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Friday, October 30, 2026
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पंचायतों में कामकाज होगा और पारदर्शी, अधिकारियों को मिला ऑनलाइन रिपोर्टिंग का प्रशिक्षण

रायपुर -5 अगस्त 2026

प्रशिक्षण का उद्देश्य पंचायतों में ऑनलाइन रिपोर्टिंग व्यवस्था को आसान, समयबद्ध और प्रभावी बनाना है, ताकि योजनाओं की सही जानकारी समय पर शासन तक पहुंच सके।
छत्तीसगढ़ में पंचायतों के कामकाज को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए राज्य संपरीक्षा कार्यालय ने एटीआर (एक्शन टेकन रिपोर्ट) मॉड्यूल का राज्य स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित किया।

राज्य संपरीक्षा कार्यालय, रायपुर की सात सदस्यीय टीम ने अधिकारियों और कर्मचारियों को एटीआर मॉड्यूल के संचालन, ऑनलाइन रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया और उससे जुड़े तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी। साथ ही मॉड्यूल का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया।

महासमुंद जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित इस प्रशिक्षण में जनपद पंचायत महासमुंद, बागबाहरा, पिथौरा, बसना और सरायपाली के पंचायत अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए।

प्रशिक्षण के दौरान सहायक संचालक कदम सिंह सिदार सहित राज्य संपरीक्षा कार्यालय के अधिकारियों यू.के. कोसरिया, सौरभ तिग्गा, सुमित साहू और ज्येष्ठ संपरीक्षक फैजान अहमद ने जिला पंचायत के अशोक चंद्राकर और योगेश साहू के सहयोग से प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया।

अधिकारियों ने बताया कि ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज करने, जरूरी दस्तावेजों को सही तरीके से संधारित करने, डेटा की शुद्धता बनाए रखने और तय समय-सीमा में जानकारी अपलोड करने पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों की तकनीकी समस्याओं का भी समाधान किया गया।

अधिकारियों के अनुसार, एटीआर मॉड्यूल के नियमित उपयोग से पंचायतों के कार्यों की प्रगति की ऑनलाइन जानकारी समय पर उपलब्ध होगी।

इससे सरकारी योजनाओं की निगरानी बेहतर होगी, समीक्षा आसान होगी और पंचायतों की जवाबदेही भी बढ़ेगी। साथ ही शासन की डिजिटल और पारदर्शी कार्यप्रणाली को मजबूती मिलेगी।

प्रशिक्षण के अंत में सभी प्रतिभागियों से अपील की गई कि वे एटीआर मॉड्यूल का नियमित उपयोग करें और तय समय-सीमा के भीतर ऑनलाइन प्रतिवेदन प्रस्तुत करें।

गोधाम योजना: सड़कों पर भटकने वाले मवेशियों को मिलेगा ठिकाना, 1460 गौधाम स्थापित होंगे

रायपुर – 05 अगस्त 2026

छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग, रायपुर द्वारा घुमंतू एवं निराश्रित पशुधन के बेहतर प्रबंधन के लिए गौधाम योजना के अंतर्गत 1,460 गौधामों की स्थापना को स्वीकृति दी गई है।

छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश में सड़कों और गांवों में घूमने वाले निराश्रित एवं बेसहारा मवेशियों के संरक्षण के लिए बड़ी पहल की है। सरकार चरणबद्ध तरीके से ‘गौधाम योजना’ लागू कर रही है।

इस योजना के तहत पूरे प्रदेश में 1,460 गौधाम स्थापित किए जाएंगे, ताकि निराश्रित पशुओं को सुरक्षित आश्रय मिल सके, गौ-संरक्षण को बढ़ावा मिले और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।

योजना के तहत हर विकासखंड में 10 उत्कृष्ट गौठानों का चयन कर उन्हें गौधाम के रूप में विकसित किया जाएगा। अब तक प्राप्त 408 आवेदनों में से 151 को प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी है, जबकि 88 गौधामों का पंजीयन पूरा हो चुका है।

वर्तमान में संचालित 42 गौधामों में 5,109 निराश्रित मवेशियों को सुरक्षित संरक्षण दिया जा रहा है।

राष्ट्रीय राजमार्गों के पास स्थित गौठानों को प्राथमिकता

संयुक्त संचालक (पशु चिकित्सा सेवाएं) के अनुसार, पहले चरण में ऐसे गौठानों का चयन किया गया है जो राष्ट्रीय राजमार्गों के पास स्थित हैं और जहां आवश्यक बुनियादी सुविधाएं पहले से उपलब्ध हैं। इससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और बेसहारा मवेशियों को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।

गौधामों का संचालन स्वयंसेवी संस्थाओं, पंजीकृत गौशालाओं, एनजीओ, एफपीओ और ट्रस्टों के माध्यम से किया जाएगा। हाल ही में पशुधन विकास विभाग ने नियमों में संशोधन कर ग्राम पंचायतों को गौधाम संचालन में प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। साथ ही शहरी गौठानों को भी इस योजना में शामिल किया गया है।

पारदर्शी होगी चयन प्रक्रिया

गौधाम की स्थापना के लिए पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रखी गई है। पहले जिला स्तरीय समिति और कलेक्टर की अनुशंसा ली जाती है। इसके बाद संबंधित ग्राम पंचायत से अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राप्त किया जाता है। भौतिक सत्यापन के बाद आवेदन छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग को भेजे जाते हैं।

आयोग की क्रियान्वयन समिति हर तीन महीने में होने वाली बैठक में सभी आवेदनों की विस्तृत समीक्षा करती है। इसके बाद अंतिम प्रशासकीय स्वीकृति के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा जाता है। स्वीकृति मिलने के बाद अनुबंध और पंजीयन की प्रक्रिया पूरी की जाती है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा सहारा

सरकार का मानना है कि गोधन ग्रामीण संस्कृति और कृषि व्यवस्था की मजबूत नींव है। ग्राम पंचायतों को संचालन की जिम्मेदारी मिलने और शहरी गौठानों को योजना से जोड़ने से आने वाले समय में गौधामों की संख्या और बढ़ेगी। प्रदेश के विभिन्न जिलों से लगातार नए गौधामों की स्थापना के लिए आवेदन मिल रहे हैं, जिन पर तेजी से कार्रवाई की जा रही है।

छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की तैयारी तेज।

रायपुर – 05 अगस्त 2026

छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की तैयारी 15 अक्टूबर तक जनता से मांगे गए सुझाव।

देश का 5वां राज्य बनेगा छत्तीसगढ़
UCC लागू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना था। इसके अलावा गोवा, गुजरात, असम और मध्य प्रदेश में भी इसे लागू किया जा चुका है। इस क्रम में छत्तीसगढ़ UCC को अपनाने वाला देश का 5वां राज्य बनने जा रहा है।

छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में प्रक्रिया तेज कर दी है। इसके लिए गठित 5 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति ने प्रदेश के नागरिकों, सामाजिक संगठनों, धार्मिक संस्थाओं, विभिन्न समुदायों और अन्य हितधारकों से 15 अक्टूबर 2026 तक सुझाव और अभिमत मांगे हैं।

इन सुझावों के आधार पर समिति UCC का मसौदा तैयार कर राज्य सरकार को अपनी अनुशंसाएं सौंपेगी।

उच्चतम न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली समिति राज्य में विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार और दत्तक ग्रहण जैसे व्यक्तिगत सिविल मामलों से जुड़े कानूनों का अध्ययन कर रही है।

समिति में सेवानिवृत्त आईएएस शत्रुघ्न सिंह और एम.के. राऊत, वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन पवार तथा सेवानिवृत्त प्राचार्या ज्योति रानी सिंह सदस्य हैं।

समिति अन्य राज्यों में लागू UCC व्यवस्थाओं का भी अध्ययन करेगी और आम नागरिकों व विभिन्न हितधारकों से प्राप्त सुझावों को ड्राफ्ट में शामिल करेगी। इसके बाद तैयार रिपोर्ट और विधायी अनुशंसाएं राज्य सरकार को सौंपी जाएंगी।

राज्य सरकार ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे 15 अक्टूबर 2026 तक अपने सुझाव ई-मेल, वेब पोर्टल अथवा डाक के माध्यम से समान नागरिक संहिता समिति, न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइन, कमरा नंबर-202, रायपुर (छत्तीसगढ़-492001) के पते पर भेज सकते हैं।



मुख्यधारा में लौटे 95 नक्सलियों को 1.40 करोड़ से ज्यादा की मदद, सरकार की पुनर्वास नीति से बदलेगी जिंदगी


रायपुर- 5 अगस्त 2026

छत्तीसगढ़ में शांति और विकास की दिशा में बड़ी पहल। बीजापुर जिले में हथियार छोड़कर आत्मसमर्पण करने वाले 95 नक्सलियों को राज्य सरकार ने 1 करोड़ 40 लाख 86 हजार 700 रुपये की प्रोत्साहन राशि मंजूर की है।

यह राशि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर बनाई गई नक्सलवादी आत्मसमर्पण / पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति 2025 के तहत दी जा रही है। वन मंत्री और बीजापुर जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप के निर्देश पर कलेक्टर विश्वदीप ने इस राशि के आहरण और वितरण की स्वीकृति दे दी है।

सरकार का कहना है कि यह मदद इसलिए है ताकि आत्मसमर्पण करने वाले लोग हथियारों की दुनिया छोड़कर सम्मान के साथ नया जीवन शुरू कर सकें। उन्हें रोजगार और आत्मनिर्भर बनने के अवसर दिए जाएंगे।

राज्य सरकार की यह पुनर्वास नीति बस्तर अंचल में शांति लौटाने और नक्सल प्रभावित परिवारों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

पुनर्वास नीति के माध्यम से आत्मसमर्पित नक्सलियों को समाज में सम्मानजनक पुनर्स्थापना का अवसर मिल रहा है, जिससे बस्तर अंचल में शांति और विकास को नई गति मिल रही है।

‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान की शुरुआत पौधारोपण/हरियाली के संकल्प से

रायपुर – 05/08/2026

भारत सरकार के ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ के तहत मंगलवार को आईसीएआर–राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान (आईसीएआर-एनआईबीएसएम), रायपुर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

100 सप्ताह तक चलने वाले इस राष्ट्रव्यापी अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखते हुए वृक्षारोपण, खेलकूद और सामाजिक सेवा जैसी सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना तथा उनमें पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्र निर्माण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है।

कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के निदेशक डॉ. पी. के. राय ने अशोक का पौधा रोपकर किया। उन्होंने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण की रक्षा नहीं करते, बल्कि स्वस्थ और समृद्ध समाज की मजबूत नींव भी रखते हैं।

आज लगाया गया प्रत्येक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा, हरित वातावरण और सुरक्षित भविष्य का संदेश है।

डॉ. राय ने युवाओं से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रकृति से जुड़ाव ही स्वस्थ जीवनशैली और नशामुक्त समाज की सबसे बड़ी प्रेरणा है।

उन्होंने कहा कि “नशा मुक्त भारत का सपना तभी साकार होगा, जब युवा अपनी ऊर्जा को रचनात्मक कार्यों में लगाएंगे।”

कार्यक्रम में संस्थान के स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों, वैज्ञानिकों, तकनीकी अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य कार्मिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी ने मिलकर संस्थान परिसर में लगभग 75 अशोक के पौधों का रोपण किया तथा उनकी देखभाल का संकल्प लिया।

इस अवसर पर संयुक्त निदेशक डॉ. पंकज शर्मा और डॉ. अनिल दीक्षित ने पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का संदेश देते हुए कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक हर वर्ष कम से कम एक पौधा लगाकर उसका संरक्षण करे, तो जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. के. सी. शर्मा ने किया। संस्थान ने इस पहल को युवाओं को प्रकृति से जोड़ने, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने तथा विकसित और नशामुक्त भारत के राष्ट्रीय संकल्प को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

छत्तीसगढ़ श्री वैष्णव महासभा के नवनिर्वाचित अध्यक्ष दाऊ सुरेंद्र दास वैष्णव ने किया पदभार ग्रहण, राजेश्री महंत से लिया आशीर्वाद

रायपुर -05 अगस्त 2026

छत्तीसगढ़ श्री वैष्णव महासभा के नवनिर्वाचित प्रदेशाध्यक्ष दाऊ सुरेंद्र दास वैष्णव (राजनांदगांव) ने अपने सहयोगियों सहित श्री दूधाधारी मठ रायपुर में विधिवत पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर सभी निर्वाचित पदाधिकारियों ने महामंडलेश्वर राजेश्री महंत रामसुंदर दास जी महाराज से सौजन्य भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

जानकारी के अनुसार बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि श्री दूधाधारी मठ पहुंचे। नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने महंत जी का स्वागत करना चाहा, लेकिन महाराज जी ने पहले ही सभी जनप्रतिनिधियों का शाल, श्रीफल भेंट कर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आत्मीय स्वागत किया। इसके पश्चात सभी ने बारी-बारी से महाराज जी का स्वागत किया।

महासभा की पूर्व अध्यक्ष श्रीमती अन्नपूर्णा दास जी से राजेश्री महंत जी महाराज के सानिध्य में नवनिर्वाचित अध्यक्ष दाऊ सुरेंद्र दास वैष्णव ने पदभार ग्रहण किया।

पदभार ग्रहण के बाद सामाजिक बंधुओं को संबोधित करते हुए नवनिर्वाचित अध्यक्ष ने कहा, “मेरा यह सौभाग्य है कि मैं उस भूमि से आया हूं जहां वैष्णव राजा दिग्विजय दास जी ने संपूर्ण समाज के हित के लिए अपनी पूरी संपत्ति दान कर दी। मेरा यह प्रयत्न होगा कि कार्यकाल की समाप्ति के पूर्व कुछ ऐसा कार्य कर जाऊं जिसे लोग वर्षों याद रखें।” उन्होंने संपूर्ण वैष्णव समाज को एक सूत्र में पिरोने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर आशीर्वचन देते हुए महामंडलेश्वर राजेश्री महंत रामसुंदर दास जी महाराज ने कहा कि आप सभी आपस में सुमति बनाकर कार्य करें और वैष्णव समाज की गरिमा के अनुकूल कार्य करें। वैष्णव समाज और ब्राह्मण समाज, समाज की प्रथम पंक्ति में स्थान ग्रहण करने वाले समाज हैं, जो हमेशा संपूर्ण विश्व के कल्याण की कामना करते हैं। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों को शुभकामनाएं और आशीर्वाद प्रदान किया।

कार्यक्रम में नवनिर्वाचित महासचिव दाऊ महेंद्र दास जी ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर विशेष रूप से लाल बंधु वैष्णव, हेमंत वैष्णव, पन्ना दास वैष्णव, सुरेंद्र बैरागी, सेवादास वैष्णव, राजू वैष्णव, देवकुमार निर्वाणी, शिवकुमार वैष्णव, दुष्यंत दास वैष्णव, इंद्र कुमार वैष्णव, कृष्णकुमार वैष्णव, रमेश वैष्णव, संतोष वैष्णव, रामकुमार वैष्णव, राजकुमार वैष्णव, हरिदास वैष्णव, रामरंग वैष्णव, ओमकार दास वैष्णव, वैभव वैष्णव, राकेश दास वैष्णव, किशन वैष्णव, अजय वैष्णव, आकाश वैष्णव, विश्वास बैरागी, ढालेश वैष्णव, रविंद्र वैष्णव, दिनेश वैष्णव, योगेश्वर वैष्णव, मकसूदन वैष्णव, मनोहर दास वैष्णव, मीडिया प्रभारी निर्मल दास वैष्णव सहित बड़ी संख्या में समाज के प्रतिष्ठित नागरिक उपस्थित रहे।

स्वामी आत्मानंद स्कूलों के 8 हजार संविदा शिक्षक दो दिवसीय हड़ताल पर, 5 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार को अल्टीमेटम

रायपुर- 05 अगस्त 2026

शिक्षकों की 5 प्रमुख मांगें
नियमितीकरण/संविलियन कर शिक्षा विभाग में समायोजन तथा कलेक्टर स्तर की समिति को समाप्त किया जाए।
वार्षिक वेतन वृद्धि लागू की जाए तथा वेतन विसंगतियों, विशेषकर ग्रंथपालों की समस्या का समाधान किया जाए।
समय पर वेतन भुगतान और भविष्य निधि (PF) की सुविधा शुरू की जाए।
सेवा सुरक्षा, बीमा और अन्य सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।
मध्यप्रदेश की तर्ज पर संविदा नियम एवं शासकीय सुविधाएं लागू की जाएं।

छत्तीसगढ़ के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों में कार्यरत लगभग 8 हजार संविदा शिक्षक एवं कर्मचारी अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर 4 और 5 अगस्त 2026 को राजधानी रायपुर के तूता धरना स्थल पर दो दिवसीय सांकेतिक हड़ताल पर हैं।

प्रदेशभर से बड़ी संख्या में शिक्षक धरना स्थल पहुंचे, जिससे कई विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हुईं।

संघ का कहना है कि वर्षों से सरकार को ज्ञापन देकर नियमितीकरण, वेतन वृद्धि और सेवा सुरक्षा जैसी मांगें उठाई जा रही हैं, लेकिन अब तक किसी भी मांग पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इसी कारण आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।

संघ ने क्या कहा
संघ के प्रदेश अध्यक्ष दुर्योधन यादव ने कहा कि यह आंदोलन किसी सरकार के विरोध में नहीं, बल्कि न्याय और सम्मानजनक सेवा की मांग के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आत्मानंद विद्यालयों में उत्कृष्ट परिणाम देने वाले शिक्षक आज भी कम वेतन, असुरक्षित नौकरी और भविष्य की अनिश्चितता से जूझ रहे हैं। सरकार को उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि स्वामी आत्मानंद विद्यालयों का परिणाम प्रदेश के शीर्ष विद्यालयों में शामिल रहता है, जिसकी सफलता में संविदा शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके बावजूद उन्हें अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।

कर्मचारी फेडरेशन का मिला समर्थन
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने भी आंदोलन का समर्थन किया है। फेडरेशन का कहना है कि इन शिक्षकों की भर्ती विधिवत विज्ञापन और आरक्षण रोस्टर के अनुसार हुई है, इसलिए उनकी मांगें पूरी तरह जायज हैं और समाधान होने तक संगठन उनके साथ खड़ा रहेगा।

आगे क्या होगा
संघ के मीडिया प्रभारी राहुल कुमार पाण्डेय ने बताया कि धरने का पहला दिन शांतिपूर्ण और सफल रहा। यदि दो दिवसीय आंदोलन के दौरान सरकार की ओर से सकारात्मक पहल या ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से अनिश्चितकालीन आंदोलन सहित आगे की रणनीति तय करेगा।

धरना स्थल पर शिक्षक “सम्मानजनक सेवा हमारा अधिकार है”, “शिक्षक का सम्मान, शिक्षा का सम्मान” और “नियमितीकरण हमारा अधिकार है” जैसे नारे लगाते रहे। आंदोलनकारी शिक्षकों का कहना है कि जब तक उनकी जायज मांगों पर निर्णय नहीं होता, तब तक उनका लोकतांत्रिक आंदोलन जारी रहेगा।

उपचुनाव परिणामों पर भाजपा पर हमला-जनता ने अहंकार की राजनीति को नकारा-डॉ. शिवकुमार डहरिया

रायपुर – 4 अगस्त 2026

डॉ. शिवकुमार डहरिया ने बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट के परिणाम का हवाला देते हुए दावा किया कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के प्रभाव वाले क्षेत्र में पार्टी की हार उसके संगठनात्मक आधार के कमजोर होने का संकेत है।

बिहार और मध्य प्रदेश के उपचुनाव परिणामों को लेकर छत्तीसगढ़ के पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. शिवकुमार डहरिया ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने कहा कि उपचुनावों के नतीजे भाजपा के प्रति जनता के घटते विश्वास का संकेत हैं और मतदाताओं ने अहंकार की राजनीति को नकार दिया है।

उन्होंने कहा कि भाजपा उम्मीदवार की बड़ी हार से यह स्पष्ट है कि जनता अब भाजपा की नीतियों से संतुष्ट नहीं है।

मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह की जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. डहरिया ने कहा कि यह जनता द्वारा भाजपा की राजनीति का जवाब है। उनका आरोप था कि कांग्रेस नेता राजेंद्र भारती को अयोग्य घोषित किए जाने के बाद उपचुनाव कराया गया, लेकिन मतदाताओं ने कांग्रेस के पक्ष में जनादेश देकर भाजपा की रणनीति को अस्वीकार कर दिया।

पूर्व मंत्री ने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और विपक्ष के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरुपयोग जैसे मुद्दों से जनता नाराज है और उपचुनावों के परिणाम इसी असंतोष को दर्शाते हैं। उन्होंने दावा किया कि देश में राजनीतिक माहौल बदल रहा है और जनता अब बदलाव चाहती है।

हालांकि, भाजपा की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

हाथीदांत तस्करी का भंडाफोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजे गए

रायपुर, 4 अगस्त 2026

वन विभाग ने तीनों आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। विभाग ने बताया कि भारतीय जंगली हाथी अनुसूची-1 के तहत संरक्षित वन्यजीव है, इसलिए हाथीदांत की तस्करी को गंभीर वन अपराध माना जाता है।

छत्तीसगढ़ में वन्यजीव तस्करी के खिलाफ वन विभाग की कार्रवाई लगातार तेज हो रही है। इसी कड़ी में बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में हाथीदांत तस्करी के एक मामले का खुलासा करते हुए वन विभाग ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। आरोपियों के कब्जे से हाथी के जबड़े के तीन हाथीदांत बरामद किए गए हैं।

वन विभाग के अनुसार, 3 अगस्त को मुखबिर से सूचना मिली थी कि रामानुजगंज स्थित एक धर्मशाला में हाथीदांत की अवैध खरीद-फरोख्त की तैयारी चल रही है। सूचना के आधार पर वन मंडलाधिकारी आलोक वाजपेयी के मार्गदर्शन में वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (मध्य क्षेत्र, भोपाल), राज्य उड़न दस्ता रायपुर और वनमंडल बलरामपुर की संयुक्त टीम ने आमंत्रण धर्मशाला के कमरा नंबर 205 में छापेमारी की।
तलाशी के दौरान एक बैग से हाथी के जबड़े के तीन हाथीदांत बरामद किए गए। मौके पर मौजूद तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान झारखंड के पलामू निवासी संतोष कुमार विश्वकर्मा (42), तथा बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के अजय कुमार गुप्ता (49) और सतेन्द्र कुमार (50) के रूप में हुई है।
जब्त हाथीदांत को वन विभाग ने अपने कब्जे में लेकर आरोपियों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, रामानुजगंज की अदालत में पेश किया, जहां से तीनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
वन विभाग ने बताया कि मामले की जांच जारी है और इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीव तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

रामानुजनगर में अवैध सागौन तस्करी पर वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, लकड़ी से लदा पिकअप जब्त

रायपुर- 4 अगस्त 2026

छत्तीसगढ़ में अवैध काष्ठ तस्करी के खिलाफ वन विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में सूरजपुर जिले के रामानुजनगर वन परिक्षेत्र में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सागौन की लकड़ी से लदे एक पिकअप वाहन को जब्त किया है। हालांकि वाहन में लकड़ी लोड कर रहे आरोपी वन अमले को देखकर मौके से फरार हो गए।

वन विभाग के अनुसार 2 अगस्त की रात मुखबिर से सूचना मिली थी कि क्षेत्र में अवैध रूप से सागौन की लकड़ी का परिवहन किया जा रहा है। सूचना मिलते ही वन परिक्षेत्र अधिकारी पूजा यादव के निर्देशन में वनकर्मियों की टीम गठित कर रात्रि गश्त के लिए रवाना किया गया।
गश्त के दौरान 3 अगस्त की सुबह करीब 3 बजे छिंदिया परिसर के जंगल क्षेत्र में एक पिकअप वाहन संदिग्ध अवस्था में दिखाई दिया। वन अमले ने घेराबंदी कर दबिश दी तो वाहन क्रमांक CG-15 AC-1294 में सागौन प्रजाति के चार लट्ठे लोड किए जा चुके थे। वनकर्मियों को देखते ही लकड़ी लोड कर रहे लोग मौके से भाग निकले।
वाहन चालक से पूछताछ में लकड़ी परिवहन के लिए कोई वैध अनुमति या पास प्रस्तुत नहीं किया जा सका। इसके बाद वन विभाग ने वाहन और सागौन की लकड़ी को जब्त कर भारतीय वन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत वन अपराध प्रकरण दर्ज किया।
जब्त वाहन और लकड़ी को वन परिक्षेत्र कार्यालय रामानुजनगर में सुरक्षित रखा गया है। कार्रवाई में वनरक्षक राहुल साहू, सुनील कुमार और बिजेश्वर सिंह ठाकुर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

वन विभाग ने कहा है कि अवैध कटाई और काष्ठ तस्करी पर रोक लगाने के लिए रात्रिकालीन गश्त आगे भी जारी रहेगी तथा वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।