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आधुनिक जिंदगी और फिटनेस को लेकर गंभीर नहीं हैं!?शरीर के लिए हर छोटा कदम मायने रखता है

लाइफ-स्टाइल -17 जुलाई 2026

जब जिंदगी में बहुत कुछ पाना है तो शरीर को मजबूत रखना भी जरूरी है ।भागदौड़ भरी जिंदगी और अस्त-व्यस्त लाइफस्टाइल के इस दौर में शरीर को फिट रखना पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गया है। तन अच्छा हो तो मन और धन, दोनों का आनंद कुछ और ही होता है — यह बात सेहत विशेषज्ञ लंबे समय से कहते आए हैं।

छोटे फैसले, बड़ा असर
फिटनेस एक्सपर्ट्स के मुताबिक असली बदलाव किसी एक बड़े पल में नहीं आता, बल्कि यह हर दिन लिए गए छोटे-छोटे फैसलों में छिपा होता है। वो सैर जिसे टालने का मन हो लेकिन फिर भी की जाए, वो वर्कआउट जिसे थकान के बावजूद पूरा किया जाए, खाने में लिया गया पौष्टिक विकल्प, और नींद के साथ न किया गया कोई समझौता — ये सभी आदतें मिलकर एक मजबूत, ऊर्जावान और आत्मविश्वासी शरीर गढ़ती हैं।

शरीर हर कोशिश का हिसाब रखता है
भले ही नतीजे तुरंत दिखाई न दें, पर शरीर हर मेहनत का हिसाब रखता है। हर वर्कआउट, हर सेहतमंद निवाला, चलते हुए उठाया गया हर अतिरिक्त कदम और नींद का हर घंटा — कुछ भी बेकार नहीं जाता। यही वजह है कि एक्सपर्ट्स धैर्य बनाए रखने और निरंतरता पर जोर देते हैं, क्योंकि फिटनेस का सफर रातों-रात नहीं बल्कि रोजाना की मेहनत से तय होता है।

शुरुआत के लिए आसान टिप्स
रोज कम से कम 30 मिनट टहलना या हल्की एक्सरसाइज करना
खाने में तला-भुना कम, हरी सब्जियां और प्रोटीन ज्यादा शामिल करना।
रोज 7-8 घंटे की नींद को प्राथमिकता देना।पानी पर्याप्त मात्रा में पीना।
हफ्ते में कम से कम 3-4 दिन किसी न किसी रूप में
फिजिकल एक्टिविटी करना।

विशेषज्ञों का मानना है कि फिटनेस कोई मंजिल नहीं बल्कि एक निरंतर चलने वाली आदत है। जो लोग आज छोटे-छोटे सेहतमंद फैसले ले रहे हैं, आने वाला कल उन्हें इसका फायदा जरूर देगा।

साजा में चाय दुकान संचालक और बीच-बचाव करने आए युवक पर लोहे की रॉड से प्राणघातक हमला

बेमेतरा/छत्तीसगढ़ 16 जुलाई 2026

छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिला अंतर्गत साजा थाना क्षेत्र में ‘पुलिस की मुखबिरी’ के शक में एक सनसनीखेज हमले का मामला सामने आया है।

क्या है पूरा मामला?
जिला बेमेतरा/ साजा के वार्ड नंबर 13 के रहने वाले 56 वर्षीय शेष नारायण ढीमर पर एक युवक ने जानलेवा हमला कर दिया। इस घटना में बीच-बचाव करने आए एक अन्य युवक को भी गंभीर चोटें आई हैं।

पीड़ित शेष नारायण ढीमर ने पुलिस को बताया कि 14 जुलाई 2026 की दोपहर करीब 12:00 बजे वे अपनी चाय दुकान के बाहर कुर्सी पर बैठकर अखबार पढ़ रहे थे। इसी दौरान वार्ड का ही यासीफ खान उर्फ भोला वहाँ आया और चाय मांगी। शेष नारायण उसे चाय देकर दोबारा अखबार पढ़ने लगे।

तभी दोपहर करीब 12:10 बजे सोनू निर्मलकर नाम का युवक हाथ में लोहे की रॉड और चाकू लेकर वहाँ आ धमका। उसने शेष नारायण पर पुलिस की मुखबिरी करने का आरोप लगाते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी।

इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, सोनू ने जान से मारने की नीयत से लोहे की रॉड से शेष नारायण के सिर पर हमला कर दिया, जिससे उनका सिर फट गया और खून बहने लगा।

बीच-बचाव करने आए युवक पर भी वार
चाय दुकान पर मौजूद यासीफ खान ने जब बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो आरोपी सोनू निर्मलकर ने उसे भी नहीं बख्शा। उसने यासीफ को गाली देते हुए उसी भारी रॉड से उसके सिर के पिछले हिस्से पर जोरदार वार कर दिया, जिससे वह भी लहूलुहान हो गया।

घटना से घबराए पीड़ितों ने जब शोर मचाया, तो आरोपी सोनू निर्मलकर हाथ में चाकू लहराते हुए मौके से फरार हो गया था।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की शिकायत के बाद साजा पुलिस ने आरोपी सोनू निर्मलकर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की मामले में दर्ज धाराएं: धारा 296, 351(3), 115(2), 109 (1) BNS एवं 25, 27 आर्म्स एक्ट।

वरिष्ठ अधिकारियों का निर्देश:
घटना की गंभीरता को देखते हुए बेमेतरा पुलिस अधीक्षक (SP) त्रिलोक बंसल (IPS) ने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश यादव और एसडीओपी बेरला विनय कुमार के मार्गदर्शन में साजा थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।

प्रकरण में विवेचना के दौरान आरोपी सोनू ऊर्फ सुरेश निर्मलकर को हिरासत में लेकर पुछताछ करने पर अपना अपराध स्वीकार किया। घटना में प्रयुक्त लोहे का राड, धारदार वस्तु एवं अन्य साक्ष्य जप्त किया गया।

प्रकरण में आरोपी सोनू ऊर्फ सुरेश निर्मलकर पिता बाबूलाल निर्मलकर उम्र 24 वर्ष, निवासी वार्ड नं. 13 साजा थाना साजा जिला बेमेतरा को दिनांक 14 जुलाई 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

25 जुलाई को छत्तीसगढ़ की पंचायतों में गूंजेगा जल संरक्षण का शंखनाद


बेमेतरा/छत्तीसगढ़-16 जुलाई 2026

गुणवत्ता और पारदर्शिता पर रहेगा मुख्य जोर
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंची जिला पंचायत बेमेतरा की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) श्रीमती प्रेमलता पद्माकर ने सरपंचों को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी सरकारी योजना की सफलता उसके जमीनी क्रियान्वयन और पारदर्शिता पर टिकी होती है।

उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे ग्रामीणों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करें, ताकि गांवों में टिकाऊ और गुणवत्तापूर्ण परिसंपत्तियों का निर्माण हो सके।

उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक पंचायत अमला, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मिलकर काम नहीं करेंगे, तब तक विकास की गति अधूरी रहेगी।

ग्रामीण विकास और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बेमेतरा जिले ने एक बड़ी पहल की है। जनपद पंचायत नवागढ़ में विकासखंड के सभी ग्राम पंचायतों के सरपंचों के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य ‘विकसित भारत जी राम जी’ योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ आगामी 25 जुलाई को होने वाले ‘जल संरक्षण महाअभियान’ को जमीनी स्तर पर एक जन-आंदोलन का रूप देना है।

हर घर ‘सोक पिट’: गिरते भू-जल स्तर को थामने की अनूठी मुहिम

मंच से मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने आगामी 25 जुलाई को पूरे जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत में व्यापक स्तर पर जल संरक्षण अभियान चलाने का आह्वान किया। उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिए कि इस मानसून सीजन में हर घर में सोक पिट (Soak Pit) के निर्माण को प्राथमिकता दी जाए।

यह तकनीक न केवल वर्षा जल को सहेजकर भू-जल स्तर को ऊपर उठाएगी, बल्कि गांवों को कीचड़ और गंदगी से मुक्त कर एक स्वच्छ और स्वस्थ परिवेश तैयार करने में मददगार साबित होगी।

समय-सीमा में पूरे होंगे विकास कार्य
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जनपद पंचायत नवागढ़ के सीईओ नवीन कुमार ने सभी सरपंचों को अनुशासन और समयबद्धता का पाठ पढ़ाया।

उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत जी राम जी’ के अंतर्गत स्वीकृत सभी कार्यों को समय-सीमा के भीतर और उच्च मानकों के साथ पूरा करना अनिवार्य है।

वहीं, कार्यक्रम अधिकारी व तकनीकी मार्गदर्शक श्री संदीप वारे ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों को योजना के तकनीकी पहलुओं, ऑनलाइन एंट्री और रेन वाटर हार्वेस्टिंग की बारीकियों से अवगत कराया।

इस प्रशिक्षण के अंत में नवागढ़ विकासखंड के सभी सरपंचों ने एक सुर में संकल्प लिया कि वे 25 जुलाई को अपने-अपने गांवों में जल संरक्षण महाअभियान को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाएंगे।

‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ के तहत बेमेतरा में बालिकाओं के लिए निःशुल्क केक निर्माण प्रशिक्षण शुरू

छत्तीसगढ़/बेमेतरा – 16 जुलाई 2026:-

पांच दिवसीय प्रशिक्षण से स्वरोजगार अपनाकर आत्मनिर्भर बनेंगी बेटियां
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम एकीकृत बाल विकास परियोजना साजा के अंतर्गत थानखम्हरिया सेक्टर में आयोजित किया जा रहा है।

भारत सरकार की ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ योजना के अंतर्गत बालिकाओं को कौशल विकास से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महिला एवं बाल विकास विभाग, बेमेतरा द्वारा पांच दिवसीय निःशुल्क केक निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

यह प्रशिक्षण कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई के निर्देशानुसार, जिला कार्यक्रम अधिकारी चन्द्रबेश सिंह सिसोदिया के मार्गदर्शन एवं महिला एवं बाल विकास अधिकारी सी.पी. शर्मा के निर्देशन में संचालित किया जा रहा है।

कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं को व्यावसायिक कौशल प्रदान कर उन्हें स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना तथा आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाना है।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागी बालिकाओं को केक निर्माण की आधुनिक तकनीकों, केक की आकर्षक सजावट, गुणवत्ता बनाए रखने के उपाय, स्वच्छता के मानकों तथा खाद्य सुरक्षा संबंधी आवश्यक जानकारी के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद बालिकाएं स्वयं का व्यवसाय प्रारंभ कर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ा सकेंगी।

प्रशिक्षण के प्रथम दिवस प्रतिभागियों को प्रशिक्षण की रूपरेखा से अवगत कराया गया। साथ ही केक निर्माण में उपयोग होने वाली सामग्री एवं उपकरणों की जानकारी दी गई तथा केक बनाने की प्रारंभिक विधियों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया।

प्रशिक्षकों ने बालिकाओं को नियमित रूप से प्रशिक्षण में भाग लेने, अपने कौशल को निरंतर विकसित करने तथा भविष्य में स्वरोजगार के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बनने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में सेक्टर सुपरवाइजर, मिशन शक्ति से जेंडर विशेषज्ञ तमन्ना, सखी वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक राखी यादव, केक प्रशिक्षक तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के कौशल विकास प्रशिक्षण बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें रोजगारपरक अवसर उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

भीषण गर्मी कुदरत का ‘हॉटस्पॉट’: टोरंटो (कनाडा)में टूटा 31 साल का रिकॉर्ड, उमस ने बढ़ाई आफत

डिजिटल- डेस्क/टोरंटो/नई दिल्ली:16 जुलाई 2026

टोरंटो में पारा रिकॉर्ड पार, 1995 का टूटा कीर्तिमान।
मौसम विभाग (एनवायरनमेंट कनाडा) से मिले आंकड़ों के मुताबिक, टोरंटो के डाउनटाउन इलाके में बीते मंगलवार को तापमान 37.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह आंकड़ा सामान्य नहीं है; इसने जुलाई के मध्य में पड़ने वाली गर्मी के पूरे 31 साल पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।

दुनिया के सबसे ठंडे मुल्कों में शुमार होने वाला कनाडा इस समय भट्टी की तरह तप रहा है। देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और जानलेवा उमस ने आम जनजीवन को पूरी तरह बेपटरी कर दिया है। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि देश की धड़कन कहे जाने वाले टोरंटो शहर समेत दक्षिणी ओंटारियो के कई इलाकों में गर्मी ने दशकों पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं।

कनाडा की इस अचानक बदली आबोहवा और तपिश ने वैज्ञानिकों से लेकर आम नागरिकों तक को हैरत और चिंता में डाल दिया है।

इससे पहले, 14 जुलाई 1995 को टोरंटो पियर्सन एयरपोर्ट पर सबसे अधिक “36.7 डिग्री सेल्सियस” तापमान दर्ज किया गया था, जो अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड था। लेकिन इस बार की तपिश ने उस पुराने आंकड़े को भी बौना साबित कर दिया।

‘फील्स लाइक’ 45 डिग्री: उमस ने बनाया दमघोंटू माहौल
कहने को तो पारा 37.3 डिग्री सेल्सियस था, लेकिन हवा में मौजूद भारी नमी और उमस (Humidity) के चलते लोगों को असली मार झेलनी पड़ी। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस उमस के कारण ‘ह्यूमिडेक्स’ (महसूस होने वाली गर्मी) 40 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज की गई। यानी, हवा में जो तपिश महसूस हो रही थी, वह किसी रेगिस्तानी इलाके जैसी जानलेवा थी। बिना एयर कंडीशनर के घरों के भीतर रहना भी मुहाल हो गया है।

ओंटारियो से लेकर अल्बर्टा तक रेड अलर्ट
इस अप्रत्याशित हीटवेव (लू) को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। खतरे की गंभीरता को भांपते हुए एनवायरनमेंट कनाडा ने व्यापक चेतावनी जारी की है:
ओंटारियो- राज्य के अधिकांश हिस्सों में गंभीर ‘हीट वॉर्निंग’ (लू की चेतावनी) जारी की गई है। लोगों को दोपहर के वक्त घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी जा रही है।
सस्केचेवान और मैनिटोबा:
इन प्रांतों में भी सूरज की तपिश और गर्म हवाओं का कहर जारी है।
अल्बर्टा और नॉर्थवेस्ट टेरिटरीज:इन इलाकों में न सिर्फ भीषण गर्मी है, बल्कि हवा की गुणवत्ता (Air Quality) भी बेहद खराब स्तर पर पहुंच चुकी है। कई जगहों पर प्रदूषण और धूल भरी धुंध के कारण लोगों को सांस लेने में दिक्कतें आ रही हैं, जिसके चलते दोहरा अलर्ट जारी किया गया है।

बंद कमरों में कैद हुए लोग,
स्वास्थ्य विभाग की सलाह
इस झुलसा देने वाली गर्मी ने सड़कों पर सन्नाटा पसरवा दिया है। टोरंटो और आसपास के शहरों के पार्कों, बाजारों और सार्वजनिक जगहों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। लोग घरों या ठंडी जगहों पर शरण लेने को मजबूर हैं।
स्थानीय स्वास्थ्य महकमे ने लोगों के लिए एडवायजरी जारी करते हुए कहा है।

ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं:
शरीर में पानी की कमी न होने दें, भले ही प्यास न लगी हो।
धूप से बचें:
सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच सीधे धूप में जाने से बचें।
बुजुर्गों और बच्चों का रखें ख्याल:
इस मौसम में सबसे ज्यादा खतरा बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को होता है, उन पर विशेष नजर रखें।
ठंडे शेल्टर का रुख करें:
जिन घरों में एसी की सुविधा नहीं है, उनके लिए प्रशासन ने विशेष ‘कूलिंग सेंटर्स’ खोले हैं।

विशेषज्ञों की चिंता: जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के इस दौर में ठंडे देशों में इस तरह की बेतहाशा गर्मी का पड़ना एक गंभीर चेतावनी है। यदि मौसम का मिजाज यूं ही बदलता रहा, तो आने वाले दिनों में पानी की किल्लत और जंगलों में आग (Wildfires) जैसी बड़ी आपदाओं का खतरा और बढ़ सकता है।

भारत की सेक्युलर राजनीति और दुनिया में न्यूक्लियर वॉर की आहट: चौपाल-36 पर खरी-खरी

डिजिटल-न्यूज-डेस्क/ 16 जुलाई 2026

ग्रामीण परिवेश की चौपाल। पेड़ के नीचे बिछी खाट पर गंभीर मुद्रा में ज्योतिपति बैठे हैं। तभी लाठी टेकते और कुर्ता-धोती संभाले ज्वाला सिंह राम-राम करते हुए चौपाल में प्रवेश करते हैं।

ज्वाला सिंह: (लाठी टिकाते हुए, ज़ोर से) राम-राम ज्योतिपति जी! कहो, आज का क्या विचार है? एक तरफ भारत आज भी अपने सेक्यूलर होने के करार को निभा रहा है, और दूसरी तरफ दुनिया को देखो—अमेरिका और ईरान न्यूक्लियर वॉर (परमाणु युद्ध) की कगार पर खड़े हैं!

ज्योतिपति: (आदर से हाथ जोड़कर) राम-राम ज्वाला भाई, आओ बैठो। तुमने बात तो बड़ी पते की उठाई है। सच कहें तो तमाशा देखो… दुनिया न्यूक्लियर वॉर की तरफ बढ़ रही है, सालों से विदेशी मुल्क आपस में लड़ रहे हैं, और हम? हम आज भी अपनी ही घरेलू समस्याओं को सुलझाने में उलझे हैं।

ज्वाला सिंह:(खाट के कोने पर बैठते हुए) यही तो कसक है ज्योतिपति जी। हम किताबों में पढ़ते आ रहे हैं कि भारत की एकता और अखंडता अक्षुण्ण है। लेकिन जब भी चुनाव आता है या धर्म की बात होती है, तो यह देश कई टुकड़ों में बंटा हुआ दिखने लगता है। हम कभी राष्ट्रीय एकता और अखंडता पर एकमत क्यों नहीं हो पाए?

ज्योतिपति: (गंभीर होकर) इतिहास गवाह है ज्वाला। हमारा देश पहले भी राजाओं और राजवंशों के आपसी झगड़ों में बंटा हुआ था। इसी फूट का फायदा विदेशी आक्रमणकारियों ने भरपूर उठाया। एक-एक खंड को जीता, हमारी अखंडता को खंडित किया और करीब 800 सालों तक इस पूरे भू-भाग को अस्थिर करके रख दिया।

ज्वाला सिंह:(आंखों में चमक लाते हुए) सोने की चिड़िया! हां भाई, सोना तो यहां इतना था कि आज भी गिनने बैठो तो हज़ारों से ऊपर स्वर्ण मंदिर निकल आएंगे। लेकिन जब 1947 में आज़ादी मिली, तो बदले में क्या मिला? भयंकर त्रासदी! देश के दो टुकड़े हो गए, न पीने को साफ पानी था, न खाने को अनाज। आर्थिक रूप से हमें बेहद कमजोर कर दिया गया था।

ज्योतिपति:(सहमति में सिर हिलाते हुए) बात सही है, लेकिन हताश मत हो ज्वाला। आज हम जो भारत देख रहे हैं, वो भले ही हमारा वो पुराना भारत न हो, लेकिन यह एक नया, आधुनिक भारत है। इसमें उन अच्छे नेताओं का योगदान सर्वोपरि है जिन्होंने देश को आगे ले जाने में बहुत मेहनत की।

ज्वाला सिंह: (जेब से अखबार निकालते हुए) नेताओं की बात की तो सुनो, आज के अखबार में उत्तर प्रदेश की सियासी सरगर्मी छाई हुई है। ‘पंचायत आजतक’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष की सेक्युलर राजनीति पर सीधा हमला बोला है।

ज्योतिपति: (उत्सुकता से आगे झुकते हुए) अच्छा? महाराज जी ने क्या कह दिया ऐसा?

ज्वाला सिंह: (अखबार की पंक्तियों पर उंगली फेरते हुए) उन्होंने कहा कि अगर अयोध्या के हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़ाने का काम किया गया था, तो फिर किसी मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठ भी कराया जाना चाहिए था! उन्होंने याद दिलाया कि पहले उत्तर प्रदेश में पर्व और त्योहारों के दौरान अक्सर तनाव, पथराव और कर्फ्यू की स्थिति बन जाती थी।

ज्योतिपति: (गंभीरता से सुनते हुए) उफ! वो दिन तो वाकई चिंताजनक थे, त्योहार आते ही लोग सहम जाते थे।

ज्वाला सिंह: बिल्कुल! लेकिन सीएम योगी ने कहा कि अब माहौल पूरी तरह बदल चुका है। चाहे हिंदू हो, मुस्लिम हो, सिख हो या ईसाई—सब बिना किसी डर और व्यवधान के अपने त्योहार मना रहे हैं। लोग जब शांतिपूर्ण आयोजन के लिए उन्हें धन्यवाद देने जाते हैं, तो वो कहते हैं कि ‘9 साल बाद अब इसके लिए धन्यवाद देने की ज़रूरत नहीं, यह तो सरकार का दायित्व है कि हर नागरिक को सुरक्षित माहौल दे।’ उन्होंने साफ किया कि मुख्यमंत्री बनने के पहले दिन से ही उनका पहला एजेंडा यही था कि हर पर्व शांति से मने।

ज्योतिपति: (उत्सुकता से पूछते हुए) वैसे कांवड़ यात्रा भी तो शुरू होने वाली है न?

ज्वाला सिंह: (मुस्कुराते हुए) हां, उसी पर तो तंज कसा है उन्होंने! बिना नाम लिए अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए बोले कि पहले जो लोग पथराव रोकने के नाम पर कांवड़ यात्रा, रामनवमी की शोभायात्रा, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और दुर्गा पूजा पंडालों पर रोक लगाने की बात करते थे, आज वो खुद आस्था की बात कर रहे हैं। यह देखना बेहद हास्यास्पद लगता है।

ज्योतिपति: (गहरी सोच में डूबते हुए) तो बात घूम-फिरकर वहीं आ गई ज्वाला भाई… चाहे बात वैश्विक स्तर पर परमाणु युद्ध की हो या अपने देश के भीतर की राजनीति की, देश तभी मजबूत होगा जब आंतरिक सुरक्षा और समरसता बनी रहे। अब देखना यह है कि जनता इस बदलते नए भारत में देश को कहां ले जाती है!

बेमेतरा में 15 बिस्तरीय नशामुक्ति केंद्र संचालन के लिए आवेदन आमंत्रित

बेमेतरा/छत्तीसगढ़ 15 जुलाई 2026

बेमेतरा में नशामुक्ति केंद्र खोलने के लिए आवेदक संस्था के पास समाज कल्याण विभाग की वैध मान्यता के अलावा शासकीय अथवा शासन से संबंधित निकायों के लिए आवासीय संस्थाओं के संचालन का कम से कम तीन वर्ष का अनुभव होना आवश्यक है।

समाज कल्याण विभाग, जिला बेमेतरा ने जिले में 15 बिस्तरों वाले एकीकृत पुनर्वास केंद्र (नशामुक्ति केंद्र) के संचालन के लिए समाज कल्याण विभाग से मान्यता प्राप्त इच्छुक स्वैच्छिक संस्थाओं से प्रस्ताव (रूचि की अभिव्यक्ति) आमंत्रित किए हैं।

आवेदन समाचार पत्र में प्रकाशन की तिथि से 21वें दिन अपराह्न 3 बजे तक उप संचालक, समाज कल्याण विभाग, जिला बेमेतरा के कार्यालय में जमा किए जा सकते हैं।

विभाग के अनुसार केवल वही संस्थाएं आवेदन के लिए पात्र होंगी, जिन्हें समाज कल्याण विभाग से जीवित विभागीय मान्यता प्राप्त हो तथा जिनकी मान्यता में कार्यक्षेत्र संपूर्ण छत्तीसगढ़ अंकित हो।

आवेदन का निर्धारित प्रारूप एवं विस्तृत दिशा-निर्देश जिला बेमेतरा की आधिकारिक वेबसाइट www.bemetara.gov.in तथा उप संचालक, समाज कल्याण विभाग के कार्यालय से कार्यालयीन समय में प्राप्त किए जा सकते हैं।

आवेदन निर्धारित प्रारूप में पूर्ण रूप से भरकर बंद लिफाफे में प्रस्तुत करना होगा। लिफाफे पर “नशामुक्ति केन्द्र संचालन हेतु आवेदन” के साथ संस्था का नाम, पता और मोबाइल नंबर स्पष्ट रूप से अंकित करना अनिवार्य है। निर्धारित समय-सीमा के बाद प्राप्त आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

आवेदन के साथ पिछले तीन वर्षों की सीए प्रमाणित ऑडिट रिपोर्ट, विभागीय मान्यता, पंजीयन प्रमाण-पत्र, संस्था की नियमावली तथा बेमेतरा जिले में पूर्व कार्यानुभव या शाखा होने पर उसका विवरण भी संलग्न करना होगा।

इसके अलावा संस्था के पास नशामुक्ति केंद्र संचालन के लिए भवन उपलब्ध होना अनिवार्य है। यदि भवन किराये का है, तो किरायानामा, भवन का स्थान तथा भवन के फोटोग्राफ भी आवेदन के साथ प्रस्तुत करने होंगे। सभी प्राप्त प्रस्तावों का परीक्षण चयन समिति द्वारा किया जाएगा और समिति का निर्णय अंतिम एवं सर्वमान्य होगा।


शिक्षा, सुरक्षा और स्वास्थ्य पर कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं सख्त, अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

बेमेतरा 15 जुलाई 2026

बेमेतरा में कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने शिक्षा विभाग और आदिवासी विकास विभाग की समीक्षा बैठक में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, छात्रावास सुरक्षा, पोषण, नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने और छात्र कल्याण को लेकर कड़े निर्देश दिए।

जिले में बच्चों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने शिक्षा विभाग और आदिवासी विकास विभाग के अधिकारियों को संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

संयुक्त समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने सभी शिक्षकों को नियमित रूप से कक्षाएं संचालित करने, शैक्षणिक कैलेंडर का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने तथा बच्चों के शैक्षणिक स्तर में सुधार के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए।

शिक्षण कार्य में लापरवाही नहीं

उन्होंने स्पष्ट किया कि अध्यापन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। साथ ही मिड-डे मील और पोषण आहार की गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।छात्रावासों की समीक्षा के दौरान उन्होंने बच्चों की सुरक्षा, अनुशासन, स्वच्छता और भोजन की गुणवत्ता पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए।

नशे जैसी बुरी आदतों से बचाव के लिए नियमित काउंसलिंग और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने तथा छात्रावास अधीक्षकों को प्रतिदिन रात्रि भ्रमण कर विद्यार्थियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा।

कन्या छात्रावासों की सुरक्षा को लेकर कलेक्टर ने महिला कर्मचारियों की पर्याप्त तैनाती, सीसीटीवी कैमरों के सुचारु संचालन और बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

नाबालिग वाहन से स्कूल न आएं

वहीं, नाबालिग विद्यार्थियों द्वारा वाहन चलाने के मामलों पर चिंता जताते हुए उन्होंने स्कूल प्रबंधन को विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। नियमों के उल्लंघन पर संबंधित विद्यालय और अभिभावकों की जवाबदेही तय करते हुए सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी।

बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी अभय जायसवाल, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास अभिषेक जायसवाल, सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) तथा छात्रावास अधीक्षक उपस्थित रहे।

अंतर्राष्ट्रीय व्यापार: भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता आज से लागू, व्यापार को मिलेगी नई गति

डिजिटल डेस्क 15 जुलाई 2026

भारत और ब्रिटेन के बीच एक महत्वपूर्ण दूरगामी व्यापारिक समझौता हुआ है जो आज 15 जुलाई से लागू हो रहा है।इस समझौते से आत्मनिर्भर भारत की विकास को एक नई दिशा मिलेगी।भारत और यूनाइटेड किंगडम (यूके) के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) आज से प्रभावी हो गया है।

इस समझौते के लागू होने के साथ ही दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और औद्योगिक सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

सरकार का मानना है कि एफटीए के लागू होने से भारतीय उत्पादों को ब्रिटेन के बाजार में बेहतर अवसर मिलेंगे। विशेष रूप से वस्त्र, चमड़ा, कृषि उत्पाद, इंजीनियरिंग सामान और औषधि क्षेत्र को लाभ मिलने की संभावना है। वहीं ब्रिटेन की कंपनियों के लिए भी भारतीय बाजार में निवेश और कारोबार आसान होगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह समझौता ‘मेक इन इंडिया’ और निर्यात बढ़ाने की नीति को मजबूती देगा।

इससे रोजगार सृजन, विदेशी निवेश और आर्थिक विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।

भारत और ब्रिटेन पिछले कई वर्षों से इस समझौते पर बातचीत कर रहे थे। अब इसके लागू होने के बाद दोनों देशों के व्यापारिक संबंध और अधिक मजबूत होने की संभावना जताई जा रही है।

उद्योग जगत ने भी इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे दोनों देशों के लिए लाभकारी बताया है।

पीएम आवास योजना की अनियमितताओं पर प्रशासन सख्त: छत्तीसगढ़

रायपुर 15 जुलाई 2026

प्रधानमंत्री आवास योजन छत्तीसगढ़ के कुछ क्षेत्रों में योजना के संचालन में शिकायतें मिलने के बाद प्रशासन ने जांच की प्रक्रिया तेज कर दी है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पात्र लाभार्थियों को समय पर आवास उपलब्ध कराया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।


सूत्रों से मिली जानकारी पर छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में सामने आई अनियमितताओं को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मामले में कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। योजना के संचालन में पारदर्शिता बनाए रखने और पात्र हितग्राहियों तक लाभ पहुंचाने के लिए संबंधित अधिकारियों से जवाब-तलब किया जा रहा है।

राज्य सरकार भी ग्रामीण आवास योजनाओं की नियमित निगरानी कर रही है ताकि योजनाओं का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक पहुंचे।

प्रशासन का कहना है कि विकास योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी कार्रवाई से सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सुधार होगा और आम नागरिकों का विश्वास भी मजबूत होगा। प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि यदि कहीं किसी प्रकार की अनियमितता दिखाई दे तो उसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को दें।