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होर्मुज विवाद से खाड़ी क्षेत्र में बढ़ा तनाव, समुद्री सुरक्षा को लेकर दुनिया चिंतित

डिजटल डेस्क 15 जुलाई 2026

अमेरिका इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष से मध्य-पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास हुए ताजा हमलों के बाद वैश्विक समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता गहरा गई है। भारत सरकार ने एक भारतीय नाविक की मौत पर ईरान के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया है तथा अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है। इस क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव का असर कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक व्यापार पर पड़ सकता है। कई देशों ने अपने नागरिकों और जहाजों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं।

भारत ने स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर नागरिक जहाजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। विदेश मंत्रालय लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और क्षेत्र में मौजूद भारतीय नागरिकों के लिए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव लंबे समय तक जारी रहा तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा बाजार और समुद्री व्यापार पर देखने को मिल सकता है। संयुक्त राष्ट्र सहित कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान निकालने की अपील की है।

केस दिल्ली दंगा: आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में ताहिर हुसैन दोषी करार, 4 अन्य भी दोषी

नई दिल्ली – 14 जुलाई 2026

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह की अदालत ने ताहिर हुसैन के अलावा जावेद, अनस, नाजिम और कासिम को भी दोषी ठहराया। वहीं, मामले में अन्य छह आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया।

मामले की सुनवाई के दौरान ताहिर हुसैन ने खुद को निर्दोष बताते हुए राजनीतिक साजिश का आरोप लगाया, लेकिन अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों को पर्याप्त मानते हुए उन्हें दोषी ठहराया।

वर्ष 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के बहुचर्चित मामले में दिल्ली की कड़कड़डूमा अदालत ने पूर्व आम आदमी पार्टी (AAP) पार्षद ताहिर हुसैन को दोषी करार दिया है। अदालत ने इस मामले में ताहिर हुसैन समेत कुल पांच आरोपियों को हत्या का दोषी ठहराया है।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या कर उनका शव नाले में फेंक दिया गया था। पुलिस ने अपनी जांच में प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, फोरेंसिक साक्ष्य और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूत अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए थे।

सजा की अवधि (Quantum of Sentence) पर अदालत अलग से फैसला सुनाएगी।

यह फैसला 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े मामलों में हत्या के अपराध में आया पहला दोषसिद्धि फैसला माना जा रहा है और इसे इस बहुचर्चित मामले में एक महत्वपूर्ण न्यायिक पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट पहुंचा: राम मंदिर चढ़ावा,केंद्र,यूपी सरकार और ट्रस्ट को नोटिस, पहली बार CEO नियुक्ति की भी तैयारी

डिजिटल डेस्क/14 जुलाई 2026

सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार पहले ही SIT का गठन कर जांच शुरू कर चुकी है, इसलिए राज्य सरकार अब तक की जांच की विस्तृत रिपोर्ट अदालत में पेश करे। वहीं, केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किए जाने का विरोध किया, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस आपत्ति को खारिज करते हुए ट्रस्ट को भी जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। मामले में दायर जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अदालत ने विशेष जांच दल (SIT) से अब तक की जांच का पूरा रिकॉर्ड और विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट भी तलब की है।

याचिकाकर्ताओं ने घटना से जुड़े सभी सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने तथा पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग की है। मामले की अगली सुनवाई अगले सोमवार को होगी।

केंद्र सरकार ने अदालत को बताया कि जांच की स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में प्रस्तुत की जाएगी। इस पर याचिकाकर्ताओं ने रिपोर्ट की प्रति उपलब्ध कराने की मांग की, ताकि वे उसका अध्ययन कर अपना पक्ष रख सकें। इस मांग का भी केंद्र सरकार ने विरोध किया।

इस पर मुख्य न्यायाधीश ने टिप्पणी की, “आप कानून जानते हैं, आखिर में वे इस रिपोर्ट को देख ही लेंगे।”
अब सभी की नजर अगली सुनवाई पर टिकी है, जहां अदालत जांच की दिशा और आगे की कार्रवाई को लेकर महत्वपूर्ण आदेश दे सकती है।

सीईओ की नियुक्ति
इधर राम मंदिर में पहली बार होगी CEO की नियुक्ति।इसी बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर के प्रशासन और प्रबंधन को अधिक पेशेवर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मंदिर के इतिहास में पहली बार मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की तैयारी की जा रही है।

यह पूर्णकालिक कॉर्पोरेट शैली का पद होगा, जिसके तहत CEO पर प्रतिदिन आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की व्यवस्था, सुरक्षा, मंदिर ट्रस्ट के फंड एवं चढ़ावे के वित्तीय प्रबंधन, ऑडिट तथा मंदिर परिसर में चल रहे विकास कार्यों की निगरानी जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां होंगी। इस पद के साथ वेतन, सरकारी आवास और आधिकारिक वाहनों सहित विशेष सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी।

कॉलेज छात्रों की लंबित मांग: सीआईटी रायपुर तक नियमित सिटी बस सेवा शुरू करने की उठी आवाज

छात्रों-अभिभावकों ने मुख्यमंत्री से की पहल की मांग।

रायपुर – 14 जुलाई 2026

छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (सीआईटी), रायपुर तक नियमित सिटी बस सेवा प्रारंभ करने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के प्रवेश लेने के बीच छात्रों और अभिभावकों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से इस लंबे समय से लंबित मांग पर शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह किया है।

छात्रों एवं अभिभावकों का कहना है कि सीआईटी रायपुर तक नियमित सिटी बस सेवा शुरू करने के लिए महाविद्यालय प्रशासन की ओर से भी पूर्व में कई बार संबंधित विभागों को अनुरोध भेजा जा चुका है, लेकिन आज तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी। उनका कहना है कि यह मांग पिछले 10 वर्षों से लंबित है, जिससे हजारों विद्यार्थियों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

वर्तमान में विद्यार्थियों को कॉलेज आने-जाने के लिए ऑटो या निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ता है। इससे न केवल अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है, बल्कि समय की भी काफी बर्बादी होती है। कई बार ऑटो चालकों द्वारा अधिक किराया वसूला जाता है और समय पर वाहन उपलब्ध नहीं होने से छात्र-छात्राओं को देर से कॉलेज पहुंचना पड़ता है।

अभिभावकों ने विशेष रूप से छात्राओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सुबह और शाम के समय सुरक्षित एवं विश्वसनीय सार्वजनिक परिवहन का अभाव गंभीर चिंता का विषय है। नियमित सिटी बस सेवा शुरू होने से छात्राओं को सुरक्षित, सुलभ और किफायती आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।

छात्रों का कहना है कि सीआईटी प्रदेश का एक प्रमुख तकनीकी शिक्षण संस्थान है, जहां छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से विद्यार्थी अध्ययन के लिए आते हैं। ऐसे प्रतिष्ठित संस्थान तक शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से नियमित सिटी बस सेवा उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी भी है।

इससे विद्यार्थियों की उपस्थिति, समय पालन और शैक्षणिक प्रदर्शन में भी सकारात्मक सुधार आएगा।छात्रों और अभिभावकों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मांग की है कि छात्रहित एवं जनहित को ध्यान में रखते हुए सीआईटी रायपुर तक विभिन्न प्रमुख मार्गों से नियमित सिटी बस सेवा शीघ्र प्रारंभ कराई जाए।

उनका कहना है कि इस निर्णय से हजारों विद्यार्थियों को राहत मिलेगी और लंबे समय से चली आ रही परिवहन संबंधी समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा।






यात्रा सुरक्षा – अमरनाथ यात्रा 2026 की सुरक्षा व्यवस्था टाइट, IGP जम्मू ने कठुआ-सांबा में लिया जायजा

डिजटल डेस्क/जम्मू 13/07/2026

श्री अमरनाथ यात्रा 2026 को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस ने तैयारी तेज कर दी है। इसी कड़ी में जम्मू जोन के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (IGP) भीम सेन टूटी ने कठुआ और सांबा जिलों में सुरक्षा व्यवस्था का विस्तृत निरीक्षण किया। उनके साथ IG CRPF जम्मू सेक्टर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

IGP ने सबसे पहले जम्मू-कश्मीर के प्रवेश द्वार लखनपुर का दौरा किया। यहां उन्होंने लखनपुर रिसेप्शन सेंटर पर तैनात सुरक्षा बलों की स्थिति, यात्रियों की जांच प्रक्रिया और तलाशी व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर यात्री की सुचारू जांच के साथ-साथ उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका भी ध्यान रखा जाए।

इसके बाद कठुआ में उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपायुक्त कठुआ, SSP कठुआ, CRPF की 121वीं बटालियन और BSF की 159वीं बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर सहित कई अधिकारी शामिल हुए। बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षा प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई।

इससे पहले सांबा जिला पुलिस कार्यालय में भी संयुक्त सुरक्षा बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता IGP जम्मू और IG CRPF अमोल वी. होमकर ने की। बैठक में डीआईजी जेएसके रेंज श्रीधर पाटिल, डीआईजी सीआरपीएफ अवधेश पाठक, सांबा के एसएसपी अनुज कुमार सहित सीआईएसएफ, सीआरपीएफ, बीएसएफ, एसएसबी और पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक में लंगर स्थलों, ठहरने के स्थानों, सीमा क्षेत्र की निगरानी, क्विक रिस्पांस टीम (QRT) और यात्रा काफिले की सुरक्षा को लेकर रणनीति बनाई गई। IGP ने स्पष्ट कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी एजेंसियों को आपसी तालमेल के साथ 24 घंटे सतर्क रहकर ड्यूटी करनी होगी।

फसल बीमा 31 जुलाई तक कराएं: खरीफ फसलों के लिए सुरक्षा कवच – बेमेतरा में 11 फसलें शामिल,

बेमेतरा/छत्तीसगढ़ – 13 जुलाई 2026

बेमेतरा जिले के किसानों के लिए जरूरी सूचना प्राकृतिक आपदा में मिलेगा पूरा मुआवजा।

छत्तीसगढ़ शासन ने खरीफ 2026 के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की अधिसूचना जारी कर दी है। उप संचालक कृषि बेमेतरा ने सभी ऋणी, अऋणी, भू-धारक और बटाईदार किसानों से समय पर बीमा कराने की अपील की है।

जिले में धान सिंचित-असिंचित, मक्का, सोयाबीन, उड़द, मूंग, अरहर, कोदो, कुटकी, रागी और मूंगफली सहित 11 फसलें अधिसूचित हैं। धान, मक्का, सोयाबीन के लिए ग्राम को इकाई तथा शेष 7 फसलों के लिए राजस्व निरीक्षक मंडल को इकाई माना गया है। जिले के लिए बजाज जनरल इंश्योरेंस अधिकृत कंपनी है।

इस वर्ष अल-नीनो के कारण मानसून में देरी, जल्दी वापसी और लंबे सूखे की आशंका है, ऐसे में यह योजना आर्थिक सुरक्षा का सबसे बड़ा आधार है।

धान सिंचित के लिए बीमित राशि 66 हजार रुपये और प्रीमियम 1320 रुपये/हेक्टेयर, धान असिंचित के लिए 49,500 रुपये पर 990 रुपये प्रीमियम तय है। मक्का-1122, सोयाबीन-1078, मूंगफली-924, अरहर-902, उड़द-मूंग-550, कोदो-396, कुटकी-209 और रागी-187 रुपये प्रीमियम देय है। यह केवल 2 प्रतिशत है।

अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 है। जानकारी के लिए कृषि रक्षक पोर्टल या हेल्पलाइन 14447 पर संपर्क करें।

बड़ी कार्रवाई की तैयारी: BJMTUC का प्रतिनिधि मंडल विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और पूर्व सांसद अभिषेक सिंह से मिला, व्यावसायिक प्रशिक्षकों के लंबित वेतन पर सौंपा ज्ञापन

रायपुर- 13 जुलाई 2026

छत्तीसगढ़ के आउटसोर्स कर्मचारियों और व्यावसायिक प्रशिक्षकों के हक की लड़ाई अब विधानसभा तक पहुँच गई है। भारतीय जनता मजदूर ट्रेड यूनियन काउंसिल (BJMTUC) के राष्ट्रीय नेतृत्व में इस मामले में निर्णायक पहल शुरू हो गई है।

काउंसिल के प्रदेश उपाध्यक्ष रविन्द्र रामटेके के नेतृत्व में व्यावसायिक प्रशिक्षकों के प्रतिनिधि मंडल ने छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से मुलाकात कर उन्हें पूरे मामले से अवगत कराया और कार्रवाई हेतु ज्ञापन सौंपा।

प्रतिनिधि मंडल ने विधानसभा अध्यक्ष को बताया कि CHIPS से जुड़ी आउटसोर्स एजेंसी Akshara Enterprises द्वारा DMC/BMC इंजीनियरों के साथ-साथ प्रदेश के सैकड़ों व्यावसायिक प्रशिक्षकों (Vocational Trainers) का वेतन महीनों से लंबित है। RFP की शर्तों का उल्लंघन और अवैध वेतन कटौती से प्रशिक्षक आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने प्रतिनिधि मंडल की बातों को गंभीरता से सुना और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

पूर्व सांसद अभिषेक सिंह से भी मुलाकात, मिला समर्थन

इसके बाद प्रतिनिधि मंडल ने राजनांदगांव के पूर्व सांसद अभिषेक सिंह से भी भेंट की। प्रतिनिधि मंडल ने उनका आत्मीय स्वागत किया और वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए सहयोग की मांग की। पूर्व सांसद अभिषेक सिंह ने भी पीड़ित प्रशिक्षकों को हर संभव सहयोग देने की बात कही।

यह पूरी कार्रवाई BJMTUC के राष्ट्रीय अध्यक्ष ब्रजेश शर्मा के निर्देश और मार्गदर्शन में की गई।

राष्ट्रीय अध्यक्ष ब्रजेश शर्मा ने कहा कि –
“व्यावसायिक प्रशिक्षक प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं। उनका वेतन रोकना न सिर्फ श्रम कानूनों का उल्लंघन है, बल्कि उनके परिवार के साथ अन्याय है। BJMTUC ने तय किया है कि एक भी प्रशिक्षक का हक नहीं मरने देंगे। हमने विधानसभा अध्यक्ष जी के समक्ष पूरी रिपोर्ट रखी है। अब शासन को जवाब देना ही होगा।”

गौरतलब है कि इससे पहले भी Akshara Enterprises पर 33 DMC और 146 BMC के वेतन में 55% तक की कटौती के आरोप लग चुके हैं, जिसे लेकर कई मीडिया रिपोर्ट्स भी सामने आई हैं। अब इसी कड़ी में व्यावसायिक प्रशिक्षकों के लंबित भुगतान का मामला भी जुड़ गया है, जिससे इस आउटसोर्स घोटाले की परतें और खुलने लगी हैं।

राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी दीपक पाण्डेय ने मीडिया पत्र जारी करते कहा “BJMTUC ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर लंबित वेतन का भुगतान और दोषी एजेंसी पर कार्रवाई नहीं हुई, तो काउंसिल प्रदेशव्यापी धरना-प्रदर्शन करेगी।

CHIPS आउटसोर्स घोटाला: वेतन कटौती से परेशान इंजीनियर पहुंचे BJMTU काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष के दरबार, ब्रजेश शर्मा ने दिया न्याय का भरोसा

डिजिटल डेस्क | 13 जुलाई 2026

छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (CHIPS) से जुड़ी आउटसोर्स एजेंसी Akshara Enterprises पर काम कर रहे इंजीनियरों के कथित शोषण का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। वेतन में अवैध कटौती, RFP शर्तों के उल्लंघन और शिकायतों पर कार्रवाई न होने से परेशान 33 DMC और 146 BMC कर्मचारियों ने आज भारतीय जनता मजदूर ट्रेड यूनियन काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष ब्रजेश शर्मा से मुलाकात की।

पीड़ित कर्मचारियों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष को सैलरी स्लिप, वर्क ऑर्डर और अन्य दस्तावेज सौंपते हुए बताया कि कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत के बावजूद उनकी सुनवाई नहीं हो रही है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष ब्रजेश शर्मा ने सभी पीड़ितों को आश्वस्त किया कि काउंसिल उनके साथ खड़ी है और हर स्तर पर न्याय दिलाया जाएगा।मुलाकात के दौरान काउंसिल के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. सुजीत परिहार विशेष रूप से उपस्थित रहे।

“कर्मचारियों के वैधानिक अधिकारों के लिए अंतिम लड़ाई तक लड़ेंगे” – दीपक पाण्डेय राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी

काउंसिल के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी दीपक पाण्डेय ने बयान जारी करते हुए कहा कि –
“भारतीय जनता मजदूर ट्रेड यूनियन काउंसिल सभी पीड़ित कर्मचारियों के वैधानिक अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। हम इस पूरे मामले को शासन और संबंधित उच्च अधिकारियों के समक्ष पूरी मजबूती से उठाएंगे। जरूरत पड़ी तो लोकतांत्रिक और कानूनी दोनों रास्तों से लड़ाई लड़ी जाएगी।”

उन्होंने कहा कि काउंसिल का उद्देश्य है – एकजुट रहें, मजदूर साथियों के अधिकारों के लिए आवाज उठाएं।

क्या है पूरा मामला ?
पीड़ितों के अनुसार CHIPS ने प्रदेश में IT सेवाओं के लिए जिला और ब्लॉक स्तर पर मॉनिटरिंग कोऑर्डिनेटर की नियुक्ति का जिम्मा वर्ष 2022 से एक निजी आउटसोर्स एजेंसी को दिया था।

आरोप है कि एजेंसी सरकार से प्रति कर्मचारी पूरे वेतन के रूप में राशि ले रही है, लेकिन कर्मचारियों को उसका लगभग आधा ही भुगतान कर रही है। पिछले दिनों कई मीडिया रिपोर्ट्स में भी इस कथित वेतन घोटाले का जिक्र आया था, जिसमें 3 साल में करीब 9.5 करोड़ रुपये की हेराफेरी का अनुमान जताया गया था।

पीड़ितों का कहना है कि दस्तावेजों के अनुसार उन्हें मिलनी वाली राशि और हाथ में आ रही सैलरी में 50-55 प्रतिशत तक का अंतर है। PF, ESIC के नाम पर की जा रही कटौती भी RFP की शर्तों से कहीं अधिक है।

फिलहाल भारतीय जनता मजदूर ट्रेड यूनियन काउंसिल ने इस मामले में शासन से उच्च स्तरीय जांच और दोषी एजेंसी पर कार्रवाई की मांग की है। काउंसिल ने स्पष्ट किया है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।

प्रदेश व्यापी पौधरोपण महायज्ञ- 2026: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर से किया शुभारंभ

डिजिटल डेस्क/गोरखपुर- 12 जुलाई 2026

एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण, प्रदेश में 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य।

शुभारंभ से पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने संदेश में कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति संरक्षण केवल दायित्व नहीं, कृतज्ञता का भाव है। हम पृथ्वी को माता और वृक्षों को प्राणवायु का आधार मानते हैं। 12 जुलाई का वृक्षारोपण महायज्ञ इसी कृतज्ञता का विराट उत्सव है।

मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में इस वर्ष प्रदेश में रिकॉर्ड 35 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वन विभाग के संयोजन में सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। इस महाभियान में 27 विभागों की सहभागिता रहेगी, जिसमें सबसे बड़ा लक्ष्य वन विभाग का है। गोरखपुर जिले को 55 लाख 28 हजार 600 पौधे लगाने का लक्ष्य प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज गोरखपुर से प्रदेशव्यापी ‘पौधरोपण महायज्ञ-2026’ का शुभारंभ किया। उन्होंने गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे एवं आरकेबीके ताल रिंग रोड के समीप ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण किया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अरुण कुमार सक्सेना सहित जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि आज से ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान पूरे प्रदेश में उत्साह के साथ शुरू हो रहा है। सरकार, भाजपा कार्यकर्ता और आम जनसहभागिता से उत्तर प्रदेश को हरा-भरा बनाया जाएगा।

वृक्षारोपण कार्यक्रम:केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अहमदाबाद में ‘मिशन फाइव मिलियन ट्रीज’ का किया शुभारंभ

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डिजिटल न्यूज/अहमदाबाद- 12 जुलाई 2026

अहमदाबाद नगर निगम द्वारा विकसित 101 ऑक्सीजन पार्क लगभग 9.66 लाख वर्गमीटर क्षेत्र में फैले हैं, जिनमें 22.71 लाख से अधिक पौधे लगाए गए हैं। इनमें से 62 पार्क गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र में स्थित हैं, जहाँ लगभग 16 लाख पौधों का रोपण किया गया है।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज रविवार अहमदाबाद में अहमदाबाद महानगर निगम द्वारा विज्ञान भवन, साइंस सिटी, सोला में आयोजित कार्यक्रम में ‘मिशन फाइव मिलियन ट्रीज’ के तहत वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने 101 ऑक्सीजन पार्क एवं हेरिटेज पार्क का ई-लोकार्पण किया। साथ ही अहमदाबाद नगर निगम, औडा तथा सड़क एवं भवन विभाग की लगभग 405 करोड़ रुपये लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं का ई-लोकार्पण और शिलान्यास भी किया।

कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, अहमदाबाद के महापौर हितेश बारोट, राज्य सरकार के मंत्रीगण, सांसद, विधायक, नगर निगम के पदाधिकारी एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

इन पार्कों से शहर के हरित क्षेत्र में वृद्धि होगी, वायु गुणवत्ता में सुधार होगा तथा शहरी ताप द्वीप प्रभाव में कमी आएगी। नागरिकों को योग, प्रातः भ्रमण एवं मनोरंजन के लिए बेहतर सुविधाएं प्राप्त होंगी। 45 पार्कों में बच्चों के लिए प्ले एरिया और 19 पार्कों में खेल सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। ये पार्क वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण और जैव विविधता संरक्षण में भी सहायक होंगे।

कार्यक्रम के दौरान 80 नई वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बीआरटीएस बसों का भी शुभारंभ किया गया। जेबीएम कंपनी द्वारा जीसीसी मॉडल के तहत संचालित इन बसों के संचालन पर प्रतिवर्ष लगभग 42 करोड़ रुपये व्यय किया जाएगा। इन बसों से नागरिकों को आधुनिक, आरामदायक और प्रदूषण मुक्त परिवहन सुविधा मिलेगी।

उल्लेखनीय है कि वर्तमान में अहमदाबाद बीआरटीएस बेड़े में कुल 333 बसें हैं, जिनमें 200 इलेक्ट्रिक बसें संचालित हैं। प्रथम चरण में 80 नई इलेक्ट्रिक एसी बसें जोड़ी जा रही हैं। भविष्य में संपूर्ण बीआरटीएस सेवा को इलेक्ट्रिक बेड़े में परिवर्तित करने की योजना है, जिसके लिए एएमटीएस और बीआरटीएस हेतु कुल 325 इलेक्ट्रिक एसी बसों की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है।