डिजिटल डेस्क -23/04/2026
सरकार ने एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) के नियमों में अहम संशोधन किया है। अब इसमें सिंथेटिक फ्यूल और एथेनॉल ब्लेंडिंग की अनुमति है, जो हवाई यात्रा को सस्ता, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल बनाएगा।
बदलाव का कारण
पश्चिमी एशिया में तनाव से ग्लोबल ATF कीमतें बढ़ी हैं – अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 2.07 लाख रुपये प्रति किलोलीटर। इससे एयरलाइंस की लागत प्रभावित हुई है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने 17 अप्रैल 2026 के नोटिफिकेशन से Essential Commodities Act के तहत IS 1571 और IS 17081 मानकों के अनुरूप ब्लेंडेड फ्यूल को ATF में शामिल किया।
फायदे
यह कदम सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) को बढ़ावा देगा, प्रदूषण कम करेगा। पुराने रेफरेंस हटाए गए और जांच नियमों को Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita 2023 के अनुसार अपडेट किया गया। एयरलाइंस तुरंत नए फ्यूल इस्तेमाल कर सकेंगी।
इसका प्रभाव क्या होगा
हवाई किराए सस्ते हो सकते हैं, भारत SAF में वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ेगा। अभी ब्लेंडिंग वैकल्पिक है, लेकिन भविष्य में लक्ष्य तय हो सकते हैं।स्थानीय उत्पादन बढ़ावा: सिंथेटिक फ्यूल (जैसे एथेनॉल गन्ने, मक्के से) ब्लेंडिंग से महंगे आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता घटेगी। भारत ने इथेनॉल ब्लेंडिंग से पहले ही ₹1.63 लाख करोड़ विदेशी मुद्रा बचाई है।
एयरलाइंस का खर्च कम: ATF कुल परिचालन लागत का 40% है। सस्ता ब्लेंडेड फ्यूल इस्तेमाल से एयरलाइंस को राहत मिलेगी, जो किराए पर पास कर सकती हैं।
VAT और अन्य राहत: केंद्र-राज्य मिलकर ATF पर VAT घटाने पर विचार कर रहे हैं, जो सीधे टिकट सस्ता करेगा।
एयरलाइंस का खर्च कम करने ATF में सिंथेटिक फ्यूल ब्लेंडिंग को मंजूरी


