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Sunday, November 1, 2026
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राजनीतिक गर्मी से पश्चिम बंगाल में बढ़ा सियासी पारा, ममता बनर्जी ने गिरफ्तारी देने तक की जताई तैयारी

कोलकाता- 2 जून 2026

जब से 15 साल पुरानी टी एम सी सरकार गई है और भाजपा की नई सरकार आई है तब से राज्य में गरमा गर्मी का माहौल है। खबर सूत्रों पर चर्चा है कि पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ प्रस्तावित बड़े विरोध प्रदर्शन से पहले कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि यदि आवश्यकता पड़ी तो वह गिरफ्तारी देने के लिए भी तैयार हैं। उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।

ममता बनर्जी ने भाजपा पर लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने और विपक्षी दलों को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी जनता के हितों और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी। मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन में भाग लेने की अपील भी की।

तृणमूल कांग्रेस द्वारा आयोजित किए जाने वाले इस प्रदर्शन को राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी नेताओं का दावा है कि केंद्र सरकार की नीतियों और विभिन्न मुद्दों के विरोध में बड़ी संख्या में लोग इस आंदोलन में शामिल होंगे।

दूसरी ओर, भाजपा ने ममता बनर्जी के बयान को राजनीतिक नाटक करार देते हुए कहा है कि तृणमूल कांग्रेस जनता का ध्यान वास्तविक मुद्दों से भटकाने का प्रयास कर रही है। भाजपा नेताओं का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन कानून व्यवस्था बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावी चुनौतियों और बढ़ते राजनीतिक मुकाबले के बीच दोनों दलों के बीच टकराव और तीखा हो सकता है। ममता बनर्जी के गिरफ्तारी देने संबंधी बयान ने इस मुद्दे को और अधिक राजनीतिक महत्व दे दिया है।

पश्चिम बंगाल में प्रस्तावित प्रदर्शन और उस पर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाओं को देखते हुए आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति और अधिक गर्माने की संभावना जताई जा रही है।

सर्वोच्च न्यायालय में पांच नए न्यायाधीश, शपथ ग्रहण के बाद बढ़ी अदालत की कार्यक्षमता

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नई दिल्ली – 2 जून 2026

देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था, सुप्रीम कोर्ट को पांच नए न्यायाधीश मिल गए हैं। सोमवार को आयोजित एक समारोह में नव नियुक्त न्यायाधीशों ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। इन नियुक्तियों के साथ ही सुप्रीम Court अपनी स्वीकृत न्यायाधीश क्षमता के लगभग पूर्ण स्तर पर पहुंच गया है, जिससे लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

मुख्य न्यायाधीश द्वारा दिलाई गई शपथ के बाद नए न्यायाधीशों ने औपचारिक रूप से अपना कार्यभार संभाल लिया। लंबे समय से रिक्त पदों को भरने की मांग की जा रही थी, क्योंकि बढ़ते मामलों और न्यायिक कार्यभार के कारण अदालत पर दबाव बढ़ रहा था।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि न्यायाधीशों की संख्या बढ़ने से विभिन्न संवैधानिक, नागरिक और आपराधिक मामलों की सुनवाई अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगी। साथ ही महत्वपूर्ण मामलों के लिए अतिरिक्त पीठों के गठन का मार्ग भी प्रशस्त होगा।


सुप्रीम कोर्ट देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था होने के साथ-साथ संविधान की व्याख्या और मौलिक अधिकारों की रक्षा की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाता है। ऐसे में न्यायाधीशों के रिक्त पद भरने को न्यायिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


न्यायपालिका से जुड़े जानकारों का कहना है कि नई नियुक्तियों से लंबित मामलों के बोझ को कम करने और न्याय वितरण प्रणाली को अधिक सुचारु बनाने में सहायता मिलेगी। इसके अलावा, अदालत की कार्यक्षमता और निर्णय प्रक्रिया में भी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है।


गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या को लेकर समय-समय पर चिंता व्यक्त की जाती रही है। ऐसे में पांच नए न्यायाधीशों का शपथ ग्रहण न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

खबर अंतर्राष्ट्रीय: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर सहमति के करीब दोनों देश, आज से फिर शुरू होगी अहम वार्ता

नई दिल्ली – 2 जून 2026

भारत अमेरिका व्यापार समझौता पर भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में बड़ी प्रगति हुई है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि समझौते के अधिकांश हिस्सों पर दोनों देशों के बीच सहमति बन चुकी है और अब केवल कुछ अंतिम बिंदुओं पर चर्चा बाकी है।

मंत्री श्री गोयल के अनुसार, भारत और अमेरिका के मुख्य वार्ताकार 2 से 4 जून तक नई दिल्ली में बैठक कर शेष मुद्दों का समाधान करने का प्रयास करेंगे। उन्होंने संकेत दिया कि समझौते का पहला चरण जल्द ही अंतिम रूप ले सकता है।

पियूष गोयल ने कहा कि व्यापार समझौते में अमेरिका की टैरिफ नीति में हुए हालिया कानूनी बदलावों को भी शामिल किया जाएगा। दोनों देशों के बीच वार्ता का उद्देश्य व्यापार को आसान बनाना, बाजार तक पहुंच बढ़ाना और निवेश एवं आर्थिक सहयोग को नई गति देना है।

सूत्रों के अनुसार, अधिकांश प्रमुख मुद्दों पर सहमति बन चुकी है और अब बातचीत केवल तकनीकी एवं कानूनी विवरणों पर केंद्रित है। गोयल ने इसे “कॉमा और फुल स्टॉप” स्तर की चर्चा बताते हुए कहा कि समझौते के बड़े हिस्से लगभग तय हो चुके हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करेगा तथा भारतीय निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में बेहतर अवसर प्रदान कर सकता है। यदि वार्ता सफल रहती है तो आने वाले सप्ताहों में समझौते के पहले चरण की औपचारिक घोषणा संभव है।

महानदी में चल रहा था अवैध उत्खनन, उड़नदस्ता टीम ने 5 मशीनें पकड़ीं

रायपुर 1 जून 2026

अवैध रेत उत्खनन पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सख्त निर्देश पर प्रदेश में अवैध खनन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत धमतरी जिले में बड़ी कार्रवाई की गई है। खनिज विभाग की केंद्रीय उड़नदस्ता टीम और जिला स्तरीय अधिकारियों की संयुक्त कार्रवाई में महानदी से अवैध रेत उत्खनन में लगी पांच चैन माउंटेन मशीनों को जब्त कर सील किया गया।

जानकारी के अनुसार, 31 मई की रात केंद्रीय खनि उड़नदस्ता एवं जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने धमतरी जिले के विभिन्न क्षेत्रों में औचक निरीक्षण किया। इस दौरान ग्राम नारी स्थित महानदी में पांच चैन माउंटेन मशीनें रेत उत्खनन करती हुई पाई गईं। मौके पर मौजूद लोगों द्वारा खनन संबंधी कोई वैध अनुमति या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके।

खनिज विभाग ने मामले को अवैध उत्खनन मानते हुए खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 के तहत कार्रवाई की। सभी मशीनों को जब्त कर सील किया गया तथा संबंधित पक्षों को जवाब प्रस्तुत करने के लिए नोटिस जारी किया गया।

प्रदेश सरकार का कहना है कि अवैध खनन पर नियंत्रण के लिए तकनीक आधारित निगरानी, नियमित निरीक्षण और त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था लागू की गई है। इसी का परिणाम है कि प्रदेशभर में अवैध खनन गतिविधियों पर लगातार अंकुश लग रहा है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि खनिज संसाधनों के अवैध दोहन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों का असर दिखाते हुए खनिज विभा ग ने धमतरी में अवैध रेत खनन पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 5 चैन माउंटेन मशीनें जब्त की है।

किरंदुल समाचार: स्थानीय ठेकेदारों के साथ अन्याय बंद हो किरंदुल के हक़ में प्राथमिकता सुनिश्चित की जाए

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किरंदुल 01 जून 2026 (रवि सरकार) पत्रकार की कलम से

किरंदुल नगर में स्थानीय छोटे-बड़े ठेकेदारों की लगातार हो रही उपेक्षा और भेदभावपूर्ण रवैये को लेकर जनआक्रोश बढ़ता जा रहा है। नगर के विभिन्न सामाजिक, व्यावसायिक और ठेकेदार वर्गों ने मांग की है कि स्थानीय ठेकेदारों को विकास कार्यों में प्राथमिकता दी जाए तथा उनके अधिकारों की अनदेखी तत्काल बंद की जाए।

वक्ताओं ने कहा कि जिस क्षेत्र की भूमि, संसाधन और जनता के सहयोग से करोड़ों रुपये की परियोजनाएं संचालित हो रही हैं, उसी क्षेत्र के स्थानीय ठेकेदारों को कार्यों से वंचित रखना न्यायसंगत नहीं कहा जा सकता। बाहरी कंपनियां बड़े पैमाने पर काम कर रही हैं, लेकिन स्थानीय ठेकेदारों को पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहे हैं। इतना ही नहीं, बड़े ठेके प्राप्त करने वाली कई कंपनियां भी स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने के बजाय बाहरी व्यक्तियों और एजेंसियों को पेटी ठेके दे रही हैं।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब परियोजनाओं का प्रभाव सीधे किरंदुल और आसपास के क्षेत्रों पर पड़ता है, तब स्थानीय भागीदारी को नजरअंदाज क्यों किया जा रहा है? स्थानीय युवाओं, व्यवसायियों और ठेकेदारों को विकास प्रक्रिया का हिस्सा बनाना सामाजिक और आर्थिक न्याय की मूल भावना है।

स्थानीय प्रतिनिधियों का कहना है कि यह केवल रोजगार या व्यवसाय का मुद्दा नहीं, बल्कि स्थानीय सम्मान, भागीदारी और अधिकारों से जुड़ा विषय है। यदि प्रभावित क्षेत्र के लोगों को ही अवसरों से दूर रखा जाएगा, तो विकास का वास्तविक लाभ स्थानीय समाज तक नहीं पहुंच पाएगा।

स्थानीय मांग है की सभी निर्माण एवं विकास कार्यों में स्थानीय ठेकेदारों को प्राथमिकता देने के लिए स्पष्ट नीति बनाई जाए, कार्य आवंटन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए तथा स्थानीय हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।

चेतावनी देते हुए कहा गया कि यदि समय रहते इस विषय पर सकारात्मक पहल नहीं की गई और स्थानीय ठेकेदारों को न्यायोचित अवसर नहीं मिले, तो लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीकों से व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित कंपनियों और प्रशासन की होगी।

प्रमुख मांगें

  • स्थानीय ठेकेदारों को कार्य आवंटन में प्राथमिकता दी जाए।
  • बाहरी कंपनियों द्वारा स्थानीय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
  • पेटी ठेकों में स्थानीय लोगों को अवसर दिया जाए।
  • कार्य आवंटन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए।
  • स्थानीय हितों की अनदेखी और भेदभावपूर्ण रवैये पर रोक लगाई जाए।

“किरंदुल के संसाधनों पर पहला अधिकार किरंदुल के लोगों का है। विकास में स्थानीय भागीदारी सुनिश्चित करना ही वास्तविक सामाजिक न्याय है।”

सीएम कार्रवाई: जनता से बदसलूकी पर मुख्यमंत्री के सख्त तेवर, दुर्ग जनपद पंचायत के CEO निलंबित

सुशासन तिहार में शिकायत के बाद तत्काल कार्रवाई, सीएम साय का संदेश- जनता का सम्मान सर्वोपरि

रायपुर 1 जून 2026

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का छत्तीसगढ़ में सुशासन को लेकर सख्त रुख एक बार फिर सामने आया है। जनता से अशिष्ट व्यवहार और कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश पर दुर्ग जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) रूपेश कुमार पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

मामला सुशासन तिहार 2026 के तहत ग्राम थनौद में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर से जुड़ा है, जहां आम नागरिकों के साथ कथित अशिष्ट व्यवहार का वीडियो सामने आया था। शिकायत मुख्यमंत्री तक पहुंचने के बाद उन्होंने मामले में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।

दुर्ग संभागायुक्त द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि कलेक्टर दुर्ग के प्रतिवेदन और उपलब्ध वीडियो क्लिप के परीक्षण में प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि अधिकारी ने शासन के महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरती तथा आम लोगों के प्रति अनुचित व्यवहार किया। इस संबंध में जारी कारण बताओ नोटिस का जवाब भी संतोषजनक नहीं पाया गया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सुशासन केवल योजनाओं से नहीं, बल्कि जनता के प्रति संवेदनशील व्यवहार से स्थापित होता है। किसी भी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा आम नागरिकों के साथ दुर्व्यवहार अथवा अशिष्टता को किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

निलंबन आदेश में छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि प्रत्येक शासकीय सेवक के लिए सत्यनिष्ठा, कर्तव्यपरायणता और शिष्ट व्यवहार अनिवार्य है। लोकसेवक का आचरण जनता के विश्वास को मजबूत करने वाला होना चाहिए, न कि उसे आहत करने वाला।

सरकार की इस कार्रवाई को प्रशासनिक जवाबदेही और जनसम्मान के प्रति उसकी प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री का यह निर्णय स्पष्ट संकेत देता है कि जनता की शिकायतों को अब केवल सुना ही नहीं जाएगा, बल्कि दोषी पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई भी होगी।

“जनता सर्वोपरि है, और जनता के सम्मान से समझौता नहीं होगा”— मुख्यमंत्री के इस संदेश के साथ प्रदेश के प्रशासनिक अमले को भी कड़ा संकेत मिल गया है।

कमर्शियल और छोटू गैस की वैल्यू बढ़ी: जून की पहली तारीख और महंगाई का नया झटका

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न्यूज डेस्क 01 जून 2026

तेल कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। इसके साथ ही 5 किलो वाले लोकप्रिय “छोटू सिलेंडर” के दाम भी बढ़ गए हैं। जून की शुरुआत आम लोगों के लिए राहत नहीं, बल्कि महंगाई की एक और खबर लेकर आई है।

हालांकि घरेलू रसोई में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलो के सिलेंडर उपभोक्ताओं के लिए फिलहाल राहत की खबर है, क्योंकि उसके दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
होटल-ढाबों की बढ़ेगी लागत, जेब पर पड़ सकता है असर

कमर्शियल गैस सिलेंडर मुख्य रूप से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों, मिठाई दुकानों और कैटरिंग व्यवसाय में इस्तेमाल होता है। ऐसे में इसकी कीमत बढ़ने का असर सीधे आम लोगों तक पहुंच सकता है। बाहर खाना खाना, सुबह की चाय-नाश्ता, फास्ट फूड या शादी-ब्याह के आयोजनों का खर्च बढ़ने की संभावना है।

तेल कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम में 42 से 53.50 रुपये तक की बढ़ोतरी की है। नई दरों के अनुसार दिल्ली में यह सिलेंडर अब 3113.50 रुपये, मुंबई में 3067.50 रुपये, कोलकाता में 3255.50 रुपये और चेन्नई में 3283 रुपये का हो गया है।

“छोटू सिलेंडर” भी महंगा
पढ़ाई या नौकरी के लिए घर से दूर रहने वाले छात्र, मजदूर और छोटे दुकानदार जिस 5 किलो वाले एफटीएल सिलेंडर पर भरोसा करते हैं, वह भी अब महंगा हो गया है। लोगों के बीच “छोटू सिलेंडर” के नाम से लोकप्रिय इस सिलेंडर की कीमत में 11 रुपये का इजाफा किया गया है। अब इसके लिए 821.50 रुपये चुकाने होंगे, जबकि पहले इसकी कीमत 810.50 रुपये थी।

घरेलू उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत
महंगाई के इस दौर में एक राहत भरी खबर यह है कि घरेलू रसोई में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलो के एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी घर का बजट फिलहाल गैस के मोर्चे पर प्रभावित नहीं होगा।

कुल मिलाकर जून की शुरुआत व्यापारियों और बाहर खाने-पीने के शौकीनों के लिए थोड़ी महंगी साबित हो सकती है। आने वाले दिनों में बाजार में खाद्य पदार्थों और सेवाओं की कीमतों पर इसका असर देखने को मिल सकता है।

आईपीएल क्रिकेट में कोहली का दबंग वार, गुजरात बेकरार… RCB ने रचा इतिहास, लगातार दूसरी बार बनी IPL चैंपियन

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न्यूज डेस्क – 01 जून 2026

आईपीएल फाइनल मैच दर्शकों से खचाखच भरे अहमदाबाद नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रविवार रात क्रिकेट का ऐसा रोमांच देखने को मिला, जिसे आईपीएल प्रशंसक लंबे समय तक याद रखेंगे। दबाव, ड्रामा, विकेटों की बारिश और फिर विराट कोहली का विराट अवतार… इन सबके बीच रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने गुजरात टाइटंस को 5 विकेट से हराकर लगातार दूसरी बार आईपीएल का ताज अपने नाम कर लिया।

156 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी RCB ने तूफानी शुरुआत की। वेंकटेश अय्यर ने सिर्फ 16 गेंदों में 32 रन ठोककर माहौल बना दिया, लेकिन उनके आउट होते ही गुजरात ने वापसी की कोशिश की। देवदत्त पडिक्कल एक रन बनाकर लौट गए और फिर कप्तान रजत पाटीदार भी ज्यादा देर नहीं टिक सके।

मैच का सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब राशिद खान ने एक ही ओवर में रजत पाटीदार और क्रुणाल पंड्या को पवेलियन भेज दिया। 89 रन पर चार विकेट गिरते ही गुजरात के खेमे में उम्मीद की लहर दौड़ गई और मुकाबला पूरी तरह रोमांचक बन गया।

लेकिन दूसरी ओर एक बल्लेबाज चट्टान की तरह डटा रहा—विराट कोहली। जब टीम को सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब कोहली ने अपना अनुभव दिखाया। उन्होंने महज 25 गेंदों में अर्धशतक जड़ दिया, जो उनके आईपीएल करियर की सबसे तेज फिफ्टी मानी जा रही है।

हर चौके और छक्के के साथ स्टेडियम में “कोहली-कोहली” के नारे गूंजते रहे।

टिम डेविड के आउट होने के बाद भी दबाव बढ़ा, लेकिन विराट ने जितेश शर्मा के साथ मिलकर जीत की पटकथा पूरी कर दी। दोनों बल्लेबाज टीम को लक्ष्य तक पहुंचाकर ही मैदान से लौटे और RCB के डगआउट में जश्न का विस्फोट हो गया।

इससे पहले गुजरात टाइटंस को 155 रन पर रोकने में RCB के गेंदबाजों ने निर्णायक भूमिका निभाई। रसिख सलाम ने तीन विकेट झटके, जबकि जोश हेजलवुड और भुवनेश्वर कुमार ने दो-दो सफलताएं हासिल कीं। हार्ड लेंथ और शरीर की तरफ उठती गेंदों की रणनीति ने गुजरात के बल्लेबाजों को पूरी तरह बांध दिया।

फाइनल में RCB ने सिर्फ मैच नहीं जीता, बल्कि यह साबित कर दिया कि अब वह आईपीएल की नई बादशाह टीम बन चुकी है। और इस जीत के केंद्र में एक बार फिर वही नाम रहा—विराट कोहली, जिसने बड़े मंच पर बड़ा खिलाड़ी होने का सबूत फिर दे दिया।

मोदी मन की बात:अब दुनिया से लौटती भारतीय धरोहर, प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ का भी बढ़ाया मान

मन की बात में गूंजी मल्हार की विरासत और जशपुर के युवा की उड़ान, वैश्विक भारत के केंद्र में दिखा छत्तीसगढ़

न्यूज डेस्क 01 जून 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम मन की बात के 134वें एपिसोड में इस बार सिर्फ देश की उपलब्धियों की चर्चा नहीं हुई, बल्कि दुनिया के सामने उभरते भारत की तस्वीर भी दिखाई दी। खास बात यह रही कि इस राष्ट्रीय और वैश्विक दृष्टिकोण के केंद्र में छत्तीसगढ़ भी मजबूती से मौजूद रहा।

प्रधानमंत्री ने नीदरलैंड्स यात्रा का उल्लेख करते हुए बताया कि वहां चोल काल की प्राचीन ताम्र पट्टिकाएं भारत को वापस सौंपी गईं। यह केवल सांस्कृतिक धरोहर की वापसी नहीं, बल्कि विश्व मंच पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा का प्रतीक था। इसी संदर्भ में उन्होंने ज्ञान भारतम् अभियान का उल्लेख करते हुए छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक नगर मल्हार में मिली तीन दुर्लभ ताम्र पट्टिकाओं का जिक्र किया।

यह उल्लेख इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि मल्हार की यह खोज पांडुवंशी शासनकाल और महर्षि बालार्जुन के दौर की ऐतिहासिक विरासत से जुड़ी हुई है। एक तरफ भारत अपनी खोई हुई धरोहरों को विदेशों से वापस ला रहा है, तो दूसरी ओर छत्तीसगढ़ की धरती अपने भीतर छिपे इतिहास के नए अध्याय दुनिया के सामने खोल रही है।

प्रधानमंत्री मोदी ने केवल अतीत की विरासत की बात नहीं की, बल्कि भविष्य की संभावनाओं को भी रेखांकित किया। जशपुर जिले के छोटे से गांव घुइटांगर से निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाने वाले युवा धावक अनिमेष कुजूर का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती। सीमित परिस्थितियों से निकलकर वैश्विक पहचान बनाने की यह कहानी आज के युवा भारत की नई तस्वीर प्रस्तुत करती है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जब देश का सर्वोच्च नेतृत्व किसी राज्य की प्रतिभा और सांस्कृतिक धरोहर का उल्लेख करता है, तब वह केवल व्यक्तियों या स्थलों का सम्मान नहीं होता, बल्कि पूरे प्रदेश की पहचान को राष्ट्रीय गौरव से जोड़ने का अवसर बन जाता है।

दरअसल, इस बार की मन की बात ने एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है—छत्तीसगढ़ अब केवल खनिज संपदा या वनांचल की पहचान तक सीमित नहीं है। यह प्रदेश इतिहास, संस्कृति, खेल प्रतिभा और नई संभावनाओं के माध्यम से राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक विमर्श में भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है।

मल्हार की मिट्टी से निकली धरोहर हो या जशपुर के युवा की दौड़, दोनों यह संकेत दे रहे हैं कि छत्तीसगढ़ की कहानी अब स्थानीय सीमाओं से निकलकर विश्व पटल तक पहुंच रही है।

जयंती समारोह :लोकमाता अहिल्याबाई होलकर का जीवन सुशासन और जनसेवा को समर्पित : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

कवर्धा/कबीरधाम 31 मई 2026 (पवन तिवारी)

राज्य के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ग्राम राम्हेपुर में आयोजित लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की 301वीं जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के तैलीय चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर विधिवत पूजा-अर्चना की और उनके लोककल्याणकारी कार्यों को याद किया।

कार्यक्रम में पाल-गडरिया समाज के पदाधिकारियों सहित प्रदेश अध्यक्ष चंद्रपाल धनकर, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विदेशी राम धुर्वे, जिलाध्यक्ष भाईराम पाली, मिलू साहू एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

समारोह को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होलकर भारतीय इतिहास की एक ऐसी महान विभूति थीं, जिन्होंने अपने न्यायपूर्ण शासन, जनसेवा और धर्म-संस्कृति के संरक्षण के लिए उल्लेखनीय कार्य किए। उन्होंने न केवल मालवा क्षेत्र को समृद्ध बनाया, बल्कि देशभर में मंदिरों, घाटों और धर्मशालाओं का निर्माण कराकर भारतीय आस्था को सशक्त आधार दिया।

श्री शर्मा ने आगे कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी लोकमाता अहिल्याबाई ने धैर्य, दूरदर्शिता और अद्भुत नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया, जो आज महिला सशक्तिकरण और सुशासन का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने अपने शासनकाल में न्याय, समानता एवं लोककल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।

उन्होंने कहा उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं और इन्हीं आदर्शों पर चलते हुए प्रदेश सरकार भी सामाजिक समरसता, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।