बाढ़ में फंसे 5 लोग, NDRF ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन; CPR देकर बचाई बच्चे की जान
बेमेतरा- 20 अगस्त 2026
—“हेलो-हेलो कंट्रोल रूम… अमोरा घाट में बाढ़ आने से 5 लोग पानी में फंस गए हैं।”
कंट्रोल रूम में सूचना पहुंची
जिले में लगातार हो रही बारिश और नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर के बीच जिला प्रशासन ने बाढ़ आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए गुरुवार को मॉकड्रिल आयोजित की।
सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने एनडीआरएफ, पुलिस, स्वास्थ्य और राजस्व विभाग की टीमों को सक्रिय किया।
एनडीआरएफ की टीम आवश्यक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची और रबर बोट व रस्सियों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। टीम ने तेज बहाव के बीच फंसे दो पुरुषों, दो महिलाओं और एक बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला।
अचानक बढ़ा नदी का जलस्तर, खेत में फंसे पांच लोग
मॉकड्रिल के तहत बेमेतरा ब्लॉक के ग्राम अमेरा के समीप नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने की स्थिति बनाई गई। खेत में काम कर रहे दो पुरुष, दो महिलाएं और एक बच्चा तेज बहाव के बीच फंस गए। पानी बढ़ता देख सभी ऊंचे स्थान पर पहुंचे और मदद के लिए आवाज लगाई। ग्रामीणों ने तत्काल डायल 112 और जिला कंट्रोल रूम को सूचना दी।
कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने सूचना मिलते ही एनडीआरएफ की रायपुर यूनिट को तत्काल रेस्क्यू टीम रवाना करने के निर्देश दिए। साथ ही स्वास्थ्य, राजस्व और पुलिस विभाग को भी अलर्ट किया गया।
रबर बोट और रस्सियों से रेस्क्यू
एनडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर रबर बोट और रस्सियों की सहायता से बचाव अभियान शुरू किया। प्रशिक्षित जवानों ने सावधानीपूर्वक कार्रवाई करते हुए पांचों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
रेस्क्यू के दौरान बच्चा बेहोशी की हालत में मिला। उसके पेट में पानी चले जाने के कारण उसकी हालत गंभीर बताई गई।
एनडीआरएफ के मेडिकल ऑफिसर ने मौके पर प्राथमिक उपचार के साथ सीपीआर दिया। करीब 10 मिनट के प्रयास के बाद बच्चे ने सांस लेना शुरू किया और उसे होश आया।
इसके बाद सभी पांच लोगों को एंबुलेंस की सहायता से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र साजा भेजा गया।
बेहतर समन्वय से सफल रहा मॉकड्रिल
मॉकड्रिल के दौरान जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, पुलिस, स्वास्थ्य और राजस्व विभाग के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला। कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने रेस्क्यू किए गए लोगों से मुलाकात कर उनकी स्थिति की जानकारी ली और बचाव दल की त्वरित कार्रवाई की सराहना की।
उन्होंने कहा कि बाढ़ जैसी आपदा के समय प्रत्येक मिनट महत्वपूर्ण होता है। प्रशासन और रेस्क्यू टीमों के बीच बेहतर तालमेल से आपात स्थिति में जनहानि को कम किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से मौसम विभाग के अलर्ट को गंभीरता से लेने और बारिश के दौरान नदी-नालों एवं अन्य जलस्रोतों के आसपास जाने से बचने की अपील की।
मानसून को देखते हुए तैयार हैं रेस्क्यू टीमें
एसडीआरएफ कमांडेंट ने बताया कि मानसून को देखते हुए जिले में रेस्क्यू बोट, लाइफ जैकेट, आवश्यक बचाव उपकरण और प्रशिक्षित गोताखोरों की टीम पहले से तैयार रखी गई है। मॉकड्रिल का उद्देश्य आपदा के दौरान उपलब्ध संसाधनों और टीमों की कार्यक्षमता को परखना तथा कम से कम समय में प्रभावित लोगों तक राहत एवं बचाव पहुंचाना है।
प्रशासन की लोगों से अपील
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान नदी, नाले, तालाब और अन्य जलस्रोतों के पास न जाएं। बच्चों को जलभराव वाले स्थानों से दूर रखें और उन्हें अकेले नदी-नालों के आसपास न जाने दें। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल डायल 112 अथवा जिला कंट्रोल रूम को सूचना दें।
मॉकड्रिल के दौरान पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल, अपर कलेक्टर प्रकाश भारद्वाज, एसडीएम द्वय सुश्री दीप्ति वर्मा एवं सुश्री पिंकी मनहर सहित जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य, राजस्व और आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
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