कवर्धा/26/04/2026 संवाददाता/पवन तिवारी की रिपोर्ट
कबीरधाम जिले में चना खरीदी को लेकर किसानों का सब्र का बांध अब टूटता नजर आ रहा है। भारतीय किसान संघ और समृद्ध छत्तीसगढ़ किसान संघ ने संयुक्त रूप से जिले के विभिन्न चना खरीदी केंद्रों—पोड़ी, खड़ौदा, सिल्हाटी, तरेगांव, महली, पडरिया, दशरगपुर, पिपरिया, मरका और झलमला का जमीनी निरीक्षण किया।
क्या है मामला?
निरीक्षण के दौरान किसानों की नाराजगी का बड़ा कारण सामने आया है—मेपिंग डेटा में नाम गायब होना!महली सोसाइटी में तो स्थिति और भी गंभीर दिखी, जहाँ बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज लेकर खड़े रहे, लेकिन सूची में नाम न होने के कारण उनकी खरीदी नहीं हो सकी।
शासन की कार्यप्रणाली पर किसान संघ की दो टूक:
मौके पर मौजूद किसान प्रतिनिधियों ने शासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि पंजीकृत किसानों का चना खरीदना सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है, जिसे पूरा करने में जानबूझकर देरी की जा रही है।
किसानों ने भारी हुंकार लगाते कहा कि”यदि समय रहते सूची में नाम नहीं जुड़े और खरीदी प्रक्रिया सुचारू नहीं हुई, तो जिले के किसान सड़कों पर उतरने और निर्णायक आंदोलन करने को मजबूर होंगे।”
संगठनों ने अधिकारियों को अल्टीमेटम
किसान संगठनों ने तत्काल प्रभाव से संबंधित अधिकारियों को व्यवस्था दुरुस्त करने और किसानों को हो रही असुविधा को खत्म करने के निर्देश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान “किसान शक्ति जागेगी, सारी समस्या भागेगी!” के नारों से खरीदी केंद्र गूंज उठे।
अब देखने वाली बात यह है कि क्या शासन-प्रशासन किसानों की इस चेतावनी को गंभीरता से लेता है या फिर अन्नदाता को एक बार फिर अपनी फसल के लिए संघर्ष करना पड़ेगा।
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