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Tuesday, August 25, 2026

बने खाबो, बने रहिबो 2.0: छत्तीसगढ़ में खाद्य प्रतिष्ठानों पर सघन जांच

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छत्तीसगढ़ 24 अगस्त 2026

लोगों को सुरक्षित खाना उपलब्ध कराने का वादा।

प्रदेश में सार्वजनिक स्वास्थ्य को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू किए गए “बने खाबो, बने रहिबो 2.0” अभियान के तहत खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने राज्यभर में किराना, होटल, ढाबा, मिठाई व डेयरी प्रतिष्ठानों पर सघन निरीक्षण तेज कर दिए हैं। अभियान का लक्ष्य साफ-सुथरे, गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित खाद्य पदार्थ सुनिश्चित कर राज्यवासियों को बेफिक्र भोजन उपलब्ध कराना है।
अधिकारियों ने बताया कि निरीक्षण केवल सतही चेक तक सीमित नहीं हैं — कच्चे माल, तैयार खाद्य पदार्थ और पानी के नमूने लैब में भेजे जा रहे हैं। इनमें ई.कोलाई और साल्मोनेला जैसे जीवाणुओं की जांच के साथ ही दूध, तेल व मसालों में मिलावट तथा कीटनाशक और भारी धातुओं की रासायनिक जाँच भी शामिल है। जल परीक्षण FSSAI के मानकों के अनुरूप किया जा रहा है ताकि पीने व खाना बनाने के उपयोग का पानी सुरक्षित रहे।

स्थानीय घटनाएँ और कार्रवाई
बिलासपुर: निरीक्षण के दौरान अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य निर्माण पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठान का पंजीकरण निलंबित कर दिया गया और निर्माण कार्य बंद करवा दिया गया।

कई जिलों: एक्सपायरी खाद्य पदार्थ जब्त कर नष्ट कराए गए तथा संदिग्ध नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए।
रक्षाबंधन विशेष निगरानी: त्योहारों को देखते हुए मिठाई, दूध और दुग्ध पदार्थों पर विशेष रूप से कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
किस तरह की जाँच होती है
सूक्ष्मजीव जाँच: ई.कोलाई, साल्मोनेला जैसी हानिकारक बैक्टीरिया की पहचान।
रासायनिक जाँच: दूध, तेल और मसालों में मिलावट, कीटनाशक अवशेष या भारी धातु तत्वों का पता।
जल विशुद्धता: खाद्यप्रोसेसिंग और पेयजल के लिए पानी की शुद्धता का FSSAI अनुरूप परीक्षण।
दस्तावेज़ व पंजीकरण: लाइसेंस, पंजीकरण, स्टोरेज व लेबलिंग से जुड़े नियमों का पालन भी देखा जाता है।
अधिकारियों का कहना
“हमारा मकसद सजा देना नहीं बल्कि सुरक्षा सुनिश्चित करना है,” एक वरिष्ठ FDA अधिकारी ने कहा। “जहां मानक नहीं मिलते, वहां सुधार के निर्देश दिए जाते हैं; गंभीर उल्लंघन होने पर पंजीकरण निलंबन और कड़े वैधानिक कदम उठाए जाते हैं।”
नागरिकों के लिए सुझाव
खरीदते समय पैक्ड आइटम की एक्सपायरी और लेबल जाँचें।
बाहर खाने से पहले प्रतिष्ठान की साफ-सफाई और स्टोरेज देख लें।

संदिग्ध खाद्य या पानी मिलने पर स्थानीय सेवन अधिकारी को सूचित करें।
नया पहलू: “कम्युनिटी वॉच” रिपोर्टिंग
अभियान के अगले चरण में प्रशासन समुदाय-आधारित रिपोर्टिंग सक्रिय करने की योजना बना रहा है — यानी नागरिक मोबाइल ऐप या SMS के जरिए संदिग्ध खाद्य प्रतिष्ठान की फोटो व लोकेशन भेज सकेंगे। इससे त्वरित सर्वे और लक्षित टीम भेजना आसान होगा, विशेषकर त्योहारों के समय जब खाद्य व्यापार चरम पर होता है।

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