बेमेतरा में 585 बोरी उर्वरक जब्त — अवैध भंडारण और कालाबाजारी क्यों नहीं करना चाहिए
रायपुर- 15 जून 2026
— खरीफ सीजन में किसानों को गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन बेमेतरा ने बड़ी कार्रवाई करते हुए देवकर तहसील के ग्राम गाड़ाडीह में अवैध रूप से भंडारित 585 बोरी उर्वरक जब्त कर गोदाम सील कर दिया, जिसमें बायो पोटाश और बायो ऑर्गेनिक फास्फेट शामिल हैं।
कलेक्टर के निर्देश पर जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल ने छापेमारी के दौरान करीब 29.25 मीट्रिक टन उर्वरक का अवैध भंडारण पकड़ा, और अधिकारियों ने बताया कि उर्वरकों के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं जिनकी रिपोर्ट के आधार पर आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
अवैध भंडारण और कालाबाजारी क्यों नहीं करना चाहिए: उर्वरक की कालाबाजारी और जमाखोरी किसानों की सबसे बड़ी समस्या होती है, क्योंकि इससे खरीफ सीजन में गुणवत्तायुक्त उर्वरक की उपलब्धता पर बाधा आती है और किसानों को अत्यधिक मूल्य पर उर्वरक खरीदना पड़ता है, जिससे उनकी आर्थिक भारी होती है।
अवैध भंडारण से अमानक उर्वरकों का कारोबार बढ़ता है जो खेतों में उपयोग करने पर फसल के उत्पादन को नुकसान पहुंचाते हैं और पर्यावरण को भी प्रभावित करते हैं। कालाबाजारी देश की खाद्य सुरक्षा को भी खतरे में डालती है, क्योंकि उर्वरक की अनियमित उपलब्धता फसल उत्पादन को प्रभावित करती है और किसानों की आय कम होती है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कालाबाजारी, जमाखोरी और अमानक उर्वरकों के कारोबार पर सख्त नजर रखी जा रही है और अनियमितता पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर सहित कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने किसानों और आम नागरिकों से ऐसी गतिविधियों की सूचना तत्काल प्रशासन को देने की अपील की है, ताकि दोषियों के विरूद्ध तत्परता से कार्यवाही की जा सके, और जिला प्रशासन ने सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखने की बात कही है।
यह कार्रवाई बताती है कि प्रशासन किसानों के हितों की सुरक्षा और उर्वरक कारोबार में नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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