस्व और आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

पुराने शिक्षकों को TET से छूट की मांग, राज्य कर्मचारी संघ ने PM के नाम दिया ज्ञापन

रायपुर -20 अगस्त 2026

भारतीय मजदूर संघ का सहयोगी संगठन एवं राष्ट्रीय राज्य कर्मचारी महासंघ से संबंध राज्य कर्मचारी संघ छ. ग.द्वारा प्रधानमंत्री ,भारत सरकार के नाम पर लोकसभा सांसद एवं राज्यसभा सांसद को ज्ञापन सौपा।

प्रदेश मीडिया प्रकोष्ठ राज्य कर्मचारी संघ, छत्तीसगढ़ ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि,

राष्ट्रीय राज्य कर्मचारी महासंघ से संबद्ध राज्य कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ ने 23 अगस्त 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को TET से मुक्त रखने की मांग को लेकर प्रदेश के सांसदों को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

संघ के प्रदेश स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, श्रीमती फूलोदेवी नेताम तथा लोकसभा सांसद केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू, बृजमोहन अग्रवाल, विजय बघेल और संतोष पांडेय से अलग-अलग भेंट कर अपनी बात रखी।

ज्ञापन में कहा गया है कि 2010 से पहले के नियमों के तहत नियुक्त हजारों शिक्षक वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं। अब उन पर बाद के नियम लागू करना न्यायसंगत नहीं है। इससे उनकी वरिष्ठता, पदोन्नति, वेतन और पेंशन पर संकट खड़ा हो गया है।

संघ ने केंद्र सरकार से मांग की है कि इस विषय पर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर पुराने शिक्षकों के सभी वैधानिक सेवा अधिकारों को सुरक्षित रखा जाए।

प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय महामंत्री राजेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी कुमार चेलक, महामंत्री बोधी राम निषाद, मनोहर चंदेल, श्रीमती लता दीक्षित, वीरेंद्र देवांगन सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे। सांसदों ने मामले को गंभीरता से सुनकर उचित पहल का आश्वासन दिया है।

जल सुरक्षा की कुंजी: वर्षाजल संचयन, प्राचीन ज्ञान और आधुनिक तकनीक का समन्वय — विष्णु देव साय

रायपुर -20 अगस्त 2026

नदी बचेगी तो जल बचेगा और जल बचेगा तो जीवन बचेगा — मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री ने ‘स्रोत महोत्सव 2026’ और राज्य स्तरीय कार्यशाला का शुभारंभ किया।

नदियों के उद्गम स्थलों एवं कैचमेंट एरिया के संरक्षण हेतु वैज्ञानिक तथा समयबद्ध कार्ययोजना पर जोर।

नदी संरक्षण के 5 प्रमुख स्तंभ: मानचित्रण, संरक्षण, पुनर्भरण, जनभागीदारी और कार्ययोजना।

नेशनल वाटर एकेडमी पुणे और एंट्रिक्स कॉरपोरेशन बेंगलुरु (ISRO) के साथ दो महत्वपूर्ण MoU।

कुनकुरी तहसील के 1540 वर्ग किमी क्षेत्र में आधुनिक भू-स्थानिक तकनीक से जल निगरानी।

जल संरक्षण पर आधारित पुस्तक ‘नीर-नारी-निधि’ का विमोचन।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के ओमाया गार्डन में आयोजित ‘स्रोत महोत्सव 2026’ का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि नदियाँ हमारी सभ्यता, कृषि और समृद्धि की जीवनधारा हैं। राज्य सरकार वैज्ञानिक दृष्टिकोण, आधुनिक तकनीक, पारंपरिक ज्ञान और जनभागीदारी से नदी संरक्षण की दिशा में कार्य कर रही है।

संरक्षण के पाँच स्तंभ: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह अभियान पाँच स्तंभों—मानचित्रण, संरक्षण, पुनर्भरण, जनभागीदारी और कार्ययोजना—पर आधारित होगा। इसके तहत नदियों के उद्गम और प्रवाह क्षेत्र का वैज्ञानिक अध्ययन कर वनों की रक्षा, मृदा क्षरण की रोकथाम और भू-जल पुनर्भरण जैसे कार्य किए जाएँगे।

जन आंदोलन और तकनीक का संगम: जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि नदियों के किनारे बसे गाँवों और स्थानीय पंचायतों की भागीदारी बेहद जरूरी है। इसके साथ ही, दो अहम समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए:
नेशनल वाटर एकेडमी, पुणे: अधिकारियों और मैदानी अमले के प्रशिक्षण हेतु।

एंट्रिक्स कॉरपोरेशन, बेंगलुरु: ISRO की भू-स्थानिक तकनीक से कुनकुरी तहसील (~1540 वर्ग किमी) में जल संसाधनों के विश्लेषण और निगरानी के लिए।

विशेषज्ञों का मंथन: सीगंगा के संस्थापक प्रो. विनोद तारे (IIT कानपुर) ने कहा कि वर्षाजल संचयन और प्राचीन ज्ञान के साथ आधुनिक तकनीक का समन्वय ही जल सुरक्षा की कुंजी है। वहीं, जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो ने बताया कि कार्यशाला में प्रदेश के 9 नदी समूहों पर अलग-अलग चर्चा कर ‘साइट स्पेसिफिक’ और ‘साइंस बेस्ड’ रोडमैप तैयार किया जा रहा है।

अवैध खाद भंडारण व बायो-स्टिमुलेंट्स पर बड़ी कार्रवाई, कृषि विभाग ने सील किया गोदाम

रायपुर – 20 अगस्त 202026

खरीफ सीजन 2026 में किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद और बीज उपलब्ध कराने तथा नियमों के उल्लंघन पर लगाम लगाने के लिए कृषि विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है।

जिला प्रशासन के निर्देश पर चलाए गए औचक निरीक्षण अभियान के तहत खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के गंडई क्षेत्र में स्थित कृषि केंद्रों पर बड़ी कार्रवाई की गई है।
गंडई के बाजार चौक स्थित हरिओम कृषि केंद्र द्वारा विभाग को गुमराह कर अवैध गोदाम संचालित किया जा रहा था।

कृषि विभाग की टीम ने प्राथमिक जांच के बाद धमधा रोड पर स्थित इस अवैध गोदाम को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। गोदाम में मौजूद सभी संदेहास्पद कीटनाशकों और उर्वरकों को जब्त कर संबंधित संचालक नीरज अग्रवाल की सुपुर्दगी में देते हुए आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

इसके अलावा, राघवेंद्र कृषि केंद्र में भी उर्वरक नियंत्रण आदेश का उल्लंघन मिलने पर कारण बताओ नोटिस थमाया गया है।

बिना सोर्स सर्टिफिकेट के बिक रहा जैव-उत्प्रेरक जब्त
अवैध बायो-स्टिमुलेंट्स और जैव-उर्वरकों के बिना लाइसेंस बिक्री पर भी विभाग ने नकेल कसी है:
दक्ष एग्रोटेक (रेंगाकठेरा): निरीक्षण के दौरान बिना स्रोत प्रमाण पत्र के रखा 250 लीटर अवैध जैव-उत्प्रेरक जब्त कर मामला कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है।

सूर्यांश कृषि केंद्र (भंडारणपुर) व प्राची कृषि केंद्र (परसाही): बिना लाइसेंस जैव उर्वरक की बिक्री पाए जाने पर पूरा स्टॉक जब्त कर वैधानिक कार्रवाई शुरू की गई है।

कृषि विभाग ने सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा है कि बिना वैध प्रक्रिया, फर्जी स्टॉक रजिस्टर, लाइसेंस शर्तों का उल्लंघन या मानकहीन कृषि सामाग्रियों के व्यापार पर विक्रेताओं के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

स्वास्थ्य मंत्री से आश्वासन के बाद इंटर्न डॉक्टरों ने स्थगित किया आंदोलन, इसी माह बढ़ेगा स्टाइपेंड

रायपुर – 20 अगस्त 2026

इंटर्न डॉक्टरों ने स्वास्थ्य मंत्री से चर्चा के बाद प्रदेश की विष्णुदेव साय सरकार पर विश्वास जताते हुए अपना आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया, जिस पर सभी ने संतोष व्यक्त किया। 

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के इंटर्न डॉक्टरों से मुलाकात कर उनकी मांगों पर गंभीरतापूर्वक चर्चा की।

छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से मुलाकात के बाद प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के इंटर्न डॉक्टरों ने अपना आंदोलन स्थगित करने का फैसला किया है।

स्वास्थ्य मंत्री ने डॉक्टरों को भरोसा दिलाया है कि उनके स्टाइपेंड (Stipend) में बढ़ोतरी को लेकर विभागीय स्तर पर प्रक्रिया तेजी से चल रही है और इसी महीने (अगस्त 2026) इस पर सकारात्मक निर्णय ले लिया जाएगा।

बैठक के प्रमुख बिंदु
आंदोलन वापस: स्वास्थ्य मंत्री से चर्चा और विष्णुदेव साय सरकार के आश्वासन के बाद डॉक्टरों ने हड़ताल स्थगित की।

प्रस्ताव पर कार्रवाई: IMA-MSN छत्तीसगढ़ द्वारा सौंपे गए प्रस्ताव के आधार पर स्टाइपेंड वृद्धि की फाइल आगे बढ़ा दी गई है।

इसी माह फैसला: स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि अगस्त माह के भीतर ही स्टाइपेंड वृद्धि से संबंधित आदेश/निर्णय जारी कर दिया जाएगा।

सरकार की प्रतिबद्धता: मंत्री जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार चिकित्सा शिक्षा और इंटर्न डॉक्टरों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह संवेदनशील है।



हॉकी विश्व कप 2026: भारत ने पाकिस्तान को 5-3 से हराया, गृह मंत्री अमित शाह ने दी बधाई

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डिजिटल न्यूज़ – 20/08/2026
आम्सटलवेन (नीदरलैंड्स)

गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भारतीय टीम को बधाई देते हुए लिखा कि खिलाड़ियों ने मैदान पर बेहतरीन प्रदर्शन के साथ दशकों से चले आ रहे भारत के दबदबे को कायम रखा है।

एफआईएच (FIH) पुरुष हॉकी विश्व कप 2026 के पूल-डी मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 5-3 से हराकर अगले दौर में अपनी जगह पक्की कर ली है।

ऐतिहासिक वैगनर हॉकी स्टेडियम में खेले गए इस मैच में जीत के साथ ही भारत ने सेमीफाइनल की रेस में खुद को मजबूत स्थिति में बनाए रखा है, जबकि पाकिस्तान टूर्नामेंट के खिताबी दौर से बाहर हो गया है।

मैच के मुख्य हाइलाइट्स
कप्तान का नेतृत्व: भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने 5वें और 21वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर के जरिए 2 शानदार गोल दागे।

शानदार फील्ड गोल: अभिषेक ने 11वें और 24वें मिनट में बेहतरीन फील्ड गोल करते हुए 2 गोल अपने नाम किए।

हार्दिक का निर्णायक गोल: हार्दिक सिंह ने पेनल्टी स्ट्रोक को गोल में बदलकर भारत का पांचवां गोल किया।

पाकिस्तान का संघर्ष: पाकिस्तान की ओर से हन्नान शाहिद ने 2 और सुफियान खान ने 1 गोल किया, लेकिन वे टीम को हार से नहीं बचा सके।

पूल-डी का समीकरण
इस जीत के बाद भारत पूल-डी में दूसरे स्थान पर रहा, जबकि इंग्लैंड शीर्ष पर रहते हुए अगले दौर में पहुंचा। 2016 के बाद से भारत का सीनियर और जूनियर स्तर पर पाकिस्तान के खिलाफ विजयी अभियान लगातार जारी है।

अमेरिका में ग्रीन कार्ड पाना होगा मुश्किल: 18 सितंबर 2026 से लागू होंगे ‘पब्लिक चार्ज’ के नए और सख्त नियम

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डिजिटल डेस्क – 20 अगस्त 2026

अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा (USCIS) ने ‘पब्लिक चार्ज’ (सरकार पर निर्भरता) को लेकर नए और कड़े दिशानिर्देश जारी किए हैं। यह नियम 18 सितंबर 2026 से प्रभावी होंगे।

अमेरिका में स्थायी निवास (ग्रीन कार्ड) की उम्मीद लगाए बैठे प्रवासियों के लिए मुश्किलें बढ़ने वाली हैं।

गृह सुरक्षा विभाग (DHS) ने बाइडन प्रशासन के 2022 के नियमों को समाप्त कर इन नए नियमों को लागू करने का फैसला किया है। यह नया दिशानिर्देश 18 सितंबर या उसके बाद जमा किए जाने वाले या पोस्टमार्क होने वाले ‘फॉर्म आई-485’ (स्थिति के समायोजन / स्थायी निवास आवेदन) पर लागू होगा।

‘पब्लिक चार्ज’ के नियमों में क्या बदला? पहले लागू नियमों के तहत केवल दो तरह के सरकारी लाभों—गुजारा भत्ते के लिए नकद सरकारी सहायता और लंबे समय तक सरकारी खर्चे पर किसी संस्थान में रहने—को ही ग्रीन कार्ड आवेदन खारिज करने का आधार माना जाता था।

नए नियमों के तहत अधिकारियों को बहुत व्यापक अधिकार दिए गए हैं। यदि कोई आवेदक 18 सितंबर 2026 या उसके बाद निम्नलिखित सुविधाओं का लाभ उठाता है या उठाने की संभावना है, तो उसका आवेदन खारिज हो सकता है:
स्वास्थ्य सेवाएं एवं मुफ़्त राशन (‘फ़ूड स्टैम्प’ / SNAP)
हाउसिंग असिस्टेंस (आवास सहायता)
कॉलेज या शिक्षा के लिए वित्तीय मदद/स्कॉलरशिप।
अन्य ‘मीन्स-टेस्टेड’ (Means-tested) सरकारी कल्याणकारी योजनाएं ।

किन मापदंडों पर होगा मूल्यांकन? USCIS अधिकारी आवेदक की ओवरऑल स्थिति के आधार पर फैसला करेंगे। इसमें शामिल हैं:
उम्र और स्वास्थ्य स्थिति
पारिवारिक स्थिति (आश्रितों की संख्या)
वित्तीय संसाधन और आय
शैक्षणिक योग्यता और कौशल।

‘पब्लिक चार्ज बॉन्ड’: यदि किसी अधिकारी को लगता है कि आवेदक भविष्य में सरकार पर निर्भर हो सकता है, तो वह आवेदन खारिज करने से पहले ‘पब्लिक चार्ज बॉन्ड’ (Form I-945) जमा करने की शर्त रख सकता है।

भारतीयों पर इसका क्या असर पड़ेगा? Business Today की रिपोर्ट के अनुसार, यह फैसला उन लाखों भारतीय पेशावरों के लिए बड़ा झटका है जो कई वर्षों से रोजगार-आधारित ग्रीन कार्ड के विशाल बैकलॉग में प्रतीक्षा कर रहे हैं। नए नियमों से अधिकारियों के पास स्वविवेक से आवेदन खारिज करने का दायरा काफी बढ़ जाएगा।