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Tuesday, June 23, 2026

भारतीय जनता मजदूर ट्रेड यूनियन काउंसिल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को सौंपा ज्ञापन

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810 व्यावसायिक प्रशिक्षकों की सेवा निरंतरता और छात्रों के भविष्य को लेकर की मांग।

रायपुर (छत्तीसगढ़) दिनांक: 23 जून 2026

ज्ञापन में मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित करते हुए बताया गया कि माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की महत्वाकांक्षी परियोजना ‘एनएसक्यूएफ (NSQF) समग्र शिक्षा’ के तहत देश भर के साथ-साथ छत्तीसगढ़ में भी विगत 10 वर्षों से व्यावसायिक शिक्षा का अध्यापन कार्य सुचारू रूप से संचालित हो रहा है। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा राज्य के लगभग 1284 स्कूलों में कक्षा 9वीं से 12वीं तक व्यावसायिक शिक्षा की स्वीकृति दी गई है।

विद्यार्थियों की पढ़ाई और युवाओं के रोजगार पर संकट

प्रेस विज्ञप्ति में प्रदेश उपाध्यक्ष रविंद्र रामटेके ने बताया लिखा है कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में 652 समग्र शिक्षा स्कूलों व 41 ‘पीएमश्री’ स्कूलों के लिए विभिन्न 15 ट्रेडों में कुल 1386 व्यावसायिक प्रशिक्षकों की भर्ती निजी कंपनियों (VTP) के माध्यम से की गई थी। इस प्रक्रिया के तहत छत्तीसगढ़ के लगभग 810 तकनीकी रूप से शिक्षित बेरोजगार युवाओं को नियुक्ति मिली थी, जो पूरी निष्ठा से अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

काउंसिल ने चिंता व्यक्त की है कि वर्तमान में नया शैक्षणिक सत्र प्रारंभ हो चुका है और छात्र कक्षा 9वीं, 10वीं व 11वीं में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की पढ़ाई शुरू कर चुके हैं। ऐसे में सत्र के बीच में, पूर्व से कार्यरत इन प्रशिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया (जो कि जेम्स पोर्टल के माध्यम से 20 जून 2026 को लगभग 1506 पदों के लिए मंगाई गई है) कराने से छात्रों की पढ़ाई सीधे तौर पर प्रभावित होगी।

काउंसिल द्वारा मुख्यमंत्री के समक्ष रखी गई प्रमुख मांगें:

सेवाओं की निरंतरता:
सत्र 2025-26 में नियुक्त लगभग 810 व्यावसायिक प्रशिक्षकों की सेवाएं नवीन सत्र 2026-27 के लिए भी यथावत रखी जाएं।

भविष्य की सुरक्षा:
समग्र शिक्षा विभाग और वीटीपी (VTP) कंपनी के बीच यदि किसी तकनीकी या अन्य कारण से एमओयू (MoU) बाधित होता है, तब भी कार्यरत प्रशिक्षकों की सेवाएं प्रभावित न की जाएं।

अनुभव को प्राथमिकता:
यदि नई टेंडर प्रक्रिया में किसी नई वीटीपी (VTP) कंपनी का चयन होता है, तो पूर्व से कार्यरत प्रशिक्षकों के भविष्य और उनके अनुभव को ध्यान में रखते हुए उन्हें ही पद पर बनाए रखा जाए।

“नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है। ऐसे में अनुभवी प्रशिक्षकों को हटाकर नई टेंडर प्रक्रिया अपनाना युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ और विद्यार्थियों की शिक्षा के साथ अन्याय होगा।

हमें पूर्ण विश्वास है कि संवेदनशील मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी इस विषय पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर उचित निर्णय लेंगे।”

इन विभागों को भी भेजी गई प्रतिलिपि
संगठन द्वारा इस संवेदनशील मामले की गंभीरता को देखते हुए ज्ञापन की प्रतिलिपि छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग के मंत्री गजेंद्र यादव एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह को भी आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित की गई है।


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