चकरदा में भक्ति, संस्कृति और एकता का अद्भुत संगम
सरायपाली। सरायपाली विधानसभा क्षेत्र के ग्राम चकरदा में आयोजित श्री राधा-कृष्ण एवं माँ शाकम्भरी मंदिर स्थापना वर्ष महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर आत्मिक शांति और सौभाग्य की अनुभूति की।
कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित अष्टप्रहरी श्रीमद्भागवत कथा के दिव्य श्रवण से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। कथा के माध्यम से उपस्थित जनसमूह को धर्म, सत्कर्म और सकारात्मक जीवन मूल्यों का संदेश प्राप्त हुआ।
मुख्य अतिथि प्रमोद सागर (जिलाध्यक्ष, अजा मोर्चा, महासमुंद) ने अपने उद्बोधन में कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि श्री राधा-कृष्ण की भक्ति प्रेम, समर्पण और सद्भाव का मार्ग दिखाती है, वहीं माँ शाकम्भरी का आशीर्वाद हमें प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाते हुए संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा देता है। उन्होंने अष्टप्रहरी श्रीमद्भागवत कथा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे आध्यात्मिक उन्नति का सशक्त माध्यम बताया।
कार्यक्रम के दौरान सभी अतिथियों एवं श्रद्धालुओं ने ईश्वर से ग्राम चकरदा और क्षेत्र में शांति, समृद्धि एवं आपसी सौहार्द बनाए रखने की कामना की। यह मंदिर केवल पूजा-अर्चना का केंद्र नहीं, बल्कि ग्राम की आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता का प्रतीक बनकर उभर रहा है।
इस अवसर पर शिव पटेल (जनपद सदस्य प्रतिनिधि), सुरोती लकड़ा (महामंत्री, भाजपा मंडल केदुवां), कौशल्या नेपाल सिदार (सरपंच, ग्राम पंचायत चकरदा) सहित अजित पटेल, मोहन पटेल, रोहित वैष्णव, दिलीप पटेल, तुलाराम पटेल, दामोदर चौहान, सुदर्शन साहू, बसंत एवं रामकुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन मालिकराम पटेल ने किया
ग्राम चकरदा में श्री राधा-कृष्ण एवं माँ शाकम्भरी मंदिर स्थापना वर्ष महोत्सव श्रद्धा व उत्साह के साथ संपन्न हुआ। अष्टप्रहरी श्रीमद्भागवत कथा के आयोजन से वातावरण भक्तिमय रहा। मुख्य अतिथि प्रमोद सागर ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में एकता और सद्भाव को बढ़ावा देते हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
अगर चाहें तो मैं इसके लिए हेडलाइन के 3-4 और दमदार विकल्प या फोटो के लिए सही कैप्शन भी तैयार कर सकता हूँ 👍


