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दृश्य संवाद 2026′ फोटो प्रदर्शनी का उद्घाटन स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने किया

छत्तीसगढ़ -24 अगस्त 2026

रायपुर प्रेस क्लब में विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर तीन दिवसीय ‘दृश्य संवाद 2026’ फोटो प्रदर्शनी का उद्घाटन स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने किया। प्रदर्शनी में प्रदेश के पेशेवर और शौकिया फोटोग्राफरों की चुनी हुई तस्वीरें लगाई गई हैं, जिनमें प्रकृति, संस्कृति और जनसरोकार से जुड़ी झलकें प्रमुख रूप से प्रदर्शित की गईं।

प्रदर्शनी की थीम
प्रदर्शनी में मुख्य रूप से चार श्रेणियाँ रखी गईं — समाचार व जनसरोकार, संस्कृति व परंपरा, प्रकृति व पर्यावरण और मुख्यमंत्री के जनसरोकार से जुड़े दृश्य। आयोजकों ने कहा कि आयोजन का उद्देश्य छत्तीसगढ़ की लोकजीवन, पर्यावरण और सामाजिक बदलावों को कैमरे की भाषा में संजोना है।

मुख्य आकर्षण
समाचार व जनसरोकार: सरकारी योजनाओं का जमीनी प्रभाव, ग्रामीण जीवन और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित तस्वीरें।
संस्कृति व परंपरा: बस्तर के आदिवासी नृत्य, स्थानीय तीज‑त्योहार और लोककला की जीवंत छवियाँ।
प्रकृति व पर्यावरण: चित्रकोट जलप्रपात, बारनवापारा और कांगेर घाटी के दृश्यों ने दर्शकों का ध्यान खींचा।
मुख्यमंत्री की झलक: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के गांव‑किसान और जनसरोकार से जुड़े प्रसंगों पर आधारित फोटोग्राफिक सिरीज़ भी प्रदर्शित की गई।

मंत्री का विचार
उद्घाटन के दौरान स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा, “एक उत्कृष्ट तस्वीर कई बार पूरी खबर को एक पल में लोगों तक पहुंचा देती है।” उन्होंने फोटो जर्नलिज़्म की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कलाकारों के प्रयासों की सराहना की।

आयोजकों की टिप्पणी
प्रदर्शनी के मुख्य आयोजक ने बताया कि इस मंच पर पेशेवर और शौकिया दोनों फोटोग्राफरों को स्थान दिया गया है। उनका उद्देश्य स्थानीय कलाकारों को पहचान दिलाना और समाजिक मुद्दों पर संवाद को आसान बनाना है। आयोजक भविष्य में इन तस्वीरों का कैटलॉग और डिजिटल आर्काइव तैयार करने की भी योजना बना रहे हैं।

दर्शक और कार्यक्रम
प्रदर्शनी तीन दिन चलेगी। आयोजक स्कूल, कॉलेज और स्थानीय समुदायों के लिए विशेष मार्गदर्शन सत्र और वर्कशॉप भी आयोजित करेंगे। आयोजकों ने आम जनता से अधिक‑से‑अधिक भागीदारी की अपील की है।

निष्कर्ष
‘दृश्य संवाद 2026’ ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता, प्राकृतिक सुंदरता और जनसरोकारों को एक सुसंगत मंच पर पेश कर, फोटोग्राफी के माध्यम से सामाजिक संवेदनशीलता बढ़ाने का काम किया है।

बने खाबो, बने रहिबो 2.0: छत्तीसगढ़ में खाद्य प्रतिष्ठानों पर सघन जांच

छत्तीसगढ़ 24 अगस्त 2026

लोगों को सुरक्षित खाना उपलब्ध कराने का वादा।

प्रदेश में सार्वजनिक स्वास्थ्य को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू किए गए “बने खाबो, बने रहिबो 2.0” अभियान के तहत खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने राज्यभर में किराना, होटल, ढाबा, मिठाई व डेयरी प्रतिष्ठानों पर सघन निरीक्षण तेज कर दिए हैं। अभियान का लक्ष्य साफ-सुथरे, गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित खाद्य पदार्थ सुनिश्चित कर राज्यवासियों को बेफिक्र भोजन उपलब्ध कराना है।
अधिकारियों ने बताया कि निरीक्षण केवल सतही चेक तक सीमित नहीं हैं — कच्चे माल, तैयार खाद्य पदार्थ और पानी के नमूने लैब में भेजे जा रहे हैं। इनमें ई.कोलाई और साल्मोनेला जैसे जीवाणुओं की जांच के साथ ही दूध, तेल व मसालों में मिलावट तथा कीटनाशक और भारी धातुओं की रासायनिक जाँच भी शामिल है। जल परीक्षण FSSAI के मानकों के अनुरूप किया जा रहा है ताकि पीने व खाना बनाने के उपयोग का पानी सुरक्षित रहे।

स्थानीय घटनाएँ और कार्रवाई
बिलासपुर: निरीक्षण के दौरान अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य निर्माण पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठान का पंजीकरण निलंबित कर दिया गया और निर्माण कार्य बंद करवा दिया गया।

कई जिलों: एक्सपायरी खाद्य पदार्थ जब्त कर नष्ट कराए गए तथा संदिग्ध नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए।
रक्षाबंधन विशेष निगरानी: त्योहारों को देखते हुए मिठाई, दूध और दुग्ध पदार्थों पर विशेष रूप से कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
किस तरह की जाँच होती है
सूक्ष्मजीव जाँच: ई.कोलाई, साल्मोनेला जैसी हानिकारक बैक्टीरिया की पहचान।
रासायनिक जाँच: दूध, तेल और मसालों में मिलावट, कीटनाशक अवशेष या भारी धातु तत्वों का पता।
जल विशुद्धता: खाद्यप्रोसेसिंग और पेयजल के लिए पानी की शुद्धता का FSSAI अनुरूप परीक्षण।
दस्तावेज़ व पंजीकरण: लाइसेंस, पंजीकरण, स्टोरेज व लेबलिंग से जुड़े नियमों का पालन भी देखा जाता है।
अधिकारियों का कहना
“हमारा मकसद सजा देना नहीं बल्कि सुरक्षा सुनिश्चित करना है,” एक वरिष्ठ FDA अधिकारी ने कहा। “जहां मानक नहीं मिलते, वहां सुधार के निर्देश दिए जाते हैं; गंभीर उल्लंघन होने पर पंजीकरण निलंबन और कड़े वैधानिक कदम उठाए जाते हैं।”
नागरिकों के लिए सुझाव
खरीदते समय पैक्ड आइटम की एक्सपायरी और लेबल जाँचें।
बाहर खाने से पहले प्रतिष्ठान की साफ-सफाई और स्टोरेज देख लें।

संदिग्ध खाद्य या पानी मिलने पर स्थानीय सेवन अधिकारी को सूचित करें।
नया पहलू: “कम्युनिटी वॉच” रिपोर्टिंग
अभियान के अगले चरण में प्रशासन समुदाय-आधारित रिपोर्टिंग सक्रिय करने की योजना बना रहा है — यानी नागरिक मोबाइल ऐप या SMS के जरिए संदिग्ध खाद्य प्रतिष्ठान की फोटो व लोकेशन भेज सकेंगे। इससे त्वरित सर्वे और लक्षित टीम भेजना आसान होगा, विशेषकर त्योहारों के समय जब खाद्य व्यापार चरम पर होता है।

नीति आयोग रिपोर्ट में बड़ा खुलासा: छत्तीसगढ़ में कर्ज का बढ़ता आकार

रायपुर -24 अगस्त 2026

सरकारी योजना में फ्रीबीज की योजनाएं समझने के लायक है। महतारी वंदन योजना का बार-बार उदाहरण दिया जाता है कि आज महिलाओं के खाते में महतारी वंदन योजना में इतना पैसा आया, किसानों को बोनस दिया गया किसानों के खाते में पैसा आया।लेकिन यह सब कर्ज के तले किया जा रहा है यह सब करने के लिए सरकार को कर्ज लेना पड़ता है, जिनको मिल रहा वह बहुत खुश है लेकिन राज्य कर्ज के मुंह में समाते जा रहा है।

दूसरे से छठे पायदान पर फिसला छत्तीसगढ़

नीति आयोग की ताज़ा ‘राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक’ रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ की वित्तीय तस्वीर चिंताजनक निकली है। रिपोर्ट के अनुसार राज्य का राजकोषीय घाटा और कुल बकाया कर्ज दोनों ही MFRBM कानून द्वारा तय सीमाओं से ऊपर चले गए हैं, जिसके चलते राज्य की रैंकिंग दूसरे स्थान से छठे स्थान पर आ गिरती है।

तय नियमों से बहुत आगे निकला कर्ज और घाटा

मुख्य आँकड़े साफ़ हैं: राजकोषीय घाटा GSDP का 3.50% होना चाहिए था, जबकि वास्तविकता 5.94% पर पहुंच चुकी है। कुल बकाया कर्ज का अनुपात 28% की सीमा के बजाय 40.56% तक जा पहुंचा है। नीति आयोग ने खर्च की गुणवत्ता, राजस्व संग्रहण, विवेकपूर्ण बजट प्रबंधन, ऋण सूचकांक और ऋण स्थिरता—इन सभी में छत्तीसगढ़ की स्थिति कमजोर बताई है।

इसका सीधा असर आम योजनाओं और विकास पर पड़ सकता है। बढ़ता हुआ कर्ज‑बोझ और घाटा भविष्य के बजट में ब्याज भुगतान बढ़ाने का कारण बनेंगे, जिससे स्वास्थ्य, शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए मिलने वाले फंड पर दिक्कत आ सकती है। वित्तीय लचीलापन घटने से बड़े निवेश और परियोजनाएं भी पीछे छूट सकती हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि राज्य सरकार के सामने दो चुनौतियाँ हैं: खर्च में कटौती और राजस्व बढ़ाना। रिपोर्ट सुझाव देती है कि गैर‑ज़रूरी व्यय पर रोक, कर संग्रह में सुधार और सरकारी परिसंपत्तियों का विवेकपूर्ण उपयोग जरूरी है। इसके अलावा कर्ज की संरचना पर फिर से विचार और केंद्र से सहयोग की घटनाओं पर ध्यान देना होगा।

नागरिकों के लिए यह चेतावनी भी है—स्थानीय सेवाओं और योजनाओं में बदलाव की संभावना के मद्देनजर अपनी प्रतिनिधियों से सवाल करें और बजट व खर्च की पारदर्शिता की माँग रखें।

नीति आयोग की रिपोर्ट साफ़ संदेश देती है: वित्तीय अनुशासन तुरंत न लौटाने पर राज्य के विकास और सेवा‑वितरण पर दीर्घकालिक असर पड़ सकता है। समय रहते सुधारात्मक कदम ही राजकीय आर्थिक स्वास्थ्य बहाल कर सकते हैं।



सावन का आखिरी सोमवार 24 अगस्त – इन उपायों से होगी हर मनोकामना पूरी

सावन सोमवार न्यूज – 23 अगस्त 2026

सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति के लिए सबसे विशेष माना जाता है। इस पूरे महीने में शिवलिंग का अभिषेक और पूजा करने से सभी दुख दूर होते हैं। अब सावन का समापन होने वाला है और 24 अगस्त 2026 को सावन का अंतिम और चौथा सोमवार है। शास्त्रों में इस दिन का बहुत महत्व है, कहते हैं इस दिन किया गया एक उपाय पूरे सावन की पूजा के बराबर फल देता है।

अगर आपकी कोई खास मनोकामना है तो इस दिन शिवलिंग पर क्या चढ़ाना चाहिए, आइए जानते हैं।

नौकरी और व्यापार के लिए:
अगर लंबे समय से नौकरी नहीं मिल रही या व्यापार में बाधा आ रही है तो आखिरी सोमवार पर शिवलिंग का जल में थोड़ी सी काली मिर्च मिलाकर अभिषेक करें। साथ ही शिवलिंग पर सफेद आक के फूल चढ़ाएं। मान्यता है कि इससे शनि दोष दूर होता है और करियर में आ रही रुकावटें खत्म होती हैं।

धन और समृद्धि के लिए:
आर्थिक तंगी से छुटकारा पाने के लिए इस दिन गन्ने के रस या दूध से शिवलिंग का अभिषेक करें। इसके बाद शिवलिंग पर बेलपत्र पर चंदन से ‘श्री’ लिखकर चढ़ाएं और 108 बार ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करें। इससे माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।

शीघ्र विवाह के लिए:
जिन युवक-युवतियों के विवाह में देरी हो रही है, वे आखिरी सोमवार को शिवलिंग पर केसर मिला हुआ दूध चढ़ाएं और 2 बेलपत्र पर अपनी मनोकामना लिखकर अर्पित करें। साथ ही पार्वती जी को श्रृंगार का सामान चढ़ाना भी शुभ माना जाता है।

मनोकामना पूर्ति के लिए:
हर इच्छा पूरी करने के लिए इस दिन सुबह जल्दी उठकर शिवलिंग पर गंगाजल, शहद और पंचामृत से अभिषेक करें। फिर धतूरा, भांग और सफेद फूल चढ़ाकर शिव चालीसा का पाठ करें। सच्चे मन से की गई प्रार्थना भोलेनाथ जरूर सुनते हैं।

विजेता और पराजित दो भाव हैं, दो हालात नहीं

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सन्डे स्पेशल – 23 अगस्त 2026

अक्सर हम सोचते हैं कि दुनिया दो हिस्सों में बंटी है – विजेता और पराजित। एक तरफ वे लोग जो हमेशा जीतते हैं, और दूसरी तरफ वे जो हमेशा हार जाते हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि विजेता और पराजित कोई स्थायी पहचान नहीं, बल्कि मन के दो भाव हैं।

विजेता वे लोग नहीं होते जो कभी असफल नहीं होते। इतिहास गवाह है, हर बड़े विजेता ने पहले कई बार हार का मुंह देखा है। थॉमस एडिसन 1000 बार फेल हुए, तब जाकर बल्ब बना। विजेता वे होते हैं जो असफल होने के बाद भी हार नहीं मानते। उनके लिए असफलता फुल स्टॉप नहीं, कॉमा है।

हर असफलता एक यूनिवर्सिटी है

मनोवैज्ञानिकों के अनुसार हार का सबसे बड़ा सबक यही है कि वह आपको रोकती नहीं, सिखाती है। हर असफलता एक सबक सिखाती है, हर संघर्ष आपको अंदर से मजबूत करता है। जब आप गिरते हैं, तो आपको दो चीजें पता चलती हैं – आपमें कमी क्या थी और अगली बार उठने की ताकत कहां से आएगी।

पराजित भाव वाला व्यक्ति एक असफलता को अपनी पूरी कहानी बना लेता है। वह कहता है – “मुझसे नहीं होगा”। जबकि विजेता भाव वाला व्यक्ति उसी असफलता को कहानी का एक पन्ना मानता है और पन्ना पलट देता है।

सफलता शोर नहीं, रोज की आदत है

हम बड़ी सफलता का इंतजार करते हैं, लेकिन सफलता अक्सर उस मेहनत के पीछे छिपी होती है जिसे करने के लिए ज्यादातर लोग तैयार नहीं होते। वह मेहनत है – रोज का छोटा कदम। हर छोटा कदम आपको लक्ष्य के करीब ले जाता है। जिम में एक दिन में बॉडी नहीं बनती, किताब का एक पन्ना रोज पढ़ने से ही लेखक बना जाता है।

असली चमत्कार क्या है?

एक दिन जब आप पीछे मुड़कर देखेंगे, तो आपको एहसास होगा कि सबसे बड़ा चमत्कार यह नहीं था कि आपकी जिंदगी बदल गई, बल्कि यह था कि आप बदल गए। आपकी सोच मजबूत हुई, आपकी आदतें बेहतर हुईं और आपका संकल्प अटूट हो गया।

बाहरी सफलता – पैसा, पद, नाम – ये सब अंदरूनी बदलाव का बाय-प्रोडक्ट हैं। जो व्यक्ति अंदर से बदल गया, बाहर की दुनिया अपने आप बदल जाती है।

इसलिए आज तय कीजिए, आपको किस भाव में जीना है। पराजित भाव में, जो हर मौके में मुश्किल देखता है, या विजेता भाव में, जो हर मुश्किल में मौका देखता है। चुनाव आपका है, क्योंकि दोनों भाव आपके ही मन में रहते हैं।

संडे स्पेशल : रसोई में जलेगा एथेनॉल? सड़क पर दौड़ेगी इलेक्ट्रिक!

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संडे न्यूज – 23 अगस्त 2026

देश की रसोई और सड़क, दोनों में एक साथ बड़ा बदलाव होने वाला है।

पिछले 20 साल में हमारी रसोई में सबसे बड़ा बदलाव LPG सिलेंडर था। अब अगला बदलाव दरवाजे पर है – एथेनॉल वाला चूल्हा और घर के बाहर चार्ज हो रही इलेक्ट्रिक कार। दोनों कहानियों का केंद्र एक ही है – आयात घटाओ, जेब बचाओ और हवा साफ रखो।

सरकार LPG के विकल्प के तौर पर एथेनॉल वाले चूल्हे की तैयारी कर रही है। पेट्रोलियम मंत्रालय इसके लिए वैकल्पिक स्वच्छ कुकिंग नीति का मसौदा बना रहा है, जो सितंबर तक आ सकती है।

चूल्हा कैसा है?
ये पूरी तरह स्वदेशी है। हाल में नितिन गडकरी ने पानी और एथेनॉल के मिश्रण से चलने वाला चूल्हा पेश किया। ये सीधे एथेनॉल नहीं जलाता, बल्कि उसके भाप से ऊर्जा बनाता है, इसलिए LPG से सस्ता और सुरक्षित बताया जा रहा है।

सरकार का प्लान
पेट्रोल पंपों पर एथेनॉल किचन फ्यूल के लिए अलग काउंटर।
IOCL, BPCL, HPCL चूल्हा और ईंधन दोनों बाजार में लाएंगी।
नया चूल्हा अपनाने पर सब्सिडी मिल सकती है। अच्छी बात है कि LPG सब्सिडी तुरंत बंद नहीं होगी।

क्यों जरूरी है?
तीन कारण हैं। पहला, भारत LPG का बड़ा हिस्सा आयात करता है, जिससे विदेशी मुद्रा जाती है। पश्चिम एशिया तनाव में तो सप्लाई रुक जाती है। दूसरा, पेट्रोल में 20% एथेनॉल (E20) का लक्ष्य पूरा होने के बाद देश में एथेनॉल सरप्लस है। सरकार के मुताबिक ब्लेंडिंग से ही 1.9 लाख करोड़ की विदेशी मुद्रा बची है। तीसरा, एथेनॉल गन्ना-मक्का से बनता है, तो फायदा सीधे किसान को होगा।

चुनौती भी है। एथेनॉल बहुत ज्वलनशील है, इसलिए स्टोरेज और चूल्हे के सुरक्षा मानक बहुत सख्त बनाने होंगे।

दूसरी तरफ, सड़क EV की है।
2026 में EV बाजार टॉप गियर में है। जनवरी में ही बिक्री 51% बढ़कर 18 हजार पार हो गई और पूरे FY26 में करीब 2 लाख इलेक्ट्रिक कारें बिकीं।

टाटा अभी भी नंबर-1 है, जुलाई 2026 में 101% ग्रोथ। लेकिन महिंद्रा सबसे तेज भाग रही है, जुलाई में 124% ग्रोथ और FY26 में उसकी हिस्सेदारी 10% से बढ़कर 24% हो गई।

लोग क्यों ले रहे हैं? बिजली पेट्रोल से 4 गुना सस्ती, मेंटेनेंस आधा और प्रदूषण जीरो।

मतलब साफ है, कल की रसोई खेत के एथेनॉल से जलेगी और कल की गाड़ी खेत की बिजली से चलेगी। स्वदेशी ईंधन, स्वदेशी बचत।

चीनी के दाम बढ़े तो सरकार ने उठाए सवाल, कहा- 15 दिन में इतनी तेजी सामान्य नहीं

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नई दिल्ली – 22 अगस्त 2026

सरकार को उम्मीद है कि चीनी मिलों में इस साल करीब 15 अक्टूबर के आसपास पेराई सत्र शुरू हो जाएगा। इससे अक्टूबर महीने में ही लगभग 10 से 12 लाख टन अतिरिक्त चीनी बाजार में आने की संभावना है।

देश में अचानक बढ़ी चीनी की कीमतों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। खुदरा बाजार में महज कुछ दिनों के भीतर चीनी के दाम में करीब 8 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी के बाद सरकार ने इसे सामान्य बाजार उतार-चढ़ाव मानने से इनकार कर दिया है। खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने कीमतों में हुई इस तेज वृद्धि को अनुचित बताते हुए कहा कि देश में पर्याप्त चीनी उपलब्ध होने के बावजूद बाजार में कृत्रिम कमी का माहौल बनाया जा रहा है।

सरकार के मुताबिक, 20 जुलाई को देश में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब 48 रुपये प्रति किलो थी, जो अब बढ़कर 56 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। मिल स्तर पर भी कीमत करीब 47-48 रुपये से बढ़कर 62 रुपये प्रति किलो के आसपास पहुंच गई है। सरकार का कहना है कि इतनी कम अवधि में कीमतों में इतनी बड़ी छलांग के पीछे कोई ठोस बुनियादी कारण नजर नहीं आता।

एथनॉल को लेकर सरकार ने साफ किया रुख

चीनी की कीमतों में तेजी के लिए एथनॉल उत्पादन को जिम्मेदार ठहराए जाने के दावों को भी सरकार ने खारिज कर दिया है। खाद्य सचिव के अनुसार, चालू 2025-26 विपणन वर्ष में करीब 28 लाख टन चीनी का इस्तेमाल एथनॉल उत्पादन में हुआ है। वहीं, एथनॉल उत्पादन में अब चीनी पर निर्भरता पहले की तुलना में कम हुई है और बड़ी मात्रा में एथनॉल अनाज, खासकर मक्का से तैयार किया जा रहा है।

सरकार का तर्क है कि केवल एथनॉल उत्पादन को चीनी की मौजूदा कीमतों में तेजी की वजह बताना सही तस्वीर पेश नहीं करता।

उत्पादन घटा, लेकिन मांग से ज्यादा उपलब्धता

इस साल चीनी उत्पादन पर मौसम और फसल में बीमारी का असर पड़ा है। गन्ने की फसल में ‘रेड रॉट’ और ‘टॉप बोरर’ जैसे रोगों के साथ अधिक बारिश और जलभराव से उत्पादन प्रभावित हुआ है। सरकार ने 2025-26 विपणन वर्ष में चीनी उत्पादन का अनुमान करीब 306 लाख टन लगाया है, जबकि शुरुआती अनुमान 343 लाख टन था।

इसके बावजूद सरकार के मुताबिक घरेलू जरूरत पूरी करने के लिए देश में पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। देश में चीनी की सालाना खपत करीब 280-285 लाख टन बताई गई है।

सितंबर तक 33-35 लाख टन स्टॉक का अनुमान

खाद्य मंत्रालय के अनुसार, सितंबर 2026 के अंत तक देश में करीब 33 से 35 लाख टन चीनी का भंडार रहने का अनुमान है। इसके अलावा सरकार ने 31 अक्टूबर तक 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति दी है। इससे घरेलू बाजार में उपलब्धता बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।

सरकार ने चीनी की जमाखोरी, कालाबाजारी और सट्टेबाजी रोकने के लिए राज्यों को भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

अक्टूबर में फिर बढ़ेगी बाजार में चीनी की उपलब्धता।

धोती-कुर्ते में मेरठ पहुंचे नए SSP, वर्दी पहनते ही संभाली कमान; जानिए कौन हैं IPS बीबीजीटीएस मूर्ति

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मेरठ _22 अगस्त 2026

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले को नया पुलिस कप्तान मिल गया है। 2015 बैच के IPS अधिकारी बीबीजीटीएस मूर्ति ने मेरठ के नए SSP के रूप में जिम्मेदारी संभाल ली है। पदभार ग्रहण करने से पहले उनका अंदाज भी चर्चा का विषय बना रहा। वह धोती-कुर्ता पहनकर सर्किट हाउस पहुंचे और कुछ देर बाद पुलिस कार्यालय पहुंचकर वर्दी धारण की और जिले की पुलिस कमान संभाल ली।

मेरठ पहुंचते ही उनके इस सादगी भरे अंदाज की तस्वीरें और वीडियो चर्चा में आ गए। लेकिन सादगी के साथ-साथ उनकी पहचान एक ऐसे पुलिस अधिकारी की भी है, जिन्होंने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अपराध और माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है।

हैदराबाद से UPSC तक का सफर

बीबीजीटीएस मूर्ति का जन्म 12 फरवरी 1985 को तिरुपति में हुआ। वह मूल रूप से हैदराबाद, तेलंगाना के रहने वाले हैं। उनके पिता का नाम बी. ईश्वरैया है। मूर्ति ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा हैदराबाद में पूरी की।

उन्होंने कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में B.Tech किया। इसके बाद मार्केटिंग में MBA की डिग्री हासिल की। तकनीकी शिक्षा और मैनेजमेंट की पढ़ाई के बावजूद उनके मन में सिविल सेवा में जाने की इच्छा थी। इसी लक्ष्य को लेकर उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की।

2015 में बने IPS अधिकारी

मेहनत रंग लाई और वर्ष 2015 में UPSC सिविल सेवा परीक्षा के जरिए उनका चयन IPS के लिए हुआ। उन्हें उत्तर प्रदेश कैडर मिला और 28 दिसंबर 2015 को उनकी भर्ती दर्ज हुई।

IPS बनने के बाद उनकी पहली पोस्टिंग गाजियाबाद में हुई। इसके बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश में कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी संभाली। वह लखनऊ में इंटेलिजेंस के SP, कानपुर देहात के SP और कासगंज के SP रहे। इसके बाद उन्हें झांसी जैसे महत्वपूर्ण जिले की पुलिस कमान भी सौंपी गई।

कासगंज में माफियाओं पर कार्रवाई से मिली पहचान

IPS बीबीजीटीएस मूर्ति के करियर में कासगंज की पोस्टिंग बेहद अहम मानी जाती है। यहां उन्होंने अपराधियों और माफिया के खिलाफ कई सख्त कार्रवाई की।
सबसे ज्यादा चर्चा नफीस अहमद उर्फ कालिया की संपत्ति पर हुई कार्रवाई को लेकर रही। पुलिस के मुताबिक उसकी करीब 100 करोड़ 28 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई थी। इस कार्रवाई के बाद मूर्ति की पहचान ऐसे अधिकारी के तौर पर और मजबूत हुई, जो अपराध और माफिया गतिविधियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने के लिए जाने जाते हैं।

झांसी में भी कई बड़े मामलों का खुलासा

इसके बाद बीबीजीटीएस मूर्ति को झांसी का SSP बनाया गया। उन्होंने 22 अप्रैल 2025 से अगस्त 2026 तक झांसी की पुलिस की कमान संभाली। करीब 16 महीने के कार्यकाल के दौरान पुलिस ने कई गंभीर अपराधों का खुलासा किया।

उनके नेतृत्व में अपहरण, हत्या और साइबर ठगी जैसे मामलों में पुलिस ने कार्रवाई की। कटेरा क्षेत्र के तीन गांवों में साइबर अपराध से जुड़े 23 लोगों की गिरफ्तारी भी हुई।

इसके अलावा कुएं में महिला के शव के टुकड़े मिलने के मामले, लहचूरा में मां-बेटे की हत्या और सीपरी बाजार में लड़की के शव को बक्से में रखकर जलाने के मामले का भी पुलिस ने खुलासा किया।
वहीं, एक बड़े अभियान में बीजेपी नेता आशीष उपाध्याय समेत 100 से अधिक IPL सटोरियों की गिरफ्तारी भी चर्चा में रही।

अब मेरठ की चुनौती

अब बीबीजीटीएस मूर्ति के सामने मेरठ जैसे बड़े और संवेदनशील जिले की कानून-व्यवस्था संभालने की चुनौती है। अपराध नियंत्रण, माफिया पर शिकंजा, साइबर क्राइम और पुलिसिंग को लेकर मेरठ में उनकी कार्यशैली पर सबकी नजर रहेगी।

बाल विवाह के खिलाफ छात्राओं को किया जागरूक, सुरक्षा और अधिकारों की दी जानकारी

रायपुर, 20 अगस्त 2026

सूरजपुर जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय करसी में छात्राओं के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम जिला कलेक्टर श्रीमती रेना जमील के निर्देशन और जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

छत्तीसगढ़ को बाल विवाह मुक्त बनाने के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम में जिला बाल संरक्षण अधिकारी मनोज जायसवाल ने छात्राओं को बाल विवाह की रोकथाम, बाल अधिकार, शिक्षा और बालिकाओं की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा बालिकाओं के सशक्तिकरण और सुरक्षित भविष्य की सबसे मजबूत आधारशिला है। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित रूप से पढ़ाई करने और अपने लक्ष्य हासिल करने के साथ-साथ अपने आसपास होने वाले बाल विवाह को रोकने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।

हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारी

कार्यक्रम में छात्राओं को चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181 और आपातकालीन सेवा 112 के बारे में जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि किसी भी विपरीत परिस्थिति में इन हेल्पलाइन सेवाओं का उपयोग किया जा सकता है।

छात्राओं को सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श के प्रति जागरूक करते हुए बचाव के चार सूत्र ‘नो, गो, टेल एवं एफआईआर’ बताए गए। इसके साथ ही पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी भी दी गई।

आत्मनिर्भर बनने के लिए किया प्रेरित

मिशन शक्ति की श्रीमती फरजाना अंसारी ने छात्राओं को शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए भ्रूण हत्या की रोकथाम और घरेलू हिंसा की स्थिति में महिला हेल्पलाइन 181 का उपयोग करने की अपील की।

प्रतियोगिताओं में छात्राओं ने लिया हिस्सा

जागरूकता कार्यक्रम के दौरान पोस्टर, राखी और रंगोली निर्माण प्रतियोगिता आयोजित की गई। विद्यार्थियों ने इन प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया, जबकि अन्य प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए।

कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी लोगों को बाल विवाह मुक्त सूरजपुर बनाने की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को बाल विवाह के दुष्परिणामों, अपने अधिकारों और सुरक्षा के उपायों के प्रति जागरूक करते हुए शिक्षा को प्राथमिकता देने का संदेश दिया गया।

धमतरी में नकली और अमानक दवाओं पर शिकंजा, 12 मेडिकल प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण

धमतरी, 21 अगस्त 2026

06 दवाओं के नमूने जांच के लिए रायपुर भेजे गए, एक मेडिकल स्टोर में अनियमितता मिलने पर कार्रवाई जारी।

जिले में नकली, अमानक और संदिग्ध दवाओं की बिक्री पर रोक लगाने के लिए औषधि निरीक्षण अभियान लगातार जारी है। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा एवं नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार राज्यव्यापी विशेष सघन प्रवर्तन अभियान के तहत संयुक्त निरीक्षण दल द्वारा जिले के विभिन्न औषधि प्रतिष्ठानों में औचक जांच की जा रही है।

अभियान के दौरान संयुक्त टीम ने जिले के 12 औषधि प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान दवाओं की खरीदी-बिक्री से संबंधित बिल-वाउचर, स्टॉक रजिस्टर, आपूर्ति स्रोत और अन्य आवश्यक अभिलेखों की जांच की गई। राज्य में C&F, डिपो और सुपर स्टॉकिस्ट उपलब्ध होने के बावजूद राज्य के बाहर से खरीदी गई दवाओं को लेकर भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

इसके अलावा नारकोटिक एवं साइकोट्रॉपिक औषधियों के क्रय-विक्रय, भंडारण, स्टॉक तथा संबंधित दस्तावेजों की भी गहन जांच की जा रही है।

06 दवाओं के नमूने जांच के लिए भेजे

औषधियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अभियान के तहत इस सप्ताह 06 औषधि नमूने संकलित किए गए हैं। इनमें Tab. Elmox-CV 625 LB, Tab. Onco-4, CC-GO DX Cough Syrup 100ml, Bethasulide-P(R), Tab. Mokcan 250 DT और Tab. Ofiz 200 शामिल हैं।
सभी नमूनों को जांच एवं विश्लेषण के लिए औषधि परीक्षण प्रयोगशाला, रायपुर भेजा गया है। प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इन प्रतिष्ठानों की हुई जांच

संयुक्त निरीक्षण दल ने औषधि भंडार शासकीय जिला अस्पताल धमतरी, सूर्या मेडिकल एंड जनरल स्टोर्स नारी, गौतम फार्मा धमतरी, लक्ष्मी मेडिकल एंड जनरल स्टोर्स धमतरी, मेहता मेडिकोज धमतरी, रमेश मेडिकल स्टोर्स धमतरी, स्वास्तिक मेडिकल एंड जनरल स्टोर्स धमतरी, कबीर मेडिकल स्टोर्स छाती, दिनेश मेडिकल स्टोर्स प्रा. लिमिटेड धमतरी, गायत्री मेडिकल धमतरी, पवार मेडिकल एजेंसीज धमतरी और आरती मेडिकोज धमतरी का निरीक्षण किया।

सूर्या मेडिकल एंड जनरल स्टोर्स, नारी में अनियमितता पाए जाने के बाद नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।

अधिकृत स्रोत से दवा खरीदने की अपील

खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा जिले में दवाओं की गुणवत्ता, वैध आपूर्ति श्रृंखला और आवश्यक अभिलेखों की उपलब्धता पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। विभाग ने दवा विक्रेताओं से निर्धारित नियमों का पालन करने और केवल अधिकृत स्रोतों से ही औषधियों का क्रय-विक्रय करने की अपेक्षा की है।

विभाग के अनुसार आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित दवाएं उपलब्ध कराना अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। नकली, अमानक एवं संदिग्ध औषधियों की बिक्री और अवैध आवाजाही पर नियंत्रण के लिए यह विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा।