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Sunday, November 1, 2026
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शहीद कर्मा पार्क: शहीद महेंद्र कर्मा जी के सम्मान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा!

पूर्व सांसद प्रतिनिधि/पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राजू रेड्डी की दो टूक

किरंदुल | 03 जून 2026 | रिपोर्ट: रवि सरकार

किरंदुल की जनता आज पूछ रही है — क्या शहीदों का सम्मान भी अब राजनीति की भेंट चढ़ेगा? बस्तर के बस्तर टाइगर, दंतेवाड़ा के जन-जन के नेता, स्वर्गीय शहीद महेंद्र कर्मा जी की स्मृति में कांग्रेस शासनकाल में जिस पार्क की परिकल्पना हुई, जिसका शिलान्यास, निर्माण और उद्घाटन उनके नाम से हुआ, जिसकी निधि उनके नाम से स्वीकृत हुई — आज उसी शहीद महेंद्र कर्मा पार्क से खुद शहीद महेंद्र कर्मा जी को ही गायब किया जा रहा है!

यह खबर नहीं, सीधा-सीधा शहीद के बलिदान का अपमान है! पार्क बन गया, नाम बदलने की साजिश रची जा रही है, लेकिन शहीद महेंद्र कर्मा जी की प्रतिमा आज तक नहीं लगी। बिना प्रतिमा स्थापित किए ही पार्क में फेरबदल किए जा रहे हैं। यह बस्तर की भावनाओं पर चोट है, दंतेवाड़ा की जनता के जज्बातों से धोखा है।

हम साफ कह देना चाहते हैं — हमें चेंदरू राम मंडावी जी से कोई आपत्ति नहीं। वे आदिवासी अस्मिता के प्रतीक हैं, बस्तर की शान हैं, उनका सम्मान हमारा धर्म है। लेकिन एक महापुरुष को सम्मान देने के नाम पर दूसरे महापुरुष की स्मृति मिटाई जाए, यह बस्तर बर्दाश्त नहीं करेगा। अगर शहीद महेंद्र कर्मा पार्क में चेंदरू राम मंडावी जी की प्रतिमा लगती है, तो उसी गरिमा के साथ, उसी परिसर में, शहीद महेंद्र कर्मा जी की प्रतिमा भी लगनी ही चाहिए।

शासन-प्रशासन सुन ले — शहीद महेंद्र कर्मा जी की प्रतिमा तत्काल स्थापित करो। पार्क का मूल नाम ‘शहीद महेंद्र कर्मा पार्क’ है और वही रहेगा। इसमें छेड़छाड़ हुई तो समझ लो बस्तर की धरती गवाह बनेगी जनाक्रोश की।

भाजपा सरकार कान खोलकर सुन ले — महापुरुष और शहीद वोटबैंक नहीं होते। उनका सम्मान नफे-नुकसान देखकर नहीं किया जाता। अगर शहीद महेंद्र कर्मा जी के सम्मान से खिलवाड़ हुआ, तो दंतेवाड़ा से लेकर पूरे बस्तर संभाग तक सड़कों पर जनता उतरेगी। हम लोकतांत्रिक तरीके से सड़क से सदन तक लड़ेंगे। अपने शहीदों का सम्मान बचाना हमें आता है।

याद रखो — शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशां होगा।राजू रेड्डी
पूर्व सांसद प्रतिनिधि, पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष, किरंदुल



नगर पालिका मनमानी – किरंदुल नगर पालिका में टेंडर प्रक्रिया पर गंभीर आरोप, स्थानीय ठेकेदारों ने कहा पक्षपात रवैया

किरंदुल / 03 जून 2026/रिपोर्ट: रवि सरकार

किरंदुल नगर पालिका परिषद की निविदा प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, स्थानीय ठेकेदारों ने आरोप लगाया है कि नगर पालिका में पारदर्शिता के बजाय मनमानी का माहौल बन गया है और नियमों की अनदेखी कर कुछ चुनिंदा लोगों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।


स्थानीय ठेकेदारों के अनुसार हाल ही में मेंटेनेंस एवं अन्य निर्माण कार्यों के लिए जारी निविदा में कई स्थानीय ठेकेदारों ने भाग लिया था, लेकिन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अचानक कुछ टेंडरों को तकनीकी खामियों का हवाला देते हुए निरस्त कर दिया गया, उनका कहना है कि निविदा दस्तावेजों में दर भरने को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं दिए गए थे जिसके कारण बाद में उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया।

ठेकेदारों ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित इंजीनियर द्वारा कई महत्वपूर्ण निर्णय बिना किसी पूर्व सूचना के लिए गए और कुछ मामलों में टेंडर खोलने की सूचना तक स्थानीय ठेकेदारों को नहीं दी गई, जबकि बाहरी ठेकेदारों की उपस्थिति में पूरी प्रक्रिया संपन्न कर ली गई।

उनका कहना है कि यदि निविदा में निर्धारित दरों या नियमों को लेकर कोई विशेष प्रावधान था तो उसकी जानकारी पहले ही सभी प्रतिभागियों को दी जानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं करने से संदेह पैदा हो रहा है कि पूरी प्रक्रिया कुछ विशेष लोगों के हित में संचालित की जा रही है। आरोप यह भी हैं कि पिछले कुछ समय से नगर पालिका की अधिकांश निविदाओं में रायपुर और बाहरी क्षेत्रों से जुड़े ठेकेदारों की भागीदारी और चयन अधिक देखने को मिल रहा है, जबकि वर्षों से स्थानीय स्तर पर कार्य कर रहे ठेकेदारों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है जिससे स्थानीय व्यापार और रोजगार पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

इस पूरे मामले ने सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या नगर पालिका की निविदा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है, क्या सभी ठेकेदारों को समान अवसर दिया जा रहा है और क्या स्थानीय ठेकेदारों के हितों की अनदेखी की जा रही है। स्थानीय ठेकेदारों और नागरिकों ने जिला प्रशासन, नगर पालिका अध्यक्ष एवं संबंधित उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है और कहा है कि यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में सरकारी कार्यों और निविदा प्रक्रियाओं में जनता का विश्वास बना रहे।

किरंदुल जैसे औद्योगिक नगर में विकास कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता अत्यंत महत्वपूर्ण है, ऐसे में आवश्यक है कि प्रशासन इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कराए और सच्चाई को सार्वजनिक करे ताकि किसी भी प्रकार की भ्रांति और विवाद की स्थिति समाप्त हो सके।

अमेरिका-ईरान तनाव फिर बढ़ा — कुवैत और बहरीन पर मिसाइल हमले

डिजटल न्यूज डेस्क 03 जून 2026

अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर आ गया है। आज ईरान ने कुवैत और बहरीन पर मिसाइलें और ड्रोन दागे। जवाब में अमेरिका ने ईरान के केशम द्वीप पर हमला किया।

यह युद्ध 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजराइल के हमलों से शुरू हुआ था। तब से अब तक हज़ारों लोग मारे जा चुके हैं और लाखों बेघर हो गए हैं। बीच-बीच में शांति वार्ता की कोशिशें होती रहती हैं लेकिन लड़ाई रुक नहीं रही।

भारत के लिए यह चिंता की बात इसलिए है क्योंकि मध्य-पूर्व में युद्ध जारी रहने से कच्चे तेल की कीमतें ऊपर चढ़ती हैं। इसका सीधा असर पेट्रोल और डीजल पर पड़ता है। डीजल महंगा होने से ट्रक और माल ढुलाई महंगी होती है, जिससे दाल, चावल, सब्ज़ी और रोज़मर्रा की घरेलू ज़रूरत की चीज़ें भी महंगी हो जाती हैं।
जिससे आम आदमी की थाली पर सीधा बोझ पड़ता है।

छत्तीसगढ़ में असर

छत्तीसगढ़ जैसे राज्य भी इससे अछूते नहीं रहेंगे। राज्य में खेती और परिवहन दोनों डीजल पर निर्भर हैं। फसल बोने से लेकर मंडी तक सामान पहुँचाने तक — हर कदम पर ईंधन की लागत जुड़ी है। अगर तेल महंगा हुआ तो किसान से लेकर शहर के दुकानदार तक सबको असर झेलना पड़ेगा।

यातायात प्रभावित

छत्तीसगढ़ में हालात और भी नाज़ुक हो सकते हैं। राज्य के बस और यातायात परिवहन संगठन पहले से ही डीजल की बढ़ती कीमतों से परेशान हैं और सरकार को अल्टीमेटम दे चुके हैं कि अगर राहत नहीं मिली तो हड़ताल की जाएगी। ऐसे में अगर अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में तेल और महंगा हुआ तो यह हड़ताल टलना मुश्किल हो जाएगी। हड़ताल हुई तो आम यात्री सबसे ज़्यादा परेशान होंगे और ज़रूरी सामान की आवाजाही भी प्रभावित होगी।

RBI की बड़ी बैठक शुरू — ब्याज दर पर फैसला 5 जून को

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डिजिटल न्यूज डेस्क – 03 जून 2026

आज से मुंबई में रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की तीन दिवसीय बैठक शुरू हो गई। यह बैठक 3 से 5 जून तक चलेगी और 5 जून की सुबह गवर्नर संजय मल्होत्रा फैसला सुनाएंगे।

करोड़ों होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन लेने वालों की नज़रें इस बैठक पर टिकी हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या EMI कम होगी? फिलहाल रेपो रेट 5.25% पर है।

ज़्यादातर विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार दर में कोई बदलाव नहीं होगा। मध्य-पूर्व में जारी युद्ध से तेल महंगा हो रहा है, रुपया कमज़ोर हो रहा है और महंगाई बढ़ने का डर है। इन सब कारणों से RBI सतर्क रुख अपना सकता है।

भारतीय रिज़र्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की तीन दिवसीय बैठक शुरू हो चुकी है और 5 जून को सुबह RBI गवर्नर ब्याज दरों पर अपना फैसला सुनाएंगे। अधिकांश बाज़ार विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं होगा और इसे मौजूदा स्तर पर ही स्थिर रखा जाएगा। बढ़ती महंगाई और वैश्विक अनिश्चितताओं के चलते ब्याज दरों में तुरंत कटौती की उम्मीद कम है और RBI इस बार सतर्क रुख अपना सकता है।

हालांकि कुछ जानकारों का यह भी कहना है कि अगर हालात बिगड़े तो साल के अंत में दिसंबर में दरें बढ़ाई जा सकती हैं। फिलहाल सभी को 5 जून के फैसले का इंतजार है।//खबर मीडिया सूत्रों पर//

मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के नाम पर सहमति की चर्चा: कर्नाटक में शपथ ग्रहण की तैयारी

बेगलुरु 03 जून 2026

कर्नाटक की राजनीति में बड़े बदलाव की अटकलों के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डी.के. शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने की चर्चाएं तेज हैं। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, पार्टी नेतृत्व उनके नाम पर सहमति बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।

सूत्रों का दावा है कि यदि नेतृत्व की मुहर लगती है तो डी.के. शिवकुमार राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाल सकते हैं। वर्तमान राजनीतिक घटनाक्रम के बीच कांग्रेस विधायक दल में भी उनके नाम को लेकर सकारात्मक माहौल बताया जा रहा है।

डी.के. शिवकुमार लंबे समय से कर्नाटक कांग्रेस के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं। संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति तैयार करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। राज्य में उनकी मजबूत राजनीतिक पकड़ और कार्यकर्ताओं के बीच लोकप्रियता को उनकी बड़ी ताकत माना जाता है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, शिवकुमार ने कई चुनावी मुकाबलों में जनता दल (सेक्युलर) के प्रमुख नेताओं को चुनौती दी है और कई अवसरों पर उल्लेखनीय सफलता भी हासिल की है। उन्हें कांग्रेस का कुशल रणनीतिकार माना जाता है।

यदि पार्टी नेतृत्व उनके नाम पर अंतिम निर्णय लेता है, तो उनके सामने राज्य की विकास योजनाओं को गति देने, संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।

(यह खबर राजनीतिक सूत्रों और चल रही चर्चाओं पर आधारित है। आधिकारिक घोषणा अथवा पुष्टि के बाद स्थिति में परिवर्तन संभव है।)

पुलिस ने लिया नशे के खिलाफ बड़ा एक्शन:जमीन खोदकर निकाली अवैध शराब और गांजा

कवर्धा – 03 जून 2026

कबीरधाम जिले के कवर्धा स्थित देवारपारा इलाके में पुलिस ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। करीब 100 जवानों की टीम ने इलाके में दबिश दी और नशे के कारोबारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाया।

अनोखा तरीके का इस्तेमाल

पुलिस को पहले से सूचना थी कि इस इलाके में अवैध शराब और गांजे का कारोबार चल रहा है। नशे के सौदागरों ने पुलिस से बचने के लिए एक अनोखा तरीका अपनाया था — उन्होंने अवैध सामग्री जमीन के अंदर दबाकर छिपा रखी थी।

जेसीबी का सहारा

लेकिन पुलिस की यह चालाकी काम नहीं आने दी। टीम ने मौके पर जेसीबी मशीन मंगाई और जमीन खुदवाई। खुदाई में बड़ी मात्रा में अवैध शराब और गांजा बरामद हुआ। सभी सामग्री जब्त कर ली गई है और आगे की कार्रवाई जारी है।मौके से अवैध शराब की बोतलें, गांजे की छोटी-छोटी पुड़ियां और अन्य नशीले पदार्थ जब्त किए गए है।


पुलिस की चेतावनी

पुलिस कप्तान ने अवैध नशे का कारोबार करने वालों को सख्त हिदायत दी है कि वे इन गतिविधियों से दूर रहें, अन्यथा उनके खिलाफ और भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी。

कबीरधाम जिले में नशे के खिलाफ यह अब तक की बड़ी कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है।

खेत को लेकर पुरानी रंजिश : विवाद में किसान की हत्या, पिता-पुत्र गिरफ्तार

बेमेतरा – 02 जून 2026

बेमेतरा जिले के नवागढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मुरकुटा में खेत की घेराबंदी और पुरानी रंजिश को लेकर हुए विवाद में एक व्यक्ति की हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या के आरोप में पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

पुलिस के अनुसार ग्राम मुरकुटा निवासी अमरकांत नवरंग ने थाना नवागढ़ में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनके पिता विद्यासागर नवरंग (57 वर्ष) का पड़ोसी खेत मालिक गेंदलाल नवरंग और उसके परिवार के साथ लंबे समय से खेत की सीमा, पानी निकासी तथा कांटेदार तार की घेराबंदी को लेकर विवाद चल रहा था।

बताया गया कि सोमवार सुबह करीब 6:30 बजे इसी रंजिश के चलते गेंदलाल नवरंग और उसके पुत्र शशीकांत उर्फ सुशील नवरंग ने विद्यासागर नवरंग पर डंडे से हमला कर दिया। सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही नवागढ़ पुलिस मौके पर पहुंची और एफएसएल टीम के सहयोग से घटनास्थल का निरीक्षण कर शव पंचनामा की कार्रवाई की। मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) एवं 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।

पुलिस पूछताछ में आरोपी गेंदलाल नवरंग ने बताया कि विद्यासागर नवरंग द्वारा खेत के चारों ओर कांटेदार तार लगाए जाने से उनके खेत तक आने-जाने में परेशानी हो रही थी। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच पुराना विवाद चला आ रहा था। घटना के दिन इसी रंजिश के चलते हमला किया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) रामकृष्ण साहू के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश कुमार यादव एवं एसडीओपी भूषण एक्का के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई। जांच के बाद पुलिस ने आरोपी गेंदलाल नवरंग (67 वर्ष) और उसके पुत्र शशीकांत उर्फ सुशील नवरंग (42 वर्ष) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

पुलिस ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है।

कार्रवाई : संदिग्ध उर्वरक एवं बिना लेबल वाले रासायनिक उत्पादों के कारोबार पर कृषि विभाग, पुलिस और छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना की संयुक्त कार्रवाई

आरंग/ रायपुर 02 जून 2026

कृषि उत्पादन के संदिग्ध होने की सूचना और किसानों से प्राप्त शिकायतों एवं छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर कृषि विभाग आरंग, आरंग पुलिस तथा छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के पदाधिकारियों और सेनानियों की उपस्थिति में ग्राम कलई (आरंग) स्थित एक गोदाम में संयुक्त जांच एवं छापामार कार्रवाई की गई।
प्रारंभिक जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई कि हरियाणा एवं उत्तर प्रदेश से आए कुछ व्यक्तियों द्वारा स्थानीय व्यक्ति के मकान को किराये पर लेकर गोदाम संचालित किया जा रहा था। जांच टीम को मिली जानकारी के अनुसार संबंधित लोग किसानों के घर-घर जाकर उर्वरक एवं कृषि उत्पादों के ऑर्डर लेते थे तथा बाद में घर पहुंच सेवा के माध्यम से बाहरी राज्यों से लाए गए उत्पादों की बिक्री करते थे।

कार्रवाई के दौरान गोदाम में बड़ी मात्रा में ऐसे कृषि उत्पाद पाए गए जिनमें से कुछ पर आवश्यक लेबलिंग, निर्माण संबंधी विवरण एवं नियमानुसार जानकारी अंकित नहीं थी। वहीं “बूस्टर” नाम से कुछ रासायनिक उत्पाद भी पाए गए, जिनकी वैधता एवं गुणवत्ता की जांच कृषि विभाग द्वारा की जा रही है।

संयुक्त जांच दल के मौके पर पहुंचने की सूचना मिलते ही संबंधित व्यक्ति स्थल से अनुपस्थित पाए गए। कृषि विभाग द्वारा गोदाम में उपलब्ध सामग्री, दस्तावेजों एवं उत्पादों के नमूनों की जांच की जा रही है। मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। वहीं आरंग पुलिस द्वारा संबंधित व्यक्तियों की पहचान एवं तलाश की जा रही है।

छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने किसानों से अपील की है कि वे किसी भी उर्वरक, कीटनाशक अथवा कृषि उत्पाद की खरीदारी से पहले उसके लेबल, निर्माण विवरण, लाइसेंस एवं विक्रेता की वैधता की जांच अवश्य करें। साथ ही किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि अथवा अवैध कारोबार की जानकारी तत्काल प्रशासन एवं संबंधित विभाग को दें, ताकि किसानों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।

विज्ञप्ति जारीकर्ता
छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना, आरंग
जिला रायपुर (छत्तीसगढ़)

भारत म्यांमार वार्ता: भारत-म्यांमार संबंधों को नई मजबूती, प्रधानमंत्री मोदी और म्यांमार के राष्ट्रपति के बीच हुई अहम बैठक

नई दिल्ली – 02 जून 2026

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग के साथ द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय सहयोग से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर महत्वपूर्ण चर्चा की। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत इस बात को सम्मान की दृष्टि से देखता है कि राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग ने राष्ट्रपति बनने के बाद अपने पहले विदेशी दौरे के लिए भारत को चुना।

प्रधानमंत्री ने यह भी प्रसन्नता व्यक्त की कि म्यांमार के राष्ट्रपति ने भारत यात्रा की शुरुआत बिहार स्थित पवित्र बौद्ध तीर्थस्थल महाबोधि मंदिर में भगवान बुद्ध का आशीर्वाद लेकर की। उन्होंने इसे दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों का प्रतीक बताया।

बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने भारत-म्यांमार संबंधों की व्यापक समीक्षा की तथा व्यापार, स्वास्थ्य सेवा, परिवहन संपर्क, क्षमता निर्माण, धरोहर संरक्षण और दुर्लभ पृथ्वी धातुओं (Rare Earth Elements) के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत बनाने के उपायों पर चर्चा की। दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि म्यांमार भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’, ‘एक्ट ईस्ट’ और भारत-प्रशांत नीति का एक महत्वपूर्ण साझेदार है। उन्होंने क्षेत्रीय स्थिरता, आर्थिक विकास और संपर्क बढ़ाने के लिए दोनों देशों के बीच सहयोग को और सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

बैठक के बाद प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि भारत और म्यांमार के बीच संबंध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों देशों के बीच बढ़ता सहयोग क्षेत्रीय विकास और आपसी हितों को नई दिशा देगा।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह उच्चस्तरीय वार्ता ऐसे समय में हुई है जब भारत अपनी ‘एक्ट ईस्ट’ नीति को और गति देने तथा दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों के साथ आर्थिक एवं रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रहा है। म्यांमार के राष्ट्रपति की यह यात्रा दोनों देशों के संबंधों को नई ऊर्जा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

खबरें कॉकरोच पार्टी: NEET विवाद के बीच फिर चर्चा में अभिजीत दिपके, 6 जून को भारत लौटकर प्रदर्शन की तैयारी

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नई दिल्ली – 02 जून 2026

ताजा-तरीन और ज्वलंत मुद्दा मेंडिकल प्रवेश परीक्षा NEET से जुड़े विवादों और शिक्षा व्यवस्था को लेकर चल रही बहस के बीच “कॉकरोच जनता पार्टी” के संस्थापक अभिजीत दिपके एक बार फिर चर्चा में हैं। सोशल मीडिया और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ऐसी खबरें सामने आ रही हैं कि दिपके 6 जून को भारत लौटने के बाद शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर प्रदर्शन कर सकते हैं।

हाल के दिनों में अभिजीत दिपके का नाम सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में रहा है। उनके समर्थक शिक्षा प्रणाली में सुधार, परीक्षा प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की बात कर रहे हैं। इसी बीच उनके भारत आगमन और संभावित आंदोलन को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।

हालांकि, प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर अब तक कोई आधिकारिक कार्यक्रम या विस्तृत जानकारी सार्वजनिक रूप से जारी नहीं की गई है। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर इस विषय को लेकर व्यापक चर्चा देखी जा रही है और कई छात्र समूह भी इस पर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

गौरतलब है कि NEET परीक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दे पिछले कुछ समय से राष्ट्रीय बहस का विषय बने हुए हैं। परीक्षा प्रक्रिया, मूल्यांकन प्रणाली और छात्रों के हितों से जुड़े सवालों को लेकर कई संगठनों और छात्र समूहों ने समय-समय पर अपनी आवाज उठाई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता को लेकर जनता की बढ़ती चिंता के कारण ऐसे मुद्दे लगातार चर्चा में बने हुए हैं। अभिजीत दिपके के संभावित कार्यक्रम को लेकर फिलहाल आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है, लेकिन सोशल मीडिया पर इसे लेकर उत्सुकता और बहस दोनों जारी हैं।

नोट: अभिजीत दिपके के 6 जून को भारत लौटने और प्रदर्शन करने संबंधी दावों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी उपलब्ध नहीं है। इसलिए इस संबंध में अंतिम जानकारी संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयान के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।खबर मीडिया सूत्रों पर है।