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नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं के सशक्तिकरण का ऐतिहासिक कदम, विपक्ष ने किया बाधित : भाजपा

प्रेस वार्ता बेमेतरा-23 अप्रैल 2026(दीपक पाण्डेय)

भारतीय जनता पार्टी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को देश की महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताते हुए विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए।

आज आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्य वक्ता चंद्रिका चंद्राकर (पूर्व महापौर दुर्ग) ने कहा कि यह अधिनियम केवल एक कानून नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी को नीति-निर्धारण की प्रक्रिया में समान भागीदारी देने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि “हमारी दादी, माताएं और बहन-बेटियां वर्षों से इस अधिकार की प्रतीक्षा कर रही थीं, लेकिन विपक्ष ने एक बार फिर उन्हें निराश किया है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी गठबंधन ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के चलते महिलाओं के हितों को दरकिनार किया। “यह केवल सीटों का मुद्दा नहीं, बल्कि भारतीय नारी के सम्मान और लोकतंत्र में उसकी भागीदारी का प्रश्न है,”

संभाग प्रभारी डॉ. चौलेश्वर चंद्राकर ने कहा कि विपक्ष ने हमेशा महिला आरक्षण के समर्थन का दिखावा किया, लेकिन हर बार किसी न किसी बहाने से इसे टालता रहा। उन्होंने कहा कि यह महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को कमजोर करने का प्रयास है।

महिलाओं के अधिकारों पर फिर अटका विपक्ष, ऐतिहासिक पहल पर ब्रेक

भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर ऐतिहासिक रूप से महिला आरक्षण को लंबित रखने का आरोप लगाते हुए कहा कि 1996 से लेकर 2014 तक इस विषय पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया। अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के दौरान किए गए प्रयासों को भी विपक्षी दलों ने बाधित किया, जबकि यूपीए सरकार ने राज्यसभा से पारित होने के बावजूद इसे लोकसभा में आगे नहीं बढ़ाया।

नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के जीवन स्तर में व्यापक सुधार हुआ है। शौचालय निर्माण, उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन, बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार और आवास योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाया गया है, जबकि पूर्ववर्ती सरकारों ने इन मूलभूत आवश्यकताओं की उपेक्षा की।

प्रेस वार्ता में भाजपा नेताओं ने स्पष्ट किया कि उनके लिए महिलाओं का सशक्तिकरण राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि सेवा और सिद्धांत का विषय है।

इस अवसर पर अजय साहू (जिला अध्यक्ष बेमेतरा), कुमुद बघेल (प्रदेश मंत्री), नीतू कोठारी (प्रदेश सोशल मीडिया सह प्रभारी, महिला मोर्चा), प्रज्ञा निर्वाणी (जिला अध्यक्ष महिला मोर्चा), अंजू बघेल, मोंटी साहू नीलू राजपूत सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता एवं मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।










सुबह 9:30 बजे बंद होगा परीक्षा केंद्र का मुख्य द्वार, देर से पहुंचने वालों को प्रवेश नहीं

बेमेतरा, 23 अप्रैल 2026।

छत्तीसगढ़ व्यापम द्वारा मंडी उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा 26 अप्रैल को आयोजित होगी, जिसमें 2.47 लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा सुबह 10 से दोपहर 12:15 तक चलेगी, लेकिन केंद्र का मुख्य द्वार 9:30 बजे बंद हो जाएगा। जिला प्रशासन ने बेमेतरा के अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि अन्य जिलों के केंद्र पर कम से कम 2 घंटे पहले पहुंचें, क्योंकि बेमेतरा में कोई केंद्र नहीं है।

परीक्षा का आयोजन राज्य के 16 जिलों में किया जा रहा है, जबकि सभी 33 जिलों के परीक्षार्थी इसमें सम्मिलित होंगे। बेमेतरा जिले में इस परीक्षा के लिए कोई परीक्षा केंद्र निर्धारित नहीं किया गया है।

ड्रेस कोड सख्त है—हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े पहनें। गहरे रंग जैसे काला, गहरा नीला या मैरून प्रतिबंधित। चप्पल पहनकर आएं, कान में आभूषण न पहनें। मोबाइल, घड़ी, पर्स, बेल्ट या स्कार्फ लाना मना। केवल काला या नीला बॉल पेन अनुमत। धार्मिक पोशाक वाले पहले पहुंचें। नियम तोड़ने पर अभ्यर्थिता रद्द और कड़ी कार्रवाई होगी।

बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि अनुचित साधनों के उपयोग पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी तथा अभ्यर्थिता निरस्त कर दी जाएगी।

धार्मिक या सांस्कृतिक पोशाक पहनने वाले अभ्यर्थियों को अतिरिक्त सुरक्षा जांच हेतु पहले पहुंचने की सलाह दी गई है।

प्रशासन की अपील : सभी निर्देश पालन करें ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न हो। प्रवेश पत्र चेक कर लें!अपने निर्धारित परीक्षा केंद्र (अन्य जिलों में) पर समय से पहुंचें एवं सभी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करें, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष रूप से संपन्न हो सके।






खड़गे को चुनाव आयोग का नोटिस, कांग्रेस बोली- राजनीतिक प्रतिशोध”

डिजिटल डेस्क – 23/04/2026

चुनाव आयोग ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “आतंकवादी” कहने वाले बयान पर नोटिस जारी किया है। बीजेपी की शिकायत के बाद 24 घंटे में यानी 23 अप्रैल शाम 5 बजे तक जवाब मांगा गया है। आयोग ने बयान के संदर्भ स्पष्ट करने को कहा है।

विवाद का कारण
चेन्नई प्रेस कॉन्फ्रेंस में खड़गे ने AIADMK-BJP गठबंधन पर सवाल उठाते हुए कहा कि अन्नादुरई, कामराज, पेरियार, करुणानिधि और अंबेडकर के विचारों वाले दल मोदी के साथ कैसे जुड़ सकते हैं। उन्होंने मोदी को “आतंकवादी” कहा, जो ED-CBI का दुरुपयोग कर रहे हैं। बाद में सफाई दी कि मतलब डराने-धमकाने से था।

राजनीतिक प्रतिक्रिया
बीजेपी ने कांग्रेस को “शहरी नक्सल” कहा और माफी मांगी। यह विवाद महिला आरक्षण विधेयक रोकने के PM के आरोपों के बाद भड़का। कांग्रेस-डीएमके गठबंधन पर भी सवाल उठे।

संदर्भ
तमिलनाडु चुनावी माहौल में परिसीमन बिल को लेकर तनाव है। विपक्ष संशोधन बिल का विरोध कर रहा है।कांग्रेस ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया है। यह मामला तमिलनाडु चुनावी माहौल को गर्म कर रहा है।

खड़गे ने कहा
खड़गे ने मीडिया को बताया कि उन्होंने PM मोदी को शाब्दिक रूप से “आतंकवादी” नहीं कहा। उनका इशारा ED, CBI जैसी एजेंसियों के कथित दुरुपयोग से था, जिससे विपक्ष को “आतंकित” किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “मैंने कभी नहीं कहा कि वो आतंकवादी हैं – मतलब डराने-धमकाने से

रट्टा मार पढ़ाई क्यों हुई फेल?टेक दिग्गजों ने बदले हायरिंग नियम

डिजिटल डेस्क – 23/04/2026

2026 में गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और ओपनएआई जैसी कंपनियां डिग्री के बजाय टैलेंट वेलोसिटी और स्किल असेसमेंट पर जोर दे रही हैं। लिंक्डइन की 22 अप्रैल 2026 रिपोर्ट के अनुसार, 86% कंपनियां बाजार की बदलती जरूरतों के लिए सही टैलेंट नहीं ढूंढ पा रही हैं।माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जैसी दिग्गज कंपनियां अब 25 साल से कम उम्र के उन युवाओं को प्राथमिकता दे रही हैं जिनके पास मजबूत प्रोजेक्ट पोर्टफोलियो है।भले ही उनके पास किसी बड़े कॉलेज की डिग्री न हो।

टैलेंट वेलोसिटी क्या है
यह संगठन की स्किल्स को रीयल-टाइम में पहचानने, हासिल करने और मोबिलाइज करने की क्षमता है। सिर्फ 14% कंपनियां इसमें लीडर हैं, जो टैलेंट आकर्षण और रिटेंशन में बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। अब 25 साल से कम उम्र के युवाओं को मजबूत प्रोजेक्ट पोर्टफोलियो के आधार पर प्राथमिकता मिल रही है।

क्यों रट्टा मारना बेकार
कॉलेज सिलेबस टेक्नोलॉजी के तेज बदलाव से पीछे रह गया है। कंपनियां इंटरव्यू में लाइव प्रोजेक्ट्स और प्रॉब्लम सॉल्विंग चेक करती हैं। Unstop Talent रिपोर्ट के अनुसार, 49% HR लीडर्स सबसे पहले प्रॉब्लम सॉल्विंग देखते हैं। AI Fluency अब बेसिक स्किल है।

AI स्किल्स से ज्यादा सैलरी
AI टूल्स से काम 20% तेज करने वाले उम्मीदवारों को डिग्री वालों से ज्यादा पैकेज मिल रहा है। पोर्टफोलियो बनाएं जो सीखे स्किल्स दिखाए। एआई काम नहीं छीनता, बल्कि AI न जानने वाला पीछे रह जाता है।






एयरलाइंस का खर्च कम करने ATF में सिंथेटिक फ्यूल ब्लेंडिंग को मंजूरी

डिजिटल डेस्क -23/04/2026

सरकार ने एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) के नियमों में अहम संशोधन किया है। अब इसमें सिंथेटिक फ्यूल और एथेनॉल ब्लेंडिंग की अनुमति है, जो हवाई यात्रा को सस्ता, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल बनाएगा।

बदलाव का कारण
पश्चिमी एशिया में तनाव से ग्लोबल ATF कीमतें बढ़ी हैं – अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 2.07 लाख रुपये प्रति किलोलीटर। इससे एयरलाइंस की लागत प्रभावित हुई है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने 17 अप्रैल 2026 के नोटिफिकेशन से Essential Commodities Act के तहत IS 1571 और IS 17081 मानकों के अनुरूप ब्लेंडेड फ्यूल को ATF में शामिल किया।

फायदे
यह कदम सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) को बढ़ावा देगा, प्रदूषण कम करेगा। पुराने रेफरेंस हटाए गए और जांच नियमों को Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita 2023 के अनुसार अपडेट किया गया। एयरलाइंस तुरंत नए फ्यूल इस्तेमाल कर सकेंगी।

इसका प्रभाव क्या होगा
हवाई किराए सस्ते हो सकते हैं, भारत SAF में वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ेगा। अभी ब्लेंडिंग वैकल्पिक है, लेकिन भविष्य में लक्ष्य तय हो सकते हैं।स्थानीय उत्पादन बढ़ावा: सिंथेटिक फ्यूल (जैसे एथेनॉल गन्ने, मक्के से) ब्लेंडिंग से महंगे आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता घटेगी। भारत ने इथेनॉल ब्लेंडिंग से पहले ही ₹1.63 लाख करोड़ विदेशी मुद्रा बचाई है।

एयरलाइंस का खर्च कम: ATF कुल परिचालन लागत का 40% है। सस्ता ब्लेंडेड फ्यूल इस्तेमाल से एयरलाइंस को राहत मिलेगी, जो किराए पर पास कर सकती हैं।

VAT और अन्य राहत: केंद्र-राज्य मिलकर ATF पर VAT घटाने पर विचार कर रहे हैं, जो सीधे टिकट सस्ता करेगा।






बंदर ने 3 माह की बच्ची को बनाया बंधक , पशु प्रेमी ने बचाई जान

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वायरल वीडियो न्यूज -23/04/2026

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के चरथावल थाना क्षेत्र के कस्बा चरथावल में मंगलवार को एक हैरान करने वाली घटना घटी। तहसीन नामक व्यक्ति के घर में घुसा एक बंदर ने उनकी 3 माह की मासूम बेटी कलसुम को बंधक बना लिया। बंदर ने बच्ची को अपना बच्चा समझकर दुलार किया, लेकिन परिजनों को नजदीक आने नहीं दिया।

परिजनों पर हमला, कई घायल
जब परिवार वाले बच्ची को छुड़ाने की कोशिश करने लगे, तो बंदर आग बबूला हो गया। उसने कई लोगों को काट लिया, जिससे वे घायल हो गए। परिजनों ने स्थानीय पुलिस को सूचना दी। पुलिस के साथ-साथ पशु प्रेमी सन्नी भी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।

घंटों की मशक्कत के बाद रेस्क्यू
सन्नी ने बताया कि बंदर का अपना बच्चा शायद मर गया था, इसलिए उसने कलसुम को अपना बच्चा मान लिया। लगभग डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने बंदर का ध्यान भटकाया और बच्ची को सुरक्षित बचा लिया। बच्ची पूरी तरह स्वस्थ है।

वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
पूरी घटना का वीडियो किसी ने रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जो तेजी से वायरल हो रहा है। पशु प्रेमी सन्नी ने भी अपना वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने जाहिद स्कूल के पास चरथावल में रेस्क्यू की पूरी कहानी बताई। पुलिस ने पुष्टि की कि पशु प्रेमी की मदद से बच्ची को बचा लिया गया।

यह घटना वन्यजीवों और मानव बस्तियों के बीच बढ़ते संघर्ष को दर्शाती है।




राजा शिवाजी फिल्म की ट्रेलर रिलीज सोशल मीडिया पर उठा विवाद

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डिजीटल डेस्क -23/04/2026

1 मई को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली फिल्म छत्रपति शिवाजी महाराज की वीर गाथा पर बनी फिल्म ‘राजा शिवाजी’ का ट्रेलर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर विवादास्पद हो गया है। रितेश देशमुख के निर्देशन और अभिनय वाली यह फिल्म 1 मई 2026 को रिलीज हो रही है।

ट्रेलर विवाद: वाघनख सीन पर सवाल

20 अप्रैल को रिलीज हुए ट्रेलर में शिवाजी महाराज (रितेश देशमुख) अफजल खान (संजय दत्त) को प्रतापगढ़ मुलाकात से पहले ही बाघ -नख खुलेआम दिखाते नजर आते हैं। ऐतिहासिक कथाओं के अनुसार, 10 नवंबर 1659 को यह निहत्थी मुलाकात थी—शिवाजी ने वाघनख छिपाकर रखा और अफजल के धोखे वाले हमले पर ही इस्तेमाल किया। सोशल मीडिया यूजर्स, खासकर BJP कार्यकर्ता सुरेश नखुआ ने इसे इतिहास की तोड़-मरोड़ और अपमान बताया।

रितेश का संयमित जवाब

आलोचनाओं पर रितेश ने विनम्रता से कहा, “आदरणीय सर, कृपया 1 मई को फिल्म जरूर देखें। आपके सभी सवालों का जवाब फिल्म में ही है। परिवार-दोस्तों संग आनंद लें। जय शिवराय।” उन्होंने 10 साल पुराने सपने का जिक्र कर भावुक हुए।

स्टार कास्ट और भव्यता

फिल्म में अभिषेक बच्चन संभाजी, सचिन खेडेकर शाहजी राजे, भाग्यश्री जीजाबाई, विद्या बालन, फरदीन खान, जेनेलिया देशमुख जैसे सितारे हैं। माराठी, हिंदी समेत कई भाषाओं में रिलीज, संगीत अजय-अतुल का।ट्रेलर की भव्यता से फैंस उत्साहित, लेकिन इतिहास प्रेमी सतर्क।


केदारनाथ के बाद धरती के बैकुंठ बद्रीनाथ धाम के कपाट खुले

डिजिटल डेस्क -23/04/2026

अलकनंदा की कल कल और हिमालय की गोद में बसा उत्तराखंड की पवित्र वादियों में आस्था का अनोखा संगम उमड़ पड़ा है। बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलते ही चारधाम यात्रा 2026 पूर्ण जोश में उतर चुकी है।

धरती का वैकुंठ: बद्रीनाथ धाम की पौराणिक महिमा
उत्तराखंड की गोद में बसे बद्रीनाथ धाम को शास्त्रों में धरती का वैकुंठ कहा गया है—भगवान विष्णु का साक्षात निवास। मान्यता है कि सतयुग में यहां उन्होंने कठोर तपस्या की। पौराणिक कथा के अनुसार, तपस्या के दौरान माता लक्ष्मी ने धूप-वर्षा से रक्षा के लिए बदरी (बेर) वृक्ष का रूप धारण किया, जिससे यह स्थान ‘बद्रीनाथ’ कहलाया।

आदि शंकराचार्य ने इसे पुनर्स्थापित कर प्रमुख तीर्थ बना दिया। शास्त्र गान करते हैं: आकाश, पृथ्वी, पाताल के अनगिनत तीर्थों में बद्रीनाथ का कोई सानी नहीं। दर्शन मात्र से जन्म-मृत्यु के बंधन टूटते हैं, पाप नष्ट हो मोक्ष मिलता है। अलकनंदा तट पर हिमालय की चोटियों से घिरा यह धाम 108 दिव्य वैष्णव तीर्थों में ‘दिव्य देशम’ है।

चारधाम यात्रा की भव्य शुरुआत
यात्रा की नींव अक्षय तृतीया पर यमुनोत्री व गंगोत्री के कपाट खुलने से पड़ी। 22 अप्रैल को केदारनाथ के द्वार खुले, तो भक्तों का जोश चरम पर पहुंचा। अब बद्रीनाथ के कपाट खुलने से चारधाम यात्रा पूर्ण रूप से प्रारंभ। अगले छह माह तक देश-विदेश के श्रद्धालु भगवान बद्रीविशाल के दर्शन कर सकेंगे।

फूलों से सजा बद्री का दरबार
कपाटोद्धाटन पर मंदिर को 25 क्विंटल फूलों—गेंदे से विदेशी प्रजातियों तक—से भव्यतापूर्वक सजाया गया। फूलों की सुगंध में भरे दरबार में आरती उतारी गई, जो आस्था का अनुपम दृश्य रच गया। हिमालयी वादियों में आत्मिक शांति का यह केंद्र लाखों भक्तों को बुलावा दे रहा है।



महिलाओं व बच्चों के कल्याण हेतु संवेदनशीलता से कार्य करें: कलेक्टर

बेमेतरा, 22 अप्रैल 2026

कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने जिला कार्यालय के दिशा भवन सभाकक्ष में महिला एवं बाल विकास तथा स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक लेकर विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन और जमीनी स्थिति की समीक्षा की।

स्वास्थ्य सेवाओं में सजगता और सतर्कता के निर्देश

कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि महिलाएं और बच्चे समाज के अभिन्न अंग हैं। उनके स्वास्थ्य, पोषण और टीकाकरण पर विशेष ध्यान देते हुए समन्वय के साथ कार्य करना आवश्यक है, ताकि एक स्वस्थ समाज का निर्माण किया जा सके। उन्होंने दोनों विभागों को जमीनी स्तर पर बेहतर तालमेल स्थापित कर सेवाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में कुपोषण मुक्ति अभियान पर विशेष जोर देते हुए मुख्यमंत्री सुपोषण योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। गंभीर कुपोषित बच्चों को एनआरसी में भर्ती कर उनके स्वास्थ्य में सुधार की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में रेडी-टू-ईट एवं गर्म भोजन की गुणवत्ता की जांच के निर्देश दिए गए।

कलेक्टर ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने, शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने और गर्भवती महिलाओं व बच्चों के नियमित टीकाकरण पर विशेष ध्यान देने को कहा। हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान और जांच सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना एवं महतारी वंदन योजना की समीक्षा करते हुए पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ दिलाने और लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए गए। साथ ही डीबीटी के माध्यम से भुगतान की स्थिति की भी समीक्षा की गई।

कलेक्टर ने एनीमिया मुक्त भारत अभियान के तहत किशोरी बालिकाओं एवं महिलाओं में आयरन-फॉलिक एसिड की गोलियों के नियमित वितरण के निर्देश दिए। फील्ड में कार्यरत एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को समन्वय के साथ कार्य करने तथा पोषण ट्रैकर सहित ऑनलाइन पोर्टलों पर डेटा की शुद्ध और समय पर एंट्री सुनिश्चित करने को कहा गया।

आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली, पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि विभागीय समन्वय से शिशु एवं मातृ मृत्यु दर में कमी लाई जा सकती है। ‘वजन त्यौहार’ के आंकड़ों की भी समीक्षा कर कुपोषित बच्चों के चिन्हांकन पर चर्चा की गई।

कलेक्टर ने कार्यप्रणाली में अनुशासन और जवाबदेही पर जोर देते हुए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए। उपस्थिति दर्ज नहीं करने और ड्यूटी में लापरवाही पाए जाने पर वेतन आहरण रोकने के निर्देश भी दिए गए।

श्री राधा-कृष्ण एवं माँ शाकम्भरी मंदिर स्थापना वर्ष महोत्सव संपन्न

चकरदा में भक्ति, संस्कृति और एकता का अद्भुत संगम

सरायपाली। सरायपाली विधानसभा क्षेत्र के ग्राम चकरदा में आयोजित श्री राधा-कृष्ण एवं माँ शाकम्भरी मंदिर स्थापना वर्ष महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर आत्मिक शांति और सौभाग्य की अनुभूति की।

कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित अष्टप्रहरी श्रीमद्भागवत कथा के दिव्य श्रवण से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। कथा के माध्यम से उपस्थित जनसमूह को धर्म, सत्कर्म और सकारात्मक जीवन मूल्यों का संदेश प्राप्त हुआ।

मुख्य अतिथि प्रमोद सागर (जिलाध्यक्ष, अजा मोर्चा, महासमुंद) ने अपने उद्बोधन में कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि श्री राधा-कृष्ण की भक्ति प्रेम, समर्पण और सद्भाव का मार्ग दिखाती है, वहीं माँ शाकम्भरी का आशीर्वाद हमें प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाते हुए संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा देता है। उन्होंने अष्टप्रहरी श्रीमद्भागवत कथा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे आध्यात्मिक उन्नति का सशक्त माध्यम बताया।

कार्यक्रम के दौरान सभी अतिथियों एवं श्रद्धालुओं ने ईश्वर से ग्राम चकरदा और क्षेत्र में शांति, समृद्धि एवं आपसी सौहार्द बनाए रखने की कामना की। यह मंदिर केवल पूजा-अर्चना का केंद्र नहीं, बल्कि ग्राम की आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता का प्रतीक बनकर उभर रहा है।

इस अवसर पर शिव पटेल (जनपद सदस्य प्रतिनिधि), सुरोती लकड़ा (महामंत्री, भाजपा मंडल केदुवां), कौशल्या नेपाल सिदार (सरपंच, ग्राम पंचायत चकरदा) सहित अजित पटेल, मोहन पटेल, रोहित वैष्णव, दिलीप पटेल, तुलाराम पटेल, दामोदर चौहान, सुदर्शन साहू, बसंत एवं रामकुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन मालिकराम पटेल ने किया

ग्राम चकरदा में श्री राधा-कृष्ण एवं माँ शाकम्भरी मंदिर स्थापना वर्ष महोत्सव श्रद्धा व उत्साह के साथ संपन्न हुआ। अष्टप्रहरी श्रीमद्भागवत कथा के आयोजन से वातावरण भक्तिमय रहा। मुख्य अतिथि प्रमोद सागर ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में एकता और सद्भाव को बढ़ावा देते हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।



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