नई दिल्ली – 02 जून 2026
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग के साथ द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय सहयोग से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर महत्वपूर्ण चर्चा की। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत इस बात को सम्मान की दृष्टि से देखता है कि राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग ने राष्ट्रपति बनने के बाद अपने पहले विदेशी दौरे के लिए भारत को चुना।
प्रधानमंत्री ने यह भी प्रसन्नता व्यक्त की कि म्यांमार के राष्ट्रपति ने भारत यात्रा की शुरुआत बिहार स्थित पवित्र बौद्ध तीर्थस्थल महाबोधि मंदिर में भगवान बुद्ध का आशीर्वाद लेकर की। उन्होंने इसे दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों का प्रतीक बताया।
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने भारत-म्यांमार संबंधों की व्यापक समीक्षा की तथा व्यापार, स्वास्थ्य सेवा, परिवहन संपर्क, क्षमता निर्माण, धरोहर संरक्षण और दुर्लभ पृथ्वी धातुओं (Rare Earth Elements) के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत बनाने के उपायों पर चर्चा की। दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि म्यांमार भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’, ‘एक्ट ईस्ट’ और भारत-प्रशांत नीति का एक महत्वपूर्ण साझेदार है। उन्होंने क्षेत्रीय स्थिरता, आर्थिक विकास और संपर्क बढ़ाने के लिए दोनों देशों के बीच सहयोग को और सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
बैठक के बाद प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि भारत और म्यांमार के बीच संबंध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों देशों के बीच बढ़ता सहयोग क्षेत्रीय विकास और आपसी हितों को नई दिशा देगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह उच्चस्तरीय वार्ता ऐसे समय में हुई है जब भारत अपनी ‘एक्ट ईस्ट’ नीति को और गति देने तथा दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों के साथ आर्थिक एवं रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रहा है। म्यांमार के राष्ट्रपति की यह यात्रा दोनों देशों के संबंधों को नई ऊर्जा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।


