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Friday, June 5, 2026

गर्मी से बेहाल लू लगने से 200 से अधिक चमगादड़ों की मौत: नौतपा से पहले ही तपने लगा छत्तीसगढ़

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कोरबा/रायपुर, 25 मई 2026

तपने वाले 9 दिन:छत्तीसगढ़ में इस साल नौतपा की शुरुआत से पहले ही सूर्यदेव के तेवर बेहद तल्ख हो चुके हैं। प्रदेश के मैदानी और वनांचल इलाकों में पारा 44 से 46 डिग्री सेल्सियस के बीच डोल रहा है, जिससे न सिर्फ इंसान बल्कि बेजुबान वन्यजीव भी बेहाल हैं। इसी भीषण हीटवेव (लू) का एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाला मामला कोरबा जिले के कटघोरा वनमंडल से सामने आया है, जहां पाली नगर पंचायत के अंतर्गत आने वाले नौकोनिया तालाब के पास एक ही झटके में 200 से अधिक चमगादड़ों की मौत हो गई।

तालाब किनारे पेड़ों से गिरने लगे बेजान परिंदे

​स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, नौकोनिया तालाब के किनारे लगे पुराने इमली और पीपल के पेड़ों पर सालों से इन चमगादड़ों का बसेरा रहा है। शनिवार और रविवार को इलाके में भयंकर गर्म हवाएं (लू) चल रही थीं। इसी बीच अचानक पेड़ों से चमगादड़ तड़पकर जमीन पर गिरने लगे। देखते ही देखते तालाब के चारों ओर मृत चमगादड़ों का ढेर लग गया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना तुरंत वन विभाग और पशु चिकित्सा विभाग को दी।

जांच में जुटी वन विभाग की टीम

​घटना की गंभीरता को देखते हुए कटघोरा वनमंडल के अधिकारी और डॉक्टरों की टीम मौके पर पहुंची। शुरुआती जांच में डॉक्टरों का कहना है कि यह सामूहिक मौत भीषण गर्मी और ‘हीट स्ट्रोक’ (लू लगने) के कारण शरीर में पानी की कमी होने से हुई है। हालांकि, किसी अन्य बीमारी या संक्रमण की आशंका को खारिज करने के लिए मृत चमगादड़ों के सैंपल इकट्ठे कर जांच के लिए लैब भेजे गए हैं।

मौसम विभाग की कड़े अलर्ट की चेतावनी

​मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार हवाओं का रुख पूरी तरह शुष्क है, जिसके कारण रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग संभाग में तपन बहुत ज्यादा बढ़ गई है। आने वाले दो-तीन दिनों के भीतर नौतपा शुरू होने वाला है, जिससे तापमान में और बढ़ोतरी होने की आशंका है। प्रशासन ने लोगों को दोपहर के समय बेवजह घरों से बाहर न निकलने और पशु-पक्षियों के लिए छांव व पानी की व्यवस्था करने की अपील की है।

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