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Monday, June 15, 2026

सीधी बुवाई से धान क्रांति: नई किस्में पानी और लागत दोनों बचाएँगी

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डिजिटल डेस्क – 15 जून 2026

अंतर्राष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (IRRI) ने दो नई धान किस्में — DRR Dhan 92 और CR Dhan 217 — विकसित की हैं, जो पारंपरिक ट्रांसप्लांटिंग के बजाय सीधी बुवाई में अच्छी उपज देते हुए खेतों को भरकर रखने की जरूरत को ख़त्म कर देंगी; नेशनल ट्रायल्स में DRR Dhan 92 ने 5.8 टन/हेक्टेयर और CR Dhan 217 ने औसतन 5.9 टन/हेक्टेयर उपज दिखाई, जिससे जल उपयोग, उत्पादन लागत और मीथेन उत्सर्जन में显है कमी आ सकती है।

जीनोमिक टूल्स से लगभग 19 लाभकारी जीनों के संयोजन ने इन किस्मों को कम ऑक्सीजन और कम पानी में भी तेजी से विकसित होने, बीमारियों व अनचाहे पर्यावरणीय तनाव सहने की क्षमता देने और खरपतवार नियंत्रण में मदद करने वाला बनाया है।

DRR Dhan 92 को उत्तर-पूर्वी भारत और CR Dhan 217 को पूर्वी-मध्य भारत के मानसूनी क्षेत्रों के लिए अनुकूल पाया गया है; CR Dhan 217 महज 118 दिनों में पककर तैयार हो जाती है और अच्छी परिस्थितियों में इसकी उपज 8.7 टन/हेक्टेयर तक भी पहुंची।

DBT, एशियन डेवलपमेंट बैंक और फिनलैंड के वित्तीय सहयोग व ICAR व IRRI के परीक्षणों के बाद जब सरकारी मंजूरी मिल जाएगी तो ये बीज किसानों तक तेजी से पहुँचकर पानी की बचत, लागत में कटौती और सतत् उत्पादन में योगदान देंगे — खासकर उन क्षेत्रों में जहाँ भूजल स्तर गिर रहा है और श्रम संकट है।

आज के दौर में जब जमीन का पानी लगातार नीचे जा रहा है, मौसम का कोई भरोसा नहीं रहा और मजदूरों की किल्लत बढ़ गई है, ऐसे में यह तकनीक किसी वरदान से कम नहीं है. सरकार की तरफ से अंतिम मुहर  लगते ही यह बीज देश के कोने-कोने में किसानों तक पहुँचने के लिए तैयार हो जाएंगे, जिससे आने वाले वक्त में धान की खेती मे कम पानी कम लागत में बंपर पैदावार मिलेगी।


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